samacharsecretary.com

डिलीवरी से मना करते रहे डॉक्टर, दर्द से कराहती रही गर्भवती – अस्पताल की बड़ी लापरवाही

सोनपुर प्रसव पीड़ा से कराहती एक स्वस्थ गर्भवती महिला को एचआईवी पॉजिटिव बताकर प्रसव कराने से इनकार किए जाने पर शनिवार की सुबह सोनपुर अनुमंडलीय अस्पताल में लोग हंगामा करने पर उतारू हो गए। इससे यहां अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई। बताया गया है कि नयागांव थाना क्षेत्र की गर्भवती महिला पहले भी यहां जांच के लिए कई बार आ चुकी थी। इस दौरान प्रसव पीड़ा से कराहती महिला को लेकर जब स्वजन अस्पताल पहुंचे, तो जांच के बाद उसे एचआईवी पॉजिटिव बताया गया। वहीं, प्रसव कराने से इनकार कर दिया गया। इस दौरान महिला दर्द से कराहती रही और स्वजन स्वास्थ्यकर्मियों से गुहार लगाते रहे, लेकिन अस्पताल का कोई भी कर्मी उसके समीप आने को तैयार नहीं हुए।इस दौरान स्वजनों के हंगामा और आसपास से जुटे लोगों की भीड़ से जब स्थिति बेकाबू होने लगी, तब आशा, ममता और परिवार की महिलाएं उसे अस्पताल के भीतर ले गई। जहां महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। एचआईवी पॉजिटिव नहीं थी महिला बताया गया है कि इसके पहले अस्पताल के तकनीशियन की जांच रिपोर्ट पर विश्वास नहीं होने पर एक निजी लैब से महिला की जांच कराई गई, तो उस रिपोर्ट में महिला को एचआईवी पॉजिटिव नहीं बताया गया।इस संबंध में पूछे जाने पर अनुमंडलीय चिकित्सालय की प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पूनम सिंह ने बताया कि इस मामले को लेकर उन्होंने संबंधित कर्मियों को डांट-फटकार लगाई है। महिला के साथ ऐसा नहीं होना चाहिए, जबकि महिला एचआईवी पॉजिटिव नहीं थी। उन्होंने बताया है कि महिला पहले से भी दो बच्चों की मां है। उसके पति बाहर कमाने गए है। अत्यंत ही गरीब परिवार की महिला आर्थिक अभाव के कारण किसी निजी अस्पताल में इलाज कराने में सक्षम नहीं थी। उसने प्रसव के लिए अनुमंडल चिकित्सालय को ही सुरक्षित समझा। इस घटना से अस्पताल की सेवा भाव के प्रति आम लोगों के बीच एक नकारात्मक संदेश जाएगा। ऐसी ही मरीजों का इलाज करने के लिए सरकार ने चिकित्सालय में सुरक्षित यूनिफार्म तथा एक अलग व्यवस्थित कमरे का सभी तरह का प्रबंध किया है।

मंत्री ने माँ परमेश्वरी की प्रतिमा की पूजा कर प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर समाज की प्रगति के लिए संगठित रहना आवश्यक – वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री देवांगन वाणिज्य एवं उद्योग, सार्वजनिक उपक्रम, वाणिज्यिक कर और श्रम विभाग मंत्री लखन लाल देवांगन आज देवांगन जनकल्याण समिति  दुर्ग द्वारा आयोजित माँ परमेश्वरी महोत्सव में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने देवांगन समाज की ईष्ट देवी माँ परमेश्वरी की प्रतिमा की विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना की। महोत्सव को संबोधित करते हुए मंत्री लखन लाल देवांगन ने समाज की एकता और संगठन को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति के लिए संगठित रहना अत्यंत आवश्यक है। जब समाज संगठित रहेगा, तभी वह शिक्षा, व्यापार, शासकीय सेवा और राजनीति सहित हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकेगा। उन्होंने कहा कि आज कई समाज विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति कर चुके हैं, लेकिन कुछ समाज अभी भी पीछे हैं। ऐसे में सभी समाजों को मिल-जुलकर कार्य करने की आवश्यकता है, ताकि हर व्यक्ति को आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। उन्होंने विशेष रूप से बच्चों की अच्छी शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाती है। मंत्री देवांगन ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री का भी यही उद्देश्य है कि समाज का हर वर्ग आगे बढ़े। उन्होंने प्रधानमंत्री के “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” के मंत्र को दोहराते हुए समाज के सर्वांगीण विकास की आवश्यकता पर बल दिया। प्रदेश के अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं दुर्ग ग्रामीण विधायक विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने देवांगन समाज को सुलझा हुआ और जागरूक समाज बताते हुए कहा कि यह समाज लंबे समय से व्यापार, कृषि और वस्त्र निर्माण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देता आया है। उन्होंने कहा कि जांजगीर-चांपा क्षेत्र में कोसा व्यापार में भी देवांगन समाज की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि कोई भी समाज तभी आगे बढ़ता है जब वह संगठित और मजबूत होकर चलता है, और इसके लिए शिक्षा अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण कई बार बेटा-बेटी आगे नहीं बढ़ पाते। समाज को ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत हो और बच्चों को आगे बढ़ने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि समाज को नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला समाज बनना चाहिए। इस दौरान खादी ग्रामोद्योग अध्यक्ष राकेश पाण्डेय ने महिलाओं से सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण से ही समाज और प्रदेश का समग्र विकास संभव है। इस अवसर पर समाज के अध्यक्ष पुराणिक लाल देवांगन, कमलेश देवांगन, संकटलाल देवांगन, अशोक देवांगन, श्रीमती कल्पना देवांगन, श्रीमती तुलसी साहू सहित समाज के पदाधिकरण एवं जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मध्य प्रदेश में शराब की नई दुकानें नहीं खुलेंगी, अहाते पर भी रोक; नई आबकारी नीति का असर

भोपाल  मध्य प्रदेश में अब नई आबकारी नीति लागू हो गई है। प्रदेश सरकार ने साल 2026-27 के लिए आबकारी नीति में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए जारी की गई नई नीति के तहत कहा गया कि, प्रदेश में कोई भी नई शराब दुकान नहीं खुलेगी। अहाते पहले की तरह अब भी बंद ही रहेंगे। वहीं, एक समूह को पांच से ज्यादा दुकानें आवंटित नहीं की जाएंगी। वहीं, कोई भी पुरानी शराब दुकान का नवीनीकरण नहीं किया जाएगा। ये शर्तें माननी होंगी नर्मदा नदी के तट से 5 किलोमीटर की दूरी के प्रतिबंध यथावत रहेगा। -मदिरा दुकानों की दूरी: मदिरा दुकानों को नर्मदा के तट से 5 किलोमीटर की दूरी के प्रतिबंध के साथ यथावत रखा गया है -पवित्र नगरों में प्रतिबंध: पवित्र नगरों में मदिरा दुकानों के प्रबंधन को यथावत रखा गया है -नई दुकानें नहीं: कोई भी नवीन मदिरा दुकान नहीं खोले जाने का निर्णय लिया गया है -अहाते बंद: मदिरा दुकानों के अहाते नहीं खोले जाएंगे, उन्हें पूर्ववत बंद रखा जाएगा -नवीनीकरण बंद: मदिरा दुकानों के नवीनीकरण का विकल्प समाप्त कर दिया गया है -ई-टेंडर और ई-ऑक्शन: समस्त 3553 मदिरा दुकानों का निष्पादन ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के माध्यम से किया जाएगा -आरक्षित मूल्य: ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के लिए मदिरा दुकानों का आरक्षित मूल्य, वर्तमान वर्ष के मूल्य में 20 प्रतिशत की वृद्धि कर निर्धारित किया जाएगा -समूह बनाना: ई-टेंडर और ई-ऑक्शन के लिए मदिरा दुकानों के समूह बनाये जाएंगे। अधिकतम 5 मदिरा दुकानों का एक समूह बनाया जा सकेगा -वर्गीकरण: आरक्षित मूल्य के आधार पर, जिले के समूह को तीन-चार बैच में वर्गीकृत किया जाएगा। -बैच आधारित कार्यवाही: बैच के आधार पर तीन-चार चरण में ई-टेंडर और ई-ऑक्शन की कार्यवाही की जाएगी। -जालसाजी रोकथाम: जालसाजी की आशंकाओं को समाप्त करने के लिए प्रतिभूति राशि के रूप में सिर्फ ई-चालान/ई-बैंक गारंटी ही मान्य की जाएगी। साधारण बैंक गारंटी एवं सावधि जमा (FD) मान्य नहीं होगी। दस्तावेज़ में निम्नलिखित मुख्य बिंदु हैं -मदिरा की ड्यूटी दरें: विनिर्माण इकाई, बार आदि की लाइसेंस फीस यथावत रखी गई है। -निर्यात प्रोत्साहन: ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को दृष्टिगत रखते हुए निम्नानुसार प्रावधान किए गए हैं- मदिरा के विनिर्माताओं को अपने उत्पाद की कीमत के अनुमोदन की -आवश्यकता नहीं है; विनिर्माता पोर्टल पर निर्धारित व्यवस्था अनुसार अपने उत्पाद की कीमत घोषित कर सकेंगे। -देश के बाहर मदिरा के निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए फीस में संशोधन, लेबल पंजीयन में सरलीकरण आदि प्रावधानित किया गया है। -प्रदेश के आदिवासियों स्वसहायता समूहों द्वारा महुआ से निर्मित मदिरा को अन्य राज्यों में ड्यूटी मुक्त कराने के लिए उनके राज्यों की हेरिटेज अथवा विशेष मदिरा को प्रदेश में ड्यूटी फ्री करने के प्रावधान किया गया।

सेवा ही सबसे बड़ा उत्सव – जन्मदिन पर CM साय का रक्तदान अभियान

रायपुर जन्मदिन पर सेवा का संदेश: मुख्यमंत्री साय ने जन्मदिन पर रक्तदान शिविर का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने 62वें जन्मदिन के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास परिसर में आयोजित रक्तदान शिविर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना की तथा रक्तदाताओं को सम्मानित कर उन्हें प्रोत्साहित किया। मुख्यमंत्री के 62वें जन्मदिन के अवसर पर अल्फा ग्लोब फाउंडेशन, रायपुर तथा शिवनाथ ब्लड सेंटर द्वारा 62 लोगों के रक्तदान की विशेष व्यवस्था की गई थी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि रक्तदान महादान है और यह मानवता की सच्ची सेवा है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं, प्रसव एवं गंभीर बीमारियों के दौरान जब मरीजों को रक्त की आवश्यकता पड़ती है, ऐसे में रक्तदान मरीजों के जीवन में नई आशा का संचार करता है। उन्होंने कहा कि शिविर में रक्तदाताओं को प्रमाणपत्र भी प्रदान किए गए हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर वे या उनके परिजन निःशुल्क रक्त प्राप्त कर सकेंगे।  उल्लेखनीय है कि संस्था द्वारा एक वर्ष में लगभग 11 हजार यूनिट रक्त संग्रह का संकल्प लिया गया है तथा जरूरतमंदों को निःशुल्क रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न ब्लड बैंकों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। इस अवसर पर सुरक्षित यातायात जागरूकता अभियान का भी आयोजन किया गया।  मुख्यमंत्री साय ने युवाओं से वर्ष में कम से कम एक बार रक्तदान करने तथा सड़क यातायात नियमों का हर समय पालन करते हुए जीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की। उन्होंने सभी रक्तदाताओं, आयोजकों, चिकित्सक दल एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिविर की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, छत्तीसगढ़ पर्यटन मण्डल के अध्यक्ष नीलू शर्मा सहित, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजु एस सहित वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधिगण तथा अल्फा ग्लोब फाउंडेशन, रायपुर की संचालक डॉ. पूनम अग्रवाल, संस्थान के अन्य प्रतिनिधि और रक्तदाता उपस्थित थे।

नई कार्य संस्कृति से आत्मनिर्भर बन रहे छात्र, चुनौतियों से लड़ने की मिल रही ताकत

रायपुर आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा के मार्गदर्शन में प्रोजेक्ट संकल्प के तहत वर्ष 2026 के लिए दो चरणो में विभागीय अधिकारियों और अधीक्षकों  को  प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य के सभी आश्रम-छात्रावासों में ‘प्रोजेक्ट संकल्प’ का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा सके। इस पहल का उद्देश्य ‘सीखो-सिखाओ, अंजोर फैलाओ’ की कार्य संस्कृति को संस्थागत स्वरूप देना तथा विद्यार्थियों को जीवन की चुनौतियों से सफलतापूर्वक मुकाबला करने के लिए तैयार करना है। प्रमुख सचिव बोरा ने कहा है कि छात्रावास केवल आवासीय सुविधा का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और नेतृत्व विकास के सशक्त मंच हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को गंभीरता से लिया जाए, ताकि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित हो सके। प्रशिक्षण का कार्यक्रम दो चरणों में संपन्न होगा  प्रथम चरण में जनजाति बाहुल्य 21 जिलों के सहायक आयुक्तों का 2.5 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में “जीवन के रंग, खुशियों के संग” कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा करते हुए जिलों में कार्यान्वयन की रणनीति तैयार की जाएगी। प्रशिक्षण उपरांत सभी जिलों द्वारा अपने-अपने छात्रावासों के लिए कार्ययोजना विभाग को प्रस्तुत की जाएगी। द्वितीय चरण में छात्रावास एवं आश्रम अधीक्षकों के लिए 8 दिवसीय वर्चुअल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित होगा। इसमें 6 दिनों तक प्रतिदिन 3 घंटे के सत्रों में ‘सफलता मंत्र 1 से 9’ तक की अवधारणाएँ साझा की जाएंगी। बीच के दो दिनों में अधीक्षक सीखी हुई बातों को अपने जीवन एवं विद्यार्थियों के साथ व्यवहार में लाने का प्रयास करेंगे। इस प्रकार तैयार अधीक्षक छात्रावासों में विद्यार्थियों, सहयोगियों तथा जहाँ संभव हो अभिभावकों के साथ भी प्रशिक्षण की सीख साझा करेंगे, जिससे सकारात्मक और ऊर्जावान वातावरण का निर्माण हो सके। प्रमुख सचिव बोरा ने बताया कि ‘प्रोजेक्ट संकल्प-2026’ के माध्यम से राज्य के छात्रावासों एवं आश्रमों में नई कार्य संस्कृति की स्थापना कर विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर, अनुशासित एवं सफल नागरिक बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाया जा रहा है। इस पहल से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा के साथ-साथ नैतिक सामाजिक एवं जीवन कौशल से भी सशक्त बनाया जा रहा है। आश्रम-छात्रावास में रह रहे छात्र-छात्राओं को सुरक्षित वातावरण, गुणवत्तापूर्ण भोजन, नियमित शैक्षणिक सहयोग तथा खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के अवसर उपलब्ध कराये जा रहे है।   उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश एवं विभागीय मंत्री रामविचार नेताम के मार्गदर्शन में छात्रावासी बच्चों के भविष्य को नई उड़ान देने के उद्देश्य से यह अभिनव पहल की गई हैं।

62वें जन्मदिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जगन्नाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने 62वें जन्मदिवस के अवसर पर जशपुर जिले के दोकड़ा स्थित ऐतिहासिक एवं प्राचीन जगन्नाथ मंदिर पहुँचकर भगवान जगन्नाथ, भाई बलभद्र एवं बहन सुभद्रा की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय तथा परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री साय ने मंदिर परिसर में परिक्रमा कर भगवान से आशीर्वाद प्राप्त किया तथा प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य और कल्याण की मंगलकामना की। उन्होंने प्रदेश में शांति, खुशहाली और निरंतर प्रगति के लिए विशेष प्रार्थना करते हुए कहा कि जनकल्याण ही शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रदेश के विकास के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।

विधानसभा में सीएम हेमंत बोले- झारखंड का ‘डेवलपमेंट मॉडल’ अपना रहे दूसरे राज्य

रांची. झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि राज्य सरकार के कार्य कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर दिख रहे हैं. पहले हम दूसरे राज्यों के कार्यों को सराहते हुए उन्हें अपने राज्य में अपनाते थे. अब दिन पलट गये हैं. झारखंड के डेवलपमेंट का मॉडल दूसरे राज्य अपना रहे हैं. यह छोटी बात नहीं है. कहावत है कि पेड़ लगायेंगे बबूल का, तो आम कहां से फलेगा. लेकिन विपक्ष द्वारा राज्य में लगाये गये बबूल के पेड़ों को हटा कर हमने आम के वृक्ष लगाये. अब उसका लाभ राज्य के हर व्यक्ति को मिल रहा है. वह सदन में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के बाद सदन में बोल रहे थे. झारखंड में बनेगा अंगदान कानून मौके पर उन्होंने झारखंड सरकार द्वारा अंगदान पर कानून बनाने की घोषणा की. श्री सोरेन ने कहा कि दुर्घटना में ब्रेनडेड हो गयी 10 महीने की बच्ची आलिन शेरिन अब्राहम का अंगदान उसके परिवार ने किया. उसकी माता शेरिन अब्राहम और पिता अरुण अब्राहम ने अपने जिगर के टुकड़े को देश के लिए समर्पित कर दिया. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड में अंगदान को लेकर कानून बनायेगी और इसका लाभ आम लोगों तक पहुंचाने के लिए काम करेगी. सरकार की उपलब्धियों को मानने लगा है विपक्ष इसके पहले सीएम हेमंत सोरेन सदन में विपक्ष को धन्यवाद दिया. कहा कि सदन में विपक्ष के गिने-चुने लोग ही मौजूद हैं. ऐसा लगता है विपक्ष ने भविष्य में होनेवाली स्थिति को पहले ही भांप लिया है. विपक्ष की उपस्थिति देखकर लग रहा है कि वह भी सरकार की उपलब्धियों को मानने लगा है. इसी कारण विपक्ष ने अभिभाषण में किसी तरह का संशोधन प्रस्ताव भी नहीं लाने की जरूरत नहीं समझी. राज्यपाल ने जिन चीजों को सदन के समक्ष रखा, वह सभी चीजें राज्य की जनता के सामने हैं. देश की सभी डबल इंजन की सरकारें ध्वस्त होंगी सीएम ने कहा कि सबने राज्य ने डबल इंजन की सरकार का हाल देखा. कई दूसरे राज्य अभी देख भी रहे हैं. काफी जल्द देश की सभी डबल इंजन की सरकारें ध्वस्त होंगी. कई चुनौतियों के बाद भी हमने संविधान और परंपराओं को मजबूत करते हुए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की. अगर नीयत साफ और संकल्प दृढ़ हो, तो सरकार सीमित संसाधनों में भी काफी काम कर सकती है. 25 सालों के झारखंड में हमने जो लकीर खींची है, उसे मिटाना विपक्ष के बस की बात नहीं है. राज्य सरकार के कार्यों से विपक्ष घबराया मुख्यमंत्री ने कहा कि सदन में हम विपक्ष की बात संयम से सुनते हैं, लेकिन दिल्ली में विपक्ष के नेता को बोलने से रोक दिया जाता है. राज्य सरकार के कार्यों से विपक्ष घबरा गया है. उन्होंने कहा कि हमने झारखंड को अग्रणी बनाने का संकल्प लिया है. यह बहुत बड़ी चुनौती है. केंद्र के साथ हमारे संबंध भी बहुत खुले तौर पर सबके सामने हैं, लेकिन इच्छाशक्ति और दृढृ संकल्प के साथ हर असंभव काम संभव हो सकता है. सरकार की मूल जिम्मेवारी गरीब-गुरबा का सहारा बनना है और हम पूरी सफलता के साथ यह काम कर रहे हैं. केंद्र को किसान और मजदूर के भविष्य की चिंता नहीं श्री सोरेन ने कहा कि देश व राज्य का विकास धरातल पर काम करने से होता है. झाखंड सरकार गांव से चलने वाली सरकार है. हम जानते हैं कि गांव मजबूत होगा, तभी शहर और राज्य मजबूत होगा. दिल्ली में फर्जी एआइ समिट किया जा रहा है. चीन से लाकर सामान वहां दिखाया जा रहा है. विपक्ष के शीर्ष नेताओं की यही हालत है. पूरा देश गिरवी रखा जा रहा है. केंद्र को किसान, मजदूर के भविष्य की चिंता नहीं है. चर्चा धान क्रय के भविष्य पर होनी चाहिए. नमक, तेल, दाल, चावल, आटा सब बाहर से मंगायेंगे, तो यहां के किसान क्या करेंगे. किसान फिर से आत्महत्या करने के लिए मजबूर होंगे. देश के 80% रोज कमाने-खाने वाले लोगों के बारे में नहीं सोचा जा रहा है. सीएम ने कहा कि मणिपुर की हालत बिगड़ती जा रही है. एक राज्य दूसरे राज्य के पुलिस फोर्स से खूनी संघर्ष करता है. हिंदू-मुस्लिम के जहर का समंदर बना दिया गया है. मानवता तार-तार कर दी गयी है. विरोध में आवाज उठानेवालों पर देशद्रोह का आरोप लगा कर चुप कराया जा रहा है. अब तो एआइ समिट का विरोध करने वालों को भी देशद्रोही बताया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस वैश्विक मंच पर शिरकत करने मैं दाओस गया था, उसके मुख्य अतिथि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप थे. वहां उनका भी विरोध हुआ, लेकिन किसी को देशद्रोही नहीं कहा गया. देश ऐसे दौर से गुजर रहा है, कि देश के अंदर ही हम खुद को बेगाना महसूस करते हैं.

दिव्यांग क्रिकेट महोत्सव: 22 से 26 फरवरी तक 100 घंटे क्रिकेट, नॉट आउट@100 का आयोजन

भोपाल  राजधानी में पहली बार देशभर के दिव्यांगजन लगातार 100 घंटे क्रिकेट खेलकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। इस अनूठा आयोजन का उद्घाटन 22 फरवरी को मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव सुबह 10 बजे नेहरू नगर भौंंरी स्थित पुलिस स्टेडियम में करेंगे। 26 फरवरी तक होने वाले इस आयोजन में मध्य प्रदेश समेत देश के 8 राज्यों के दिव्यांग शामिल हो रहे हैं। इस खेल महोत्सव का आयोजन कुशाभाऊ ठाकरे न्यास, टास्क इंटरनेशनल समेत अन्य संस्थाएं कर रही है। इस गिनीज, लिमका तथा एशिया बुक ऑफ रिकार्ड के प्रतिनिधियों के समक्ष प्रदर्शन होगा। यह जानकारी राष्ट्रीय दिव्यांग क्रिकेट खेल महोत्सव के कार्यक्रम संयोजक डॉ राघवेंद्र शर्मा ने पत्रकार वार्ता में दी। इस अवसर पर दिव्यांगजन आयुक्त डॉ. अजय खेमरिया भी मौजूद रहे। डॉ शर्मा ने बताया कि दिव्यांगजन दया के नहीं, अवसर के पात्र है। इस आयोजन के माध्यम से दिव्यांगों को आत्म सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक चेतना का सशक्त संदेश देने का प्रयास है। बता दें, श्रद्धेय कुशाभाऊ ठाकरे की जन्म शताब्दी वर्ष मनाई जा रही है। इसलिए हम इस महोत्सव के जरिए 100 घंटे निरंतर क्रिकेट खेलने का ऐतिहासिक आयोजन कर रहे हैं। इस बेहद विलक्षण और प्रेरणादायी कार्यक्रम के नेतृत्वकर्ता तथा प्रेरक कार्यक्रम संयोजक, डॉ. राघवेंद्र शर्मा पिछले लगभग 20 वर्षों से दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण एवं सामाजिक सहभागिता के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके नेतृत्व में यह महोत्सव खेल के माध्यम से सकारात्मक परिवर्तन और नई सामाजिक चेतना का संदेश देगा।  इस महोत्सव का ये रहेगा आकर्षण – खेल महोत्सव में 8 राज्य उत्तर प्रदेश, हरियाणा, बिहार, दिल्ली आदि के अलावा मध्य प्रदेश के साथ ही स्थानीय दिव्यांगजन भी क्रिकेट खेलेंगे।  – प्रत्येक मैच आईपीएल तर्ज पर 4-4 घंटे का होगा। इसमें दो तरह के बॉल होंगे, जिसमें एक अंधे दिव्यांगों के लिए आवाज वाली गेंद तथा अन्य दिव्यांगों के लिए क्वार्क बॉल होगा।  – पहली बार जमीन पर बैठकर चलने वाले दिव्यांग भी क्रिकेट खेलेंगे। इसके अलावा दिव्यांगों की क्षमतानुसार खेल होंगे। इसमें व्हीलचेयर, अंधे, मानसिक रूप वाले बच्चे, युवा और महिला- पुरुष खिलाड़ी अपना प्रदर्शन करेंगे। – खेल का कवरेज करने गिनीज, लिम्का और एशिया बुक ऑफ रिकार्डस के प्रतिनिधि आ रहे हैं।  – सुबह 10 बजे सीएम डॉ. यादव के उद्घाटन के बाद दोपहर 2 बजे तक बिना रुके बिना थके दिन-रात लगातार 100 घंटे तक 26 फरवरी तक खेल चलेगा।  

खेल के मैदान से मिलता है स्वास्थ्य, समन्वय और सफलता का मंत्र : अरुण साव

रायपुर खेल के मैदान से मिलता है स्वास्थ्य, समन्वय और सफलता का मंत्र : अरुण साव उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री अरुण साव ने शुक्रवार को रायपुर प्रेस क्लब द्वारा सुभाष स्टेडियम में आयोजित स्वर्गीय कुलदीप निगम स्मृति इंटर-प्रेस क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में पहुंचकर पत्रकार खिलाड़ियों से आत्मीय मुलाकात की और उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने खेल मड़ई के सफल आयोजन के लिए रायपुर प्रेस क्लब और पत्रकारों को बधाई दी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री साव ने फाइनल मैच खेल रही संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक टीम के कप्तान एवं प्रेस क्लब अध्यक्ष मोहन तिवारी तथा विस्तार न्यूज टीम के कप्तान मृगेंद्र पांडेय सहित दोनों टीमों के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उन्हें शुभकामनाएं दीं। संयुक्त इलेक्ट्रॉनिक टीम ने विस्तार न्यूज को पराजित कर खिताब अपने नाम किया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सुभाष स्टेडियम में पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि खेल का मैदान व्यक्ति को जीवन की अनमोल पूंजी प्रदान करता है। खेल हमें अच्छा स्वास्थ्य देता है, अच्छे दोस्त देता है, समन्वय की भावना सिखाता है और संबंधों को मजबूत बनाता है। जब व्यक्ति को यह सब मिलता है तो वह जीवन में प्रसन्न रहता है, खुशहाल रहता है और निरंतर तरक्की की ओर अग्रसर होता है। साव ने रायपुर प्रेस क्लब द्वारा पिछले कई दिनों से आयोजित इस खेल मड़ई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आपसी स्नेह को बढ़ाते हैं और स्वस्थ जीवन-शैली के लिए प्रेरित करते हैं। पत्रकारिता जैसे दायित्वपूर्ण क्षेत्र में सक्रिय साथियों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सभी पत्रकार साथी इसी तरह मुस्कुराते रहें, स्वस्थ रहें और अपनी जिम्मेदारियों का बखूबी निर्वहन करते रहें।

मुख्यमंत्री साय ने बच्चों संग बांटी खुशियाँ, मुस्कान बना सबसे खास तोहफा

रायपुर. बच्चों के चेहरों की मुस्कान बना मुख्यमंत्री साय के जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने 62वें जन्मदिवस को जशपुर के बगिया स्थित बालक आश्रम के बच्चों के बीच जिस आत्मीयता और स्नेह के साथ मनाया, उसने इस दिन को बच्चों के जीवन की एक अविस्मरणीय स्मृति बना दिया। जैसे ही मुख्यमंत्री आश्रम परिसर पहुँचे, बच्चों के चेहरों पर खुशी की चमक दौड़ गई। वे दौड़कर उनके पास आए और कुछ ही क्षणों में पूरा वातावरण एक पारिवारिक मिलन जैसा हो गया। उस पल मुख्यमंत्री किसी पद पर आसीन व्यक्ति नहीं, बल्कि बच्चों के अपने स्नेही अभिभावक की तरह उनके बीच दिखाई दे रहे थे। बच्चों के चेहरों की मुस्कान बना मुख्यमंत्री साय के जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार मुख्यमंत्री साय ने बच्चों के साथ केक काटा और उनके साथ बैठकर बातें कीं।  उन्होंने बच्चों के नाम पूछे, पढ़ाई के बारे में जाना, उनके सपनों को सुना और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। जब मुख्यमंत्री बच्चों से बात कर रहे थे, तब उनके चेहरे पर झलकता स्नेह और अपनत्व बच्चों के मन में गहरा विश्वास जगा रहा था। बच्चे भी पूरी सहजता से उनसे बातें करते हुए खुशी से चहकते रहे।  आश्रम परिसर में उस समय जो दृश्य था, वह एक परिवार के बीच मनाए जा रहे उत्सव जैसा महसूस हो रहा था। मुख्यमंत्री साय ने बच्चों को अपने हाथों से केक और चॉकलेट खिलाया। उन्होंने बच्चों के सिर पर हाथ फेरते हुए आशीर्वाद दिया और कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, बड़े सपने देखें और जीवन में आगे बढ़कर अपने परिवार तथा प्रदेश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि आप सब बच्चों की मुस्कान मेरे जन्मदिन का सबसे बड़ा उपहार है। उनके इन स्नेहपूर्ण शब्दों ने बच्चों के मन को छू लिया। बच्चों की आँखों में चमक और चेहरे पर मुस्कान इस बात की गवाही दे रही थी कि यह पल उनके लिए कितना खास बन गया है। मुख्यमंत्री के रूप में स्नेही अभिभावक को अपने बीच पाकर बच्चों ने जिस खुशी और अपनत्व का अनुभव किया, वह लंबे समय तक उनकी स्मृतियों में रहेगा।  उल्लेखनीय है कि बालक आश्रम बगिया में कक्षा पहली से पाँचवीं तक के छात्र अध्ययनरत हैं, जिनमें अधिकांश बच्चे आदिवासी समुदाय से हैं। मुख्यमंत्री का उनके बीच पहुँचकर जन्मदिन मनाना बच्चों के लिए गर्व और प्रेरणा का विशेष क्षण बन गया। इस अवसर पर विधायक श्रीमती गोमती साय, कमिश्नर नरेंद्र दुग्गा, आईजी दीपक कुमार झा, कलेक्टर रोहित व्यास, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उम्मेद सिंह सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, अधिकारीगण तथा आश्रम के शिक्षक एवं स्टाफ उपस्थित थे।