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दुग्ध उत्पादन में प्रदेश को अव्वल बनाने की दिशा में डेयरी के साथ गोपालन व पशुपालन विभाग की ओर से अनेक नवाचार: जोराराम कुमावत

जयपुर, पशुपालन, डेयरी, गोपालन और देवस्थान मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने कहा कि दुग्ध उत्पादन में राजस्थान देशभर में दूसरे स्थान पर है, इसे अव्वल प्रदेश बनाने की दिशा में डेयरी के साथ-साथ गोपालन व पशुपालन विभाग की ओर से अनेक नवाचार किए जा रहे हैं। खासकर दुग्ध उत्पादन के लिए गिर गाय में ब्राजील से आयातित सीमन से कृत्रिम गर्भाधान किया जा रहा है। इससे गिर गाय के दूध के उत्पादन में दोगुनी से भी ज्यादा वृद्धि होगी। इसके अलावा प्रदेश में गाय की संख्या में बढोतरी के लिए सैक्स सोर्टेड सीमन योजना को लागू किया गया है। ऐसा होने से प्रदेश में गौवंश की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ दुग्ध उत्पादन भी बढे़गा। वे राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) व राष्ट्रीय महिला आयोग के संयुक्त तत्वावधान में पालमपुर (गुजरात) की बनास डेयरी परिसर में तीन दिवसीय महिला प्रशिक्षण शिविर के उद्घाटन के अवसर पर बोल रहे थे। डेयरी मंत्री श्री कुमावत ने कहा कि प्रदेश के चार जिला दुग्ध संघों-जयपुर, सीकर, भरतपुर व टोंक की 48 महिला दुग्ध समितियों की सचिवों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। तीन दिवसीय इस प्रशिक्षण में महिला सचिवों को दुग्ध समितियों के बेहतर संचालन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। इससे न केवल समिति का मुनाफा बढे़गा बल्कि महिलाओं की कार्यकुशलता भी बढे़गी। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह के प्रशिक्षण का लाभ महिला दुग्ध समितियों से जुड़ी प्रत्येक महिला को दिलाए जाने का प्रयास किया जाएगा। डेयरी मंत्री ने कहा कि डेयरी क्षेत्र महिलाओं की आत्मनिर्भरता को बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम साबित हुआ है। उन्होंने दुग्ध सहकारी समितियों और दुग्ध संघों में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ावा दिए जाने पर बल दिया। श्री कुमावत ने कहा कि दुग्ध सहकारी समितियों और दुग्ध संघों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित होनी चाहिए। इसके लिए दुग्ध सहकारी समितियां प्रत्येक गांव में किसानों से संवाद स्थापित कर अपने कार्यों को बेहतर तरीके से आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि डेयरी क्षेत्र को किसानों के लिए अधिक फायदेमंद बनाने के लिए डेयरी संघ बेहतर मॉडल विकसित करें। डेयरी क्षेत्र में अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहित किया जाए। मंत्री श्री कुमावत ने बनास डेयरी द्धारा महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि इसी प्रकार राजस्थान की सरस डेयरी भी इस क्षेत्र में बेहतर कार्य कर रही है। उद्घाटन सत्र को राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती विजया राहटकर, गुजरात विधानसभा के अध्यक्ष शंकरलाल चौधरी व आरसीडीएफ की एमडी श्रुति भारद्धाज ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में बनास डेयरी के उपाध्यक्ष भावा भाई रबारी, बनास मेडिकल कॉलेज एंड ट्रस्ट के चैयरमेन पीजे चौधरी, बनास डेयरी के प्रबंध निदेशक संग्राम चौधरी व प्रिसिंपल प्राइवेट सेक्रेटरी रामावतार सिंह आदि मौजूद थे।

शिवपुरी में तेज बारिश का कहर, कई गांव जलमग्न, रपटे में बाइक बही, हर्रई में पार्वती नदी का कहर

शिवपुरी  शिवपुरी में हो रही झमाझम बारिश के बाद शहरी क्षेत्र के इलाकों व कॉलोनियों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति निर्मित हो गई है। शिवपुरी शहर के नमो नगर, कमला हेरिटेज होटल के आगे रेलवे स्टेशन रोड, यहां पास स्थित पुलिस लाइन कॉलोनी, रामबाग कॉलोनी, सर्किट हाउस रोड, पीएस होटल के पास कॉलोनी, वार्ड क्रमांक एक बछोरा, वार्ड एक में ही तुलसी कॉलोनी आदि स्थान पर जलभराव और बाढ़ जैसे हालात हैं। शनिवार को सुबह जब यहां पर लोग उठे तो बारिश के बाद जलभराव की स्थिति देख हैरान रह गए। नमोनगर में तो हालत और भी ज्यादा परेशान करने वाले हैं। यहां पर कॉलोनी में तीन से चार फिट पानी ऊपर तक रहा। रात को तीन से चार घंटे तक तेज बारिश हुई इसके कारण यह स्थिति बनी। नालों पर अतिक्रमण शिवपुरी शहर में पानी निकासी के लिए बनाए गए नालों पर अतिक्रमण किए जाने के कारण यह स्थिति बनी है। शहर में अतिक्रमण की चपेट में आए नालों पर पानी निकलने के कोई साधन नहीं है। इसके अलावा शहरी क्षेत्र के आसपास के खेतों में अवैध कॉलोनी काटने के कारण लोग बारिश के बाद परेशानी के हालात में पहुंच गए हैं। जिला प्रशासन की नगर पालिका और अन्य प्रशासनिक अफसरों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। गांवों में भी भरा पानी शिवपुरी जिले में दो दिन से हो रही बारिश के बाद ग्रामीण इलाकों में भी बाढ़ जैसे हालात बन गए। जिले के बैराढ़, कोलारस, बदरवास आदि स्थानों पर भी गई गांव पानी से लबालब हो गए। जिले के कोलारस जनपद के लुकवासा से सेवन बसाई सोनपुरा होते हुए राजस्थान बॉर्डर तक जोड़ने वाली सड़क पानी में डूब गई। ग्रामीणों ने बताया कि यहां पर रोड तो बनाई लेकिन विभाग पुल बनना भूल गया। इसके कारण 15 से 20 गांवों के लोग परेशान हैं। ग्रामीण जोखिमपूर्ण तरीके से पानी से भरी पुलिया से टैक्टर निकाल रहा है। वहीं जिले के बैराड़ के ग्राम जोराई में बाढ़ जैसे हालात बन गए यहां पर एक गाड़ी पानी में डूब गई। वहीं कुंवरपुर गांव में भी नाले पर पानी का बहाव तेज देखा गया। सिंध नदी उफान पर है वहीं दूसरी ओर जिले से निकली सिंध नदी उफान पर है। जिले के कोलारस, बदरवास व देहरदा सहित अन्य इलाकों में निकली सिंध नदी में बारिश के बाद पानी का लेवल बढ़ा है। इसके कारण कई जगह पर जलभराव व नालों पर रपटों पर पानी का लेवल बढ़ गया है। इसके कारण कई ग्रामों में लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।

महापौर मीनल चौबे ने तेलीबांधा तालाब परिसर में लगातार अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं का किया निरीक्षण

रायपुर  राजधानी के तेलीबांधा तालाब परिसर में लगातार अनियमितताओं और अव्यवस्थाओं की शिकायतें सामने आने के बाद महापौर मिनल चौबे ने औचक निरीक्षण किया. इस दौरान कई खामियां और अनियमितताएं देखने को मिली, जिसे लेकर महापौर मिनल ने मौके पर कंपनी स्टाफ को जमकर फटकार लगाई और स्पष्ट किया कि मैथिलीशरण गुप्ता उद्यान में किसी भी प्रकार की छेड़खानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. निरीक्षण में मिली कई अनियमितताएं तेलीबांधा परिसर के निरीक्षण के दौरान कई खामियां और अनियमितताएं सामने आई. परिसर में जल विहार कॉलोनी की ओर बना सार्वजनिक सुलभ शौचालय बंद पाया गया. जोन-बी स्थित मैथिलीशरण गुप्त उद्यान में बड़ी संख्या में झूले लगाए गए हैं, जिससे उद्यान का उपयोग योग्य क्षेत्रफल काफी कम हो गया है. तेलीबांधा पाथवे पर नेत्र चिकित्सालय के पास बने पार्किंग क्षेत्र से परिसर की एंट्री पर बोलार्ड्स लगाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि बड़ी गाड़ियां परिसर में प्रवेश न कर सकें. इसके अलावा, परिसर में कंपनी द्वारा बनाए गए छोटे-छोटे कियोस्क भी बेहद अव्यवस्थित तरीके से स्थापित पाए गए. निरीक्षण के दौरान पाथवे पर तेज रफ्तार से गाड़ियों की आवाजाही देखी गई, जिससे आमजन के लिए दुर्घटना की आशंका जताई गई. महापौर ने अधिकारियों को दिए निर्देश महापौर मिनल चौबे ने मौके पर अधिकारियों को मैथिलीशरण गुप्त उद्यान में लगाए गए झूलों को 24 घंटे के भीतर हटाने के निर्देश दिए. उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि अगर निर्देशों का पालन नहीं हुआ तो कंपनी का अनुबंध निरस्त कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह उद्यान जनता की धरोहर है और रहेगा. जल्द ही उद्यान जनता को उद्यान के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा. उन्होंने बंद पाए गए सुलभ शौचालय को तुरंत आमजन के लिए खोलने के निर्देश दिए. साथ ही, कंपनी द्वारा की जा रही सभी अनियमितताओं को तत्काल सुधारने के आदेश दिए गए. संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से निरीक्षण करते रहें, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाहियां दोबारा न हो.

युवक की चाकू गोदकर निर्मम हत्या, पुराने विवाद में वारदात की आशंका, जांच में जुटी पुलिस

 कोरबा बांकीमोंगरा थाना क्षेत्र के मोंगरा बस्ती में युवक की चाकू गोदकर निर्मम हत्या कर दी गई. मृतक की पहचान अयोध्यापुरी-जैलगांव निवासी अश्वनी पाठक उर्फ पिंटू (40) के रूप में हुई. परिजनों के अनुसार मृतक अश्वनी शुक्रवार दोपहर बस्ती में रहने वाले मनजोद बक्कल के साथ निकला था. मौके पर डॉग स्क्वाड और फोरेंसिक टीम पहुंची गई है. पुलिस ने शव को पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. जानकारी के मुताबिक, मोंगरा बस्ती के भुसड़ीपारा सब-स्टेशन के पास युवक की खून से सनी लाश मिली. वहां से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद डॉग स्क्वाड, फोरेंसिक टीम के साथ पुलिस पहुंची. शव पर चोट के गहरे निशान मिले हैं. प्रारंभिक जांच में युवक की चाकू गोदकर हत्या किया जाना सामने आया है. फिलहाल शव को पंचनामा कर पीएम के लिए भेजा गया है. डॉग स्क्वायड और फोरेंसिक एक्सपर्ट मौके पहुंची हुई है. मामले में सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है. मृतक के परिजनों के साथ दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है. वहीं पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे भी खंगाले जा रही है.

कांवड़ यात्रा में नया नियम: दुकानों के नाम हटेंगे, क्यूआर कोड से मिलेगी पहचान

लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के नियम को लागू कर दिया है। इसी को लेकर एफएसडीए ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि दुकानदारों को अपना नाम नहीं लिखना होगा। केवल दुकान का नाम ही लिखा जाएगा। हालांकि, क्यूआर कोड में दुकानदार से जुड़ी जानकारी होगी तो कांवड़ियों के लिए मददगार होगी। कहा जा रहा है कि यह निर्णय पारदर्शिता और जन कल्याण सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। निर्देश के अनुसार दुकानदार को अपनी दुकान पर क्यूआर कोड युक्त प्रपत्र लगाना होगा। इसमें क्यूआर कोड स्कैन करने पर दुकानदार का नाम, पता, लाइसेंस नंबर, मोबाइल नंबर और ईमेल की जानकारी मिलेगी। क्यूआर कोड स्कैन कर हिंदू संगठन पूछ रहे नाम-धर्म कांवड़ यात्रा को लेकर विहिप और हिंदू संगठन के लोगों ने हरिद्वार-दिल्ली हाइवे और कांवड़ मार्ग पर आने वाले होटलों पर सख्ती की मांग की है। खुद ही टीम बनाकर हर होटल-ढाबे पर पहुंच रहे हैं और इनके क्यूआर कोड को स्कैन करके नाम पता कर रहे हैं। साथ ही यदि होटल का नाम अन्य धर्म का लिखा हुआ है तो पुलिस-प्रशासन से शिकायत की जा रही है। हिंदू संगठन के सदस्यों ने अब कांवड़ यात्रा के दौरान तमाम कांवड़ मार्गों पर होटल पर मालिकों की पहचान उजागर करने और नाम लिखने की मांग की है। अभियान चलाया सुभारती चौकी से अभियान शुरू करके गाजियाबाद तक कार्रवाई की गई है। इस संबंध में कई वीडियो भी वायरल हो रही हैं, जिसमें हिंदू संगठन के लोग होटल पर मालिक का नाम लिखने की मांग कर रहे हैं। यदि दूसरे धर्म के लोगों द्वारा अन्य नाम से होटल संचालित किया जा रहा है, तो पुलिस प्रशासन से शिकायत की जा रही है। सभी ने यूपी सरकार को उत्तराखंड शासन के आदेश का हवाला देते हुए नाम लिखने को अनिवार्य करने की मांग की।  

रेलवे ट्रैक बिछाने के काम में लगा मजदूर नाले में बहा, 40 घंटे बाद मिली लाश

  कोरबा जिले के कटघोरा थाना क्षेत्र के कोरबी गांव में तेज बारिश के कारण पुलिया निर्माण स्थल पर काम कर रहा मजदूर तेज बहाव में बह गया था. वह गेवरा-डोंगरगढ़ के बीच रेलवे ट्रैक बिछाने के काम में लगा था. घटना के 40 घंटे बाद उदय कुमार सिंह की लाश कुछ दूरी पर नाले में SDRF और पुलिस टीम ने बरामद की. रेलवे लाइन बिछाने का काम कर रहा था मजदूर झारखंड के पलामू जिले निवासी उदय कुमार सिंह (पिता राजकुमार सिंह) कोरबा में गेवरा से डोंगरगढ़ के बीच बिछाई जा रही नई रेलवे लाइन के कार्य में लगा हुआ था. गुरुवार दोपहर कोरबी गांव में पुलिया निर्माण स्थल के नीचे काम करने के दौरान तेज बारिश होने लगी और वह तेज बहाव में आकर नाले में बह गया. तेज बारिश बनी हादसे की वजह कोरबा जिले में लगातार झमाझम बारिश हो रही है. कटघोरा समेत पूरे क्षेत्र में भारी बारिश के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे कई इलाकों में जलभराव देखने को मिला है.

श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज में रिश्वतखोरी मामले में राज्य सरकार भी आई हरकत में, चिकित्सा शिक्षा आयुक्त और संचालक से मांगी रिपोर्ट

रायपुर श्री रावतपुरा सरकार मेडिकल कॉलेज में सीट वृद्धि के लिए निरीक्षण के दौरान हुई रिश्वतखोरी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की कार्रवाई के बाद अब राज्य सरकार भी हरकत में आ गई है. मामले में स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस संबंध में आयुक्त चिकित्सा शिक्षा शिखा राजपूत तिवारी, चिकित्सा शिक्षा संचालक डॉ. यूएस पैकरा और पंडित जवाहर लाल नेहरू मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, रायपुर के डीन डॉ. विवेक चौधरी को रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है. मंत्री ने कॉलेज की कार्यप्रणाली की जांच के निर्देश भी दिए हैं. इस मामले में आंबेडकर अस्पताल में पदस्थ सह प्राध्यापक और रावतपुरा कॉलेज के निदेशक डॉ. अतिन कुंडू की भूमिका भी घेरे में है. उनके खिलाफ प्रशासनिक लापरवाही को लेकर कार्रवाई शुरू हो चुकी है. सीबीआई ने इस पूरे मान्यता घोटाले में देशभर के आठ राज्यों के 36 लोगों को आरोपित बनाया है. इसमें रावतपुरा मेडिकल कॉलेज के अध्यक्ष रविशंकर महाराज (रावतपुरा सरकार), डायरेक्टर अतुल कुमार तिवारी, एकाउंटेंट लक्ष्मीनारायण चंद्राकर, डॉ. अतिन कुंडू और संजय शुक्ला के नाम हैं. मामले में अब तक छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. बीते वर्ष एक फैकल्टी सदस्य ने इस घोटाले की एनएमसी को शिकायत की थी, लेकिन मामले को अनदेखा कर दिया गया था. दोषियों पर की जाएगी कड़ी कार्रवाई इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त शिखा राजपूत तिवारी ने बताया कि राज्य सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया है. एनएमसी और सीबीआई द्वारा जांच की जा रही है. दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी. वहीं मेडिकल कालेज डीन, डॉ. विवेक चौधरी, रायपुर ने बताया कि डॉ. अतिन कुंडू के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है. वे रावतपुरा कॉलेज से जुड़े हैं, इसकी पुष्टि हो चुकी है. उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है.

कभी वीरान पड़ा था ये स्कूल…. वही ईरकभट्टी का प्राथमिक शाला बच्चों की चहचहाहट फिर से गूंजा

रायपुर, कभी वीरान पड़ा था ये स्कूल…. दरवाजों पर ताले लटकते थे, कमरे धूल और सन्नाटे से भरे रहते थे। लेकिन आज वही ईरकभट्टी का प्राथमिक शाला बच्चों की चहचहाहट और पाठों की गूंज से फिर से जीवंत हो उठा है। अबुझमाड़ के इस सुदूर गांव में फिर से शिक्षा की लौ जल उठी है, जिसका श्रेय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार द्वारा संचालित ‘नियद नेल्ला नार’ योजना और युक्तियुक्तकरण की पहल को जाता है। बीते कुछ वर्षों में माओवादी गतिविधियों के चलते गांवों की रंगत फीकी पड़ गई थी। बच्चों के हाथों से किताबें छूट गई थीं, स्कूलों के आँगन सुनसान हो गए थे और मांदर की थाप भी खामोश हो गई थी। नारायणपुर जिले के ईरकभट्टी भी ऐसा ही एक गांव था, जहां लोग हर हाल में जीवन को संवारने की कोशिश करते थे, लेकिन शिक्षा जैसी बुनियादी जरूरत तक से वंचित थे। यहां के निवासी श्री रामसाय काकड़ाम कहते है कि पहले लगता था कि हमारे बच्चे शायद कभी स्कूल का नाम भी नहीं जान पाएंगे, लेकिन अब जब शिक्षकों की नियुक्ति हो गई है और स्कूल फिर से खुल गया है, तो लगता है मानो गाँव में फिर से जान लौट आई हो। ‘नियद नेल्ला नार’ यानी ‘आपका अच्छा गांव’ योजना ने ईरकभट्टी जैसे दूरदराज और संघर्षरत गांवों में एक नई उम्मीद जगाई है। सुरक्षा कैंपों के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में योजनाओं को प्रभावी तरीके से पहुँचाया जा रहा है। इसी क्रम में ईरकभट्टी में सड़क बनी, बिजली पहुंची और वर्षों से बंद पड़ा प्राथमिक स्कूल फिर से खुल गया। शासन के युक्तियुक्तकरण प्रयास से प्राथमिक शाला ईरकभट्टी में अब दो शिक्षक नियमित रूप से पदस्थ हैं। श्री अशोक भगत और श्रीमती लीला नेताम नामक शिक्षक यहां के बच्चों को पढ़ा रहे हैं। वे न केवल पठन-पाठन का कार्य कर रहे हैं, बल्कि अभिभावकों को भी प्रेरित कर रहे हैं कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें। शिक्षिका श्रीमती लीला नेताम बताती हैं कि पहले तो यहां डर लगता था, लेकिन बच्चों की मुस्कुराहट सब डर भुला देती है। ये बच्चे बहुत होशियार हैं, बस उन्हें अवसर की जरूरत थी। अब हम हर दिन उन्हें नया सिखाने का प्रयास करते हैं। अब स्कूल में दर्जन भर से अधिक बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। छोटे-छोटे हाथों में किताबें हैं, और उन आंखों में भविष्य के सपने। पहले जो गांव स्कूल जाने के नाम से डरते थे, अब वहां लोग अपने बच्चों को कंधे पर बिठाकर स्कूल छोड़ने आते हैं। गांव के बुजुर्ग मंगतु बाई की आंखों में आंसू हैं, लेकिन खुशी के। वे कहती हैं कि अब हमारी पोती भी पढ़-लिखकर अफसर बन सकती है। हमने कभी सोचा भी नहीं था कि ये दिन भी देखेंगे। ईरकभट्टी की कहानी सिर्फ एक गांव की नहीं, बल्कि उन हजारों गाँवों की है, जो कभी उपेक्षा और असुरक्षा के अंधेरे में डूबे हुए थे। लेकिन अब ‘नियद नेल्ला नार’ और युक्तियुक्तकरण जैसी योजनाएं उनके जीवन में उजाले की किरण लेकर आई हैं। शिक्षा की लौ फिर से जल चुकी है और यह लौ अब बुझने वाली नहीं।

डिप्टी सीएम बैरवा ने तेजाजी की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में लोकगीतों पर जमकर थिरके

 जयपुर राजस्थान की राजनीति में संस्कृति और सादगी का अनोखा संगम देखने को मिला जब उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने फागी के भोजपुरा गांव में तेजाजी मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान मंजीरा थामकर लोकगीतों की मधुर धुनों पर जमकर नृत्य किया। उनका यह देसी अंदाज न केवल कार्यक्रम में शामिल लोगों के लिए यादगार रहा, बल्कि सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इसे खूब पसंद किया। कार्यक्रम में भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद थे। जैसे ही लोकगीतों की धुनें बजनी शुरू हुईं, डिप्टी सीएम बैरवा ने मंजीरा थामकर ताल से ताल मिलाना शुरू किया। उनका यह सहज और स्वाभाविक अंदाज लोगों के दिलों को छू गया। बैरवा के डांस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया यूजर्स बैरवा की इस सरलता और संस्कृति से जुड़ाव की जमकर तारीफ कर रहे हैं। डॉ. बैरवा के इस लोक रंगीले अंदाज ने न सिर्फ भाजपा कार्यकर्ताओं बल्कि आम जनता का भी दिल जीत लिया है। सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि डिप्टी सीएम बनने के बाद भी वे अपनी संस्कृति, धरती और जनता के प्रति उतने ही समर्पित हैं और राजनीति से ऊपर उठकर अपनी जड़ों से गहरे जुड़े हुए हैं।

सीएम योगी का बड़ा फैसला: लेखपाल की रिपोर्ट पर नहीं होगा अंतिम निर्णय

लखनऊ  यूपी की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राजस्व मामलों की जांच को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब इन मामलों में लेखपाल की रिपोर्ट को अंतिम नहीं माना जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय में जनता दर्शन के दौरान आने वाली शिकायतों के मद्देनजर लेखपाल स्तर की जांच पर रोक लगा दी गई है। अब राजस्व संबंधी शिकायतों की जांच लेखपाल नहीं,नायब तहसीलदार करेंगे। अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। नायब तहसीलदार से नीचे कोई अधिकारी राजस्व मामलों की जांच नहीं करेगा। शिकायतकर्ता को सुनने के बाद ही नायब तहसीलदार अपनी रिपोर्ट देंगे। अंतिम निर्णय और समाधान उपजिलाधिकारी (SDM) स्तर पर होगा। जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर रूप अपनाते हुए सीएम कार्यालय ने यह निर्णय लिया है। अब किसी रिपोर्ट से नहीं सुनवाई से न्याय होगा। राजस्व मामलों की जांच की प्रक्रिया में किए गए इस महत्वपूर्ण बदलाव से उम्मीद है कि इन मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी। पहले ऐसी शिकायतों की जांच लेखपाल करते थे। अब लेखपाल की बजाए नायब तहसीलदार ऐसे मामलों की जांच करेंगे। बताया जा रहा है कि इस बदलाव का मकसद राजस्व मामलों की जांच में पारदर्शिता लाना और भ्रष्टाचार पर नकेल कसना है। कहा जा रहा है कि ऐसे मामलों को लेकर आए दिन शिकायतें आ रही थीं। ऐसी कुछ शिकायतें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन कार्यक्रम में भी पहुंंची थीं। ऐसी शिकायतों पर सीएम योगी ने पूर्व में भी अधिकारियों को अधिक सतर्कता बरतने और जनता की शिकायतों को गुणवत्तापूर्ण ढंग से हल करने के निर्देश दिए थे। साथ ही यह भी कहा था कि शिकायतकर्ताओं की समस्या के समाधान के बाद उनका फीडबैक भी लिया जाए। सीएम जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान अक्सर अधिकारियों को निर्देश देते हैं कि शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का समाधान गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाना चाहिए। माना जा रहा है कि जांच प्रक्रिया में बदलाव से जांच में जवाबदेही बढ़ेगी। इससे शिकायतों का निपटारा अधिक गुणवत्तापूर्ण ढंग से होगा।