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डॉक्टर भ्रष्टाचारी, मैं बेचता हूं नकली दवाएं: रीवा का वायरल वीडियो जगाए सवाल

रीवा रीवा में एक मेडिकल स्टोर संचालक के वायरल हुए वीडियो ने शासन और प्रशासन में गुरुवार को हड़कंप मचा कर रख दिया है। वायरल हुए वीडियो में ना सिर्फ मेडिकल स्टोर के संचालक ने मेडिकल दवाओं पर डॉक्टर्स द्वारा खेले जाने वाले कमीशन बाजी के खेल का भंडाफोड़ किया, बल्कि उसने खुद सस्ती दवाओं को महंगे दर पर बेचने सहित नकली दवा रखने की बात स्वीकार की थी। फिलहाल इस वीडियो के वायरल होते ही ना सिर्फ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया बल्कि प्रशासनिक महकमा भी सकते में आ गया। ड्रग विभाग की जांच शुरू फिलहाल वीडियो वायरल होने के चंद घंटे बाद ही ड्रग विभाग सहित स्वास्थ्य और प्रशासनिक अमला मेडिकल स्टोर जा पहुंचा और वायरल वीडियो में मेडिकल स्टोर द्वारा कही गई बातों की सच्चाई का पता लगाने जांच शुरू कर दी। फिलहाल जांच जारी होने तक के लिए मेडिकल स्टोर को सील कर दिया गया है। दरअसल मामला रीवा शहर के प्रतिष्ठित अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर का है। बता दे कि यह वही मेडिकल स्टोर है जहां से लोकल स्तर पर मेडिकल कॉलेज में दवाइयां सप्लाई की जाती हैं।   प्रशासन ने सील किया मेडिकल स्टोर फिलहाल मेडिकल स्टोर संचालक का वीडियो वायरल होते ही प्रशासन ने उसे सील कर दिया है और जांच कर कार्यवाही करने की बात कर रहा है। मौके पर पहुंचे जिला स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि अन्नपूर्णा मेडिकल स्टोर संचालक के वायरल वीडियो मामले को कलेक्टर ने स्वतः संज्ञान में लेते हुए टीम का गठन कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बताया गया की टीम में तीन ड्रग इंस्पेक्टर सहित कई प्रशासनिक अधिकारी व खुद जिला स्वास्थ्य अधिकारी शामिल है। शुरुआती जांच में जांच टीम ने मेडिकल स्टोर पहुंचकर खरीदी बिक्री के दस्तावेज जब्त किए हैं, साथ ही आगे की कार्रवाई के लिए दुकान को कार्यवाही तक के लिए सील कर दिया गया है। सीएमएचओ ने कहा है कि वीडियो में उल्लेख की गई सभी बातों की सच्चाई का पता लगाने का प्रयास किया जाएगा, फिलहाल मामले को जांच में लिया गया है जो फिलहाल अभी जारी है।रीवा में मेडिकल दवाओं पर कमीशनबाजी और सस्ती दवाओं को महंगे दर पर बेचने सहित नकली दवा के रखने का आरोप लगा है।

बच्चों की सेहत की नई पहल: हरियाणा की आंगनबाड़ियों में पोषण विशेषज्ञ तय करेंगे भोजन का मेन्यू

चंडीगढ़  हरियाणा की आंगनबाड़ियों में अब बच्चों और माताओं के आहार का निर्धारण विशेषज्ञों के हाथों में होगा। महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) में न्यूट्रिशनिस्ट के पदों पर भर्ती के लिए हरियाणा लोक सेवा आयोग ने परीक्षा की तैयारी तेज कर दी है। आयोग ने न सिर्फ परीक्षा की तिथि तय करने की दिशा में कदम बढ़ाया है, बल्कि नया परीक्षा पाठ्यक्रम (सिलेबस) भी जारी किया है। इस भर्ती का उद्देश्य प्रदेश के बच्चों और गर्भवती व स्तनपान कराने वाली महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार करना है। अब न्यूट्रिशनिस्ट आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों और महिलाओं के लिए संतुलित आहार तय करेंगे जिसमें स्थानीय और सस्ते खाद्य पदार्थों से पौष्टिक भोजन तैयार करने पर जोर रहेगा। इस परीक्षा और नियुक्ति के बाद राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर आंगनबाड़ी में एक प्रशिक्षित पोषण विशेषज्ञ तैनात हो, जो माताओं और बच्चों की डाइट को वैज्ञानिक आधार पर सुधार सके। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे राज्य में कुपोषण दर में कमी आएगी और “स्मार्ट न्यूट्रिशन” के मॉडल को जमीनी स्तर पर लागू किया जा सकेगा। यह पद केवल महिला उम्मीदवारों के लिए आरक्षित है। पात्रता के लिए एमएससी (गृह विज्ञान) की डिग्री अनिवार्य रखी गई है। एचपीएससी ने बताया कि परीक्षा में “नॉलेज एंड स्क्रीनिंग टेस्ट” दोनों शामिल होंगे, जिनका उद्देश्य ऐसे उम्मीदवारों का चयन करना है जो न सिर्फ सैद्धांतिक ज्ञान रखती हों, बल्कि मैदान में व्यावहारिक रूप से आंगनबाड़ी स्तर पर बदलाव ला सकें।

बालोतरा में आदर्श विद्या मंदिर सिणधरी का नवनिर्मित भवन लोकार्पित, भव्य लोकार्पण एवं भामाशाह सम्मान समारोह आयोजित

जयपुर, बालोतरा जिले के सिणधरी स्थित विद्या भारती द्वारा संचालित आदर्श विद्या मंदिर में आज नवनिर्मित भवन का लोकार्पण संतो के सानिध्य में बड़े धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम में लोकार्पण एवं भामाशाह सम्मान समारोह का आयोजन हुआ, जिसमें प्रदेश के कई गणमान्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान सरकार के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री श्री मदन दिलावर रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी, उद्योग राज्य मंत्री के.के. बिश्नोई, एवं विधायक हमीर सिंह भायल उपस्थित रहे। समारोह में भामाशाह समन्द्र सिंह नौसर सहित संस्थान को सहयोग देने वाले अन्य भामाशाहों को श्रीराम चित्र और श्रीरामचरितमानस भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि “राष्ट्र के लिए विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास शिक्षा के मंदिरों में ही संभव है।” उन्होंने राजस्थान शिक्षा विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों को लेकर विस्तार से चर्चा की और कहा कि राज्य सरकार शिक्षा को संस्कारों से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पढ़ाई का स्थान नहीं, बल्कि संस्कार, सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना का केंद्र हैं। कार्यक्रम में संत-महात्माओं ने भी आशीर्वचन दिए और विद्यार्थियों को जीवन में अनुशासन, सेवा और संस्कार अपनाने की प्रेरणा दी।

महिला सुरक्षा सख्त: Haryana राज्य महिला आयोग ने किए तीन निर्णायक निर्णय

चंडीगढ़ महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हरियाणा राज्य महिला आयोग ने तीन बड़े फैसले लिए हैं। इनमें राज्य के हर जिम में महिला ट्रेनर और विश्वविद्यालय, कॉलेज या संस्थान में रात में काम करने वाली महिला कर्मचारियों के लाने-ले जाने वाली कैब में महिला ड्राइवर अनिवार्य होगी। इसके अलावा इच्छुक महिलाओं को कैब ड्राइविंग का प्रशिक्षण भी आयोग की तरफ से निशुल्क दिलाया जाएगा। आयोग ने साफ किया है कि आदेशों की अवहेलना करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी। महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने बताया कि राज्य के सभी जिम में अब कम से कम एक महिला प्रशिक्षक का होना अनिवार्य होगा। आयोग के मुताबिक इससे महिलाओं की सुरक्षा, गोपनीयता और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। राज्य महिला आयोग ने तय किया है कि प्रदेश की इच्छुक महिलाओं को कैब ड्राइविंग का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना और परिवहन क्षेत्र में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाना है। आयोग का मानना है कि रात में सफर करने वाली महिलाओं के लिए यह कदम सुरक्षा कवच साबित होगा। रेनू भाटिया ने बताया कि दिल्ली और केरल में महिलाओं को ऑटो और टैक्सी ड्राइविंग की ट्रेनिंग दी जाती रही है। इन्हीं अनुभवों से प्रेरणा लेते हुए हरियाणा महिला आयोग ने इस दिशा में ठोस कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि आयोग का यह फैसला साफ संदेश देता है कि अब महिलाओं की सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं होगा। आयोग सोमवार तक इन तीनों फैसलों पर लिखित आदेश जारी करेगा।   जिम में महिला प्रशिक्षक होने से महिलाएं सहज महसूस करेंगी और अपनी फिटनेस पर खुलकर ध्यान दे सकेंगी। कई बार जिम में महिलाओं के साथ अभद्रता या छेड़छाड़ की घटनाएं सामने आती हैं। नई व्यवस्था लागू होने से ऐसी घटनाओं में कमी आ सकेगी। उन्होंने कहा कि महिला कर्मचारियों को लाने-ले जाने वाली कैब में महिला चालक होने से उन महिलाओं को राहत मिलेगी जो देर रात तक काम करती हैं। इससे कामकाजी महिलाओं में सुरक्षा की भावना मजबूत होगी और महिलाएं निर्भय निर्भय होकर कार्यस्थल पर अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दे सकेंगी।  

1 करोड़ का नेक काम: मनोहर लाल का PM राहत कोष में दान, नए पुस्तकालय का होगा निर्माण

चंडीगढ़  केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी आवासन मंत्री तथा हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने रोहतक जिले में स्थित अपने पुश्तैनी गाँव बनियानी में करीब डेढ़ एकड़ जमीन को बेचकर मिली धनराशि प्रधानमंत्री राहत कोष में देने का ऐलान किया है। गाँव बनियानी में मनोहर लाल की पुश्तैनी जमीन में से करीब डेढ़ एकड़ उनके हिस्से में आई थी। मनोहर लाल ने यह जमीन बेच दी है। जिसकी एवज में उन्हें करीब एक करोड़ रुपए मिले हैं। इसके अलावा मनोहर लाल ने अपना पुश्तैनी घर माँ शांति देवी पुस्तकालय के नाम पर दान करने का ऐलान किया है। मनोहर लाल के इस आवास को पुस्तकालय में बदला जाएगा जहां ग्रामीण अंचल के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने के लिए अनुकूल माहौल मिलेगा। इससे पहले भी केंद्रीय मंत्री अपने हिस्से की जमीन बेचकर प्रधानमंत्री राहत कोष में सहयोग किया था।  

नाहरगढ़ वैक्स म्यूज़ियम में लगी महाराजा भवानी सिंह की प्रतिमा, देखकर भावुक हुईं राजकुमारी दीया कुमारी

जयपुर  नाहरगढ़ की ऊंची पहाड़ियों पर बसे जयपुर वैक्स म्यूज़ियम में गुरुवार का दिन भावनाओं से भरा हुआ था। मौका था — महावीर चक्र से सम्मानित ब्रिगेडियर सवाई भवानी सिंह की जयंती का, और इस अवसर पर उनकी वैक्स प्रतिमा का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में उनकी बेटी और राजस्थान की उप मुख्यमंत्री एवं पर्यटन मंत्री दीया कुमारी ने अपने पिता की वैक्स मूर्ति का अनावरण किया। जैसे ही परदा हटाया गया, वहां मौजूद सभी लोगों ने तालियों से स्वागत किया, जबकि दीया कुमारी की आंखें नम हो उठीं। उन्होंने कहा — “यह मेरे लिए गर्व और भावनाओं से भरा क्षण है। मेरे पिताजी केवल हमारे परिवार के नहीं, बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव थे। उनका यह वैक्स स्टेच्यू देखकर ऐसा लगा मानो वे मेरे सामने खड़े हैं। मैं जयपुर वैक्स म्यूज़ियम और उन सभी कारीगरों की आभारी हूं जिन्होंने इतनी सजीव प्रतिमा बनाई।” ब्रिगेडियर भवानी सिंह: जयपुर के आख़िरी महाराजा और सेना के वीर अधिकारी ब्रिगेडियर सवाई भवानी सिंह न केवल जयपुर राजघराने के उत्तराधिकारी थे, बल्कि भारतीय सेना के एक बहादुर योद्धा भी थे। उन्होंने 1971 के भारत-पाक युद्ध में विशेष साहस का प्रदर्शन किया था, जिसके लिए उन्हें महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। उनका योगदान केवल सैन्य क्षेत्र तक सीमित नहीं था — उन्होंने जयपुर की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में भी अहम भूमिका निभाई। नाहरगढ़ म्यूज़ियम में ‘राजसी और वीरता’ का संगम जयपुर वैक्स म्यूज़ियम में यह प्रतिमा एक विशेष सेक्शन में लगाई गई है, जिसे “राजसी और वीरता का संगम” शीर्षक दिया गया है। यहां राजस्थान के ऐतिहासिक शख़्सियतों के साथ-साथ देश के महान नेताओं और कलाकारों की भी प्रतिमाएं प्रदर्शित हैं। म्यूज़ियम के संस्थापक अनूप श्रीवास्तव ने बताया कि सवाई भवानी सिंह की प्रतिमा को तैयार करने में महीनों का समय लगा। उनकी वर्दी, मेडल, और चेहरे के भावों को बारीकी से रिसर्च कर तैयार किया गया ताकि मूर्ति में ‘जीवंतता’ झलके। दीया कुमारी की अपील — “नई पीढ़ी को जानना चाहिए अपने नायकों को” दीया कुमारी ने इस मौके पर कहा कि “मेरे पिता जैसे सच्चे देशभक्तों की कहानियां आज की युवा पीढ़ी तक पहुंचनी चाहिए। म्यूज़ियम इस दिशा में शानदार काम कर रहा है, जो न केवल पर्यटन को बढ़ावा देता है, बल्कि इतिहास को जीवंत भी बनाए रखता है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भी ऐसे सांस्कृतिक स्थलों को प्रोत्साहित करेगी ताकि राजस्थान की विरासत और वीरता दोनों पीढ़ियों तक सुरक्षित रहें।

जघराने की विरासत को मिला नया रूप — नाहरगढ़ में सवाई भवानी सिंह की मोम प्रतिमा का दिया कुमारी ने किया लोकार्पण

 जयपुर जयपुर के नाहरगढ़ किले में स्थित जयपुर वैक्स म्यूजियम में महावीर चक्र से सम्मानित ब्रिगेडियर सवाई भवानी सिंह की वैक्स प्रतिमा का भव्य अनावरण किया गया। उपमुख्यमंत्री और पर्यटन मंत्री दिया कुमारी ने अपने पिता की प्रतिमा का लोकार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। यह विशेष आयोजन महाराजा सवाई भवानी सिंह की जन्म जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया, जिससे यह दिन और भी भावनात्मक और गौरवपूर्ण बन गया। समारोह में उनकी वीरता और जीवन यात्रा पर आधारित आठ मिनट की डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शित की गई, जिसने उपस्थित अतिथियों को भावुक कर दिया। जयपुर वैक्स म्यूजियम के रॉयल दरबार सेक्शन में स्थापित यह वैक्स प्रतिमा सवाई भवानी सिंह की शौर्य, अनुशासन और देशभक्ति का जीवंत प्रतीक है। कलाकारों ने महीनों तक अनुसंधान और अध्ययन कर इस प्रतिमा को साकार किया। इसका क्ले फेस मॉडल अप्रैल में उनकी पुण्यतिथि पर जारी किया गया था। लोकार्पण के दौरान उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि यह क्षण मेरे लिए अत्यंत गर्व और भावनाओं से भरा है। मेरे पिता केवल हमारे परिवार के नहीं, बल्कि सम्पूर्ण राष्ट्र के गौरव थे। उनकी प्रतिमा जयपुर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को राष्ट्रसेवा और साहस का संदेश देगी। जयपुर वैक्स म्यूजियम के फाउंडर डायरेक्टर अनूप श्रीवास्तव ने कहा कि सवाई भवानी सिंह जी का व्यक्तित्व न केवल राजस्थान, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हमारा उद्देश्य इतिहास, संस्कृति और वीरता को नई पीढ़ी तक जीवंत रूप में पहुंचाना है। म्यूजियम में पहले से महाराणा प्रताप, सवाई जयसिंह द्वितीय, सवाई माधोसिंह द्वितीय और महारानी गायत्री देवी जैसी ऐतिहासिक विभूतियों की प्रतिमाएं प्रदर्शित हैं। अब ब्रिगेडियर सवाई भवानी सिंह की प्रतिमा के जुड़ने से यह संग्रह और भी समृद्ध हो गया है। कार्यक्रम में सेना के पूर्व अधिकारी, म्यूजियम की टीम, पर्यटन विभाग के अधिकारी और शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

वन विभाग की तत्परता से पकड़े गए तीन आरोपी

मृत हाथी का मामला सुलझा रायपुर, वनमंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार वन विभाग ने तत्परता से रायगढ़ वनमंडल के अंतर्गत ग्राम केराखोल में एक मृत हाथी का मामला सुलझा लिया गया है। सूचना मिलते ही वनमंडलाधिकारी रायगढ़ के नेतृत्व में वन अमला तत्काल मौके पर पहुँचा और घटना स्थल का निरीक्षण करने पर प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हाथी की मृत्यु बिजली के तार की चपेट में आने से हुई है। स्थल पर जांच के दौरान तार, सूखे पत्ते, मिट्टी के निशान तथा संदिग्ध वस्तुएं मिलीं। साथ ही मृत हाथी के पेट में घाव के निशान, जिसमें लगे हुए स्नेयर को भी जब्त किया गया। उल्लेखनीय है कि वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने वन्य अपराध में लिप्त लोगों पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। आरोपियों ने बिजली के तार लगाकर जंगली जानवरों को मारने का किया प्रयास वन विभाग की तीन सदस्यीय पशुचिकित्सा टीम ने मृत हाथी का पोस्टमार्टम किया। प्रारंभिक रिपोर्ट में मृत्यु का कारण विद्युत करंट बताया गया। घटना के बाद पुलिस विभाग को सूचित किया गया तथा तत्काल जांच शुरू की गई। संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ के दौरान तीन आरोपियों की पहचान हुई, जिसमें वीर सिंग मांझी पिता मेहत्तर मांझी आयु 28 वर्ष, ग्राम केराखोल, रामनाथ राठिया पिता महेश्वर राठिया आयु 42 वर्ष, ग्राम औराईमुड़ा और बसंत राठिया पिता ठाकुर राम राठिया आयु 40 वर्ष, ग्राम केराखोल शामिल है। पूछताछ में आरोपी वीर सिंग मांझी ने स्वीकार किया कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर खेत की रखवाली के लिए बिजली के तार लगाकर जंगली जानवरों को मारने का प्रयास किया था। उसी दौरान हाथी करंट की चपेट में आ गया। आरोपियों ने तार और लोहे का सामान खुद खरीदा था। तीनों आरोपियों को वन अपराध के तहत गिरफ्तार वन अपराध में लिप्त तीनों आरोपियों को वन अपराध के तहत गिरफ्तार किया गया है। इनके विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9 एवं 51 के अंतर्गत 20 अक्टूबर को अपराध दर्ज कर 21 अक्टूबर को तीनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। मामले की विस्तृत जांच जारी है।

कृषि विभाग हुआ सतर्क, पराली जलाने वालों के लिए हर जिले में अलग नोडल अधिकारी

सिरसा  हरियाणा सरकार द्वारा किसानों को योजनाएं दी जा रही है, जिसका लाभ अब किसान उठाने लगे हैं। यही कारण है कि सिरसा जिले में इस बार पराली के अवशेष जलाने की घटनाओं में बहुत कमी देखने को मिली है। सिरसा जिले के कुछ जगहों को छोड़कर इस बार पराली के अवशेष न जलाकर किसान गांठे बनवा रहे हैं और सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। सिरसा कृषि उपनिदेशक डॉक्टर सुखदेव कंबोज ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस बार किसान पराली के अवशेष न जलाकर उसकी गांठ बनवा रहे हैं और उन्हें बेचकर मुनाफा भी कमा रहे हैं और सरकार की योजनाओं का लाभ भी ले रहे हैं।  मीडिया से बातचीत करते हुए कृषि उप निदेशक डॉक्टर सुखदेव कम्बोज ने बताया कि सिरसा जिले में इस बार किसानों को जागरूक करने के लिए विभाग की ओर से अलग-अलग जगह पर अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि स्कूलों में एक और जहां जागरूकता रैलियां निकाल किसानों और ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है तो वहीं कृषि विभाग के अधिकारी भी धरातल पर उतरकर किसानों को जागरूक कर रहे हैं। यही कारण है कि इस बार पिछले सालों के मुकाबले कम मामले सामने आए हैं। कृषि उप निदेशक ने बताया कि सिरसा जिले में इस बार 3,91,000 हेक्टेयर में धान की रोपाई की गई है, जिसकी अब तक लगभग 25 प्रतिशत तक कटाई की जा चुकी है। उन्होंने बताया कि अधिकारियों की अलग-अलग गांव में ड्यूटी भी लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि गांव स्तर पर ग्रीन और येलो एरिया में हर 50 किसानों पर एक नोडल अधिकारी भी नियुक्त किया गया है। वहीं, ग्रीन जोन ग्रामीण स्तर पर हर 100 किसानों पर एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है और गांव में टीमों की ओर से प्रचार प्रसार किया जा रहा है और किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है।  पराली जलाने पर 5 किसानों पर FIR  उन्होंने बताया कि इसको लेकर किसान जागरूक भी हुए हैं लेकिन कुछ किसानों द्वारा एक-दो स्थानों पर आगजनी की सूचना मिलने पर अभी तक कुल पांच किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई है और उन पर ₹25000 जुर्माना भी किया गया है साथ ही उन किसानों की रेड एंट्री की गई है, जिससे वह किसान सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं का लाभ न ले सके। उन्होंने बताया कि इस बार जिन किसानों ने फसल के अवशेष जलाए हैं। उनकी रेड एंट्री पंजीकरण पर हुई है जिससे किसान सरकार की योजनाओं का लाभ दो साल तक नहीं उठा पाएंगे।  किसानों से की ये अपील उप निदेशक ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि अभी 75% धान की कटाई बाकी है किसान पराली के अवशेष न जलाकर सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं का लाभ अवश्य उठाएं। फसल के अवशेष आसानी से बेच सकते हैं इस बार धान के अवशेषों की मांग ज्यादा है और 175 रुपए से लेकर ₹200 पराली बिक रही है।  

Registry कराने वालों के लिए जरूरी खबर, पंजाब सरकार ने किया ऐलान

मोहाली पंजाब सरकार ने मोहाली जिले के विभिन्न कस्बों और गांवों में जमीन के कलेक्टर रेट्स में वृद्धि कर दी है, जिसके बाद आम जनता, किसानों और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े हज़ारों लोग चिंतित हैं। अब रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया महंगी हो जाएगी। इस मामले पर ज़िला कांग्रेस अध्यक्ष रणजीत सिंह जीती पटियाला ने कहा कि मोहाली, खरड़, डेराबस्सी और अन्य क्षेत्रों में कलेक्टर रेट्स में कई बार बढ़ोतरी की जा चुकी है, जिसका असर संपत्ति की खरीद और बिक्री पर प्रतिकूल पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला न केवल आम लोगों पर बोझ डालेगा, बल्कि रियल एस्टेट उद्योग और छोटे निवेशकों के लिए भी नुकसानदायक साबित होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनहित की बजाय कुछ बड़े पूंजीपतियों के पक्ष में काम कर रही है। कांग्रेस पार्टी इस मामले को गंभीरता से उठाएगी और सरकार से मांग करेगी कि वह कलेक्टर रेट्स की वृद्धि को तुरंत रद्द करे। उन्होंने कहा कि सरकार को छोटे व्यापारियों और आम लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर रेट्स पर पुनर्विचार करना चाहिए।