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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से किया संवाद, युवा उद्योगपतियों को वितरित किए भूमि आवंटन आशय-पत्र

मध्यप्रदेश को औद्योगिक और रोजगार संपन्न राज्य बनाएंगे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने किया 6 औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में शीघ्र प्रारंभ होगी पुलिस चौकी, महिला अधिकारी भी होंगी पदस्थ 15 करोड़ 61 लाख लागत के विस्तारित अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र का हुआ भूमि-पूजन युवा उद्योगपतियों को वितरित किए भूमि आवंटन आशय-पत्र मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योगपतियों से किया संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमारे उद्योग और कारखाने मंदिरों की तरह हैं, जो लोगों के कष्ट मिटाते हैं। मध्यप्रदेश में उद्योगों का निरंतर जाल फैलाया जा रहा है। प्रदेश के युवाओं को पलायन की आवश्यकता नहीं है, नए उद्योग शुरू होने से प्रदश में तेजी से समृद्धि आएगी। युवाओं को रोजगारपरक उद्योगों में प्रोत्साहन देते हुए 5 हजार रूपए की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। मध्यप्रदेश को औद्योगिक और रोजगार संपन्न राज्य बनाएंगे और मध्यप्रदेश देश का नंबर एक राज्य होगा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरूवार को भोपाल के निकट अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में 416 करोड़ रूपये निवेश वाली 6 नवीन औद्योगिक इकाईयों के भूमि-पूजन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अचारपुरा विशेष औद्योगिक केन्द्र के रूप में उभरेगा। उन्होंने अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र एक्सटेंशन फेज-3 (ग्राम हज्जामपुर) का शिलान्यास भी किया, जो 31.21 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में दुनिया के बड़े-बड़े उद्योगपति उद्योग लगाने के लिए आ रहे हैं। अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र में आज हर पीढ़ी के उद्यमी हैं। जहां गोकलदास एक्सपोर्टस प्रा.लि. के प्रभात सिंह उपस्थित हैं वहीं सिनाई हेल्थकेयर के युवा आदित्य शर्मा और एसेड्स प्राइवेट लिमिडेट के रौनक चौधरी की उपस्थिति प्रसन्नता प्रदान कर रही है। अचारपुरा की तस्वीर बदल गई है। सावन का समय है और यहां उद्योगों की वर्षा हो रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश सहित देशभर में उद्योग-व्यापार का वातावरण बना है। मध्यप्रदेश में उद्योग प्रारंभ करने के लिए छोटे-बड़े उम्र की कोई सीमा नहीं है और सरकार के द्वार सभी के लिए खुले हैं। उन्होंने कहा कि खुशी का विषय है कि अचारपुरा की फैक्ट्रियों में ऐसी जैकेट बनाई जा रही हैं जो अमेरिका और अन्य देशों में निर्यात होती हैं। मध्यप्रदेश की प्रतिभाएं इन उत्पादों को तैयार कर विश्व में पहुंचा रही हैं। चीन जैसा देश हमारे कॉटन को बेच रहा है। मध्यप्रदेश की कपास की गुणवत्ता विश्व विख्यात है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मेहनत के मंदिर हमारे कारखाने इस बात के प्रतीक हैं कि वे सभी की तकलीफें दूर करते हैं। उद्योगपतियों की पूंजी और युवाओं का परिश्रम मिलकर अच्छा परिणाम देता है। राज्य सरकार ने देश के अलग-अलग शहरों में उद्योगों की स्थापना के लिए रोड शो आयोजित कर निवेशकों को आकर्षित किया है। राज्य सरकार भारत ही नहीं यूके, दुबई, स्पेन, जर्मनी, जापान सहित अनेक देशों से निवेश लेकर आई हैं।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अर्थव्यवस्था के मामले में भारत का नंबर दुनिया में वर्ष 2014 में 15वें स्थान पर था, अब भारत तीसरे स्थान की ओर बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्र में संपन्नता लाने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश में 20 वर्ष पूर्व प्रति व्यक्ति आय 11 हजार रुपए थी, जो अब 1 लाख 52 हजार रुपए हो गई है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाकर 55 लाख हेक्टेयर है जिसे बढ़ाकर 100 लाख हेक्टेयर करेंगे। प्रदेश की सभी पात्र लाड़ली बहनों को दीपावली के बाद 1500 रुपए की राशि हर माह दी जाएगी। सावन का महीना है, बहनों को शगुन की राशि भी देंगे। लाड़ली बहनों की राशि साल दर साल बढ़ाएंगे और इसे वर्ष 2028 तक बढ़ाकर 3000 रुपए तक ले जाएंगे। 6 नई औद्योगिक इकाईयों का किया भूमि-पूजन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा नए उद्योगों के भूमि-पूजन के साथ-साथ युवा उद्यमियों को भूमि-आवंटन के आशय पत्र भी बांटे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां 6 नई औद्योगिक इकाईयों ऐसेड्स प्राइवेट लिमिटेड, सिनाई हेल्थ केयर, गोकुलदास एक्सपोर्ट, इंडो एकॉर्ड अपरल्स, थिंक गैस एवं समर्थ अग्रीटेक का रिमोट दबाकर भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एक सप्ताह के अंदर अचारपुरा में पुलिस चौकी काम करना शुरू कर देगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उपस्थित आईजी (पुलिस) को इस चौकी पर महिला पुलिसकर्मियों को तैनात करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अचारपुरा में गोकलदास गारमेंट इकाई का भ्रमण किया। उन्होंने यहां कार्य करने वाली बहनों से बातचीत की और उनका उत्साहवर्धन किया। एमएसएमई और भोपाल जिले के प्रभारी मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप ने कहा है मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कुशल नेतृत्व में यह परिवर्तन हुआ है।रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहा है। गोकलदास एक्सपोर्टस प्रा.लि. में क्षेत्र की लगभग 2500 महिलाएँ दक्षता से कार्य कर रही हैं।मध्यप्रदेश के युवा उद्योगपति बनकर यहीं उद्योग स्थापित कर रहे हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव हाल ही दुबई एवं स्पेन की यात्रा से आए हैं।वे निरंतर उद्योगपतियों से संवाद कर रहे हैं जिससे औद्योगिक परिदृश्य बदला है एवं मध्यप्रदेश का स्थान विश्व में ऊँचा उठ रहा है।प्रदेश में सम्पूर्ण विकास की अवधारणा बनी है। कृषि एवं औद्योगिक विकास के साथ रोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।प्रदेश में उद्योगपतियों की आवश्यकताओं के आधार पर औद्योगिक नीतियां बनाई गई हैं एवं निरंतर उद्योगपतियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। यही कारण है कि आज नवीन औद्योगिक इकाइयों का भूमिपूजन हो रहा है और अनेक निवेशकों को उद्योग के लिए भूमि आवंटन के आशय-पत्र दिए गए हैं। बैरसिया विधायक विष्णु खत्री ने कहा कि अचारपुरा और आसपास का क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों का सक्रिय केंद्र बनना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सतत प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने बताया कि MSME क्षेत्र के अंतर्गत 280 हेक्टेयर में औद्योगिक विकास की योजना से बैरसिया का हर घर किसी न किसी रूप में औद्योगिक विकास से जुड़ेगा। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम प्रमुख सचिव राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि अचारपुरा औद्योगिक क्षेत्र अब राज्य का एक सक्रिय और आदर्श औद्योगिक केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि 100 से अधिक औद्योगिक इकाइयों की … Read more

7 अभियंता दलों ने 35 निर्माण कार्यों का किया अचानक निरीक्षण,35 साइटों पर की जांच

भोपाल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह के निर्देश पर प्रदेश में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधार के लिये लोक निर्माण विभाग ने माह दो बार विभाग के निर्माण कार्यों का औचक निरीक्षण किया जाता है। इसी क्रम में 23 जुलाई को नर्मदापुरम, सिवनी, ग्वालियर, खरगोन, सीधी, उज्जैन और सागर जिलों में मुख्य अभियंताओं के सात दलों द्वारा औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान कुल 35 कार्यों को रैंडम आधार पर चयनित कर निरीक्षण किया गया। इनमें 21 कार्य लोक निर्माण विभाग (सड़क/पुल), 6 कार्य प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (भवन), 7 कार्य मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम और 1 कार्य मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के सम्मिलित थे। निरीक्षण दलों से प्राप्त प्रतिवेदनों की समीक्षा प्रबंध संचालक म.प्र. सड़क विकास निगम भरत यादव की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की गई। इस बैठक में तकनीकी सलाहकार आर.के. मेहरा, प्रमुख अभियंता केपीएस राणा, पी.सी. वर्मा, आनंद प्रकाश राणे, बीपी बौरासी सहित समस्त संबंधित अधिकारी एवं निरीक्षणकर्ता उपस्थित रहे। समीक्षा के दौरान प्राप्त प्रतिवेदन में कई कार्यों में गंभीर अनियमितताएँ सामने आईं। सिवनी जिले में चिरचिरा से कोठीघाट तक 6.28 कि.मी. मार्ग निर्माण कार्य मापदण्डानुसार नहीं पाया गया, जिस पर ठेकेदार मेसर्स जैन इन्फ्रास्ट्रक्चर को ब्‍लेक ‍लिस्‍ट करने और उपयंत्री गौरव डेहरिया के विरुद्ध कार्रवाई की अनुशंसा की गई। सीधी जिले में थोंगा-मैट टोला से जमुआ मार्ग निर्माण कार्य में भी गुणवत्ता दोष पाए गए, जिसके चलते ठेकेदार मेसर्स ओराट्रिक्स इंजीनियरिंग सॉल्यूशन प्रा.लि. को ब्‍लेक ‍लिस्‍ट करने एवं अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती स्तुति गौतम, उपयंत्री प्रभात श्रीवास्तव तथा कंसल्टेंट के विरुद्ध कार्यवाही के निर्देश दिये गये। ग्वालियर जिले में मसूदपुर से एटमा वाया दौलतपुर मार्ग का निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर ठेकेदार मेसर्स पीताम्बरा आईडियल कंस्ट्रक्शन को ब्‍लेक ‍लिस्‍ट करने के निर्देश दिये गये। सीधी जिले में मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम का बेहरी से हनुमना मार्ग असंतोषजनक स्थिति में पाया गया, जिस पर ठेकेदार मेसर्स जी.व्ही.आर. टोलवेज़ प्रा.लि. के विरुद्ध कार्यवाही करने और सुधार कार्य ठेकेदार की रिस्क एंड कॉस्ट पर कराने के निर्देश दिये गये। सागर जिले में पाली-पीरघाट-खिमलासा-कंजिया मार्ग की गुणवत्ता में भी कमी पाई गई, जिस पर ठेकेदार केसीसी बिल्डकोन प्रा.लि. को ब्‍लेक ‍लिस्‍ट करने तथा कंसल्टेंट के विरुद्ध कार्यवाही करते हुए सुधार कार्य ठेकेदार की रिस्क एंड कॉस्ट पर कराने के निर्देश दिये गये। खरगोन जिले में एमएस बोरवाल नवीन हाईस्कूल शाला भवन के निर्माण कार्य की गुणवत्ता में दोष पाए जाने पर ठेकेदार मेसर्स स्नेहा कंस्ट्रक्शन को ब्‍लेक ‍लिस्‍ट करने एवं उपयंत्री विजेन्द्र भंवर और अनुविभागीय अधिकारी पवन डाबर को कारण बताओ नोटिस जारी करने की अनुशंसा की गई। इसके अलावा अन्य 20 कार्यों में आंशिक सुधार के निर्देश दिए गए। खरगोन जिले में लिक्खी-देहारी मार्ग का कार्य अच्छा पाए जाने पर कार्यपालन यंत्री विजय पवार, अनुविभागीय अधिकारी अभिषेक जमरा, उपयंत्री जितेन्द्र अरसे और ठेकेदार मेसर्स रामनारायण चौधरी की प्रशंसा की गई। बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुसार सभी अभियंताओं को वर्षा ऋतु में मार्गों पर जलभराव रोकने के लिये स्थानीय प्रशासन से समन्वय कर कार्रवाई सुनिश्चित करने एवं आवश्यकता पड़ने पर यातायात रोकने जैसे आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए गए।  

निगम ने जंगल के साथ लोगों की जिन्दगी भी संवारी, प्रदेश में ईको टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा-CM

वन विकास निगम ने वन सम्पदा को पुनर्स्थापित किया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 लाख 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में वनों का पुर्नवास बड़ी उपलब्धि निगम ने जंगल के साथ लोगों की जिन्दगी भी संवारी प्रदेश में ईको टूरिज्म गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट कार्य के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों को किया सम्मानित वन‍विकास निगम के विजन डाक्यूमेंट-2047 का किया अनावरण जू (चिड़ियाघर) तथा वन्य जीवों के रेस्क्यू सेंटर स्थापित होंगे वन क्षेत्र की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए वन सेवा के अधिकारी-कर्मचारियों का योगदान सराहनीय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य वन विकास निगम की स्थापना के 50वें वर्ष के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय कार्यशाला का किया शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में खनन गतिविधियों और बिजली उत्पादन की प्रक्रिया में बने राख के पहाड़ों पर वनों को विकसित करने की चुनौती स्वीकार कर मध्यप्रदेश राज्य वन विकास निगम ने वन सम्पदा को पुनर्स्थापित किया है। प्रदेश के तीन लाख 15 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में वनों का पुनर्वास करना बड़ी उपलब्धि है। वन विकास निगम इस उपलब्धि के लिए बधाई का पात्र है। यह गर्व का विषय है कि अन्य राज्य भी निगम की इस विशेषज्ञता का लाभ उठाने के लिए उत्सुक हैं। प्रदेश में अद्यतन तकनीक के माध्यम से वनों का उचित प्रबंधन किया जा रहा है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश वन सम्पदा में देश में सर्वश्रेष्ठ है। राज्य सरकार वनों और वन उपज के साथ वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में भी हरसंभव प्रयास कर रही है। प्रदेश के सघन वन क्षेत्र की सुरक्षा और बेहतर प्रबंधन के लिए वन सेवा के अधिकारी-कर्मचारी प्रशंसा के पात्र हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को राज्य वन विकास निगम की स्थापना के 50वें वर्ष के उपलक्ष्य में भारतीय वन प्रबंधन संस्थान में आयोजित राष्ट्रीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में सभी दिशाओं में क्षमता विकास और प्रगति के अवसर उपलब्ध हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में विशेष पहल की जा रही है। राज्य सरकार जू (चिड़ियाघर) तथा वन्य जीवों का रेस्क्यू सेंटर स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य वन विकास निगम द्वारा विकसित वनों के प्रबंधन और आगामी कार्ययोजना के बारे में विचार मंथन की आवश्यकता है। अब तक किए गए कार्यों का सिंहावलोकन करते हुए राज्य सरकार वन विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विशेष नवाचार और पहल करने के लिए तत्पर है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन विकास निगम के केन्द्रों में ईको टूरिज्म की गतिविधियां संचालित करने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि राजस्थान का जोधपुर आम और बबूल की लकड़ी के आधार पर फर्नीचर के बड़े केन्द्र के रूप में स्थापित हुआ है। प्रदेश में उपलब्ध सागौन और अन्य श्रेष्ठ काष्ठ के उपयोग से मध्यप्रदेश भी इस प्रकार की पहल कर सकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह गर्व का विषय है कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। प्रदेश के वन, देश की कई प्रमुख नदियों को जलराशि से समृद्ध बनाते हैं। प्रदेश के विशाल भू-क्षेत्र में फैली वन आधारित जीवनशैली हमें प्रकृति के साथ जीवन जीने का अवसर प्रदान करती है। देश में सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में हैं। चंबल क्षेत्र में घड़ियाल भी वन्यजीव पर्यटन की शोभा बढ़ा रहे हैं। वन विभाग ने विलुप्तप्राय गिद्धों का संरक्षण करते हुए प्रदेश में गिद्धों को नया जीवन प्रदान किया है। सर्पदंश से होने वाली मौतों को कम करने के लिए राज्य सरकार योजनाओं पर कार्य कर रही है। प्रदेश में सर्प गणना की तैयारी हो रही है। मध्यप्रदेश ऐसा क्षेत्र हैं, जहां टाइगर और मनुष्य सहचर्य की भावना से साथ-साथ रहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने वन विकास निगम के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों का सम्मान किया। इनमें सर्वआर.के. नामदेव, आर.एस. नेगी, रतन पुरवार, पी.सी. ताम्रकार तथा भगवंतराव बोहरपी को सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निगम के स्वर्ण जयंती वर्ष पर वन विकास की आगामी कार्ययोजना पर केन्द्रित विजन-2047 का अनावरण किया। इस अवसर पर वन विकास निगम द्वारा संचालित गतिविधियों और उसकी विकास यात्रा पर केन्द्रित लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के संचालक के.रविचंद्रन ने अंगवस्त्रम और भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा भेंटकर अभिवादन किया। वन राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा कि वन विकास निगम, स्थानीय लोगों को जोड़ते हुए वन संरक्षण की गतिविधियां संचालित कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में अनेक नवाचार क्रियान्वित हो रहे हैं। इसके अंतर्गत प्रदेश को वन संपदा से समृद्ध करने के लिए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान शुरू किया गया। प्रदेश में जल संरक्षण के लिए जल-गंगा संवर्धन अभियान चलाया गया। इसके अंतर्गत प्रदेश में अनेकों कुए, बावड़ी, तालाब और जलस्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया गया। जल-गंगा संवर्धन अभियान भूजल स्तर सुधार के क्षेत्र में एक बड़ी पहल है। राज्य वन विकास निगम की भूमिका सभी क्षेत्रों में महत्वपूर्ण है। अपर मुख्य सचिव वन अशोक वर्णबाल ने कहा कि राष्ट्रीय कृषि आयोग की अनुशंसा पर 1975 में स्थापित राज्य वन विकास निगम अपनी स्थापना से लेकर अब तक निरंतर लाभ में ही रहा है। पर्यावरणीय आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध निगम की गतिविधियों से जंगल के साथ-साथ लोगों की जिन्दगी भी संवर रही है। निगम का 50वां स्थापना दिवस मनाना हम सभी के लिए गौरव का क्षण है। वन विकास निगम के सहयोग से 3 लाख 90 हजार हेक्टेयर जंगलों का विकास और ट्रीटमेंट किया गया। इस उपलब्धि में निगम के अधिकारी और कर्मचारियों का योगदान महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम में वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, वन तथा वानिकी के क्षेत्र में कार्यरत संस्थाओं के प्रतिनिधि और भारतीय वन प्रबंधन संस्थान के विद्यार्थी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

मानिकपुरी पनिका समाज द्वारा बी डी महंत की स्मृति में समारोह

बिलासपुर  मानिकपुरी पनिका समाज द्वारा  हरेली के अवसर पर चैतुरगढ़ के महिषासुरमर्दिनी माता के परिसर में मध्य प्रदेश और भारत सरकार  की राजनीति में दखल देने वाले पनिका समाज के प्रेरणास्रोत बाबू बिसाहू दास महंत को उनकी 47वीं पुण्य तिथि पर श्रद्धांजलि दी।साथ ही उनकी स्मृति में बेल,नीम,बड़गद,पीपल के पौधे लगाकर   समाज हित में उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ने का संकल्प लिया।बहुप्रतीक्षित अनुसूचित जनजाति की मांग को   कोरबा जिला के पनिका समाज ने उठाते हुए  पुनः नया संगठन की अगुवानी में आगे बढ़ने का संकल्प लिया।  भरतदास मानिकपुरी अध्यक्ष, नन्हीदास महंत  महासचिव, गोपालदास   पड़वार,कोषाध्यक्ष, गोरे   महंत सचिव, मनोज  मानिकपुरी,प्रदेश प्रवक्ता, निर्वाचन अधिकारी घनश्याम दास, पाली ब्लॉक के समाज अध्यक्ष कंवल दास रंगोले, लाफा सोसाइटी समाज प्रमुख  पीला दास महंत,बगदरा निवासी संतोष दास महंत, मानिकदास,सहित  भारतीय मानिकपुरी पनिका समाज के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष,डॉक्टर देवधर महंत,साहित्यकार एवं अधिवक्ता उच्च न्यायालय बिलासपुर,डॉक्टर फूल दास महंत पनिका समाज महासमिति राष्ट्रीय संगठन नई दिल्ली अर्जुनदास , हरिहर दास, कोटा से भरतदास, शम्भुदास , पुरुषोत्तम दास, मयादास, मोहर दास ,  एवं महिला आमीन माता समिति, नवयुवकप्रदेश अध्यक्ष भावी रवि के साथ सैकड़ों लोग इस कार्यक्रम में स्वप्रेरित उपस्थित हुए।

रायसेन में रेल कोच निर्माण की नींव रखेंगे राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री से बीईएमएल के अधिकारियों ने की भेंट

रक्षा मंत्री सिंह रायसेन में करेंगे रेल कोच निर्माण इकाई का भूमिपूजन रायसेन को मिलेगी बड़ी सौगात: रक्षा मंत्री करेंगे रेल कोच फैक्ट्री का भूमिपूजन रायसेन में रेल कोच निर्माण की नींव रखेंगे राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री से बीईएमएल के अधिकारियों ने की भेंट भोपाल केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह आगामी 10 अगस्त को रायसेन में 1800 करोड़ रूपए के निवेश से प्रारंभ होने वाली रेल कोच निर्माण इकाई का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में मेसर्स बीईएमएल लिमिटेड बैंगलुरु के चेयरमेन, मैनेजिंग डायरेक्टर शांतनु रॉय, निदेशक रेल एवं मेट्रो राजीव गुप्ता, महाप्रबंधक बीईएमएल चंद्रशेखर और ईडी ओ.पी. सिंह ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को जानकारी दी गई कि बीईएमएल द्वारा औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, रायसेन जिला प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ सम्पर्क कर रायसेन जिले की गौहरगंज तहसील के ग्राम उमरिया में अत्याधुनिक रेल कोच फैक्ट्री के शिलान्यास की आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। इस इकाई के फलस्वरूप 1575 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्राप्त होगा। इकाई को आवंटित शासकीय भूमि को रेल लाइन से जोड़ने के लिए अधिग्रहण की कार्यवाही की जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बीईएमएल के पदाधिकारियों को मध्यप्रदेश में विभिन्न सेक्टर्स में आ रहे निवेश की जानकारी दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रायसेनजिले में रेल कोच निर्माण इकाई प्रारंभ होने से स्थानीय युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार मिलेगा और क्षेत्र की अर्थव्यवस्था में सकारात्मक परिवर्तन आयेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से भेंट के दौरान प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेन्द्र कुमार सिंह भी उपस्थित थे।  

हरियाली महोत्सव में एक पेड़ माँ के नाम अभियान में एमसीयू रीवा परिसर में किया पौधारोपण

वृक्षारोपण महाअभियान में सभी सहभागिता करें : उप मुख्यमंत्री  शुक्ल हर हाथ लगाए एक पौधा: उप मुख्यमंत्री शुक्ल की जनभागीदारी की अपील हरियाली महोत्सव में एक पेड़ माँ के नाम अभियान में एमसीयू रीवा परिसर में किया पौधारोपण रीवा  उप मुख्यमंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा है कि धरती का श्रृंगार वृक्ष हैं। वृक्षारोपण के महाअभियान में सभी अपनी सहभागिता निभायें तथा रीवा को हराभरा और सुंदर बनाने में योगदान दें। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने हरियाली महोत्सव में एक पेड़ माँ के नाम अभियान में माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के रीवा परिसर में दुर्लभ तमाल का पौधा रोपा। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती नीता कोल, अध्यक्ष नगर निगम श्री व्यंकटेश पाण्डेय, कमिश्नर रीवा संभाग श्री बीएस जामोद, संस्कृति कर्मी, साहित्यकार, पत्रकार, विद्वतजन एवं छात्र-छात्राओं सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों व प्रबुद्धजनों ने वृक्षारोपण किया। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि वृक्षारोपण महाअभियान में रीवा शहर के चयनित स्थलों व सड़क के किनारे डेढ़ लाख पौधे लगाये जायेंगे। पीटीएस, वेटनरी कालेज तथा इंजीनियरिंग कालेज की भूमि में वृहद वृक्षारोपण होगा। उन्होंने कहा कि सघन वृक्षारोपण से रीवा वृक्षों से अच्छादित हरीतिमा युक्त शहर होगा। उन्होंने वर्तमान पीढ़ी का आहवान किया कि वृक्षारोपण में सहयोगी बनें। उप मुख्यमंत्री ने वृक्षारोपण कार्यक्रम के लिये आयोजक श्री जयराम शुक्ल को साधुवाद दिया। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने कहा कि 15 सितम्बर तक रीवा शहर में डेढ़ लाख पौधे लगाये जायेंगे। शहरी क्षेत्र में विभिन्न संगठनों व आमजनों ने पेड़ दान किये हैं जिन्हें चिन्हित स्थलों में रोपा जा रहा है। मुनगा के एक लाख पौधे लगाये जा रहे हैं। वन विभाग भी 3 लाख 50 हजार पौधे लगा रहा है।

सरकारी स्कूल में बड़ा हादसा: छत गिरने से 4 बच्चों की मौत, प्रशासन पर सवाल

 झालावाड़  राजस्थान के झालावाड़ में स्कूली बच्चों के साथ बड़ा हादसा हुआ है. इलाके में एक स्कूल की छत गिरने की खबर हैं, जिसमें 4 छात्रों की मौत हो गई और कई बच्चों के दबे होने की आशंका है. हादसे के बाद 17 बच्चों के घायल होने की जानकारी सामने आई है. कई बच्चे गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं. झालावाड़ जिले के मनोहर थाना क्षेत्र के पीपलोदी में राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की छत अचानक गिर गई. क्लास में मौजूद छात्र इसके नीचे दब गए. जानकारी के मुताबिक, क्लास के अंदर करीब 60 बच्चे मौजूद थे, जिसमें से पच्चीस के दबे होने की आशंका है. स्कूल की छत गिरने से हुए हादसे के बाद इलाके के लोग मदद के लिए पहुंचे. मौके पर लोगों का मजमा इकट्ठा हो गया. मलबे में दबे बच्चों को लोग निकालने की कोशिश करने लगे. छत गिरने के बाद मलबे को देखकर ऐसा लग रहा है, जैसे स्कूल खंडहर में तब्दील हो गया हो. एजेंसी के मुताबिक, झालावाड़ के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि चार बच्चों की मौत हो गई और 17 अन्य घायल हो गए. दस बच्चों को झालावाड़ रेफर किया गया है, जिनमें से तीन से चार की हालत गंभीर है. पुलिस ने बताया कि शिक्षकों और ग्रामीणों की मदद से बच्चों को मलबे से बाहर निकाला गया. राजस्थान सरकार में शिक्षा मंत्री मदन दिवालर ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "झालावाड़ में स्कूल में दुखद घटना की सूचना मिली है. दुख है, बच्चों का अस्पताल में इलाज चल रहा है. बच्चों का इलाज सरकारी खर्चे पर होगा. उच्च स्तरीय जांच होगी कि आखिर कैसे छत गिरी. शिक्षा मंत्री ने कहा, "कांग्रेस सरकार का किया हुआ पाप है. पिछले 5 सालों में कांग्रेस सरकार ने स्कूलों की देख-भाल नहीं की. कांग्रेस सरकार के दौरान स्कूल जर्जर हो गए थे, इनकी मरम्मत नहीं की. हम स्कूलों की चरणबद्ध तरीके से मरम्मत करवा रहे हैं और स्कूलों को पूरी तरह ठीक करेंगे." उन्होंने आगे कहा कि कोटा में भी कई स्कूल ऐसे हैं, जिनकी हालत पूरी तरह जर्जर है. हालत इतनी बुरी है कि छत का प्लास्टर टूट-टूट कर गिर रहा है और नीचे बच्चे पढ़ रहे हैं.  शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अब अस्वस्थ किया है कि राजस्थान के सभी स्कूलों का निर्माण करवाया जाएगा और पूरी तरह से ठीक करवाए जाएंगे. सीएम ने जताया दुख… राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "झालावाड़ के पीपलोदी में विद्यालय की छत गिरने से हुआ दर्दनाक हादसा अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है. घायल बच्चों के समुचित उपचार सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है. ईश्वर दिवंगत दिव्य आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुःख सहन करने की शक्ति दें."

श्रीमती मौसम बिसेन सदस्य नियुक्त, आयोग में पहले से कार्यरत हैं दो सदस्य

भोपाल मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने श्यामला हिल्स स्थित आयोग कार्यालय में औपचारिक रूप से कार्य भार ग्रहण किया। डॉ. कुसमरिया ने कहा कि आयोग प्रदेश में भ्रमण कर पिछड़े वर्ग की सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक स्थिति तथा समस्याओं का अध्ययन करेगा और उनके समाधान के लिये सुझाव प्रस्तुत करेगा। साथ ही पिछड़े वर्ग को उनके आरक्षण संबंधी अधिकार दिलाने के लिये भी कार्य किया जाएगा। डॉ. कुसमरिया ने जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर से कृषि में एम.एससी. एवं कृषि अर्थशास्त्र में पीएच.डी. की उपाधि प्राप्त की है। वे पूर्व में दमोह एवं खजुराहो संसदीय क्षेत्रों से सांसद और विधायक रह चुके हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश शासन में कृषि मंत्री के रूप में भी कार्य किया है। वर्तमान में वे मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष भी हैं। पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग का अध्यक्ष पद संभालने के उपरांत दोनों आयोगों के मध्य बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया जा सकेगा। आयोग में श्रीमती मौसम बिसेन को सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। आयोग में पूर्व से दो सदस्य कार्यरत हैं। इस अवसर पर पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन, पूर्व विधायक रमेश भटेरे, नगर पालिका अध्यक्ष बालाघाट श्रीमती भारती ठाकुर, सत्यनारायण अग्रवाल, कन्हैया चौहान, संजय मिश्रा, गोलू ठाकुर, सागर बिसेन सहित प्रदेश भर के कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।  

जितेन्द्र चौरसिया : राजधानी भोपाल का ऐसा पत्रकार जिसकी मुहिम ने सरकारी बसें शुरू कराने कराया निर्णय, तो बंद कराया खनन माफिया का खेल

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के वरिष्ठ पत्रकार जितेंद्र चौरसिया हैं। जितेंद्र चौरसिया ने इंदौर से भोपाल आकर पत्रकारिता में पहचान बनाई है। जितेंद्र चौरसिया ने इंदौर, भोपाल और दिल्ली में पत्रकारिता की है। इन्होंने मुख्य रूप से दैनिक भास्कर और पत्रिका सहित कई बड़े अखबारों में काम किया। जितेंद्र चौरसिया करीब 23 साल से पत्रकारिता में कार्यरत हैं। इंदौर से पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद इन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में काम शुरू किया। फिर नवभारत, राज एक्सप्रेस, नवदुनिया, दैनिक भास्कर और पत्रिका (राजस्थान पत्रिका ग्रुप) में विभिन्न पदों पर काम किया। वर्तमान में पत्रिका भोपाल में कार्यरत हैं। इंदौर और भोपाल में कार्य के दौरान कई पुरस्कार प्राप्त किये। साथ ही मध्य प्रदेश के 2008,  2013, 2018 और 2023 के विधानसभा और 2009, 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव का राज्य स्तरीय कवरेज किया है। मुख्य रूप से जितेंद्र चौरसिया राजनीति और प्रशासन के क्षेत्र में गहरी पकड़ रखते हैं। उनकी अनेक खबरों पर सरकार को तुरंत एक्शन लेना पड़ा है, जिसके चलते ये धारदार पत्रकारिता में पहचान रखने वाले पत्रकार हैं। प्रमुख उपलब्धि :   जितेंद्र चौरसिया को पत्रकारिता के करियर में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां मिली। इसमें विश्वविद्यालय के कुलपतियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरणों के खुलासे से लेकर रेत माफिया, शराब माफिया और जमीन का दर्द मुहिम में भू-माफिया के खिलाफ अनेक खबरें की गई।  – मप्र में खनन माफिया के खिलाफ महिम चलाना विशेष उल्लेखनीय है। पत्रिका में 2013 से 2016 के बीच खनन माफिया पर कई बड़ी खबरें सिलसिलेवार की, जिसके बाद कई खदानों पर जांच बैठी। इसमें प्रदेश के नेताओं और उनके रिश्तेदारों की खदानों पर सिलसिलेवार स्टोरी की गई। इसमें बाद में राज्य सरकार को नियम बदलना पड़ा। इसीलिये अब डायरेक्ट नेता अपने नाम खदान नहीं रखते।  – हाल ही 2024 और 2025 में मध्य प्रदेश में राज्य सड़क परिवहन निगम (सपनि) की बसों को वापस शुरू करने के लिए जितेन्द्र चौरसिया ने अभियान चलाया, जिसे सफलता मिली। सपनि की मुहिम में राज्य सरकार को सड़क परिवहन निगम फिर शुरू करने का ऐलान करना पड़ा। अब सड़क परिवहन निगम शुरू करने की प्रक्रिया चल रही है। इस पर पत्रिका संस्थान ने भी वेतनवृद्धि और पुरस्कार दिया। मध्य प्रदेश राज्य में सड़क परिवहन निगम को वापस शुरू करने में जितेंद्र चौरसिया की खबरों की अहम भूमिका रही है। जितेन्द्र चौरसिया के सोशल मीडिया अकाउंट लिंक्स- ट्विटर – https://x.com/Jitendra27ji?t=R4fxsyZSPRQgLuLjOjSSvA&s=35 इंस्टाग्राम- https://www.instagram.com/jitendra27ji?igsh=YWFiczF1cXB3YTNj फेसबुक- https://www.facebook.com/jitendra.chourasiya.007

गौरवशाली भारतीय नायकों की गाथा नाटक से पहुंचेगी नई पीढ़ी तक : मुख्यमंत्री

भारतीय नायकों के गौरवशाली इतिहास से युवाओं को परिचित कराने का नाटक सशक्त माध्यम : मुख्यमंत्री डॉ. यादव युवाओं को इतिहास से जोड़ेगा नाटक: डॉ. यादव ने बताया सांस्कृतिक माध्यम का महत्व गौरवशाली भारतीय नायकों की गाथा नाटक से पहुंचेगी नई पीढ़ी तक : मुख्यमंत्री नाटक बनेगा प्रेरणा का मंच, युवाओं में भरेगा राष्ट्रभक्ति : डॉ. यादव का संदेश 6 दिवसीय हरिहर राष्ट्रीय नाट्य समारोह का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वास्तव में नाटक कला अनूठी है। नाटकों के माध्यम से भारतीय इतिहास के गौरवशाली व्यक्तित्वों की जानकारी वर्तमान पीढ़ी को प्राप्त होती है। मुख्यमंत्री ने संस्कृति विभाग की संस्था मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय के सहयोग से रवीन्द्र भवन में आयोजित छह दिवसीय हरिहर राष्ट्रीय नाट्य समारोह का शुभारंभ किया। इस अवसर पर पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर, मध्यप्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण आयोग के अध्यक्ष रामकृष्ण कुसमरिया, पूर्व राज्यसभा सदस्य रघुनंदन शर्मा, प्रमुख सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय के निदेशक चितरंजन त्रिपाठी, फिल्म सेंसर बोर्ड के सदस्य सुवाणी त्रिपाठी और अन्य अतिथि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह संयोग है कि वे हरिहर की नगरी से आते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की चौदह विद्याओं और चौसठ कलाओं में नाट्य शास्त्र के सभी आयाम शामिल हैं। उज्जैन ऐसी नगरी है, जहां भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षा हुई साथ ही महाकाल की नगरी होने का आशीर्वाद भी इसे मिला है। उज्जैन में श्रावण माह, कार्तिक माह और अन्य अवसरों पर होने वाले आयोजन अनूठे होते हैं। हमारे इतिहास में जहां राष्ट्र के दुर्बल होने के निराशाजनक उदाहरण देखने को मिलते हैं, वहीं हमारे समर्थ होने के भी प्रमाण मिलते हैं। विदेशी आक्रांताओं ने आराध्य स्थलों को नष्ट करने और प्रतिमाएं अन्य देशों में ले जाने का कृत्य किया, लेकिन यह भी सत्य है कि हमारे पराक्रमी और राष्ट्रप्रेमी शासकों ने उन प्रतीकों को पुन: स्वदेश लाने का कार्य भी किया। नाटक कला अनूठी है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे स्वयं विद्यालयीन और महाविद्यालयीन स्तर से नाटकों के मंचन से जुड़े रहे हैं। उन्हें अनेक वर्ष पूर्व महानाट्य जाणताराजा देखने का सौभाग्य मिला, जो शिवाजी महाराज के साहसिक जीवन पर केन्द्रित था। बाद में इस तर्ज पर सम्राट विक्रमादित्य के जीवन को मंच पर लाने में सफलता मिली। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्राट विक्रमादित्य के जीवन के विविध  पक्षों का उल्लेख करते हुए बताया कि शिवाजी महाराज की तरह सम्राट विक्रमादित्य सुशासन और शौर्य के प्रतीक थे। उनके राज्य का काफी विस्तार हुआ। उन्होंने अपने भूभाग के समस्त नागरिकों का ऋण समाप्त करने का ऐतिहासिक कार्य किया और विक्रम संवत् के प्रर्वतन की दिशा में आगे बढ़े। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्कृति विभाग को छह दिवसीय नाट्य समारोह के आयोजन के लिए बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीर भारत न्यास द्वारा प्रकाशित पुस्तक 'लोक में मणिधर-बघेश्वर' और नाट्य समारोह की स्मारिका का विमोचन किया। प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ला ने हरिहर राष्ट्रीय नाट्य समारोह में प्रस्तुत होने वाले नाटकों और भरतमुनि राष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रस्तुत होने वाले शोध पत्रों की जानकारी दी। अतिथियों का स्वागत संस्कृति संचालक एन.पी. नामदेव ने किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी सहित विभिन्न सांस्कृतिक संस्थाओं के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कलाप्रेमी उपस्थित थे।