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मोहन भागवत ने आदेश दिया: RSS के स्वयंसेवक एसआइआर में करेंगे सक्रिय योगदान

RSS स्वयंसेवक एसआइआर में देंगे सहयोग, मोहन भागवत ने जारी किया निर्देश मोहन भागवत ने आदेश दिया: RSS के स्वयंसेवक एसआइआर में करेंगे सक्रिय योगदान एसआइआर में RSS का हाथ: स्वयंसेवक करेंगे सहयोग, मोहन भागवत ने लिया निर्णय जबलपुर  राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में दूसरे दिन देश के विभिन्न राज्यों में शुरू हुए विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआइआर) अभियान में सहयोग करने पर चर्चा हुई। राष्ट्रहित से जुड़े मुद्दे पर स्वयंसेवकों को बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने को कहा गया ताकि घुसपैठियों की पहचान उजागर हो सके। खासतौर पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर संघ चिंतित है। शुक्रवार को बैठक तीन सत्रों में हुई, जिसमें पंच परिवर्तन के विषयों समेत जनसंख्या असंतुलन, गो हत्या जैसे मामलों पर बात की गई। बैठक में सरसंघचालक डा. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले की मौजूदगी में प्रस्तावों पर चर्चा हुई। संघ ने साफ किया कि पंच परिवर्तन का विषय व्यापक है, जिसका कार्य होना है। इसके जरिए मजबूत राष्ट्र और समाज का निर्माण संभव है। पंच परिवर्तन के पांच आयाम के बल पर समाज में सकारात्मक और स्थायी बदलाव संभव है। बैठक में सरकार्यवाह द्वारा श्री गुरुतेगबहादुर के 350वें बलिदान दिवस और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर वक्तव्य जारी किए गए।स्वदेशी पर दें जोरराष्ट्र को सशक्त बनाने के लिए संघ ने पंच परिवर्तन के चौथे मूल स्व-भाव जागरण के तहत विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया। प्रस्ताव में तय हुआ कि स्वदेशी उत्पादों को गौरव से जोड़कर लोगों को भी प्रेरित किया जाए ताकि देश का पैसा देश में रहे। ये हैं पंच परिवर्तन के मूल सामाजिक समरसता: मंदिर, श्मशान और जलस्त्रोत जैसे सार्वजनिक स्थान सभी के लिए समान हों। जाति और भेदभाव की दीवारों को मिटाकर, समाज को एक परिवार के रूप में जोड़ना ही इसका मुख्य लक्ष्य है। कुटुंब प्रबोधन: व्यस्त जिंदगी में परिवार टूट रहे हैं। संघ चाहता है कि परिवारों में मूल्य आधारित जीवन, आपसी सम्मान और संवाद कायम रहे, ताकि अगली पीढ़ी को अच्छे संस्कार मिलें। पर्यावरण संरक्षण: पौधारोपण, जल संरक्षण और प्लास्टिक के कम उपयोग जैसी पहल को बढ़ावा देना। लक्ष्य है हर व्यक्ति में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता पैदा करना। स्व-भाव जागरण: लोग आत्मनिर्भर बनें और भारतीय संस्कृति पर गर्व करें। विदेशी प्रभाव से हटकर देशी उत्पादों को अपनाना और अपनी परंपराओं को सम्मान देना ही सच्चा राष्ट्र गौरव है। नागरिक कर्तव्य: कर भुगतान, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और स्वच्छता जैसे कर्तव्यों पर जोर दिया गया है। संघ का मानना है कि देश तब आगे बढ़ता है जब हर नागरिक अपने कर्तव्य को समझकर निभाता है।  

गंगा स्नान मेला 2025: यात्रियों के लिए स्पेशल ट्रेनें, शालीमार एक्सप्रेस 31 दिसंबर तक रहेगी बंद

मुजफ्फरनगर भागवत भूमि शुकतीर्थ में तंबुओं की नगरी बसने लगी है। पांच नवंबर को कार्तिक गंगा स्नान मेला है। इसके लिए रेल मंत्रालय ने श्रद्धालुओं को स्पेशल ट्रेन की सौगात दी है। दिल्ली से हरिद्वार तक स्पेशल ट्रेन चलेगी। इससे कार्तिक गंगा स्नान में आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी। वहीं, रेलवे विभाग ने शालीमार एक्सप्रेस को 31 दिसंबर तक बंद कर दिया है। भागवत भूमि शुकतीर्थ में कार्तिक गंगा स्नान मेले पश्चिमी उत्तर प्रदेश में विशेष महत्व रखता है। इसके लिए दूर-दराज से श्रद्धालु भागवत भूमि पहुंचकर पूजा-पाठ करने के अलावा विभिन्न धार्मिक क्रियाएं, अनुष्ठान करते हैं। स्टेशन अधीक्षक पवन कुमार ने बताया कि गंगा स्नान मेला पर्व को लेकर रेल मंत्रालय ने श्रद्धालुओं को सुविधा दी है। दिल्ली से हरिद्वार तक चार एवं पांच नवंबर को स्पेशल ट्रेन का संचालन होगा। यह ट्रेन दिल्ली से चलकर मुजफ्फरनगर रात्रि 12.05 बजे पहुंचेगी, जबकि दो मिनट बाद रवाना होगी। वहीं हरिद्वार से चलकर दिल्ली जाते समय मुजफ्फरनगर में 5.45 बजे रूकेगी, जबकि दो मिनट का स्टाप लेकर आगे रवाना होगी। उधर, दैनिक यात्री संघ ने रेलवे विभाग को शिकायत दी है। जिसमें कहा कि शालीमार एक्सप्रेस को 31 दिसंबर तक के लिए निरस्त कर दिया गया है। इससे प्रात: एवं शाम को विभिन्न जनपदों में ड्यूटी पर आने-जाने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। दैनिक यात्री संघ के अध्यक्ष घनश्याम भगत ने बताया कि ट्रेन निरस्त होने से यात्रियों को परेशानी हो रही है। नवंबर में विवाह का सीजन आरंभ होगा। इस कारण यात्रियों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने ट्रेन को निरस्त नहीं करने की मांग की है। 

आईपीएस के भाई से पुलिस की अभद्रता! ड्यूटी पर तैनात सिपाही को जेल भेजा गया

कानपुर  यूपी पुलिस के दो सिपाहियों को देर रात आईपीएस अफसर के भाई से अभद्रता करना भारी पड़ गया। आईपीएस अफसर का भाई खाना खाने के बाद रात को ईवनिंग वाक पर निकला था। इसी दौरान दो सिपाहियों ने उनसे अभद्रता शुरू कर दी। पहले तो उन्होंने समझाने का प्रयास किया लेकिन जब पुलिसकर्मी नहीं माने तो स्वरूप नगर पुलिस को जानकारी दी। स्वरूप नगर पुलिस पहुंची तो आरोपियों ने उनके साथ भी हाथापाई कर दी। मामला न संभलते देख स्वरूप नगर पुलिस उसे गिरफ्तार कर थाने लाई। सिपाही का मेडिकल कराया गया तो शराब पीने की पुष्टि हो गई। जिसके बाद शनिवार को उसे जेल भेज दिया गया। सिपाही के निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। कानपुर के एसीपी स्वरूप नगर के पद पर तैनात आईपीएस अधिकारी सुमित सुधाकर रामटेके लक्ष्मण बाग कॉलोनी स्थित सरकारी आवास में रहते हैं। इन दिनों महाराष्ट्र से उनके रिश्ते के भाई मिलने आए हैं। गुरुवार देर रात खाना खाने के बाद वो घर के बाहर ईवनिंग वॉक कर रहे थे। इसी दौरान डीसीपी ईस्ट के एस्कॉर्ट में तैनात ड्राइवर अंकुर अपने साथी प्रवीन के साथ शराब पीकर परिसर में घूम रहा था। दोनों ने उन्हें देखते ही अभद्रता शुरू कर दी। जब बात हद के आगे निकल गई तो उन्होंने इसकी जानकारी भाई को दी। एसीपी सुमित उस समय साउथ जोन में सरकारी कार्य में व्यस्त थे। भाई के साथ अभद्रता की जानकारी मिलने पर उन्होंने स्वरूप नगर थाने में कॉल की। इंस्पेक्टर सूर्यबली पांडेय के अवकाश पर होने के चलते कार्यवाहक इंस्पेक्टर गोपीचंद्र लक्ष्मण बाग कॉलोनी पहुंचे। यहां अंकुर पुलिस को मिल गया। बातचीत करने पर अंकुर ने कार्यवाहक इंस्पेक्टर गोपीचंद्र के साथ भी मारपीट कर दी। इस दौरान मची अफरातफरी का फायदा उठाकर यातायात विभाग में तैनात सिपाही प्रवीन फरार हो गया। जिसके बाद पुलिस बल प्रयोग कर अंकुर को थाने ले आई। मेडिकल में निकला एल्कोहल रात पुलिस ने अंकुर का मेडिकल कराया। हैलट में तैनात ईएमओ डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने अंकुर का मेडिकल किया जिसमें शराब की पुष्टि हुई। चौकी प्रभारी नगर निगम सौरभ सिंह की तहरीर पर अंकुर और प्रवीन के खिलाफ केस दर्ज किया गया। एसीपी सुमित सुधाकर रामटेके ने बताया कि अंकुर के खिलाफ केस दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। प्रवीन मोबाइल बंद करके फरार है। उसकी तलाश की जा रही है। अंकुर के खिलाफ सस्पेंशन की कार्रवाई की जाएगी।  

किन्नरों का बधाई डांस बना चर्चा का विषय, सोशल मीडिया पर मचा हंगामा

फिरोजपुर  फिरोजपुर शहर के हीरा मंडी में एक शादी वाले घर से बधाई लेने को लेकर किन्नरों के दो ग्रुपों में खूनी झड़प हो गई। इस लड़ाई में दोनों ग्रुपों के कुछ किन्नर घायल हुए हैं जिनका इलाज चल रहा है। किन्नरों के एक ग्रुप ने आरोप लगाते हुए बताया कि शादी करने वाले एक परिवार ने उनको फोन करके बधाई लेकर जाने के लिए कहा था और जब वह बधाई लेने के लिए उस घर में पहुंचे तो वहीं पर दूसरा किन्नर ग्रुप भी आ गया जिन्होंने लाठियों और अन्य हथियारों से उन पर हमला कर दिया।   किन्नरों के दूसरे ग्रुप का पक्ष दूसरी और किन्नरों के दूसरे पक्ष ने सभी आरोपी को गलत बताते हुए बताया कि यह एरिया कृष्णा महंत का है और उन्होंने यह इलाके खरीदे हुए हैं। जहां पर दूसरा ग्रुप जबरदस्ती जाकर बधाइयां लेता है और जानबूझकर उनका नुकसान करता है। बॉबी देवा और कृष्णा महंत ने कहा कि वह इस घर में बधाई लेने के लिए आए हुए थे जहां पर किन्नरों के दूसरे ग्रुप में उन पर हमला कर दिया और उनकी कार भी तोड़ दी। उन्होंने बताया कि उनके एक सदस्य के सिर पर राड़ से हमला किया गया है और एक घायल के 8 टांके लगे हैं। इस सारी घटना की रिकॉर्डिंग सी.सी.टी.वी. कैमरों में कैद हो गई। दोनों ही किन्नर ग्रुप एक दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं और एक दूसरे के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग कर रहे हैं । वास्तव में कसूरवार कौन है इस बात का पता पुलिस जांच के बाद ही चल सकेगा। समाचार लिखे जाने तक इस घटना को लेकर पुलिस द्वारा कानूनी कार्रवाई की जा रही है ।

हरियाणा में पारा लुढ़का, बढ़ा प्रदूषण का कहर — जानिए किस जिले की हवा सबसे खराब

हरियाणा  हरियाणा में मौसम ने करवट ले ली है। सूबे में सुबह और शाम ठंड लग रही है।  अब दिन के तापमान में भी गिरावट देखी जा रही है। कुछ दिन पहले तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के बीच था, अब यह घटकर 31 डिग्री तक पहुंच गया है। तापमान में गिरावट के साथ प्रदूषण का स्तर भी बढ़ रहा है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इस सप्ताह के बाद से ठंड और बढ़ेगी। वहीं भिवानी में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 406 दर्ज किया गया, जो देश के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक रहा। इसके अलावा फतेहाबाद में AQI 309, सोनीपत में 317 और बल्लभगढ़ में 320 दर्ज किया गया। बताया जा रहा है कि 4 जिलों में हवा सांस लेने लायक नहीं है। जिनमें चार शहर भिवानी, सोनीपत, फतेहाबाद और बल्लभगढ़ रेड जोन में शामिल हैं। वहीं मौसम विभाग ने बताया है कि कल तक मौसम शुष्क रहेगा।   

11 साल के मासूम की किस्मत चमकी, पंजाब दिवाली बंपर लॉटरी में बना करोड़पति

होशयारपुर लुधियाना में 31 अक्टूबर को पंजाब स्टेट डियर लॉटरी दिवाली बंपर 2025 का ड्रा निकाला गया, जिसमें होशियारपुर के डीलर की किस्मत चमक गई। होशियारपुर के एक डीलर का 1 करोड़ रुपए का इनाम निकला है। बता दें कि इस बार कुल 38 करोड़ के इनाम निकाले गए हैं। जानकारी के अनुसार, होशियारपुर से लुधियाना अपने रिश्तेदारों के घर आए एक व्यक्ति ने अपने बेटे की जिद्द पर कुछ घंटे पहले ही दिवाली बंपर का टिकट खरीदा था और उसी टिकट पर 1 करोड़ रुपए का इनाम निकल आया। खुशी में लॉटरी स्टॉल के मालिक ने लड्डू बांटे और ढोल-नगाड़ों पर भांगड़ा भी किया।  1 करोड़ रुपए की लॉटरी लगी होशियारपुर के डीलर को अधिकारियों ने बताया कि पंजाब स्टेट लॉटरी विभाग द्वारा दिवाली बंपर 2025 के लिए ₹38 करोड़ के इनामों का ड्रा निकाला गया। दूसरी ओर, लुधियाना में रिश्तेदारों के घर आए व्यक्ति ने शाम के समय घंटा घर चौक स्थित गांधी ब्रदर्स से लॉटरी टिकट खरीदे। ड्रॉ से लगभग ढाई घंटे पहले खरीदी गई टिकट पर ही उसे 1 करोड़ रुपए का इनाम मिला। विजेता ने बताया कि उनका 11 वर्षीय बेटा दिवाली बंपर लेने की जिद्द कर रहा था, और जब उन्होंने पांच आखिरी बची टिकटें खरीदीं, तो उन्हीं में से एक टिकट पर यह 1 करोड़ का इनाम निकल आया। ड्रा की तारीख और स्थान: पंजाब स्टेट दिवाली बंपर 2025 का लाइव ड्रा 31 अक्टूबर 2025 को रात 8:00 बजे लुधियाना के कैंप कार्यालय में निकाला गया। पंजाब स्टेट डियर दिवाली बंपर 2025 की इनामी संरचना इस प्रकार है:      पहला पुरस्कार (पुरस्कारों की संख्या – 1) – ₹11,00,00,000     दूसरा पुरस्कार (पुरस्कारों की संख्या – 3) – ₹1,00,00,000     तीसरा पुरस्कार (पुरस्कारों की संख्या – 3) – ₹50,00,000     चौथा पुरस्कार (पुरस्कारों की संख्या – 9) – ₹10,00,000     पांचवां पुरस्कार (पुरस्कारों की संख्या – 9) – ₹5,00,000     छठा पुरस्कार (पुरस्कारों की संख्या – 2,400) – ₹9,000     सातवां पुरस्कार (पुरस्कारों की संख्या – 2,400) – ₹5,000     आठवां पुरस्कार (पुरस्कारों की संख्या – 2,400) – ₹3,000     नवां पुरस्कार (पुरस्कारों की संख्या – 1,20,000) – ₹1,000 इस वर्ष कुल 24 लाख टिकटें तीन सीरीज — A, B और C में छपी हैं, जिनके सीरियल नंबर 200000 से 999999 तक हैं। यहां पर आपको रियल टाइम लाइव अपडेट्स और सभी विजेता नंबरों की पूरी सूची मिलेगी।  

रामभद्राचार्य का बयान: भारत में रहना है तो बोलना होगा ‘जय श्री राम’

रायपुर  छत्तीसगढ़ के पेंड्रा में हो रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने एक बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा, "अगर भारत में रहना है तो जय श्री राम कहना होगा." उन्होंने आगे कहा कि जो लोग सनातन धर्म के खिलाफ हैं, वे भारत में नहीं टिक पाएंगे. आस्तिक बनकर रहो, नहीं तो बच नहीं पाओगे. वे श्री राम के विरोध को लेकर भी इमोशनल दिखे. उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के स्वर्गीय पिता नंदकुमार बघेल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी श्रीराम की निंदा ने उन्हें दुखी किया था. वहीं उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पत्नी कौशल्या साय की भी तारीफ की. छत्तीसगढ़ में रामभद्राचार्य का तीखा बयान दरअसल, पेंड्रा में आयोजित श्रीमद्भागवत महाकथा में वक्ता जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने कहा कि अगर भारत में रहना है तो जय श्री राम बोलना होगा. सनातन से बगावत करके कोई भारत में नहीं रह सकता. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पिता नंदकुमार बघेल का जिक्र करते हुए जगद्गुरु ने कहा कि वे अब जीवित नहीं हैं, लेकिन जब उन्होंने श्री राम की आलोचना की थी, तो उन्हें बहुत दुख हुआ था. उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु दे साय की पत्नी कौशल्या साय की तारीफ करते हुए कहा कि आदिवासी इलाके में पैदा होने के बावजूद उनके संस्कार बहुत अच्छे हैं. 'गली के कुत्ते भी नहीं पूछेंगे' श्रीमद्भागवत कथा में जब भगवान कृष्ण के वंश और द्वारिका के अंत का प्रसंग आया तो स्वामी रामभद्राचार्य जी ने कथा के दौरान एक बड़ी बात कही जिसमें उन्होंने कहा कि भारत में रहना है तो आस्तिक बने रहो वरना मर जाओ, सनातन धर्म से बगावत करके कोई भारत में नहीं रह सकता. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दिवंगत पिता नंदकुमार बघेल को याद करते हुए उन्होंने कहा कि जब बड़े लोगों से जुड़े लोग सनातन धर्म की आलोचना करते हैं तो बहुत पीड़ा होती है. हालांकि वे अब नहीं रहे. उन्होंने राम जी की आलोचना की, उन्होंने अपने ही भतीजे की आलोचना की. क्या राम जी की आलोचना करके कोई यहां रह पाएगा. भारत में रहना है तो जय श्री राम बोलना होगा. यहां जय श्री राम न कहने वालों को जनता ऐसे भगाएगी कि गली के कुत्ते भी नहीं पूछेंगे. 

सगाई से पहले उठा बवाल! दुल्हन के पिता भागे दूल्हे की मां के साथ, दोनों परिवारों में मचा हंगामा

उज्जैन  उज्जैन जिले में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक अधेड़ व्यक्ति और उसकी होने वाली समधन के बीच प्रेम संबंध हो गए। दोनों ने अपने परिवारों को छोड़कर साथ रहने का फैसला किया है। यह मामला तब सामने आया जब सगाई की तैयारियां चल रही थीं और दुल्हन का पिता लड़के की मां को भगा ले गया। दोनों की प्रेम कहानी का खुलासा 8 दिन बाद हुआ जब पुलिस ने महिला को खोज निकाला और फिर अधेड़ को भी पकड़ा गया। अब दोनों परिवार को छोड़कर साथ रहने पर अड़ गए हैं। अधेड़ उम्र में प्यार यह मामला युवाओं से जुड़ा नहीं है, बल्कि अधेड़ उम्र के लोगों के बीच पनपा है। एक व्यक्ति अपनी बेटी के लिए दामाद देखने गया था, लेकिन इस दौरान उसकी मुलाकात दूल्हे की मां से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध स्थापित हो गए। जो लोग कभी रिश्ते में समधी-समधन बनने वाले थे, वे अब खुद को पति-पत्नी बता रहे हैं। सगाई तय होने के बाद भागे दोनों दोनों की प्रेम कहानी का खुलासा भी काफी नाटकीय ढंग से हुआ। लड़का और लड़की देखने के बाद जब शादी की बातचीत अंतिम चरण में थी और सगाई तय हो गई थी, उसी बीच लड़की का पिता लड़के की मां को भगा ले गया। इस घटना के आठ दिन बाद दोनों के बारे में पता चला। पुलिस ने गुरुवार को महिला को खोज निकाला, जिसके बाद अधेड़ व्यक्ति को भी पकड़ा गया। 8 दिन पहले लापता हुई महिला जानकारी के अनुसार, बड़नगर रोड स्थित ऊंटवासा गांव की 45 वर्षीय महिला आठ दिन पहले बड़नगर से लापता हो गई थी। महिला के बेटे ने गुमशुदगी दर्ज करवाई थी, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। खोजबीन के दौरान गुरुवार को महिला चिकली गांव में मिली। महिला को थाने लाकर पूछताछ की गई, जहां यह पता चला कि महिला के बड़े बेटे की शादी चिकली गांव के 50 वर्षीय किसान की बेटी से तय हुई थी। घर में चल रही थीं तैयारियां दोनों परिवारों में सगाई की तैयारियां चल रही थीं। इसी दौरान दूल्हे की मां और दुल्हन के पिता के बीच प्रेम संबंध हो गए। इस वजह से बच्चों की सगाई से पहले ही एक-दूसरे के होने वाले समधी-समधन एक साथ भाग गए। वहीं, अधेड़ किसान अपनी महिला के मिलने के बाद परिवार ने उसे बहुत समझाया, लेकिन वह अपने प्रेमी किसान के साथ जाने पर अड़ गई।  

जनता की सेवा ही धर्म है: सीएम योगी ने कहा, यूपी सरकार जनता की हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान शनिवार सुबह जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जनता की समस्याओं के समाधान को संकल्पबद्ध है और किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।  उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया वे तत्परता और संवेदनशीलता से यह सुनिश्चित करें कि हर पात्र व्यक्ति को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिले, जबरन जमीन कब्जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई हो। उन्होंने कहा कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और बिना भेदभाव सबको न्याय मिले। एक बयान के मुताबिक जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों की समस्याएं सुनीं। बयान में कहा गया है कि आदित्यनाथ ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। अपराध से संबंधित शिकायतों पर मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बयान में कहा गया है कि हर बार की तरह इस बार भी जनता दर्शन में कई लोग गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे और मुख्यमंत्री ने उनसे कहा कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा।   

हरियाणा दिवस विशेष: जहां कुरुक्षेत्र से शुरू हुई गीता की वैश्विक गूंज

चंडीगढ़   59 वर्ष के हरियाणा प्रदेश ने आध्यात्म के क्षेत्र में भी काफी प्रभावी कदम उठाए हैं। जहां भगवान श्रीकृष्ण की भूमि कुरुक्षेत्र को मथुरा व वृंदावन की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है और अब लगातार देश के साथ-साथ विदेशों से भी पर्यटक इस धर्मक्षेत्र की ओर आकर्षित हो रहे हैं तो वहीं कृष्ण की इस धरा से उठी श्रीमद् भागवत गीता के संदेश की गूंज अब वैश्विक स्तर पर भी सुनाई देने लगी है।  2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ऐतिहासिक धरा कुरुक्षेत्र से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव मनाए जाने की पहल की। इसके बाद से हर साल यह महोत्सव आयोजित किया जाता है। इस कड़ी में विदेशों में भी गीता महोत्सव का आयोजन किया गया। अब तक लंदन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, मॉरीशस, श्रीलंका व इंडोनेशिया सहित कई देशों में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा चुका है।  इंडोनिशया में गीता मनीषी महामंडलेश्वर स्वामी ज्ञानानंद महाराज के सान्निध्य में हरियाणा से विश्व के कोने-कोने तक गीता का संदेश पहुंचाया गया। इस दौरान इंडोनेशिया के बाली के सीनेटर डा. आर्य वेदा करणा को जब स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने गीता की प्रति भेंट की तो उन्होंने गीता जी को ससम्मान अपने सिर पर विराजमान कर लिया।