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खाद-बीज की उपलब्धता से खेती-किसानी का काम जोरों पर

सरकार की मदद से खेती में खुशहाली, किसानों का कहना-अब खेती मुनाफे का सौदा बिलासपुर, खरीफ सीजन में इन दिनों खेती किसानी ने जोर पकड़ लिया है। रोपा और बियासी का काम तेजी से जारी है। ऐसे में शासन द्वारा समय पर खाद बीज की उपलब्धता से किसानों का उत्साह दोगुना हो गया है। बिल्हा ब्लॉक के बैमा-नगोई के किसानों के चेहरे भी खिल उठे है। उन्हे न तो लंबी कतारों में लगना पड़ रहा है और न ही मंहगे दामों पर बाजारों से बीज या खाद खरीदने की मजबूरी है। नगोई सहकारी समिति में खाद लेने आए किसान प्रदीप कुमार शास्त्री भी इस बार अच्छी फसल को लेकर आश्वस्त है। सरकारी मदद ने उनके उत्साह को और बढ़ा दिया है। श्री शास्त्री ने बताया कि वे 6 एकड़ में खेती किसानी करते है। समिति से खाद-बीज आसानी से मिल गया। बिना किसी लंबी कतार के उन्हें यूरिया, डीएपी, नैनो डीएपी मिला है। समय पर खाद बीज की उपलब्धता से उन्हें बड़ी मदद मिली है। यह खाद रियायती दर पर होने के साथ ही गुणवत्ता में भी बेहतर है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि इस बार बेहतर पैदावर होगी। कुछ इसी प्रकार की खुशी जाहिर करते हुए किसान श्री कालिका प्रसाद पाण्डेय ने बताया कि वे 4 एकड़ में खेती किसानी करते है। इस बार बारिश भी अच्छी हुई है और सरकार द्वारा समय पर खाद बीज उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने बताया कि परिस्थितियां अनुकूल होने के कारण वे जोर-शोर से खेती किसानी में जुट गए है। इसी गांव के श्री राजेन्द्र प्रसाद गुरूदीवान ने बताया कि समिति से खाद बीज लेने में किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं हो रही है। समिति द्वारा किसानों के लिए एक वाट्सअप ग्रुप बनाया गया है जिसमें सारी जानकारी मिल जाती है और वे समिति आकर खाद बीज ले लेते है। किसानों ने बताया कि उन्हें पीएम किसान सम्मान निधि, कृषक उन्नति योजना का भी लाभ मिल रहा है। किसानों ने कहा कि सरकारी मदद से खेती किसानी अब मुनाफे का सौदा बन गया है।

अपराध पर योगी का प्रहार: 8 वर्षों में यूपी में 30,000 अपराधी गिरफ्तार

लखनऊ  योगी सरकार की मजबूत कानून व्यवस्था देश ही नहीं विदेशों में भी सुर्खियों में है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराध और अपराधियों पर लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। यही वजह है कि यूपी पुलिस ने वर्ष 2017 से लेकर अब तक प्रदेश में कुल 30 हजार से ज्यादा अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया, जबकि मुठभेड़ के दौरान 9 हजार से ज्यादा अपराधियों को पैर में गोली लगी। यूपी पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए अब तक 14 हजार से अधिक कार्रवाई की, जिससे प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर अपराधियों पर नकेल कसने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। पिछले आठ वर्षों में यूपी पुलिस द्वारा अपराधियों की धरपकड़ के लिए 14,973 कार्रवाई की गई। इस दौरान 30,694 अपराधियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पुलिस पर हमला करने वाले 9,467 अपराधियों के पैर में गोली लगी, जबकि 238 अपराधी मारे गए। प्रदेश में सबसे अधिक पश्चिम के मेरठ जोन में कार्रवाई की गई। यहां पर पुलिस ने 7,969 अपराधी गिरफ्तार किए, जबकि 2,911 घायल हुए। इसी तरह आगरा जोन में 5,529 अपराधी गिरफ्तार किए गए, जबकि 741 घायल हुए। वहीं, बरेली जोन में 4,383 अपराधी पकड़े गए और 921 घायल हुए। इसके अलावा वाराणसी जोन में 2,029 अपराधी अरेस्ट किए गए और 620 घायल हुए। डीजीपी ने बताया कि कमिश्नरेट में सबसे अधिक गौतमबुद्धनगर में 1,983 गिरफ्तार किए गए और 1,180 घायल हुए। गाजियाबाद कमिश्नरेट में 1,133 गिरफ्तार किए गए और 686 घायल हुए। इसके अलावा आगरा कमिश्नरेट में 1,060 अपराधी गिरफ्तार किए गए और 271 घायल हुए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की सत्ता संभालते ही सबसे पहला लक्ष्य प्रदेश में कानून का राज स्थापित करना और अपराधियों को नेस्तनाबूद करना रखा। उनकी स्पष्ट चेतावनी थी कि अपराधियों के लिए उत्तर प्रदेश में कोई जगह नहीं है। वे अपराध छोड़ दें या प्रदेश छोड़ दें। इस दिशा में उठाए गए सख्त कदमों ने प्रदेश में कानून व्यवस्था को एक नई दिशा दी है। इसके लिए सीएम योगी ने न केवल पुलिस बल को अत्याधुनिक हथियारों और प्रशिक्षण से सुसज्जित किया, बल्कि उनके मनोबल को भी ऊंचा किया। पिछले आठ वर्षों की सख्त नीति और अभियान का ही नतीजा है कि आज उत्तर प्रदेश देश के सबसे सुरक्षित राज्यों में गिना जाने लगा है।

भ्रष्टाचार पर करारा प्रहार: ACB ने पकड़ा घूसखोर पटवारी

जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़ के लगातार भ्रष्टाचार पर एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में आज ACB की टीम ने जांजगीर-चांपा जिले के पटवारी कार्यालय में छापामार कार्रवाई करते हुए एक पटवारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुतपुरा और धाराशिव गांव के प्रभारी पटवारी बाल मुकुंद राठौर को 20 हजार रुपये की घूस लेते हुए पकड़ा गया। जानकारी के अनुसार, जांजगीर पुरानी बस्ती के रहने वाले सत्येंद्र कुमार राठौर ने एंटी करप्शन ब्यूरो से पटवारी के खिलाफ शिकायत की थी। प्रार्थी सत्येंद्र कुमार राठौर ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी पुश्तैनी 4 एकड़ से अधिक जमीन पुटपुरा गांव में है, जिसका खाता बनवाने के लिए अपनी बहनों का हक छोड़ आवेदन पेश कर अपने नाम कराने के लिए डेढ़ साल से पटवारी का चक्कर काट रहा था और पटवारी उसे घुमाता रहा। पटवारी ने खाता दुरुस्त करने के एवज में 20 हजार रुपये घूस की मांग की। पटवारी के घूस मांगने और काम नहीं करने से परेशान होकर ACB से शिकायत की। सत्येंद्र राठौर की शिकायत की पुष्टि करने के बाद रेड की तैयारी की गई, और आज दोपहर 12 बजे सत्येंद्र राठौर पटवारी कार्यालय पहुंचकर पटवारी बाल मुकुंद राठौर को 20 हजार रुपये दिए। पटवारी द्वारा घूस की राशि लेने के बाद ACB की टीम ने तत्काल रेड की कार्रवाई की और पटवारी के पास से केमिकल लगे नोट बरामद किए। ACB थाना प्रभारी योगेश कुमार राठौर ने बताया कि विधिवत कार्रवाई करते हुए आरोपी पटवारी बाल मुकुंद राठौर को हिरासत में ले लिया गया है और न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

गायों पर टूटा मौत का पहिया: ट्रक की टक्कर से 6 की जान गई, कई की हालत गंभीर

सूरजपुर तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बैठे मवेशियों को रौंद दिया. इस हादसे में 6 गायों की मौके पर ही मौत हो गई. वहीं कई मवेशी घायल हुए हैं. घटना के बाद ट्रक चालक फरार हो गया. यह घटना अंबिकापुर-बनारस मार्ग पर गोंदा गांव के पास हुई. पुलिस आरोपी चालक की तलाश में जुटी है. किसान सुरेश कुमार ने बताया कि सड़क किनारे 19 गाय बैठे थे. ट्रक चढ़ने से 6 गाय की मौके पर ही मौत गई. वहीं कई गाय घायल हुए हैं. घटना के बाद ट्रक चालक गाड़ी छोड़कर फरार हो गया. घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रतापपुर पुलिस मौके पर पहुंची और दुर्घटनाग्रस्त ट्रक को जब्त कर पुलिस आरोपी चालक की तलाश में जुटी है.

अनिरुद्धाचार्य ने अखिलेश पर साधा निशाना, बोले – द्वेष की भावना से नहीं होती राष्ट्र सेवा

लखनऊ समाजवादी पार्टी चीफ अखिलेश यादव और अनिरुद्धाचार्य के बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसमें अखिलेश यादव ने अनिरुद्धाचार्य से कहा था कि उनके रास्ते अलग-अलग हैं। अब इसे लेकर अनिरुद्धाचार्य ने सपा प्रमुख पर तंज कसा है। उन्होंने कहा है कि राजा अगर प्रजा के प्रति द्वेष रखेगा तो देश की सेवा कैसे कर पाएगा। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने अखिलेश यादव पर तंज कस हुए कहा,"एक नेता ने रास्ते में हमसे पूछा कि भगवान का नाम क्या है, मैंने कहा कि भगवान के बहुत सारे नाम हैं आप बताओं आपकों कौन सा सुनना है। दरअसल जब कोई व्यक्ति सवाल करता है तो पहले एक चीज याद कर लेता है। जब आप वहीं बताएंगे तो उसे लगता है कि आप ठीक बता रहे हैं लेकिन वह नहीं बताया तो उसे लगेगा कि गलत बता रहे हैं। अगर कोई मां अपने बेटे से सवाल करे कि ये बताओ लेकिन नहीं बता पाया तो मां ये नहीं कहेगी कि तेरा रास्ता, अलग मेरा रास्ता अलग।" अनिरुद्धाचार्य ने व्यंग कसते हुए आगे कहा, "सोचिए वह नेता पूर्व सीएम रह चुके हैं। वह मुझसे कहते हैं कि आपका रास्ता अलग, मेरा रास्ता अलग। क्योंकि मैंने उनके पूछे प्रश्न का उत्तर उनके मन मुताबिक नहीं दिया। मैंने वहीं उत्तर दिया जो सच है। अगर आप लिखा नहीं मान रहे हैं तो आपसे कोई नहीं जीत सकता। सोचिए वह राजा होकर कह रहे हैं कि आप अलग हम अलग। राजा को चाहिए कि प्रजा को पुत्र की तरह प्यार करें। सोचिए कि जब राजाओं के अंदर इस तरह का द्वेष है। तो इन राजाओं से इस देश की कैसी सेवा करेंगे। इनके भीतर तो प्रजा के प्रति नफरत है। बोल रहे हैं कि तुम्हारा रास्ता अलग-हमारा रास्ता अलग। प्रेम इसको नहीं कहते हैं।" कथावाचक ने कहा, "यदि नहीं आता हमको, नहीं बता पाए आपके प्रश्न का उत्तर तो आप ही बता देते। मैंने पूछा कि आप ही बता दीजिए तो उन्होंने नहीं बताया। कहा कि आपके रास्ते अलग हमारे रास्ते अलग। क्या राजा का व्यवहार एक सामान्य व्यक्ति के साथ ऐसा होना सही है। अब देखिए जब सीएम सबसे श्रेष्ठ पद पर हैं और प्रजा के प्रति इतना द्वेष है तो आप सबको एक साथ लेकर कैसे चल सकते हैं।"  

सुपर स्वच्छता लीग में छत्तीसगढ़ के तीन शहरों ने बनाई जगह, रायपुर राज्य का प्रॉमिसिंग स्वच्छ शहर

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत नगरीय निकायों को दी बधाई रायपुर. केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ के सात शहरों ने अपनी स्वच्छता की चमक बिखेरी है। बिल्हा नगर पंचायत 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में अब देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बन गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण में 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में बिल्हा ने देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है। तीन लाख से दस लाख जनसंख्या वाले शहरों में बिलासपुर को पूरे देश में दूसरा और 20 हजार से 50 हजार आबादी वाले शहरों में कुम्हारी को तीसरा स्थान मिला है। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में इन तीनों नगरीय निकायों के साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य के कुल सात नगरीय निकायों को पुरस्कृत किया। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव, संबंधित निकायों के महापौर, अध्यक्षों और अधिकारियों ने ये पुरस्कार ग्रहण किए। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल और केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू भी पुरस्कार समारोह में शामिल हुए। भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में अंबिकापुर, पाटन, विश्रामपुर और रायपुर ने भी राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। स्वच्छ सर्वेक्षण में पहली बार शामिल नई श्रेणी 'स्वच्छता सुपर लीग' (एसएसएल) में अंबिकापुर, पाटन और विश्रामपुर ने जगह बनाई है। यह सम्मान उन शहरों को दिया गया, जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में रहे हैं और वर्तमान वर्ष में शीर्ष 20 शहरों में शामिल हैं। अंबिकापुर ने 50 हजार से तीन लाख जनसंख्या श्रेणी में तथा पाटन और विश्रामपुर ने 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में एसएसएल में अपना स्थान सुनिश्चित किया है। इनके अतिरिक्त, राजधानी रायपुर को छत्तीसगढ़ का 'प्रॉमिसिंग (Promising) स्वच्छ शहर' का पुरस्कार मिला है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी विजेता नगरीय निकायों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने इन शहरों में स्वच्छता के प्रति नागरिकों, स्थानीय निकायों और प्रशासन के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ये पुरस्कार राज्य के अन्य शहरों को भी अपने शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए प्रेरित करेंगे। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने भी आज पुरस्कृत नगरीय निकायों को बधाई दी और कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए केवल एक सम्मान ही नहीं, बल्कि स्वच्छता के प्रति निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। आने वाले समय में अन्य नगरीय निकायों को भी स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त होंगे। शहरी सरकारों से लेकर राज्य और केंद्र की सरकार शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने के लिए कई नवाचारों के साथ सतत काम कर रहे हैं।

बदहाल NH 343 पर सफर नहीं सज़ा, हर मोड़ पर मौत का डर

बलरामपुर छत्तीसगढ़ को झारखंड से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-343 (NH 343) की हालत बरसात के दिनों में बद से बदतर हो चुकी है. गड्ढों में सड़क या सड़क पर गड्ढे इसका अनुमान लगाना मुश्किल है. हालत यह है कि रोज सड़क पर बैलगाड़ी से भी कम रफ्तार में वाहनों की आवाजाही और दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की लगातार लगने वाले जाम की वजह से बस चालक बायपास से होते हुए बस चलाने को मजबूर हैं. अंबिकापुर से रामानुजगंज तक करीब 120 किलोमीटर का सफर अब जगह- जगह बने जानलेवा गड्ढों के कारण कई घंटों में पूरा होता है. सबसे ज्यादा खराब स्थिति बलरामपुर से रामानुजगंज तक की है, जिससे रायपुर-बिलासपुर रूट की सारी बस का परिचालन बंद हो गया है. कुछ बसें रूट डायवर्ट कर वाड्रफनगर होकर चलने को मजबूर हैं, जिससे राजधानी जाने के लिए बलरामपुर के लोगों को सोचना पड़ रहा है. बस के लिए करना पड़ता है घंटों इंतजार जर्जर सड़क की वजह से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था चरमरा गई है, यात्रियों को जहां पहले हर 10 मिनट में बसें मिला करती थीं, अब यात्रियों को 2-2 घंटे तक बस का इंतजार करना पड़ रहा है. कई बसें इस मार्ग पर चलना ही बंद कर चुकी हैं. जो वाहन चल भी रहे हैं, उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. खनिज परिवहन पर भी असर दरअसल, नेशनल हाइवे की बदहाली के पीछे बड़ी वजह सड़क पर रोजाना खनिज संपदा से लदे भारी ट्रकों का आवागमन है. लेकिन सड़क खराब होने के बाद अब इनका चलना भी दूभर हो गया है. जर्जर सड़क की वजह से सिर्फ आर्थिक नुकसान ही नहीं हो रहा है, बल्कि दुर्घटनाओं की संख्या में भी इज़ाफा हुआ है. जवाब देने से कतरा रहे जनप्रतिनिधि जिला प्रशासन से लेकर जनप्रतिनिधि भी मीडिया के सामने जवाब देने में कतरा रहे हैं. खतरनाक हो चुकी सड़क पर रात को चलना नामुमकिन हो गया है. कई बार ट्रक और छोटे वाहन भी पलट जाते हैं जिससे लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है. लोगों का कहना है कि अगर सरकार नई सड़क नहीं बना सकती, तो कम से कम इन गड्ढों को तत्काल भरने की व्यवस्था की जाए जिससे आवागमन सुचारू हो सके. जनता का सवाल — कब होगा सुधार? लोगों का साफ कहना है कि यह मार्ग कभी प्रदेश के विकास की पहचान था, लेकिन अब वह जनता की परेशानी का कारण बन चुका है सवाल यह है कि क्या प्रशासन तब तक सोता रहेगा जब तक कोई बड़ा हादसा न हो जाए. खराब रोड पर बस चलाने का दबाव छत्तीसगढ़ यातायात महासंघ प्रदेश अध्यक्ष सैय्यद अनवर अली ने लल्लूराम डॉट कॉम से चर्चा में कहा कि रामानुजगंज जिला मुख्यालय होने के बाद भी रोड का सुधार नहीं हो रहा है. धरना-प्रदर्शन, चक्काजाम के बाद भी कलेक्टर खराब रोड पर बस चलाने का दबाव बना रहे हैं. ऐसी में अगर गाड़ियां पलटती हैं, जान-माल की क्षति होती है, तो इसका जिम्मेदार कौन होगा. परिवहन विभाग को बता दिया गया है कि जब तक मार्ग की मरम्मत नहीं होगी, तब तक मार्ग बदलकर बस संचालन किया जाएगा. मौसम खुलने पर करेंगे मरम्मत बलरामपुर अपर कलेक्टर आरएस लाल ने लल्लूराम डॉट कॉम से चर्चा में कहा कि इस बात को ठेकेदार और संबंध विभाग के अधिकारियों के साथ कलेक्टर की चर्चा हुई है. बरसात के दिनों में आवागमन बाधित न हो इसकी व्यवस्था करेंगे. बहरहाल, लगातार बारिश होने की वजह से सुधार के बाद भी सड़क पर गड्ढा यथावत हो जा रहा है. जैसे ही थोड़ा सा मौसम खुलेगा, तब गड्ढों को ठीक तरह से भरेंगे, जिससे आवागमन सुचारू तरीके से हो सके.

दादिया से सहकारिता क्रांति की घोषणा: अमित शाह बोले- बनाए जाएंगे 2 लाख पीएसीएस

जयपुर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को राजस्थान के दादिया में आयोजित सहकार एवं रोजगार उत्सव में भाग लेते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि देशभर में दो लाख नए प्राथमिक कृषि साख समितियों के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जिनमें 40 हजार पीएसीएस पहले ही बन चुकी हैं और सभी का कम्प्यूटरीकरण कार्य पूर्ण हो गया है। उन्होंने यह भी बताया कि गोदाम निर्माण, बीज संवर्धन और सहकार उत्पादों के क्षेत्र में नई समितियां गठित की गई हैं। शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता को लेकर अभूतपूर्व कार्य हो रहे हैं। पिछले 100 वर्षों में सहकारिता ने देश के विकास में अहम भूमिका निभाई है और आने वाला दशक पूरी तरह सहकारिता के नाम होगा। शाह ने बताया कि भारत में धान और गेहूं की खरीद में 20% योगदान सहकारी संस्थाओं का है, जो इस क्षेत्र की ताकत को दर्शाता है। अपने संबोधन में शाह ने राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि पेपरलीक जैसे संवेदनशील मुद्दे पर एसआईटी का गठन कर राज्य सरकार ने बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि कम समय में भजनलाल शर्मा ने सहकारिता और प्रशासनिक मोर्चों पर सराहनीय काम किया है। उन्होंने कहा कि ऊंटनी के दूध के औषधीय गुणों पर रिसर्च चल रही है, जो आने वाले समय में चिकित्सा और पोषण के क्षेत्र में नई संभावनाओं को जन्म देगा। कार्यक्रम के दौरान शाह ने राजस्थान पुलिस के 100 नए वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और सहकार उत्पादों की प्रदर्शनी भी देखी। शाह ने अपने भाषण की शुरुआत भारत माता की जय के उद्घोष के साथ की। उन्होंने युवाओं और किसानों से हाथ उठाकर देशभक्ति का संकल्प दिलवाया और राजस्थान की वीरभूमि को प्रणाम किया। समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बताया कि राज्य में अब तक 5 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी जा चुकी है, जबकि 28 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जल्द शुरू होने जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि 4 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाए। समारोह के मुख्य बिंदु संक्षेप में इस प्रकार हैं- 2 लाख पीएसीएस निर्माण की योजना शुरू, 40 हजार पहले ही बन चुकी हैं, सभी का कम्प्यूटरीकरण पूर्ण पेपरलीक पर एसआईटी गठित कर भजनलाल सरकार ने लिया बड़ा निर्णय 5 हजार युवाओं को नौकरी, 28 हजार नई भर्तियों की तैयारी ऊंटनी के दूध पर औषधीय अनुसंधान जारी 100 पुलिस वाहन बेड़े में शामिल शाह ने सरकारी नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया। अमित शाह ने 500 मीट्रिक टन के 24 अनाज गोदाम और 64 मिलेट्स केंद्रों का वर्चुअल उद्घाटन किया। गोपाल क्रेडिट कार्ड योजना के तहत 1400 गोपालकों को 12 करोड़ के लोन वितरित किए गए।

पंचायत प्रतिनिधि लापता: इलाज का बहाना बनाकर घर से निकली, थाने में दर्ज हुई रिपोर्ट

कोंडागांव छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले में एक 45 वर्षीय महिला जनपद सदस्य अचानक लापता हो गई है. महिला फरसगांव जनपद पंचायत की सदस्य है. वह 8 दिन पहले अपने घर से बिना कुछ कहे निकली थी और फिर न वो घर लौटी और न ही उसकी कोई खबर मिल सकी है. महिला का फोन भी 8 दिनों से स्विच ऑफ है. जानकारी के मुताबिक, फरसगांव जनपद पंचायत के वार्ड क्रमांक 8 से जनपद सदस्य रैयमती कोर्राम (45 वर्ष) के पति ने पुलिस में आज गुमशूदगी की शिकायत दर्ज कराई है. उसने बताया कि रैयमती 9 जुलाई की दोपहर 3:30 बजे घर से बिना कुछ बताए निकली और बाद में फोन कर के कहा कि वह जिला अस्पताल में इलाज कराने के लिए गई हुई है. लेकिन इसके बाद से वह अब तक घर नहीं लौटी. पिरजनों ने कई बार उससे संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन फोन नंबर अब तक स्विच ऑफ आ रहा है. महिला के वापिस घर नहीं आने पर परिजनों ने जिला अस्पताल जाकर पूछताछ की और सभी रिश्तेदारों से संपर्क कर पतासाजी की. लेकिन कहीं से रैयमती कोई खबर नहीं मिली. अंत में महिला के पति ने फरसगांव थाने में गुमशूदगी की शिकायत दर्ज कराई है. शिकायतकर्ता (पति) ने बताया कि महिला ने 9 जुलाई को लाल रंग की साड़ी पहनी थी. उसने बैग में कपड़े रखे थे, गले में सोने का मंगलसूत्र, कानों में सोने के टॉप्स और नाक में सोने की फूली पहनी हुई थी. उनका रंग सांवला और कद करीब 5 फुट है. वह हिंदी, हल्बी और छत्तीसगढ़ी भाषा बोलने में सक्षम हैं. पुलिस जांच में जुटी फिलहाल पुलिस मामला दर्ज कर सुराग जुटाने में लगी है. परिजनों ने भी आमजन से अपील की है कि यदि रैयमती कोर्राम के बारे में कोई जानकारी मिले तो नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें.

बेगुनाही साबित होने पर रिहा हुआ नेत्रहीन दिव्यांग, गांव में हुआ जोरदार स्वागत

चुरू बिना किसी अपराध के दो महीने से जेल में बंद नेत्रहीन दिव्यांग अमीचंद जब रिहा होकर अपने गांव भीमसाना लौटे, तो गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। न्यायालय से रिहाई का आदेश जैसे ही शाम 4 बजे तारानगर जेल पहुंचा, परिवारजन और ग्रामीणों की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। जेल से बाहर आते ही अमीचंद का फूलमालाओं और डीजे साउंड के साथ जोरदार स्वागत किया गया। गांव तक पूरे रास्ते डीजे बजता रहा और लोग नाचते-गाते अमीचंद को घर लेकर पहुंचे। इस मौके पर क्षेत्रवासियों ने भी इस अन्याय के विरुद्ध अपनी एकजुटता का परिचय दिया। इस मामले में एडवोकेट हरदीप सुंदरिया ने अमीचंद की ओर से नि:शुल्क पैरवी कर इंसानियत की मिसाल कायम की। कोर्ट ट्रायल शुरू होने से पहले ही उन्होंने यह साबित कर दिया कि अमीचंद निर्दोष हैं। 14 मार्च को तारानगर थाना क्षेत्र के झोथड़ा गांव में मारपीट और अपहरण की एक घटना हुई थी। इस संबंध में पुलिस ने मामला दर्ज किया था, जिसमें कुल पांच आरोपी शामिल थे। वीडियो साक्ष्यों के आधार पर घटना में शामिल एक आरोपी भीमसाना निवासी पवन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा था लेकिन आरोप है कि आरोपी पवन ने जांच अधिकारी धर्मेंद्र मीणा से मिलीभगत कर षड्यंत्रपूर्वक अपने ही गांव के नेत्रहीन दिव्यांग अमीचंद को फर्जी रूप से आरोपी बनाकर पेश करवा दिया। बिना उचित जांच के चार्जशीट अमीचंद के खिलाफ दाखिल कर दी गई और उन्हें जेल भेज दिया गया, जबकि असली आरोपी खुलेआम घूमता रहा। इतना ही नहीं पवन अमीचंद के परिजनों को यह कहकर गुमराह करता रहा कि अमीचंद जम्मू ट्रांसपोर्ट ऑफिस के किसी कार्य से गया हुआ है। परिजनों को इस साजिश की भनक तक नहीं लगी। अब दिव्यांग अमीचंद की रिहाई से जहां एक ओर परिवार को राहत मिली है, वहीं यह मामला न्यायिक व्यवस्था और पुलिस जांच की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अब क्षेत्र में मांग उठ रही है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और असली दोषियों को दंडित किया जाए।