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दंतेश्वरी फाइटर्स बहनों का शौर्य अन्य बहनों के लिए अनुकरणनीय: उप मुख्यमंत्री शर्मा

रायपुर : उप मुख्यमंत्री और वन मंत्री को ‘दंतेश्वरी फाइटर्स’ आत्मसमर्पित माओवादी बहनों ने बांधा रक्षा सूत्र विकास की मुख्यधारा से जुड़ने वाली बहनों को सुरक्षा-सम्मान देने के लिए शासन प्रतिबंध: उप मुख्यमंत्री शर्मा दंतेश्वरी फाइटर्स बहनों का शौर्य अन्य बहनों के लिए अनुकरणनीय: उप मुख्यमंत्री शर्मा विकास की मुख्यधारा से जुड़ने वाली बहनों को सुरक्षा-सम्मान देने के लिए शासन प्रतिबंध रायपुर रक्षाबंधन के पावन अवसर पर आज सर्किट हाउस परिसर दंतेवाड़ा में उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा एवं वन मंत्री केदार कश्यप को ‘दंतेश्वरी फाइटर’ एवं आत्मसमर्पित माओवादी बहनों ने रक्षा सूत्र बांधकर भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का संदेश दिया।  मंत्री द्वय ने इस मौके पर कहा कि हम सब यहाँ एक ऐसे अद्भुत और प्रेरणादायी क्षण के साक्षी हैं, जहाँ हमारी बहनों ने नक्सलवाद के रास्ते को छोड़कर विकास की मुख्यधारा का मार्ग अपनाया है। ये वही बहनें हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों और संघर्षों को पार करते हुए, समाज में सम्मान और शांति के साथ जीवन यापन का संकल्प लिया है। उन्होंने कहा कि आज, इन बहनों ने हमारे अलावा यहां उपस्थित जिला पंचायत अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि, सचिव, कमिश्नर, आईजी, डीआईजी, कलेक्टर, एसपी, जिला पंचायत सीईओ और वरिष्ठ अधिकारियों को रक्षा सूत्र बांधकर यह विश्वास जताया है कि भाई-बहन का यह बंधन केवल एक रस्म नहीं, बल्कि सुरक्षा, स्नेह और सम्मान का वचन है।  उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि जो भी बहनें आज भी भटकाव के उस रास्ते पर हैं, यदि वे मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लेंगी, तो पूरा समाज उन्हें खुले हृदय से अपनाएगा। हम उन्हें बहन का स्थान देंगे, उनकी सुरक्षा और सम्मान की पूरी जिम्मेदारी निभाएंगे, और उनके जीवन यापन के लिए हर संभव सहायता करेंगे। रक्षाबंधन सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि विश्वास, अपनापन और एक-दूसरे की सुरक्षा का संकल्प है। आज इन बहनों ने जो स्नेह और सम्मान दिया है, वह मेरे लिए अविस्मरणीय है। सरकार इन बहनों और बस्तर के हर नागरिक के जीवन में शांति, सम्मान और समृद्धि लाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करेगी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री एवं वन मंत्री और जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों सर्किट हाउस परिसर में पौधरोपण भी किया। साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा हर घर तिरंगा हर घर स्वच्छता, स्वतंत्रता का उत्सव स्वच्छता के संग अभियान अंतर्गत स्वच्छता जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया।  इस अवसर पर विधायक चौतराम अटामी, जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुड़ामी, उपाध्यक्ष अरविन्द कुंजाम, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पायल गुप्ता, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह, कमिश्नर बस्तर डोमन सिंह, आईजी बस्तर रेंज सुंदरराज पी, डीआईजी कमलोचन कश्यप, कलेक्टर कुणाल दुदावत, पुलिस अधीक्षक गौरव रॉय, जिला पंचायत सीईओ जयंत नाहटा, अपर कलेक्टर राजेश पात्रे सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारीगण उपस्थित थे।

युवाओं के लिए खुशखबरी: छत्तीसगढ़ में 34 नए नालंदा परिसर और सेंट्रल लाइब्रेरी

रायपुर  छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा के लिए अब अपने ही शहर में बेहतरीन पढ़ाई का माहौल मिलने वाला है। राज्य सरकार 34 नए नालंदा परिसर बनाने जा रही है, जहां आधुनिक सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन की सुविधा होगी। खास बात यह है कि ये लाइब्रेरियां सिर्फ रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, भिलाई जैसे बड़े शहरों में ही नहीं, बल्कि सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, सूरजपुर, बैकुंठपुर, पेंड्रा, चिरमिरी, कुनकुरी, जशपुर, बलरामपुर जैसे दूरस्थ इलाकों में भी खुलेंगी। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधा होंगी इन लाइब्रेरियों में युवाओं को उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जरूरी किताबें मिलेंगी। साथ ही यहां ऑनलाइन और ऑफलाइन पढ़ाई की सुविधा होगी, ताकि छात्र अपने लक्ष्य पर फोकस कर सकें। रायगढ़ में बनने वाली 700 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी राज्य की सबसे बड़ी होगी, जो एनटीपीसी के सीएसआर फंड से तैयार हो रही है। 237 करोड़ 57 लाख 95 हजार रुपए स्वीकृत नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पिछले दो सालों में 33 नालंदा परिसरों के लिए 237 करोड़ 57 लाख 95 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 17 नगरीय निकायों में 18 नालंदा परिसरों के लिए 125 करोड़ 88 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। वहीं, 2024-25 में 15 नालंदा परिसरों के लिए 111 करोड़ 70 लाख रुपए स्वीकृत हुए, जिनमें से 11 के निर्माण का कार्यादेश जारी हो चुका है। हाल ही में विभाग ने 11 नगरीय निकायों में निर्माण के लिए 19 करोड़ 14 लाख 87 हजार रुपए की पहली किस्त जारी की है। यहां बनेगी 500 सीटों की क्षमता वाली लाइब्रेरी स्थान सीटों की संख्या दुर्ग 500 राजनांदगांव 500 अंबिकापुर 500 जगदलपुर 500 बिलासपुर 500 भिलाई 500 जशपुर 500 लोरमी 500 गरियाबंद 500 यहां बनेगी 250 सीटों की क्षमता वाली लाइब्रेरी स्थान सीटों की संख्या धमतरी 250 चिरमिरी 250 कवर्धा 250 जांजगीर-नैला 250 बालोद 250 बलौदा बाजार 250 बेमेतरा 250 कांकेर 250 नारायणपुर 250 बलरामपुर 250 मुंगेली 250 खैरागढ़ 250 सक्ती 250 पेंड्रा 250 सारगंगढ़ 250 सूरजपुर 250 दंतेवाड़ा 250 कुनकुरी 250 बसना 250 अंबागढ़ चौकी 250   रायपुर में तीन सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन संचालित राजधानी रायपुर में वर्तमान में तीन सेंट्रल लाइब्रेरी-सह-रीडिंग जोन संचालित हैं। 1000 सीटर नालंदा परिसर, 800 सीटर तक्षशिला सेंट्रल लाइब्रेरी और 500 सीटर सेंट्रल लाइब्रेरी। पिछले पांच सालों में इनसे पढ़ाई करने वाले 400 युवाओं ने अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाई है। जल्द ही रायपुर में 1000 सीटर और 500 सीटर नई लाइब्रेरियों का निर्माण भी शुरू होगा। युवाओं के भविष्य की बुनिया नालंदा: सीएम साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि, नालंदा परिसर सिर्फ इमारत नहीं, यह युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की बुनियाद हैं। हम चाहते हैं कि छत्तीसगढ़ के हर क्षेत्र का युवा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का अवसर पाए। हर सुविधा देने के लिए सरकार प्रतिबद्ध – डिप्टी CM डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पढ़ाई की हर सुविधा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सर्वसुविधायुक्त लाइब्रेरियां उन्हें उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सामग्री और शांत माहौल उपलब्ध कराएंगी, जिससे वे पूरे फोकस और लगन से अपने लक्ष्यों को हासिल कर सकेंगे। इन नए नालंदा परिसरों के निर्माण से न केवल शिक्षा का स्तर बढ़ेगा, बल्कि ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के युवाओं को भी बड़े शहरों के बराबर अवसर मिलेंगे। यह पहल छत्तीसगढ़ के शिक्षा ढांचे को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में अहम भूमिका निभाएगी।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीमहाकाल मंदिर में सपत्नीक पूजा कर जताई श्रद्धा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपत्नीक शनिवार को सावन पूर्णिमा रक्षाबंधन के पावन अवसर पर उत्तम जल वृष्टि के निमित्त पर्जन्य अनुष्ठान में शामिल होकर पूजन-अर्चन किया। उन्होंने भगवान श्रीमहाकाल के दर्शन कर अभिषेक किया। कम वर्षा वाले क्षेत्रों में उत्तम जल वृष्टि की कामना के लिए 66 पंडितों के द्वारा मंत्रोच्चारण के साथ पर्जन्य अनुष्ठान किया गया। अनुष्ठान पं. घनश्याम शर्मा के आचार्यत्व में सम्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महाकाल मंदिर में दर्शन के पहले भेरूगढ़ स्थित श्री केशरिया नाथ मणिभद्र तीर्थ धाम पहुंचकर भगवान श्री पार्श्वनाथ, भगवान महावीर स्वामी और भगवान मणिभद्र के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस अवसर पर चातुर्मास कर रहे संत परम पूजनीय श्री अशोक सागरसूरीश्वर जी महाराज की चरण वंदन की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का कलेक्टर एवं श्रीमहाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के अध्यक्ष श्री रौशन कुमार सिंह ने शॅाल-श्रीफल प्रसाद भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक श्री अनिल जैन कालूहेडा, श्री संजय अग्रवाल, श्री ओम जैन, आदि उपस्थित थे।     पॉवर लिफ्टर श्री जोशी का किया अभिनंदन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  एशिया पेसिफिक पॉवर लिफ्टिंग चैंपियनशिप जापान में  स्वर्ण पदक अर्जित करने पर उज्जैन के पॉवर लिफ्टर श्री मयंक जोशी का अभिनंदन किया। इस अवसर पर कोच श्री शैलेन्द्र व्यास एवं जितेंद्र कुशवाह आदि उपस्थित थे।

खरगा की पूनम की मुस्कान में झलकता सुनहरे भविष्य का सपना

युक्तियुक्तकरण से बदला छोटे से गाँव का शैक्षिक परिदृश्य रायपुर बिलासपुर जिला के कोटा ब्लॉक का छोटा सा ग्राम खरगा अब शिक्षा की नई रोशनी से जगमगा रहा है। इस गाँव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय की छात्रा पूनम धृतलहरे की आंखों में अब आत्मविश्वास और उम्मीद दोनों चमकते हैं। मेहनती और होशियार पूनम शुरू से पढ़ाई में आगे रही है, लेकिन लंबे समय से यह विद्यालय एकल शिक्षकीय था, जिससे उसकी और उसके साथियों की शिक्षा प्रभावित हो रही थी। कठिन सवालों के उत्तर न मिल पाने से बच्चे धीरे-धीरे उत्साह खोने लगे थे और कुछ तो स्कूल छोड़ने की सोच भी रहे थे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा किए गए युक्तियुक्तकरण ने इस गाँव के बच्चों की जिंदगी में नई दिशा दी। विद्यालय में पहले से कार्यरत शिक्षक श्री संतोष कुमार खांडे के साथ अब श्री मुकेश कुमार यादव की नियुक्ति होने से कक्षाओं में नई ऊर्जा और बेहतर शिक्षण वातावरण आया। दो शिक्षकों की मौजूदगी ने न केवल पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारी, बल्कि बच्चों का स्कूल से जुड़ाव भी बढ़ाया। पूनम और उसके सहपाठियों का कहना है कि अब वे कठिन से कठिन प्रश्न हल करना सीख गए हैं और पढ़ाई में मजा आने लगा है। पालकों ने भी मुख्यमंत्री के इस निर्णय की सराहना करते हुए कहा कि अब उनके बच्चों को नियमित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है, जिससे वे भी शहर के बच्चों की तरह बड़े सपने देख और पूरे कर सकेंगे। खरगा जैसे छोटे गाँवों में जब शिक्षक समय पर पहुँचते हैं, तो यह बदलाव केवल एक स्कूल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे गाँव के भविष्य को दिशा देता है। आज पूनम और उसके साथी न सिर्फ मन लगाकर पढ़ रहे हैं, बल्कि आने वाले समय में अपने गाँव और राज्य का नाम रोशन करने के लिए तैयार हैं।

छत्तीसगढ़ में ‘गौधाम योजना’ की शुरुआत – पशुधन सुरक्षा, नस्ल सुधार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा संबल

गौधाम योजना से पशुधन संरक्षण, नस्ल सुधार और रोजगार में आएगा नया आयाम – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और पशुधन संरक्षण को नई दिशा देने के लिए गौधाम योजना की शुरुआत करने जा रही है। यह महत्वाकांक्षी योजना न केवल पशुधन की सुरक्षा और नस्ल सुधार को बढ़ावा देगी, बल्कि जैविक खेती, चारा विकास और गौ-आधारित उद्योगों के माध्यम से गांव-गांव में रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी। योजना का स्वरूप इस तरह तैयार किया गया है कि निराश्रित एवं घुमंतु गौवंशीय पशुओं की देखभाल के साथ-साथ चरवाहों और गौसेवकों को नियमित आय का स्थायी स्रोत उपलब्ध हो, जिससे ग्रामीण जीवन में आर्थिक स्थिरता और आत्मनिर्भरता आ सके। गौधाम योजना के ड्राफ्ट को वित्त एवं पशुधन विकास विभाग से भी मंजूरी मिल चुकी है। गौधाम योजना का उद्देश्य गौवंशीय पशुओं का वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण एवं संवर्धन करना, गौ-उत्पादों को बढ़ावा देना, चारा विकास कार्यक्रम को प्रोत्साहित करना, गौधाम को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करना, ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना तथा फसलों के नुकसान और दुर्घटनाओं में पशु एवं जनहानि से बचाव सुनिश्चित करना है। अवैध तस्करी और घुमंतु पशुओं की सुरक्षा पर विशेष फोकस* पशुधन विकास विभाग ने यह योजना विशेष रूप से तस्करी या अवैध परिवहन में पकड़े गए पशुओं और घुमंतु पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार की है। राज्य में अवैध पशु तस्करी एवं परिवहन पर पहले से रोक है। अंतरराज्यीय सीमाओं पर पुलिस कार्रवाई में बड़ी संख्या में गौवंशीय पशु जब्त होते हैं। इन पशुओं और घुमंतु पशुओं को सुरक्षित रखने के लिए ही यह योजना शुरू की जा रही है। प्रत्येक गौधाम में क्षमता के अनुसार अधिकतम 200 गौवंशीय पशु रखे जा सकेंगे। गौधाम योजना के तहत चरवाहों को 10,916 रुपए प्रतिमाह और गौसेवकों को 13,126 रुपए प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ ही मवेशियों के चारे के लिए प्रतिदिन निर्धारित राशि प्रदान की जाएगी। उत्कृष्ट गौधाम को वहां रहने वाले प्रत्येक पशु के लिए पहले वर्ष 10 रुपए प्रतिदिन, दूसरे वर्ष 20 रुपए प्रतिदिन, तीसरे वर्ष 30 रुपए प्रतिदिन और चौथे वर्ष 35 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से राशि दी जाएगी। योजना के लिए बजट, नियम और शर्तें तय कर दी गई हैं, ताकि संचालन में किसी तरह की परेशानी न हो। मुख्यमंत्री श्री साय – “पशुधन की सुरक्षा और गांवों में रोजगार बढ़ाएगी गौधाम योजना” मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  कहा कि गौधाम योजना से प्रदेश में पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और बड़ी संख्या में चरवाहों एवं गौसेवकों को नियमित आय का साधन मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पशुओं की नस्ल सुधार कर उन्हें अधिक दूध देने और खेती-किसानी में पूरी क्षमता से उपयोग करने योग्य बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ में जैविक खेती और चारा विकास कार्यक्रमों को भी गति मिलेगी, जिससे ग्राम स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और गांवों की अर्थव्यवस्था सशक्त होगी। गौधाम की स्थापना के लिए चयनित होगी उपयुक्त शासकीय भूमि ऐसी शासकीय भूमि, जहां सुरक्षित बाड़ा, पशुओं के शेड, पर्याप्त पानी और बिजली की सुविधा उपलब्ध हो, वहीं गौधाम की स्थापना की जाएगी। जिन गौठानों में पहले से अधोसंरचना विकसित है, वहां उपलब्धता के आधार पर गौठान से सटे चारागाह की भूमि को हरा चारा उत्पादन के लिए दिया जाएगा। इसके अलावा, यदि आसपास की पंजीकृत गौशाला की समिति संचालन हेतु असहमति व्यक्त करती है, तो अन्य स्वयंसेवी संस्था, एनजीओ, ट्रस्ट, फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी या सहकारी समिति संचालन के लिए आवेदन कर सकेगी। जिला प्रशासन के प्रस्ताव पर गौधाम स्थापित किए जाएंगे, जो पंजीकृत गौशालाओं से भिन्न होंगे। पहले चरण में छत्तीसगढ़ के प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में गौधाम स्थापित किए जाएंगे। जिला स्तरीय समिति प्राप्त आवेदनों का तुलनात्मक अध्ययन कर चयनित संस्था का नाम छत्तीसगढ़ राज्य गौ सेवा आयोग को भेजेगी। मंजूरी के बाद चयनित संस्था और आयोग के बीच करार होगा, जिसके पश्चात गौधाम का संचालन उस संस्था को सौंपा जाएगा। गोबर खरीदी नहीं होगी, चारा विकास को मिलेगा प्रोत्साहन गौधाम में गोबर खरीदी नहीं होगी, पशुओं के गोबर का उपयोग चरवाहा स्वयं करेगा। यहां निराश्रित एवं घुमंतु गौवंशीय पशुओं को ही रखा जाएगा और उनका वैज्ञानिक पद्धति से संरक्षण एवं संवर्धन होगा। संचालन में गौशालाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। राज्य गौ सेवा आयोग में पंजीकृत गौशाला की समिति, स्वयंसेवी संस्था, एनजीओ, ट्रस्ट, किसान उत्पादक कंपनी और सहकारी समिति संचालन के लिए पात्र होंगी। गौधाम को वहां रहने वाले पशुओं की संख्या के आधार पर राशि दी जाएगी। गौधाम से सटी भूमि पर चारा विकास के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाएगी—एक एकड़ में चारा विकास कार्यक्रम पर 47,000 रुपए और पांच एकड़ के लिए 2,85,000 रुपए का प्रावधान है। गौधाम बनेंगे प्रशिक्षण केंद्र, बढ़ावा मिलेगा गौ उत्पादों को प्रत्येक गौधाम को प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी विकसित किया जाएगा। संचालनकर्ता समिति या संस्था ग्रामीणों को गौ-उत्पाद विषय पर प्रशिक्षण देगी और उन्हें गौ-आधारित खेती के लिए प्रेरित करेगी। इसके साथ ही गोबर और गौमूत्र से केंचुआ खाद, कीट नियंत्रक, गौ काष्ठ, गोनोइल, दीया, दंतमंजन, अगरबत्ती आदि बनाने का प्रशिक्षण, उत्पादन और बिक्री के लिए भी गौधाम एक माध्यम बनेंगे।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- परम्परा और विरासत को आगे बढ़ाने में बहनों का अहम योगदान

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने रक्षाबंधन पर्व पर शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीरागंनाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं, चिकित्सकों सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी बहनों एवं स्कूल-कॉलेज छात्राओं से रक्षासूत्र बंधवाया।  मुख्यमंत्री ने उपस्थित बहनों को रक्षाबंधन की बधाई देते हुए कहा कि इस त्यौहार का हमारी संस्कृति में बहुत महत्व है। यह भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है। हमारे ऐसे त्यौहारों में समरसता एवं एकरूपता का संदेश निहित होता है। उन्होंने कहा कि हमारी परम्परा और विरासत को आगे बढ़ाने में बहनों का अहम योगदान है। बहनें परिवार में विभिन्न भूमिकाएं निभाते हुए उसे संजोने एवं संस्कारित करने की जिम्मेदारी निभाती है। इसलिए हमारी संस्कृति में बहनों का स्थान सर्वाेपरि होता है। श्री शर्मा ने कहा कि रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर छोटी एवं बड़ी बहनों का स्नेह एवं आशीर्वाद मुझे मिला है। यह मेरे लिए अभेद्य सुरक्षा कवच है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अन्य क्षेत्रों के साथ ही सामाजिक सरोकारों के माध्यम से भी देश को आगे बढ़ाया है। उन्होंने स्वच्छता, लिंगानुपात, पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में अभियान चलाकर देशभर में जन-जागरूकता की अलख जगाई। मुख्यमंत्री ने उपस्थित बहनों से आह्वान किया कि वे पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाने के साथ ही सामाजिक कार्यों से भी जुड़ें और केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित भाई-बहनों को उनका लाभ दिलाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। इससे ही समाज में बदलाव आएगा।  मुख्यमंत्री ने कहा कि माता-बहनों के शिक्षित एवं सशक्त होने से ही देश और प्रदेश उत्कृष्ट बनेगा। उन्होंने कहा कि हमारे देश की नारियों ने अपने महान कार्याें से इतिहास रचा है, उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे भी जीवन में साहसिक रूप से कार्य करते हुए अपने सपनों को पूरा करें।  कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उपस्थित बहनों से संवाद किया और उन्हें सम्मानस्वरूप उपहार भेंट किए। इस दौरान चिकित्सा, कानून व्यवस्था एवं न्याय सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी नारी शक्ति ने राज्य सरकार द्वारा महिला सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तीकरण हेतु किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।  मुख्यमंत्री ने किया वीरांगनाओं का विशेष सम्मान, नन्हीं बहनों को दिया स्नेहिल आशीर्वाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने वीरांगना बहनों से राखी बंधवाई और उनका विशेष सम्मान किया। इस दौरान प्रजापिता ब्रह्मकुमारिज संस्थान की चन्द्रकला दीदी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गीता शर्मा को रक्षासूत्र बांधा। वहीं, स्कूलों में पढ़ने वाली बहनों ने जब अपने नन्हें हाथों से श्री शर्मा को राखी बांधी तो उन्होंने उनके सिर पर हाथ रखकर स्नेहिल आशीर्वाद दिया।

झोलाछाप डॉक्टर की तस्वीर से आहत होकर युवती ने किया आत्महत्या जैसा कदम

बरेली झोलाछाप ने गांव की एक युवती का फोटो एडिट कर अपने साथ फेसबुक स्टेटस पर लगा दिया। युवती और उसके स्वजन को जब इस बारे में जानकारी हुई तो झोलाछाप से फोटो हटाने की बात कही, लेकिन आरोपित ने गाली-गलौच कर और फोटो प्रसारित करने की धमकी दी। इससे आहत युवती ने शुक्रवार दोपहर फंदे से लटककर जान दे दी। मामले में स्वजन ने झोलाछाप के विरुद्ध शिकायती पत्र दिया है। सीबीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवक ने पुलिस को बताया कि उनके घर के पास में ही नरेंद्र नाम का एक झोलाछाप क्लीनिक का संचालन करता है। उनकी बहन एक-दो बार क्लीनिक पर दवा लेने गई थी। इसके बाद से आरोपित नरेंद्र ने उनकी बहन को परेशान करना शुरू कर दिया। बहाने से उसका नंबर लेकर उसे फोन करता और परेशान करता था। जब इस बात की जानकारी युवती के स्वजन को हुई तो उन्होंने कई बार समझाने का प्रयास किया, लेकिन आरोपित नहीं माना। आरोप है कि गुरुवार को आरोपित नरेंद्र ने उनकी बहन का फोटो एडिट कर अपने साथ फेसबुक स्टोरी पर लगा दिया। इस बात की जानकारी जब युवती और उसके स्वजन को हुई तो उन्होंने झोलाछाप से उसे हटाने को कहा, लेकिन आरोपित उन्हें धमकी देने लगा। कहा कि यदि ज्यादा कहा तो और भी फोटो को इसी तरह से अपलोड करेगा। आरोप है कि आरोपित ने सभी को जान से मारने की धमकी दी। फोटो प्रसारित होने से युवती आहत हो गई और उसने शुक्रवार दोपहर कमरे में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। स्वजन को जब पता चला तो उन्होंने आनन-फानन में उसे उतारा और डाक्टर के पास पहुंचे, लेकिन डाक्टर ने युवती को मृत घोषित कर दिया। मामले में पुलिस को सूचना दी गई, पुलिस ने युवती के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। स्वजन के शिकायती पत्र पर झोलाछाप के विरुद्ध प्राथमिकी लिखने की तैयारी है। मामले में एसपी सिटी मानुष पारीक का कहना है कि स्वजन की ओर से शिकायती पत्र दिया गया है। उसकी के आधार पर झोलाछाप पर प्राथमिकी लिखाई जाएगी। 

898 कैदियों ने मथुरा जेल में राखी बंधवाई, बहनों से मांगा अपराध मुक्त जीवन का वचन

मथुरा भाई-बहन के अटूट रिश्ते, विश्वास और प्रेम का प्रतीक रक्षा बंधन शनिवार को जिले भर में धूमधाम व शांतिपूर्वक तरीके से मनाया गया। भाई-बहन के प्रेम की मिठास की महक जिला कारागार में भी खूब रही। 898 बंदियों ने बहनों से राखी बंधवाकर अपराध छोड़ने का वचन दिया। जिला कारागार ने बहनों के लिए परिसर में टेंट, ठंडा पानी और शरबत आदि की व्यवस्था कराई। 1549 महिलाएं और 767 बच्चे के साथ 2316 स्वजन ने बंदियों से मुलाकात की। रक्षा बंधन पर्व पर शनिवार सुबह वर्षा कुछ देर के लिए बाधा बनी, लेकिन सुबह 10 बजे के बाद जिला कारागार के बाहर बहनों व स्वजन की लंबी कतारें लगीं। हर चेहरे पर बंदी भाई से मिलने और उसकी कलाई पर राखी बांधने की उत्सुकता झलक रही थी। कारागार प्रशासन ने तेज़ धूप और गर्मी से बचाने के लिए टेंट लगाए गए और ठंडी हवा के लिए कूलर लगाए गए। उत्तर प्रदेश अपराध निरोधक समिति के पदाधिकारियों ने कारागार के बाहर ठंडा पानी और शरबत के काउंटर लगाए, ताकि मुलाकात के लिए आए लोगों को गर्मी में राहत मिल सके। बहनों व बच्चों को एक-एक पैकेट बिस्कुट और चाकलेट दी गई। बहनों को जेल प्रशासन की ओर से राखी, रोली और चावल भी उपलब्ध कराए गए। जेल अधीक्षक अंशुमन गर्ग ने बताया कि रक्षाबंधन के पर्व पर जिला कारागार में 1549 महिलाएं और 767 बच्चे 898 बंदी भाइयों से मिलने पहुंचे। वहीं बाहर से आए 10 पुरुषों ने भी जेल में बंद बहनों से विशेष मुलाकात की और राखी बंधवाई।

सोनम रघुवंशी की दादी का देहांत, पोती की वजह से दादी थीं सदमे में; गोविंद नहीं पहुंचा राखी के लिए

इंदौर इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या में जेल में बंद उनकी पत्नी सोनम रघुवंशी की दादी की मौत हो गई। वह अपनी पोती की करतूत जानने के बाद से सदमे में थीं। इससे पहले सोनम के प्रेमी राज की दादी अपने पोते की कारगुजारी जानकर सदमे में चली गईं थीं। वह यह सदमा बर्दाश्त नहीं कर सकीं और 18 जून को चल बसी थीं। राजा रघुवंशी हत्याकांड में जेल में बंद सोनम रघुवंशी की दादी गंगोटी बाई की शुक्रवार को मौत हो गई। परिवार का कहना है कि सोनम का भाई गोविंद राखी पर शिलांग जाने वाला था, लेकिन दादी की मौत के बाद वजह से नहीं जा पाया। शनिवार को रक्षाबंधन था, लेकिन एक दिन पहले ही दादी की मौत के चलते उसका परिवार सदमे में है। शिलांग जाने को लेकर गोविंद ने मीडिया से किसी प्रकार की चर्चा नहीं की। बताया जा रहा है कि गोविंद इससे पहले शिलांग गया था। वहां के वकीलों ने राजा के भाई को बताया था कि गोविंद शिलांग आया था, लेकिन क्या वह सोनम की जमानत के लिए शिलांग पहुंचा था, इस बात की पूरी जानकारी सामने नहीं आई है। कुछ दिन पहले ही राज और सोनम के वकील ने उनकी जमानत अर्जी कोर्ट में लगाई थी, लेकिन वह खारिज हो गई। शुरू में गोविंद ने सोनम के लिए किसी वकील से चर्चा करने की बात कही थी। राजा रघुवंशी हत्याकांड में इंदौर के शिलाम जेम्स और ग्वालियर के रहने वाले दो व्यक्तियों की जमानत के बाद गोविंद को भरोसा था कि सबूत को छिपाने वाले शिलाम की यदि जमानत हो सकती है तो फिर षड्यंत्र करने वाले राज और उसकी प्रेमिका सोनम की भी जमानत आसानी से हो जाएगी। लेकिन, कोर्ट ने कुछ दिन पहले उनकी जमानत खारिज कर दी थी। हत्याकांड को लेकर राजा रघुवंशी का परिवार भी शिलांग पहुंचा था। उन्होंने अपना वकील बदलकर कई आपत्तियां लगाने के बाद दोनों की जमानत अर्जियों को खारिज करवा दिया था। सोनम की दादी की मौत कैसे हुई, इसके बारे में गोविंद का परिवार बताने को तैयार नहीं है। पहले मीडिया से मदद मांगने वाला गोविंद के परिवार ने अब मीडिया से दूरी बना ली है। अपनी पोती की करतूत जानने के बाद सोनम की दादी सदमे में थीं।  

रक्षाबंधन पर श्रीमती दिया कुमारी ने डॉ. प्रेमचंद बैरवा को बांधी राखी

जयपुर भाई-बहन के अटूट प्रेम, विश्वास और स्नेह के पावन पर्व रक्षाबंधन के अवसर पर शनिवार को उपमुख्यमंत्री श्री प्रेमचंद बैरवा के राजकीय आवास पर उनको उपमुख्यमंत्री श्रीमती दिया कुमारी ने स्नेहपूर्वक रक्षासूत्र बांधा। इस अवसर पर उन्होंने इस पर्व को भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का उत्सव बताते हुए समाज में प्रेम, सौहार्द और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने का संदेश दिया।