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हमीदिया अस्पताल में अतिक्रमण को लेकर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने मोर्चा खोला, मामला मुख्यमंत्री तक पहुंचा

भोपाल  राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल की बाउंड्री बाल में कुछ लोगों ने हरे रंग का पेंट करके वहां धार्मिक झंडा लगा दिया था। जिसके बाद से जूनियर डॉक्टर ने विरोध शुरू कर दिया और थाने में शिकायत की। अब यह शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तक पहुंच गई है। जूनियर डॉक्टरों ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री को बताया है कि किस तरह से हमीदिया अस्पताल के परिसर में लगातार अतिक्रमण बढ़ रहा है। अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग  अस्पताल परिसर में हो रहे अतिक्रमण को लेकर जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने मोर्चा खोला दिया है। संगठन के अध्यक्ष डॉ कुलदीप गुप्ता का कहना है कि अस्पताल परिसर में लगातार हो रहे धार्मिक अतिक्रमण से बाहरी लोगों का लगातार आना जाना लगा रहता है जिससे अस्पताल परिसर की सिक्योरिटी एवं सेफ्टी पर समस्याएं खड़ी हो रही है। लगातार डॉक्टरों के साथ कर्मचारीयो के साथ दुर्व्यवहार के मामले सामने आ रहे है। हमारा यही मानना है अस्पताल परिसरों को सुरक्षित किया जाए, जिससे डॉक्टर अपने रोगियों की सेवा पूरी तन्मयता निर्भयता के साथ और पूरी लगन के साथ कर सके । निरंतर धार्मिक अतिक्रमण की समस्या सीएम से शिकायत में कहा गया है कि गांधी चिकित्सा महाविद्यालय एवं हमीदिया चिकित्सालय, भोपाल जो कि राज्य का एक प्रमुख चिकित्सा एवं शैक्षणिक संस्थान है, वर्तमान में निरंतर धार्मिक अतिक्रमण की समस्या से ग्रसित हो रहा है। यह अतिक्रमण बाहरी व्यक्तियों द्वारा किया जा रहा है। जिसमे परिसर के अंदर के लोग भी इन गतिविधियों को संचालित करने के लिए सहयोग कर रहे है। जो न केवल संस्थान की गरिमा को ठेस पहुंचा रहा है, बल्कि चिकित्सा सेवाओं एवं शैक्षणिक वातावरण में भी बाधा उत्पन्न कर रहा है। लगातार बाहरी लोगों के द्वारा अनुचित और अनैतिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं जिससे महिला डॉक्टर्स की सुरक्षा के साथ बड़ी लापरवाही भी सामने आई है । सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित शिकायत में कहा गया है कि यह अत्यंत खेदजनक है कि यह परिसर, जो केवल चिकित्सा शिक्षा एवं मरीजों की सेवा के लिए समर्पित है, वहां धार्मिक गतिविधियां एवं असंवैधानिक अतिक्रमण बढ़ते जा रहे हैं। इससे न केवल सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि रोगियों, चिकित्सकों, और विद्यार्थियों को मानसिक तनाव एवं असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह है प्रमुख मांगे 1. परिसर में हो रहे अवैध धार्मिक अतिक्रमणों की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। 2. बाहरी व्यक्तियों की अनाधिकृत प्रवेश पर रोक लगाई जाए एवं सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए। 3. चिकित्सा शिक्षा और रोगी देखभाल के माहौल को शुद्ध एवं सुरक्षित बनाए रखने हेतु उचित प्रशासनिक कार्रवाई की जाए। पहले भी हो चुका है अतिक्रमण यह कोई पहला मामला नहीं है जब हमीदिया अस्पताल परिसर में धार्मिक अतिक्रमण हुआ हो। पिछले साल भी लाइब्रेरी के पास बनी एक मजार को बढ़ाने को लेकर विवाद खड़ा हुआ था। उस समय सिटी एसडीएम ने अस्पताल परिसर का निरीक्षण कर अतिक्रमण को चिह्नित किया था। इसके बाद जिला प्रशासन, गांधी मेडिकल कॉलेज, पीडब्ल्यूडी, नगर निगम और अन्य विभागों की संयुक्त बैठक कर कार्रवाई करने की बात कही गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।  

युक्तियुक्तकरण नीति : शिक्षकों की पदस्थापना से बदला विद्यालय का परिदृश्य

रायपुर, राज्य शासन की युक्तियुक्तकरण नीति के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है। महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड अंतर्गत शासकीय हायर सेकंडरी स्कूल, घुंचापाली इसका एक सशक्त उदाहरण है। जहाँ पूर्व में शिक्षकों की कमी के कारण शैक्षणिक गतिविधियाँ प्रभावित हो रही थीं, वहीं अब अंग्रेजी एवं भौतिकी विषय के शिक्षकों की पदस्थापना से न केवल पठन-पाठन में गुणवत्ता आई है, बल्कि विद्यार्थियों की संख्या में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। विद्यालय में अंग्रेजी विषय के व्याख्याता संजय गिरी गोस्वामी एवं भौतिकी विषय के लिए व्याख्याता तिर्की मैडम की पदस्थापना से शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ है। इन विषयों के शिक्षक लंबे समय से विद्यालय में नहीं थे, जिसके चलते विद्यार्थियों के प्रवेश में गिरावट आ रही थी और कई छात्र जाने लगे थे। युक्तियुक्तकरण की बदौलत विद्यालय में नया शैक्षणिक वातावरण निर्मित किया है। विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य ने बताया कि शिक्षक उपलब्ध न होने के कारण पूर्व में कक्षा 9 में बच्चों का प्रवेश न के बराबर था। स्थिति इतनी गंभीर थी कि पूर्व में दर्ज छात्र भी स्थानांतरण प्रमाणपत्र (टीसी) लेकर विद्यालय छोड़ रहे थे। परंतु वर्तमान शैक्षणिक सत्र में दिनांक 05 जुलाई 2025 तक कक्षा 9 में 48 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है, जिससे विद्यालय की कुल दर्ज संख्या बढ़कर 87 हो गई है। जिला शिक्षा अधिकारी ने विधालय के निरीक्षण के दौरान शिक्षकों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि विद्यालय में आवश्यक भौतिक संसाधनों की पूर्ति हेतु विभागीय स्तर पर हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

हाई कोर्ट के बाद स्पेशल कोर्ट ने भी झटका दिया, अब्बास अंसारी को नहीं मिली राहत

मऊ  भडकाऊ भाषण मामले में निवर्तमान सदर विधायक अब्बास अंसारी को विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए राजीव कुमार वत्स ने कोई राहत नहीं दी। उसके सजा के विरुद्ध दाखिल किए गए स्थगन आदेश के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही अपील निस्तारण पर सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तिथि निर्धारित की है। कोर्ट ने इसके साथ ही सुहैलदेव भारतीय समाज पार्टी से विधायक रहे अब्बास अंसारी को अपील के निस्तारण तक जमानत पर छोड़ने का आदेश दिया है। विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए राजीव कुमार वत्स के फैसले के बाद अब मऊ सदर सीट पर विधानसभा का उप चुनाव होने की संभावना बढ़ गई है। राजेश कुमार पांडेय व अनिल कुमार पांडेय ने इस मामले अभियोजन की तरफ से अपना पक्ष रखा। इस मामले में अब्बास अंसारी की तरफ से उनके अधिवक्ता दारोगा सिंह व विपक्षी संख्या एक वादी गंगाराम बिंद की तरफ से सदानंद राय ने बहस की। गौरतलब है कि तीन मार्च 2022 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे अब्बास अंसारी ने जनसभा के दौरान मंच से अधिकारियों को सबक सिखाने की धमकी दी थी। इस मामले में शहर कोतवाली में दर्ज एफआइआर के बाद न्यायालय में बीते 31 मई को दो साल का कारावास व 11 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई थी। इसके बाद से उसकी विधायकी चली गई थी। भड़काऊ भाषण मामले में दो वर्ष की सजा के खिलाफ अब्बास अंसारी की अपील पर शनिवार शाम को विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट राजीव कुमार वत्स ने फैसला सुनाया। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी हो गई और पिछली सुनवाई में अदालत ने फैसला सुनाने के लिए पांच जुलाई की तारीख तय की थी। अदालत ने बीती 31 मई को अब्बास को दोषी मानते हुए दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद उनकी विधायकी चली गई थी। विधानसभा चुनाव के दौरान तीन मार्च 2022 को एक जनसभा के दौरान मंच से अब्बास ने जीतने के बाद अधिकारियों को सबक सिखाने की धमकी दी थी। मामले में शहर कोतवाली में एफआइआर दर्ज कराई गई थी। अब्बास ने सुभासपा के टिकट पर मऊ सदर से चुनाव जीता था।  

7 जुलाई को कांग्रेस की सभा, बैज ने बोले – किसान, जवान और संविधान पर केंद्र और राज्य की सरकार लगातार कर रही प्रहार

रायपुर कांग्रेस की 7 जुलाई को होने वाली किसान, जवान, संविधान सभा में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के के साथ महासचिव केसी वेणुगोपाल भी शामिल होंगे. आयोजन में 25 हजार से अधिक कार्यकर्ता, किसान और जवान की भागीदारी होगी. छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सभा के जरिए बिगुल फूंकने की बात कहते हुए कहा कि “किसान, जवान और संविधान” पर केंद्र और राज्य की सरकार लगातार प्रहार कर रही है. छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सभा की जानकारी देने राजीव भवन में कांग्रेस के प्रदेश सह-प्रभारी और वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मीडिया से रू-ब-रू हुए. इस दौरान उन्होंने सभा को देश के लिए एक मील का पत्थर बताया है. उन्होंने कहा कि सभा का उद्देश्य प्रदेश की कानून व्यवस्था, महिलाओं के ख़िलाफ़ बढ़ते अपराध, किसानों के लिए DAP और खाद की कमी, नक्सलवाद उन्मूलन के ख़िलाफ़ लड़ाई के नाम पर निर्दोष आदिवासियों को मारने के साथ लचर बिजली व्यवस्था, छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को बेचने, 10 हजार स्कूलों को बंद करने, अवैध शराब बिक्री और नई शराब दुकान खोलने के खिलाफ आवाज उठाना है. दीपक बैज ने कहा कि आयोजन की तैयारी में प्रदेश प्रभारी के साथ तमाम वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी जुटे हुए हैं. इस ऐतिहासिक जनसभा के बाद छत्तीसगढ़ के कार्यकर्ताओं, किसानों और जवानों को एक नई ताकत और ऊर्जा मिलेगी. इस सभा के जरिए कांग्रेस पार्टी एक बिगुल फूंकने जा रही है.

डी.ए.पी. की कमी को पूरा करने छत्तीसगढ़ सरकार की प्रभावी पहल

रायपुर, राज्य में खरीफ सीजन 2025 के दौरान विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों की मांग को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने समय रहते न सिर्फ इसकी ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की बल्कि रासायनिक उर्वरकों की आपूर्ति भंडारण एवं वितरण व्यवस्था पर भी लगातार निगरानी रख रही है, जिसके चलते राज्य में रासायनिक उर्वरकों के भण्डरण एवं उठाव की स्थिति बेहतर बनी हुई है। डी.ए.पी. की कमी को पूरा करने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने एन.पी.के., सुपर फास्फेट और नेनो डी.ए.पी. जैसे वैकल्पिक उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर किसानों के हितों का ध्यान रखा है। छत्तीसगढ़ में अब तक विभिन्न प्रकार के 12.27 लाख मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण कर लिया गया है, जिससे खरीफ सीजन में किसानों को समय पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध हो सकें।  छत्तीसगढ़ राज्य में खरीफ 2025 में पूर्व में कुल 14.62 लाख मीट्रिक टन उर्वरक वितरण का लक्ष्य निर्धारित था। इसमें यूरिया 7.12 लाख, डी.ए.पी. 3.10 लाख, एन.पी.के. 1.80 लाख, पोटाश 60 हजार तथा सुपर फास्फेट 2 लाख मीट्रिक टन शामिल हैं। वर्तमान में कुल 12.27 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण किया जा चुका है। डीएपी की आपूर्ति में कमी के चलते उर्वरक वितरण के लक्ष्य को संशोधित कर अन्य वैकल्पिक उर्वरकों जैसे- एनपीके, एसएसपी के लक्ष्य में 4.62 लाख मीट्रिक टन की उल्लेखनीय वृद्धि की है, जिसके चलते खरीफ सीजन 2025 में विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों की वितरण का लक्ष्य 17.18 लाख मीट्रिक टन हो गया है। राज्य में अब तक 5.63 लाख मीट्रिक टन यूरिया का भंडारण एवं 3.76 लाख मीट्रिक टन का वितरण किया गया है। किसानों को अभी 1.86 लाख मीट्रिक टन यूरिया वितरण हेतु उपलब्ध है। यहां यह उल्लेखनीय है कि यूरिया का उपयोग धान फसल में तीन बार किया जाता है। पहली बार बुवाई अथवा रोपाई के समय कुल अनुशंसित मात्रा का 30 प्रतिशत, दूसरी बार 3 से 4 सप्ताह बाद कन्से निकलने के समय एवं तीसरी बार 7 से 8 सप्ताह बाद गभौट अवस्था में किया जाता है। इस प्रकार यूरिया का उपयोग बुवाई से लेकर सितंबर तक विभिन्न अवस्थाओं में किया जाना है, जिसके अनुरूप राज्य में यूरिया की चरणबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। डी.ए.पी. के आयात में राष्ट्रीय स्तर पर कमी को देखते हुए राज्य शासन ने समय रहते वैकल्पिक उर्वरकों की दिशा में ठोस पहल की है, जिसके चलते एन.पी.के. को लक्ष्य बढ़ाकर 4.90 लाख तथा सुपर फास्फेट का 3.53 लाख मीट्रिक टन कर दिया गया। वर्तमान में एन.पी.के. 11 हजार एवं सुपर फास्फेट 54 हजार मीट्रिक टन, लक्ष्य से अधिक भंडारित है, जिससे 23 हजार 600 मीट्रिक टन डी.ए.पी. में उपलब्ध फॉस्फेट तत्व की पूर्ति होगी। छत्तीसगढ़ राज्य को चालू माह जुलाई में आपूर्ति प्लान के अनुसार कुल 2.33 लाख मी. टन उर्वरक मिलेगी। जिसमें यूरिया 1.25 लाख, डी.ए.पी. 48,850, एन.पी.के. 34,380, पोटाश 10 हजार एवं सुपर फास्फेट 76 हजार मी. टन शामिल हैं। जुलाई के अंत तक डी.ए.पी. का कुल भंडारण 1.95 लाख मी. टन तक होने की उम्मीद है। राज्य में डी.ए.पी. की कमी से बचाव हेतु 25 हजार मी. टन सुपर फास्फेट एवं 40 हजार मी. टन एन.पी.के. के अतिरिक्त भंडारण का लक्ष्य तय किया गया है। साथ ही, नैनो डी.ए.पी. उर्वरक को बढ़ावा देने हेतु सहकारी क्षेत्र में एक लाख बाटल का भंडारण किया जा रहा है, जिससे 25 हजार मीट्रिक टन पारंपरिक डी.ए.पी. की आवश्यकता की पूर्ति होगी। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा अप्रैल माह से ही वैकल्पिक उर्वरकों के प्रचार-प्रसार हेतु पोस्टर पैम्फलेट तैयार कर समस्त सहकारी समितियों एवं उपार्जन केन्द्रों में प्रदर्शित किए गए डीएपी, उर्वरक के स्थान पर अन्य वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के बारे में किसानों को जानकारी दी गई। इसी कड़ी में कृषि वैज्ञानिकों एवं कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों को विकसित कृषि संकल्प अभियान के दौरान एन.पी.के, सुपर फास्फेट एवं नेनो डी.ए.पी. के वैज्ञानिक उपयोग का प्रशिक्षण भी दिया। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा कुशल प्रबंधन कर खरीफ 2025 में उर्वरकों की निर्बाध आपूर्ति की जा रही है।

एक देश एक विधान राष्ट्रीय कार्यक्रम रवीन्द्र भवन में आज, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे शामिल

भोपाल राष्ट्रीय एकता और संवैधानिक अखण्डता के प्रणेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के 125वें जन्म-दिवस पर 6 जुलाई को शाम 6 बजे अंजनी सभागार रवीन्द्र भवन में एक देश एक विधान राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। “एक देश दो विधान, एक देश दो प्रधान नहीं चलेगा‘’ अपने इस युगांतरकारी विचार से भारत की एकता की बुनियाद को अटल मजबूती देने वाले डॉ. मुखर्जी के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में वैचारिक सत्र होगा। साथ ही लघु फिल्म का प्रदर्शन और एक प्रदर्शनी भी लगायी जायेगी।  

मिड डे मील में लापरवाही: छिपकली मिलने से तीन बच्चों की हालत बिगड़ी, मचा हड़कंप

शहडोल जिले के ब्यौहारी विकासखंड की शासकीय माध्यमिक विद्यालय चरका में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां मध्यान भोजन खाने के बाद बच्चों बीमार हो गए हैं,जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वजनों का कहना है कि उनके बच्चों की थाली में छिपकली मिली थी। शुरुआत में जिन बच्चों ने भोजन खाया उनकी तबीयत बिगड़ गई। कुछ ने अस्पताल में उल्टियां शुरू कर दी, और कुछ बच्चे घर पहुंचने के बाद बीमार पड़े,जिसमें तीन का इलाज सिविल अस्पताल ब्यौहारी में जारी है। शुक्रवार को मध्यान भोजन में यह गड़बड़ी सामने आई है। बीएमओ निशांत सिंह परिहार ने कहा तीनों बच्चों की उम्र 12 और 13 वर्ष के बीच है। जब इन बच्चों को अस्पताल लाया गया था तो उनकी हालत गम्भीर थी, बच्चे उल्टियां कर रहे थे, जिन्हें भर्ती कर उपचार किया गया, अब इनकी हालत बेहतर है।आब्जरवेशन के लिए उन्हें अस्पताल में अभी भर्ती रखा गया है। उन्होंने बताया कि बच्चों के परिजनों का कहना था कि स्कूल में मध्यान्‍‍‍हह भोजन में छिपकली गिर गई थी और खाना खाने के बाद ही इनकी तबीयत बिगड़ी है।बीएमओ के अनुसार पूनम साहू पिता हनुमानदीन,नेहा सेन पिता महेश सेन, आशियाना साहू पिता राम जी साहू का अस्पताल में भर्ती कर उपचार किया जा रहा है।   पिता ने रो-रोकर बताई घटना नेहा सेन के पिता महेश सेन जब अपनी बच्ची को अस्पताल लेकर पहुंचे तो उनकी बच्ची की हालत काफी नाजुक थी। डाॅक्टर ने तत्काल नेहा को भर्ती करउपचार किया, जिसके बाद उसकी हालत बेहतर हुई। वहीं नेहा के पिता ने एक बयान भी दिया है, उन्होंने कहा कि नेहा ने ठीक होने के बाद बताया कि स्कूल में मध्यान भोजन में छिपकली गिर गई थी,और नेहा की ही थाली में वह मिली थी, जिसे बताते हुए महेश रोते हुए नजर आए। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ी लापरवाही है।गांव के सरपंच बनवारी सिंह ने कहा कि वह स्व सहायता समूह द्वारा लापरवाही बरती गई है, जो गंभीर है, बड़ी घटना हो सकती थी, हम इस मामले पर पंचायत में एक बैठक करेंगे।

KYC नहीं करवाया तो ब्लॉक हो जाएंगे गैस कनेक्शन, 3.28 लाख से अधिक बाकि

रायपुर छत्तीसगढ़ में गैस उपभोक्ताओं के लिए सरकार द्वारा अनिवार्य किए गए केवाईसी सत्यापन के बावजूद अब तक 3.28 लाख से अधिक उपभोक्ताओं ने गैस सिलेंडर के लिए जरूरी दस्तावेज सत्यापन नहीं कराया है। ऐसे उपभोक्ताओं के कनेक्शन अब ब्लाक किए जा रहे हैं। सरकार और गैस एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि जो उपभोक्ता समय-सीमा में सत्यापन नहीं कराते, उन्हें फर्जी कनेक्शन की श्रेणी में माना जाएगा और उन्हें गैस सिलेंडर नहीं मिलेगा। सरकार की ओर से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सामान्य घरेलू उपभोक्ता, और एपीएल/बीपीएल कार्डधारियों को कई बार गैस कनेक्शन के लिए सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए, लेकिन बड़ी संख्या में लोगों ने अभी तक ऐसा नहीं किया है। अधिकारियों के अनुसार, अधिकांश अनवेरिफाइड उपभोक्ता ग्रामीण क्षेत्रों से हैं, जिन्हें सूचना या सुविधा नहीं मिल पाई।गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर सत्यापन करें, लेकिन इसमें धीमी प्रगति हो रही है। प्रशासनिक अधिकारियों का मानना है कि सत्यापन से बचने वाले उपभोक्ताओं में बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेजों के जरिए गैस कनेक्शन लेने वाले लोग हो सकते हैं। इसलिए सत्यापन न करवाने वालों का कनेक्शन फर्जी मानते हुए ब्लाक किया जा रहा है। अब ऐसे उपभोक्ता आनलाइन बुकिंग भी नहीं कर सकेंगे। कई उपभोक्ता गैस एजेंसियों में शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं, जहां उन्हें पहले केवाईसी पूर्ण करने को कहा जा रहा है, तभी उन्हें सिलेंडर मिलेगा। 11 लाख में से 3.28 लाख उपभोक्ता बिना सत्यापन के बता दें कि जिले में तीनों कंपनियों के कुल 11 लाख 435 उपभोक्ता हैं, जिनमें से अब तक केवल 7 लाख 71 हजार 551 उपभोक्ताओं ने ही केवाईसी पूरी की है। जबकि 3 लाख 28 हजार 884 उपभोक्ता ऐसे हैं, जिन्होंने बार-बार चेतावनी के बावजूद सत्यापन नहीं कराया है। इनमें बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता हैं जो प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत गैस कनेक्शन प्राप्त कर चुके हैं। जिले में उज्ज्वला योजना के 7.75 लाख से अधिक लाभार्थी हैं, लेकिन इनमें से 2.31 लाख से ज्यादा ने अब तक केवाईसी नहीं कराई है। गैस कनेक्शन के लिए यह जरूरी दस्तावेज गैस एजेंसियों ने स्पष्ट कर दिया है कि उपभोक्ताओं को गैस कार्ड और आधार कार्ड के साथ एजेंसी जाना होगा। एजेंसी में उनकी फिंगरप्रिंट, आई-स्कैन और ताजा फोटो लिया जाएगा। जिस व्यक्ति के नाम पर गैस कनेक्शन दर्ज है, उसे स्वयं ही एजेंसी पहुंचकर केवाईसी कराना अनिवार्य है। इसे लेकर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के नियंत्रक भूपेंद्र मिश्र ने कहा कि शासन की ओर से केवाईसी नहीं कराने वाले के कनेक्शन को ब्लाक किया जा रहा है। जब तक जाकर केवाईसी नहीं कराएंगे तब तक फिर से गैस बुक नहीं करा सकेंगे।

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने कहा- ईश्वर की कृपा और संतों के आशीर्वाद से प्रदेश समृद्ध एवं खुशहाल

भोपाल धर्म सनातन की ध्वजा लेकर देश को आगे बढ़ाने का कार्य हमारे देश के संत कर रहे हैं और ईश्वर की कृपा तथा संतों के आशीर्वाद से देश और प्रदेश समृद्ध एवं खुशहाल बन रहे हैं। उक्त विचार उप मुख्यमंत्री एवं सागर जिले के प्रभारी मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने सागर में आयोजित संत श्री रविशंकर रावतपुरा सरकार के जन्मोत्सव कार्यक्रम में व्यक्त किए। इस अवसर पर संत श्री रविशंकर जी महाराज, संत श्री आनंद ब्रह्मचारी, संत श्री रामलखन महाराज, संत श्री सुदर्शन दास जी, विधायक श्री प्रदीप लारिया, महापौर श्रीमती संगीता तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हीरासिंह राजपूत, श्री श्याम तिवारी, श्रीमती रानी कुशवाहा, श्री गौरव सिरोठिया सहित बड़ी संख्या में संत समुदाय, जनप्रतिनिधि एवं भक्तगण उपस्थित थे। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि तन, मन और जीवन को समर्पित करने वाला व्यक्ति ही संत बन सकता है, और यही कार्य हमारे संत श्री रविशंकर महाराज कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्म सनातन की ध्वजा लेकर देश और प्रदेश को समृद्ध बनाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि रावतपुरा सरकार का संकल्प है कि 11 सदाशिव शंकर जी की मूर्तियाँ स्थापित की जाएंगी, जिनमें से सागर में 75 फीट ऊँची सदाशिव की मूर्ति का लोकार्पण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि तेरा तुझको अर्पण, मेरा क्या लागे की भावना की तर्ज पर ही सरकार कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि संतों की वाणी पर कोई तर्क नहीं किया जा सकता; उनकी वाणी को श्रद्धा से ग्रहण कर उसे आगे बढ़ाने का कार्य किया जाना चाहिए। रावतपुरा सरकार द्वारा देशभर में 200 स्थानों पर शिक्षा, स्वास्थ्य और जनकल्याण की संस्थाएँ संचालित की जा रही हैं। शिक्षा की संस्थाएँ खोलकर गरीबों को शिक्षित करने का कार्य कर समाज को नई दिशा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश में संत-महात्माओं का वास है, इसलिए हमारा प्रदेश सुखी और समृद्ध है। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि रावतपुरा सरकार ने हमें दो मंत्र दिए हैं, जिन पर मैं चल रहा हूँ। पहला, मंदिरों को बेहतर बनाएं और दूसरा यदि कोई व्यक्ति आपके समक्ष अपनी समस्या लेकर आए, तो उसका कार्य तत्काल करें। इससे हमें आत्मिक शांति मिलती है। ग्रामीण विकास मंत्री श्री पहलाद पटेल ने कहा कि आध्यात्मिक मार्ग, तपस्या और तप का मार्ग होता है, जिस पर चलना अत्यंत कठिन होता है। जो व्यक्ति इस मार्ग पर चलता है, वही महात्मा बनता है, क्योंकि तपस्या और तप से नई ऊर्जा प्राप्त होती है। इस ऊर्जा के सामने माया भी टिक नहीं पाती। उन्होंने बताया कि वर्ष 1990 में हम रावतपुरा सरकार के चरणों में पहुँचे और लगभग 10 से 11 वर्षों तक उनके आशीर्वाद और तपस्या का लाभ प्राप्त किया। उनकी तपस्या से मिली अनुशासन और ऊर्जा की सीख से आज मैं देश और प्रदेश की सेवा कर पा रहा हूँ। उन्होंने कहा कि मौन साधना भी एक बड़ी तपस्या होती है, और यह रावतपुरा सरकार में विद्यमान है। उन्होंने कहा कि गुरु ने अपने शिष्यों को नियमों की पुस्तिका प्रदान की है, और सभी को उसी पुस्तिका के अनुसार भक्ति करनी चाहिए तथा नियमों का पालन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि हमारी भक्ति स्वार्थ या लाभ की नहीं होनी चाहिए, बल्कि श्रद्धा और समर्पण की होनी चाहिए।  खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि श्रद्धा, भक्ति और आस्था का महाकुंभ है रावतपुरा सरकार का जन्मोत्सव, प्रकटोत्सव। उन्होंने कहा कि इस महाकुंभ में रावतपुरा सरकार द्वारा जो 75 फीट ऊँची भगवान शंकर की मूर्ति स्थापित की गई है, उससे सागर की माताओं, बहनों और श्रद्धालुओं को मकरोनिया-खुरई रोड के साथ-साथ शहर के मध्य भगवान शंकर की पूजा-अर्चना करने का सौभाग्य प्राप्त होगा। मंत्री श्री राजपूत ने कहा कि रावतपुरा सरकार के व्यक्तित्व में सज्जनता, निर्मलता, धैर्य और दया भाव कूट-कूटकर भरे हैं। वे निरंतर धर्म, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रावतपुरा सरकार ने वेदांती को एक तीर्थ स्थल बना दिया है, जहाँ मथुरा, काशी और वृंदावन का अनुभव वेदांती धाम में प्राप्त होता है। रहली विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि रावतपुरा सरकार धाम में जो कार्य हुए हैं, वे यूरोप और अमेरिका से भी श्रेष्ठ हैं। उन्होंने कहा कि धर्म की बात तो सभी करते हैं, पर यदि हम सभी धर्मों के साथ सेवा और भक्ति का मार्ग अपनाएं तो भारत निश्चित ही विश्वगुरु बनेगा। उन्होंने यह भी कहा कि रावतपुरा सरकार चिकित्सा, तकनीक और शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करते हुए गरीबों के कल्याण के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वेदांती में सदाशिव की मूर्ति की स्थापना से भक्ति और पर्यटन का एक नया अध्याय प्रारंभ होगा। सरकार के भीतर अलौकिक ईश्वरीय ज्ञान विद्यमान है। विधायक एवं पूर्व मंत्री श्री भूपेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 25 वर्षों से हमें रावतपुरा सरकार का आशीर्वाद प्राप्त है, और उसी आशीर्वाद से हम नई ऊर्जा के साथ क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का तप, तपस्या और ज्ञान हम सभी को नई ऊर्जा प्रदान करता है। स्वास्थ्य सहित विभिन्न क्षेत्रों में महाराज जी द्वारा निरंतर सेवा का कार्य किया जा रहा है। संत हमारी आत्मा को प्रकाश देने का कार्य करते हैं। महाराज जी के चरणों में नमन करते हुए हम यही कामना करते हैं कि उनकी कृपा और आशीर्वाद सदैव बना रहे। उन्होंने कहा कि यदि किसी के जीवन में संत नहीं हैं, तो वह जीवन व्यर्थ है, क्योंकि बिना संत के जीवन में मार्गदर्शन नहीं मिलता। हमें संतों से प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मात्र 9 वर्ष की आयु में रावतपुरा सरकार ने त्याग और साधना का मार्ग चुनते हुए धर्म, देश और समाज के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। विधायक श्री शैलेन्द्र जैन ने कहा कि रावतपुरा सरकार ने मुझे बिना माँगे सब कुछ प्रदान किया है, और वे इसी प्रकार सभी को सब कुछ प्रदान करते हैं। श्री जैन ने कहा कि रावतपुरा सरकार की तपस्या अद्भुत और अनुकरणीय है। उनमें सरलता, सौम्यता और विलक्षण व्यक्तित्व का खजाना है। वे प्रेरणा के पुंज हैं। उनकी प्रेरणा पर चलकर … Read more

उप मुख्यमंत्री देवड़ा से मिले नेशनल चैम्पियनशिप विजेता आर्म रेसलर भाई-बहन रोहित और खुशी

भोपाल   उप मुख्यमंत्री श्री जगदीश देवड़ा से शनिवार को उनके निवास पर केरला के त्रिसुर में आयोजित नेशनल चैंपियनशिप-2025 पंजा कुश्ती (आर्म रेसलिंग) में स्वर्ण पदक विजेता रोहित सिंह और उनकी बहन कांस्य पदक विजेता खुशी लहरिया ने भेंट की। नेशनल चैम्पियनशिप में रोहित सिंह ने 2 स्वर्ण पदक और खुशी लहरिया ने 1 कांस्य पदक जीता है। उप मुख्यमंत्री ने रोहित सिंह और खुशी लहरिया के पदक जीतने पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपने मध्यप्रदेश का नाम देश में रोशन किया है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खेलों में मध्यप्रदेश के साथ देश का नाम भी रोशन करें। भाई-बहन रोहित एवं खुशी के कोच विक्रम अवार्डी श्री मनीष कुमार के कुशल नेतृत्व एवं प्रशिक्षण से दोनों भाई-बहन ने बेहतर प्रदर्शन किया है। उनके माता-पिता ने बताया कि प्रशिक्षण एवं लगन की बल पर दोनों बच्चों ने स्वर्ण एवं कांस्य पदक जीता है।