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महागठबंधन का CM चेहरा तय, तेजस्वी बोले- जनता के भरोसे से खत्म होगी भ्रष्ट सरकार

पटना  बिहार चुनाव में महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार (Tejashwi Yadav CM Face) बनाए जाने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा कि इस बार प्रदेश से 20 साल पुरानी भ्रष्ट और निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकेंगे। यादव ने अपने माता पिता लालू-राबड़ी को याद किया और बिहार चुनाव में मुख्यमंत्री का उमीदवार घोषित किये जाने पर कांग्रेस नेता अशोक गहलोत तथा सभी घटक दलों के नेताओं को धन्यवाद दिया। राजद नेता तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा कि बिहार में बीस साल पुरानी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की सरकार निकम्मी हो चुकी है और चारो तरफ भ्रष्टाचार से लिप्त है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सेहत ठीक नही है और जनता दल यूनाइटेड (JDU) की सारी गतिविधियां तीन-चार नेताओं ने अपने नियंत्रण में ले रखी हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ मिले हुए हैं और चुनाव के बाद जदयू को खत्म करने की कोशिश की जाएगी। उन्होंने कहा कि एक षड्यंत्र के तहत इस चुनाव में नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री का उमीदवार घोषित नही किया गया है। उन्होंने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा है कि चुनाव के बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन ( NDA) के विधायक दल के नेता मुख्यमंत्री पड़ का चुनाव करेंगे। राजद नेता ने कहा कि राजग सरकार के तमाम दावों के बावजूद बिहार में गरीबी, बेरोजगारी, पलायन बढ़ता ही गया है। बिहार की प्रति व्यक्ति आय भी देश मे सबसे कम है। प्रदेश में उद्योग धंधे भी नही हैं और ना ही सरकार के पास आगे कारखाने लगाने की कोई योजना है।   तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने कहा कि लालू के काल मे रेलवे ने कारखाना लगाया था और उन्होंने अपने 17 महीने के कार्यकाल में रीगा चीनी मिल को पुन: शुरू करवाया था। उन्होंने कहा कि शेष बंद पड़ी चीनी मिलों को शुरू करने के लिए सरकार के पास कोई योजना नहीं है। यादव ने कहा कि बिहार का प्रशासन अधिकारियों और बाबुओं के हाथ में है, जो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। घूसखोरी अतिशय बढ़ गयी है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन की सरकार आई तो भ्रष्टाचार पर कड़ाई से लगाम लगाया जाएगा। उन्होने कहा कि उनकी स्वयं की परछाई भी भ्रष्टाचार करेगी तो उस पर भी कार्रवाई होगी। राजद नेता ने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की हालत बहुत बुरी है। उन्होंने कहा कि लालू राज को जंगल राज कहने वाले नेता भूल गए हैं कि बिहार में पिछले बीस वर्षों में 70 हजार हत्याएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि वह जंगल राज था तो फिर यह क्या है? उन्होंने कहा कि सृजन घोटाला, बालिका गृह कांड से ले कर चूहों के पुल गिराने और शराब पीने तक इस सरकार के असंख्य कारनामे हैं। इन सभी मामलों में सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है।  

वीडियो बन सकता है वायरल: खंडवा में ट्यूब को लेकर हुई लड़ाई, युवकों ने पीटा और लूटे पैसे

खंडवा सिंगाजी महाराज के दर्शन करने गए एक युवक के साथ चार से पांच युवकों ने मिलकर मारपीट की। पीड़ित युवक का आरोप है कि घटना की शिकायत लेकर जब वह पुलिस चौकी बीड़ पहुंचा तो वहां पुलिस ने उसकी रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया और उसके साथ गाली-गलौज कर चौकी से भगा दिया। घटना से आक्रोशित समाजजन बड़ी संख्या में एसपी कार्यालय पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, नगीन राठौर निवासी ग्राम सालफी बुधवार को सिंगाजी महाराज के दर्शन के लिए गया था। दर्शन से पूर्व वह नर्मदा नदी में स्नान कर रहा था। इसी दौरान ट्यूब की बात को लेकर चार-पांच युवकों से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर युवकों ने नगीन को पटक-पटककर, लात-घूसों और बेल्ट से बेरहमी से पीटा। हमले में नगीन को गंभीर चोटें आईं।   चौकी पुलिस पर लापरवाही और अभद्रता का आरोप मारपीट में घायल नगीन राठौर जब शिकायत दर्ज कराने बीड़ चौकी पहुंचा, तो पुलिस ने कथित तौर पर उसकी शिकायत लेने से मना कर दिया। नगीन का आरोप है कि चौकी पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने न केवल रिपोर्ट लिखने से इनकार किया, बल्कि उसके साथ गाली-गलौज कर चौकी से बाहर निकाल दिया। एसपी ने समाजजनों को न्याय और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। चौकी प्रभारी का बयान आया सामने वहीं मामले में चौकी प्रभारी का कहना है कि घायल युवक की रिपोर्ट दर्ज कर मेडिकल करवाया था। दूसरे पक्ष की शिकायत भी मामले में दर्ज की गई है। रिपोर्ट लिखी, मेडिकल भी करवाया। फरियादी की शिकायत पर हमने मामले में आरोपितों के खिलाफ रिपोर्ट लिखी, घायल युवक का मेडिकल भी करवाया है। गांव में विवाद न हो इसके लिए इसलिए दोनों पक्षों को समझाइश भी दी थी। इसके बाद मामले में क्रॉस रिपोर्ट दर्ज की गई है-राधेश्याम मालवीय, चौकी प्रभारी, बीड़।

मोहन सरकार का ग्रीन ड्राइव: अब विधायकों को EV लोन पर मोटा सब्सिडी लाभ

भोपाल प्रदेश सरकार ने 16वीं विधानसभा (दिसंबर 2023-2028) के सदस्यों को वाहन खरीदने पर ब्याज अनुदान देने का निर्णय लिया है। पहली बार इलेक्ट्रिक वाहन को योजना में शामिल किया है। तीस लाख रुपये तक का इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर सदस्य को चार प्रतिशत ब्याज देना होगा। शेष ब्याज सरकार चुकाएगी पर यह अधिकतम छह प्रतिशत तक होगा। इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलेगा छह प्रतिशत ब्याज अनुदान 15 लाख रुपये से अधिक का पेट्रोल-डीजल वाला वाहन खरीदने पर सरकार केवल दो प्रतिशत ब्याज चुकाएगी। मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया। प्रदेश में विधायकों को वाहन खरीदने पर ब्याज अनुदान देने की योजना कोरानाकाल में बंद हो गई थी। इसके बाद इसे प्रारंभ नहीं किया गया। जबकि, सदस्य इसकी लगातार मांग कर रहे थे। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने मुख्यमंत्री डा.मोहन यादव से बात की और प्रस्ताव तैयार करके संसदीय कार्य विभाग ने वित्त विभाग को भेजा, जहां इसमें कटौती कर भेजा गया। संसदीय कार्य विभाग ने चार प्रतिशत ब्याज अनुदान देना प्रस्तावित किया था लेकिन वित्त विभाग ने इसे दो हिस्से में बांट दिया। यदि कोई विधायक 15 लाख रुपये तक का वाहन खरीदता है तो उसे चार प्रतिशत ब्याज चुकाना होगा। शेष ब्याज सरकार देगी लेकिन 15 से 30 लाख रुपये तक का वाहन खरीदने पर सरकार केवल दो प्रतिशत ब्याज अनुदान देगी। बाकी पूरा ब्याज विधायक को ही चुकाना होगा। ब्याज अनुदान पांच वर्ष तक ही दिया जाएगा। योजना में इलेक्ट्रिक वाहन की नई श्रेणी जोड़ी गई है। इसमें यह प्रविधान किया है कि 30 लाख रुपये तक का वाहन विधायक खरीदता है तो चार प्रतिशत ब्याज उसे चुकाना होगा। शेष ब्याज अधिकतम छह प्रतिशत तक सरकार चुकाएगी। आवास ऋण पर ब्याज अनुदान का मामला लंबित उधर, विधायक द्वारा आवास के लिए ऋण लेने पर ब्याज अनुदान देना भी प्रस्तावित है। सदस्य सुविधा समिति इसका भी प्रस्ताव संसदीय कार्य विभाग के माध्यम से सरकार को दी चुकी है। इसमें आवास ऋण की अधिकतम सीमा 25 से बढ़ाकर 50 लाख करना प्रस्तावित किया है क्योंकि महंगाई बढ़ने के कारण आवास भी महंगे हुए हैं। वित्त विभाग ने 25 लाख रुपये तक चार ब्याज सदस्य द्वारा देने और शेष सरकार द्वारा अनुदान के रूप में चुकाने के साथ 50 लाख रुपये तक के ऋण पर सरकार द्वारा दो प्रतिशत ब्याज अनुदान देना प्रस्तावित है। कैबिनेट के अन्य निर्णय सागर जिले की मालथौन तहसील में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खंड स्तर का नया पद और उनके अमले अंतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के छह पद सृजित किए जाएंगे।  

प्रदेश के विभिन्न अंचलों के विद्यार्थी स्थानीय संस्कृति एवं लोक कलाओं का करेंगे प्रदर्शन

राज्य स्तरीय कला उत्सव 24 अक्टूबर से भोपाल में भोपाल  स्कूल शिक्षा विभाग का दो दिवसीय राज्य स्तरीय कला उत्सव शुक्रवार 24 अक्टूबर से प्रात: 10 बजे भोपाल में शुरू होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूल के विद्यार्थियों को अपनी कला, संस्कृति और विरासत को मंच प्रदान करना है। कार्यक्रम कलियासोत, कोलार रोड के मध्यप्रदेश भूमि एवं जल प्रबंधन संस्थान (वाल्मी) में आयोजित होगा। दो दिवसीय राज्य स्तरीय कला उत्सव में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से स्कूल के लगभग 250 विद्यार्थी अपनी प्रस्तुति देंगे। इन विद्यार्थियों का चयन 9 संभागों में विद्यार्थियों द्वारा श्रेष्ठ प्रस्तुति के आधार पर राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में हुआ है। उत्सव में मालवी एवं बुंदेली लोक गीत, बरेदीं बधाई, धीमी राय, गौर नृत्य के साथ अंचल से जुड़ी लोक नृत्य की प्रस्तुतियाँ दी जायेंगी। विद्यार्थी नाटक एवं कहानी कथा पर आधारित वाचन प्रस्तुत करेंगे। कला उत्सव की विशेषता रानी दुर्गावती एवं रानी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन पर आधारित लघु ना‍टिकाएँ रहेंगी। कला उत्सव में वादन की श्रेणी में विद्यार्थी बाँसुरी, सितार, तबला, टिमकी, ढोलक और तुरा जैसे पारम्परिक वाद्य यंत्रों के माध्यम से संगीत की अद्भुत प्रस्तुतियाँ देंगे। मध्यप्रदेश की धरती सदैव कला की जननी रही है। भीमबेटका और इसकी गुफाएँ प्राचीन चित्रकला की साक्षी हैं। उत्सव में विद्यार्थी पिथौरा, गोंड कला एवं मालवा पेंटिंग पर आधारित अपनी चित्रकृतियाँ प्रदर्शित करेंगे। मूर्तिकला, चित्रकला तथा स्थानीय खेल और खिलौनों पर आधारित प्रतियोगिताएँ भी इस उत्सव का विशेष आकर्षण रहेंगी। राज्य स्तरीय कला उत्सव-2025 का समापन 25 अक्टूबर को होगा। उद्घाटन सत्र में स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षाविद मौजूद रहेंगे। 

एमएसएमई फॉर भारत सम्मेलन: मध्यप्रदेश का एमएसएमई पंडाल बना सभी के आकर्षण का केन्द्र

सैण्डस्टोन से निर्मित भगवान श्रीराम की मूर्ति ने मन मोहा भोपाल  नई दिल्ली के प्रगति मैदान में भारत मंडपम में “एमएसएमई फॉर भारत” सम्मेलन में मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल को काफी सराहना मिल रही है और लोगों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। ग्वालियर के (ओडीओपी) एक जिला-एक उत्पाद के तहत सैण्डस्टोन की दो इकाइयों श्री साईं राम स्टोन और सेंचुरी स्टोन – की कलाकृतियां स्टॉल में प्रदर्शित की गई हैं। स्टॉल पर प्रदर्शित सेंचुरी स्टोन से स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाई गई भगवान श्रीराम की मूर्ति ने सभी का मन मोहा और निवेशकों, उद्योगपतियों और उद्यमियों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। मध्यप्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विभाग द्वारा इस महत्वपूर्ण आयोजन में विशेष रूप से भागीदारी की गई। विभाग के सहायक संचालक श्री अर्पित पवार ने राज्य में संचालित विभिन्न योजनाओं, औद्योगिक नीतियों और निवेश अवसरों के बार में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति और स्टार्टअप नीति ने युवाओं को स्व-रोजगार की दिशा में प्रेरित किया है। सम्मेलन का आयोजन एक मीडिया संस्थान द्वारा किया गया। इस अवसर पर केंद्र और विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों, उद्योग विशेषज्ञों, उद्यमियों तथा नीति निर्माताओं ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र की संभावनाओं और चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया।  

‘दोस्ती दुष्कर्म का लाइसेंस नहीं’—दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी की जमानत याचिका ठुकराई

नई दिल्ली दिल्ली हाईकोर्ट ने 17 वर्षीय लड़की के साथ बलात्कार के आरोपी व्यक्ति को अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। साथ ही, उसके इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि दोनों दोस्त थे। न्यायालय ने कहा कि दोस्ती पीड़िता के साथ बार-बार बलात्कार करने, उसे बंधक बनाने या बेरहमी से पीटने का लाइसेंस नहीं देती। न्यायमूर्ति स्वर्ण कांत शर्मा ने बाल यौन अपराध निवारण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत दर्ज मामले में व्यक्ति की याचिका खारिज कर दी और कहा कि आरोपी अभी तक जांच में शामिल नहीं हुआ है, जबकि उसकी अग्रिम जमानत याचिका पहले चार बार या तो वापस ले ली गई है या खारिज कर दी गई है। कोर्ट ने कहा, "आवेदक की ओर से यह तर्क कि आवेदक और शिकायतकर्ता मित्र थे और इसलिए यह सहमति से संबंध का मामला हो सकता है, इस अदालत द्वारा स्वीकार नहीं किया जा सकता।" न्यायाधीश ने 17 अक्टूबर को पारित आदेश में कहा, "यदि संबंधित पक्ष मित्र भी थे, तो भी मित्रता आवेदक को पीड़िता के साथ बार-बार बलात्कार करने, उसे अपने मित्र के घर में बंधक बनाने तथा उसकी निर्दयतापूर्वक पिटाई करने की अनुमति नहीं देती, जैसा कि प्रथम दृष्टया शिकायतकर्ता ने अपने बयान में बताया है… जिसकी पुष्टि मेडिकल रिकॉर्ड से भी होती है।" नाबालिग लड़की की शिकायत के आधार पर दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, वह आरोपी को कई वर्षों से पड़ोसी के रूप में जानती थी। उसने आरोप लगाया कि वह उसे अपने दोस्त के घर ले गया, जहां उसने उसके साथ मारपीट की और बार-बार उसका यौन उत्पीड़न किया और किसी को भी घटना के बारे में बताने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। आरोपी ने इस आधार पर जमानत मांगी थी कि एफआईआर दर्ज करने में 11 दिन की देरी हुई थी, तथा उसने यह भी कहा था कि उसके और पीड़िता के बीच संबंध सहमति से बने थे। अभियुक्त की देरी की दलील को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति शर्मा ने कहा, "स्वाभाविक रूप से, उक्त घटना के डर और आघात के कारण ही शिकायतकर्ता ने शुरू में अपने माता-पिता को घटना के बारे में बताने से परहेज किया था। अतः, उपरोक्त परिस्थितियों और वर्तमान मामले में लगाए गए आरोपों की गंभीर प्रकृति को देखते हुए न्यायालय पाता है कि अग्रिम जमानत देने का कोई मामला नहीं बनता। तदनुसार, वर्तमान आवेदन मान्य है।  

छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनेगा ‘जशपुर जम्बूरी 2025’

रायपुर छत्तीसगढ़ का पर्वतीय और हरियाली से आच्छादित जिला जशपुर एक बार फिर उत्सव, संस्कृति और रोमांच का केंद्र बनने जा रहा है। यहाँ आगामी 6 से 9 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने वाले ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ में प्रदेश और देशभर से पर्यटक प्रकृति की गोद में रोमांचक अनुभवों, जनजातीय परंपराओं और सामुदायिक उत्सव के रंगों का आनंद लेंगे।  यह आयोजन प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय परंपराओं और आधुनिक रोमांच का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा। प्रकृति की गोद में चार दिन का उत्सव जशपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झरनों, पहाड़ियों और हरे-भरे जंगलों के कारण पहले से ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। इन चार दिनों में यह जिला उत्साह, उमंग और अनूठे अनुभवों का जीवंत मंच बन जाएगा। देशभर से आने वाले सैलानी यहां रोमांचक खेलों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और जनजातीय लोकपर्वों की रंगीन झलक का आनंद लेंगे। हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग का रोमांच इस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग शो, जिसमें प्रतिभागी मधेश्वर पहाड़ियों के ऊपर से उड़ान भरकर जशपुर की भव्यता को नई ऊँचाई से देख सकेंगे। नीले आसमान और हरी वादियों का यह संगम एक अविस्मरणीय अनुभव बनेगा। कयाकिंग, एटीवी और मोटर बोटिंग से मिलेगा एडवेंचर का आनंद फेस्टिवल में कयाकिंग, मोटर बोटिंग और एटीवी राइड्स जैसी गतिविधियाँ रोमांच प्रेमियों को अपनी सीमाओं को परखने का अवसर देंगी। झरनों की धारा में कयाकिंग और जंगलों के बीच मिट्टी के रास्तों पर एटीवी चलाने का रोमांच हर आगंतुक के लिए यादगार रहेगा। फॉरेस्ट ट्रेकिंग और प्राकृतिक अनुभव प्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष फॉरेस्ट ट्रेकिंग ट्रेल्स तैयार की गई हैं। घने पेड़ों के बीच, फूलों की महक और पक्षियों की चहचहाहट में चलना जशपुर की जैव विविधता से गहरा जुड़ाव कराएगा। यह पर्यावरण और पर्यटन के बीच सामंजस्य का प्रतीक है। खुले आसमान तले स्टार गेज़िंग सेशन्स रात्रिकालीन आयोजनों में स्टार गेज़िंग सेशन्स विशेष आकर्षण होंगे। तारों से सजे जशपुर के निर्मल आसमान में सैकड़ों नक्षत्रों को निहारने का अनुभव आगंतुकों को अद्भुत शांति और विस्मय का एहसास कराएगा। लोककला, संगीत और बोनफायर नाइट्स से सजेगा हर शाम का माहौल हर शाम बोनफायर नाइट्स में जनजातीय लोकनृत्य, संगीत और हँसी से भरी संध्याएँ होंगी। पारंपरिक गीतों की धुन और आग की लपटों के बीच साझा होती मुस्कानें इस आयोजन को आत्मीयता का नया अर्थ देंगी। फेस्टिवल में स्थानीय व्यंजनों का विशेष स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहेगा। स्थानीय पारंपरिक पकवानों के स्वाद से पर्यटक छत्तीसगढ़ की मिट्टी की असली महक महसूस करेंगे। ‘जशपुर जम्बूरी’ केवल एक पर्यटन आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय गौरव और सांस्कृतिक आत्मसम्मान का उत्सव भी है। पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला प्रदर्शनी और आदिवासी परिधानों की झलक इस आयोजन को विशिष्ट बनाएगी। जशपुर प्रशासन और पर्यटन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा के लिए ठहरने, खानपान, सुरक्षा और स्वच्छता की संपूर्ण व्यवस्था की है।  डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बढ़ेगी पहचान इस आयोजन में देशभर से एडवेंचर प्रेमी, फोटोग्राफर, ट्रैवल ब्लॉगर और इनफ्लुएंसर भाग लेंगे, जिससे जशपुर की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल माध्यमों से और सशक्त होगी।  "हमारा प्रयास है कि जशपुर की प्रकृति और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान मिले। जशपुर जम्बूरी 2025’  न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को प्रखर करेगा, बल्कि पर्यटन, उद्यमिता और सामुदायिक सहभागिता को नई ऊर्जा देगा। यह आयोजन राज्य के लिए गौरव और विकास दोनों का प्रतीक बनेगा। ऐसे आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी पैदा करते हैं। जशपुर के लोग जितने सादगीपूर्ण हैं, उतने ही उत्साही और साहसी भी हैं।  ‘जशपुर जम्बूरी’ जैसे आयोजन इस क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित कर रहे हैं। यह फेस्टिवल छत्तीसगढ़ को ‘एडवेंचर टूरिज्म हब’ के रूप में आगे  बढ़ाएगा।" – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने दैनिक समय के संपादक के निधन पर व्यक्त किया शोक

भोपाल उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने दैनिक समय, शहडोल के संपादक श्री चन्द्रशेखर त्रिपाठी शास्त्री के निधन पर गहन शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि स्व. त्रिपाठी शास्त्री का निधन पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। समाज और क्षेत्र के विकास में उनके योगदान को सदैव स्मरण किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करने एवं शोकाकुल परिवार को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति देने की ईश्वर से प्रार्थना की है। 

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पूर्व उपराष्ट्रपति स्व. भैरों सिंह शेखावत को श्रद्धांजलि अर्पित की

 जयपुर, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को विद्याधर नगर स्थित स्मृति स्थल पहुंचकर पूर्व उपराष्ट्रपति एवं राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भैरों सिंह शेखावत की जयंती पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।  शर्मा ने इस अवसर पर मीडिया से बातचीत में कहा कि स्व. शेखावत ने राष्ट्रवाद की भावना से ओतप्रोत होकर देश व प्रदेश की मजबूती और जनसेवा के माध्यम से गरीब के उत्थान का कार्य किया। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के विचारों से प्रेरित होकर राजस्थान में अंत्योदय योजना के माध्यम से अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सहारा देकर आगे बढ़ाने का काम किया था। साथ ही, महात्मा गांधी एवं बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विचारों को भी आगे बढ़ाया।     इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी, सांसद मदन राठौड़,  मंजू शर्मा, विधायक गोपाल शर्मा, बालमुकुंदाचार्य, नगर निगम ग्रेटर महापौर डॉ. सौम्या गुर्जर सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

राष्ट्रीय पोषण माह 2025 में राजस्थान को मिला दूसरा स्थान, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी दी बधाई

उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने राष्ट्रीय पोषण माह 2025 में राजस्थान के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर दी बधाई जयपुर, उपमुख्यमंत्री तथा महिला एवं बाल विकास मंत्री दिया कुमारी के निर्देशन में राजस्थान महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर महिला एवं बाल विकास की विभिन्न योजनाओं में लगतार बेहतरीन प्रदर्शन किया जा रहा है। राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा में नम्बर वन और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में भी नम्बर वन रहने के बाद और राष्ट्रीय पोषण माह 2024 के चौथे स्थान के पिछले प्रदर्शन को और बेहतर प्रदर्शन करते हुए इस बार (17 सितम्बर से 16 अक्टूबर 2025) राष्ट्रीय पोषण माह 2025 में राजस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने इस उत्कृष्ट प्रदर्शन पर महिला एवं बाल विकास विभाग (निदेशालय समेकित बाल विकास सेवाएं) को बधाई दी है। महिला एवं बाल विकास शासन सचिव महेन्द्र सोनी ने बताया कि उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी के निर्देशन में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रभावी रणनीति, जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों, तथा आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की निष्ठा व समर्पण का परिणाम है। महेन्द्र सोनी ने बताया कि आंगनबाड़ी केंद्रवार रिपोर्ट के अनुसार, राजस्थान ने इस माह के लिए निर्धारित 81,01,730 लक्ष्यों के मुकाबले 88,93,346 उपलब्धियाँ दर्ज की हैं, जिससे राज्य की कुल उपलब्धि दर 114.12 प्रतिशत रही। उन्होंने बताया कि इस उत्कृष्ट प्रदर्शन से राजस्थान ने अपने 41 जिलों और 62,321 आंगनबाड़ी केंद्रों के सहयोग से पोषण माह को एक जनआंदोलन के रूप में सफल बनाया है। राष्ट्रीय स्तर पर गुजरात 115.74 प्रतिशत के साथ प्रथम, राजस्थान 114.12 प्रतिशत के साथ द्वितीय तथा छत्तीसगढ़ 108.30 प्रतिशत के साथ तृतीय स्थान पर है। राज्यभर में विविध गतिविधियों का आयोजन — निदेशक आईसीडीएस वासुदेव मालावत ने यह संकल्प दोहराया कि आने वाले महीनों में भी पोषण से जुड़ी गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा ताकि राजस्थान कुपोषण मुक्त राज्य बनकर देश के लिए उदाहरण प्रस्तुत कर सके। पोषण माह 2025 के दौरान राजस्थान के विभिन्न जिलों में जागरूकता, सामुदायिक सहभागिता, गृह भ्रमण, पौष्टिक आहार वितरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य परामर्श, और “सुपोषित राजस्थान” के लक्ष्य को साकार करने हेतु अनेक अभिनव गतिविधियाँ आयोजित की गईं। पोषण माह 2025 की प्रमुख थीम्स के अनुरूप राज्यभर में विविध गतिविधियाँ आयोजित की गईं, जिनमें शामिल हैं — •    मोटापे की समस्या का समाधान •    चीनी और तेल का सेवन कम करना •    प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल और शिक्षा (ECCE) •    शिशु और छोटे बच्चों के आहार के तरीके (IYCF) पोषण में पुरुषों की भागीदारइसे बढ़ावा देना 'वोकल फॉर लोकल' और डिजिटलीकरण पर विशेष जोर महिला एवं बाल विकास विभाग, राजस्थान सरकार ने इस सफलता में योगदान देने वाले सभी जिला अधिकारियों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, आशा सहयोगियों और स्थानीय समुदायों के प्रति आभार व्यक्त किया है। विभाग ने कहा है कि यह उपलब्धि "सुपोषित भारत, स्वस्थ भारत" के लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। 17 अक्टूबर 2025 तक प्राप्त प्रविष्टियों के आधार पर राजस्थान के शीर्ष पाँच जिले निम्नलिखित हैं — 1.    जोधपुर – कुल प्रविष्टियाँ: 3,37,081 2.    कोटा – कुल प्रविष्टियाँ: 2,19,028 3.    बीकानेर – कुल प्रविष्टियाँ: 2,54,243 4.    चूरू – कुल प्रविष्टियाँ: 2,81,533 5.    हनुमानगढ़ – कुल प्रविष्टियाँ: 2,07,081 इन जिलों ने न केवल निर्धारित लक्ष्यों को पार किया बल्कि सामुदायिक सहभागिता और नवाचार के माध्यम से पोषण माह को जन-जन तक पहुँचाने में अग्रणी भूमिका निभाई। उदाहरणस्वरूप, जोधपुर जिले ने 134.98 प्रतिशत उपलब्धि दर के साथ राज्य में शीर्ष स्थान प्राप्त पर है, जबकि कोटा, बीकानेर, चूरू और हनुमानगढ़ ने भी 125 प्रतिशत से अधिक की उपलब्धि दर्ज की है।