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उत्तर प्रदेश: बिजली के तारों से चिंगारी गिरने के कारण गैस पाइप में आग लगी

बरेली (उप्र) बरेली में नैनीताल राजमार्ग पर बिजली की लाइन से चिंगारी गिरने के कारण सड़क किनारे रखे प्लास्टिक गैस पाइप में आग लग गई। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना मंगलवार रात करीब साढ़े 10 बजे की है जब बिजली के तारों से निकली चिंगारी सड़क किनारे रखे प्लास्टिक पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) पाइप और केबल के ढेर पर गिर गई। उसने बताया कि वहां रखी सामग्री ने तुरंत आग पकड़ ली और विकराल लपटें उठने लगीं। बरेली के अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) अकमल खान ने बताया कि एहतियात के तौर पर नैनीताल राजमार्ग पर दोनों ओर से वाहनों की आवाजाही तुरंत रोक दी गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब आधे घंटे तक वाहनों की आवाजाही बाधित रही, जिससे वहां जाम लग गया। खान ने बताया कि दमकल की कई गाड़ियों को मौके पर भेजा गया और एक घंटे से अधिक समय तक आग बुझाने का कार्य जारी रहा। अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने कहा, ''आग संभवत: बिजली के तारों से चिंगारी निकलने के कारण लगी। अग्निशमन विभाग द्वारा मामले की गहन जांच की जाएगी।'' मौके पर पहुंचे पाइप बिछाने वाली कंपनी के अधिकारी अभिषेक ने बताया कि पाइप नई गैस लाइन डालने के लिए रखे गए थे जिनकी कीमत लाखों रुपये है। उन्होंने कहा, ''आग में पाइप व केबल का पूरा भंडार जलकर खाक हो गया, जिससे कंपनी को भारी नुकसान हुआ।'' अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।   

संभल में मुहर्रम जुलूस के दौरान नाबालिगों के ताजिया ले जाने पर रोक: पुलिस

संभल (उप्र) संभल पुलिस ने सुरक्षा कारणों और सांप्रदायिक सद्भाव बनाए रखने की आवश्यकता का हवाला देते हुए मुहर्रम जुलूस के दौरान नाबालिगों के ताजिया और अलम ले जाने पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अपर पुलिस अधीक्षक (उत्तर) राजेश कुमार श्रीवास्तव ने बुधवार को संवाददाताओं से कहा कि मुहर्रम जुलूस के साथ जाने वाले स्वयंसेवकों के साथ एक बैठक आयोजित की गई ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी दिशा-निर्देशों और सुरक्षा प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए। श्रीवास्तव ने कहा, ''यह स्पष्ट रूप से बताया गया है कि नाबालिग बच्चों को ताजिया या अलम ले जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।'' उन्होंने कहा, ''ऐसी घटनाएं पहले भी हुई हैं जब अलम ऊपर से गुजर रहे बिजली के तारों को छू गए थे और इस कारण उन्हें करंट लग गया था। ऐसे जोखिमों को ध्यान में रखते हुए केवल वयस्कों को ही उन्हें ले जाने की अनुमति दी जाएगी।'' अधिकारी ने बताया कि नाबालिग जुलूस का हिस्सा हो सकते हैं, लेकिन उन्हें ताजिया या अलम नहीं पकड़नी चाहिए। श्रीवास्तव ने इस बात पर भी जोर दिया कि ताजिया की ऊंचाई 10 फुट से अधिक नहीं होनी चाहिए और जुलूस केवल पारंपरिक मार्गों से ही निकलने चाहिए। उन्होंने कहा, ''सभी स्वयंसेवकों ने इन नियमों का पालन करने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की।'' जुलूसों के दौरान तेज आवाज में ढोल-ताशा बजाने संबंधी चिंताओं पर श्रीवास्तव ने कहा, ''मुहर्रम शोक का अवसर है। ढोल-ताशा केवल परंपरा के अनुसार ही बजाए जाने चाहिए। खासकर दूसरे समुदायों के अराधना स्थलों के पास अनावश्यक शोर नहीं होना चाहिए।''  

मायावती ने प्राथमिक विद्यालयों को विलय करने के कदम की आलोचना की

लखनऊ बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने बेसिक शिक्षा परिषद के तहत प्राथमिक विद्यालयों का विलय करने या उन्हें समेकित करने के उत्तर प्रदेश सरकार के कदम की बुधवार को कड़ी आलोचना की। मायावती ने आरोप लगाया कि इस फैसले से गरीब बच्चों को नुकसान होगा। मायावती ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में इस निर्णय को ‘अनुचित, गै़र-ज़रूरी एवं गरीब-विरोधी'' करार दिया और कहा कि इस कदम से आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के करोड़ों बच्चे अपने घरों के पास सुलभ और सस्ती शिक्षा से वंचित हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिक विद्यालयों के युग्मन/एकीकरण की आड़ में बहुत सारे विद्यालयों को बंद करने वाला जो फैसला लिया गया है वह गरीब बच्चों के हित में नहीं है। उन्होंने इस निर्णय को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अपना यह फैसला वापस नहीं लेती है तो राज्य में बसपा की सरकार बनने पर इस फैसले को रद्द करके पुनः पुरानी व्यवस्था बहाल की जायेगी। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि उम्मीद है कि राज्य सरकार गरीबों व आमजन की शिक्षा के व्यापक हित के मद्देनजर इस फैसले को बदलने के बारे में जरूर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। सूत्रों के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार ने शैक्षणिक संसाधनों को युक्तिसंगत बनाने और कम नामांकन, शिक्षकों की कमी और बुनियादी ढांचे के दोहराव जैसे मुद्दों को दूर करने के प्रशासनिक प्रयास के तहत स्कूल विलय नीति शुरू की है। अधिकारियों का दावा है कि इस कदम का उद्देश्य छोटे और कम नामांकित विद्यालयों को समेकित करना और उनका विलय नजदीकी संस्थानों में करना है।  

उत्तर प्रदेश में सीआरआई निधि से होगा 10 सेतुओं का निर्माण

लखनऊ उत्तर प्रदेश को बेहतर सड़क सम्पर्क वाला राज्य बनाने की दिशा में एक अहम कदम के तहत राज्य में केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना (सीआरआई) निधि से 10 पुलों का निर्माण कराया जाएगा। राज्य सरकार के एक बयान के मुताबिक लोकनिर्माण विभाग ने इसके लिए एक खाका तैयार किया है, जिसके मुताबिक सेतु बनाने की 10 परियोजनाओं को 1,111 करोड़ की लागत से पूरा करने की तैयारी है। बयान के अनुसार इस योजना के जरिए जिन सेतुओं का निर्माण होना प्रस्तावित है, उसमें मुख्य रूप से रेल ओवहरेड ब्रिज (आरओबी) और रेल अंडर ब्रिज (आरयूबी) प्रस्तावित हैं। बयान के अनुसार इन पुलों का निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम की देखरेख में पूरा किया जाएगा। इसके साथ ही सीआरआई कोष के इस्तेमाल से मार्गों के निर्माण, चौड़ीकरण और उनके सुदृढ़ीकरण के कामों को भी पूरा करने की तैयारी है। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष के अंत में 1,111 करोड़ की लागत से 10 सेतुओं के निर्माण को स्वीकृति दी थी जिस पर मौजूदा वित्तीय वर्ष में काम होना प्रस्तावित है। इनमें से हर पुल के निर्माण में 50 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि खर्च की जाएगी। इनके पूरा होने से कनेक्टिविटी में विस्तार के साथ ही उचित यातायात प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।   

सॉफ्टवेयर इंजीनियर की चाकू मारकर हत्या, वारदात के बाद फरार हैं पांचों आरोपी

राजनांदगांव जिले के सोमनी थाना क्षेत्र अंतर्गत टेड़ेसरा स्थित अपना ढाबे में मंगलवार तड़के भिलाई के रिसाली निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर प्रशांत तिवारी की चाकू से गोदकर हत्या कर दी गई। वारदात करने वाले पांच आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश पुलिस कर रही है। प्रशांत तिवारी दोस्तों के साथ एक मित्र का जन्मदिन मनाने अपना ढाबा आया था। सभी खाना खाकर ढाबे से निकलने की तैयारी में थे, तभी भिलाई की ओर से आए पांच युवक वहां पहुंचे। आरोपियों ने ढाबा संचालक से खाना मांगा, लेकिन खाना समाप्त हो जाने की जानकारी मिलने पर वे गाली-गलौज करते हुए बाहर ही बैठ गए। मामूली विवाद पर बिगड़ गई बात इसी बीच प्रशांत और उसके दोस्त ढाबे से निकल रहे थे। तभी प्रशांत के हाथ में रखी पानी की बोतल से कुछ पानी उन युवकों पर गिर गया। मामूली बात को लेकर युवकों ने विवाद शुरू कर दिया। विवाद इतना बढ़ा कि उनमें से एक आरोपी ने प्रशांत पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इलाज के दौरान हो गई प्रशांत की मौत लहूलुहान प्रशांत को भिलाई के सेक्टर-नौ अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सोमनी थाना पुलिस पहुंची और जांच शुरू की। ढाबे में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस ने बताया कि सभी आरोपी भिलाई क्षेत्र के रहने वाले हो सकते हैं। पुलिस बोली- आरोपित जल्द होंगे गिरफ्तार सोमनी थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपितों की पहचान के लिए तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। कुछ संदिग्धों से पूछताछ भी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि जल्द ही सभी आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होंगे।

सड़कों के चौड़ीकरण के साथ प्रयागराज में बन रहा है सबसे बड़ा फ्लाईओवर – यातायात होगा सुगम

प्रयागराज स्मार्ट सिटी प्रयागराज में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए सड़कों का चौड़ीकरण के साथ आरओबी और फ्लाइओवर का निर्माण तो किया ही गया है, अब स्टेनली रोड पर भी फ्लाइओवर का निर्माण किया जाएगा। लगभग 1700 मीटर फ्लाईओवर बनाया जाएगा जो प्रयागराज मंडल का सबसे बड़ा फ्लाईओवर होगा। फ्लाईओवर बनाने के लिए डीपीआर बनाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से फ्लाइओवर बनाने के लिए दो बार रूट का स्थलीय निरीक्षण किया जा चुका है। 1700 मीटर तक बनने वाले फोर लेन फ्लाइओवर के निर्माण में 125 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि खर्च की जाएगी। स्टेनली रोड पर कलश चौराहा के पास से लोक सेवा आयोग चौराहा तक फ्लाइओवर का निर्माण कराया जाएगा। स्टेनली रोड पर बनने वाले फ्लाइओवर की कनेक्टिविटी सिक्सलेन पुल से रहेगी। लखनऊ अयोध्या से आने वाले वाहन इस फ्लाइओवर से होकर सीधे महर्षि भरद्वाज चौराहा (बालसन) चौराहा निकल जाएंगे। इस फ्लाइओवर के निर्माण से लाला लाजपत राय रोड के पास वाले चौराहा पर जाम की समस्या भी नहीं होगी। फ्लाइओवर का निर्माण दो से ढाई वर्ष में पूरा किया जाएगा। बताया कि जा रहा है कि फ्लाइओवर निर्माण के दौरान स्टेनली रोड की चौड़ाई भी बढ़ाई जाएगी। फोर लोन फ्लाइओवर का निर्माण के दौरान स्टेनली रोड का भी चौड़ीकरण किया जाएगा। स्टेनली रोड पर फ्लाइओवर का निर्माण किए जाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इसके बनने से जाम की समस्या से लोगों को छुटकारा मिलेगा। महाकुंभ के पहले फ्लाइओवर बनाने का प्रस्ताव था। लेकिन समय की कमी के कारण निर्माण नहीं किया गया। जल्द ही फ्लाइओवर का निर्माण किया जाएगा।- मो. नुसरतुल्लाह खान, प्रोजेक्ट निदेशक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय  

अधीनस्थ पैक्स तक संभागीय और जिला अधिकारी करें दौरा

भोपाल सहकारिता मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने कहा है कि पारदर्शिता, ईमानदारी और नवाचार के जरिए सहकारी आंदोलन को मजबूत किया जा सकता है। इसके लिए पूरी सहकारिता की टीम कृत-संकल्पित होकर काम करें। मंत्री सारंग बुधवार को समन्वय भवन में अंतर्राष्ट्रीय सहकारिता वर्ष-2025 के उपलक्ष्य में सहकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के विभिन्न पहलुओं पर राज्य स्तरीय सहकारी कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मंत्री सारंग ने कहा कि सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए पैक्स का सुदृढ़ीकरण करना आवश्यक है। इसके लिए संभागीय और जिला अधिकारी अधीनस्थ पैक्स का निरीक्षण करें। मुख्यालय के अधिकारियों को भी संभागवार जिम्मेदारी दी जाए, जो उनके अधीनस्थों की समस्या एवं सुझावों पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के लिए रोजगार के नए अवसर उत्पन्न करने में पैक्स की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। मंत्री सारंग ने कहा कि सेल्फ हेल्प ग्रुप सहकारिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि केडिट मूवमेंट के साथ सहकारिता के विभिन्न आयामों पर भी ध्यान देने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सहकारिता का क्लेवर बदल रहा है। सहकारी आंदोलन को पुन: मजबूत करने के लिए सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया है। मंत्री सारंग ने बताया कि केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा है कि सहकारिता के माध्यम से ही गरीबों के घर में खुशी लायी जा सकती हैं। सहकारिता ही ऐसा नेटवर्क है, जिसके माध्यम से हर घर में रोजगार के नए अवसर पैदा किये जा सकते हैं। सहकारिता की साख के लिए काम करें। लोगों को अच्छे कामों के लिए याद रखा जाता है। ईमानदारी से किया गया कार्य आत्मसंतुष्टि देता है, इसलिए जॉब सेटिस्फेक्शन जरूरी है। मंत्री सारंग ने कहा कि हाल ही में केन्द्र सरकार को दिए गए प्रेजेंटेशन में सबसे अच्छा प्रेजेंटेशन मध्यप्रदेश का रहा। इसके लिए उन्होंने पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश की नवाचार विंग और सीपीपीपी मॉडल को भूरी-भूरी प्रशंसा मिली है। यही नहीं कंप्यूटराइजेशन की दिशा में भी मध्यप्रदेश देश में नंबर एक पर रहा है, जो सराहनीय है। मंत्री सारंग ने कहा कि कमिटमेंट दक्षता को सिद्ध करता है। सभी टीमवर्क के साथ काम करें। यूनिफार्मलिटी जरूरी है। साफ सुथरा ईमानदारी से किया गया कार्य ही आपकी पहचान बनेगा जिससे आपका नाम होगा। जॉब के लिए ईमानदार रहेंगे, तो सफल होंगे। मंत्री सारंग ने शुरूआत में संभाग और जिलों के आए अधिकारियों से परिचय प्राप्त किया और बिना बताए अनुपस्थित अधिकारियों को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए। पैक्स सुदृढ़ हो, यही लक्ष्य : एसीएस वर्णबाल अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णबाल ने कहा कि हर पैक्स को केडिट के अलावा तीन एक्टीविटी करना जरूरी है। स्थानीय पृष्ठभूमि में अवसरों को तलाश कर बिजनेस बढ़ाना होगा। संभागीय और जिला अधिकारी को एक-एक पैक्स की समयबद्ध तरीके से समीक्षा करनी होगी। उन्होंने कहा कि पैक्स सुदृढ़ हो यह लक्ष्य होना चाहिये। बिजनेस सोसायटियों के सदस्यों के खाते हमारे यहां होना चाहिये। साथ ही उनके लिये माइक्रो एटीएम की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। सहकारिता आयुक्त एवं पंजीयक मनोज पुष्प ने कहा कि सहाकारिता के सकारात्मक बदलाव के दौर में अधिकारी अपनी अहम भूमिका को पहचानकर दायित्वों का निर्वहन करें। सहकारिता के मॉडलाइजेशन को धरातल पर क्रियान्वित करें। अधिकारी अपनी लीडरशिप में प्रगति का फॉलोअप लें और पैक्स को बिजनेस यूनिट बनाने में सक्रिय भूमिका निभाए। अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक मनोज कुमार गुप्ता ने स्वागत भाषण में कार्यशाला में हुई गतिविधियों के बारे में जानकारी दी। उप सचिव मनोज सिन्हा ने केन्द्र सरकार द्वारा दिए गए निर्देशों से अवगत करवाया। इस अवसर पर सहकारिता विभाग के संयुक्त आयुक्त, उप आयुक्त, जिला सहकारी बैंकों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी और समिति प्रबंधकों सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात की, समस्या का समाधान सरकार की प्राथमिकता : योगी

गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को कहा कि जनता की हर समस्या का समाधान करना उनकी सरकार की प्राथमिकता है। योगी ने गोरखपुर प्रवास के दौरान लगातार दूसरे दिन गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात की। ध्यान से सबकी समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समस्याओं का निराकरण शीघ्रता और पारदर्शिता शीघ्रता से किया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर समस्या का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक होना चाहिए। गोरखनाथ मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में आयोजित जनता दर्शन में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि हर व्यक्ति को न्याय दिलाया जाएगा। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित निस्तारण का निर्देश देने के साथ मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। उन्होने अफसरों से कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए।  हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी सहायता की जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि किसी की जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले किसी भी सूरत में बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए।  

राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग 4 जुलाई को करेगा जनसुनवाई

भोपाल  प्रदेश की पिछड़े वर्ग की जातियों को केन्द्र की सूची में शामिल करने के संबंध में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग 4 जुलाई 2025 को भोपाल में जन सुनवाई करेगा। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष हंसराज गंगाराम अहीर और आयोग के सदस्य भूवन भूषण कमल जनसुनवाई करेंगे। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की जनसुनवाई राज्य अतिथि गृह (व्हीआईपी गेस्ट हाउस) लालघाटी में 4 जुलाई को पूर्वान्ह 11 बजे से प्रारंभ होगी। इसमें मध्यप्रदेश की पिछड़े वर्ग की 32 जातियों (जो राज्य पिछड़ावर्ग की सूची में है, किन्तु केन्द्र की सूची में नहीं हैं।) को केन्द्र की सूची में शामिल करने पर सुनवाई करेंगे। उक्त जानकारी आयुक्त पिछड़ा वर्ग ने दी है।  

मध्य प्रदेश के 7 सरकारी और 11 निजी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों को सत्र 2025-26 के लिए मान्यता, 482 आयुर्वेद कॉलेजों का निर्णय भी लंबित

भोपाल  केंद्रीय आयुष मंत्रालय और नेशनल कमीशन फॉर इंडियन सिस्टम ऑफ मेडिसिन, नई दिल्ली ने मध्य प्रदेश के 7 सरकारी और 11 निजी आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों को सत्र 2025-26 के लिए मान्यता दे दी है। इनमें भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन, इंदौर और बुरहानपुर के सरकारी आयुर्वेद कॉलेज शामिल हैं। हालांकि, प्रदेश के 16 अन्य आयुर्वेद कॉलेजों की मान्यता पर फैसला अभी बाकी है। देशभर में 482 आयुर्वेद कॉलेजों की मान्यता का निर्णय भी लंबित है। भोपाल के पंडित खुशीलाल शर्मा सरकारी आयुर्वेद कॉलेज को 75 यूजी (अंडरग्रेजुएट) और 74 पीजी (पोस्टग्रेजुएट) सीटों की मंजूरी मिली है। इसके अलावा, स्कूल ऑफ आयुर्वेद साइंस, सरदार अजीत सिंह स्मृति आयुर्वेद कॉलेज, रामकृष्ण कॉलेज ऑफ आयुर्वेद और मानसरोवर आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज को 100-100 यूजी बीएएमएस सीटों समेत कुल 18 कॉलेजों को मान्यता दी गई है। मान्यता प्राप्त कॉलेजों और सीटों का विवरण भोपाल के पं. खुशीलाल शर्मा शासकीय आयुर्वेद कॉलेज को 75 यूजी (BAMS) और 74 पीजी सीटें मिली हैं। वहीं, भोपाल के स्कूल ऑफ आयुर्वेद साइंस, सरदार अजीत सिंह स्मृति आयुर्वेद कॉलेज, रामकृष्ण कॉलेज ऑफ आयुर्वेद और मानसरोवर आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज को 100-100 यूजी (BAMS) सीटों पर मान्यता दी गई है। आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश पाण्डेय ने बताया कि मध्य प्रदेश और देशभर के आयुर्वेद कॉलेजों में नीट 2025-26 के परिणामों के आधार पर ही दाखिले होंगे। प्रदेश में यूजी की करीब 3000 सीटें हैं, जबकि पूरे देश में 598 आयुर्वेद कॉलेजों में 42,000 से ज्यादा सीटें उपलब्ध हैं। प्रवेश प्रक्रिया और सीटों की संख्या आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश पाण्डेय ने बताया कि प्रदेश सहित देशभर के सभी आयुर्वेद कॉलेजों में प्रवेश नीट 2025-26 के परिणामों के आधार पर ही होंगे। मध्यप्रदेश में यूजी की लगभग 3000 सीटों सहित देशभर के 598 आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों में 42 हजार से अधिक सीटें हैं। देशभर में मान्यता प्राप्त कॉलेजों की स्थिति मध्यप्रदेश के अलावा, देशभर में जिन राज्यों के कॉलेजों को मान्यता मिली है, उनमें असम का 1, छत्तीसगढ़ 3, गुजरात 3, हरियाणा 2, हिमाचल 1, कर्नाटक 13, केरल 1, महाराष्ट्र 33, ओडिशा 4, पांडिचेरी 1, पंजाब 4, तेलंगाना 1, उत्तर प्रदेश 23, उत्तराखंड 7 और पश्चिम बंगाल का 1 कॉलेज शामिल है। आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. राकेश पाण्डेय ने केंद्रीय आयुष मंत्रालय और NCISM से शेष कॉलेजों की मान्यता पर शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है। जिससे नीट आयुष काउंसलिंग समय पर शुरू हो सकें और छात्रों को असुविधा न हो। मान्यता प्राप्त कॉलेजों में असम, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, ओडिशा, पॉन्डिचेरी, पंजाब, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल के कॉलेज शामिल हैं। इनमें महाराष्ट्र के 33, उत्तर प्रदेश के 23 और कर्नाटक के 13 कॉलेज प्रमुख हैं। यह कदम आयुर्वेद शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्रों के लिए नए अवसर खोलने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। एनसीआईएसएम व आयुष मंत्रालय से आग्रह है कि शेष कॉलेजों की मान्यता पर शीघ्र निर्णय हो ताकि नीट आयुष काउंसलिंग समय से प्रारंभ हो सके। – डॉ राकेश पाण्डेय, राष्ट्रीय प्रवक्ता — आयुष मेडिकल एसोसिएशन