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लखनऊ में खाद्य विभाग की समीक्षा बैठक, 25 लाख टन लक्ष्य पर जोर

 लखनऊ  खाद्य तथा रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने गेहूं खरीद की गति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि खरीद का लक्ष्य पाने के लिए तेजी से प्रयास किए जाएं। क्रय केंद्रों पर किसानों को परेशानी न हो। खाद्य तथा रसद राज्यमंत्री ने दिए निर्देश राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने शुक्रवार को आयोजित बैठक में बताया गया कि गेहूं खरीद के लिए 5797 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। भारत सरकार ने 25 लाख टन की खरीद का लक्ष्य तय किया है और अब तक 190704 किसानों से 9.75 लाख टन (39.01 प्रतिशत) की खरीद हो चुकी है। जबकि पिछले वर्ष इस अवधि में 9.19 लाख टन की खरीद हुई थी। मंत्री ने राशन की दुकानों पर ई-पास मशीनों से खाद्यान्न वितरण की नियमित जांच के भी निर्देश दिए। मंत्री ने 60 प्रतिशत से कम प्रगति वाले जिलों में गति बढ़ाने के निर्देश दिए। बताया गया कि खाद्यान्न वितरण की ऑनलाइन रिपोर्ट की मानिटरिंग की जा रही है और विभागीय कार्मिकों द्वारा फील्ड स्तर पर मोबाइल इंस्पेक्शन एप से आनलाइन जांच भी की जा रही है। इसकी औसत प्रगति 71.31 प्रतिशत है। मंत्री ने 60 प्रतिशत से कम प्रगति वाले जिलों में गति बढ़ाने के निर्देश दिए। ई-केवाईसी और अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण जल्द पूरा कराने के भी निर्देश दिए मंत्री ने राशन कार्ड धारकों की ई-केवाईसी और अन्नपूर्णा भवनों का निर्माण जल्द पूरा कराने के भी निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव एवं आयुक्त रणवीर प्रसाद, अपर आयुक्त (प्रशासन) कामता प्रसाद सिंह, अपर आयुक्त (आपूर्ति) सत्यदेव, वित्त नियंत्रक शशि भूषण तोमर, संभागीय खाद्य नियंत्रक (मुख्यालय) अशोक कुमार पाल आदि मौजूद रहे।  

रिकॉर्ड गेहूं खरीद: पंजाब में 100 LMT पार, ₹21,000 करोड़ से अधिक की पेमेंट जारी

चंडीगढ़. चंडीगढ़. राज्य की मंडियों में गेहूं की आवक और खरीद दोनों ही 100 लाख मीट्रिक टन (एलएमटी) के आंकड़े को पार कर गए हैं। अब तक 1,03,49,917.17 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हो चुकी है, जबकि 1,00,15,024.35 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क के कुशल नेतृत्व में विभाग द्वारा राज्यभर की मंडियों में बारदाना, पीने के साफ पानी के साथ-साथ स्वच्छता संबंधी पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। इसके कारण गेहूं की आवक, खरीद और लिफ्टिंग में तेजी आई है तथा समय पर भुगतान सुनिश्चित किया गया है, जिससे किसान, आढ़ती और मजदूरों सहित सभी हितधारकों के हितों की रक्षा हुई है। किसानों को किए गए भुगतान के संबंध में, 48 घंटे के भीतर खरीदी गई गेहूं के लिए 21,422.09 करोड़ रुपये की राशि उनके खातों में ट्रांसफर कर दी गई है। आज यहां अनाज भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि सरकारी एजेंसियों द्वारा खरीद 100 लाख मीट्रिक टन के आंकड़े को पार कर गई है और वर्तमान समय में मंडियों से 103 लाख मीट्रिक टन गेहूं की सरकारी खरीद की जा चुकी है। किसानों को अदायगी के संबंध में उन्होंने बताया कि किसानों के खातों में 22,815 करोड़ रुपये की राशि जमा करवाई जा चुकी है। अब तक 6,28,674 किसान अपनी उपज मंडियों में ला चुके हैं। उन्होंने आगे बताया कि उठाई भी तेजी से की जा रही है और 47.37 लाख मीट्रिक टन गेहूं की उठाई हो चुकी है, जो कि 72 घंटों के नियमों के अनुसार 56.6 प्रतिशत है। इसके अलावा सुचारू और निर्विघ्न खरीद सुनिश्चित करने के लिए राज्य भर में कुल 2885 खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं और इनमें से 1864 नियमित किए गए हैं जबकि 1021 अस्थायी हैं। मंत्री ने आगे बताया कि इस बार उपज बहुत ज्यादा रही है, जिसके कारण पंजाब में बंपर फसल हुई है। इससे 124 लाख मीट्रिक टन के लक्ष्य को सफलतापूर्वक पूरा करने में बहुत मदद मिलेगी। अधिक जानकारी देते हुए कटारूचक्क ने बताया कि वह नियमित अंतरालों पर राज्य भर की मंडियों का दौरा कर रहे हैं और किसी भी किसान ने मंडियों में किए गए प्रबंधों के बारे में कोई शिकायत नहीं की है। इसके साथ ही बारदाने, साफ-सफाई, पीने का पानी और लकड़ी के क्रेट जैसी सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की गई हैं।

MSP सीजन की शुरुआत: पंजाब में गेहूं खरीद चालू, बाहरी राज्यों पर सख्ती

चंडीगढ़. गेहूं खरीद का सीजन पहली अप्रैल से शुरू हो रहा है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग इस बार अन्य राज्यों से आने वाले गेहूं को रोकने के लिए सीमा पर नजर रखेगा। विभाग के मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रकों को राज्य की मंडियों में बाहरी राज्यों से गेहूं की बिक्री पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि विभाग गेहूं खरीद के लिए पूर्ण रूप से तैयार हैं। उम्मीद है कि इस बार मंडियों में 122 लाख टन गेहूं आ सकता है। इसके लिए विभाग ने 1987 खरीद केंद्रों को अधिसूचित किया है। बता दें कि आरबीआई ने अप्रैल माह के लिए 20,973 करोड़ की सीसीएल जारी की है। दूसरे राज्यों से अनाज लाकर पंजाब में एमएसपी पर बेचने के मामले में विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आमतौर पर गेहूं के सीजन में ऐसा कम देखने को मिलता है। मुख्य समस्या धान के सीजन में आती है। पंजाब सरकार ने इस बार मंडियों में दूसरे राज्यों से आने वाले गेहूं पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक ने अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट किया कि बाहरी गेहूं की खरीद किसी भी सूरत में नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रकों को सख्ती से निगरानी करने को कहा गया है। मंत्री ने बताया कि राज्य में 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी और सभी मंडियों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बारदाना पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। अधिकारियों को मंडियों में साफ-सफाई, बिजली और पेयजल जैसी मूल सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो। सरकार ने इस सीजन के लिए 122 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा है जबकि विभाग ने 132 एलएमटी तक खरीद के लिए इंतजाम किए हैं। इसके लिए 1897 खरीद केंद्र अधिसूचित किए गए हैं और 266 अतिरिक्त अस्थायी यार्डों के प्रस्ताव भी प्राप्त हुए हैं। केंद्र सरकार से अप्रैल माह के लिए 30,973 करोड़ रुपये की नकद ऋण सीमा भी मिल चुकी है। भंडारण व्यवस्था पर जोर मंत्री ने बताया कि भंडारण को लेकर केंद्र से लगातार बातचीत की जा रही है ताकि नई फसल के लिए पर्याप्त जगह मिल सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उपायुक्तों के साथ तालमेल बनाए रखें और मंडियों में तिरपाल व अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।

मंडी में पूरी तैयारी: गेहूं खरीद शुरू, किसानों को मिलेगा समय पर पैसा

कैथल. कैथल की अनाज मंडी में गेहूं व सरसों की खरीद को लेकर मंडी प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी एक अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने जा रही है। इसी को ध्यान में रखते हुए मंडी परिसर में साफ-सफाई, पेयजल, बिजली तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया गया है। मंडी का निरीक्षण करने पर साफ दिखाई दिया कि प्रशासन द्वारा सभी व्यवस्थाएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। मार्केट कमेटी सचिव ओम प्रकाश ने बताया कि गेहूं की खरीद निर्धारित समय पर शुरू कर दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इससे पहले सरसों की खरीद के लिए भी मंडी में अलग से सेंटर स्थापित किया गया है, जिससे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि इस बार मौसम के कारण गेहूं की फसल मंडी में थोड़ी देरी से आने की संभावना है, लेकिन खरीद प्रक्रिया को लेकर सभी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली गई हैं। मंडी में पानी, बिजली, शेड और सफाई व्यवस्था को विशेष रूप से बेहतर बनाया गया है। सचिव ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे अपनी गेहूं व सरसों की फसल को अच्छी तरह साफ व सुखाकर ही मंडी में लाएं, ताकि खरीद के दौरान किसी प्रकार की कटौती या परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसानों को खरीद के दौरान किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी और उनकी उपज का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

किसानों के लिए खुशखबरी! 2585 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं खरीदेगी सरकार, ये काम करना होगा अनिवार्य

भोपाल मध्यप्रदेश में इस बार समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी 2585 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से की जाएगी। इसके लिए राज्य सरकार तैयारियों में जुटी है। रबी विपणन वर्ष 2026-27 में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए किसानों को पंजीयन कराना जरूरी है। पंजीयन का काम 7 मार्च तक जारी रहेगा। प्रदेश के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया ​कि समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए अब तक एक लाख 81 हजार 793 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। उन्होंने किसानों से अपील की है कि निर्धारित समय में पंजीयन जरूर करा लें। मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि अभी तक इंदौर संभाग में 27175, उज्जैन में 73398, ग्वालियर में 3358, चंबल में 1449, जबलपुर में 12342, नर्मदापुरम में 11698, भोपाल में 41268, रीवा में 3242, शहडोल में 726 और सागर संभाग में 7137 किसानों ने पंजीयन कराया है। उन्होंने बताया कि किसान पंजीयन की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपए प्रति क्विंटल एमपी में गेहूं खरीदी के लिए इस बार कुल 3186 पंजीयन केंद्र बनाए गए हैं। केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2026-27 के लिये गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2585 रूपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। यह पिछले साल से 160 रूपए अधिक है।   पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्रों पर पंजीयन की निःशुल्क व्यवस्था की गई है। तहसील कार्यालयों के सुविधा केंद्रों और सहकारी समितियों एवं सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंदों पर भी निशुल्क पंजीयन किए जा रहे हैं। इधर एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केंद्रों और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफों पर पंजीयन का शुल्क देना होगा।

राजस्थान में ₹2,585 प्रति क्विंटल है समर्थन मूल्य पर शुरू हुई गेहूं की सरकारी खरीद

जयपुर. राजस्थान के लाखों किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। रबी विपणन सीजन 2026-27 के तहत गेहूं की सरकारी खरीद प्रक्रिया आज 1 फरवरी से औपचारिक रूप से शुरू हो गई है। भारत सरकार ने इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) ₹2,585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है, जिससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर और सुनिश्चित मूल्य मिल सकेगा। राज्य सरकार ने खरीद व्यवस्था को पारदर्शी, सरल और डिजिटल बनाते हुए ऑनलाइन पंजीकरण प्रणाली लागू की है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अनुसार किसान 1 फरवरी से 25 जून 2026 तक गेहूं बिक्री के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करवा सकेंगे। इसके लिए “गेहूं खरीद के लिए किसान रजिस्ट्रेशन पोर्टल” शुरू किया गया है। किसान घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर से स्वयं पंजीकरण कर सकते हैं या फिर नजदीकी ई-मित्र केंद्र की सहायता ले सकते हैं। पंजीकरण के लिए अद्यतन जन आधार कार्ड अनिवार्य रखा गया है। सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल कर दिया है। किसानों द्वारा बेचे गए गेहूं का पैसा सीधे जन आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और भुगतान में देरी की समस्या भी नहीं आएगी। विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे समय रहते अपने बैंक खाते को जन आधार से लिंक करा लें। राज्य में गेहूं की खरीद 10 मार्च से 30 जून 2026 तक की जाएगी। इसके लिए प्रदेशभर में 383 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर भारतीय खाद्य निगम (FCI), राजफेड, तिलम संघ, नाफेड, एनसीसीएफ तथा इस वर्ष से राजस्थान राज्य खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति निगम के माध्यम से खरीद की जाएगी। सभी केंद्रों पर सुचारु व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को पंजीकरण, खरीद तिथि और अन्य सूचनाएं एसएमएस के माध्यम से भी भेजी जाएंगी। किसी भी समस्या या जानकारी के लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14435 जारी किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि हर किसान को उसकी उपज का सही मूल्य समय पर मिले और खरीद प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।