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एयू मैराथन को CM ने दिखाई हरी झंडी

जयपुर. गुलाबी नगरी में रविवार सुबह आयोजित एयू जयपुर मैराथन 2026 में फिटनेस, उत्साह और ऊर्जा का अनोखा संगम देखने को मिला। शहर की सड़कों पर हजारों धावकों की कदमताल ने जयपुर को एक बार फिर देश की प्रमुख रनिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित कर दिया। आयोजन स्थल पर युवाओं और फिटनेस समूहों की सक्रिय भागीदारी से उत्सव जैसा माहौल रहा। रामनिवास बाग से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मैराथन को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। बॉलीवुड अभिनेता और फिटनेस आइकन मिलिंद सोमन ने भी रन में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रातः जल्दी उठकर दौड़ने और व्यायाम से शरीर स्वस्थ रहता है तथा पूरे दिन शरीर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार रहता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ को धरातल पर उतारने के लिए स्वस्थ जीवनशैली एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने युवाओं से व्यायाम को अपनी नियमित दिनचर्या का हिस्सा बनाकर देश-प्रदेश के विकास में योगदान देने की अपील की। इस दौरान अभिनेता मिलिंद सोमन ने मुख्य दौड़ में भाग लेते हुए न केवल तेज गति से रन किया, बल्कि रास्ते में रुककर पुश-अप्स कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। इस दौरान उनके चारों ओर मौजूद युवा और बच्चे भी उन्हीं की तरह फिटनेस एक्टिविटी करने के लिए प्रेरित दिखे। संस्कृति युवा संस्था और वर्ल्ड ट्रेड पार्क के संयोजन में आयोजित इस मैराथन को एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का सहयोग मिला। संस्था के अध्यक्ष पं. सुरेश मिश्रा ने इस मैराथन को केवल खेल आयोजन नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ते हुए मैराथन को जनआंदोलन बनाने की पहल बताया। उन्होंने कहा कि जयपुर ने एक बार फिर साबित किया है कि यहां खेल और सामाजिक सरोकार साथ-साथ आगे बढ़ते हैं। दौड़ के विभिन्न वर्गों में प्रोफेशनल धावकों से लेकर स्कूली बच्चों, युवाओं और महिलाओं ने भ्ज्ञी हिस्सा लिया। रास्ते में जगह-जगह पानी, ऊर्जा पेय और मेडिकल सहायता की व्यवस्था रही। जबकि सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और लाइव म्यूजिक ने प्रतिभागियों का उत्साह बनाए रखा।

आम बजट से भीलवाड़ा की टेक्सटाइल सिटी को लगेंगे पंख

जयपुर/भीलवाड़ा. सहमे बाजार और महंगाई की मार झेल रही जनता के बीच आज पेश हुए केंद्रीय बजट में चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क, टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम व हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम की घोषणा से राजस्थान में भीलवाड़ा जिले के कपड़ा उद्यमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। राजस्थान का भीलवाड़ा जिला कपड़ा उद्योग में सिरमौर है और बजट घोषणा में प्रस्तावित मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना होने से वस्त्रनगरी के कपड़ा उद्योग को पंख लगने तय हैं। सालाना 40 हजार करोड़ का टर्नओवर, 8 हजार करोड़ का एक्सपोर्ट वस्त्रनगरी भीलवाड़ा में सालाना 40 हजार करोड़ का टर्नओवर और 8 हजार करोड़ से अधिक का निर्यात होता है। इस वित्त मंत्री की बजट घोषणा से इस औद्योगिक हब को मानों 'बूस्टर डोज' मिल गई है। उद्यमियों ने कहा कि बजट में 'मेगा टेक्सटाइल पार्क' की घोषणा हुई है जिससे अब यह शहर वैश्विक पटल पर चीन और वियतनाम जैसे देशों को सीधी टक्कर देने वाला है। वित्तमंत्री ने बजट में ये की घोषणाएं बजट 2026 में वित्त मंत्री ने कहा कि पुराने मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को मॉर्डन किया जाएगा और टेक्सटाइल स्किलिंग सिस्टम पर नया प्लान लॉन्च किया जाएगा। SME सेक्टर को मजबूत करने के लिए ₹10,000 करोड़ आवंटित किए गए हैं। बजट में टेक्सटाइल लेबर इंसेंटिव स्कीम और नेशनल हैंडलूम व हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम की घोषणा की गई है, इसके साथ ही चैलेंज मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव है, महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल (Mahatma Gandhi Gram Swaraj Initiative) को भी लॉन्च किया जाएगा। बजट 2026 में वित्त मंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल सेक्टर के लिए 5 प्वाइंट प्लान लॉन्च किया जाएगा और कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग के लिए ₹10,000 करोड़ का आवंटन किया गया है. खादी और हैंडीक्राफ्ट टेक्सटाइल को मजबूत करने के लिए एक योजना का प्रस्ताव रखा गया है। मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित किया जाएगा- वित्त मंत्री वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में 'चैलेंज मोड' में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। साथ ही, खादी और हथकरघा को मजबूत करने के लिए 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज' पहल शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा है। कपड़ा उद्योग के लिए बजट में क्या? रेशम ऊन और जूट से जुड़े फाइबरों में आत्मनिर्भरता के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना लाई जाएगी। पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकर के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना आएगी। बुनकरों और कारीगरों की मदद के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम लाए जाएंगे। प्रमुख घोषणाएं… वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी और परिधाओं को बढ़ावा देने के लिए टैक्स-इको पहल। वस्त्र कौशल परिवेश के आधुनिकीकरण और उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 का एलान। मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव। महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल शुरू करने का प्रस्ताव। हथकरघा उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमोट करने की जरूरत। यह प्रशिक्षण कौशल और उत्पादन गुणवत्ता को बेहतर बनाएगा। योजना से एक जिला-एक उत्पाद पहल और ग्रामीण युवाओं को लाभ मिलेगा। रेशम, ऊन और जूट के लिए राष्ट्रीय फाइबर योजना पारंपरिक क्लस्टरों के आधुनिकीकरण के लिए वस्त्र विस्तार एवं रोजगार योजना बुनकरों और कारीगरों के लिए राष्ट्रीय हथकरघा और हस्तशिल्प कार्यक्रम टैक्स-इको पहल से वैश्विक प्रतिस्पर्धी परिधानों को बढ़ावा वस्त्र कौशल उन्नयन के लिए समर्थ 2.0 मेगा टेक्सटाइल्स पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव

राजस्थान में ₹2,585 प्रति क्विंटल है समर्थन मूल्य पर शुरू हुई गेहूं की सरकारी खरीद

जयपुर. राजस्थान के लाखों किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रबी विपणन सीजन 2026-27 के तहत गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया आज 1 फरवरी से औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। भारत सरकार ने इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) ₹2,585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर और सुनिश्चित मूल्य मिल सकेगा। राज्य सरकार ने खरीद व्यवस्था को पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाते हुए ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली लागू की है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार किसान 1 फरवरी से 25 जून 2026 तक गेहूं बिक्री के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकेंगे। इसके लिए “गेहूं खरीद के लिए किसान रजिस्ट्रेशन पोर्टल” शुरू किया गया है। किसान घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं या फिर नजदीकी ई-मित्र केंद्र की सहायता ले सकते हैं। पंजीकरण के लिए अद्यतन जन आधार कार्ड अनिवार्य रखा गया है। सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। किसानों द्वारा बेचे गए गेहूं का पैसा सीधे जन आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और भुगतान में देरी की समस्या भी नहीं आएगी। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे समय रहते अपने बैंक खाते को जन आधार से लिंक करा लें। राज्य में गेहूं की खरीद 10 मार्च से 30 जून 2026 तक की जाएगी। इसके लिए प्रदेशभर में 383 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर भारतीय खाद्य निगम (FCI), राजफेड, तिलम संघ, नाफेड, एनसीसीएफ तथा इस वर्ष से राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से खरीद की जाएगी। सभी केंद्रों पर सुचारु व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को पंजीकरण, खरीद तिथि और अन्य सूचनाएं एसएमएस के माध्यम से भी भेजी जाएंगी। किसी भी समस्या या जानकारी के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14435 जारी किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान को उसकी उपज का सही मूल्य समय पर मिले और खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।

हरियाणा में 6 लाख एकड़ खारी जमीन को खेती योग्य बनाएगी सरकार

चंडीगढ़. केंद्रीय बजट 2026 में हरियाणा के लिए सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष लाभ कृषि क्षेत्र को लेकर सामने आया है। लंबे समय से राज्य के हजारों किसानों की समस्या बनी जलभराव और खारी जमीन को लेकर केंद्र ने पहली बार स्पष्ट और लक्षित हस्तक्षेप का संकेत दिया है। बजट में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत विशेष प्रावधानों के साथ तकनीकी और वित्तीय सहयोग का रास्ता खोला गया है, जिससे हरियाणा की करीब 6 लाख एकड़ प्रभावित भूमि को दोबारा खेती योग्य बनाने की दिशा तय मानी जा रही है। हरियाणा की भौगोलिक स्थिति और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को देखते हुए केंद्र सरकार ने बजट में राज्य की उस समस्या को प्राथमिकता दी है, जो दशकों से उत्पादन और आय दोनों को प्रभावित कर रही थी। झज्जर, रोहतक, सोनीपत, हिसार, फतेहाबाद, जींद और सिरसा जैसे जिलों में जलस्तर ऊपर आने और लवणता बढ़ने से फसलें लगातार कमजोर होती गईं। बजट 2026 में इस चुनौती से निपटने के लिए वर्टिकल ड्रेनेज और सब-सरफेस ड्रेनेज जैसी आधुनिक तकनीकों को अपनाने का प्रस्ताव रखा गया है। बजट के बाद हरियाणा में जलभराव से प्रभावित भूमि के सुधार के लिए अगले 3 से 5 वर्षों का लक्ष्य तय किया गया है। इसके तहत खेतों में जमीन के नीचे पाइपों का जाल बिछाकर अतिरिक्त पानी और नमक को बाहर निकाला जाएगा। इस तकनीक से पहले जिन खेतों में फसल उगाना मुश्किल था, वहां दोबारा खेती संभव हो सकेगी। केंद्र और राज्य की साझा रणनीति के तहत लागत का बड़ा हिस्सा सरकार वहन करेगी। हरियाणा में करीब 12 लाख एकड़ कृषि क्षेत्र ऐसा है, जहां भूजल स्तर खतरनाक रूप से ऊपर पहुंच चुका है। इनमें से लगभग 6 लाख एकड़ भूमि गंभीर जलभराव और लवणता से प्रभावित है। झज्जर, रोहतक, सोनीपत, हिसार, फतेहाबाद, जींद और सिरसा जिले इस समस्या से सबसे अधिक जूझ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, इन इलाकों में फसल उत्पादन 30 से 70 प्रतिशत तक घट चुका है। बजट के बाद ड्रेनेज सिस्टम, माइक्रो-इरिगेशन और जल संग्रहण योजनाओं को एकीकृत रूप से लागू किया जाएगा। हरियाणा सरकार ने लंबे समय से जलभराव और खारी जमीन की समस्या को प्रदेश के लिए गंभीर कृषि संकट बताते हुए केंद्र के समक्ष रखा था। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वयं यह मांग केंद्र सरकार से की गई थी कि सेम से प्रभावित क्षेत्रों को प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति मानकर विशेष सहायता दी जाए। बजट 2026 में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत किए गए प्रावधानों को इसी मांग की स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है, जिससे राज्य की रणनीति को केंद्र का समर्थन मिला है।

हरियाणा में पात्र अनुबंध कर्मचारियों के लिए 20 फरवरी तक फिर खुला HKRNL पोर्टल

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने पात्र अनुबंध कर्मचारियों को राहत दी है। सरकार ने कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा लाभ सुनिश्चित करने के लक्ष्य से HKRNL के पोर्टल को फिर से खोलने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि हरियाणा सरकार की तरफ से अनुबंध पर काम कर रहे कर्मचारियों को उनकी सेवा की सुरक्षा दी जा रही है. इसके लिए सरकार ने एक पोर्टल शुरू किया था। मुख्य सचिव कार्यालय की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक एचकेआरएनएल पोर्टल सिर्फ उन अनुबंध कर्मचारियों के लिए फिर से खोला जाएगा, जिनकी नियुक्ति 31 मार्च 2022 या उससे पहले हुई थी और जो फिलहाल में सेवा में कार्य कर रहें हैं। डाटा अपडेशन एवं पोर्टिंग के लिए विंडो 20 फरवरी तक खुली रहेगी। वहीं यह फैसला ऐसे अनुबंध कर्मचारियों द्वारा दिए गए बहुत से प्रतिवेदनों को ध्यान में रखते लिया गया है, जो अधिनियम एवं नियमों के अंतर्गत पात्र होने तथा 15 अगस्त 2024 तक 5 साल से ज्यादा की सेवा पूरी करने के बावजूद OTP हासिल न कर पाने या गलत डाटा एंट्री होने की वजह से अप्लाई नहीं कर पा रहे थे। जिसके लिए यह फैसला लिया गया है। 

साध्वी प्रेम बाईसा की रहस्यमयी मौत: जांच तेज, आश्रम में SIT-FSL की बड़ी कार्रवाई

जोधपुर साध्वी प्रेम बाईसा की मौत से जुड़े मामले में जांच तेज हो गई है। इस मामले की तह तक जाने के लिए गठित SIT की टीम पूरी सक्रियता के साथ जांच में जुटी हुई है। इसी कड़ी में एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम भी आज एक बार फिर साध्वी के आश्रम पहुंची, जहां घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, आश्रम परिसर से अहम साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, ताकि मौत की असल वजह का पता लगाया जा सके। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कारण का नहीं हुआ खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में साध्वी की मौत का साफ कारण नहीं निकल पाया है। मगर मेडिकल सूत्रों के मुताबिक उनकी छोटी और बड़ी आंत में लाल निशान मिले हैं, जो अक्सर जहर के असर से होते हैं। अगर सच में जहर का शक सही है, तो आगे की जांच में यह साफ होगा। अब उनके आंतरिक अंगों (जैसे फेफड़े, यकृत, गुर्दा, आंत) की रासायनिक जांच हो रही है। FSL की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चलेगा कि शरीर में कोई जहरीला पदार्थ था या नहीं और अगर था, तो वह कैसे पहुंचा। पुलिस ने आश्रम के बाहर दो अस्थालाइन की बोतलें भी बरामद की हैं। इसके चलते सवाल उठ रहे हैं कि क्या साध्वी को अस्थमा की दिक्कत थी। अस्थमा के मरीजों को अक्सर डेक्सोना इंजेक्शन दिया जाता है, जो स्टेरॉयड है और फेफड़ों की सूजन कम करता है। लेकिन ज्यादा मात्रा में यह खतरनाक भी हो सकता है।

पैरोल पर आए राम रहीम ने किया लाइव सत्संग

चंडीगढ़/सिरसा. साध्वी से दुष्कर्म और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में सजा भुगत रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह पैरोल पर आने के बाद पहली बार सार्वजनिक तौर पर लाइव कार्यक्रमों के जरिए अनुयायियों से जुड़ा। कानूनी पाबंदियों और संगत की भीड़ पर रोक के चलते यह फैसला लिया गया है। सिरसा, हिसार, कैथल, फतेहाबाद, पानीपत समेत 11 जगह पर कार्यक्रम हुए। गुरमीत राम रहीम सत्संग के दौरान नशा जैसी कुरीतियों के खिलाफ प्रवचन दिया और अनुयायियों को प्रेरित किया। सिरसा में यह कार्यक्रम कपास अनाज मंडी में रविवार सुबह 10 बजे से शुरू हुऐ और दो से तीन घंटे तक चला। इसके अलावा पंजाब में डेरा सच्चा सौदा और मानवता भलाई केंद्र की कई शाखाओं में भी लाइव सत्संग का आयोजन किया गया । सूत्रों के अनुसार गुरमीत सिरसा डेरा गुरुकुल से ऑनलाइन जुड़ेगा और बड़ी स्क्रीन के माध्यम से लाइव सत्संग दिखाया गया। अनुयायियों को पोस्टर जारी कर कार्यक्रम और पांच मुख्य विषयों के बारे में जानकारी दी गई है। सिरसा मंडी में कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन से अनुमति ले ली गई है। सिरसा डेरा प्रवक्ता जितेंद्र खुराना ने कहा कि यह कार्यक्रम सामाजिक बुराइयों को त्यागने को लेकर है। खासकर नशा जैसी बुराई के त्याग के लिए गुरुजी अपना संदेश ऑनलाइन देंगे।

औद्योगिक क्षेत्र बगरोदा भोपाल के लिये एमपी ट्रांसको ने उर्जीकृत किया अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि भोपाल के औद्योगिक इकाइयों को विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने 132 के.व्ही. सबस्टेशन बगरोदा भोपाल में एक अतिरिक्त 50 एम.व्ही.ए. क्षमता का पावर ट्रांसफार्मर स्थापित कर उर्जीकृत किया है। इससे जहाँ अब बगरोदा (भोपाल) क्षेत्र की औद्योगिक इकाइयों के लिये एक अतिरिक्त पावर ट्रांसफार्मर की व्यवस्था हो गई है, वही अब दो ट्रांसफार्मर होने से मेनटेनेन्स के लिये शटडाउन लेने आदि की समस्या से भी निजात मिली है। इन क्षेत्रों को भी होगा फायदा एम पी ट्रांसको भोपाल के अतिरिक्त मुख्य अभियंता  प्रदीप राघव ने बताया कि बगरोदा में दूसरे पावर ट्रांसफार्मर की स्थापना से औद्योगिक केंद्र विकास निगम रामाखेड़ी, उमरावगंज, सोलर इनर्जी, दुर्गास्टील 33 के.व्ही. फीडरो से जुड़े उपभोक्ताओं को लाभ होगा। अब उन्हें बेहतर गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उचित वोल्टेज पर प्राप्त हो जाऐगी। इस क्षमता वृद्धि से बगरोदा सबस्टेशन की क्षमता बढ़कर 90 एम.व्ही.ए. की हो गई है। भोपाल की ट्रांसफॉर्मेशन कैपेसिटी में वृद्धि  राघव ने जानकारी दी कि भोपाल जिले में एमपी ट्रांसको अपने कुल 18 एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों के माध्यम से विद्युत पारेषण करती है, इसमें 400 के.व्ही. का एक, 220 के.व्ही के 4, 132 के.व्ही. के 13 सबस्टेशन शामिल हैं। इनकी कुल ट्रांसफॉर्मेशन क्षमता बढ़कर अब 4603 एम.व्ही.ए. की हो गई है।  

केंद्रीय बजट में महिलाओं, बच्चों और वंचित वर्गों के लिए समावेशी दृष्टिकोण : सुश्री निर्मला भूरिया

भोपाल महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट महिलाओं, बच्चों, किशोरियों और वंचित वर्गों के सर्वांगीण विकास को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। बजट में महिला सशक्तिकरण, पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता देना सरकार की संवेदनशील एवं दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि आंगनवाड़ी, पोषण अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य तथा बाल संरक्षण से जुड़ी पहलों को मजबूती मिलने से जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन आएगा। इससे न केवल महिलाओं की सामाजिक–आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी, बल्कि बच्चों के बेहतर भविष्य की नींव भी मजबूत होगी। मंत्री सुश्री भूरिया ने विश्वास व्यक्त किया कि यह बजट ‘सबका साथ-सबका विकास और सबका विश्वास’ के संकल्प को साकार करेगा, साथ ही राज्यों को केंद्र सरकार के साथ मिलकर महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में प्रभावी क्रियान्वयन का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश सरकार केंद्रीय बजट के प्रावधानों को राज्य में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगी।  

सूरजकुंड मेले में उपराष्ट्रपति ने चखा गोहाना का जलेबा का स्वाद

फरीदाबाद. सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय आत्मनिर्भर शिल्प महोत्सव के पहले दिन ही गोहाना का जलेबा ने मेले की चौपाल पर मिठास भर दी। मुख्यमंत्री नायब सैनी ने मंच पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्ण को जलेबा का स्वाद लेने के लिए जलेबा परोसा। सीएम ने कहा कि इसकी मिठास अपनत्व का प्रतीक है। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने जलेबा का स्वाद लेते हुए का कि यह मिठाई नहीं बल्कि हरियाणा की संस्कृति की पहचान और आत्मनिर्भरता की गौरव गाथा है। क्योंकि यह खास जलेबा सिर्फ इसी प्रदेश में मिल सकती है। उपराष्ट्रपति की इस बात पर मुख्यमंत्री ने कहा कि जलेबी हमारे प्रदेश की लोकसंस्कृति से भी जुड़ी है। मंच पर मौजूद पर्यटन मंत्री ने कहा कि जलेबा का स्वाद ही ऐसा हैं। जो इसको पूरे देश में खास बना देता हैं। सूरजकुंड मेला हर प्रोडेक्ट को लोकल टू ग्लोबल बना देता हैं। इस मेले में आकर ही गोहाना का जलेबा राष्ट्रीय से अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा। उन्होंने कहा कि गोहाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। गोहाना की जलेबी से उनका भावनात्मक जुड़ाव है। इस दौरान इजिप्ट के एंबेसडर कामिल जायद गलाल और डिप्टी एंबेसडर दालिया तांतवे ने भी जलेबा का स्वाद लिया। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों और दर्शकों ने इसे हरियाणा की सांस्कृतिक विरासत का जीवंत उदाहरण बताया।