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‘घांची-तेली समाज के PM मोदी का जन्मदिन मनाएंगे’, आशीर्वाद का दीया जलाने पर राजभर का बयान

घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन मनाने और आशीर्वाद का दीया जलाने पर मचेगा हल्ला: ओम प्रकाश राजभर कैबिनेट मंत्री बोले- तेल जल गया, बाती जल गई और दीया बर्बाद हो गया का शोर मचाने का टूलकिट तैयार कांग्रेस, सपा और वामपंथी सवर्णों पर साधा निशाना, कहा- सबसे ज्यादा यही लोग मचाएंगे हल्ला वामपंथी नेतृत्व की सामाजिक पृष्ठभूमि पर उठाए सवाल, बोले- ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, कौन बैठा है और कौन बैठेगा, यह भी देखिए मार्क्स-लेनिन से अंबेडकर और लोहिया-जेपी से जय भीम तक की राजनीति पर कसा तंज कहा- पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया, जितना बांटने की कोशिश करेंगे उतना ही जुड़ता जाएगा  लखनऊ  प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर सेवा संकल्प अभियान के तहत आशीर्वाद का दीया जलाए जाने को लेकर कांग्रेस, सपा और वामपंथियों पर तीखा हमला बोला है। सोशल मीडिया पर किए गए पोस्ट में उन्होंने कहा कि एक-दो दिन रुकिए, हो-हल्ला होने वाला है। हल्ला होगा कि तेल जल गया, त्राहि-त्राहि हो गई। इसका टूलकिट भी तैयार है, बस हल्ले का इंतजार कीजिए। राजभर ने कहा कि पूरे देश ने घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन मनाया। अति पिछड़े और दलित समाज के लोगों ने सेवा संकल्प अभियान से खुद को खुशी-खुशी जोड़ा। जनता से आशीर्वाद मांगा और हर्षोल्लास के साथ आशीर्वाद का दीया जलाया। सबसे ज्यादा हल्ला कांग्रेस के टूलकिट वामपंथी और सपाई मचाएंगे राजभर ने सवाल किया कि इससे बुरा किसे लगा? उन्होंने कांग्रेस, सपा और वामपंथी सवर्णों का नाम लेते हुए कहा कि अब यही लोग चिल्लाएंगे कि इतना तेल जल गया, बाती जल गई और दीया बर्बाद हो गया। उन्होंने कहा कि देख लीजिएगा, सबसे ज्यादा हल्ला कांग्रेस के टूलकिट वामपंथी सवर्ण और सपाई मचाएंगे। उन्होंने कहा कि वामपंथी सवर्णों को छोड़ दिया जाए तो पूरा सवर्ण समाज उनके साथ है। सबसे ज्यादा दिक्कत उस खास जमात को है, जो वर्षों से समाज में अपना वैचारिक जहर बो रही है। वामपंथ की ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, यह भी देखिए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अति पिछड़ों, दलितों और बहुजनों को एक बार उन वामपंथी नेताओं की जाति भी देखनी चाहिए, जो दिन-रात उन्हें जाति और ब्राह्मणवाद समझाते हैं। वामपंथी विचार की ऊंची कुर्सियों पर कौन बैठा था, कौन बैठा है और कौन बैठेगा, यह भी देखना चाहिए। राजभर ने दावा किया कि सभी वामपंथी अगड़े मिलेंगे। उन्होंने कहा कि ब्राह्मणवाद के नाम पर गाली किसे दिलाई जाती है और विचार की दुकान किसके हाथ में है, तस्वीर अपने आप साफ हो जाएगी। गरीब और सामान्य परिवार से निकला व्यक्ति पसंद नहीं राजभर ने कहा कि वास्तव में ये राजा और राज परिवारों के इर्द-गिर्द जीने वाले लोग हैं। गरीब और सामान्य परिवार से निकलकर कोई व्यक्ति अपने दम पर ऊपर पहुंचे, यह इन्हें कतई पसंद नहीं आता। चाहे वह मोदी हों, राजभर हों, निषाद हों या किसी अन्य दलित या अति पिछड़े समाज से निकला कोई व्यक्ति। मार्क्स-लेनिन को मानने वाले अचानक अंबेडकरवादी हो गए राजभर ने वामपंथी और समाजवादी राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि कल तक मार्क्स और लेनिन को मानने वाले अचानक अंबेडकरवादी हो गए। लोहिया और जेपी के नाम पर पार्टी चलाने वाले अचानक रंग बदलकर जय भीम करने लगे। इतनी जल्दी विचार, नारे और महापुरुष बदल जाएं तो यह सोचने वाली बात है। उन्होंने कहा कि अति पिछड़ों और दलितों को वर्षों से अपने विचारों के जाल में फंसाने की कोशिश एक खास जमात ने की। उन्होंने इसे आइडेंटिटी क्राइसिस से जूझ रही जमात बताते हुए कहा कि इसे सबसे ज्यादा परेशानी तब होती है, जब अति पिछड़ा, दलित और बहुजन इनके बताए रास्ते के बजाय अपना रास्ता खुद चुनने लगता है। घांची-तेली समाज से आने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी इन्हें यही परेशानी है। भारतीय वामपंथ कांग्रेस की प्रयोगशाला राजभर ने कहा कि वास्तव में भारतीय वामपंथ कांग्रेस की प्रयोगशाला है, जहां देश और समाज को बांटकर कुछ परिवारों की गुलामी करने की ट्रेनिंग मिलती है। उन्होंने कहा कि सारे वामपंथी अंत में वहीं नौकरी करते हैं। पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया पोस्ट के आखिर में राजभर ने कहा कि पिछड़ा-दलित समाज अब जाग गया है। आपके चेहरे पर लगा नकाब उतर चुका है। आप जितना पिछड़ों-दलितों को बांटने की कोशिश करेंगे, वे उतना ही जुड़ते जाएंगे। उन्होंने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को टैग करते हुए लिखा, बस देखते जाइए।

पंजाब के कर्मचारियों की मांगों पर CM मान आज करेंगे बैठक, बकाया DA को लेकर होगी बातचीत

चंडीगढ़ पंजाब के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित मांगों के संदर्भ में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जारी गतिरोध के बीच शुक्रवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में बैठक होगी। सामान्य प्रशासन विभाग की कोऑर्डिनेशन ब्रांच ने  पत्र जारी कर कर्मचारी, पेंशनर और संयुक्त कार्रवाई समिति के 12 प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया है।  बैठक मुख्यमंत्री आवास में होगी। पत्र के मुताबिक बैठक में कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इसमें गुरनाम सिंह विर्क, भजन सिंह गिल, सुखचैन सिंह खैरा, रणजीत सिंह रणवा, तरसेम सिंह भट्ठल, करम सिंह धनोआ, हरजिंदर सिंह पन्नू, जरमनजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, धनवंत भट्ठल, साहिल शर्मा और कुलविंदर सिंह ढिल्लों को बुलाया गया है।  कर्मचारी संगठन लंबे समय से लंबित 18 प्रतिशत डीए, डीए बकाया, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस), छठे वेतन आयोग के बकाये और अन्य सेवा संबंधी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। 27 अगस्त को कर्मचारियों ने डीए बकाये को लेकर राज्यव्यापी हड़ताल की थी।  

1857 के क्रांतिकारियों की धरती मंगाली, 500 बलिदानों की यादें; फिर भी मूलभूत सुविधाओं का इंतजार

हिसार हिसार से करीब 15 किलोमीटर दूर नलवा विधानसभा क्षेत्र में बसा मंगाली केवल आबादी के लिहाज से बड़ा गांव नहीं है, बल्कि इसकी मिट्टी में इतिहास की कई परतें दफन हैं वर्ष 1488 में अस्तित्व में आए इस गांव का इतिहास 1857 की क्रांति से भी जुड़ा है। आज भी गांव में उस दौर की वीरगाथाएं और बलिदानियों की यादें लोगों के बीच जीवंत है। समय के साथ गांव का विस्तार हुआ और यह मंगाली आकलान, मंगाली झारा, मंगाली सुरतिया, मंगाली मोहब्बत और ढाणी जाटान नाम से पांच पंचायतों में बंट गया। पांचों पंचायतों की आबादी 20 हजार से अधिक है। दूसरी सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान है मनके का व्यापार। मंगाली की बसावट को लेकर ग्रामीणों में प्रचलित मान्यता के अनुसार गांव का नाम एक परिवार के चार बेटों के नाम पर पड़ा। शुरुआत में चार पंचायतें बनीं और बाद में ढाणी जाटान को वर्ष 1986 में अलग पंचायत का दर्जा मिला। मंगाली की चार पुरानी पंचायतों को अस्तित्व में आए सौ वर्ष से अधिक समय बीत चुका है। गांव के विस्तार के साथ आबादी बढ़ती गई, लेकिन मूलभूत सुविधाओं का ढांचा उस गति से विकसित नहीं हो पाया। तीन दशक पहले बिछी पानी की लाइन, समस्या आज भी बरकरार गांव में पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार करीब 30 वर्ष पहले गांव में पानी की लाइन बिछाई गई थी और जलघर भी बनाए गए, लेकिन बढ़ती आबादी के साथ पानी की जरूरत भी बढ़ती गई। ऐसे में मौजूदा व्यवस्था ग्रामीणों की जरूरत पूरी करने में पूरी तरह सक्षम नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई हिस्सों में पर्याप्त और नियमित पेयजल आपूर्ति की जरूरत महसूस होती है। गंदे पानी की निकासी नहीं, तालाब में पसरी गंदगी मंगाली में दूसरी बड़ी समस्या गंदे पानी की निकासी की है। गांव से निकलने वाले गंदे पानी की उचित निकासी नहीं होने के कारण कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनती है। गांव के तालाब भी गंदगी से अछूते नहीं हैं। तालाबों की सफाई और पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। बरसात के दिनों में यह समस्या और गंभीर हो जाती है। मुख्य सड़क की बदहाली भी बनी परेशानी गांव की मुख्य सड़क की स्थिति भी ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय है। मंगाली की पांच पंचायतों में बड़ी आबादी होने के कारण यहां दिनभर लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद सड़क की हालत बेहतर नहीं होने से आवागमन प्रभावित होता है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए सड़क, पेयजल और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं पर प्राथमिकता से काम होना चाहिए। मंगाली की फुटबाल की अलग पहचान मंगाली आकलान में गांव की खास पहचान फुटबाल से भी है। यहां के करीब 35 खिलाड़ी राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर चुके हैं। गांव में शहीदी स्मारक भी प्रमुख पहचान है। 1857 में हिसार जेल पर बोला था धावा मंगाली के इतिहास में वर्ष 1857 का दौर विशेष महत्व रखता है। ग्रामीणों के अनुसार, उस समय गांव के क्रांतिकारियों ने हिसार जेल पर धावा बोला था। इस संघर्ष में 12 अंग्रेज अधिकारी के मारे गए थे। इसके बाद अंग्रेजों ने गांव पर हमला किया। दमन से बचने के लिए 30 से अधिक देशभक्तों ने मंगाली मोहब्बत में बने एक कुएं में छलांग लगा दी थी। यह कुआं आज भी मंगाली मोहब्बत में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के सामने मौजूद है। वहीं स्वतंत्रता संग्राम के सेनानियों के नाम पर मंगाली आकलान में शहीद स्मारक भी बनाया गया है। स्वतंत्रता संग्राम में गांव के करीब 500 लोगों की कुर्बानी का उल्लेख भी ग्रामीण करते हैं। यही कारण है कि मंगाली की पहचान आज भी एक ऐतिहासिक गांव के रूप में बनी हुई है। ढाणी जाटान में सरकारी जमीन का अभाव वर्ष 1986 में पंचायत बनी ढाणी जाटान में करीब 300 मकान और लगभग 1700 की आबादी है। पूनम देवी सरपंच हैं। पंचायत के सामने सबसे बड़ी समस्या सरकारी भूमि की कमी है। गांव के पास उपलब्ध करीब एक किला सरकारी जमीन पर आंगनबाड़ी केंद्र समेत अन्य सरकारी भवन बन चुके हैं। ऐसे में भविष्य में अन्य सरकारी परियोजनाओं के लिए जमीन की उपलब्धता चुनौती बनी हुई है। शिक्षा और स्वास्थ्य की सुविधाएं बेहतर मंगाली की पांच पंचायतों में ग्रामीणों को शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी कई सुविधाएं उपलब्ध हैं। गांव में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय और करीब 10 राजकीय प्राथमिक विद्यालय हैं। स्वास्थ्य सुविधा के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मौजूद है। इसके अलावा दो वाटर वर्क्स, लाइब्रेरी, एक गोशाला और पुलिस चौकी भी गांव की प्रमुख सुविधाओं में शामिल है।  

बिहार में ‘आशीर्वाद का दीया’ से सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत, बाढ़ पीड़ितों से मिले CM

 पटना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 76वें जन्मदिन पर बिहार में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के साथ सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को जेपी गंगा पथ (मरीन ड्राइव) पर दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ, सुखी और दीर्घायु जीवन की कामना की। इसके बाद मुख्यमंत्री पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और पटना हवाई अड्डे पर आयोजित कार्यक्रमों में भी शामिल हुए। दीप जलाने के साथ सेवा अभियान का संदेश मुख्यमंत्री ने लोक सेवक आवास में भी ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का सार्वजनिक जीवन राष्ट्र निर्माण और जनसेवा के संकल्प की यात्रा है। जन्मदिन के अवसर पर सेवा, समर्पण और जनकल्याण की भावना को लोगों तक पहुंचाने तथा जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना मजबूत करने पर जोर दिया गया। बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे मुख्यमंत्री ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने जेपी गंगा पथ स्थित बिंद टोली में बाढ़ पीड़ितों के लिए संचालित सामुदायिक रसोई केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां भोजन की व्यवस्था और गुणवत्ता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और राहत व्यवस्था को लेकर अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। डिग्निटी किट और स्वास्थ्य जांच कार्ड बांटे मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित लोगों के बीच डिग्निटी किट और स्वास्थ्य जांच कार्ड का वितरण किया। इसके अलावा बाढ़ के दौरान मृत व्यक्ति के आश्रित को सहायता राशि का चेक भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने चिकित्सा शिविर का निरीक्षण कर बाढ़ पीड़ितों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली। गंगा पथ से स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स तक कार्यक्रम जेपी गंगा पथ के बाद मुख्यमंत्री पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पहुंचे, जहां ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में उन्होंने सहभागिता की। यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कलाकारों ने विभिन्न प्रस्तुतियां दीं और गंगा आरती भी की गई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पद्मश्री से सम्मानित डॉ. आरएन सिंह, डॉ. शांति राय, डॉ. विजय प्रकाश और डॉ. जेके सिंह को अंगवस्त्र एवं हरित पौधा देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में कई मंत्री और जनप्रतिनिधि रहे मौजूद कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, सांसद रविशंकर प्रसाद समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा, जिलाधिकारी कुंदन कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा सहित कई अधिकारी और गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।  

70 करोड़ के नकली सिक्कों का नेटवर्क! मशीन-डाई के सप्लायरों तक पहुंचेगी पुलिस की जांच

लखनऊ यूपी के सहारनपुर में नकली सिक्के बनाने की फैक्ट्री से बरामद छह मशीनों और 59 डाई ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटेगी कि 70 करोड़ के नकली सिक्के बनाने में इस्तेमाल मशीन, डाई और अन्य सामान कहां से खरीदा गया। सप्लायरों की कड़ी खुलने पर नकली सिक्कों के नेटवर्क से जुड़े लोगों तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। पुलिस ने फैक्ट्री से छह मशीनों के साथ 59 डाई बरामद की थी। इनमें 39 डाई बिना निशान वाली और 20 पर निशान लगे थे। इसके अलावा डाई की पॉलिश करने की मशीन, ग्राइंडिंग स्टोन, हथौड़ा, फाइल, रिंच, आरी, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और ओवन समेत अन्य सामान भी मिला था। अब जांच में इन सभी सामान के स्रोत को खंगालने की तैयारी है। पुलिस के मुताबिक फैक्ट्री में तैयार नकली 20 रुपये के 6,400 सिक्के बरामद हुए थे, जिनकी कीमत 1.28 लाख रुपये थी। करीब पांच लाख कीमत के अधबने सिक्के भी मिले थे। आरोपियों के मुताबिक एक सिक्का तैयार करने में पांच से छह रुपये खर्च होते थे और उसे एजेंटों को 12 से 15 रुपये में बेचा जाता था। शराब ठेकों, टोल प्लाजा और किराना दुकानों तक इनकी खेप पहुंचने की बात सामने आई थी। मशीन से डाई तक बड़ा सेटअप फैक्ट्री में नकली सिक्के तैयार करने के लिए छह मशीनें और 59 डाई लगी थीं। इनमें 39 डाई बिना निशान वाली और 20 पर निशान लगे थे। इसके अलावा डाई पॉलिश करने की मशीन, ग्राइंडिंग स्टोन, हथौड़ा, फाइल, रिंच, आरी, इलेक्ट्रॉनिक कांटा और ओवन भी मिला था। इतनी बड़ी मात्रा में मिले सामान के स्रोत की पड़ताल अब जांच का अहम हिस्सा होगी। पांच आरोपी जेल भेजे जा चुके नकली सिक्के बनाने के मामले में पुलिस ने उपकार लूथरा उर्फ अभय प्रताप सिंह, हिमांशु उर्फ गुल्लू, कुलदीप, संतोष चौरसिया उर्फ जनार्दन और अनुराग पाल उर्फ लंकेश को गिरफ्तार किया था। पांचों को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस के सामने अब फैक्ट्री तक मशीन और डाई समेत अन्य सामान पहुंचाने वालों की पहचान करने की चुनौती है। सप्लायरों की जानकारी मिलने पर जांच आगे बढ़ेगी। मशीन और सामानों की कहीं और भी हुई है सप्लाई अब यह भी आशंका जताई जा रही है कि जिस तरह से मशीन यहां भेजी गई, उसी तरह कहीं और भी तो मशीन देकर सिक्कों का निर्माण नहीं हो रहा है। सप्लायर तक पहुंचने के बाद कई और नकली सिक्कों की फैक्ट्री का खुलासा हो सकता है।

पूर्व हाईकोर्ट जस्टिस ने लिया बड़ा संकल्प, PM फंड में ₹1 करोड़ देंगे, पत्नी के साथ देहदान भी

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने रिटायरमेंट के दिन अपने फैसले से सभी को भावुक कर दिया है। फेयरवेल स्पीच के दौरान उन्होंने मंच से घोषणा की है कि जीपीएफ के एक करोड़ एक लाख रुपए पीएम केयर्स फंड में डोनेट करेंगे। साथ ही मृत्यु के बाद समाज के लिए हमारा देह दान कर दें। 36 सालों की सेवा के बाद हुए रिटायर जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह 36 सालों की सेवा के बाद न्यायिक सेवा से रिटायर हुए हैं। वह देश में अलग-अलग जगहों पर जज की भूमिका में रहे हैं। कई अहम केसों में फैसले भी सुनाए हैं। रिटायरमेंट के दिन अपने फैसले से वह चर्चा में आ गए हैं। जीवन की कमाई और देहदान का लिया फैसला रिटायरमेंट के दिन फेयरवेल स्पीच में जस्टिस अवीनंद्र कुमार सिंह ने कहा कि मैं अपने जीवन की कमाई और निधन के बाद देह को समाज को समर्पित करना चाहता हूं। साथ ही कहा कि अपने लिए जिए तो क्या जिए। उनकी बातों को सुनकर फेयरवेल में मौजूद लोग भावुक हो गए। पति-पत्नी ने काराया पंजीयन रिटायरमेंट के दिन जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने कहा कि मैं और मेरी पत्नी ने जबलपुर मेडिकल कॉलेज में दो दिन पहले ही देहदान के लिए पंजीयन करवाया है। इस शरीर ने जीवन भर न्यायिक दायित्व को निभाया है। अब यह शरीर किसी भावी चिकित्सक के ज्ञान का माध्यम बने। 1.01 करोड़ रुपए दान करने की घोषणा देहदान के संकल्प के साथ जस्टिस सिंह ने अपनी जीवनभर की कमाई से जुड़ा एक और बड़ा फैसला लिया। उन्होंने अपने जीपीएफ की 1 करोड़ 1 लाख रुपए की राशि प्रधानमंत्री केयर्स फंड में दान करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जीवनभर की न्यायिक सेवा से अर्जित धन का उपयोग जरूरतमंदों और समाज के लिए होना चाहिए। रिटायरमेंट के दिन फेयरवेल कार्यक्रम में उनके इस फैसले की खास तौर चर्चा पर रही। 36 साल का रहा न्यायिक सफर जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने वर्ष 1990 में सिविल जज के रूप में न्यायिक सेवा की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने न्यायिक सेवा में अलग-अलग पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं और कई महत्वपूर्ण मामलों में फैसले सुनाए। मई 2023 में उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जज के रूप में शपथ ली थी। करीब तीन साल तक हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में सेवाएं देने के बाद 17 सितंबर 2026 को वे सेवानिवृत्त हुए। उनके रिटायरमेंट के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जजों की संख्या 38 रह गई है। पीएम केयर्स फंड में दी राशि देहदान के साथ ही उन्होंने एक और बड़ा फैसला लिया है। एक करोड़ एक लाख रुपए की राशि प्रधानमंत्री केयर्स फंड में दान करने की घोषणा की है। जीवनभर की न्यायिक सेवा से अर्जित धन जरूरतमंदों और समाज के लिए समर्पित है। कौन हैं जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह का लंबा न्यायिक अनुभव रहा है। 1990 में उन्होंने सिविल जज के रूप में अपने करियर की शुरुआत की थी। 1990 से उनका यह सफर जारी रहा। मई 2023 में उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में जज के रूप में शपथ ली। 17 सितंबर 2026 को वह एमपी हाईकोर्ट से रिटायर हो गए। उन्हें दोपहर साढ़े तीन बजे फुल कोर्ट फेयरवेल दिया गया। उनके रिटायरमेंट के बाद एमपी हाईकोर्ट में जजों की संख्या 38 रह गई है।  

GPM में सेवा संकल्प अभियान का भव्य शुभारंभ, 11 हजार दीपों से जगमगाया मल्टीपर्पस स्कूल मैदान

सेवा संकल्प अभियान के शुभारंभ पर जीपीएम में प्रज्वलित हुए आशीर्वाद के दो लाख दीप जिला स्तरीय कार्यक्रम में 11 हजार दीपों से जगमगाया मल्टीपर्पस स्कूल मैदान विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची के मुख्य आतिथ्य में हुआ मंचीय कार्यक्रम रायपुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष की सेवा, समर्पण और संघर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शुभारंभ अवसर पर आज गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत दो लाख दीप प्रज्वलित किए गए। जिला स्तरीय कार्यक्रम मल्टीपर्पस स्कूल मैदान, पेंड्रा में आयोजित हुआ, जहां 11 हजार दीपों के सामूहिक प्रज्वलन से पूरा परिसर जगमगा उठा। दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति शुभकामनाएं एवं आशीर्वाद व्यक्त किया गया। जिले में दीप प्रज्वलन का यह आयोजन केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहा। दुर्गा सरोवर पेंड्रा सहित सभी अमृत सरोवरों, ग्राम पंचायतों, ग्रामीण आजीविका मिशन के महिला स्व-सहायता समूहों, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों तथा विभिन्न शासकीय कार्यालयों और संस्थाओं में भी दीप प्रज्वलित किए गए। जिलेभर में आयोजित सामूहिक दीप प्रज्वलन से सेवा, समर्पण और जनभागीदारी का संदेश प्रसारित हुआ। विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची के मुख्य आतिथ्य में हुआ मंचीय कार्यक्रम दीप प्रज्वलन के उपरांत मल्टीपर्पस स्कूल पेंड्रा के असेम्बली हॉल में जिला प्रशासन द्वारा मंचीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 25 वर्षों से मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सेवा, समर्पण एवं संघर्ष के साथ देश की सेवा कर रहे हैं। मोदी जनकल्याण और राष्ट्रसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। वे जिस कार्य को ठान लेते हैं, उसे मिशन मोड में पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध रहते हैं। विधायक मरपच्ची ने कहा कि आज पूरा देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में आशीर्वाद के दीप प्रज्वलित कर उन्हें शुभकामनाएं दे रहा है। यह आयोजन उनके सार्वजनिक जीवन की सेवा यात्रा के प्रति जनभावनाओं की अभिव्यक्ति है। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रदर्शित की गईं 25 वर्षों की उपलब्धियां कार्यक्रम के दौरान स्कूली बच्चों द्वारा नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के विगत 25 वर्षों में किए गए विभिन्न कार्यों एवं महत्वपूर्ण पहलों को रचनात्मक रूप में प्रदर्शित किया गया। अंतरिक्ष मिशन, सर्जिकल स्ट्राइक, डिजिटल इंडिया सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और पहलों को प्रस्तुति के माध्यम से दर्शाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि विधायक प्रणव कुमार मरपच्ची ने उपस्थित लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई तथा स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जनसहभागिता का संदेश दिया। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं जिलेवासियों की सहभागिता कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष सुसमीरा पैकरा, उपाध्यक्ष राजा उपेंद्र बहादुर सिंह, कलेक्टर विजय दयाराम के., पुलिस अधीक्षक मनोज खिलाड़ी, डीएफओ कुमार निशांत, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं जिलेवासी उपस्थित रहे। जिलेभर में आयोजित दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में विभिन्न विभागों, संस्थाओं, महिला स्व-सहायता समूहों, हितग्राहियों एवं आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। सामूहिक रूप से प्रज्वलित दो लाख दीपों ने जिले में सेवा, समर्पण, सहभागिता और शुभकामनाओं का संदेश दिया।

पंजाब में PAU किसान मेले की शुरुआत, CM करेंगे उद्घाटन; वैज्ञानिक खेती और बढ़ेगी किसान आय पर जोर

चंडीगढ़  पंजाब एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी में आज से दो दिन का बड़ा किसान मेला शुरू हो रहा है। 18 और 19 सितंबर को लगने वाले इस मेले में पंजाब और आसपास के राज्यों से हजारों किसानों के पहुंचने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री भगवंत मान आज दोपहर 12 बजे मेले का उद्घाटन करेंगे।  इस दौरान सीएम राज्य के आगे बढ़कर खेती करने वाले (प्रोग्रेसिव) किसानों को सम्मानित करेंगे। इसके साथ ही वे किसानों को सरकार की नई योजनाओं और नीतियों की जानकारी भी देंगे। उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री PAU में लगाए गए अलग-अलग स्टॉलों को भी देखने जाएंगे। PAU प्रशासन ने इस बार मेले का मुख्य संदेश ‘वैज्ञानिक खेती अपनाएं, कृषि आय बढ़ाएं’ रखा है। इसका मकसद किसानों को पुरानी और पारंपरिक खेती से निकालकर नई तकनीकों की तरफ ले जाना है, जिससे खेती की लागत कम हो और कमाई बढ़ सके। मेले में यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक सीधे किसानों से बात करेंगे। वे फसलों की नई किस्मों, सही बीजों और खेती के नए तरीकों के बारे में जानकारी देंगे। एग्रीवोल्टिक्स तकनीक से कम जमीन में ज्यादा फायदा रिसर्च डायरेक्टर डॉ. ए.एस. ढट्ट ने बताया कि पंजाब में फसलों की पैदावार बहुत अच्छी है। उन्होंने बताया कि एग्रीवोल्टिक्स तकनीक के तहत एक ही जमीन पर सोलर पैनल (सौर ऊर्जा) लगाकर बिजली भी बनाई जा सकती है और नीचे खेती भी की जा सकती है। इससे जमीन का बेहतर इस्तेमाल होगा। मिट्टी की सेहत और पराली का इस्तेमाल डॉ. एम.एस. भुल्लर ने कहा कि पंजाब की मिट्टी ने सालों से पूरे देश का पेट भरा है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे पहले मिट्टी की जांच करवाएं, खाद और पानी का सही इस्तेमाल करें, पराली को जलाने के बजाय काम में लाएं और केवल एक फसल पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग तरह की खेती करें। किसान और PAU का रिश्ता PAU के रजिस्ट्रार सुखजीत पाल सिंह ने कहा कि यह मेला किसानों के फायदे के लिए ही बनाया गया है। उन्होंने सभी किसानों, ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को परिवार के साथ मेले में आने का न्योता दिया।  

MP में नेताओं के लगातार दौरे, राहुल गांधी से पहले मोहन भागवत करेंगे Gen-Z से संवाद?

भोपाल अगले तीन-चार दिनों तक पूरे देश की निगाहें मध्यप्रदेश पर रहने वाली हैं. दरअसल, 17 से 19 सितंबर तक संघ प्रमुख मोहन भागवत, बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी मध्य प्रदेश दौरे पर होंगे. इसके साथ ही संघ महासचिव दत्तात्रेय होसबोले भी मध्यप्रदेश दौरे पर आ रहे हैं. निगाहें आज उज्जैन में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और संघ प्रमुख मोहन भागवत की मुलाकात पर लगी हैं. मोहन भागवत गुरुवार दोपहर तक उज्जैन पहुंचेंगे, जहां उनकी बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ संगठनात्मक विषयों पर चर्चा हो सकती है. दोनों की इस मुलाकात को मध्य प्रदेश की सियासत से भी जोड़कर देखा जा रहा है. वहीं, आज पीएम मोदी के जन्मदिन के मौके पर मालवा से निकलने वाले सियासी संदेश पर पूरे देश की नजर होगी।  नबीन का पहला मध्यप्रदेश दौरा, क्या होगा भागवत संवाद? मध्यप्रदेश का मालवा यूं भी बीजेपी का गढ़ रहा है लेकिन पीएम मोदी के जन्मदिन के साथ अगले कुछ दिनों तक मालवा देश के केन्द्र में रहने वाला है. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के अध्यक्ष बनने के बाद उनके पहले मध्यप्रदेश दौरे की शुरुआत आज इंदौर से हो रही है. शाम को वे उज्जैन में रामघाट पर पीएम मोदी के जन्मदिन पर आयोजित कार्यक्रम में भी शामिल होंगे. संघ प्रमुख 18 सितम्बर से होने जा रही धर्म संसद को संबोधित करने आज दोपहर तक उज्जैन पहुंच रहे हैं. इस लिहाज से इन दोनों ही नेताओं की मुलाकात की पूरी संभावना है. माना जा रहा है कि ये मुलाकात बीजेपी के संगठनात्मक विषयों को लेकर नई दिशा तय कर सकती है।  राजनीतिक विश्लेषक प्रकाश भटनागर कहते हैं, '' इस तरह की मुलाकात के अमूमन कार्य्रक्रम जारी नहीं होते हैं. लेकिन स्वभाविक ही है कि जब संघ प्रमुख मोहन भागवत उज्जैन में हैं, तो नितिन नबीन उनसे मुलाकात करेंगे. लेकिन ये कोई एजेंडा मीटिंग होगी ये भी पूरी तरह से नहीं कहा जा सकता. चूंकि संघ प्रमुख सें संवाद एक दिशा तो देता ही है, उस लिहाज से इस मुलाकात को देखा जा सकता है  राहुल से पहले नबीन और भागवत का दौरा उधर कांग्रेस राहुल गांधी के इंदौर में होने जा रहे छात्रों की गूंज कार्यक्रम के ठीक पहले नितिन नबीन के मध्यप्रदेश आगमन और उज्जैन में होने जा रही धर्म संसद जैसे आयोजन के कई मायने निकाले जा रहे हैं. वहीं, कांग्रेस इसे बीजेपी की घबराहट बता रही है. कांग्रेस प्रवक्ता संगीता शर्मा कहती हैं, '' जैसे ही हमारे नेता राहुल गांधी जी का कार्यक्रम तय हुआ, उसके ठीक बाद नितिन नबीन का दौरा कार्यक्रम तय किया गया. बीजेपी ये भी तय नहीं कर पा रही थी कि वे आकर करेंगे क्या. ये सिर्फ राहुल गंधी जी की बढ़ती लोकप्रियता से हुई घबराहट का नतीजा है।  मालवा फिर बीजेपी की राजनीति का सेंटर पाइंट बना मालवा बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है, इंदौर में नगर निगम से लेकर सारे विधायक और सांसदों तक यहां बीजेपी का कब्जा है. इंदौर में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना का शुभारंभ करेंगे. उधर उज्जैन में राष्ट्रीय स्वयंस सेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत धर्म संसद में हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं. धर्म संसद 18 सितम्बर से है। 

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बोले- पीएम मोदी का सेवा और समर्पण देशवासियों के लिए प्रेरणा

प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्र के प्रति समर्पण और राष्ट्र निर्माण का संकल्प हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ का भव्य शुभारंभ, ‘आशीर्वाद के दीयों’ से जगमगा उठी राजधानी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर रायपुरवासियों ने जलाए 25 लाख से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ जनभागीदारी के इस ऐतिहासिक आयोजन ने बनाया कीर्तिमान, गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ ‘आशीर्वाद का दीया’ मुख्यमंत्री साय ने स्वयं दीप प्रज्वलित कर बढ़ाया जनभागीदारी का उत्साह, शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर महापुरुषों की प्रतिमाओं पर किया माल्यार्पण मुख्यमंत्री ने ‘प्रोजेक्ट अक्षरा’ का किया शुभारंभ, स्क्रीन टाइम कम कर पुस्तकों से जुड़ने के लिए किया जाएगा प्रेरित रायपुर  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आज राजधानी रायपुर लाखों दीपों की रोशनी से जगमगा उठी। प्रदेशव्यापी ‘सेवा संकल्प अभियान’ के शुभारंभ अवसर पर आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में समाज के सभी वर्गों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वयं दीप प्रज्वलित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ, सुदीर्घ और यशस्वी जीवन की कामना की। राजधानी में 25 लाख से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ प्रज्वलित कर रायपुरवासियों ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपना स्नेह और शुभकामनाएं व्यक्त कीं। जनभागीदारी के इस आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी स्थान मिला। मुख्यमंत्री साय शाम को अपने निवास कार्यालय से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम के लिए रवाना हुए। छत्तीसगढ़ क्लब चौक से भगत सिंह चौक, घड़ी चौक, शारदा चौक, गौरव पथ और शंकर नगर होते हुए तेलीबांधा तालाब स्थित मुख्य समारोह स्थल तक पूरे मार्ग में ‘आशीर्वाद के दीयों’ की रोशनी दिखाई दी। सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में नागरिकों ने दीप जलाए थे। मुख्यमंत्री साय ने विभिन्न स्थानों पर रुककर नागरिकों का उत्साहवर्धन किया और स्वयं भी उनके साथ दीप प्रज्वलित किए। मुख्यमंत्री साय ने इस दौरान घड़ी चौक स्थित भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, शारदा चौक स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी तथा भगत सिंह चौक स्थित अमर शहीद भगत सिंह की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उनका स्मरण किया। मरीन ड्राइव में आयोजित मुख्य समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके जन्मदिवस पर समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रसेवा को अपना संकल्प और जनसेवा को अपना ध्येय मानकर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की प्रतिष्ठा को विश्व पटल पर नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। मां भारती की सेवा के प्रति उनका समर्पण, दृढ़ संकल्प और राष्ट्र निर्माण के लिए निरंतर किया जा रहा परिश्रम हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की सार्वजनिक सेवा के 25 वर्षों की यात्रा सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और राष्ट्र निर्माण को समर्पित रही है। इस अवधि में देश ने विकास और जनकल्याण के अनेक क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन देखा है। गरीबों के पक्के आवास से लेकर स्वच्छ पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता, वित्तीय समावेशन और बुनियादी अधोसंरचना तक जनकल्याणकारी योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में बदलाव लाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 140 करोड़ देशवासियों को अपना परिवार मानकर ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र के साथ निरंतर देश की सेवा कर रहे हैं। उनकी नीतियों के केंद्र में गरीब, किसान, युवा, महिलाएं, श्रमिक, वंचित और जनजातीय समाज सहित प्रत्येक वर्ग का कल्याण है। विकसित भारत के निर्माण का उनका संकल्प आज देशवासियों के सामूहिक संकल्प में परिवर्तित हो रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का दिन रायपुर और पूरे छत्तीसगढ़ के लिए विशेष है। राजधानी में 25 लाख से अधिक ‘आशीर्वाद के दीये’ जलाकर नागरिकों ने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अपना स्नेह और शुभकामनाएं अभिव्यक्त की हैं। इस आयोजन में सामाजिक, सांस्कृतिक और विभिन्न जनसंगठनों सहित समाज के सभी वर्गों ने जिस उत्साह के साथ सहभागिता की, वह जनभागीदारी की शक्ति का सुंदर उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दीया’ केवल एक दीप प्रज्वलित करने का आयोजन नहीं, बल्कि सेवा और जनभागीदारी के संकल्प से जुड़ने का अवसर है। दीप की यह ज्योति हमें समाज के अंतिम व्यक्ति के जीवन में आशा और खुशहाली का प्रकाश पहुंचाने की प्रेरणा देती है। इसी भावना के साथ 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक प्रदेशभर में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत सेवा, स्वच्छता, स्वास्थ्य, पोषण, पर्यावरण संरक्षण और जनकल्याण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के दौरान ‘आशीर्वाद का दीया’ आयोजन को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में शामिल किए जाने की घोषणा की गई। मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि पर रायपुरवासियों, आयोजन से जुड़े सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवकों तथा जिला प्रशासन की पूरी टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि इतनी व्यापक जनभागीदारी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने रायपुर जिला प्रशासन की अभिनव पहल ‘प्रोजेक्ट अक्षरा’ का भी शुभारंभ किया। इस पहल के माध्यम से विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को स्क्रीन टाइम कम करने तथा पुस्तकों और अध्ययन की संस्कृति से अधिक जुड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आज हमारे जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन पुस्तकों से जुड़ाव हमारी कल्पनाशक्ति, विचार क्षमता और व्यक्तित्व को समृद्ध करता है। नई पीढ़ी में पढ़ने की आदत विकसित करने की दिशा में ‘प्रोजेक्ट अक्षरा’ एक सार्थक पहल साबित होगी। कार्यक्रम में नॉन के अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. ममता साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के पदाधिकारी, गणमान्य नागरिक तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।