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महतारी वंदन योजना बनी आर्थिक संबल, महिलाएं गढ़ रहीं बेहतर कल

रायपुर,  छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बदलाव की नई इबारत लिख रही है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि परिवार की जरूरतों में भी सहभागी बन रही हैं। मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के ग्राम पंडरीतराई निवासी श्रीमती रबीना पिस्दा जो एक गृहिणी हैं। उन्हें योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। उन्होंने बताया कि इस राशि को वह अपने बेटे की शिक्षा और जरूरी घरेलू कार्यों में उपयोग कर रही हैं। इस वर्ष जब उनके बेटे का पहली कक्षा में प्रवेश हुआ, तो उन्होंने महतारी वंदन योजना की राशि से बेटे के लिए बस्ता, स्लेट, पेंसिल, जूते सहित अन्य शिक्षण सामग्री खरीदी। श्रीमती रबीना बताती हैं कि उनके पति कृषि कार्य करते हैं और वह स्वयं भी खेती में हाथ बंटाती हैं। पहले किसी भी प्रकार की बचत कर पाना मुश्किल था, लेकिन इस योजना से अब हर माह थोड़ी-बहुत राशि बचाकर वह अपने बेटे के उज्जवल भविष्य की नींव मजबूत कर पा रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रति आभार व्यक्त करते हुए श्रीमती रबीना ने कहा कि महतारी वंदन योजना उनके जैसी हजारों-लाखों महिलाओं के लिए संबल बनी है। इससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने और परिवार में योगदान देने का अवसर मिल रहा है।

राज्यपाल पटेल ने महापौर मालती राय को दी बधाई

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने सुपर स्वच्छता लीग सिटीज़ की राष्ट्रीय रैंकिंग में भोपाल शहर को दूसरा स्थान मिलने की उपलब्धि पर महापौर भोपाल श्रीमती मालती राय को बधाई दी है। राज्यपाल पटेल ने महापौर राय का पुष्प-गुच्छ भेंटकर अभिनन्दन किया। राज्यपाल पटेल को पुरस्कार प्राप्त करने की उपलब्धि की जानकारी देने के लिए भोपाल महापौर  राय सोमवार को राजभवन पहुँची थीं।  

बिजली बिल शून्य, आय में वृद्धि : पीएम सूर्य घर योजना बनी आमजनों के लिए वरदान

रायपुर, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। बलौदाबाजार शहर के सदर रोड निवासी  राजेश केशरवानी ने इस योजना का लाभ उठाकर अपने घर की छत पर 3 किलोवाट क्षमता का सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया है।अब उन्हें बिजली का बिल नहीं भरना पड़ता। श्री केशरवानी ने  बताया कि इस योजना की जानकारी उन्हें सोशल मीडिया और समाचार पत्रों से प्राप्त हुई, जिसके बाद उन्होंने बिजली विभाग से संपर्क कर आवश्यक मार्गदर्शन लिया। आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और सरल है, जिसे उन्होंने बिना किसी कठिनाई के पूरा किया। श्री केशरवानी को सोलर सिस्टम स्थापना पर 78,000 की सब्सिडी प्राप्त हुई। पिछले छह महीनों से यह प्रणाली बिना किसी रुकावट के कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पहले उन्हें हर महीने 2000 से 2500 तक का बिजली बिल भरना पड़ता था, लेकिन अब उनका बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। उन्होंने कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि पर्यावरण की दृष्टि से भी अत्यंत लाभकारी है। उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे भी इस योजना का लाभ उठाकर न केवल बिजली की बचत करें, बल्कि हर महीने की आय में भी सकारात्मक योगदान प्राप्त करें। श्री केशरवानी ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना आमजन के जीवन में सच्चे अर्थों में बदलाव ला रही है और देश को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हो रही है।

चिरायु योजना: पहाड़ी कोरवाओं को मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का संबल

  इस योजना से देश भर के अच्छे निजी अस्पतालों में कराया जाता है निःशुल्क इलाज रायपुर,  चिरायु योजना बच्चों के लिए वरदान बन गई है। खासकर ऐसे परिवार जिनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है, जो दूसरे शहरों में जाकर किसी निजी अस्पताल में इलाज नहीं करा सकते। आदिवासी बाहुल्य जशपुर जहां विशेष पिछड़ी जनजाति  के लोग भी निवास करते हैं। यह योजना गरीब और जरूरतमंदों के लिए सहारा बन रही है। दिल की बीमारी से जूझ रही पहाड़ी कोरवा अंजलि बाई, अंशिका, रितेश या इनके जैसे कई ऐसे बच्चे हैं जो दिल या किसी अन्य बीमारी से जूझ रहे थे। चिरायु योजना ने उन्हें नवजीवन देने का काम किया है।       जशपुर जिले के मनोरा विकासखण्ड के जंगलों के बीच बसे एक छोटे से ग्राम सोनक्यारी में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवार में जन्मी अंजली बाई। जिनका दिल की बीमारी का इलाज चिरायु योजना से किया गया है। छोटे छोटे काम कर घर का गुजारा चलाने वाले पिता नान्हू राम को जब पता चला की अंजली के दिल में छेद है तो उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था वह क्या करे। प्रारंभिक जांच मनोरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में होने के बाद चिरायु टीम के द्वारा उनका जांच किया गया। जिसमें पता चला कि अंजली के दिल में छेद है। अंजलि का रायपुर के एक बड़े निजी संस्थान में ले जाकर का उपचार किया गया। जहां सफल ऑपरेशन के बाद अंजली ठीक हो गयी।      इसी तहत जिले में कई गरीब परिवारों के बच्चे हैं जिनका सफल इलाज इस योजना के माध्यम से हुआ है। जिला मुख्यालय के पुरानीटोली निवासी सुदर्शन चौहान के पुत्र रितेश का निजी अस्पताल में जांच के बाद पता चला कि उसके दिल में छेद है। निजी अस्पताल में इलाज कराना मजदूरी करके अपने परिवार का जीवन-यापन करने वाले उनके पिता के लिए काफी मुश्किल था। फिर वे अपने बच्चे को जिला अस्पताल ले गए। जहां अस्पताल में डॉक्टरों के द्वारा चिरायु योजना की जानकारी दी गई और बेहतर इलाज के लिए रायपुर भेजा गया, जहां ऑपरेशन और बेहतर इलाज के बाद आज बच्चा स्वस्थ है। इसी तरह विकासखण्ड कुनकुरी के ग्राम बेहराटोली के निवासी कृतिबाई और धनेश्वर यादव की पुत्री  अंशिका की दिल की गंभीर बीमारी का प्रारंभिक इलाज रायपुर के मेडिकल कॉलेज, सत्यसाईं चिकित्सा संस्थान एवं भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में कराने के बाद चेन्नई स्थित अपोलो अस्पताल में अंशिका का दिल का ऑपरेशन किया गया। जिसमें कुल 14.50 लाख रुपयों का खर्च आया, जिसका वहन चिरायु योजना के अंतर्गत शासन द्वारा किया गया।       इसी प्रकार चिरायु अंतर्गत अपोलो चिल्ड्रन हॉस्पिटल चेन्नई में जन्मजात हृदय रोग से ग्रसित 2 वर्षीय अन्वी बाई, 9 वर्षीय अनंत नाायक, 9 वर्षीय कुमार नायक का सफल ईलाज किया गया। इस योजना से जिला मुख्यालय स्थित चीरबगीचा निवासी नोवेल भगत, बीटीआई पारा के गर्वित सिंह का भी रायपुर के निजी अस्पताल में जन्मजात होंठ व तालू के विकृति का निःशुल्क सफल इलाज किया गया है। उल्लेखनीय है कि चिरायु योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूलों में जाकर बच्चों की संपूर्ण स्वास्थ्य की जांच की जाती है। जांच के उपरांत 44 प्रकार की बीमारी तथा विकृति की जानकारी होने के बाद चिरायु योजना से बच्चों का इलाज कराया जाता है। आवश्यकता होने पर बच्चों को देश भर के अच्छे हॉस्पिटल में ले जाकर उपचार भी कराया जाता है।

नवाचार और विकास का प्रतीक बनेगा नया विधायक विश्राम गृह: मुख्यमंत्री यादव

नवीन विधायक विश्राम गृह का नवनिर्माण आधुनिक प्रक्रियाओं के साथ भविष्य की ओर अग्रसर होने के भाव को दर्शाता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की नवीन विधायक विश्राम गृह के द्वितीय चरण के निर्माण की घोषणा नवीन विधायक विश्राम गृह का भूमि-पूजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में सिंहावलोकन की परंपरा रही है। पिछले अनुभवों की समीक्षा करते हुए भविष्य की कार्य योजना बनाना और उसका क्रियान्वयन सुखद और सफलता प्रदान करने वाला रहता है। समय की मांग के अनुरूप हो रहा विधायक विश्रामगृह का नवनिर्माण आधुनिक प्रक्रियाओं के साथ भविष्य की ओर अग्रसर होने के भाव को दर्शाता है। भवन निर्माण और वास्तुकला के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों के उपयोग से बनने वाला यह भवन लोक कल्याण और जन सेवा के लिए विधायकों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराएगा। राज्य सरकार ने विधायकों के कार्यालयों के आधुनिकीकरण के लिए बजट में 5-5 लाख रुपए के आवंटन का प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नवीन विधायक विश्रामगृह के द्वितीय चरण के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव नवीन विधायक विश्रामगृह के निर्माण कार्य के भूमि पूजन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के मुख्य आतिथ्य और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में विधायक विश्राम गृह परिसर में नवीन विधायक विश्रामगृह के निर्माण कार्य का भूमि पूजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी उपस्थित थे। नवीन विधायक विश्रामगृह लगभग 160 करोड़ रुपए की लागत से बनेगा, इसमें सभी आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ 102 फ्लैट्स का निर्माण प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भूमिपूजन के बाद शिलालेख अनावरण किया तथा भगवान श्रीराम और भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर नमन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन और वंदे मातरम गान के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि अगले स्वच्छता सर्वेक्षण में भोपाल को शीर्ष स्तर पर लाने का लक्ष्य रखा है। अगर कुछ कमियां हैं तो उन्हें दूर करेंगे। प्रदेश को नई-नई सौगातें मिल रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने 11 साल में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं, जिससे दुनिया चकित है। स्पेन सहित यूरोप में भारतीय संस्कृति, खानपान और पहनावे को वहां के लोग आदर के साथ आत्मसात कर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश का सिंचाई रकबा बढ़ रहा है, स्वच्छता की मुहिम चल रही है। सरकार विकास कार्यों को गति प्रदान करते हुए आगे बढ़ रही है। श्रावण मास में प्रदेश की लाड़ली बहनों को शगुन के तौर पर 250 रूपये की विशेष सौगात मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति में उदारता का भाव कूट-कूट कर भरा है। डॉ. भीमराव अंबेडकर ने संगठित रहने और शिक्षित बनने का संदेश दिया। राज्य सरकार उनके विचारों को क्रियान्वित करते हुए सबके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल उन्नयन के लिए तकनीकी दक्षता उपलब्ध कराने की दिशा में सघन प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रावण मास की एकादशी और बाबा महाकाल की दूसरी सवारी का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के देवस्थानों पर समाजिक समरसता को बढ़ावा देने के लिए धार्मिक आयोजन किए जा रहे हैं। प्रदेश के विभिन्न अंचलों में निवासरत जनजातीय समुदायों के समूह नृत्य और संगीत की छटा बिखेरते हुए महाकाल की सवारी में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार राष्ट्रीय अखंडता के लिए प्रतिबद्ध है, इसी के चलते जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाई गई। सभी वर्गों के कल्याण के लिए समर्पित प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक से मुक्ति दिलाई है। विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने कहा कि विधायक जनता का प्रतिनिधि होते हैं और उनको समयानुकूल सुविधाएं मिलना आवश्यक है और इसकी पूर्ति करने के लिए नए विधायक विश्राम गृहों का निर्माण किया जा रहा है। आने वाले समय में मध्यप्रदेश की विधानसभा ई-असेंबली के रूप में तैयार हो जाएगी तो इसका लाभ विधायकों को मिलेगा। वर्तमान विधायक विश्राम गृह का निर्माण वर्ष 1958 में हुआ था जो अब पुराना हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रदेश को विकास में अग्रणी बनाने के लिए संकल्प के साथ जुड़े हैं। प्रदेश में निवेश आकर्षित करने के लिए उन्होंने विदेश दौरा संपन्न किया है। स्वच्छता में प्रदेश के 8 शहरों ने झंडे गाड़े हैं। इंदौर तो स्वच्छ है ही, अगले वर्ष भोपाल को नंबर-1 बनाने के लिए सभी कृतसंकल्पित हैं। नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह विश्राम गृह आधुनिक सुविधाओं, सुरक्षा और तकनीकी आवश्यकताओं से सुसज्जित होगा, जो विधायकों को कार्य और चिंतन के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करेगा। उन्होंने विधायक जीवन के प्रारंभिक वर्षों की स्मृतियाँ साझा करते हुए वर्तमान में हो रहे बदलावों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि आज विधायकों के लिए तकनीकी संसाधनों की दिशा में निरंतर प्रयास हो रहे हैं, इससे वे विकास प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे। मंत्री विजयवर्गीय ने मध्यप्रदेश के आठ शहरों को स्वच्छता पुरस्कार मिलने पर भी प्रसन्नता व्यक्त की और इसे प्रदेश की विकासशील सोच और समर्पित नेतृत्व का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव और विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के मार्गदर्शन में विधानसभा को आधुनिक तकनीकी से लैस किया जा रहा है। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि लोकतंत्र केवल संस्थाओं का तंत्र मात्र नहीं है, बल्कि विश्वास का ताना-बाना भी है, जो जनप्रतिनिधियों के उत्तरदायित्व से बुना जाता है। मध्यप्रदेश विधानसभा परिसर में ही नवनिर्मित विधायक विश्राम गृह के निर्माण का भूमि-पूजन हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में प्रदेश में नए-नए कीर्तिमान गढ़े जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विचार दिया जिससे राज्यों में वैश्विक स्तर पर होने वाले निर्माण मापदण्डों के अनुरूप अधोसंरचना विकास हो रहा है। मध्यप्रदेश अधोसंरचना विकास में निरंतर प्रगति कर रहा है। इंदौर ने इस वर्ष फिर स्वच्छता में शीर्ष स्थान हासिल किया है। भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर को भी स्वच्छ शहरों की सूची में स्थान मिला है। निकट भविष्य में और अधिक शहर स्वच्छता सूची में आएंगे। उन्होंने बताया कि विधायकों के लिए बनाए जा … Read more

पासपोर्ट टू लाइफ (पी2एल) सर्वाइवरशिप क्लीनिक भोपाल का किया शुभारंभ

कैंसर से जीतकर जीवन की नई शुरुआत करने वाले बच्चे सच्चे योद्धा हैं: राज्य मंत्री पटेल कैंसर से जूझकर जीते बच्चे हैं असली योद्धा: राज्य मंत्री पटेल पासपोर्ट टू लाइफ (पी2एल) सर्वाइवरशिप क्लीनिक भोपाल का किया शुभारंभ भोपाल  लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा है कि कैंसर से जीतकर जीवन की नई शुरुआत करने वाले बच्चे सच्चे योद्धा हैं। उनकी आगे की ज़िंदगी को सुरक्षित, स्वस्थ और सम्मानपूर्ण बनाना हम सबकी साझा ज़िम्मेदारी है। कैनकिड्स द्वारा सर्वाइवरशिप क्लिनिक और केयर प्लान इस दिशा में उत्कृष्ट प्रयास है। राज्य मंत्री पटेल ने कैनकिड्स संस्था के "पासपोर्ट टू लाइफ (सर्वाइवरशिप)" परियोजना के अंतर्गत राज्य स्तरीय सर्वाइवरशिप क्लीनिक (पी2एल क्लिनिक) भोपाल का शुभारंभ किया। राज्यमंत्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन एवं उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल के नेतृत्व में प्रदेश सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में सर्वांगीण विकास के लिये निरंतर कार्य कर रही है। सरकार की प्राथमिकता है कि गंभीर बीमारियों से पीड़ित हर बच्चा न केवल जीवन रक्षक इलाज पाए, बल्कि इलाज के बाद की ज़रूरतों की भी समुचित पूर्ति हो। कार्यक्रम में कैनकिड्स संस्था द्वारा तैयार किए गए सर्वाइवर केयर प्लान का विमोचन भी राज्य मंत्री पटेल द्वारा किया गया। यह केयर प्लान कैंसर से उबर चुके बच्चों के दीर्घकालीन स्वास्थ्य प्रबंधन, नियमित फॉलोअप, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य तथा सामाजिक पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। राज्यमंत्री पटेल ने कैंसर से उबर चुके बच्चों से संवाद किया, उन्हें प्रोत्साहित किया और उनके साहस की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी ने बीमारी को नहीं बल्कि हालात को भी हराया है। आप सबके लिए प्रेरणा हैं। प्रदेश सरकार आपकी आगे की यात्रा को सरल, सुरक्षित और संबलयुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य मंत्री पटेल ने कहा कि कैंसर के इलाज के बाद फॉलोअप महत्वपूर्ण है। हमारे समाज में जानकारी के अभाव, आर्थिक कठिनाइयों और दूरी के कारण कई बच्चे जरूरी देखरेख से वंचित रह जाते हैं। यह पहल इन सभी बाधाओं को दूर करने में सहयोगी होगी। कैनकिड्स की सह-संस्थापक एवं निदेशक श्रीमती सोनल शर्मा ने बताया कि संस्था द्वारा पहले से ही इंदौर के एम.वाई. अस्पताल, सैम्स तथा जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में पी2एल क्लिनिक संचालित किए जा रहे हैं। अब भोपाल में राज्य स्तरीय क्लिनिक की शुरुआत के साथ संस्था का उद्देश्य प्रदेश के हर जिले तक सेवा पहुंचाना है। कार्यक्रम में स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा विभाग सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, डॉक्टर्स, कैंसर से उबरे बच्चे तथा उनके परिजन उपस्थित रहे।  

CM योगी की चेतावनी: कांवड़ यात्रा में गड़बड़ी करने वालों की तस्वीरें होंगी सार्वजनिक

मेरठ:  कांवड़ यात्रा में तोड़फोड़ और उपद्रव करने वालों के योगी सरकार पोस्टर चस्पा करने जा रही है और कांवड़ यात्रा सम्पन्न होने के बाद उनके खिलाफ सख्त एक्शन होगा। ये बातें खुद सीएम योगी ने मेरठ में कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा के बाद हुई प्रेस ब्रीफिंग में कही। सीएम योगी इन घटनाओं को लेकर बेहद तल्ख तेवरों में नजर आए। उन्होंने कहा कि जिन्होंने कांवड़ यात्रा को बदनाम करने का प्रयास किया है उन सबके सीसीटीवी फुटेज हैं। जो भी उपद्रवियों के भेष में छिपे हैं, वे बेनकाब होंगे।  धार्मिक यात्रा को बदनाम करने वालों पर होगा एक्शन सीएम योगी ने आगाह भी किया कि कांवड़ यात्रा में जहां उत्साह और उमंग है, श्रद्धा और भक्ति है, वहीं इस उत्साह और श्रद्धा को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। सोशल मीडिया के साथ अन्य माध्यमों से इस धार्मिक यात्रा को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।  उपद्रवियों को अपने बीच नहीं घुसने दें उन्होंने अपील की है कि ऐसे लोगों को अपने बीच में ना घुसने दें। कांवड़ को खंडित करने और श्रद्धा से जो खिलवाड़ करता है उनके बारे में प्रशासन को सूचना दें। ऐसे लोगों के खिलाफ खुद कानून हाथ में ना लें बल्कि शासन-पुलिस को इसकी सूचना दें। लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी सीएम योगी ने कांवड़ यात्रा के दौरान जहां कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की, वहीं लोगों को उनकी जिम्मेदारी का भी अहसास कराया। सीएम योगी ने कहा कि शिव लोकमंगल के देवता हैं। वो आदिदेव महादेव हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने तो बेहतर व्यवस्थाएं की हैं, लेकिन हमें भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। हमें दूसरों की परेशानी भी समझनी होगी।  लोगों से साफ-सफाई की अपील सीएम योगी ने कहा कि साफ सफाई को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी तो अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन हमें भी अपना दायित्व समझना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि चौराहों और उनके पास गंदगी ना फैलाएं। सीएम योगी ने शिव भक्तों से भी अपील की है कि वे स्वच्छता के कार्यक्रम से जुड़ें।

आत्मदाह की दर्दनाक घटना: मां और मासूम की अधजली लाश ने खड़ा किया कई सवाल

दुर्ग छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां घर में मां-बेटी की अधजली लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है. मां ने 8 साल की बेटी के साथ आत्मदाह किया है. यह घटना नंदनी थाना क्षेत्र के बीएसपी टाउनशिप क्षेत्र की है. घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची है. जानकारी के मुताबिक, मृतिका जागेश्वरी साहू टाउनशिप स्थित अपने बीएसपी रिटायर्ड पिता के घर में रहती थी. पति से उनका विवाद चल रहा था. धमतरी जिला न्यायालय में तलाक का मामला लंबित था. महिला ने घर में आग लगाकर अपनी मासूम बच्ची के साथ स्वयं को आग के हवाले कर दिया. इस घटना में जागेश्वरी साहू और बेटी दिव्यांशी साहू की मौत हो गई है. नंदनी थाना पुलिस मौके पर पहुंचकर घटना की जांच कर रही.

करोड़ों के शराब घोटाले में नया मोड़, EOW ने कसा शिकंजा, तीन गिरफ्तार

रायपुर शराब घोटाला मामले में EOW ने बड़ी कार्रवाई की है. EOW ने मनीष मिश्रा, संजय कुमार मिश्रा और अभिषेक सिंह को गिरफ्तार किया है. बताया जा रहा कि संजय और मनीष नेक्सजेन पॉवर कंपनी बनाकर FL 10 लाइसेंस लेकर प्रदेश में महंगी ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की सप्लाई करते थे. बता दें कि मनीष और संजय कुमार आपस में सगे भाई हैं. संजय कुमार पेशे से चार्टड अकाउंटेंट हैं. अभिषेक सिंह पूर्व में आबकारी घोटाले के आरोपी अरविंद सिंह का भतीजा है. तीनों आरोपियों को EOW की विशेष कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से तीनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा सकती है. बता दें कि हाल ही में ईडी ने शराब घोटाला मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था. उन्हें रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है. क्या है छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामला वर्ष 2019 से 2023 के बीच, राज्य के 15 बड़े जिलों में पदस्थ आबकारी अधिकारी और अन्य प्रशासनिक पदाधिकारियों द्वारा बिना ड्यूटी चुकाई गई देसी शराब (B-Part शराब) की शासकीय दुकानों में समानांतर अवैध बिक्री की गई. बस्तर और सरगुजा संभाग को छोड़कर चयनित जिलों में अधिक खपत वाली देसी शराब दुकानों को डिस्टलरी से सीधे अतिरिक्त अवैध शराब भेजी जाती थी, जिसे वैध शराब के साथ समानांतर बेचा जाता था. इस पूरे नेटवर्क में डिस्टलरी, ट्रांसपोर्टर, सेल्समैन, सुपरवाइजर, आबकारी विभाग के जिला प्रभारी अधिकारी, मंडल व वृत्त प्रभारी, और मैन पावर एजेंसी के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे. अवैध शराब को “बी-पार्ट शराब” कहा जाता था, और इससे अर्जित रकम सीधे सिंडीकेट के पास पहुंचाई जाती थी. 2174 से बढ़कर 3200 करोड़ का हुआ घोटाला EOW/ACB द्वारा अब तक की गई जांच और 200 से अधिक व्यक्तियों के बयान एवं डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अनुमान है कि लगभग 60,50,950 पेटी बी-पार्ट शराब की अवैध बिक्री हुई है, जिसकी अनुमानित कीमत 2174 करोड़ रुपये से अधिक है. पहले इस घोटाले का अनुमान 2174 करोड़ रुपये था, लेकिन नवीनतम आंकड़ों के अनुसार घोटाले की कुल राशि 3200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है. अब तक हुई प्रमुख गिरफ्तारियां इस प्रकरण में अब तक अनिल टुटेजा, अनवर ढेबर, अरुणपति त्रिपाठी, कवासी लखमा, विजय भाटिया सहित कुल 13 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. FIR के अनुसार 70 आरोपी नामजद हैं. चतुर्थ पूरक चालान की प्रस्तुति हेतु न्यायालय ने आरोपियों को नोटिस जारी किए थे, लेकिन वे न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए. EOW/ACB की जांच जारी EOW/ACB द्वारा अब भी इस मामले की गहन जांच जारी है, जिसमें विदेशी शराब में लिये गये सिंडीकेट कमीशन, धन शोधन के नेटवर्क और राज्य स्तरीय समन्वय तंत्र की परतें खोली जा रही हैं. पूर्व मंत्री को घोटाले में मिले 64 करोड़ रुपये शराब घोटाला मामले की जांच में अब तक यह सामने आया है कि पूर्व मंत्री कवासी लखमा के संरक्षण में विभागीय अधिकारियों, सहयोगियों और ठेकेदारों के माध्यम से यह सुनियोजित घोटाला किया गया. इस घोटाले से प्राप्त रकम को व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों में खर्च किया गया, जिससे उन्हें अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त हुआ. अब तक तीन पूरक अभियोग पत्रों सहित कुल चार अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं. इस मामले में अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. जांच जारी है.  शराब घोटाला मामले में 22 अफसर निलंबित बीती 11 जुलाई को छत्तीसगढ़ सरकार ने शराब घोटाला मामले में कुल 22 अधिकारियों को निलंबित किया था. यह कार्रवाई पूर्ववर्ती भूपेश सरकार के दौरान हुए 3200 करोड़ रुपये के शराब घोटाले की जांच के आधार पर की गई है. वर्ष 2019 से 2023 के बीच हुए इस घोटाले में आबकारी विभाग के इन अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई थी, जिन्होंने अवैध रूप से अर्जित धन से संपत्तियां बनाई थी.

प्रशासनिक फेरबदल की आहट: सीएम की वापसी के बाद तेज़ हुई बदलाव की चर्चा

भोपाल  स्पेन-दुबई की यात्रा से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को लौट आए। अब उनके विदेश के दौरे से लौटते ही प्रदेश में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं। मंत्रालय से लेकर फील्ड तक नॉन परफार्मर आईएएस और आईपीएस अधिकारियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। मुख्यमंत्री द्वारा मंत्रालय से लेकर जिलों तक प्रशासनिक सर्जरी की जाना है। इसमें कलेक्टर, एसपी, संभागायुक्त से लेकर मंत्रालय में सचिव और प्रमुख सचिव के नाम शामिल हो सकते हैं। मंत्रालय में कई अधिकारियों की जिम्मेदारी बदल जा सकती है। कुछ अधिकारियों के पास एक से अधिक विभागों के काम की जिम्मेदारी है। इसको कम किया जा सकता है। कई जिलों के कलेक्टर बदले जाएंगे प्रदेश के एक दर्जन जिलों के कलेक्टर बदले जा सकते हैं। इसमें अलीराजपुर, भिंड, धार, रतलाम, शिवपुरी, गुना, रीवा, जबलपुर के कलेक्टर को बदला जा सकता है। जबलपुर कलेक्टर दीपक सक्सेना को राज्य स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। इसी प्रकार कुछ जिलों के कलेक्टर को भी बदला जा सकता है। वहीं लगभग 100 डिप्टी कलेक्टरों, जॉइंट कलेक्टरों और एडिशनल कलेक्टरों को भी नई पोस्टिंग मिल सकती है। प्रत्येक जिले को मिलेंगे एडीएम और जॉइंट कलेक्टर राज्य प्रशासनिक सेवा के डिप्टी कलेक्टरों में से 30 से ज्यादा को जॉइंट या एडिशनल कलेक्टर पद पर प्रमोट किया जा चुका है। इन अधिकारियों को अब उन जिलों में पदस्थ किया जाएगा, जहां अपर कलेक्टर नहीं हैं। ऐसे करीब 8-9 जिले चिन्हित किए गए हैं। जॉइंट कलेक्टरों की खाली जगहों को भी भरा जाएगा। प्रशासन ने इस बार यह भी ध्यान में रखा है कि पति-पत्नी दोनों यदि अधिकारी हैं तो उन्हें एक ही जिले में पोस्टिंग न दी जाए। मुख्यमंत्री मंत्रालय और जिलों में प्रशासनिक सर्जरी कर सकते हैं। इसमें कलेक्टर, एसपी, से लेकर सचिव जैसे बड़े अधिकारी शामिल हो सकते हैं। कई अधिकारियों के विभागों में बदलाव हो सकता है। कुछ अधिकारियों के पास ज्यादा विभागों की जिम्मेदारी है, जिसे कम किया जा सकता है। सीएम मोहन यादव विदेश यात्रा से रविवार को वापस आ गए हैं। उनके लौटते ही प्रदेश में बड़े प्रशासनिक फेरबदल की चर्चा तेज हो गई है। जो आईएएस और आईपीएस अधिकारी ठीक से काम नहीं कर रहे हैं, उनकी धड़कनें बढ़ गई हैं। मुख्यमंत्री मंत्रालय से लेकर जिलों तक अधिकारियों में बदलाव कर सकते हैं। कई स्तर पर हो सकते हैं तबादले सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के लगभग एक दर्जन जिलों के कलेक्टर बदले जा सकते हैं। अलीराजपुर, भिंड, धार, रतलाम, शिवपुरी, गुना, रीवा और जबलपुर जैसे जिलों के कलेक्टर बदले जा सकते हैं। जबलपुर के कलेक्टर दीपक सक्सेना को राज्य स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। कुछ और जिलों के कलेक्टर भी बदले जा सकते हैं। लगभग 8-9 जिले ऐसे हैं जहां अपर कलेक्टर की पोस्ट खाली है। जॉइंट कलेक्टरों की खाली जगहों को भी भरा जा सकता है। प्रशासन इस बार इस बात का भी ध्यान रख रहा है कि अगर पति-पत्नी दोनों अधिकारी हैं तो उन्हें एक ही जिले में पोस्टिंग न दी जाए। इससे पहले कई बार ऐसा देखा गया है कि पति-पत्नी दोनों एक ही जिले में पदस्थ होते थे। रीवा पहुंचे सीएम मोहन यादव, दिवंगत ससुर को दी श्रद्धांजलि  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार को अपने एक दिवसीय दौरे पर रीवा पहुंचे, जहां उन्होंने अपने दिवंगत ससुर ब्रह्मानंद यादव को श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री विदेश दौरे पर थे और इसी कारण 16 जुलाई को हुए अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सके थे। दिल्ली एयरपोर्ट से सीधे विशेष विमान के जरिए रीवा पहुंचे मुख्यमंत्री यादव ने पत्नी डॉ. सीमा यादव के साथ ससुराल पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। इस दौरान वे लगभग 45 मिनट तक परिवार के साथ रहे और परिजनों को ढांढस बंधाया। मुख्यमंत्री ने रामानंद यादव और सदानंद यादव से मुलाकात कर दुख की इस घड़ी में साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। भावुक माहौल के बीच मुख्यमंत्री ने ब्रह्मानंद यादव के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उनके चेहरे पर गहन सम्मान और भावुकता साफ झलक रही थी। स्वर्गीय ब्रह्मानंद यादव एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् थे, जिन्होंने जीवन के लगभग 50 वर्ष रीवा में व्यतीत किए। मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले के निवासी होने के बावजूद उन्होंने रीवा को अपनी कर्मभूमि और अंतिम विश्रामस्थली के रूप में स्वीकार किया। उनकी अंतिम इच्छा के अनुरूप उनका अंतिम संस्कार भी रीवा में ही किया गया। इससे पहले रविवार सुबह रीवा जिले के प्रभारी मंत्री प्रह्लाद पटेल भी ब्रह्मानंद यादव के निवास पर पहुंचे और श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की।