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त्योहारों, बड़े आयोजनों, भर्ती परीक्षाओं और विशेष अवसरों पर रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो: मुख्यमंत्री

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि उत्तर प्रदेश में रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, तकनीक-सक्षम तथा परिणामोन्मुख बनाया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश देश का सबसे बड़ा रेल यातायात वाला राज्य है, जहां प्रतिदिन लाखों यात्री रेल सेवाओं का उपयोग करते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा, महिला सम्मान, अपराध नियंत्रण और त्वरित पुलिस सहायता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेलवे नेटवर्क में अपराध और असामाजिक गतिविधियों के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए तथा जीरो टॉलरेंस की नीति को पूरी दृढ़ता के साथ लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रेलवे परिसरों, प्लेटफॉर्मों और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग किया जाए।  जीआरपी के सांगठनिक ढांचे के बारे में डीजी रेलवे ने बताया कि वर्ष 1867 में स्थापित जीआरपी उत्तर प्रदेश वर्तमान में छह अनुभागों, 65 थानों तथा 89 अस्थायी चौकियों के माध्यम से कार्य कर रही है। प्रतिदिन 3031 से अधिक ट्रेनों, लगभग 1550 रेलवे स्टेशनों तथा 30 लाख से अधिक रेल यात्रियों की सुरक्षा का दायित्व जीआरपी निभा रही है।  रेलवे ट्रैक और ट्रेन सुरक्षा की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने रेलवे प्रशासन, आरपीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय को और मजबूत करने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि रेलवे ट्रैक सुरक्षा के लिए संयुक्त गश्त, ड्रोन एवं सीसीटीवी आधारित निगरानी, डिजिटल सत्यापन, निरीक्षण एप के माध्यम से संदिग्ध व्यक्तियों की जांच, मुखबिर तंत्र को सुदृढ़ बनाने तथा कबाड़ बाजारों एवं संवेदनशील स्थलों की निगरानी जैसे उपाय किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने रेलवे परिसरों और ट्रेनों पर पत्थरबाजी की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।  मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि जनजागरूकता, सुरक्षा चौपाल, अभिभावकों और युवाओं की काउंसिलिंग, रेल मित्र नेटवर्क, त्वरित अभियोजन तथा प्रभावी निगरानी के परिणामस्वरूप विभिन्न रेल मंडलों में पत्थरबाजी की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि त्योहारों, बड़े आयोजनों, भर्ती परीक्षाओं और विशेष अवसरों पर रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने कहा कि प्रवेश एवं निकास नियंत्रण, कतार प्रबंधन, सार्वजनिक घोषणाओं, 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी तथा रेलवे प्रशासन के साथ समन्वय के माध्यम से भीड़ नियंत्रण को प्रभावी बनाया जाए।   मुख्यमंत्री ने महिला सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए निर्देश दिए कि रेलवे नेटवर्क में महिलाओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाए। मानव तस्करी और गुमशुदा बच्चों की बरामदगी से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने इन अभियानों को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत 1 जनवरी 2026 से 26 मई 2026 तक 860 बच्चों को बरामद किया गया। विभिन्न अभियानों के माध्यम से अब तक 2325 व्यक्तियों को उनके परिवारों से मिलाने में सफलता प्राप्त हुई है। बैठक में यह भी बताया गया कि हरदोई जीआरपी थाना उत्तर भारत का पहला आईएसओ 9001 प्रमाणित जीआरपी थाना बन चुका है। अभियोजन व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने अपराधियों को त्वरित एवं प्रभावी दंड सुनिश्चित करने पर बल दिया। भविष्य की आवश्यकताओं पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने जीआरपी के विस्तार और आधुनिकीकरण के लिए आवश्यक मानव संसाधन की तैनाती और उपकरणों की उपलब्धता के संबंध में राज्य सरकार द्वारा आवश्यक सहयोग के लिए निर्देशित किया साथ ही अन्य आवश्यकताओं के लिए शासन स्तर से रेलवे मंत्रालय और रेलवे बोर्ड से संवाद के निर्देश भी दिए। वर्ष 2027 में प्रस्तावित हरिद्वार अर्धकुंभ की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि अभी से व्यापक सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन योजना तैयार की जाए। मुख्यमंत्री ने संबंधित जनपदों और एजेंसियों के बीच समयबद्ध समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उदयपुर और लखनपुर में 8 से 14 जून तक चलेगा पारंपरिक शिल्प एवं कला प्रशिक्षण शिविर

रायपुर  संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल के निर्देश पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक कलाओं और पारंपरिक शिल्प के संरक्षण एवं संवर्धन के उद्देश्य से संस्कृति विभाग द्वारा “आकार-2026” पारंपरिक शिल्प एवं विविध कला प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर 8 जून से 14 जून 2026 तक सरगुजा संभाग के उदयपुर और लखनपुर में आयोजित होगा। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को प्रदेश की लोक कला परंपराओं से जोड़ना तथा उनमें पारंपरिक शिल्प और कला के प्रति रुचि विकसित करना है। 14 पारंपरिक कला विधाओं का दिया जाएगा प्रशिक्षण             संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में प्रतिभागियों को नृत्य, नाटक, वाद्ययंत्र, चित्रकला, क्ले आर्ट, म्यूरल आर्ट, हस्तकढ़ाई, ड्राई फ्लावर आर्ट, कोरिया कला, रजवार मिट्टी चित्र, मेहंदी, मृदा शिल्प, गोदना कला और बांस शिल्प सहित कुल 14 पारंपरिक कला विधाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन विधाओं में प्रदेश के ख्यातिप्राप्त कलाकारों और पारंगत कला गुरुओं द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिससे प्रतिभागियों को कला के व्यावहारिक एवं तकनीकी पक्षों की जानकारी मिल सके। प्रशिक्षण के लिए पंजीयन प्रक्रिया हो चुकी है 6 जून से प्रारंभ         शिविर के अंतर्गत उदयपुर में प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 8 बजे से 11 बजे तक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित होगा, जबकि लखनपुर में पीएम स्कूल परिसर में शाम 5 बजे से रात 8 बजे तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए पंजीयन प्रक्रिया 6 जून से प्रारंभ हो चुकी है और इच्छुक प्रतिभागी निर्धारित शुल्क जमा कर इसमें भाग ले सकते हैं। विलुप्तप्राय और लोक जीवन से जुड़ी कला विधाओं को संरक्षित करना        “आकार-2026” का उद्देश्य केवल पारंपरिक कलाओं का प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि प्रदेश की विलुप्तप्राय और लोक जीवन से जुड़ी कला विधाओं को संरक्षित करना भी है। प्रशिक्षण के माध्यम से युवा कलाकारों को अनुभवी गुरुओं के मार्गदर्शन में सीखने का अवसर मिलेगा, जिससे वे अपनी प्रतिभा को निखार सकेंगे और भविष्य में स्वरोजगार के नए अवसर भी प्राप्त कर सकेंगे। प्रशिक्षण शिविर के लिए पंजीयन शुल्क मात्र 100 रुपये निर्धारित किया गया है। दिव्यांग एवं अनाथ बच्चों को शुल्क में विशेष छूट प्रदान की जाएगी। छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम  प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद प्रतिभागियों द्वारा तैयार कलाकृतियों की प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी तथा उन्हें प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए जाएंगे। इस प्रकार के आयोजन प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ-साथ युवा पीढ़ी में लोक कला और शिल्प परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। “आकार-2026” न केवल कला प्रशिक्षण का मंच बनेगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को नई ऊर्जा और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम भी साबित होगा।   

भर्ती परीक्षा के लिए यात्रा करने वाले अभ्यर्थियों को बसों में मिलेगी 50 फीसदी की छूट

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को राज्य परिवहन निगम की बसों में यात्रा के दौरान किराए में 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और सुविधाजनक भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। भर्ती परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जनपदों में आवागमन को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है, जिससे उन्हें आर्थिक राहत मिल सके और परीक्षा केंद्र तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों की भर्ती परीक्षा 08, 09 एवं 10 जून को प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जा रही है। इस परीक्षा में लगभग 29 लाख अभ्यर्थियों के सम्मिलित होने की संभावना है। मुख्यमंत्री के निर्णय के अनुसार परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी अपना प्रवेश पत्र दिखाकर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में 50 प्रतिशत रियायती किराए का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। यह व्यवस्था परीक्षा अवधि के दौरान अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए लागू रहेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि परीक्षा के सफल एवं शांतिपूर्ण आयोजन के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि अभ्यर्थियों को सुरक्षित, सुगम और अनुकूल वातावरण में परीक्षा देने का अवसर मिल सके।

उत्तर प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने प्रदेश को विशेष गौरव का अवसर प्रदान किया: सीएम योगी

लखनऊ हॉकी पुरुष अंडर-18 जूनियर एशिया कप 2026 में भारतीय हॉकी टीम द्वारा स्वर्ण पदक जीतने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खिलाड़ियों को शनिवार को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। जापान के काकामिगाहारा में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने मेजबान जापान को 4-1 से हराकर एशियाई चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश के उन पांच खिलाड़ियों की सराहना की, जिन्होंने टीम इंडिया की इस ऐतिहासिक जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए प्रदेश का मान बढ़ाया है।   भारतीय हॉकी विश्व पटल पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करे, यही मंगलकामना: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स लिखा कि जापान में आयोजित पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर मां भारती को गौरवभूषित करने वाली भारतीय हॉकी टीम एवं समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई! इस ऐतिहासिक विजय में उत्तर प्रदेश के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों केतन कुशवाहा, शाहरुख अली, प्रह्लाद राजभर, राहुल यादव एवं रोमित पाल के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने प्रदेश को विशेष गौरव का अवसर प्रदान किया है। आप सभी ने अपने कौशल, समर्पण और अनुशासन से राष्ट्र का मान बढ़ाया है। टीम के सभी खिलाड़ियों, कोचिंग स्टाफ एवं सहयोगी दल का हार्दिक अभिनंदन। विजय की यह स्वर्णिम यात्रा निरंतर नई ऊंचाइयों को स्पर्श करे, भारतीय हॉकी विश्व पटल पर सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित करे, यही मंगलकामना है।  डॉ. आर.पी. सिंह के नेतृत्व में हुई चयन प्रक्रिया गौरतलब है कि, भारतीय टीम के साथ उत्तर प्रदेश के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रजनीश मिश्रा ने कोचिंग स्टाफ में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, हॉकी इंडिया के मुख्य चयनकर्ता एवं उत्तर प्रदेश हॉकी के अध्यक्ष डॉ. आर.पी. सिंह के नेतृत्व में हुई चयन प्रक्रिया को भी इस सफलता का अहम आधार माना जा रहा है।

सायकिलिंग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखता है – अरुण साव

रायपुर  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव विश्व सायकल दिवस पर आज जगदलपुर में आयोजित 'सन्डे ऑन सायकल' (Sunday on Cycle) कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान युवाओं के साथ सायकिलिंग और जुम्बा का आनंद लिया। उन्होंने कार्यक्रम में लोगों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने, फिट रहने व पर्यावरण को बचाने सायकल चलाने के लिए प्रेरित किया। सांसद  महेश कश्यप, महापौर  संजय पाण्डेय और कलेक्टर  आकाश छिकारा भी कार्यक्रम में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री  साव ने कार्यक्रम में खुद सायकल चलाकर पर्यावरण संरक्षण और फिट रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि सायकल हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। नियमित सायकल चलाने से शरीर स्वस्थ रहता है। दैनिक जीवन में सायकल का उपयोग हमें फिट और ऊर्जावान बनाए रखने में मदद करता है।  साव ने कहा कि सायकल पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत का भी एक सरल माध्यम है। अधिक से अधिक सायकल का उपयोग कर हम स्वच्छ वातावरण बनाने में योगदान दे सकते हैं। सायकल हमारे लिए हर दृष्टि से उपयोगी है। हमें जितना संभव हो सके, सायकल का उपयोग करना चाहिए।

तीन दिनों तक प्रदेश के 75 जिलों में होगी आरक्षी भर्ती परीक्षा, 1183 केंद्रों पर कड़ी निगरानी

लखनऊ उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी (सिपाही) नागरिक पुलिस सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा सोमवार से प्रारंभ हो रही है। यह परीक्षा 8, 9 एवं 10 जून 2026 को प्रदेश के सभी 75 जिलों में आयोजित की जाएगी। भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 32,679 पदों के लिए 28,86,797 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। परीक्षा के सफल एवं निष्पक्ष संचालन के लिए प्रदेशभर में 1,183 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली सुबह 10:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 3:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक संचालित की जाएगी। अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र हल करने के लिए निर्धारित समय के अतिरिक्त 5 मिनट अतिरिक्त भी दिए जाएंगे। तीन दिनों में कुल छह पालियों में परीक्षा संपन्न होगी। हर पाली में 4.81 लाख से अधिक परीक्षार्थी डीजी भर्ती बोर्ड एसबी शिरडकर ने बताया कि भर्ती परीक्षा में कुल अभ्यर्थियों की संख्या को देखते हुए प्रत्येक पाली में लगभग 4,81,416 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन, पुलिस विभाग तथा जिला प्रशासन की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है तथा अभ्यर्थियों की पहचान और प्रवेश प्रक्रिया के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। पारदर्शिता और सुरक्षा पर विशेष जोर परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, पर्यवेक्षक तथा पुलिस बल की तैनाती की गई है। संवेदनशील केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। परीक्षा केंद्रों के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

रायपुर में गूंजेगा राष्ट्रीय जल क्रीड़ा महाकुंभ: खेल प्रतिभाओं को बेहतर मंच देना सरकार की प्राथमिकता – मुख्यमंत्री साय

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता के मस्कट ‘पहाड़ी मैना’ का विमोचन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और व्यक्तित्व विकास का सशक्त आधार हैं। प्रदेश में खेल अधोसंरचना को मजबूत बनाने के साथ-साथ खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह राष्ट्रीय प्रतियोगिता छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को नई प्रेरणा देगी और राज्य की खेल पहचान को और मजबूत बनाएगी। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन द्वारा भारतीय कायाकिंग-केनोईंग संघ एवं छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के संयुक्त तत्वावधान में 36वीं राष्ट्रीय सब जूनियर एवं जूनियर कायाकिंग-केनोईंग प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 12 से 14 जून 2026 तक नवा रायपुर स्थित सेंध लेक में आयोजित होगी। कायाकिंग-केनोईंग एक ओलम्पिक खेल है, जिसमें छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए अनेक पदक अर्जित किए हैं। राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता की मेजबानी राज्य की राजधानी में होना प्रदेश के खेल इतिहास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के महासचिव  विक्रम सिसोदिया, भारतीय कायाकिंग-केनोईंग महासंघ एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश कायाकिंग-केनोईंग एसोसिएशन के सहसचिव  प्रशांत सिंह रघुवंशी सहित छत्तीसगढ़ ओलम्पिक संघ के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

सहकारिता में मजबूती लाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को देंगे नई गति

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सहकारिता क्षेत्र प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। हमारी सरकार इसे और अधिक सशक्त बनाकर किसानों, ग्रामीणों तथा छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनायेगी। उन्होंने कहा कि सहकारिता एक व्यवस्था ही नहीं, यह समाज के सामूहिक उत्थान का प्राचीन और बड़ा माध्यम है। हम इसे आधुनिक तकनीक, पारदर्शिता और जनभागीदारी के साथ जोड़कर नई ऊंचाइयों तक ले जायेंगे। उन्होंने कहा कि हम सहकारी मॉडल का समयबद्ध, पारदर्शी और परिणामोन्मुखी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे हैं, जिससे आमजन को इसका वास्तविक और अधिकतम लाभ मिल सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सहकारी संस्थाओं की कार्यप्रणाली को सरल और प्रभावी बनाया जाएगा, जिससे किसानों को ऋण, बीज, उर्वरक और विपणन जैसी सुविधाएं सहजता से उपलब्ध हो सकें। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सहकारिता क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। नई योजनाओं के जरिए युवाओं और किसानों को जोड़कर सहकारिता को जनआंदोलन का रूप दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की सहकारी संस्थाओं की दैनंदिन कार्यप्रणाली को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़कर इन्हें अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाया जा रहा है। सहकारी समितियों की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ करने के साथ ही इनकी जवाबदेही भी सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सहकारी संस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है। विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से नवाचार, पारदर्शिता और जनहित को प्राथमिकता दी जा रही है। हमारी सरकार सहकारिता क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सहकारिता विभाग के सहयोग से हम किसान कल्याण एवं कृषि विकास, जनजातीय अंचलों के विकास सहित ग्रामीण विकास विभाग की योजनाओं को भी गति दे रहे हैं। सहकारिता की बेहतरी के लिए केंद्र सरकार से लगातार कर रहे समन्वय मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सहकारिता को नई दिशा देने के लिए हमारी सरकार केंद्र सरकार से लगातार समन्वय कर रही है। हमने प्रदेश के 4 हज़ार 536 से अधिक पैक्स का सफलतापूर्वक कंप्यूटराइजेशन पूरा करा लिया है। इन सभी पैक्स की जानकारी केन्द्र सरकार की अपेक्षानुसार एनसीडी पोर्टल पर अद्यतन भी कर दी गई है। दूध (श्वेत) क्रांति 2.0 को प्रभावी एवं सफल बनाने तथा वित्तीय समावेशन के लिए दुग्ध समितियों एवं सदस्यों के खाते जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में खोले गये हैं। अन्य संस्थाओं को भी सहकारी बैंकों में लेन-देन करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (बीसीएसएसएल) तथा मप्र राज्य सहकारी बीज संघ के मध्य एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है। इससे करीब 17 करोड़ रुपए का व्यवसाय हुआ और 844 पैक्स द्वारा सदस्यता प्राप्त कर ली गई है। राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक लिमिटेड (एनसीओएल) तथा मप्र राज्य सहकारी विपणन संघ के मध्य भी समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ है। करीब 1335 पैक्स द्वारा इसकी सदस्यता ले ली गयी है। इसके अलावा राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (एनसीईएल) और मप्र राज्य सहकारी संघ के साथ भी एक पृथक समझौता ज्ञापन (एमओयू) हो गया है। इसमें अबतक 1612 पैक्स द्वारा सदस्यता ले ली गयी है।  

जल जीवन मिशन की नल जल योजनाओं के सुचारू संचालन-संधारण के लिए जल कर हेतु पंचायतों और ग्रामीणों को प्रेरित करने कहा

रायपुर.  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने संभागीय मुख्यालय जगदलपुर में लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों और योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सभी निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं की जानकारी लेकर अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। सांसद  महेश कश्यप, महापौर  संजय पांडे, कलेक्टर  आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक  शलभ सिन्हा भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए। उप मुख्यमंत्री  साव ने लोक निर्माण विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी कार्यों को पूर्ण करने की तिथि विभागीय अधिकारियों द्वारा निर्धारित की गई है, इन कार्यों को समय पर पूर्ण कराने की जिम्मेदारी भी अधिकारियों की है। उन्होंने अधिकारियों को अपनी तकनीकी और प्रशासनिक क्षमता का पूरा उपयोग करते हुए लंबित कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने आवश्यक पहल करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  साव ने बैठक में अधिकारियों से कहा कि किसी भी परियोजना का डीपीआर तैयार करते समय संभावित समस्याओं फारेस्ट-क्लीयरेंस, भू-अर्जन, विद्युत पोल शिफ्टिंग, अतिक्रमण हटाने इत्यादि का समाधान पहले से सुनिश्चित कर लें, ताकि निर्माण कार्यो में अनावश्यक विलंब न हो।  उप मुख्यमंत्री  साव ने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के हितग्राहियों की काउंसलिंग कर जनप्रतिनिधियों एवं वार्ड पार्षदों के सहयोग से जरूरतमंद परिवारों को आवास निर्माण के लिए प्रेरित करने तथा निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वच्छता दीदियों के साथ नियमित संवाद स्थापित कर उनका उत्साहवर्धन करने और समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण एवं सुरक्षा किट प्रदान करने को कहा। उन्होंने शहर की नालियों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने तथा वर्षा ऋतु से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगरीय निकायों में निजी क्षेत्र की भागीदारी से रेन वॉटर हार्वेस्टिंग को प्राथमिकता देने, जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और तालाबों की सफाई में नवाचार अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने राजस्व बढ़ाने तथा नवीन राजस्व स्रोत विकसित करने के भी निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  साव ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराने को कहा। उन्होंने ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित नल जल योजनाओं के सुचारू संचालन के लिए ग्रामीणों को हर महीने निर्धारित जल कर जमा करने के लिए प्रोत्साहित करने को कहा, ताकि जल प्रदाय योजनाओं का बेहतर संचालन-संधारण किया जा सके। उन्होंने बरसात के पहले जल स्रोतों के क्लोरीनेशन और पानी टंकियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पातरा नाले में मिट्टी डंप होने पर जताई नाराजगी

भोपाल  आगामी मानसून को देखते हुए नरेला विधानसभा क्षेत्र में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग रविवार सुबह स्वयं सड़कों पर उतरे और नरेला विधानसभा के प्रमुख नाले-नालियों की सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान नगर निगम एवं जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। मंत्री  सारंग ने प्रभात चौराहा, महामाई की पुलिया, द्वारका नगर, भानपुर खंती सहित विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर जमीनी स्थिति देखी और अधिकारियों को बरसात के पहले सफाई और मरम्मत करने के निर्देश दिए। सफाई व्यवस्था में लापरवाही पर अधिकारियों को लगाई फटकार निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर नाले-नालियों की सफाई कार्य संतोषजनक नहीं पाए जाने पर मंत्री  सारंग ने नगरनिगम के अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा कि बारिश शुरू होने से पहले सभी नाले-नालियों की पूरी तरह सफाई होना अनिवार्य है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री  सारंग ने कहा कि बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति नहीं बननी चाहिए, आम नागरिकों को बाढ़ जैसी समस्या का सामना नहीं करना पड़े, इसलिए पहले से ही पूरी तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई युद्ध स्तर पर की जाए ताकि पानी की निकासी सुचारू बनी रहे। पातरा नाले का किया विशेष निरीक्षण दौरे के दौरान मंत्री  सारंग ने भोपाल शहर के सबसे बड़े पातरा नाले का भी निरीक्षण किया, जो नरेला विधानसभा क्षेत्र से होकर गुजरता है। मंत्री  सारंग ने कहा कि पातरा नाला पूरे भोपाल शहर की जल निकासी व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि इसकी सफाई समय पर नहीं हुई तो बारिश के दौरान शहर के कई हिस्सों में गंभीर जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। एनएचएआई के कार्य पर जताई नाराजगी भानपुर क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान मंत्री  सारंग ने देखा कि एनएचएआई द्वारा निर्माणाधीन 10 लेन प्रोजेक्ट के कार्य के चलते पातरा नाले में बड़ी मात्रा में मिट्टी डंप की गई है। इस पर उन्होंने गहरी नाराजगी व्यक्त की और नगर निगम एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नाले में मिट्टी डंप होने से पानी का प्रवाह बाधित होगा और इसका असर पूरे भोपाल शहर पर पड़ेगा। बारिश के समय यह स्थिति बाढ़ जैसे हालात पैदा कर सकती है, जिससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।  तत्काल शुरू कराया मिट्टी हटाने का कार्य मंत्री  सारंग के निर्देश के बाद मौके पर ही पातरा नाले से डंप मिट्टी हटाने का कार्य प्रारंभ कर दिया गया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नाले की गहराई और चौड़ाई को बनाए रखते हुए सफाई कार्य तेजी से पूरा किया जाए। बारिश शुरू होने से पहले सभी संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर विशेष निगरानी रखी जाए, ताकि कहीं भी जलभराव की स्थिति निर्मित न हो। नालों पर अतिक्रमण हटाने के दिए निर्देश निरीक्षण के दौरान मंत्री  सारंग ने नालों पर हो रहे अतिक्रमण को भी गंभीर समस्या बताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि जहां कहीं भी नालों पर अवैध कब्जे या निर्माण हैं, उन्हें तत्काल हटाया जाए। अतिक्रमण के कारण पानी की निकासी प्रभावित होती है और बारिश के दौरान इसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ता है। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर लिखित रूप में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बारिश से पहले पूरी हो सफाई मंत्री  सारंग ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मानसून आने से पहले सभी सफाई कार्य हर हाल में पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि नगर निगम और जिला प्रशासन को समन्वय के साथ काम करते हुए सफाई व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त बनाना होगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों को बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाना है और इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर पूरी गंभीरता से कार्य किया जाएगा।