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मुख्यमंत्री डॉ. यादव से फिल्म अभिनेता विंदु दारा सिंह ने की सौजन्य भेंट

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शनिवार को समत्व भवन मुख्यमंत्री निवास में फिल्म अभिनेता श्री विंदु दारा सिंह ने भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री विंदु दारा सिंह का शाल ओढ़ाकर अभिनन्दन किया और प्रदेश की फिल्म निर्माण नीति की जानकारी दी। श्री विंदु दारा सिंह इन दिनों मध्यप्रदेश के प्रवास पर हैं। उन्होंने जय वीर हनुमान (1995), विष्णु पुराण (2000) और अयोध्या की रामलीला (2020)  में हनुमान जी की भूमिका निभाई है। इसके अलावा अनेक फिल्मों में अभिनय भी किया है।

पंजाब में प्रशासनिक फेरबदल, कई अधिकारियों के हुए तबादले

पंजाब  पंजाब सरकार ने आज प्रशासनिक फेरबदल करते हुए तीन पुलिस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियां की हैं। यह आदेश राज्यपाल की ओर से जारी किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू होगा। सरकार ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे तुरंत अपनी नई पदस्थापना पर कार्यभार संभालें।  

एम्स रायपुर में ‘देव हस्त’ रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का मुख्यमंत्री साय ने किया शुभारंभ

रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित टाटीबंध में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में मध्य भारत के शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों के प्रथम रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम ‘देव हस्त’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि “रोबोटिक सर्जरी छत्तीसगढ़ में चिकित्सा सुविधाओं के विकास में एक नया आयाम है। यह ऐतिहासिक क्षण प्रदेश की जनता को अत्याधुनिक और बेहतर उपचार उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।” मुख्यमंत्री  साय ने स्वयं ‘देव हस्त’ पर पहला ड्राई लैब डिसेक्शन कर इस अत्याधुनिक तकनीक की औपचारिक शुरुआत की। यह सिस्टम मध्य भारत के किसी शासकीय स्वास्थ्य संस्थान में स्थापित होने वाला पहला रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम है। मुख्यमंत्री  साय ने इस अवसर पर एम्स रायपुर में छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से भर्ती होने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा हेतु एम्स रायपुर में सर्व-सुविधायुक्त परिजन निवास निर्माण की घोषणा भी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि “डॉक्टरों को धरती पर भगवान का रूप माना जाता है क्योंकि वे हमें जीवन प्रदान करते हैं। आज जिस रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ हो रहा है, उसे ‘देव हस्त’ नाम दिया गया है। इसका लाभ न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि एम्स रायपुर में भर्ती होने वाले अन्य राज्यों के मरीजों को भी मिलेगा। एम्स रायपुर उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में लगातार मील का पत्थर साबित हो रहा है।” मुख्यमंत्री  साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एम्स रायपुर से मुझे विशेष लगाव है। उन्होंने कहा कि “जब रायपुर एम्स के निर्माण को स्वीकृति मिली, उस समय मैं सांसद था और प्रधानमंत्री  अटल बिहारी वाजपेयी से छत्तीसगढ़ में एम्स की शाखा स्थापित करने का आग्रह किया था। यह आवश्यक था ताकि दिल्ली स्थित एकमात्र एम्स पर मरीजों का दबाव कम हो और अन्य राज्यों के लोगों को भी उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं उनके राज्य में ही उपलब्ध हो। हमारा सौभाग्य है कि जिन छह राज्यों में एम्स स्थापित करने की स्वीकृति मिली, उनमें छत्तीसगढ़ भी शामिल था।” मुख्यमंत्री  साय ने परिजन निवास की घोषणा करते हुए कहा कि “दूर-दराज से आने वाले मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा कितनी आवश्यक है, यह मैं भली-भांति समझता हूं। सांसद रहते हुए दिल्ली स्थित मेरे आवास को लोग ‘मिनी एम्स’ कहते थे क्योंकि वहां मैं मरीजों के परिजनों की रुकने की व्यवस्था करता था। जनसेवा का यह कार्य मेरे दिल के बेहद करीब है। 2014 से 2019 के संसदीय कार्यकाल में मैंने लगभग 12 करोड़ रुपये प्रधानमंत्री राहत कोष से मरीजों को दिलवाए थे। रायपुर में भी कुनकुरी सदन में मरीजों के परिजनों की व्यवस्था की गई है, जिसका लाभ पूरे प्रदेश के लोग उठाते हैं।” मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते 20 महीनों में सरकार बनने के बाद राज्य में पाँच नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिली है और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय मात्र एक मेडिकल कॉलेज था, जबकि आज प्रदेश में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। उन्होंने कहा कि जीवनशैली और खान-पान में बदलाव के कारण कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों में वृद्धि हुई है और इनका इलाज भी महंगा होता है। इसी वजह से प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने आयुष्मान भारत योजना प्रारंभ की, जिसके अंतर्गत गरीब वर्ग के लोगों को पाँच लाख रुपये तक का निःशुल्क उपचार उपलब्ध है। अब वय वंदन योजना के तहत 70 वर्ष से अधिक आयु के सभी वर्गों के मरीजों को भी यह सुविधा प्रदान की जा रही है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि समय के साथ जहाँ चिकित्सा सुविधाएँ बढ़ रही हैं, वहीं बीमारियों का दायरा भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि “आधुनिक चिकित्सा पद्धति में रोबोटिक सर्जरी का विशेष महत्व है। इसके माध्यम से चिकित्सकीय क्षमता और गुणवत्ता में कई गुना वृद्धि की जा सकती है। छत्तीसगढ़ को ‘देव हस्त’ रोबोटिक सर्जिकल सिस्टम का अत्यधिक लाभ मिलेगा और शीघ्र ही राजधानी रायपुर के मेकाहारा अस्पताल में भी रोबोटिक सर्जरी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।” इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने ‘देव हस्त’ के नामकरण हेतु आयोजित प्रतियोगिता की विजेता सुश्री ज्योत्स्ना किराडू को पाँच हजार रुपये की पुरस्कार राशि भेंट की। कार्यक्रम में एम्स रायपुर के निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी लेफ्टिनेंट जनरल (से.नि.) डॉ. अशोक जिंदल, विभागाध्यक्ष डॉ. देवज्योति मोहंती, बड़ी संख्या में चिकित्सा छात्र और गणमान्यजन उपस्थित थे।  

सरकारी जमीन पर कार्रवाई: संभल में बुलडोजर से हटाया सपा विधायक का कब्जा

संभल   उत्तर प्रदेश के संभल में शनिवार को एक बार फिर बुलडोजर गरजा। इस बार जिला प्रशासन ने समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक और उनके परिजनों के बाग में शामिल सरकारी जमीन को बुलडोजर चलाकर कब्जामुक्त कराया। सपा विधायक इकबाल महमूद व उनके परिजनों आदि का तहसील संभल के ग्राम मंडलाई में दो गाटा संख्या में एक बाग है। इस बाग में सरकारी भूमि को शामिल कर लिए जाने की शिकायत प्रशासन को मिली थी। एसडीम विकास चंद्र टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बाग की नापजोख कराई। नापी के दौरान टीम को बंजर की लगभग साढ़े तीन बीघा सरकारी भूमि बाग में शामिल मिली। इसे टीम ने बुलडोजर चलाकर कब्जामुक्त कराया। एसडीएम ने बताया कि कब्जा काफी पुराना प्रतीत हो रहा है। नापी के दौरान बाग में एक कटहल का पेड़ भी बिना अनुमति के कटा मिला है। वन विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई के लिए बुलाया गया है। गौरतलब है कि संभल में जामा मस्जिद के सर्वेक्षण के बाद हिंसा फैल गई थी। इसमें चार लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया था। इस अभियान में तमाम स्थानों पर अतिक्रमण मिले थे। इन अतिक्रमणों पर बुलडोजर गरजा तो कई हिंदू पौराणिक स्थल और कुएं आदि दिखाई देने लगे। इसी के बाद बिजली चोरी के खिलाफ भी अभियान चला। सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क भी प्रशासन के निशाने पर आए। उनके घर पर अतिक्रमण मिला और बिजली चोरी की रिपोर्ट भी दर्ज की गई।  

दीपेंद्र हुड्डा ने बाढ़ पर सरकार पर निशाना साधा, जनता के लिए मुआवजे की अपील

चंडीगढ़  कांग्रेस सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने हरियाणा में बाढ़ और जलभराव की स्थिति को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की निष्क्रियता के कारण बाढ़ की स्थिति विकराल होती जा रही है, जिससे कई क्षेत्रों में हालात बदतर हो गए हैं। मीडिया से बातचीत में सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि पिछले 10 सालों में भाजपा सरकार ने न तो कोई नई नहर बनाई और न ही ड्रेनेज सिस्टम को मजबूत किया। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की नीति का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार ने सिर्फ उन किसानों की जमीन पर ड्रेन बनाने की नीति अपनाई, जो खुद जमीन उपलब्ध कराते थे। इसके अलावा, उन्होंने दादूपुर-नलवी नहर परियोजना को रद्द करने के फैसले की आलोचना की। कांग्रेस सांसद ने सरकार से मांग की कि सिर्फ क्षतिपूर्ति पोर्टल शुरू करने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने विशेष गिरदावरी करवाकर किसानों को प्रति एकड़ कम से कम 50 हजार रुपए मुआवजे की मांग की। साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों में पंप सेट, पाइप, बिजली कनेक्शन और लाइनों की तत्काल व्यवस्था करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को युद्ध स्तर पर स्थिति की निगरानी कर इन सुविधाओं को उपलब्ध कराना चाहिए। हुड्डा ने सरकार की चुप्पी पर भी सवाल उठाए, यह कहते हुए कि हरियाणा में बाढ़ के कारण कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार सोई हुई है। कांग्रेस सांसद ने आखिर में बात दोहराते हुए कहा कि तत्काल कार्रवाई की जरूरत है। इस बीच, कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हिसार के साबरवास गांव का दौरा किया और बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की। सुरजेवाला ने भी हरियाणा सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "ये संकट की घड़ी है। स्थिति बहुत ही चिंताजनक है। घर, फसलें और आजीविका तबाह हो चुकी है। बहुत ही दुख व चिंता की बात है कि भाजपा सरकार की ओर से समय पर राहत कार्यों में कमी दिख रही है। इस वक्त प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता की जरूरत है, लेकिन भाजपा की लापरवाही व ढिलाई लोगों का दर्द और ज्यादा बढ़ा रही है।"

प्रशांत किशोर किस सीट से उतरेंगे मैदान में—सासाराम या राघोपुर?

पटना बिहार की सियासत में हलचल मचाने वाले जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने अब खुद चुनाव लड़ने के संकेत दे दिए हैं। लंबे समय से यह सवाल उठ रहा था कि क्या रणनीति के मास्टरमाइंड अब मैदान में उतरेंगे? इस बार उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर नीतीश कुमार चुनाव लड़ते हैं तो वह भी जरूर लड़ेंगे। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी बताया कि अगर चुनाव लड़ना पड़ा तो अपनी जन्मभूमि या कर्मभूमि से ही लड़ेंगे। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या पीके सासाराम, करगहर या फिर राघोपुर से ताल ठोक सकते हैं? अब तक दूसरों के लिए चुनावी रणनीति बनाने वाले प्रशांत किशोर अब खुद सियासी मैदान में उतरने को तैयार दिख रहे हैं। बिहार के हर जिले का दौरा कर चुके पीके ने दो साल तक जन संवाद और जन सुराज पदयात्रा के जरिए लोगों से सीधा संवाद किया है। अब वह केवल पार्टी के चेहरे नहीं बल्कि उसके उम्मीदवार भी बन सकते हैं। नीतीश कुमार पर डाली गेंद प्रशांत किशोर से जब पूछा गया कि वह खुद चुनाव लड़ेंगे या नहीं तो उन्होंने सीधे तौर पर नीतीश कुमार का नाम लिया। उन्होंने कहा "मैंने पहले भी कहा है कि अगर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुनाव लड़ते हैं तो निश्चित तौर पर मैं भी चुनाव लड़ूंगा।" इस बयान से साफ है कि पीके चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं लेकिन उन्होंने अंतिम फैसला नीतीश कुमार की चुनावी भागीदारी पर टाल दिया है। गौरतलब है कि नीतीश कुमार पिछले करीब 20 वर्षों से खुद कोई चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। तेजस्वी यादव से भी मुकाबले के संकेत प्रशांत किशोर ने तेजस्वी यादव को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी चाहे तो वह तेजस्वी यादव के खिलाफ भी चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि "अगर विपक्ष के मुख्य चेहरे के खिलाफ लड़ना है तो लड़ने में कोई हर्ज नहीं है, लेकिन सिर्फ किसी के खिलाफ लड़ने का फायदा नहीं है।" यह बयान उनके आत्मविश्वास को दिखाता है और यह भी कि वह राजनीतिक चुनौतियों से भागने वाले नहीं हैं। जन्मभूमि बनाम कर्मभूमि – कौन सी सीट होगी चुनौतियों भरी? प्रशांत किशोर ने अपने आगामी चुनाव लड़ने को लेकर दो अहम विकल्पों की ओर इशारा किया है – उनकी जन्मभूमि और कर्मभूमि। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अगर उन्हें चुनाव लड़ना पड़ा, तो वह या तो अपनी जन्मभूमि या फिर कर्मभूमि से चुनाव मैदान में उतरेंगे। जन्मभूमि के आधार पर दो संभावित सीटों के नाम सामने आए हैं – सासाराम और करगहर। वहीं, कर्मभूमि के रूप में उन्होंने राघोपुर का नाम लिया, जहां उन्होंने सबसे अधिक समय बिताया और जन सुराज की नींव मजबूत की। पीके ने यह भी कहा कि वह खुद लोगों को सलाह देते हैं कि अगर चुनाव लड़ना है तो एक सीट जन्मभूमि से और दूसरी कर्मभूमि से लड़नी चाहिए। उनके इस बयान से यह भी संकेत मिलता है कि वे पार्टी की अनुमति मिलने पर दो सीटों से चुनाव लड़ सकते हैं, जिससे उनकी राजनीतिक मौजूदगी और असर दोनों और अधिक मजबूत हो सकते हैं। जन सुराज पार्टी की तैयारी और पीके की भूमिका जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पहले ही एलान कर दिया है कि उनकी पार्टी बिहार की 243 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारेगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या पार्टी का चेहरा बने प्रशांत किशोर खुद मैदान में उतरेंगे या केवल प्रचार तक सीमित रहेंगे। उन्होंने कहा "हम पार्टी के ऊपर नहीं हैं, पार्टी जो तय करेगी वही होगा।" इस बयान से यह साफ है कि वह एक लोकतांत्रिक ढंग से पार्टी चला रहे हैं और व्यक्तिगत निर्णयों से ऊपर संगठनात्मक निर्णयों को महत्व दे रहे हैं। प्रशांत किशोर की तरफ से यह अब तक का सबसे मजबूत संकेत है कि वह चुनाव लड़ने को लेकर गंभीर हैं। सियासी गलियारों में यह चर्चा जोरों पर है कि अगर पीके चुनाव लड़ते हैं तो वह सीट "वीआईपी" सीट बन जाएगी। चाहे वह सासाराम हो, करगहर हो या राघोपुर – वहां मुकाबला दिलचस्प और हाई-प्रोफाइल हो जाएगा।  

नए रूट की शुरुआत: पूर्णिया-अहमदाबाद फ्लाइट 17 सितंबर से होगी ऑपरेशन में

पूर्णिया लंबे इंतजार के बाद पूर्णिया के लोगों का सपना आखिरकार पूरा हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 सितंबर को पूर्णिया हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। इस ऐतिहासिक मौके के साथ ही पूर्णिया अब आधिकारिक रूप से देश के हवाई मानचित्र पर दर्ज हो जाएगा। हवाई अड्डे के शुभारंभ के साथ ही स्टार एयर ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि 17 सितंबर से पूर्णिया और अहमदाबाद के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू की जाएगी। यह कनेक्टिविटी न केवल पूर्णिया और आसपास के जिलों के यात्रियों को अहमदाबाद से जोड़ेगी, बल्कि उन्हें देश के अन्य प्रमुख शहरों तक भी आसानी से पहुंचने का रास्ता खोलेगी। स्टार एयर ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'आपको बिहार के रत्न पूर्णिया से जोड़ते हुए हमें गर्व है। संस्कृति, इतिहास और विरासत से समृद्ध यह शहर अब सीधे बुद्ध की भूमि के प्रवेश द्वार से जुड़ रहा है।” एयरलाइन ने इसे पर्यटन और व्यापार, दोनों दृष्टि से अहम कदम बताया है। पिछले कई महीनों से हवाई अड्डे को चालू करने के लिए युद्धस्तर पर तैयारियां की जा रही थीं। बिहार सरकार के मंत्री और जिला प्रशासन लगातार साइट का निरीक्षण करते रहे ताकि उद्घाटन से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी हो सकें। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से यात्रियों को अब पटना या बागडोगरा जैसे दूरस्थ हवाई अड्डों का रुख नहीं करना होगा। नई सुविधा समय और संसाधन दोनों बचाएगी, साथ ही पूरे सीमांचल क्षेत्र में आर्थिक विकास को नई गति देने का काम करेगी।

पानी-पानी झज्जर: महिलाओं का विरोध, बादली रोड पर लगाया ताला

झज्जर  झज्जर की लाल सिंह कॉलोनी में तीन दिन से हो रहे जल भराव से परेशान महिलाओं का सब्र शनिवार को टूट गया। कॉलोनी की दर्जनों महिलाओं ने झज्जर-बादली रोड पर उतरकर प्रदर्शन किया और सड़क पर जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए कहा कि वे लगातार तीन दिन से डीसी कार्यालय जाकर शिकायत कर रही हैं, लेकिन कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जाम के कारण करीब आधे घंटे तक झज्जर-बादली रोड पर यातायात पूरी तरह बाधित रहा। राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और महिलाओं को समझाने का प्रयास किया। स्थिति को गंभीर होता देख पुलिस ने नगर परिषद के कर्मचारियों को तत्काल मौके पर बुलाया। नगर परिषद की टीम ने जल निकासी के लिए पंप सेट लगाए और पानी निकालने का कार्य शुरू किया। इसके बाद महिलाओं को समझाकर जाम खुलवाया गया। जाम हटने के बाद झज्जर-बादली रोड पर ट्रैफिक व्यवस्था सामान्य हो सकी।महिलाओं का कहना है कि कॉलोनी में जल भराव के कारण घरों में घुटनों तक पानी भरा है। बच्चों और बुजुर्गों का बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। कई घरों में नालियों का गंदा पानी भर गया है, जिससे बीमारी फैलने का खतरा बना हुआ है।

छात्रों के लिए मेडिकल कॉलेज रायपुर में 65 करोड़ की लागत से बनेगा छात्रावास : मुख्यमंत्री साय

बस्तर–सरगुजा सहित दूरस्थ अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर सरकार का फोकस कैंसर के शोध, रोकथाम और इलाज में उपयोगी साबित होगी एरोकॉन 2025 संगोष्ठी रायपुर, मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की तीन करोड़ जनता का स्वास्थ्य राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेशवासियों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में वित्तीय संसाधन कभी बाधा नहीं बनेंगे। मुख्यमंत्री  साय आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज सभागार में ‘एरोकॉन 2025’ छत्तीसगढ़–मध्यप्रदेश चैप्टर के दो दिवसीय आयोजन का शुभारंभ कर विशेषज्ञों और उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने मेडिकल कॉलेज रायपुर के छात्रों के लिए 65 करोड़ रुपये की लागत से नए छात्रावास निर्माण की घोषणा की। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हजारों मरीज आज विशेषज्ञ चिकित्सकों के परिश्रम और नवीनतम चिकित्सा पद्धतियों के कारण संजीवनी प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते दो दशकों में कैंसर की प्रारंभिक पहचान और उपचार के क्षेत्र में हुए शोध से भविष्य के लिए नई उम्मीदें जगी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रत्येक जिले में कैंसर डे-केयर सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं और छत्तीसगढ़ भी इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना के तहत प्रदेश में अनेक मरीजों का इलाज संभव हुआ है। जीएसटी में कैंसर की दवाइयों और उपकरणों को सस्ता किए जाने से मरीजों को बड़ी राहत मिली है।  साय ने बताया कि राज्य के अस्पतालों में कैंसर उपचार के लिए अत्याधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं और आज ही एम्स रायपुर में रोबोटिक सर्जरी सिस्टम का शुभारंभ किया जा रहा है, जो यह प्रमाणित करता है कि सरकारी अस्पताल नवीनतम तकनीक अपनाने में अग्रणी हैं। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) कैंसर की पहचान में बेहद उपयोगी सिद्ध हो रही है और राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में इसे तेजी से शामिल कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि सरकार लगातार स्वास्थ्य बजट में वृद्धि कर रही है और नये मेडिकल कॉलेज खोल रही है। उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में 5,000 बिस्तरों की क्षमता वाली मेडिसिटी का निर्माण किया जा रहा है। बस्तर और सरगुजा जैसे दूरस्थ अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए सरकार हर विकल्प पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरगुजा, धरमजयगढ़ और बस्तर में नये अस्पताल स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एरोकॉन 2025 संगोष्ठी कैंसर की रोकथाम और उपचार की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगी। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि एरोकॉन 2025 के सातवें आयोजन में कैंसर उपचार से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ एक मंच पर आए हैं। इससे इस बीमारी के इलाज में नये आयाम खुलेंगे। उन्होंने कहा कि रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि मध्यभारत के अन्य राज्यों के मरीजों के लिए भी प्रमुख उपचार केंद्र है। भविष्य में अत्याधुनिक तकनीकों और मशीनों के माध्यम से यहां चिकित्सा सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मेडिकल कॉलेज रायपुर राज्य का सबसे बड़ा कैंसर सेंटर है, जहाँ आधुनिकतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने जानकारी दी कि आने वाले समय में प्रदेश में छह फिजियोथेरेपी कॉलेज स्थापित होंगे, बस्तर और सरगुजा में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल प्रारंभ होंगे, मानसिक रोगियों के लिए पृथक चिकित्सालय और नेचुरोपैथी कॉलेज खोले जाएंगे। मेकाहारा में 232 करोड़ रुपये की लागत से 700 बिस्तरों की वृद्धि की जाएगी तथा रोबोटिक सर्जरी और आईवीएफ सेंटर जैसी नवीनतम सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी। इस अवसर पर विधायक पुरंदर मिश्रा, मेडिकल कॉलेज रायपुर के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी, आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. पी.के. पात्रा, विशेषज्ञ चिकित्सकगण, विद्यार्थी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।  

कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने धनबाद में कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मांगी राय, जिला अध्यक्ष चयन पर चर्चा

  धनबाद  झारखंड के धनबाद में कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत जिला अध्यक्ष चयन की प्रक्रिया चल रही है. राहुल गाँधी के निर्देशानुसार धनबाद में जिला अध्यक्ष के चयन को लेकर नियुक्त मुख्य पर्यवेक्षक सह कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की और पर्यवेक्षक विधायक दिनेश गुजर कांग्रेस पार्टी के एक एक कार्यकर्ताओं से मिलकर उनकी राय ले रहे हैं. तीन सदस्यीय टीम अब तक धनबाद के दस प्रखंडों का दौरा भी कर चुकी है. 8 सितंबर तक टीम धनबाद में प्रवास करेगी. कृषि मंत्री ने सर्किट हाउस में संयुक्त प्रेसवार्ता कर कहा कि कांग्रेस पार्टी संगठन को गांव गांव तक मजबूती देने के लिए संगठन सृजन कार्यक्रम के तहत अपनी कवायद तेज कर दी है. इसी संगठन सृजन कार्यक्रम की कड़ी में धनबाद जिला अध्यक्ष के चयन की भी प्रक्रिया जारी है. जिला अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस पार्टी से27दावेदार सामने आए हैं और इस बार जिला अध्यक्ष का चयन संगठन के छोटे छोटे कार्यकर्ताओं की राय से होगी. धनबाद में दो दिनों से कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की भी कार्यकर्ताओं के बीच जाकर रायशुमारी कर रही हैं. उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से देश में वोट चोरी की जा रही है, ऐसे में बूथ अध्यक्ष को वोट चोरी कैसे रोकें, इसकी ट्रेनिंग दी जाएगी.