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करोड़ों की संपत्ति का खुलासा, जमीन, मॉल और जिम के मालिक निकले सरकारी अधिकारी

इंदौर महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक लक्ष्मी नारायण कंडवाल पर लोकायुक्त पुलिस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने कंडवाल के ठिकानों पर छापा मारते हुए 10 करोड़ 82 लाख 73 हजार से ज्यादा की संपत्ति निकाली है। 30 वर्षों की सरकारी सेवा के दौरान उनकी कुल वैध आय लगभग 2.5 करोड़ रुपये आंकी गई है। एसपी (लोकायुक्त) डॉ. राजेश सहाय के अनुसार कार्रवाई गुप्त शिकायत के बाद हुई है। पुलिस ने लक्ष्मी नारायण के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर सुबह करीब 6 बजे आनंद विहार कालोनी (स्कीम-103) में छापा मारा। पांच मंजिला इस भवन में कंडवाल का सुपर मार्केट, जिम भी संचालित हो रहा था। इस संपत्ति की कीमत 2 करोड़ 66 लाख से ज्यादा बताई गई है। सुपर मार्केट उनका बेटा पवन और अभिषेक चलाते हैं जबकि जिम 1 लाख 15 हजार रुपये प्रति माह किराये पर दे रखी है। ठिकानों से मिली अचल संपत्तियों और भूखंडों का ब्यौरा     ग्राम सोनवाय में 664170 रुपये कीमती 0.097 हेक्टेयर कृषि भूमि     ग्राम तारपुरा (धार) में 9,36,655 रुपये कीमत की सर्वे क्रमांक 33 रकबा 2.560 हेक्टेयर कृषि भूमि     भूखण्ड क्रमांक 149-सी, आनंद विहार कालोनी (स्कीम नम्बर-103) में भूखंड (सी-149) मिला है। इस पर जी 3 करीब 13560 वर्गफीट भवन निर्माण है। इसकी अनुमानित कीमत 2,66,57,450 रुपये है।     इंदौर विकास प्राधिकरण की स्कीम-140 स्थित भूखण्ड क्रमांक- 220 (54 वर्गमीटर) मिला है। उसकी कीमत 21,90,806 रुपये है।     इंदौर विकास प्राधिकरण की योजना क्रमांक- 140 के सेक्टर ए में टाईप एम का भूखण्ड (378) मिला है। इसकी कीमत 15,34,572 रुपये है।     ग्राम बनेडिया (धार) में 0.879 हेक्टेयर कृषि भूमि है। इसकी कीमत 12,26,118 रुपये है। धार और पीथमपुर में मिली करोड़ों की कृषि भूमि     ग्राम बनेडिया (धार) में 1.176 हेक्टेयर कृषि भूमि मिली है। इसकी कीमत 22,71,327 रुपये बताई है।     ग्राम बनेडिया (धार) में 2.100 हेक्टेयर कृषि भूमि है। इसकी कीमत 40,55,940 रुपये है।     ग्राम तारपुरा सागौर (धार) में 2.195 कृषि भूमि है। इसकी कीमत 1,53,15,350 रुपये है।     ग्राम तारपुरा पीथमपुर (धार) में 0.345 हेक्टेयर एवं 0.606 हेक्टेयर कृषि भूमि है। इसकी कीमत 67,27,239 रुपये है।     ग्राम बेकल्या पीथमपुर (धार) में 1.740 हेक्टेयर कृषि भूमि है। इसकी कीमत 11,94,185 रुपये है।     Gram बेकल्या पीथमपुर (धार) में 2.435 हेक्टेयर कृषि भूमि है। इसकी कीमत 2,28,97,007 है।     ग्राम तारपुरा पीथमपुर (धार) में 1.212 हेक्टेयर कृषि भूमि है। इसकी कीमत 25,00,000 रुपये है। बैंक लॉकर से मिला सोना, मिली 287.7% अनुपातहीन संपत्ति कुल अचल संपत्ति में 9,76,15,004 रुपये व्यय किया गया है। सांठा बाजार स्थित बैंक ऑफ इंडिया में लॉकर मिला है। उसमें 1.89 ग्राम सोना मिला है। एसपी के अनुसार आरोपित की 30 साल की नौकरी में कुल आय 2,80,00,000 रुपये है जबकि सर्चिंग में 10 करोड़ 82 लाख 73 हजार रुपये की संपत्ति मिली है। उक्त संपत्ति 287.7 प्रतिशत अनुपातहीन संपत्ति मिली है।

ड्रग नेटवर्क की आर्थिक कमर तोड़ने की तैयारी, पंजाब पुलिस ने 73 हवाला संचालकों को दबोचा

 चंडीगढ़  पंजाब पुलिस ने 'युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान के अगले चरण के तहत नशे के कारोबार से जुड़े अवैध हवाला नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए राज्यव्यापी तीन दिवसीय विशेष अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उन अवैध हवाला संचालकों पर कार्रवाई करना है, जो नशा तस्करी से अर्जित धन के लेन-देन में मदद कर तस्करी नेटवर्क को आर्थिक मजबूती प्रदान करते हैं। पंजाब पुलिस के अनुसार, 'युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान के तहत अब तक 73 हवाला संचालकों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 10 करोड़ रुपये की हवाला राशि बरामद की गई है। इसके अलावा वर्ष 2022 से अब तक एनडीपीएस एक्ट की धारा 68एफ के तहत 830 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं। 1727 प्रस्ताव कार्रवाई के लिए भेजे गए पुलिस ने बताया कि एक मार्च 2025 से अब तक नशा तस्करी से अर्जित 20 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध कमाई बरामद की गई है। वहीं, अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने के लिए भेजे गए 1,727 प्रस्तावों की सक्षम प्राधिकरण द्वारा पुष्टि की जा चुकी है। पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशे के खिलाफ उसकी जीरो टॉलरेंस नीति जारी रहेगी और नशा तस्करी की आर्थिक रीढ़ को तोड़ने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करों, हवाला संचालकों, नशे की कमाई और अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर संगठित नशा कारोबार के वित्तीय नेटवर्क को ध्वस्त करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि नशा मुक्त पंजाब के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।  

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 5.39 करोड़ हितग्राहियों को मिलेगा मुफ्त राशन

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना में 5.39 करोड़ हितग्राहियों को नि:शुल्क खाद्यान्न आवंटित प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत 5.39 करोड़ हितग्राहियों को मिलेगा मुफ्त राशन 5.39 करोड़ लोगों को नि:शुल्क खाद्यान्न आवंटित, PM गरीब कल्याण अन्न योजना से बड़ी राहत गरीब कल्याण अन्न योजना का लाभ करोड़ों तक, 5.39 करोड़ हितग्राहियों के लिए मुफ्त खाद्यान्न वितरण भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया है कि दिसम्बर, 2023 से अभी तक प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना अंतर्गत 5.39 करोड़ से अधिक पात्र हितग्राहियों को कुल 24,209 करोड़ रूपये का 74.31 लाख में. टन निःशुल्क खाद्यान्न वितरित किया गया है। ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत श्रमिकों को निःशुल्क राशन का वितरण करने के लिए असंगठित एवं प्रवासी श्रमिकों की 29 वी प्राथमिकता श्रेणी सम्मिलित की गई। इसमें असंगठित एवं प्रवासी श्रमिकों के 7.82 लाख परिवारों के 27.80 लाख नवीन श्रमिकों को पात्रता पर्ची जारी कर निःशुल्क राशन का वितरण किया जा रहा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत वितरित राशन सामग्री के परिवहन करने वाले 896 परिवहनकर्ताओं एवं 27,872 दुकानों के कमीशन देयकों का प्रतिमाह लगभग 40 करोड़ रूपये का भुगतान ऑनलाईन किया जा रहा है। यह व्यवस्था माह फरवरी, 2024 से लागू है। पूर्व में संचालित 269 पीडीएस के प्रदाय केन्द्रों की संस्था से बढ़ाकर 273 (42 नवीन) की गयी है। इससे सामग्री के प्रदाय के समय एवं राशि की बचत हुई है।  

शिक्षिका के गले से सोने की चेन झपटकर फरार हुए बदमाश, CCTV में कैद वारदात

कटनी शहर के रंगनाथ नगर थाना क्षेत्र के डन कालोनी मोड़ बरगवां में बुधवार की शाम ऑटो से घर जा रही एक महिला के गले से दो बाइक सवार बदमाशों ने सोने की चैन खींची और मौके से भाग निकले। दिनदहाड़े व भीड़ वाले क्षेत्र में हुई घटना से लोगों में दहशत फैल गई। वहीं पूरी घटना पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जिसके आधार पर पुलिस आरोपितों की पहचान करने में जुटी हुई है। जानकारी के अनुसार डन कालोनी बरगवां निवासी शिक्षिका आराधना अग्रवाल गली नंबर पांच में रहती हैं। बुधवार की शाम को वे आटो से अपने घर लौट रही थीं और जैसे ही आटो से वे डन कालोनी मोड़ की गली नंबर तीन के पास पहुंची उनके आटो के बगल से मोटर साइकिल पर दो युवक आए और उनके गले की सोने की चैन छीनते भाग निकले। शोर मचाने पर भी आंखों से ओझल हुए बदमाश महिला ने आटो रूकवाया और आसपास के लोगों को आवाज दी, लेकिन तब तक मोटर साइकिल सवार युवक लोगों की आंखों से ओझल हो गए। दिनदहाड़े हुई घटना के बाद लोगों में सुरक्षा को लेकर दहशत फैल गई। मामले की सूचना रंगनाथ नगर पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला व आसपास के लोगों से घटना की जानकारी ली। सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस, पहले भी हो चुकी है वारदात चैन स्नैचिंग की पूरी घटना पास लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसके फुटेज के आधार पर पुलिस आरोपितों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। इससे पहले भी डन कालोनी में एक अस्पताल के बाहर टहल रही महिला के गले से सुबह-सुबह बदमाश सोने की चैन खींचकर भाग गए थे, जिसके चलते शहर में सुरक्षा को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है।  

अब एक कॉल पर मिलेगी सहायता, शिकायतों के त्वरित निराकरण की होगी प्रभावी व्यवस्था

भोपाल महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों की रक्षा को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग ने एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए महिलाओं के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-233-6112 का शुभारंभ किया। हेल्पलाइन के माध्यम से प्रदेश की महिलाएं सीधे आयोग से संपर्क कर अपनी शिकायतें, समस्याएं और सुझाव दर्ज करा सकेंगी। भोपाल स्थित राज्य महिला आयोग कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में आयोग की अध्यक्ष  रेखा यादव, सदस्य  साधना स्थापक तथा आयोग के सचिव  सुरेश तोमर ने हेल्पलाइन का विधिवत विमोचन किया। इस अवसर पर आयोग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।  यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को न्याय और सहायता तक सहज पहुंच उपलब्ध कराना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहा कि नई टोल-फ्री हेल्पलाइन महिलाओं और आयोग के बीच सीधा संवाद स्थापित करेगी, जिससे उनकी समस्याओं का त्वरित संज्ञान लेकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन महिलाओं के लिए उपयोगी होगी जो किसी कारणवश सीधे आयोग तक नहीं पहुंच पाती हैं। मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा शुरू की गई यह टोल-फ्री हेल्पलाइन महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने, उन्हें आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने तथा न्याय तक उनकी पहुंच को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  यादव प्रदेश की सभी महिलाओं से अपील की है कि आवश्यकता पड़ने पर वे निःसंकोच टोल-फ्री नंबर 1800-233-6112 पर संपर्क कर अपनी समस्याएं दर्ज कराएं और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाएं।  स्थापक ने कहा कि आयोग का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षित, सम्मानजनक और न्यायपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराना है। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर संवेदनशीलता, गंभीरता और प्राथमिकता के साथ कार्रवाई की जाएगी, जिससे पीड़ित महिलाओं को शीघ्र राहत मिल सके। आयोग के सचिव  सुरेश तोमर ने बताया कि हेल्पलाइन महिलाओं की शिकायतों के पंजीयन, मार्गदर्शन, परामर्श तथा संबंधित मामलों के फॉलोअप के लिए एक प्रभावी माध्यम के रूप में कार्य करेगी। इससे शिकायत निवारण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और सुलभ बनेगी।  

सायबर जालसाजों से सावधान रहें, बिल भुगतान केवल अधिकृत माध्यमों से करें : ऊर्जा मंत्री तोमर

भोपाल ऊर्जा मंत्री  प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अपने बिजली बिलों का नगद भुगतान कंपनी के जोन, वितरण केन्द्र कार्यालय, पीओएस मशीन अथवा अधिकृत भुगतान केन्द्रों जैसे एम.पी.ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर पर ही करें। उपभोक्ताओं को कंपनी के पोर्टल  (नेट बैंकिंग, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, यूपीआई, ईसीएस, बीबीपीएस, कैश कार्ड एवं वॉलेट आदि) फोन पे, अमेजान पे, गूगल पे, पेटीएम ऐप, व्हाट्सऐप पे एवं उपाय मोबाइल ऐप के माध्यम से भी बिल भुगतान की सुविधा उपलब्ध है। मंत्री  तोमर ने कहा है कि उपभोक्ता को असमय विद्युत विच्छेदन से बचने के लिये किसी निजी मोबाइल नंबर से  कॉल कर भुगतान करने के लिये कोई एसएमएस/ व्हाट्सऐप जारी नहीं किया जाता है। कंपनी द्वारा निर्धारित आईडी से ही एसएमएस एवं व्हाट्सऐप केवल 07552551222 सेंडर आईडी से ही प्रेषित किए जाते हैं। उपभोक्ता किसी अन्य सेंडर आईडी अथवा निजी नंबर से आए भ्रामक मेसेज से सतर्क रहें। कंपनी अंतर्गत विद्युत देयकों के भुगतान के लिए उपभोक्ता पहचान नंबर यानि आईवीआरएस नंबर की जरूरत होती है। आईवीआरएस नंबर के आधार पर ही जोन, वितरण केन्द्रों या अन्य गेटवे एमपी ऑनलाइन, पेटीएम, फोन पे, गूगल पे. अमेजन पे, व्हाट्सऐप पे आदि पर बिजली बिलों का भुगतान होता है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे किसी भी अनजान मोबाइल नंबर से आए फोन या व्हाट्सऐप मैसेज के आधार पर किसी भी मोबाइल नंबर पर देयकों की राशि अंतरित न करें। साथ ही अपना पिन नंबर भी किसी के साथ साझा न करें। कंपनी के संज्ञान में आया है कि सायबर जालसाजों द्वारा बिजली उपभोक्ताओं को एसएमएस, व्हाट्सऐप मैसेज अथवा आई.व्ही.आर. तकनीक से फोन कॉल पर नंबर दबाने के लिये कहा जाता है। इसमें बिल भुगतान कराने के लिये भय बनाकर कि आपकी बिजली कुछ घंटों बाद काट दी जाएगी, इसके लिए बिल भुगतान करने के लिये विशेष नंबर दबाएं, मोबाइल नंबर विशेष अथवा अनजान लिंक/ऐप पर क्लिक कर या संपर्क कर बकाया राशि जमा कराएं। इस प्रकार के एसएमएस, व्हाट्सऐप मैसेज एवं आई.व्ही.आर. फोन कॉल फर्जी हैं। इन पर ध्यान नहीं दिया जाए। उपभोक्ताओं से अपील की गयी है इस प्रकार के फर्जी सायबर जालसाजों से सतर्क और सावधान रहें। सायबर फ्रॉड संबंधित किसी भी घटना की सूचना तत्काल भारत सरकार की हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराए।  

Pending Cases पर बड़ी पहल, बिहार में 21 अगस्त से लगेगी विशेष लोक अदालत, समझौते से होगा समाधान

बिहार. 'पैन इंडिया' के तहत जिले में सुप्रीम कोर्ट में लंबित सुलहनीय मामलों के निपटारे के लिए 'विशेष लोक अदालत समाधान समारोह' का आयोजन किया जाएगा। नई दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट के तत्वावधान में 21, 22 और 23 अगस्त 2026 को इसका आयोजन होगा। विभिन्न राज्यों से सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों के पक्षकारों के लिए आपसी सुलह के आधार पर अपना विवाद खत्म करने का यह एक सुनहरा अवसर है। ऐसे पक्षकार अपने मुकदमों के निपटारे के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के माध्यम से गूगल फॉर्म भरकर आवेदन कर सकते हैं, जिसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 31 जुलाई कर दी गई है। डीएलएसए के सचिव सह सब-जज राजेश कुमार गौरव ने बताया कि नालंदा जिले के अंतर्गत ऐसे कुल 23 वादों (मामलों) की सूची भेजी गई है, जिसमें पक्षकार अन्य जिलों से भी संबंधित हैं। सभी पक्षकारों को जिला प्राधिकार द्वारा नोटिस के माध्यम से सूचना भेज दी गई है, ताकि वे उपस्थित होकर अपनी बात रख सकें और उभय पक्षों (दोनों पक्षों) के बीच सुलह-वार्ता की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। इसी क्रम में अब तक कुल 53 पक्षकार जिला विधिक सेवा प्राधिकार के समक्ष उपस्थित होकर अपनी बात रख चुके हैं। प्राधिकार प्रतिदिन इस समारोह की सफलता के लिए काम कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक वादों का निपटारा हो सके। दोनों पक्षों को जोड़ने का भी हरसंभव प्रयास किया जा रहा है, ताकि सुलह-समझौते में पूरी सफलता मिले।

विगत 05 दिनों में लगभग 1 करोड़ 62 लाख रूपये से अधिक मूल्य के मादक पदार्थ जब्त, अनेक तस्कर गिरफ्तार

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी एवं बिक्री के विरुद्ध लगातार प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। विगत 5 दिनों में विभिन्न जिलों की पुलिस ने अलग-अलग मामलों में त्वरित एवं सुनियोजित कार्रवाई करते हुए 1 करोड़ 62 लाख रूपये से अधिक के अवैध मादक पदार्थ गांजा, स्मैक, एमडी ड्रग्स, डोडाचूरा, नशीले इंजेक्शन सहित अन्य सामग्री जब्त कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आगर मालवा कोतवाली थाना पुलिस ने कंटेनर में बनाए गए विशेष लोहे के गुप्त चैम्बर से 3 क्विंटल 21 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा बरामद कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। कार्रवाई में लगभग 71 लाख रुपये मूल्य का डोडाचूरा एवं कंटेनर जब्त किया गया। शिवपुरी पुलिस ने थाना कोतवाली क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को स्मैक का अवैध विक्रय करते हुए गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 62.28 ग्राम स्मैक, एक कार एवं मोबाइल फोन सहित लगभग 22 लाख मूल्य की संपत्ति जब्त की है। मंदसौर मल्हारगढ़ पुलिस ने बोलेरो वाहन में बनाए गए गुप्त स्थानों से 173 किलो 380 ग्राम डोडाचूरा बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। एक अन्य कार्रवाई में 400 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ दो आरोपी गिरफ्तार किए। वहीं शामगढ़ पुलिस ने हरियाणा एवं पंजाब के दो तस्करों को गिरफ्तार कर 60 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त किया। इस प्रकार तीनों कार्रवाई में मंदसौर पुलिस ने लगभग 17 लाख 66 हजार रुपये मूल्य का मादक पदार्थ एवं अन्य संपत्ति जब्त की है। उज्जैन पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी के विरुद्ध दो अलग-अलग कार्रवाइयों में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की। चिमनगंज मंडी थाना पुलिस ने 1 किलो 15 ग्राम एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन) के साथ दो अंतर्राज्यीय तस्करों को गिरफ्तार कर लगभग 15 लाख रूपये की सामग्री जब्त की है। वहीं बड़नगर पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय गांजा तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 5 किलो 165 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया, जिसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 29 हजार रूपये है। दोनों कार्रवाइयों में पुलिस ने 16 लाख 29 हजार रूपये के मादक पदार्थ जब्त किए हैं। जबलपुर पुलिस की बेलबाग, अधारताल एवं क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का भंडाफोड़ करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान 6600 नग नशीले इंजेक्शन, 5 मोबाइल फोन एवं घटना में प्रयुक्त ई-रिक्शा जब्त किया गया। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रूपये है। रतलाम पुलिस ने मुखबिर सूचना पर कार्रवाई करते हुए बीड़ी के कार्टून में छिपाकर ले जाए जा रहे 56.340 किलोग्राम डोडाचूरा  कीमत 2 लाख 81 हजार 700 रूपये के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया। वहीं थाना रिंगनोद की माननखेड़ा चौकी पुलिस ने मुखबिर सूचना पर कार्रवाई करते हुए कार सहित 100 किलोग्राम अवैध डोडाचूरा  कीमत लगभग 7 लाख रूपये के साथ 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस प्रकार लगभग 9 लाख 81 हजार रूपये की संपत्ति जब्त की है। गुना मृगवास थाना पुलिस ने राजस्थान से स्मैक तस्करी कर रहे अंतर्राज्यीय तस्कर पति-पत्नी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 51.10 ग्राम स्मैक एवं तस्करी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल सहित लगभग 6 लाख रूपए की संपत्ति जब्त की है। वहीं राघौगढ़ थाना पुलिस ने एक अन्य नशा तस्कर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 10.4 ग्राम स्मैक एवं मोटरसाइकिल सहित 2 लाख 4 हजार रूपये की संपत्ति जब्त की है। दोनों कार्रवाइयों में पुलिस ने लगभग 8 लाख 4 हजार रूपये की संपत्ति जब्त की है। कटनी पुलिस ने मादक पदार्थो के विरूद्ध कार्रवाई करते हुए 11.06 ग्राम स्मैक बरामद कर एक पुरुष एवं एक महिला को गिरफ्तार कर लगभग 1 लाख 10 हजार रूपये की सामग्री जब्त की है। सागर जिले की मोतीनगर पुलिस ने एमडी ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक पुरुष एवं एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से 16.45 ग्राम एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन) बरामद की, जिसकी अनुमानित कीमत 75 हजार रूपए है। सीधी सेमरिया थाना पुलिस ने एक मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई कर 658 ट्रामाडोल युक्त नशीली गोलियां जब्त कर संचालक को गिरफ्तार किया। वहीं अमिलिया पुलिस ने 26 शीशी कोडीन युक्त ऑनरेक्स कफ सिरप एवं मोटरसाइकिल सहित एक आरोपी को गिरफ्तार कर 80 हजार 400 रूपये की संपत्ति जब्त की है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई निरंतर जारी है तथा इस प्रकार के अवैध कार्यों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई भी की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल नजदीकी थाना अथवा डायल-112 को दें।  

रेलवे की लापरवाही से यात्रियों में भ्रम, अनाउंसमेंट और ट्रेन में निकला अंतर

सतना  रेलवे यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को लेकर चाहे जितने दावे करे, लेकिन बुधवार को सतना रेलवे स्टेशन पर हुई एक बड़ी लापरवाही ने इन दावों की पोल खोल दी। स्टेशन पर उद्घोषणा प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड पर जिस ट्रेन को इंटरसिटी एक्सप्रेस बताया जा रहा था, प्लेटफॉर्म पर उसके स्थान पर महाकौशल एक्सप्रेस पहुंच गई। इस गड़बड़ी से यात्रियों में भारी भ्रम की स्थिति निर्मित हो गई। यह गड़बड़ी उस वक्त हुई जब प्लेटफार्म नंबर एक पर यात्री इंटरसिटी एक्सप्रेस का इंतजार कर रहे थे। स्टेशन पर लगातार इंटरसिटी एक्सप्रेस के आगमन की घोषणा की जा रही थी। इलेक्ट्रॉनिक डिस्प्ले बोर्ड पर भी इंटरसिटी का नाम प्रदर्शित हो रहा था। उद्घोषणा और डिस्प्ले पर भरोसा कर बड़ी संख्या में यात्री अपने-अपने सामान के साथ ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। गलत उद्घोषणा से यात्रियों में मची अफरा-तफरी लेकिन जैसे ही ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंची तो वह महाकौशल एक्सप्रेस निकली। अचानक हुए इस घटनाक्रम से यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री भ्रमित होकर ट्रेन में चढ़ने और उतरने को लेकर असमंजस में दिखाई दिए। दरअसल रेलवे की उद्घोषणा प्रणाली और डिस्प्ले बोर्ड ही उनकी जानकारी का प्रमुख माध्यम होते हैं। यदि इन्हीं में गलत जानकारी प्रसारित की जाए तो यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है और किसी दिन यह लापरवाही बड़ी दुर्घटना या गंभीर अव्यवस्था का कारण भी बन सकती है। सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर स्टेशन प्रबंधन की निगरानी में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई? क्या उद्घोषणा कक्ष और कंट्रोल सिस्टम के बीच समन्वय का अभाव है या फिर कर्मचारियों की लापरवाही इसका कारण बनी? फिलहाल रेलवे प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है।  

Punjab News: नगर निगम कार्यालय में हंगामा, अकाली पार्षद और SE के बीच विवाद ने पकड़ा तूल

लुधियाना. नगर निगम लुधियाना जोन बी कार्यालय में बुधवार को उस समय हंगामे की स्थिति बन गई, जब विकास कार्यों से जुड़ी एक फाइल को लेकर पार्षद और नगर निगम अधिकारी के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि मामला हाथापाई तक पहुंच गया। आरोप है कि वार्ड नंबर 20 से पार्षद कमल अरोड़ा ने सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रवीण सिंगला को उनके कार्यालय में थप्पड़ जड़ दिया। घटना के बाद निगम कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारी भी हैरान रह गए। जानकारी के अनुसार पार्षद कमल अरोड़ा अपने वार्ड में चल रहे विकास कार्यों और उनसे संबंधित लंबित फाइलों के मामले को लेकर नगर निगम कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित अधिकारी लंबे समय से विकास कार्यों की फाइलों को लंबित रख रहे हैं, जिससे क्षेत्र के लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दोनों पक्षों में बहस के बाद बिगड़ा माहौल पार्षद का कहना है कि वह कई बार अधिकारियों से विकास कार्यों को गति देने और फाइलों को मंजूरी देने की मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा था। इसी मुद्दे को लेकर वह सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर से मिलने पहुंचे थे। बातचीत के दौरान दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते तीखी नोकझोंक में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद इतना बढ़ गया कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई। आरोप है कि इसी दौरान पार्षद ने अधिकारी को थप्पड़ मार दिया। कुछ लोगों का यह भी दावा है कि विवाद के दौरान कार्यालय में रखी एक कुर्सी को भी नुकसान पहुंचा। हालांकि घटना को लेकर अलग-अलग पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। घटना के बाद सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रवीण सिंगला कार्यालय से बाहर निकल गए।