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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्री अमृतलाल वेगड़ को श्रद्धांजलि अर्पित की

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मूर्धन्य साहित्यकार, चित्रकार श्री अमृतलाल वेगड़ की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि श्रद्धेय वेगड़ ने मां नर्मदा नदी की करीब चार हजार किलोमीटर पदयात्रा के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने नर्मदा अंचल की समृद्ध जैव विविधता से दुनिया को भी परिचित करवाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्व उप प्रधानमंत्री स्व. जगजीवन राम को श्रद्धांजलि अर्पित की मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और पूर्व उप प्रधानमंत्री श्री जगजीवन राम 'बाबूजी' की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उनका स्मरण करते हुए कहा कि स्व. श्री जगजीवन राम ने राष्ट्र की उन्नति और कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया। पूर्व उप प्रधानमंत्री श्री जगजीवन राम को अद्वितीय सामाजिक योद्धा और राष्ट्र के अनन्य सेवक के रूप में सदैव याद किया जाएगा।    

LG का चेतावनी भरा पत्र: तेलबंदी फैसले पर दिल्ली सरकार को दी नसीहत

नई दिल्ली दिल्ली में पुराने वाहनों पर प्रतिबंध के मुद्दे ने एक बार फिर सुर्खियां बटोरी हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर इस नीति पर पुनर्विचार की मांग की है। एलजी ने साफ कहा है कि दिल्ली इस तरह के कठोर प्रतिबंधों के लिए अभी तैयार नहीं है और यह मध्यम वर्ग के लिए भावनात्मक और आर्थिक रूप से भारी पड़ सकता है। क्या है पूरा विवाद? कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) के हालिया निर्देशों के तहत दिल्ली में 15 साल से पुराने पेट्रोल और 10 साल से पुराने डीजल वाहनों को 'एंड ऑफ लाइफ' (EOL) मानकर रजिस्ट्रेशन रद्द करने और स्क्रैप करने का आदेश है। यह फैसला 2014 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) और 2018 में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों पर आधारित है। हालांकि, एलजी ने इस नीति को 'अनुचित' बताते हुए इसके कार्यान्वयन पर सवाल उठाए हैं। एलजी ने अपने पत्र में लिखा, "एक डीजल वाहन दिल्ली में 10 साल पुराना होने पर 'एंड ऑफ लाइफ' माना जाता है, लेकिन वही वाहन चेन्नई या मुंबई में सड़क पर कानूनी रूप से दौड़ सकता है। यह मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 के सिद्धांतों के खिलाफ है, जो पूरे देश में एकसमान नियम लागू करता है।" मध्यम वर्ग पर भावनात्मक और आर्थिक बोझ एलजी ने पत्र में मध्यम वर्ग की भावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली के लोग अपनी मेहनत की कमाई से वाहन खरीदते हैं, जो उनके लिए सिर्फ सवारी का साधन नहीं, बल्कि भावनात्मक लगाव का प्रतीक भी है। ऐसे वाहन, जो कम चले हों और उत्सर्जन मानकों का पालन करते हों, उन्हें केवल उम्र के आधार पर स्क्रैप करना अन्यायपूर्ण है। एलजी ने जोर दिया कि नीति में उन वाहनों को टारगेट करना चाहिए जो वास्तव में प्रदूषणकारी और खराब हालत में हों। 'दिल्ली एक ट्रांजिट कॉरिडोर का हिस्सा' LG ने यह भी बताया कि दिल्ली एक प्रमुख ट्रांजिट कॉरिडोर का हिस्सा है, जहां उत्तर, पूर्व और पश्चिमी राज्यों को जोड़ने वाले वाहन गुजरते हैं। ऐसे में दूसरे राज्यों में वैध वाहनों को दिल्ली में गैर-कानूनी ठहराना अव्यवहारिक है। उन्होंने कहा कि यह नीति न केवल दिल्लीवासियों, बल्कि ट्रांजिट यात्रियों के लिए भी परेशानी का सबब बन सकती है। सक्सेना ने दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीरता को स्वीकार किया, लेकिन जोर दिया कि इसका समाधान संतुलित और वैज्ञानिक होना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करनी चाहिए, जिसमें हाल के बुनियादी ढांचे के सुधार, जैसे मेट्रो विस्तार, रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (RRTS), और इलेक्ट्रिक वाहन नीति को शामिल किया जाए। इसके अलावा, सड़कों की मरम्मत, हरियाली बढ़ाने, और एंटी-स्मॉग गन जैसे उपायों को भी रेखांकित करने की सलाह दी। एलजी ने की ये सिफारिशें     CAQM से पुनर्विचार: CAQM के निर्देशों को NCR में समान रूप से लागू करने की तैयारी होने तक स्थगित करने की मांग।     MORTH से संवाद: मोटर व्हीकल स्क्रैपिंग नियमों में बदलाव के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय से चर्चा।     सुप्रीम कोर्ट में याचिका: हाल के सुधारों और बदली परिस्थितियों के आधार पर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करना।     विस्तृत प्रदूषण रणनीति: तीन महीने में विशेषज्ञों और हितधारकों के साथ परामर्श कर प्रदूषण नियंत्रण की व्यापक योजना तैयार करना। LG ने बताया कि उन्हें नागरिकों, पर्यावरण विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों से ढेरों शिकायतें मिली हैं, जो इस नीति की प्रभावशीलता और व्यावहारिकता पर सवाल उठाती हैं। उन्होंने पुराने वाहनों को CNG या इलेक्ट्रिक में बदलने के लिए सरकारी प्रोत्साहन की वकालत की। साथ ही, सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने और सड़क धूल जैसे अन्य प्रदूषण स्रोतों पर ध्यान देने की जरूरत बताई।  

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में स्व. श्री मुखर्जी की 125वीं जयंती मनाई गई

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को अरेरा कॉलोनी श्रेत्र में स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर विनम्र श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में स्व. श्री मुखर्जी की 125वीं जयंती मनाई गई। ज्ञात हो कि स्व. श्री मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 1901 को हुआ था। माल्यार्पण एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रहित में किए गए योगदानों को याद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसंघ के संस्थापक स्व श्री मुखर्जी सच्चे राष्ट्रभक्त थे। वे प्रबल राष्ट्रवाद के प्रखर प्रणेता और सदैव राष्ट्रहित चिंतन में जीने वाले मुखर विचारक थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनीतिज्ञ नहीं, बल्कि एक दूरदृष्टि वाले राष्ट्रनायक थे। उनका जीवन राष्ट्र प्रेम, आत्मबलिदान और सेवा भावना की प्रेरणा देता है। उन्होंने भारतीय जनमानस की आवाज को बड़ी मुखरता से तत्कालीन सरकार के सामने रखा। स्व. डॉ. मुखर्जी ने ‘एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे’ का नारा देकर राष्ट्रीय एकता की आधारशिला को शिद्दत से मजबूत किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. डॉ. मुखर्जी देश की सांस्कृतिक और सामाजिक एकता के पक्षधर थे। उन्होंने देश को एकता के सूत्र में पिरोने के लिए नई दिशा, नये विचार दिये। उनके विचारों और मूल्यों को आत्मसात करने की जरूरत है। भारत राष्ट्र को और अधिक शक्तिशाली, समरस एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए आज श्री मुखर्जी के विचार और भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने कहा कि भारत राष्ट्र सदैव डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का ऋणी रहेगा। कार्यक्रम को सांसद भोपाल श्री आलोक शर्मा ने भी संबोधित कर अपनी बात रखी। इस अवसर पर खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग, खजुराहो सांसद श्री विष्णु दत्त शर्मा, विधायक श्री रामेश्वर शर्मा, श्री भगवान दास सबनानी, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री सुरेश पचौरी, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष श्री किशन सूर्यवंशी, पूर्व सांसद श्री आलोक संजर, समाजसेवी श्री रविन्द्र यति, श्री राहुल कोठारी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं नागरिकगण उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री साय ने अपने निवास कार्यालय में डॉ. मुखर्जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दी श्रद्धांजलि

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महान शिक्षाविद्, ओजस्वी राष्ट्रवादी और भारतीय जनमानस में राष्ट्रीय चेतना का संचार करने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री साय ने अपने निवास कार्यालय में डॉ. मुखर्जी के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके अमूल्य योगदान का स्मरण किया और उनके योगदान पर अपने विचार व्यक्त किये। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन देशभक्ति, निःस्वार्थ सेवा और अखंड भारत के प्रति अदम्य प्रतिबद्धता का प्रतीक है। वे दूरदर्शी राजनीतिज्ञ, प्रखर विचारक और शिक्षा, सामाजिक न्याय तथा राष्ट्रीय एकता के प्रबल समर्थक थे। उनके सिद्धांत और कार्य आज भी हम सभी को राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की एकता और संप्रभुता के लिए डॉ. मुखर्जी का संघर्ष भारतीय इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में अंकित है। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों को सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प लेने की प्रेरणा देता रहेगा। उन्होंने कहा कि डॉ. मुखर्जी का स्वप्न एक आत्मनिर्भर, सशक्त और गौरवशाली भारत का था, जिसे साकार करने के लिए हमें उनके आदर्शों का सतत अनुसरण करना होगा। साय ने कहा कि डॉ. मुखर्जी ने वैचारिक स्पष्टता और सैद्धांतिक राजनीति की नींव रखकर भारतीय लोकतंत्र को नई दिशा दी। उनके विचार आज भी प्रासंगिक हैं और राष्ट्र के विकास में मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं। डॉ. मुखर्जी के विचारों और मूल्यों को अपने आचरण में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि हम उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर एक समृद्ध, स्वाभिमानी और समर्थ भारत के निर्माण के लिए संयुक्त प्रयास करें। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सचिव पी दयानंद भी उपस्थित थे।

सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराया जा रहा बीज और उर्वरक

रायपुर, किसानों को समय पर खाद और बीज उपलब्ध कराने के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से भण्डारण और वितरण किया जा रहा है। बलौदाबाजार जिले में संचालित 129 सहकारी समितियों से किसान तेजी से खाद और उर्वरक का उठाव कर रहे हैं। अब तक समितियों से 33,926 मेट्रिक टन उर्वरक एवं  29,493.50 क्विंटल बीज का वितरण किसानों को किया गया है। किसानों नें अब तक 87 प्रतिशत उर्वरक एवं 97 प्रतिशत बीज का उठाव कर लिया है। उप संचालक कृषि ने बताया जिले में खरीफ सीजन 2025 के लिए सहकारी समितियों में रासायनिक उर्वरकों का लक्ष्य 58,136 मेट्रिक टन है जिसके विरूद्ध अब तक  38,760 मेट्रिक टन  भण्डारण एवं 33,926 मेट्रिक टन खाद का वितरण किया गया है। इसी प्रकार सहकारी समितियों में बीज का भण्डारण 30,704.60 क्विंटल एवं 29,493.50 क्विंटल बीज वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशानुसार खरीफ सीजन में खाद एवं बीज का भण्डारण सहकारी समितियों में किया जा रहा है ताकि किसानों को खाद बीज लेने में कोई दिक्कत न हो। किसानो को आवश्यकता अनुसार खाद बीज के शीघ्र उठाव हेतु प्रेरित किया जा रहा है।

उदयपुर में दो घंटे की मूसलाधार बारिश, ओल्ड सिटी में 3 से 4 फीट पानी, वाहन बंद पड़े

उदयपुर उदयपुर में शनिवार रात हुई करीब दो घंटे की मूसलाधार बारिश ने उदयपुर की ड्रेनेज व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। रात 9 बजकर 7 मिनट पर बारिश की शुरुआत हुई, और 10 बजकर 23 मिनट के बाद तेज बारिश ने रफ्तार पकड़ ली। लगातार बारिश से शहर के कई इलाकों में सड़कों पर नदी जैसी धाराएं बहने लगीं और आम जनजीवन प्रभावित हो गया। बारिश का सबसे ज्यादा असर ओल्ड सिटी के क्षेत्रों में देखा गया, जहां सड़कों पर 3 से 4 फीट तक पानी भर गया। तेज बहाव के कारण कई वाहन बीच रास्ते में बंद हो गए। सबसे ज्यादा नुकसान सवीना सब्जी मंडी में हुआ, जहां मंडी के अंदर और बाहर पानी भर गया। दुकानों में पानी घुसने से व्यापारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। नगर निगम की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल हर साल की तरह इस बार भी कुछ घंटों की तेज बारिश ने नगर निगम की तैयारियों की कलई खोल दी। देहलीगेट, सूरजपोल, अस्ती अस्पताल रोड और हाथीपोल जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। अगर शहर के कैचमेंट क्षेत्रों में इसी तरह की बारिश जारी रही, तो सीसारमा नदी का बहाव अगले कुछ घंटों में तेज हो सकता है। रविवार सुबह तक पिछोला झील का जलस्तर 7 फीट 4 इंच तक पहुंच गया है। झील की कुल क्षमता 11 फीट है, जिससे अब भी करीब 3 फीट 8 इंच की गुंजाइश बाकी है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में फिर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में प्रशासन और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

सेना अधिकारी की कार ने ट्रैक्टर-ट्रॉली को मारी टक्कर, दो किसानों की मौत

जैसलमेर जैसलमेर के सांगड़ थाना क्षेत्र में भेलानी टोल नाके के पास रविवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो किसानों की मौत हो गई। पचपदरा (बालोतरा) निवासी दोनों किसान खेत के काम से ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर मोहनगढ़ जा रहे थे। रास्ते में ट्रैक्टर का टायर पंचर हो गया, और वे सड़क किनारे पंचर निकाल रहे थे, तभी पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। हादसे में किसान भूराराम (42) पुत्र सुखराम व सुरताराम (51) पुत्र अनाराम गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को एनएचएआई की एंबुलेंस से जवाहर अस्पताल भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। टक्कर मारने वाली कार में आंध्र प्रदेश निवासी सेना अधिकारी एम. उमाशंकर अपने परिवार के साथ जैसलमेर आ रहे थे। हादसे में कार के एयरबैग खुलने से अधिकारी व उनके परिजन सुरक्षित रहे, उन्हें मामूली चोटें आईं हैं। मृतक भूराराम के चाचा बाबूराम ने सांगड़ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना के बाद मृतक किसानों के गांव में शोक की लहर है।

हस्तिनापुर के पते पर फर्जी फर्म बनाकर राजस्थान के सौरभ ने की 2.46 करोड़ जीएसटी चोरी

मेरठ हस्तिनापुर के पते पर फर्जी फर्म बनाकर एक व्यक्ति ने कागजों में करोड़ों का कारोबार दिखाते हुए फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट जनरेट किए। चार फर्म में सप्लाई दिखाकर इनसे 2.46 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी को अंजाम दिया। मवाना मंडल के राज्यकर विभाग के सहायक आयुक्त ने बहसूमा थाने में फर्जी दस्तावेज तैयार करने और धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है। सहायक आयुक्त उमेश सिंह ने शिकायत में बताया कि राजस्थान के धौलपुर जिले की जाटव बस्ती कासमपुर निवासी सौरभ कुमार ने पैन कार्ड व अन्य कागज लगाकर हस्तिनापुर के पते पर मैसर्स लॉर्ड शिव इंटरप्राइजेज के नाम पर 10 दिसंबर 2024 को जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया था। राज्यकर अधिकारी ने फर्म के व्यापार स्थल का भौतिक सत्यापन किया तो वहां कोई नहीं मिला और उस पते पर कोई व्यापारिक गतिविधि भी नहीं हो रही थी। इस पर जीएसटी पंजीकरण निरस्त करने के लिए नोटिस जारी किया गया। व्यापारी ने मई माह की रिटर्न जीएसटीआर-2ए दाखिल की। इसमें प्रयागराज के बहराना स्थित मैसर्स श्रावणी इंटरप्राइजेज से 13.67 करोड़ की इनवर्ड सप्लाई प्राप्त दिखाई गई। इससे 1.23 करोड़ के सीजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट और 1.23 करोड़ एसजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया। जबकि सप्लायर फर्म ने इस माल की कोई खरीद नहीं की थी न ही कोई नकद टैक्स जमा किया गया।   मैसर्स लॉर्ड शिव इंटरप्राइजेज की दाखिल रिटर्न जीएसटीआर-1 में चार फर्म को आउटवर्ड सप्लाई दिखाई गई। इनमें मैसर्स हरि ओम इंटरप्राइजेज को 12 करोड़ की सप्लाई करते हुए 2.16 करोड़ की आईजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट, मैसर्स कृष्णा ट्रेडर्स को 80.61 लाख की सप्लाई करते हुए 14.51 लाख की आईजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट, मैसर्स आरके ट्रेडर्स को 53.64 लाख की सप्लाई करते हुए 10.55 लाख और मैसर्स कृष्णा ट्रेडर्स को 22.40 लाख की सप्लाई करते हुए 4.03 लाख की आईजीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट हस्तांतरित की गई।   आरोपी ने बिना कोई आपूर्ति प्राप्त किए फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट जनरेट कर इन चारों फर्मों को पासऑन कर दी। आरोपी ने कागजों में करोड़ों का कारोबार दिखाकर धोखाधड़ी की। जीएसटी में ई-वे बिल जनरेट करने के लिए पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आता है। इससे साबित होता है कि आरोपी ने इस मोबाइल नंबर का प्रयोग किया है। रुड़की के सिविल लाइन स्थित एचडीएफसी बैंक के खाते का इसमें इस्तेमाल किया गया है। इस संबंध में एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा का कहना है कि रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी को तलाश किया जा रहा है। जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

यूपी पर्यटन को मिलेगा नया आयाम, योगी सरकार ने तैयार किया विकास का मास्टर प्लान

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर्यटकों और श्रद्धालुओं को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के प्रमुख मंदिरों, संतों के आश्रमों और अन्य धार्मिक स्थलों की जीर्णोद्धार कराएगी। सरकार ने राज्य की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए मंदिरों के बड़े पैमाने पर जीर्णोद्धार और पर्यटन विकास के लिए एक योजना शुरू की है। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को यह जानकारी दी गई। इस योजना के तहत बलिया स्थित भृगु और आजमगढ़ स्थित दुर्वासा ऋषि के आश्रमों सहित जैन मंदिर का कायाकल्प किया जाएगा। जानकारी के मुताबिक विशेष रूप से पूर्वांचल के मंदिरों पर ध्यान केंद्रित करते हुए, पर्यटन विभाग ने एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की है।इसमें बलिया में भृगु आश्रम स्थित चित्रगुप्त मंदिर का सौंदर्यीकरण, तेंदुआ पट्टी फरसातार मौजा होलपुर में हनुमान मंदिर परिसर का पर्यटन विकास, बसंतपुर गांव में उदासीन मठ का विकास, आजमगढ़ के महाराजगंज में भैरो बाबा स्थल का पर्यटन विकास और फूलपुर पवई में दुर्वासा ऋषि आश्रम का विकास किया जाना प्रस्तावित है। बयान में कहा गया है कि मऊ जिले में श्री वीरा बाबा ब्रह्म स्थान का पर्यटन विकास, आजमगढ़ के मिश्रापुर में राम जानकी मंदिर का विकास, कन्नौज के सदर में फूलमती देवी मंदिर का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। बयान में कहा गया है कि इसके साथ ही आजमगढ़ के धन्नीपुर, सिंगपुर और बांसगांव में स्वर्गीय संत परमहंस बाबा के स्थल का भी पर्यटन विकास इस योजना में शामिल है। अधिकारियों के मुताबिक सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। अयोध्या, काशी, और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक केंद्रों के साथ-साथ राज्य के अन्य प्राचीन मंदिरों और तीर्थ स्थलों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर लाने के लिए सरकार ने कई योजनाएं लागू की हैं।  

12 घंटे लगातार मूसलाधार बारिश, कई इलाकों में भरा पानी, जनजीवन अस्त-व्यस्त

अंबिकापुर  मौसम विभाग के उत्तरी छत्तीसगढ़ में आरेंज अलर्ट का अनुमान सही साबित हुआ। संभाग मुख्यालय में अंबिकापुर में शनिवार रात साढ़े आठ बजे रविवार सुबह 7 बजे तक रिकॉर्ड 172 मिमी बारिश हुई है। जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया है। शहर के अधिकांश इलाकों में जल भराव की स्थिति निर्मित ही गई है। हालात को देखते हुए निगम अमला पानी निकासी की व्यवस्था बनाने में जुटा है। उत्तरी छत्तीसगढ़ में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ सरगुजा संभाग के अधिकांश इलाकों में शनिवार रात से भारी बारिश हो रही है। लगातार बारिश से नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। भारी बारिश के कारण सरगुजा जिले के ग्रामीण इलाकों में कुछ स्थानों पर आवागमन भी बाधित है। इधर मौसम विभाग ने सरगुजा संभाग में दो दिनों तक बारिश और वज्रपात की चेतावनी दी है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम से राहत मिलने की संभावना नहीं है। इस बार दक्षिण पश्चिम मानसून उत्तरी छत्तीसगढ़ में ज्यादा ही मेहरबान है। सरगुजा संभाग में मानसून ने 17 जून के आसपास दस्तक दी। इसका प्रभाव व्यापक रहा और पूरे संभाग में लगभग तीन सप्ताह से भारी बारिश का क्रम जारी है। पूरे मानसून अवधि की 25 प्रतिशत बारिश जून माह में ही हो चुकी हूं। लोगों से सावधानी की अपील मौसम विज्ञानियों के अनुसार, मानसून को प्रभावी बनाने वाले सिस्टम के लगातार सक्रिय होते रहने से सरगुजा संभाग में बारिश से राहत नहीं मिल रही है। सरगुजा संभाग में ऑरेंज अलर्ट जारी होने के बाद प्रशासन ने नागरिकों से सावधानी बरतने की अपील की है। सिस्टम प्रभावी, बारिश से अभी राहत नहीं मौसम विज्ञानी एएम भट्ट के अनुसार वर्तमान में मानसून टूफ सामान्य स्थिति में है। एक चक्रवातीय परिसंचरण पूर्वी मध्यप्रदेश एवं निकटवर्ती क्षेत्रों में सक्रिय है। अगले 24 घंटों के भीतर गांगेय पश्चिम बंगाल एवं निकटवर्ती क्षेत्रों में एक निम्न दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। एक ट्रफ उत्तर-पूर्वी अरब सागर से, उत्तर गुजरात, उत्तर मध्यप्रदेश, दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश, झारखंड से होकर गंगीय पश्चिम बंगाल के उत्तरी भागों एवं निकटवर्ती क्षेत्रों में सक्रिय है। एक साथ बन रहे कई सिस्टम मानसून की गति को औऱ ऊर्जा देंगे। ऐसे में अगले दो तीन दिन तक बारिश से राहत की संभावना कम है। सड़कें, मोहल्ले, कालोनी में जल भराव से परेशानी शनिवार रात से हो रही बारिश के कारण शहर की सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति और दयनीय हो गई है। गड्ढों से पटी इन सड़कों में बारिश का पानी भर गया है। ऐसे में आवागमन जोखिम भरा हो गया है। शहर की निचली बस्ती खासकर नमनाकला के फोकट पारा, झंझट पारा, बौरीपारा, महादेव गली, दर्रीपारा की कुछ बस्ती सहित खरसिया रोड स्थित कुंडला सिटी कालोनी में जल भराव से लोग परेशान हैं। इधर वार्ड क्रमांक 20 चोरका कछार में जल भराव से मोहल्लेवासी परेशान हैं। यहां नाले का पानी निचली बस्ती तक पहुंच गया है। निकासी की समस्या के कारण कई घरों में बारिश का पानी घुस गया है। रातभर लोग घरों से पानी निकालने में जुटे रहे। पानी निकासी के लिए निगम अमला और पार्षद सुबह से सक्रिय हैं। लगातार मूसलाधार बारिश से अम्बिकापुर शहर को जलापूर्ति करने वाली बांकी नदी में वर्षों बाद बाढ़ आई है। नदी का पानी खैरबार सहित आसपास गांव की खेतों तक फैल गया है। इससे खेतों में लगाए गए धान के बीज और पौधे बह गए। अच्छी बारिश के कारण कई किसानों ने धान की रोपाई के लिए थरहा (नर्सरी) लगाया है, जो भारी बारिश और नदी की बाढ़ से बर्बाद हो गया है।