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रेस्टोरेंट की पहली मुलाकात से कत्ल तक का सफर: कैसे अंजू ने प्यार के लिए पति को मौत दी?

जयपुर संयोग से हुई एक मुलाकात का अंजाम करीब 8 साल बाद बेहद खौफनाक हुआ। राजस्थान में प्रेमी संजू के हाथों पति की हत्या कराने वाली अंजू की कहानी काफी हद तक इंदौर की सोनम रघुवंशी से मिलती-जुलती है। राजा रघुवंशी की तरह ही आशीष को भी उसकी दुल्हन ने ही धोखे से मौत के घाट उतार दिया। अंजू और संजू की इस कहानी की शुरुआत 2018 में हुई थी, लेकिन करीब 7 साल तक दोनों में कोई संपर्क नहीं था। दोबारा हुई मुलाकात के बाद दोनों ने सारी हदें पार कर दीं।   आरोप है कि अंजलि उर्फ अंजू ने 30 जनवरी को संजू और उसके दोस्तों के साथ मिलकर अपने पति आशीष की हत्या कर दी, जिसके साथ 3 महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी। अंजू और संजू की पहली मुलाकात 2018 में एक शादी समारोह के दौरान हुई थी। अंजू वहां एक मेहमान बनकर गई थी जबकि संजू वहां एक वेटर के रूप में लोगों को नाश्ता और खाना परोस रहा था। यहां दोनों ने एक दूसरे को देखा और दिल दे बैठे। थोड़ी देर बातचीत के बाद संजू ने अंजू को अपना मोबाइल नंबर दिया। लेकिन अंजू के पास कोई मोबाइल नहीं होने की वजह से दोनों का संपर्क नहीं बन पाया। मोबाइल हाथ आने के बाद जिंदगी में नया मोड़ अंजलि की जिंदगी में एक बड़ा मोड़ तब आया जब उसने 2014 में अपना मोबाइल फोन खरीदा। अब उसने करीब 7 साल पहले उस नंबर को डायल किया जो संजू ने दिया था। सालों पहले मिले और कुछ घंटों के बाद ही बिछड़े अंजू-संजू की फोन पर लंबी बात होने लगी। दोनों की दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई। दोनों एक दूसरे को बहुत चाहने लगे और एक दूसरे के साथ जिंदगी बिताने की कसमें खाने लगे थे। इधर, बीकॉम कर चुकी अंजू के लिए परिवार के लोग योग्य दूल्हे की तलाश में थे। उनकी तलाश रवाला के आशीष पर जाकर खत्म हुई। एमकॉम करने के बाद बीएड कर रहे संजय से अंजू की शादी तय कर दी गई। परिवार की मर्जी के मुताबिक आशीष से शादी करके वह सादुलशहर से रावला चली गई पर खुश नहीं थी। पति की हत्या के 16 दिन पहले अंजलि मायके गई। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान उसने संजू के साथ मिलकर आशीष की हत्या की साजिश रची। शादी के बाद दोनों की आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई, पर वे वॉट्सऐप पर लगातार संपर्क में रहते थे। हत्या के दिन भी दोनों के बीच 5-7 बार बात हुई थी। पति की हत्या और लूट का नाटक 30 जनवरी की रात अंजलि ने डिनर के बाद पति को टहलने के लिए चलने को कहा। वह पति को लेकर गांव के सुनसान रास्ते की ओर चली गई जहां प्लान के मुताबिक संजय अपने दो दोस्तों के साथ झाड़ियों में छिपा था। जैसे ही अंजलि अपने पति के साथ वहां पहुंची, संजू ने अपने दो दोस्तों के साथ आशीष पर हमला कर दिया। रॉड से पीटने के बाद मफलर से उसका गला घोंट दिया। इसके बाद अंजलि ने इसे दुर्घटना और लूट दिखाने के लिए प्रेमी को अपने गहने दे दिए। वह बेहोशी का नाटक करके लेट गई। बाद में एक राहगीर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आशीष को अस्पताल पहुंचाया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जब यह बात सामने आई कि आशीष का गला घोंटा गया था तो पुलिस ने हत्या के एंगल से पड़ताल की और जो सच सामने आया उससे पूरा देश हैरान है।

होली के बाद पैदल बिहार यात्रा पर निकलेंगे तेज प्रताप यादव, पीके मॉडल से संगठन को देंगे धार

पटना  बिहार के पूर्व मंत्री एवं जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने सोमवार को राज्य में पैदल यात्रा निकालने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि वे इस यात्रा के जरिए संगठन को मजबूत करेंगे और विस्तार देंगे। इस दौरान वे गांव-गांव जाकर लोगों से मिलेंगे और उनकी समस्याएं सुनकर उसका निदान निकालेंगे। इससे पहले चुनावी रणनीतिकार रह चुके प्रशांत किशोर ने भी लगभग दो साल तक बिहार में पैदल यात्रा निकाली और फिर जन सुराज पार्टी का गठन किया था। तेज प्रताप की जेजेडी और पीके की जन सुराज, दोनों ही पार्टियां बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एक भी सीट नहीं जीत पाई थी। जेजेडी चीफ तेज प्रताप यादव ने सोमवार को पटना में मीडिया से बातचीत में कहा कि होली के बाद वे पैदल बिहार घूमेंगे। उन्होंने दावा किया कि इससे ना सिर्फ पार्टी कैडर मजबूत होगा, बल्कि आम लोगों में भी उनकी स्वीकार्यता बढ़ेगी। तेज प्रताप ने कहा कि इस यात्रा के दौरान जेजेडी के संगठनात्मक ढांचे का पुनर्गठन किया जाएगा। युवाओं और ग्रामीणों को खास तौर पर पार्टी से जोड़ा जाएगा। लालू परिवार से निकाले जाने पर बनाई थी नई पार्टी तेज प्रताप यादव बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे हैं। पिछले साल पार्टी एवं परिवार से बेदखल किए जाने के बाद उन्होंने जेजेडी नाम से नई पार्टी का गठन किया था। उन्होंने बिहार चुनाव में कुछ सीटों पर प्रत्याशी उतार, खुद भी महुआ सीट से चुनाव लड़े। हालांकि, जेजेडी का कोई भी कैंडिडेट जीत नहीं पाया था। चुनाव हारने के बाद तेज प्रताप यादव ने बिहार समेत अन्य राज्यों में पार्टी का विस्तार करने की बात कही थी। मकर संक्रांति के अवसर पर पटना में उन्होंने दही-चूड़ा भोज भी दिया था, जिसमें पक्ष और विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हुए थे। इस भोज से वे बिहार के सियासी गलियारों में चर्चा का विषय रहे। इन दिनों तेज प्रताप अपने पारिवारिक जीवन को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। एक दिन पहले ही उन्होंने पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस पर आरजेडी के अंदर पांच नेताओं (संजय यादव, सुनील सिंह, मुकेश रौशन एवं अन्य) का नाम लेकर उन्हें जयचंद करार दिया। इनमें अधिकतर नेता उनके छोटे भाई तेजस्वी यादव के करीबी हैं। तेज प्रताप ने यह भी आरोप लगाया कि इन्हीं कथित जयचंद ने मिलकर उनका नाम अनुष्का यादव के साथ जोड़कर उन्हें बदनाम की साजिश रची थी।  

एक रात का किराया लाखों में! दिल्ली के 5-स्टार होटलों के रेट क्यों छू रहे आसमान?

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी में 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' से पहले 5 स्टार होटलों के कमरों के किराए में भारी उछाल आया है। सम्मेलन 16 से 20 फरवरी के बीच नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा। इसमें बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधियों, वक्ताओं और टेक जगत के एक्सपर्ट के शामिल होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि इस समिट के लिए दुनियाभर से 35,000 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हासिल हुए हैं। यही वजह है कि होटलों के कमरों के किराए में भारी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।   एक रात के लिए जिन कमरों का किराया आमतौर पर 20,000 रुपये से 40,000 रुपये होता था अब उनकी कीमतें अब लाखों में पहुंच गई है। ट्रेवल वेबसाइटों के अनुसार, 19 और 20 फरवरी को कई 5 स्टार होटलों में कमरे की कीमतें एक रात के लिए लाखों रुपये तक पहुंच रही हैं। वहीं लग्जरी कैटेगरी में तो एक कमरे की कीमत एक रात के लिए 4 से 5 लाख रुपये के बीच पहुंच चुकी है। कई होटलों ने ‘मिनिमम-स्टे’ जैसी शर्ते लागू कर दी हैं। कमरों के किराए में भारी बढ़ोत्तरी लीला पैलेस, आईटीसी मौर्या और ताज पैलेस, द इंपीरियल, शांगरी-ला इरोज और द पार्क होटल 18 से 20 फरवरी की पीक तारीखों के लिए लगभग पूरी तरह बुक हो चुके हैं। वहीं जो कमरे बचे हैं उन्हें बेहद ही ऊंचे दामों में बुक किया जा रहा है। कनॉट प्लेस में स्थित द इंपीरियल होटल में 17 फरवरी को एक कमरे की कीमत 2.4 लाख रुपये से ज्यादा है तो वहीं रेडिसन ब्लू होटल करीब 1.1 लाख रुपये चार्ज कर रहा है। आपको बता दें कि समिट के लिए अब तक करीब 50 वैश्विक कंपनियों के प्रमुखों और संस्थापकों ने सम्मेलन में भागीदारी की पुष्टि कर दी है, जबकि 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधित्व की उम्मीद जताई गई है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के लिए मध्य दिल्ली को जी20 की तर्ज पर सजाया जाएगा।  

बाल व बंधुआ श्रम के खिलाफ सख्त रुख: श्रम मंत्री श्री पटेल

भोपाल. श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि चार नवीन श्रम संहिताओं में स्वास्थ्य, दुर्घटना बीमा और व्यावसायिक सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल हैं। बंधुआ मजदूरी और बाल श्रम जैसी कुप्रथाओं को जड़ से उन्मूलन के लिये ठोस रोडमैप तैयार किया जाएगा। इस रोडमैप के पाँच प्रमुख स्तंभ होंगे कानूनी सहायता, पुनर्वास, कौशल विकास, जनजागरूकता और प्रशासनिक संवेदनशीलता। हमारा लक्ष्य मध्यप्रदेश को बंधुआ और बाल श्रम मुक्त बनाना है। यह बात श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल ने सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर भोपाल में आयोजित कार्यशाला में कही। श्रम मंत्री  पटेल ने कहा कि बंधुआ मजदूर की स्पष्ट परिभाषा तय करना आसान नहीं है, लेकिन यह अवश्य तय किया जा सकता है कि किन परिस्थितियों में कोई मजदूर बंधुआ बनता है। प्रवासी मजदूर होना, अशिक्षा, कानून की जानकारी का अभाव, नशे की लत, मानसिक रूप से कमजोर स्थिति, बाल श्रम और परंपरागत व्यवसायों से जुड़ी तात्कालिक आवश्यकताएं ये सभी बंधुआ श्रम के प्रमुख कारण हैं। मंत्री  पटेल ने बताया कि बारूद से जुड़े कारखानों को मध्यप्रदेश में अत्यंत खतरनाक श्रेणी में रखा गया है। उद्योगों का वर्गीकरण खतरनाक और अति-खतरनाक श्रेणियों में किया जाना चाहिए, ताकि श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। श्रम मंत्री श्रह पटेल ने स्पष्ट किया कि आज संकल्प करने का दिन है कि आने वाले समय में हम यह कह सकें कि मध्यप्रदेश में न कोई बाल मजदूर है और न कोई बंधुआ मजदूर। उन्होंने कहा कि हुनर को रोका नहीं जा सकता, लेकिन यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी को मजदूरी के कारण बंधुआ न बनाया जाए और न ही किसी बच्चे से उसका बचपन छीना जाए। एआई युग में श्रम कानूनों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण कार्यक्रम में सचिव, श्रम विभाग  रघुराज राजेन्द्रन ने कहा कि वैश्विक परिदृश्य में आज एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) एक बड़ा परिवर्तनकारी तत्व बनकर उभरा है। तकनीकी बदलाव हमेशा टूल के रूप में आए हैं, लेकिन एआई में सोचने की क्षमता होने के कारण यह कार्यबल और रोजगार के क्षेत्र में सबसे बड़ा बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा कि नियम निर्माण के दौरान जोखिमों को कैसे कम किया जाए, इस पर गंभीरता से विचार करना होगा। इसी परिप्रेक्ष्य में यह कार्यशाला अत्यंत महत्वपूर्ण है, जिसमें चार नवीन श्रम संहिताओं पर चर्चा कर एक बेहतर और समावेशी समाज की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा। कार्यक्रम में श्रम विभाग द्वारा तीन संस्थानों को श्रम स्टार रेटिंग में उल्लेखनीय कार्य करने पर सम्मान प्रदान किया गया। कार्यशाला में श्रमायुक्त मती तन्वी हुड्डा ने स्वागत भाषण देते हुए माननीय अतिथियों का अभिनंदन किया। बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 तथा स्टेट एक्शन प्लान (SAP) पर आधारित प्रस्तुति  लॉलीचैन पी. जोसेफ, बाल संरक्षण विशेषज्ञ, यूनिसेफ भोपाल द्वारा दी गई। कार्यशाला में यूनीसेफ एवं विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि श्रम विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य नवीन श्रम संहिताओं की जागरूकता करना एवं उनके प्रावधानों से अवगत कराना था। कार्यशाला में लगभग 200 प्रतिभागियों के रूप में विभिन्न जिलों से श्रम अधिकारी/ कर्मचारी श्रमिक संगठन/यूनियन नियोजन एवं NGOs से सहभागिता दी गई। इसके साथ-साथ बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के अंतर्गत राज्य कार्य योजना का विमोचन श्रम मंत्री  प्रहलाद सिंह पटेल द्वारा किया गया। श्रम अधिनियमों के मापदंडों के अनुपालन संबंधी नवीन अवधारणा श्रम स्टार रेटिंग के सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। कार्यशाला में वाचकों द्वारा चार नवीन श्रम संहिताओं का प्रस्तुतीकरण किया गया। प्रतिभागियों द्वारा समूह चर्चा एवं शंका समाधान सत्र में सक्रिय भागीदारी करते हुए मांग सुझाव दिए गए।  

खेती के साथ पशुपालन से बढ़ी किसानों की आय

भोपाल. ग्रामीण अर्थव्यवस्था का उत्थान, शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। शासन द्वारा कृषि और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, जिससे कृषि और पशुपालन अब न केवल लाभ का व्यवसाय बन गया है, बल्कि इससे किसानों और पशुपालकों को नई पहचान भी मिल रही है। छिंदवाड़ा जिले के चौरई विकासखंड के ग्राम बांकानागनपुर के श्री नवीन रघुवंशी भी उन्हीं किसानों और पशुपालकों में से एक हैं। श्री रघुवंशी ने पशुपालन विभाग की राष्ट्रीय पशुधन मिशन (एनएलएम) योजना का लाभ लेकर बकरी पालन को एक सशक्त और लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित किया है। सीमित संसाधनों से शुरू हुई उनकी यह पहल आज आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रबंधन के कारण क्षेत्र में एक मॉडल बकरी फार्म के रूप में पहचान बना चुकी है। श्री रघुवंशी बताते हैं कि एनएलएम योजना के अंतर्गत स्वीकृत उनके इस बकरी फार्म में सिरोही नस्ल की कुल 175 बकरियाँ, बकरे एवं उनके बच्चे उपलब्ध हैं। फार्म को मॉडल स्वरूप में विकसित किया गया है, जिसमें बीमार बकरियों के लिए पृथक क्वारंटाइन शेड, बच्चों के लिए अलग कमरे तथा बकरियों के बैठने के लिए 4 फीट ऊँचाई पर प्लाई प्लेटफॉर्म बनाया गया है। इसी प्लेटफॉर्म के नीचे कड़कनाथ मुर्गी का पालन भी किया जा रहा है, जिससे अतिरिक्त आय का स्रोत विकसित हुआ है। बकरी फार्म की कुल लागत लगभग 1 करोड़ रुपये है, जिसमें भारत सरकार द्वारा 50 लाख रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। योजना के अंतर्गत प्रथम किस्त के रूप में 25 लाख रुपये की राशि श्री नवीन रघुवंशी को प्रदाय की जा चुकी है। इस आर्थिक सहयोग से फार्म को आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित किया गया है। बकरियों के पोषण के लिए फार्म में तीन प्रकार की नेपियर घास का उत्पादन किया जा रहा है। दाना बनाने की मशीन एवं चैफ कटर जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध हैं। ब्रीडिंग के उद्देश्य से उच्च गुणवत्ता के बकरे रखे गए हैं, जिनमें एक बकरे की कीमत लगभग 2 लाख रुपये है। बेहतर पोषण और प्रबंधन के कारण बकरियों का स्वास्थ्य एवं उत्पादन स्तर उत्कृष्ट बना हुआ है। बकरी पालन के साथ प्राकृतिक खेती फार्म में बकरी पालन के साथ-साथ प्राकृतिक खेती भी की जा रही है। इससे न केवल लागत में कमी आई है, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल खेती को भी बढ़ावा मिला है। श्री नवीन रघुवंशी के पुत्र श्री मंथन रघुवंशी द्वारा बकरी पालन एवं उन्नत कृषि को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नई पहचान दी जा रही है। वे यूट्यूब एवं इंस्टाग्राम के माध्यम से बकरी पालन, उन्नत कृषि, मक्का उत्पादन तथा कम उम्र में पशुओं का वजन बढ़ाने जैसे विषयों पर शैक्षणिक वीडियो साझा कर रहे हैं। श्री मंथन रघुवंशी को उनके प्रभावी डिजिटल योगदान के लिए कृषि जागरण की ओर से “एग्री इंफ्लूएंसर ऑफ द ईयर 2026 पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। यह उपलब्धि युवाओं को कृषि एवं पशुपालन से जोड़ने की प्रेरणा देती है। महिला किसानों की पहल को मिली प्रदेश स्तर पर सराहना छिंदवाड़ा जिले के मोहखेड़ ब्लॉक की महिला किसान श्रीमती ज्योति सोमकुंवर ने प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में अपने नवाचार, अनुभव और जमीनी प्रयासों से प्रदेश स्तर पर पहचान बनाने में सफलता पाई है। भोपाल के मिंटो हॉल में आयोजित "मनन 2026" प्राकृतिक खेती विषयक कार्यक्रम में प्रदेश की महिला किसानों ने अपने अनुभव साझा किए, जिसमने छिंदवाड़ा जिले की ज्योति सोमकुंवर को भी अपने अनुभव साझा करने का अवसर मिला, जिसकी प्रदेश स्तर पर सराहना की गई। श्रीमती सोमकुंवर ने हकदर्शिका संस्था से जुड़कर किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के अपने अनुभव साझा किए। नव गठित पांढुर्णा जिले के विकासखंड सौंसर से महिला किसान श्रीमती मीता धुर्वे एवं श्रीमती कविता सिरसाम ने भी बड़ादेव जैविक उत्पादक समूह के माध्यम से ग्राम जोबनढाना में सृजन संस्था के सहयोग से संचालित जैविक उत्पाद केंद्र की गतिविधियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि किस प्रकार जैविक उत्पाद बनाकर किसानों को प्राकृतिक खेती की ओर प्रेरित किया जा रहा है और इससे ग्रामीण स्तर पर रोजगार एवं आय के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। मोहखेड़ एवं सौंसर ब्लॉक की जैविक उत्पाद केंद्र से जुड़ी इन महिला किसानों द्वारा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के किए का रहे प्रयासों को प्रदेश स्तर पर सराहा गया। महिला किसानों की यह पहल न केवल अन्य किसानों के लिए प्रेरणास्रोत बनी है, बल्कि प्राकृतिक खेती को अपनाने की दिशा में एक मजबूत संदेश भी दे रही है।  

चोरी और रेलवे संपत्ति तस्करी पर कार्रवाई: मध्यप्रदेश पुलिस ने आरोपियों को दबोचा

भोपाल. मध्यप्रदेश पुलिस अपने ध्येय वाक्य “देशभक्ति–जनसेवा” के अनुरूप प्रदेश में अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं नागरिकों की आस्था व संपत्ति की सुरक्षा हेतु सतत् एवं ठोस कार्यवाही कर रही है। इसी क्रम में प्रदेश के विभिन्‍न जिलों में चोरी की गंभीर घटनाओं का सफल खुलासा करते हुए पुलिस ने लगभग 37 लाख 40 हजार रूपए से अधिक मूल्य का चोरी की सामग्री जप्त की है। पन्ना- रेलवे स्टेशन भवन से चोरी गई सामग्री बरामद थाना देवेंद्रनगर क्षेत्र में नागौद–खजुराहो रेलवे प्रोजेक्ट के तहत ग्राम फुलवारी स्थित रेलवे स्टेशन भवन से केबल, वायर, पीवीसी पाइप एवं अन्य इलेक्ट्रिकल सामग्री की चोरी के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 20 लाख रूपए की संपत्ति जप्त की है। विदिशा- तीन चोरी के प्रकरणों का खुलासा जिले के थाना सिविल लाइन पुलिस ने मुखबिर सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तीन अलग-अलग चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए 02 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्‍जे से पुलिस ने चोरी की बोलेरो पिकअप वाहन, मंदिर से चोरी किया गया मुकुट एवं छत्र तथा चोरी किया गया बिजली तार सहित लगभग 9 लाख 20 हजार रूपए की सामग्री जब्‍त की है। शाजापुर-ग्राम जावदी स्थित हनुमान मंदिर चोरी का खुलासा शाजापुर जिले के थाना मोहन बड़ोदिया क्षेत्रांतर्गत ग्राम जावदी स्थित संकट मोचन हनुमान मंदिर में हुई चोरी की घटना का पुलिस ने 600 से अधिक सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य एवं साइबर सेल की सहायता से सफलतापूर्वक खुलासा कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही चोरी का माल बेचने हेतु रखने वाले एक अन्‍य आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्‍जे से चांदी के आभूषण एवं नगदी, चोरी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल एवं दो धारदार चाकू सहित  कुल 4 लाख 20 हजार 570 रूपए की सामग्री जब्‍त की है। सीहोर-सराफा दुकान में चोरी का त्वरित खुलासा जिले के थाना आष्टा क्षेत्र में बुधबारा खरी खुंडी स्थित एक सोने-चांदी की दुकान से कर्मचारी द्वारा लगभग 1 किलो 390 ग्राम चांदी के आभूषण (पायल, कड़े, ब्रेसलेट एवं गले की चेन) चोरी किए जाने की घटना का त्‍वरित खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से 1 किलो 359 ग्राम चांदी के आभूषण कीमत लगभग 4 लाख रूपए जब्‍त किए है। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन की आस्था, धार्मिक स्थलों एवं निजी संपत्ति की सुरक्षा हेतु पूर्णतः प्रतिबद्ध है। नागरिक किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर दें सकते हैं।  

आर्थिक समीक्षा में ग्राम विकास क्षेत्र की उपलब्धियों का ब्योरा, ग्राम पंचायतों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ी

लखनऊ. उत्तर प्रदेश सरकार की वर्ष 2025-26 की आर्थिक समीक्षा के अनुसार, ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की परिकल्पना को साकार करने के लिए योगी सरकार ने ग्रामीण विकास पर खर्च लगातार बढ़ाया है। वर्ष 2017-18 में जहां ग्राम विकास पर 10,508 करोड़ रुपये व्यय हुए थे,  जो 2025-26 में बढ़कर 20,081 करोड़ रुपये हो गया। बीते आठ वर्षों में ग्राम विकास कार्यों में व्यय में 8.43 प्रतिशत की वार्षिक चक्रवृद्धि दर से वृद्धि हुई है। मानव दिवस सृजन में देश में पहला स्थान वर्ष 2017-18 के 1814.34 लाख मानव दिवसों की तुलना में 2024-25 में 85.41 प्रतिशत वृद्धि के साथ 3363.97 लाख मानव दिवस सृजित किए गए, जिससे यूपी को देश में प्रथम स्थान मिला। वित्तीय वर्ष 2025-26 में दिसंबर 2025 तक 1805 लाख से अधिक मानव रोजगार दिवस सृजित हो चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार संवर्धन के लिए वीबी-जी राम जी योजना के तहत आजीविका, पर्यावरण संरक्षण और बुनियादी ढांचे के कार्य तेजी से कराए गए। योजना के अंतर्गत 266 प्रकार के सामुदायिक और व्यक्तिगत लाभार्थीपरक कार्यों को लागू किया गया। तकनीक, पारदर्शिता और नवाचार का असर बुंदेलखंड की जल समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अभिनव पहल करते हुए ललितपुर के बिरधा विकास खंड में विलुप्त शहजाद नदी के 1500 मीटर हिस्से का पुनरुद्धार किया गया, जिससे 9859 मानव दिवसों का सृजन हुआ और भूजल व सिंचाई संसाधनों को मजबूती मिली। कार्यों में पारदर्शिता के लिए ई-एमबी मॉड्यूल, त्रि-स्तरीय जियो टैगिंग, ऑनलाइन सॉफ्टवेयर, आधार आधारित मजदूरी भुगतान, नेशनल मोबाइल मॉनिटरिंग सिस्टम ऐप, एरिया ऑफिसर ऐप और ड्रोन तकनीक का उपयोग किया गया। 2024-25 में 65.26 लाख परिवारों के 75.83 लाख श्रमिकों को रोजगार मिला। जबकि 6.16 लाख परिवारों को पूर्ण 100 दिन का काम दिया गया। 2025-26 में अक्तूबर 2025 तक 47 लाख से अधिक परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। तमिलनाडु के बाद यूपी दूसरा सबसे अधिक परिवारों को रोजगार देने वाला राज्य है। पर्यावरण, खेल और सामाजिक सहभागिता वीबी-जी राम जी योजना के तहत ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान में 2024-25 में 13.54 करोड़ और 2025-26 में 13.23 करोड़ पौधरोपण किया गया। वहीं, नवंबर 2025 तक 19 हजार से अधिक अमृत सरोवरों का निर्माण/पुनरुद्धार कर यूपी देश में अग्रणी रहा। इसके साथ ही 2025-26 में अक्तूबर 2025 तक 3550 खेल मैदान और 1706 आंगनबाड़ियों का निर्माण पूरा किया गया। महिलाओं की भागीदारी बढ़कर 42 फीसदी पहुंची वीबी-जी राम जी के तहत महिलाओं की भागीदारी भी बढ़ी है। यह 2018-19 में 35 प्रतिशत से बढ़कर 2024-25 में 42 प्रतिशत तक पहुंच गई। वहीं, सोशल ऑडिट के जरिए पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए 2024-25 में 55,991 ग्राम पंचायतों में और 2025-26 में दिसंबर तक 51,648 ग्राम पंचायतों में ऑडिट पूरा किया गया।

2016–17 में ₹13.30 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था 2024–25 में पहुंची ₹30.25 लाख करोड़ के पार

लखनऊ.  वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने सोमवार को विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन उत्तर प्रदेश की पहली आर्थिक समीक्षा सदन के पटल पर प्रस्तुत की। समीक्षा में प्रदेश की अर्थव्यवस्था, निवेश, प्रति व्यक्ति आय, राजकोषीय स्थिति और क्षेत्रीय योगदान को विस्तार से सामने रखा गया है। वित्त मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था ने बीते आठ वर्षों में ऐतिहासिक विस्तार किया है। वर्ष 2016–17 में ₹13.30 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था, वर्ष 2024–25 में बढ़कर ₹30.25 लाख करोड़ पार कर चुकी है। वित्तीय वर्ष 2025–26 में इसके ₹36 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। यह वृद्धि उत्तर प्रदेश को देश की सबसे बड़ी राज्य अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती से स्थापित करती है। राज्य की प्रगति, जन-आकांक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं का जीवंत दस्तावेज वित्त मंत्री ने सदन में कहा कि आज हम सब एक ऐतिहासिक पल के साक्षी बन रहे हैं, जब उत्तर प्रदेश भी भारत सरकार की तरह अपनी आर्थिक समीक्षा पहली बार सदन के समक्ष प्रस्तुत कर रहा है। प्रदेश की आर्थिक समीक्षा केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि राज्य की प्रगति, जनता की आकांक्षाओं और भविष्य की संभावनाओं का जीवंत दस्तावेज है। भारत की सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक गौरव का प्रतीक, उत्तर प्रदेश आज नई आर्थिक दृष्टि और ऊर्जा के साथ अपने लक्ष्यों की ओर अग्रसर है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था 25 करोड से अधिक नागरिकों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है, जो इसे कृषि उत्पादन, औद्योगिक विकास और तकनीकी नवाचार का प्रमुख केंद्र बना रहा है। निवेशकों का बदला नजरिया, ₹50 लाख करोड़ से अधिक के मिले निवेश प्रस्ताव वित्त मंत्री ने कहा कि एक समय निवेशकों की प्राथमिकता सूची में न रहने वाला उत्तर प्रदेश अब औद्योगिक निवेश का प्रमुख केंद्र बन चुका है। पारदर्शी नीतियों, समयबद्ध स्वीकृतियों और ‘ट्रिपल एस’ (सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड) की गारंटी के चलते प्रदेश को अब तक ₹50 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह निवेश वातावरण में आए निर्णायक बदलाव को दर्शाता है। राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में बढ़ा उत्तर प्रदेश का योगदान आर्थिक समीक्षा के अनुसार, राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में उत्तर प्रदेश का योगदान वर्ष 2016–17 के 8.6 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2024–25 में 9.1 प्रतिशत तक पहुंच गया है। यह वृद्धि प्रदेश की आर्थिक मजबूती और राष्ट्रीय विकास में बढ़ती भूमिका को रेखांकित करती है। प्रति व्यक्ति आय में ऐतिहासिक बदलाव समीक्षा में बताया गया कि स्वतंत्रता के बाद पहली बार उत्तर प्रदेश ने प्रति व्यक्ति आय में गिरावट के लंबे रुझान को पलटा है। वर्ष 2016–17 में ₹54,564 रही प्रति व्यक्ति आय (प्रति व्यक्ति निवल उत्पाद) वर्ष 2024–25 में बढ़कर ₹1,09,844 हो गई है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए इसके ₹1,20,000 तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। राष्ट्रीय औसत की तुलना में भी प्रति व्यक्ति आय अनुपात में सुधार दर्ज किया गया है। 2014-15 में यह राष्ट्रीय औसत का केवल 50.2% रह गई थी, जबकि 2024-25 में गिरावट के रुख में बदलाव करते हुए प्रतिव्यक्ति अनुपात बढ़कर 53.5% हो गया।  कृषि, उद्योग और सेवा तीनों क्षेत्र में संतुलित विकास आर्थिक समीक्षा के अनुसार, वर्ष 2024–25 में प्रदेश की जीएसडीपी में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की हिस्सेदारी 25.8 प्रतिशत, औद्योगिक क्षेत्र की 27.2 प्रतिशत तथा सेवा क्षेत्र की 47 प्रतिशत रही है। यह दर्शाता है कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था अब केवल कृषि आधारित न रहकर बहु-क्षेत्रीय विकास की ओर अग्रसर है। बजट आकार में अभूतपूर्व वृद्धि वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश के बजट आकार में भी विगत 9 वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2016–17 में ₹3.47 लाख करोड़ का बजट अब बढ़कर वर्ष 2025–26 में ₹8.33 लाख करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। समीक्षा में बताया गया कि यह वृद्धि 4.86 लाख करोड़) पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना में कहीं अधिक तेज रही है। 2008-09 से 2016-17 (8 वर्ष) में यह वृद्धि मात्र 2.34 लाख करोड़ थी। पूंजीगत व्यय से विकास को गति उन्होंने बताया कि सार्वजनिक निवेश को प्राथमिकता देते हुए पूंजीगत व्यय में दो गुने से अधिक वृद्धि की गई है। वर्ष 2016–17 में पूंजीगत व्यय ₹69.79 हजार करोड़ रहा, जबकि वर्ष 2024–25 में यह बढ़कर ₹147.72 हजार करोड़ हो गया है। इसका सीधा असर अवसंरचना, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन पर पड़ा है। वित्तीय अनुशासन की मिसाल बना उत्तर प्रदेश आर्थिक समीक्षा में प्रदेश की राजकोषीय स्थिति को संतुलित और अनुशासित बताया गया है। सार्वजनिक ऋण-से-जीसडीपी अनुपात वर्ष 2016–17 के 29.3 प्रतिशत से घटकर वर्ष 2024–25 में 28.0 प्रतिशत हो गया है, जो राष्ट्रीय और वैश्विक औसत से काफी कम है। यह प्रदेश की मजबूत वित्तीय प्रबंधन नीति को दर्शाता है। कर राजस्व में ढाई गुना वृद्धि प्रदेश का अपना कर राजस्व भी उल्लेखनीय रूप से बढ़ा है। वर्ष 2016–17 में ₹0.86 लाख करोड़ रहा स्टेट ओन टैक्स रेवेन्यू वर्ष 2024–25 में लगभग ढाई गुना बढ़कर ₹2.09 लाख करोड़ तक पहुंच गया है। आर्थिक समीक्षा में इसे कर सुधारों और प्रशासनिक दक्षता का परिणाम बताया गया है।

वीबी जी राम जी योजना से गांव-गांव पहुंचेगा रोजगार

रायपुर. शासन की महत्वाकांक्षी विकसित भारत जी राम जी (वीबी जी राम जी) योजना के अंतर्गत जिला दंतेवाड़ा की ग्राम पंचायतों में प्रत्येक माह की 07 तारीख को रोजगार दिवस, चावल उत्सव और आवास दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों को विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। ग्रामीण जरूरतमंद परिवार तक रोजगार के अवसर पहुंचाना अधिकारियों ने बताया कि पहले महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत 100 दिनों का रोजगार उपलब्ध कराया जाता था, जिसे अब विकसित भारत जी राम जी योजना के अंतर्गत बढ़ाकर 125 दिनों तक किया गया है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक रोजगार के अवसर पहुंचाना है। क्यूआर कोड से बढी पारदर्शिता कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को क्यूआर कोड आधारित नई प्रणाली की जानकारी दी गई। अब जॉब कार्ड और मस्टर रोल का मिलान क्यूआर कोड स्कैन कर किया जा रहा है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और गड़बड़ी की संभावना कम हुई है। गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण लिए तकनीकी मार्गदर्शन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत स्वीकृत हितग्राहियों के नामों का वाचन किया गया तथा आवास निर्माण के लिए मिलने वाली किश्तों, मजदूरी भुगतान, निर्माण सामग्री और अन्य विभागों से मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने हितग्राहियों को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण आवास निर्माण पूरा करने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया। बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निगरानी प्रणाली और नागरिक सहभागिता से पारदर्शिता रोजगार दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और विकसित भारत जी राम जी योजना के तहत मिलने वाली रोजगार गारंटी की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने और रोजगार सुनिश्चित करने के लिए यह पहल की जा रही है। कार्यक्रम में बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, मोबाइल आधारित निगरानी प्रणाली और नागरिक सहभागिता जैसे आधुनिक तकनीकी उपायों की जानकारी दी गई, जिससे कार्यों की निगरानी, उपस्थिति सत्यापन और भुगतान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जा सके। डबरी निर्माण कर मत्स्य पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहन इसके अलावा आजीविका डबरी निर्माण के बारे में भी ग्रामीणों को बताया गया। डबरी निर्माण से मत्स्य पालन और अन्य आजीविका गतिविधियों के माध्यम से आय बढ़ाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम के अंत में ग्रामीणों से अपील की गई कि वे प्रत्येक माह की 07 तारीख को आयोजित रोजगार दिवस, चावल उत्सव और आवास दिवस में भाग लेकर शासकीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

दरभंगा रेप-मर्डर कांड से सदन गरमाया, राबड़ी देवी संग महिला विधायक सड़क से सदन तक उतरीं

दरभंगा बिहार के दरभंगा में एक छह साल की बच्ची के साथ हैवानियत की वारदात पर विधानमंडल के बजट सत्र में हंगामा हुआ। विधानसभा के पोर्टिको में विपक्षी सदस्यों ने पोस्टर लहराए तो विधान परिषद में सीएम नीतीश कुमार और नेता विरोधि दल राब़ड़ी देवी आमने-सामने आ गए। शोर शराब बढ़ता देख सदन की कार्यवाही को दोपहर ढाई बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। रबड़ी देवी के नेतृत्व में महिला विधायकों ने सदन के बाहर प्रदर्शन भी किया। दरभंगा में शनिवार की रात एक छह साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म करके हत्या कर दी गयी। रविवार को बिहार भारी हंगामा, पत्थरबाजी और लाठीचार्ज का गवाह बना।   महिला विधायकों ने आरोप लगाया कि राज्य में बेटियों के साथ अत्याचार हो रहा है जिसे रोकने में सरकार विफल है। बिहार में लॉ एंड ऑर्डर फेल है पर सरकार चुप बैठी हुई है। दरभंगा में बच्ची के साथ दरिंदगी की गई और विरोध कर रहे लोगों को पुलिस ने लाठी से दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। सरकार इस पर जवाब दे। विपक्षी सदस्यों ने सरकार को गूंगी और बहरी सरकार बताया। राबड़ी देवी ने कहा कि सम्राट चौधरी को इस्तीफा दे देना चाहिए क्योंकि वे बेटियों को सुरक्षा देने में नाकाम हैं। उन्होंने सरकार बनते ही बड़े दावे किए थे। पर पूरा करने में समर्थ नहीं हैं। उन्हें पद छोड़ देना चाहिए। मुख्यमंत्री भी इस पर जवाब नहीं दे पा रहे हैं। मासूमों को हवस का शिकार बनाया जा रहा है। इससे पहले बिहार विधान परिषद की कार्यवाही विपक्ष के शोर गुल के कारण 15 मिनट में ही स्थगित कर दी गयी। सोमवार को 12 बजे से परिषद के कार्यवाही शुरू हुई। प्रश्नकाल शुरू होने के साथ ही विपक्ष के अब्दुल बारी सिद्दीकी ने दरभंगा में नाबालिग के साथ दुष्कर्म और उसकी हत्या पर सरकार से संज्ञान लेने की मांग की। उस वक्त मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी सदन में मौजूद थे। सदन की कार्यवाही के दौरान विपक्षी सदस्यों ने शोर गुल किया फिर उसके बाद वेल में आकर नारेबाजी करने लगे और मुख्यमंत्री से जवाब देने की मांग की। इस पर मुख्यमंत्री ने विपक्ष की ओर मुखातिब होकर कहा कि इन लोगों ने कभी कोई काम नहीं किया है। जब से हम लोग आए हैं, तब से एक एक काम कर रहे हैं। तब से बिहार में तेजी से विकास हो रहा है। भारी शोर गुल के बीच ही शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने परिनियत कार्य के तहत चार दस्तावेज पेश किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही 2.30 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।।