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धार्मिक यात्राओं के लिए योगी सरकार की योजना, पात्र लोगों को मिलेंगे 10-10 हजार रुपए

लखनऊ यूपी की योगी सरकार लगातार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास में लगी हुई है। प्रदेश के धार्मिक स्थलों के लिए पहले ही खजाना खोला जा चुका है। अयोध्या, काशी और मथुरा के अलावा तमाम हिंदू धर्मस्थलों को सजाया और संवारा जा रहा है। अब इसी क्रम में बौद्ध और सिख श्रद्धालुओं के लिए योगी सरकार बड़ी योजना लेकर आई है। इन श्रद्धालुओं के लिए सरकार दो तीर्थ यात्राएं शुरू करने जा रही है। तीर्थ यात्रियों को दस-दस हजार रुपए अनुदान के रूप में दिया भी जाएगा। शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तीर्थ यात्राएं भारतीय संस्कृति में आत्मिक उत्थान और सामाजिक समरसता का माध्यम रही हैं। ऐसे में राज्य सरकार का दायित्व है कि वह नागरिकों को उनकी आस्था से जुड़े स्थलों तक पहुंचने में सहायता प्रदान करे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बौद्ध श्रद्धालुओं की विशष्टि तीर्थ यात्राओं हेतु 'बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना' और सिख श्रद्धालुओं के लिए 'पंच तख्त यात्रा योजना' प्रारम्भ की जाए। इन योजनाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि वह अपनी आस्था के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा सुलभता से कर सकें। मुख्यमंत्री ने योजना के लाभार्थियों के चयन में बौद्ध भिक्षुओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसी प्रकार पंच तख्त यात्रा योजना सिख श्रद्धालुओं के लिए होगी। इसके अंतर्गत प्रदेश के निवासी सिख श्रद्धालुओं को भारत के पाँच पवित्र 'तख्त साहिब' स्थल की यात्रा कराई जाएगी। बता दें कि सिख पंथ के लिए पवित्र पंच तख्त स्थलों में 'श्री आनंदपुर साहिब, पंजाब, श्री अकाल तख्त साहिब, अमृतसर, पंजाब, श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो, पंजाब, श्री तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड़, महाराष्ट्र, श्री हरमंदिर जी साहिब (पटना साहिब), बिहार,' शामिल हैं। प्रस्तावित दोनों ही योजनाओं में प्रति व्यक्ति न्यूनतम 10 हजार रुपये की राशि अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दोनों योजनाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी जानी चाहिए। श्रद्धालुओं के चयन में पूरी पारदर्शिता के साथ कमजोर आय वर्ग के लोगों को वरीयता दी जानी चाहिए। दोनो ही योजनाएं आईआरसीटीसी के सहयोग से संचालित की जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ये दोनों योजनाएं श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक आस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लागू की जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि ये योजनाएं प्रदेश की समावेशी विकास नीति और 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना को और सशक्त करेंगी। प्रदेश की धार्मिक सहिष्णुता और पर्यटन को नया आयाम देंगी। इसके साथ ही 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को भी मूर्त रूप प्रदान करेंगी।  

CM साय ने पंचायत प्रतिनिधियों को दिए नेतृत्व के मंत्र, बोले – पंचायतों का विकास ही छत्तीसगढ़ की समृद्धि की नींव, सेवा भाव से करें काम

रायपुर नवा रायपुर स्थित निमोरा में आज राज्य के नवनियुक्त जिला पंचायत अध्यक्षों और उपाध्यक्षों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सेवा भावना और ईमानदारी से काम करने पर जनता हमेशा साथ देती है। उन्होंने अपने राजनीतिक अनुभव साझा करते हुए कहा, “मैंने कई बार निर्विरोध चुनाव जीते हैं। विधायक और सांसद दोनों रूपों में जनता ने मुझ पर भरोसा जताया है, क्योंकि जब भावनाएं सच्ची होती हैं, तब जनता भी मजबूती से साथ खड़ी रहती है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ एक समृद्ध प्रदेश है, जहां विकास की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने बताया कि राज्य को अब डबल इंजन की सरकार का लाभ मिल रहा है, जिससे योजनाएं और तेज़ी से धरातल पर उतर रही हैं। उन्होंने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीते वर्षों में नक्सलवाद के खिलाफ अपेक्षित सहयोग नहीं मिला, जबकि अब भाजपा सरकार नक्सलवाद के समूल नाश के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा पहले बस्तर में गोलियों की आवाजें आती थीं, अब वहां विकास की गूंज सुनाई देती है। उन्होंने बताया कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग पूरी मेहनत से काम कर रहा है और यदि पंचायतों का सशक्तिकरण होता है तो छत्तीसगढ़ का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा। मुख्यमंत्री साय ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की उपयोगिता पर बल देते हुए कहा कि यह केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने का सशक्त माध्यम है। हम सब भी सीखने की प्रक्रिया में हैं। हमारे मंत्रीगण भी दो-दो बार प्रशिक्षण ले चुके हैं। आगामी समय में मैनपाट में भी इस प्रकार का प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में प्रदेश की 11,000 पंचायतों में “अटल डिजिटल सेवा” की शुरुआत की जाएगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित होगी और स्थानीय प्रशासन तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनेगा। CM ने नक्सलियों के शांति वार्ता पत्र पर दी प्रतिक्रिया मुख्यमंत्री साय ने नक्सलियों द्वारा भेजे गए शांति वार्ता पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार शुरू से ही नक्सलियों को मुख्यधारा से जोड़ने का आह्वान करती रही है। उन्होंने कहा, “हमने हिंसा छोड़ने वालों को पुनर्वास का अवसर दिया है। बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर रहे हैं। यदि कोई शस्त्र त्यागकर बात करना चाहता है, तो सरकार तैयार है, लेकिन यदि गोलीबारी की भाषा आएगी तो जवाब भी मिलेगा।” मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन के अंत में कहा कि पंचायतें यदि जागरूक और सक्रिय होंगी तो छत्तीसगढ़ के गांवों का सर्वांगीण विकास संभव होगा। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण के माध्यम से शासन की गहराई को समझने और अपने क्षेत्र में नवाचारों को लागू करने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी जिला पंचायत अध्यक्षों एवं उपाध्यक्षों को शुभकामनाएं दीं और “जय हिंद, जय छत्तीसगढ़” के उद्घोष के साथ कार्यक्रम का समापन किया। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भी जनप्रतिनिधियों को उनके दायित्वों के प्रति सजग रहने और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता देना चाहिए। गौरतलब है कि इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किए गए, जिनमें पंचायत संचालन, वित्तीय प्रबंधन, योजनाओं के क्रियान्वयन, और डिजिटल गवर्नेंस जैसे विषयों को शामिल किया गया। इससे नवचयनित जनप्रतिनिधियों को शासन की बारीकियों को समझने और बेहतर कार्य करने की दिशा में मार्गदर्शन मिला।

वन विभाग पौधारोपण अभियान: इस वर्ष वन विभाग एक लाख से अधिक पौधे लगाएगा

फरीदाबाद पूरे शहर में इस वर्ष वन विभाग एक लाख से अधिक पौधे लगाएगा। सामाजिक संस्थाओं, पंचायतों, आरडब्ल्यूए, निजी व राजकीय स्कूलों तथा कालेजों की सहायता से वन विभाग पौधारोपण अभियान को सफल बनाएगा। इसके लिए लोगों को सूचित किया जा रहा है। एक आधार कार्ड पर दस पौधे निश्शुल्क दिए जाएंगे। वन विभाग की नर्सरी से कोई भी व्यक्ति पौधे प्राप्त कर सकता है। गौरतलब है कि हर वर्ष मानसून में वन विभाग की ओर से पौधारोपण अभियान चलाया जाता है। वन विभाग ने इस वर्ष पूरे शहर में एक लाख 250 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। जबकि वर्ष 2024 में एक लाख 63 हजार, वर्ष 2023 में करीब दो लाख पौधे लगाए गए थे। वन विभाग के कर्मचारी पौधारोपण कर इसकी देखभाल करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि जगह चिन्हित करके पौधे लगाए जाते हैं। अरावली वन क्षेत्र के अलावा अलग-अलग हिस्सों में बरगद, पीपल, नीम, कनेर, पापड़ी, अमरूद, गुड़हल, जामुन सहित अन्य फल व छायादार पौधे लगाए जाएंगे। इसकी शुरुआत अगले सप्ताह से होगी। हालांकि विभाग लोगों को 25 जून से बाद से पौधे वितरित करने शुरू कर दिए हैं। एक दिन में तीन हजार से 15 हजार तक पौधे लोग लेकर जाते हैं। सामाजिक संस्थाएं और निजी तथा सरकारी स्कूल सबसे ज्यादा पौधे लेकर जाते हैं। अधिकारियों ने बताया कि लोग शुरू में पौधे तो लेकर चले जाते हैं लेकिन उनकी देखभाल करना भूल जाते हैं। जिसकी वजह से पौधे सूख जाते हैं। वर्ष वर्ष ऐसे 40 हजार से अधिक पौधे सूखते हैं। इस वर्ष यह सुनिश्चित किया जाएगा है कि जो पौधे लगाए गए वह बचे हैं या नहीं। पौधे लेकर जाने वाले लोगों और संगठनों को पौधारोपण की लोकेशन विभाग के साथ साझा करनी होगी। साथ ही हर महीने पौधों की अपडेट रिपोर्ट भी ली जाएगी। लोगों को नर्सरी से पौधे लेते समय अपना फोन नंबर और आधार कार्ड की फोटोकॉपी जमा करनी है। इसके बाद ही पौधे दिए जा रहे हैं। वन विभाग के उपाधीक्षक राजवीर का कहना है कि वन विभाग की ओर से अगले सप्ताह से शहर के विभिन्न हिस्सों में पौधे लगाए जाएंगे। इसमें सामाजिक संगठनों, स्कूलों और कालेजों की सहायता ली जाएगी। शहर मेें हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा।  

शहडोल में तेज बारिश से तबाही, दीवार गिरने की घटना में दो लोगों की जान गई

शहडोल जिले में लगातार हो रही बरसात के चलते ग्रामीण इलाकों में पानी का भराव हो गया है, जिसके चलते लोग परेशान हो रहे हैं। यहां की ग्राम पंचायत केशवाही में बरसात के कारण लोगों को आवामन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह है कि पानी के भराव के कारण लोगों के घरों के अंदर रखा सामान खराब हो रहा है वहीं बिजली के करंट का खतरा भी बना हुआ है। यह स्थिति न केवल केशवाही की है बल्कि आसपास के कई गांवों की है। यहां पर शुक्रवार शनिवार की दरम्यानी रात को मझौली क्षेत्र के महरान टोला में मकान की दीवार गिर जाने से दो लोगों की दब जाने से मौत भी हो गई है।   ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों की लापरवाही ग्राम पंचायत के जिम्मेदार लोगों की लापरवाही के कारण यहां पर बरसात का पानी गांव के अंदर भरा हुआ है और लोगों को नुकसान पहुंचा रहा है। यहां की ग्रेवल रोड बनाते समय पानी का निकास व पुलिया निर्माण कार्य नहीं कराया गया जिसके चलते हालात बदतर हो गए हैं। बरसात का पानी गांव में ऐसे भरा हुआ है जैसे तालाब हो।यहां की रोजगार सहायक ने अपने प्रभार के दौरान ग्रेवल रोड का निर्माण कराया था और पानी की निकासी नहीं कराई गई। अब हालात बदतर नजर आ रहे हैं। अब यहां की हालत को सुधारने के लिए न तो सरपंच आगे आ रहे हैं और न ही सचिव। दीवार गिरने से पति पत्नी की चली गई जान केशवाही क्षेत्र के महरान टोला में जवाहर महरा और उनकी पत्नी की मृत्यु भारी बरसात के कारण मकान की दीवार के नीचे दबने से हो गई है। दो लोगों की दर्दनाक मौत के चलते ग्रामीणों में आक्रोश है। यह घटना मझौली क्षेत्र के महरान टोला गांव में शनिवार की सुबह हुई है। बताया जा रहा है कि मकान की दीवार जर्जर थी जिसके कारण वह गिर गई और इस घटना में जवाहरलाल महरा और उसकी पत्नी डोमनियां महरा की दर्दनाक मौत हो गई। मुरूम निकालने के कारण दीवार हुई थी कमजोर दोनों मृतक उसी दीवार के पास खड़े थे जिसके चलते वह उसके नीचे दब गए। मृतकों के स्वजनों व ग्रामीणों ने मांग की है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो और उचित मुआवजा एवं सरकारी सहायता दी जाए।

मंत्री केदार कश्यप बोले – एक पेड़ माँ के नाम अभियान पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक

’गौपालक किसानों व मत्स्य सहकारी किसानों को रुपे  केसीसी कार्ड एवं डेयरी सोसायटियो को माइक्रो एटीएम वितरित किया’ रायपुर, सहकारिता एवं जल संसाधन मंत्री  केदार कश्यप आज  नवा रायपुर, अटल नगर  में स्थित छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक  (अपेक्स बैंक) परिसर  में अंतर्राष्ट्रीय  सहकारिता दिवस पर आयोजित एक दिवसीय संगोष्ठी में शामिल हुए। उन्होंने इस अवसर पर  एक पेड़  माँ के नाम अभियान के तहत  पौधरोपण किया। उन्होंने इस दौरान  मंत्री कश्यप  ने गौपालक तथा मत्स्य पालक किसानों को रुपे  केसीसी कार्ड और  दुग्ध सहकारी समितियो को माइक्रो एटीएम  वितरण किया ।     मंत्री कश्यप ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ अभियान पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है , और माँ के प्रति हमारी श्रद्ध। उन्होंने कहा कि यह अभियान  प्रेम और कृतज्ञता व्यक्त करने का एक अनूठा तरीका भी है । माँ और प्रकृति दोनों ही जीवनदायिनी हैं, पोषण करती हैं, और बिना किसी स्वार्थ के अपनापन देती हैं ।     मंत्री कश्यप ने कहा कि माँ के नाम पर एक पेड़ लगाना माँ के प्रेम को प्रकृति के साथ जोड़ता है। यह एक जीवंत श्रद्धांजलि है, जो न केवल माँ के प्रति हमारी भावनाओं को व्यक्त करती है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक उपहार है। उन्होंने कहा कि यह अभियान, ‘सहकारिता‘ के साथ, भारत में सामाजिक और पर्यावरणीय उत्थान के लिए महत्वपूर्ण पहलें हैं। ये सामूहिक भागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी पर आधारित हैं, और इनकी मूल भावना सहयोग, संरक्षण और समाज में योगदान देने की है । ‘एक पेड़ माँ के नाम‘ पहल की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा 5 जून 2024 को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर की गई थी । इसका उद्देश्य माताओं की स्मृति में पेड़ लगाने को प्रोत्साहित करना और पर्यावरण संहिता को बढ़ावा देना है । यह अभियान प्रकृति और मातृत्व के बीच समानता को रेखांकित करता है , क्योंकि दोनों ही जीवन का पोषण करते हैं ।     अपेक्स बैंक के प्राधिकृत अधिकारी केदार नाथ गुप्ता ने कहा कि अभियान का संदेश है – ‘माँ के लिए एक पेड़, धरती के लिए एक कदम‘ । सभी सहकारी समितियों के साथ इस नेक कार्य में हिस्सा लेने और अपनी माँ के प्रेम को प्रकृति के साथ जोड़ने का आह्वान किया गया है । उन्होंने आगे कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की मंशा है कि पैक्स सोसायटियो को मजबूत किया जाए।    अपर मुख्य सचिव , सहकारिता , छत्तीसगढ़ शासन सुब्रत साहू ने  राज्य स्तरीय सहकारी संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान में ‘सहकार से संमृद्धि‘ अंतर्गत अनेक कार्यक्रम व नवाचार सहकारिता के माध्यम से किये जा रहे है, जिसमे सहकारिता छेत्र की इकाई-समितियो को बहुउद्देशीय बनाना व इस आंदोलन को और विस्तारित करना है। सहकारिता की महत्ता को ध्यान में रखते हुए 2021 में केंद्र सरकार द्वारा पृथक से सहकारिता मंत्रालय का गठन किया गया, जो इस आंदोलन के प्रति सरकार के सकारात्मक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है।     संगोष्ठी में छत्तीसगढ़ सहकारिता प्रकोष्ठ अध्यक्ष शशिकांत द्विवेदी, सहकारिता विभाग के सचिव डॉ सी आर प्रसन्ना, आयुक्त सहकारिता कुलदीप शर्मा, एमडी अपेक्स बैंक के एन कांडे, अपर आयुक्त एच के दोषी, सहकारिता विभाग के अधिकारी सहित जिला सहकारी बैंको, मार्कफेड, लघुवनोपज तथा एनसीडीसी तथा बड़ी संख्या में अपेक्स बैंक, जिला सहकारी बैंकों, जिला सहकारी संघ के अधिकारी गण मौजूद थे।    

रामभुआल निषाद पर कोर्ट सख्त, गैरहाजिरी पर SSP को भेजी चिट्ठी

गोरखपुर  यूपी की सुल्तानपुर सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद रामभुआल निषाद फिर मुश्किल में हैं। फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मुकदमे में गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद सांसद के उपस्थित नहीं होने पर न्यायालय ने सख्त रुख अपना लिया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र कुमार की कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी करने के साथ ही रामभुआल को कोर्ट में पेश करने के लिए एसएसपी को पत्र भी लिखा है। बड़हलगंज क्षेत्र के दवनाडीह निवासी रामभुआल निषाद 2024 में सपा के टिकट पर सुल्तानपुर लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए हैं। राम भुआल के खिलाफ आयुध लिपिक (असलहा बाबू) सुनील कुमार गुप्ता ने जिला मजिस्ट्रेट के 25 जनवरी 2020 के आदेशानुसार मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमे के मुताबिक, आरोपित रामभुआल निषाद द्वारा गलत ढंग से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लाइसेंस संख्या 3912 डीबीबीएल गन का उपयोग किया जा रहा है। यह लाइसेंस 19 जुलाई 1996 को बेचू यादव पुत्र महेंद्र यादव निवासी मुंडेरा बाबू थाना बड़हलगंज के नाम से जारी हुआ है। लाइसेंसी बेचू यादव की मृत्यु हो चुकी है। इस मामले में विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया है। न्यायालय ने पिछली कई तिथियों पर आरोपित के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया। इसके बावजूद रामभुआल न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। जिसके बाद न्यायालय ने रामभुआल के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भी लिखा है। कोर्ट इससे पहले थानेदार और फिर एसपी नार्थ को भी पत्र लिख चुका है। जिलाधिकारी से दारा निषाद ने की थी शिकायत मामला तब खुला जब दारा निषाद ने रामभुआल के खिलाफ जिलाधिकारी से शिकायत की और बताया कि उनके पास मौजूद राइफल का लाइसेंस फर्जी है। वह लाइसेंस बेचू यादव के नाम से डीबीबीएल गन के लिए जारी है। शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने इसकी तस्दीक कराई तो शिकायत सही मिली। इसके बाद डीएम ने असलहा बाबू को रामभुआल निषाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। 14 अगस्त को खुला था फर्जी शस्त्र का मामला गोरखपुर में 14 अगस्त 2019 को शस्त्र लाइसेंस फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ था। उसी क्रम में जांच शुरू हुई रामभुआल निषाद के लाइसेंस का भी मामला सामने आया था। जांच के दौरान शस्त्र अनुभाग में काम करने वाले दो बबुओं का नाम सामने आया था। पुष्टि होने के बाद दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुआ और उन्हें जेल भेज दिया गया।  

युक्तियुक्तकरण से पोड़ी खुर्द और हरापारा स्कूल में उत्साह का माहौल

रायपुर, शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया की बदौलत विद्यार्थियों में अब अध्ययन अध्यापन का माहौल दिखाई देने लगा है। इसी क्रम में सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत पोड़ी खुर्द स्थित प्राथमिक शाला पोड़ी खुर्द एवं प्राथमिक शाला हरापारा में नवीन शिक्षकों की पदस्थापना हुई है, जिससे एकल शिक्षकी समस्या से जूझ रहे इन विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियाँ सुचारु रूप से संचालित होने लगी है। ग्रामवासी श्री शोहन ने बताया कि पूर्व में इन दोनों शालाओं में केवल एक-एक शिक्षक कार्यरत थे, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। अब शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के अंतर्गत अतिरिक्त शिक्षकों की पदस्थापना से इन विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में अपेक्षित सुधार देखने को मिलेगा। उन्होंने शासन की इस पहल के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त किया। प्राथमिक शाला हरापारा में नवपदस्थ प्रधान पाठक श्रीमती सीमा सिंह ने बताया कि वे पूर्व में किशुननगर प्राथमिक शाला में कार्यरत थीं। शिक्षक युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के अंतर्गत उन्हें स्वेच्छा से विद्यालय चयन का अवसर मिला, जिसमें उन्होंने हरापारा का चयन किया। उन्होंने बताया कि पूर्व में विद्यालय में केवल एक शिक्षिका कार्यरत थीं, जिससे शिक्षण कार्य में कठिनाई हो रही थी। अब दो शिक्षकों की उपस्थिति से बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना संभव हो सकेगा। उन्होंने प्रक्रिया में अपनाई गई पारदर्शिता के लिए शासन का आभार जताया। इसी प्रकार प्राथमिक शाला पोड़ी खुर्द में नवपदस्थ सहायक शिक्षिका श्रीमती इमिला कुजूर, जो पूर्व में जोगीबांध प्राथमिक शाला में पदस्थ थीं, ने बताया कि युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत उन्हें विद्यालय चयन का अवसर मिला, जिसमें उन्होंने पोड़ी खुर्द का चयन किया। उन्होंने अपनी नवीन पदस्थापना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि यह प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही। उल्लेखनीय है कि राज्य शासन की इस पहल से दूरस्थ एवं ग्रामीण अंचलों में शिक्षकों की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित हो रही है। इससे न केवल बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल रहा है, बल्कि शिक्षा के अधिकार को भी मजबूती मिल रही है।

सीएम यादव ने डॉ. मुखर्जी के कश्मीर एकीकरण और धारा 370 के विरोध में किए गए संघर्ष को ऐतिहासिक बताया

भोपाल  सीएम डॉ. मोहन यादव ने आज भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार से मुलाकात की। इस अवसर पर नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी उनके साथ उपस्थित थे। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए सीएम ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम चहुमुंखी प्रगति कर रहे हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रविवार को श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर प्रदेश सरकार बड़े स्तर पर दो कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि डॉ मुखर्जी का योगदान अतुलनीय है और आज भी हम सब उनके जीवन से प्रेरणा ग्रहण करते हैं। मुख्यमंत्री ने की वरिष्ठ बीजेपी नेता से भेंट सीएम डॉ. मोहन यादव ने मंत्री डॉ. गौरीशंकर शेजवार के भोपाल स्थित निवास पहुँचकर उनसे भेंट की और हालचाल जानें। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी उपस्थित रहे। इसके बाद पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विक्रमोत्सव को एशिया का वाउ गोल्ड अवार्ड मिलने पर प्रसन्नता ज़ाहिर की। उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार युवा प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए पूरी तरह उनके साथ है और ये सौभाग्य की बात है कि प्रदेश के युवा नाम रोशन कर रहे हैं। डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर होंगे प्रदेशस्तरीय कार्यक्रम  रविवार को जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती है। मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मौके पर राज्य सरकार दो बड़े आयोजन करने जा रही हैं। उन्होंने कहा कि डॉ श्यामाप्रसाद का सबसे महत्वपूर्ण योगदान जम्मू-कश्मीर के पूर्ण एकीकरण के लिए उनका संघर्ष था। वे एक देश, एक विधान, एक निशान के प्रबल समर्थक थे और उन्होंने धारा 370 के खिलाफ जम्मू-कश्मीर बचाओ आंदोलन शुरू किया, जो बेहद उल्लेखनीय है। उन्होंने डॉ. मुखर्जी को याद करते हुए उन्हें नमन किया और कहा कि आज भी उनकी शिक्षा प्रासंगिक हैं और सभी उससे प्रेरणा लेते हैं।

एसआईए ने एएसपी आकाश राव गिरेपुंजे शहादत मामले में कोंटा से 7 संदिग्धों को हिरासत में लेकर कर रही पूछताछ

रायपुर एएसपी आकाश राव गिरेपुंजे शहादत मामले में एसआईए कोंटा से 7 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. संदेहियों के पास आंध्र प्रदेश के सिमकार्ड से लैस मोबाइल फोन मिले हैं. पूरे मामले की जांच कर रही एसआईए ने जिन संदेहियों को हिरासत लेकर गोपनीय स्थान में पूछताछ कर रही है, उनके मोबाइल फोन से माओवादियों को पुलिस की गतिविधियों की देने की जानकारी मिली है. पूछताछ के जरिए घटना के मास्टरमाइंड तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है. बता दें कि 9 जून को सुकमा जिले के कोन्टा-गोलापल्ली मार्ग पर पुलिस टीम तलाशी अभियान पर निकली थी. इसी दौरान नक्सलियों द्वारा पहले से बिछाए गए आईईडी बम की चपेट में आने से एडिशनल एसपी आकाश राव गिरेपुंजे मौके पर ही शहीद हो गए, वहीं एसडीओपी कोंटा भानु प्रताप चंद्राकर और टीआई सोनल ग्वाला गंभीर रूप से घायल हो गए थे.

सुरक्षाबलों की कार्रवाई से नक्सलियों को झटका, मुठभेड़ में दो ढेर

बीजापुर शनिवार को छत्तीसगढ़ एक बीजापुर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर हुई इस मुठभेड़ में दो माओवादियों की मौत हो गई है। पुलिस ने आज यह जानकारी दी। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इंद्रावती राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में उस समय मुठभेड़ शुरू हो गई, जब सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम नक्सल विरोधी अभियान पर निकली थी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ माओवादी कैडरों की मौजूदगी की खुफिया जानकारी के आधार पर अभियान शुरू किया गया था और शुक्रवार से ही इलाके में रुक-रुक कर गोलीबारी हो रही थी। मुठभेड़ स्थल से दो पुरुष नक्सली के शव और हथियार बरामद किए गए हैं। सुरक्षा कारणों से जानकारी गोपनीय पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह ऑपरेशन अभी भी जारी है, इसलिए विस्तृत जानकारी गोपनीय रखी गई है। ऑपरेशन के समाप्त होने के बाद ही पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी।