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धीरेंद्र शास्त्री की पहल: 300 लड़कियों के विवाह के लिए 1 दिसंबर से रजिस्ट्रेशन, 15 फरवरी को होगा महोत्सव

छतरपुर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं. वे अपनी कथाओं, बयानों, यात्रा सहित हिंदू राष्ट्र बनाने की मांग को लेकर चर्चा में रहते हैं. इस बार धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर एक अच्छी खबर दी है. जहां उन्होंने गरीब बेटियों की शादी कराने की घोषणा करते हुए रजिस्ट्रेशन की तारीख बताई. बागेश्वर् बाबा ने इस आयोजन में जुड़ने की सभी से अपील की. धीरेंद्र शास्त्री कराएंगे 300 बेटियों का विवाह सिद्ध पीठ बागेश्वर धाम में हर साल शिवरात्रि के दिन सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव का आयोजन किया जाता है. इस महोत्सव के माध्यम से उन गरीब बेटियों को परिणय सूत्र में बांधा जाता है, जो बेसहारा, मातृ पितृहीन, अर्थहीन हैं. 15 फरवरी 2026 को होने वाले इस महोत्सव में 300 बेटियों को वैवाहिक बंधन में बांधा जाएगा. 1 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच बेटियों के रजिस्ट्रेशन होंगे. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सामूहिक कन्या विवाह महोत्सव के संबंध में बताया कि "इस साल 300 बेटियों का विवाह करने का निर्णय लिया गया है. विवाह के लिए 1 दिसंबर से शुरु है रजिस्ट्रेशन 1 दिसंबर से 15 दिसंबर के बीच धाम के कार्यालय नंबर-5 में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया चलेगी. इस महोत्सव में उन बेटियों के विवाह किए जाते हैं, जो बेसहारा, अत्यंत निर्धन परिवार, मातृ-पितृ हीन हैं. उन्होंने बताया कि बागेश्वर धाम में आने वाले दान से बेटियों का विवाह किया जाएगा. बागेश्वर बाबा ने कहा कि अगर देशभर के मंदिरों की दान पेटियों से बेटियों का घर बसने लगेगा, तो मानस मंदिर भी घर-घर बनने लगेगा है. इस दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने लोगों से इस आयोजन से जुड़ने की अपील की. लोगों से सही डॉक्यूमेंट्स लाने की अपील उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि जो भी रजिस्ट्रेशन कराने आएगा, वह पूरी तरह से सही दस्तावेज लेकर आए. बागेश्वर धाम की टीम घर-घर जाकर उनकी जांच करेगी. धीरेंद्र शास्त्री ने कहा जितने ज्यादा से ज्यादा लोगों तक उनकी बात पहुंचेगी, उतने ही जरुरतमंद की मदद होगी. 15 फरवरी को बागेश्वर धाम में बड़ा महोत्सव होगा. जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होने पहुंचेंगे.

अब पुलिसकर्मियों को बाल कटवाने या क्लीन शेव रखने की जरूरत नहीं, छत्तीसगढ़ पुलिस ने किया स्पष्ट

रायपुर  राज्य पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बाल जीरो कट रखने और क्लीन शेव अनिवार्य होने को लेकर फैल रही चर्चाओं पर अब स्थिति स्पष्ट हो गई है। पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) ने आरटीआई के माध्यम से बताया है कि इस संबंध में न तो कोई प्रशासनिक आदेश जारी हुआ है और न ही प्रशासन शाखा या उप शाखा के किसी अभिलेख में ऐसा कोई उल्लेख मौजूद है। इसका अर्थ है कि पुलिसकर्मियों के लिए लंबे बाल या दाढ़ी रखना अनुशासनहीनता की श्रेणी में नहीं आता। यह जानकारी संयुक्त पुलिस कर्मचारी एवं परिवार कल्याण संघ के अध्यक्ष उज्जवल दीवान द्वारा लगाए गए आरटीआई आवेदन के जवाब में सामने आई है। जानकारी के अनुसार, दीवान ने 13 अक्टूबर को आवेदन लगाया था, जिस पर 12 नवंबर को एआईजी अंशुमान सिसोदिया ने जवाब दिया। दीवान ने बताया कि वर्ष 1861 से पुलिस व्यवस्था पर अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों का प्रभाव रहा है और कई पुराने, अप्रचलित नियम आज भी व्यवहार में लाए जा रहे हैं। दाढ़ी बढ़ाने पर किया जाता था दंडित उन्होंने आरोप लगाया कि कई पुलिसकर्मियों को केवल बाल जीरो कट न कराने या दाढ़ी बढ़ाने पर अनुशासनहीनता बताकर दंडित किया गया, जबकि संबंधित अधिकारियों को भी इस संबंध में वास्तविक नियमों की जानकारी नहीं थी। दीवान का कहना है कि वर्तमान में कई स्थानों पर हर मंगलवार और शुक्रवार को बाल जीरो कट रखना अनिवार्य बताया जाता है, जिससे जवानों को अनावश्यक अपमान झेलना पड़ता है।  

डेप्युटी CM ने हिड़मा की मां से की लंच मुलाकात, नक्सलियों के नेता ने सरेंडर पर सोचा

सुकमा  माओवादियों के टॉप लीडर माड़वी हिड़मा के एनकाउंटर के बाद नक्सली संगठन में खौफ दिख रहा है। नक्सली संगठनों ने एक बार फिर हथियारबंद युद्ध रोकने के लिए तीन राज्यों के सीएम को लेटर लिखा है। वहीं, दूसरी तरफ एक खूंखार नक्सली के सरेंडर की अटकलें लगाई जा रही है। हिड़मा की मौत के बाद उसका दोस्त माने जाने वाला नक्सली देवा बारसे सरेंडर कर सकता है। देवा के सरेंडर को लेकर दावा किया जा रहा है कि वह सरेंडर के लिए बातचीत कर रहा है। दावा किया जा रहा है कि बटालियन कमांडर देवा बारसे अपने साथियों के साथ आत्मसमर्पण करना चाहता है लेकिन वह कन्फयूज्ड है कि किस राज्य में सरेंडर करे। पिछले दो तीन दिनों से नक्सली देवा के सरेंडर को लेकर खबरें आ रही हैं। हालांकि इसे लेकर अभी तक सुरक्षाबल के जवानों ने कोई अधिकारिक घोषणा नहीं की है। दावा किया गया है कि हिड़मा की मौत के बाद से देवा काफी परेशान है और वह आने वाले दिनों ने सरेंडर कर सुकमा लौटना चाहता है। सरेंडर को लेकर क्यों कन्फयूज्ड है देवा देवा और उनके साथी को लेकर यह कहा जा रहा है कि वह इस बात को लेकर कन्फयूज्ड हो गया है कि वह छत्तीसगढ़ में सरेंडर करे या फिर किसी दूसरे राज्य में। वह किस तरह से सरेंडर करे कि आत्मसमर्पण करने के बाद वह सुरक्षित रह सके और शासन की योजनाओं का लाभ भी ले सके। देवा की मां से मिले थे डेप्युटी सीएम डेप्युटी सीएम विजय शर्मा ने हाल ही में सुकमा जिले के पूवर्ती गांव का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने हिड़मा और देवा के मां से मुलाकात की थी। दोनों की मां से अपील की थी कि नक्सली विचारधारा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट आएं। जिसके बाद देवा और हिड़मा की मां ने अपील की थी कि बेटा जहां भी हो लौट आओ। जंगल में भटकने से कोई फायदा नहीं होगा। इस अपील के 8 दिन बाद ही हिड़मा का एनकाउंटर हो गया था। पूर्वती का रहने वाला है देवा खूंखार नक्सली देवा सुकमा जिले के पूवर्ती का ही रहने वाला है। उसे हिड़मा का खास माना जाता था। कहा जाता है कि हिड़मा से प्रभावित होकर ही वह नक्सली विचारधारा में शामिल हुआ था। लेकिन उसकी मौत के बाद वह टूट गया। छत्तीसगढ़ सरकार ने उसके सिर पर 25 लाख रुपए का इनाम रखा है। हिड़मा की तरह देवा भी AK-47 हमेशा अपने साथ रखता है। 

पीएम योजना से बैकुंठपुर की शीतल गुप्ता का घर हुआ रोशन, बिजली बिलों से मिली राहत

रायपुर केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ़्त बिजली योजना से कोरिया जिले के बैकुंठपुर निवासी  शीतल गुप्ता का घर रोशन हुआ है। वे इस योजना का लाभ लेकर अपने घर का ऊर्जा बचत और आत्मनिर्भरता की राह पर आगे बढ़ा है।     पीएम सूर्यघर योजना के हितग्राही  गुप्ता बताते हैं कि उन्हें इस योजना की जानकारी समाचार पत्रों के माध्यम से मिली। योजना के बारे में विस्तार से जानने के बाद वे निकटतम बिजली कार्यालय पहुँचे और वहां आवश्यक प्रक्रिया समझकर आवेदन किया।     उन्होंने अपने घर की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगाने का निर्णय लिया, जिसके लिए उन्हें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से ऋण भी सहज रूप से उपलब्ध हो गया। सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार से मिलने वाली 78 हजार रुपए की सब्सिडी उन्हें समय पर प्राप्त हो गई।      गुप्ता का कहना है कि इस योजना से जुड़कर उन्हें अब महंगे बिजली बिलों से छुटकारा मिलने की उम्मीद है। साथ ही, वे इसे एक ऐसा कदम मानते हैं जो न केवल परिवार पर आर्थिक बोझ कम करेगा बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान देगा।पीएम सूर्यघर योजना के माध्यम से शीतल गुप्ता जैसे लाभार्थी अब स्वच्छ, सस्ती और सतत ऊर्जा की ओर बढ़ते नए भारत के प्रतीक बनते जा रहे हैं।

RSS नेता के बयान के बाद MP में 2 बच्चे की नीति पर उठा सवाल, कानून में बदलाव की संभावना

भोपाल  बच्चे तीन भी अच्छे… राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत का यह बयान मध्यप्रदेश के 400 से अधिक सरकारी सेवकों के लिए संजीवनी लेकर आने वाला है। ये वे शासकीय सेवक हैं, जिनके घरों में कई कारणों से तीन संतानें पैदा हुईं। तब से उन्हें नौकरी जाने का खतरा सता रहा है। कई की तो विभाीय जांच भी चल रही है। कुछ को बड़े अफसर या विरोधी बार-बार धमका रहे हैं। संघ प्रमुख के बयान के बाद अफसर-कर्मचारी दो बच्चों(Two child law) से ज्यादा पैदा नहीं करने वाली सरकारी बंदिश हटाने की गुहार लगा रहे हैं। सरकार ने इस आधार पर प्रस्ताव तैयार किया है। एक दौर की चर्चा के बाद ये बंदिश हटाई जा सकती है। इसके बाद इन 400 से अधिक शासकीय सेवकों की नौकरी से संकट टल जाएगा। राज्य के 12 लाख शासकीय, संविदाकर्मी और विभिन्न सेवाओं के शासकीय सेवक बड़ा परिवार करना चाहेगा, वे भी कानूनी पेंच से बच जाएंगे।  मोहन भागवत का बयान देश की जनसंख्या नीति 2:1 बच्चों की है। एक परिवार में 3 बच्चे होने चाहिए। हर नागरिक को सुनिश्चित करना चाहिए कि उसके परिवार में 3 बच्चे हों। (संघ प्रमुख मोहन भागवत ने 28 अगस्त को आरएसएस के शताब्दी समारोह में कहा था।) दिग्विजय सरकार में लागू हुआ था दो बच्चों वाला नियम 24 साल पहले जनसंख्या नियंत्रण की चुनौतियां देख कांग्रेस की तत्कालीन दिग्विजय सिंह की सरकार ने 2001 में मप्र सेवा भर्ती सामान्य शर्ते नियम 1961 के नियम में बदलाव किया था। इसके तहत शासकीय सेवकों के लिए दो(Two child law) से ज्यादा बच्चों पर बंदिशें लगा दी थी। नियमों के बाद भी इसलिए हुए 3 बच्चे एक शासकीय सेवक ने बताया, वह 2005 में सेवा में आया। उन्हें 2001 के नियम की जानकारी नहीं थी। जब तक पता चला, ३ बच्चों के पिता बन गए। बाद में कुछ विरोधियों ने शिकायतें कीं। शासकीय सेवक, इसलिए भी पशोपेश में     कुछ कर्मचारी दंपती की दो संतानें थीं। दोनों रिकॉर्ड में आ गए, लेकिन बाद में इनमें से एक की मौत हो गई। वे दूसरी संतान चाहते हैं, पर नियम नियम आड़े आ रहा है।     कोरोनाकाल में ऐसे कई प्रकरण हुए हैं, लेकिन ऐसे मामलों में किसी तरह की कोई छूट नहीं है। खतरे की घंटी… विदेशों की तरह मप्र में एक संतान का चलन बढ़ रहा विदेशों की तरह मध्यप्रदेश के शहरी क्षेत्रों में भी एक संतान का चलन जोर पकड़ने लगा है। कई परिवार ऐसे हैं, जो एक ही संतान पैदा कर रहे हैं। ऐसे ही दंपत्ति ने पत्रिका को नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पहले की तुलना में चुनौतियां बहुत बढ़ गई हैं, इसलिए एक ही बच्चे को जन्म दिया है। उसकी बेहतर परवरिश करने का प्रयास कर रहे हैं। विदेश से जुड़े मामलों के जानकार एवं पूर्व वन अधिकारी आरके दीक्षित का कहना है कि कई देशों में भी यह चलन तेजी से बढ़ा है, वहां भी सरकारों को जनसंख्या बढ़ोतरी के लिए प्रोत्साहन तक देना पड़ रहा है। विशेष कर इटली और जापान की आबादी बड़ी तेजी से घट रही है। यहां भी इसे प्रोत्साहित किया जा रहा है।

सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब की सुविधा, छत्तीसगढ़ में नई पहल

रायपुर  प्रदेश के 13 हजार से अधिक माध्यमिक और हाई स्कूलों में अब स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। शिक्षा विभाग ने इस व्यवस्था को आने वाले शैक्षणिक सत्र से ही लागू करने की तैयारी तेज कर दी है। इसके बाद बच्चों को पढ़ाई के लिए डिजिटल माध्यम, ऑडियो-वीडियो कंटेंट और ऑनलाइन शिक्षण का लाभ पहले से कहीं अधिक सुगमता से मिलेगा। प्रदेश में फिलहाल 1,388 स्कूलों में कंप्यूटर लैब और 5,857 स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालित हैं। स्कूलों की संख्या को देखते हुए यह सुविधा अभी भी सीमित दायरे में थी। अब शिक्षा विभाग ने स्मार्ट क्लास और आईसीटी लैब के दायरे को बढ़ाकर हर जिले, हर विकासखंड और हर ब्लाक के स्कूलों तक पहुंचाने की योजना बनाई है। संबंधित जिलों के अधिकारियों को स्कूलों की भौगोलिक स्थिति और छात्र संख्या के आधार पर प्राथमिकता तय करने के निर्देश भी भेज दिए गए हैं। दो मॉडल पर काम केंद्र प्रायोजित आइसीटी (इन्फार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलाजी) योजना के तहत दो मॉडल पर काम चल रहा है। पहला मॉडल आइसीटी लैब का है, जिसमें कंप्यूटर सिस्टम स्थापित किए जाते हैं। यह लैब शिक्षक और विद्यार्थियों दोनों के उपयोग के लिए होती है। इसका उद्देश्य छात्रों को टेक्नोलाजी के माध्यम से पढ़ाई, ऑनलाइन अध्ययन, डिजिटल सामग्री, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और अन्य शिक्षण गतिविधियों से जोड़ना है। एआई आधारित लर्निंग, भाषा सुधारक टूल, वीडियो लेक्चर और वर्चुअल कान्सेप्ट क्लास जैसे साधनों का भी उपयोग किया जाएगा। योजना का दूसरा हिस्सा स्मार्ट क्लासरूम है। इसमें बड़ी स्क्रीन, प्रोजेक्टर, ऑडियो सिस्टम और डिजिटल माड्यूल के माध्यम से स्कूलों में पढ़ाई कराई जाएगी। एक-एक स्कूल में बच्चों की संख्या के आधार पर एक से चार तक स्मार्ट क्लासरूम तैयार किए जाएंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे पढ़ाई अधिक रोचक होने के साथ-साथ कठिन विषयों को भी बच्चों को सरलता से समझाया जा सकेगा, जिससे सीखने की गति और परिणाम दोनों में सुधार आएगा। ग्रामीण और शहरी स्कूलों के बीच कम होगा अंतर प्रदेश में वर्तमान में कुल 56,895 स्कूल हैं। शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, स्मार्ट क्लास प्रणाली से ग्रामीण और शहरी स्कूलों के बीच शिक्षा के स्तर का अंतर कम होगा। साथ ही दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा की वही सुविधाएं मिलेंगी जो बड़े शहरों में उपलब्ध हैं। विभागीय सूत्रों का कहना है कि जल्द ही शिक्षकों के लिए तकनीकी प्रशिक्षण की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी, ताकि वे डिजिटल संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर सकें। इस दिशा में चरणबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा और हर जिले में मानिटरिंग सेल भी बनाई जाएगी।

‘उत्साह और नई ऊर्जा का केंद्र बना हरियाणा’—पीएम दौरे पर मंत्री गौरव गौतम का बयान

चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को हरियाणा के कुरुक्षेत्र का दौरा करेंगे। उनका स्वागत करने के लिए हरियाणा के लोगों में जबरदस्त उत्साह और जोश है। हरियाणा सरकार में मंत्री गौरव गौतम ने कहा, "दुनिया के सबसे ताकतवर नेता पीएम नरेंद्र मोदी पवित्र शहर कुरुक्षेत्र आ रहे हैं। पूरे हरियाणा के कोने-कोने से लोग उनका स्वागत करने और बधाई देने के लिए उत्सुक और जोश में हैं।" मंत्री गौरव गौतम ने आगे कहा, "वे जिन कार्यक्रमों के लिए आ रहे हैं, चाहे वह गीता जयंती महोत्सव हो या गुरु तेग बहादुर की 350वीं सालगिरह का प्रोग्राम, पूरा हरियाणा राज्य उत्साहित और एनर्जी से भरा हुआ है।" पीएम मोदी के कुरुक्षेत्र दौरे पर मंत्री रणबीर सिंह गंगवा ने कहा, "वह कुरुक्षेत्र के धर्मनगर में आ रहे हैं, जिससे क्षेत्र के विकास में तेजी आने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद से कई नए प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया जाएगा, जिससे आगे तरक्की और विकास पक्का होगा।" प्रधानमंत्री शाम लगभग 4 बजे भगवान कृष्ण के पवित्र शंख के सम्मान में नवनिर्मित 'पांचजन्य' का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद, वे महाभारत अनुभव केंद्र का दौरा करेंगे। यह एक गहन अनुभवात्मक केंद्र है जहां महाभारत के महत्वपूर्ण प्रसंगों को प्रदर्शित किया गया है जो इसके स्थायी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को दर्शाते हैं। शाम लगभग 4:30 बजे, प्रधानमंत्री सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान, प्रधानमंत्री पूज्य गुरु के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में एक विशेष सिक्का और स्मारक डाक टिकट जारी करेंगे। इस अवसर पर वे उपस्थित जनसमूह को भी संबोधित करेंगे। गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में, भारत सरकार एक वर्ष तक चलने वाला स्मरणोत्सव मना रही है। इसके बाद शाम लगभग 5:45 बजे, प्रधानमंत्री ब्रह्म सरोवर में दर्शन और पूजा करेंगे। यह सरोवर भारत के सबसे पवित्र तीर्थस्थलों में से एक है और माना जाता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का दिव्य ज्ञान यहीं दिया था।

लोककला से लेकर लैंडमार्क मॉडल तक: राजस्थान मंडप में दिखी संस्कृति की अनूठी झलक

नई दिल्ली/जयपुर  नई दिल्ली में चल रहे 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेंलें में राजस्थान मंडप में प्रदर्शित प्रदेश के विभिन्न पर्यटक स्थलों कें माॅडल्स तथा हस्तकला और अन्य प्रसिद्ध उत्पाद आकर्षण का केन्द्र बन रहे हैं। मंडप में हाड़ौती, मेवाड, मेरवाड़ा अंचलों को विषेष रूप से तैयार किया गया, जहां पर आगंतुक सेल्फी लेते हुए दिखाई दिए। मंडप में इस बार राजस्थान की पारंपरिक कला और संस्कृति ने लोगों का मन मोह लिया। मेले में लगाया गया राजस्थान की लोक कला का स्टॉल हर दिन भीड़ से भरा रहा। यहाँ आने वाले लोग लंबे समय तक रुककर कलाकृतियों को देखते रहे और कई आगंतुकों ने कहा कि उन्हें यहाँ एक अलग ही अपनापन और खुशी महसूस हुई। मंडप में राज्य की प्रसिद्ध कठपुतलियाँ, बंदनवार, डोर हैंगिंग्स, घरेलू साज-सज्जा की खूबसूरती सबको अपनी ओर आकर्षित कर रही है। मेले में केवल वस्तुएँ ही नहीं, बल्कि राजस्थान की लोक-संस्कृति की जीवंत झलक भी देखने को मिली। यहाँ कठपुतली शो और राजस्थानी लोकनृत्य का मंचन किया गया, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकठ्ठा हुए। प्रस्तुति शुरू होते ही दर्शकों ने मोबाइल कैमरे निकाल लिए और बच्चे तालियाँ बजाते दिखाई दिए। सबके चेहरों की मुस्कान यह बता रही थी कि कला इंसान को कुछ पलों के लिए दुनिया की भागदौड़ से दूर ले जाती है। उस माहौल में ऐसा लग रहा था जैसे रंग-बिरंगा राजस्थान अपने पूरे सौंदर्य के साथ दिल्ली में उतर आया हो। कठपुतली प्रदर्शन के लिए सीकर से आए कलाकार अशोक भट्ट ने बताया कि वे लंबे समय से राजस्थान की पारंपरिक कला से जुड़े हुए हैं और पिछले कई वर्षों से वे विभिन्न मेलों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अपनी कला का प्रदर्शन करते आ रहे हैं। अशोक भट्ट ने बताया कि उनके लिए कला सिर्फ काम नहीं बल्कि जीवन का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जब लोग उनके काम को समझते हैं और सराहते हैं, तो उन्हें लगता है कि उनकी मेहनत सफल हुई। उन्होंने कहा कि उन्हें यहाँ मिली गर्मजोशी और प्यार यह दिखाता है कि आज भी लोग अपनी जड़ों और संस्कृति से जुड़े रहना चाहते हैं। उनके अनुसार, सरकार द्वारा दिए गए मंच और सहयोग ने कलाकारों को आगे बढ़ने की बड़ी ताकत दी है। रोमानिया के प्रतिनिधिमंडल ने किया राजस्थान मंडप का अवलोकन रोमानिया के प्रतिनिधिमंडल ने राजस्थान मंडप का अवलोकन किया। इस प्रतिनिधिमंडल ने मंडल में लगे प्रत्येक स्टाॅल्स का भ्रमण कर स्टॉल संचालकों से वार्ता की। उन्होंने मंडप में प्रदर्षित उत्पादों की मुक्त कंठ से प्रशंसा की।

डॉ. मुजम्मिल केस में नया मोड़: NIA ने फरीदाबाद में छापेमारी कर अलमारी समेत कई जगह दोबारा खंगाली

फरीदाबाद  दिल्ली ब्लास्ट में शामिल अल-फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार आतंकी डॉ मुजम्मिल शकील को लेकर देर रात राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) फरीदाबाद पहुंची। NIA की टीम इस दौरान मुजम्मिल को अलग-अलग कई जगह पर लेकर गई। जांच टीम ने फरीदाबाद, सोहना और फतेहपुर तगा में करीब चार घंटे तक विभिन्न लोकेशनों पर उसकी गतिविधियों की पड़ताल की। यूनिवर्सिटी लेकर पहुंची NIA पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार NIA की टीम सबसे पहले मुजम्मिल को अल-फलाह यूनिवर्सिटी लेकर पहुंची, जहां वह पिछले लंबे समय से रह रहा था। टीम ने करीब डेढ़ घंटे तक यूनिवर्सिटी परिसर में उसके रहने के स्थान, पढ़ाई के स्थान, मेडिकल केबिन तथा उन जगहों की शिनाख्त करवाई जहां वह मरीजों का इलाज किया करता था। टीम ने जांचा कि वह किन स्टूडेंट्स के संपर्क में था और यूनिवर्सिटी परिसर में उसकी गतिविधियां क्या-क्या थी। यूनिवर्सिटी के कैंपस परिसर के उस हिस्से में उसको लेकर जाया गया, जहां पर वह सुबह और शाम को घूमने के लिए जाता था। टीम द्वारा उसकी अलमारी को दोबारा से चैक किया गया। गांव धौज और तगा में लेकर पहुंची टीम इसके बाद NIA ने उसे उस स्थान पर लेकर गई, जहां करीब 360 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट 10 से 12 सूटकेस में भरकर तैयार अवस्था में रखा गया था। देर रात इस जगह पर लगभग 15–20 मिनट तक पूछताछ हुई। टीम ने मुजम्मिल से यह जानकारी ली कि यह रासायनिक सामग्री वहाँ क्यों रखी गई थी, किस उद्देश्य से तैयार की गई थी और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे। इसके बाद टीम तीसरे स्थान फतेहपुर तगा स्थित उस घर में पहुंची, जहां 2,563 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट के 50 कट्टे बरामद किए गए थे। NIA ने मौके पर खड़े रहकर उससे पूछताछ की, कि इतनी बड़ी मात्रा में रसायन वहां किस वजह से रखा गया था, इसे कहां ले जाया जाना था और उसने इसे वहां तक कैसे पहुंचाया। मुजम्मिल ने बताया कि यह 50 कट्टे वह दो बार कार में भरकर यहां लेकर आया था और इन्हें इस स्थान पर जमा कर दिया गया था। दो बीज भंडारों की पहचान करवाई इसके बाद NIA मुजम्मिल को फरीदाबाद से सोहना लेकर गई। सोहना मंडी में उससे दो बीज भंडारों की पहचान करवाई गई। मुजम्मिल ने मौके पर बताया कि यही वे दो भंडार हैं जिनसे उसका संपर्क रहा था। टीम ने यहाँ भी उससे विस्तृत पूछताछ की। पूरी कार्रवाई के दौरान NIA की टीम फरीदाबाद में करीब ढाई से तीन घंटे और सोहना में लगभग 40-45 मिनट तक मुजम्मिल को विभिन्न लोकेशनों पर लेकर मौजूद रही। सभी स्थानों पर शिनाख्त और मौके पर पूछताछ पूरी करने के बाद टीम उसे वापस दिल्ली लेकर चली गई।  

पंजाब में भीषण सड़क दुर्घटना: सैनिकों को ले जा रहा ट्रक अनियंत्रित होकर पलटा

जालंधर जालंधर–पठानकोट हाईवे पर दारापुर बाईपास के पास आज सुबह हुए सड़क हादसे में एक ही दिशा में जालंधर की ओर जा रहे आर्मी के ट्रक और एक कार की टक्कर हो गई, जिसके बाद दोनों वाहन बेकाबू होकर सड़क पर पलट गए। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जानी नुक्सान नहीं हुआ और सभी सवार बाल-बाल बच गए। हादसे के दौरान कार में सवार कमल, पुत्री कुलदीप सिंह निवासी नरायणगढ़ को चोट आई है, जिसे मौके पर पहुंची सड़क सुरक्षा फोर्स की टीम, थानेदार बलजीत सिंह और आंचल ने प्राथमिक चिकित्सा दी। इसके साथ ही उन्होंने फौजी वाहन चला रहे बीरेंद्र यादव पुत्र राम धारी यादव निवासी लखनऊ, उसके साथी जवान, तथा कार चालक कुलदीप सिंह और उसकी पत्नी की मदद की और हाइड्रा की सहायता से सड़क को साफ करवाया। पुलिस हादसे की जांच कर रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि यह दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई।