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स्कूलों को बम धमकी मिलने से दहशत, फरीदकोट में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

फरीदकोट. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की शुकराना यात्रा से पहले फरीदकोट में उस समय हड़कंप मच गया जब तीन शिक्षण संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। धमकी मिलने के बाद जिला पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं। एहतियात के तौर पर संबंधित स्कूलों और कॉलेजों को खाली करवाकर व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान गुरुवार को अपनी शुकराना यात्रा के तहत फरीदकोट और कोटकपूरा पहुंचने वाले हैं। इसी बीच ईमेल के जरिए सादिक के सरकारी कन्या स्कूल, फरीदकोट के दशमेश पब्लिक स्कूल और दशमेश डेंटल कॉलेज को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। धमकी मिलते ही प्रशासन में हलचल मच गई और सुरक्षा व्यवस्था तुरंत बढ़ा दी गई। स्कूलों को खाली करवाया गया पुलिस अधिकारियों के अनुसार सबसे पहले सादिक स्थित सरकारी कन्या स्कूल को खाली करवाया गया। इसके बाद फरीदकोट स्थित दशमेश पब्लिक स्कूल और दशमेश डेंटल कॉलेज में भी पुलिस टीमों ने पहुंचकर जांच शुरू कर दी। पूरे परिसर की बारीकी से तलाशी ली जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों की टीमें भवनों, कमरों और आसपास के इलाकों की जांच में जुटी हुई हैं। इस संबंध में जानकारी देते हुए उप पुलिस अधीक्षक तरलोचन सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी थी। उन्होंने कहा कि अब तक किसी भी शिक्षण संस्थान से कोई संदिग्ध या प्रतिबंधित वस्तु बरामद नहीं हुई है। हालांकि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। घबराए अभिभावक बच्चों को लेने पहुंचे धमकी की खबर फैलते ही बच्चों के अभिभावकों में भी चिंता बढ़ गई। कई अभिभावक तुरंत स्कूलों की ओर रवाना हो गए। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है। गौरतलब है कि हाल के दिनों में पंजाब के कई शहरों में इस तरह की धमकियों के मामले सामने आए हैं। कुछ दिन पहले जालंधर समेत अन्य इलाकों में भी शिक्षण संस्थानों और सार्वजनिक स्थानों को धमकी भरे संदेश मिले थे। ऐसे मामलों के बाद सुरक्षा एजेंसियां पहले से ही सतर्क हैं। मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए फरीदकोट में पहले ही सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। अब धमकी मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन ने पूरे जिले में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सख्त कर दी है। फिलहाल पुलिस धमकी भेजने वाले की पहचान करने और पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

झगराखाण्ड नगर पंचायत में “नारी शक्ति अधिनियम” पर चर्चा से पहले ही छिड़ा सियासी संग्राम, महिला जनप्रतिनिधियों के अधिकारों को लेकर परिषद पर उठे गंभीर सवाल

एमसीबी/झगराखाण्ड झगराखाण्ड नगर पंचायत की आगामी सामान्य सभा का एजेंडा इस बार “नारी शक्ति अधिनियम” और महिला सशक्तिकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्रित है, लेकिन बैठक से पहले ही यह मुद्दा राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। नेता प्रतिपक्ष हेमलता कोमल कुमार ने परिषद की कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोलते हुए महिला जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यदि परिषद में निर्वाचित महिला पार्षदों को ही समान अधिकार और विकास कार्यों में भागीदारी नहीं मिल रही, तो महिला सशक्तिकरण की बातें केवल औपचारिकता बनकर रह जाती हैं। उनका आरोप है कि अधोसंरचना मद से प्राप्त लगभग 3 करोड़ रुपये की विकास राशि के वितरण में खुला भेदभाव किया गया है। हेमलता कोमल कुमार के अनुसार परिषद में अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की महिला पार्ष दों के वार्डों को एक भी विकास कार्य नहीं दिया गया, जबकि कुछ प्रभावशाली वार्डों में बड़े पैमाने पर कार्य स्वीकृत कर शुरू भी कर दिए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि लगभग डेढ़ करोड़ रुपये के काम पहले ही चुनिंदा क्षेत्रों में प्रारंभ हो चुके हैं और बची हुई राशि भी उन्हीं वार्डों में खर्च करने की तैयारी चल रही है। नेता प्रतिपक्ष ने इसे राजनीतिक पक्षपात बताते हुए कहा कि विपक्ष से निर्वाचित महिला पार्षदों को योजनाबद्ध तरीके से नजरअंदाज किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि “जब अपनी ही परिषद में महिलाओं के साथ समान व्यवहार नहीं हो

IPL को लेकर रायपुर में जबरदस्त दीवानगी, टिकट बिक्री शुरू होते ही हाउसफुल

रायपुर. आईपीएल 2026 के दो बड़े मुकाबलों को लेकर राजधानी रायपुर इस समय पूरी तरह क्रिकेट के जुनून में डूबी हुई है। 10 मई को मुंबई इंडियंस (MI) और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) के बीच हाई-वोल्टेज मैच खेला जाएगा। 13 मई को RCB बनाम कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) की भिड़ंत होगी। इस बीच जहां एक इन मुकाबलों के टिकट कुछ ही मिनटों में सोल्ड आउट हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कालाबाजारी ने कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है। 10 मई को मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच होने वाले मुकाबले के लिए दूसरे चरण की टिकट बिक्री शुरू होते ही भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 2600 से 8000 रुपये तक की कीमत वाले टिकट कुछ ही मिनटों में बिक गए। खासकर 2600 और 2700 रुपये वाले लगभग 3000 से अधिक टिकट तुरंत खत्म हो गए। पहले चरण में ही स्टेडियम की आगे की सीटें भर चुकी थीं, जिसके कारण दूसरे चरण में उपलब्ध अधिकतर टिकट पीछे की सीटों के ही थे। इसी वजह से महंगे टिकट (लगभग 8000 रुपये) भी देर शाम तक लगभग खत्म हो गए। वहीं 13 मई को आरसीबी और कोलकाता नाइट राइडर्स के मुकाबले के प्रति दर्शकों की रुचि अपेक्षाकृत कम नजर आ रही है। अब तक इस मैच के लगभग 60 प्रतिशत टिकट ही बिक पाए हैं, जबकि करीब 40 प्रतिशत टिकट अभी भी उपलब्ध हैं। मैच की लोकप्रियता के बीच टिकटों की कालाबाजारी भी तेजी से बढ़ गई है। बाजार में एजेंट और दलाल सक्रिय होकर टिकटों को कई गुना कीमत पर बेच रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, लगभग 3000 रुपये वाला टिकट 6000 रुपये या उससे अधिक में बेचा जा रहा है। लोअर और अपर स्टैंड के टिकट 5500 से 8000 रुपये तक पहुंच गए हैं, जबकि प्रीमियम ए और बी स्टैंड के टिकट 16000 रुपये तक में उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस तरह की गतिविधियों ने आम दर्शकों के लिए टिकट हासिल करना और मुश्किल कर दिया है, जिससे ऑनलाइन बुकिंग शुरू होते ही टिकट खत्म होने की स्थिति बन रही है। मुंबई इंडियंस रायपुर पहुंची, हार्दिक पांड्या अनुपस्थित 10 मई के मुकाबले के लिए मुंबई इंडियंस की टीम रायपुर पहुंच चुकी है। रोहित शर्मा, सूर्यकुमार यादव, नमन धीर और अन्य खिलाड़ी भारी सुरक्षा के बीच एयरपोर्ट से सीधे होटल पहुंचे। फैंस ने एयरपोर्ट पर अपने पसंदीदा खिलाड़ियों का जोरदार स्वागत किया। हालांकि कप्तान हार्दिक पांड्या टीम के साथ नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में यदि वे समय पर नहीं जुड़ते हैं, तो सूर्यकुमार यादव के कप्तानी संभालने की संभावना जताई जा रही है। टीम फिलहाल नवा रायपुर के मेफेयर होटल में ठहरी हुई है। 9 मई को विराट कोहली के साथ रायपुर पहुंचेगी RCB रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम 9 मई को विराट कोहली के साथ रायपुर पहुंचेगी। टीम यहां 5 दिनों तक रुककर दोनों मुकाबलों की तैयारी करेगी। खिलाड़ियों का अभ्यास सत्र शाम के समय रखा गया है ताकि गर्मी से बचा जा सके। सुरक्षा कारणों से अभ्यास सत्र में दर्शकों की एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है और होटल में भी फैंस का प्रवेश रोक दिया गया है। स्टेडियम में सख्त सुरक्षा और व्यवस्थाएं प्रशासन ने दोनों टीमों की सुरक्षा और गोपनीयता को देखते हुए कड़े इंतजाम किए हैं। स्टेडियम और होटल परिसर में आम लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी में हैं।

पटना में भव्य शपथ ग्रहण, सम्राट चौधरी सरकार में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार बने मंत्री

 पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज अपने मंत्रिपरिषद का विस्तार किया। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में पहला विस्तार किया गया, जिसमें 32 नये मंत्रियों को शामिल किया गया। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार में बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का भी नाम शामिल है। आज से करीब 22 से दिन पहले जब सम्राट चौधरी को बिहार का मुख्यमंत्री बनाया गया तब भी निशांत कुमार के उपमुख्यमंत्री बनने की चर्चा हुई थी। जेडीयू के तमाम बड़े नेताओं ने उन्हें मनाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने पहले बिहार घूमने की बात कहकर डिप्टी सीएम बनने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद जेडीयू ने विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव सरीखे वरिष्ठ नेताओं को यह जिम्मेदारी सौंपी। सम्राट चौधरी कैबिनेट के विस्तार के वक्त जेडीयू के वरिष्ठ नेता संजय झा और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने निशांत कुमार को समझाया और बिहार सरकार में शामिल होने के लिए तैयार किया। अब सबकी निगाह इस बात पर टिकी है कि आखिर निशांत कुमार को कौन सा विभाग मिलता है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, निशांत कुमार के खाते में वही विभाग आएंगे जो फिलहाल अभी जेडीयू के खाते यानी कि विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव के पास है। आपको बता दें कि जब निशांत कुमार मंत्री पद के लिए तैयार नहीं दिख रहे थे तब उनके साथ नजर आ रहे युवा विधायकों की कोर टीम में से किसी एक को मंत्री बनाने की चर्चा थी। जेडीयू के उन युवा विधायकों में रुहैल रंजन, अतिरेक कुमार, चेतन आनंद, कोमल सिंह, ऋतुराज कुमार, नचिकेता मंडल वगैरह का नाम शामिल था। भाजपा ने इन्हें बनाया मंत्री भाजपा कोटे से विजय कुमार सिन्हा, रामकृपाल यादव, केदार गुप्ता, नीतीश मिश्रा, मिथिलेश तिवारी, रमा निषाद,दिलीप जायसवाल, श्रेयसी सिंह,प्रमोद चंद्रवंशी, लखविंदर पासवान, संजय टाइगर, इंजीनियर कुमार शैलेन्द्र, नंद किशोर राम, रामचंद्र प्रसाद और अरुण शंकर प्रसाद को मंत्री बनाया गया है। जेडीयू कोटे से कौन-कौन जेडीयू कोटे से निशांत कुमार, श्रवण कुमार, अशोक चौधरी, रत्नेश सदा, मदन सहनी, लेसी सिंह, श्वेता गुप्ता, बुलो मंडल, दामोदर रावत, भगवान सिंह कुशवाहा, सुनील कुमार, शीला मंडल और जमा खान को मंत्री बनाया गया है। विजय चौधरी और बिजेंद्र यादव पहले से मंत्री हैं। कुशवाहा के बेटे फिर बने मंत्री चिराग पासवान की पार्टी लोजपा (रामविलास) से संजय सिंह व संजय पासवान, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हम से संतोष सुमन और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो से दीपक प्रकाश मंत्री बने हैं।

सेवा सेतु छत्तीसगढ़ में सुशासन और डिजिटल क्रांति का नया अध्याय

रायपुर छत्तीसगढ़ में शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में “सेवा सेतु” एक गेम-चेंजर पहल साबित हो रही है। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रशासनिक सेवाओं को नागरिकों की उंगलियों तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी विजन का परिणाम है कि आज आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र से लेकर राशन कार्ड और भू-नक़ल तक की 441 से अधिक सेवाएं एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध हैं। डिजिटल युग में सुशासन का असली अर्थ है सेवाओं का सरलीकरण और समयबद्धता। “सेवा सेतु” इसी सोच को साकार कर रहा है, जो छत्तीसगढ़ की प्रशासनिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है। डिजिटल सुशासन- कार्यालयों के चक्करों से मिली मुक्ति एक समय था जब नागरिकों को प्रमाण-पत्र बनवाने जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों की दौड़ लगानी पड़ती थी। इसमें न केवल समय और श्रम की बर्बादी होती थी, बल्कि बिचौलियों का डर भी बना रहता था। “सेवा सेतु” ने इस पारंपरिक ढर्रे को बदलते हुए “वन स्टॉप सॉल्यूशन” पेश किया है। अब नागरिक घर बैठे या नजदीकी लोक सेवा केंद्र से ऑनलाइन आवेदन कर निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का लाभ ले रहे हैं। तकनीकी उन्नयन की दिशा में राज्य ने लंबी छलांग लगाई है। छत्तीसगढ़ के पुराने ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर जहाँ केवल 86 सेवाएं उपलब्ध थीं, वहीं नए और उन्नत “सेवा सेतु” प्लेटफॉर्म पर अब 441 सेवाएं लाइव हैं। इस पोर्टल पर 30 से अधिक विभागों को एक साथ जोड़ा गया है इस नई सेवा में 54 नई सेवाओं के साथ विभिन्न विभागों की 329 री-डायरेक्ट सेवाओं का सफल एकीकरण किया गया है, जिससे नागरिकों को अलग-अलग पोर्टल्स पर भटकना नहीं पड़ता। छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा में सेवा देना अब केवल कागजी नियम नहीं, बल्कि हकीकत है। पिछले 28 महीनों के आंकड़े इसकी सफलता की कहानी बयां करते हैं। कुल  75 लाख 70 हजार से अधिक आवेदनों में से 68 लाख 41 हजार से अधिक मामले का निराकरण किया जा चुका है। इस प्रकार 95 प्रतिशत से अधिक आवेदनों का निपटारा तय समय-सीमा के भीतर किया गया। प्रमाण-पत्रों की डिजिटल सुलभता आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक मांग बुनियादी प्रमाण-पत्रों की रही है। चिप्स (ब्भ्पच्ै) कार्यालय के मुताबिक आय प्रमाण-पत्ररू 32 लाख से अधिक आवेदन, मूल निवास, जाति प्रमाण-पत्र, विवाह पंजीयन और भू-नक़ल सेवाओं का भी बड़े पैमाने पर डिजिटल उपयोग हुआ है। व्हाट्सएप और डिजिटल ट्रांजेक्शन- पहुँच हुई और भी आसान तकनीक को जन-जन तक पहुँचाने के लिए अब “सेवा सेतु” को व्हाट्सएप से भी जोड़ दिया गया है। डिजिटल इंडिया की अवधारणा को धरातल पर उतारते हुए इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से अब तक 3.3 करोड़ से अधिक डिजिटल ट्रांजेक्शन किए जा चुके हैं। पारदर्शिता और विश्वास का नया मॉडल “सेवा सेतु” केवल एक तकनीकी पोर्टल नहीं, बल्कि सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। इलेक्ट्रॉनिक वर्कफ्लो प्रणाली के कारण अब हर आवेदन की रीयल-टाइम निगरानी संभव है, जिससे अनावश्यक देरी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हुई है। यदि इसी गति से सुधार जारी रहा, तो छत्तीसगढ़ का यह मॉडल भविष्य में देश के अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा बन सकता है।  

विष्णु सरकार ने बड़े प्रशासनिक बदलाव किए, नई टीम से अधिकारियों से उम्मीदें जुड़ीं

रायपुर  छतीसगढ़ में बड़े स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल की हुआ है। तबादलों की इस आंधी में कई अहम बदलाव हुए हैं जो प्रदेश सरकार के लिहाज से काफी अहम है। इस फेरबदल को रिजल्ट ओरिएंटिड तरीके से देखा जा रहा है। काफी लंबे से समय से इंतजार किए जा रहे आईएएस अफसरों के तबादले आज हो गए हैं। इन अधिकारियों में एसीएस स्तर से लेकर कलेक्टर तक शामिल रहे। इस बड़े फेरबदल को इसिलए महत्वपूर्ण कहा जा रहा है क्योंकि इसे सीएम विष्णुदेव साय ने की नई प्रशासनिक टीम कहा जा रहा है जो आगामी चुनाव तक काम करेगी। दरअसल छतीसगढ़ सरकार को ढाई साल पूरे हो गए हैं।अब बचे समय में नतीजे लाने की जिम्मेवारी है । लिहाजा नतीजे देने वाले अफसरों को महत्वपूर्ण पदों पर तैनात किया गया है। सात कलेक्टरों को हटाकर नए चेहरों को तैनाती दी गई है। जानकारी आ रही है कि बलरामपुर कलेक्टर को मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद हटाया गया है। वहीं एसीएस ऋचा शर्मा को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऋचा को नतीजे देने वाली अफसर के रूप में पहचाना जाता है। इसके अलावा मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह ऊर्जा विभाग के प्रशासनिक प्रमुख तो बनाए गए हैं, साथ ही उन्हें बिजली कंपनी का अध्यक्ष भी बनाया गया है। वहीं बात अगर गृह एवं जेल विभाग की करें तो पहली बार महिला अधिकारी की तैनाती हुई है। निहारिका बारीक को इस अहम विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। इसी तरह वित्त विभाग अब डॉ. रोहित यादव संभालेंगे। मुकेश बंसल को पीडब्ल्यूडी और छत्तीसगढ़ रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की जिम्मेदारी दी गई है। मुकेश बंसल से सरकार उम्मीद कर रही है कि चुनाव मोर्चे पर जाने से पहले तक स्थिति बेहतर हो जाए। वहीं इन तबादलों में सबसे ज्यादा चर्चा बसवराजू एस के मुख्यमंत्री सचिवालय से बाहर होने को लेकर रही। उन्हें अब कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा और रोजगार विभाग का प्रभार सौंपा गया है। 7 जिलों के कलेक्टरों को भी बदला गया है। सरकार ने संदेश  साफ और स्पष्ट है कि लोक हित योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लिहाजा सरकार ने बेहतर नतीजों की दिशा में बड़ा फेरबदल करके पहला कदम बढ़ा दिया है। देखना होगा सरकार कितनी सफल हो पाती है और ये अधिकारी लक्ष्यों के कितने करीब पहुंच पाते हैं।

डीडवाना में पशु तस्करी का खुलासा, ट्रक से 21 ऊंट बरामद, दो की मौत

डीडवाना डीडवाना जिले के परबतसर थाना क्षेत्र में ऊंट तस्करी का मामला सामने आया है. वहां गौरक्षा दल और पुलिस ने संयुक्त रूप से अवैध पशु तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की और एक ट्रक में भरे 21 ऊंटों को मुक्त कराया है. साथ ही  पुलिस ने दो ऊंट तस्करों को भी गिरफ्तार किया है. लेकिन इस घटना से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें गौरक्षकों ने ऊंट तस्करों को अनोखी सजा सुनाई गई. उन्होंने ऊंट तस्करों को सबक सिखाने के लिए उन्हें साड़ी पहनाकर डांस करवाया और माफी भी मंगवाई. इस वीडियो में ऊंट तस्कर हाथ जोड़कर माफी मांगते हुए भी नजर आ रहे हैं. 21 ऊंटों की तस्करी, 2 की मौत यह घटना गत 3 मई की देर रात की है. गौरक्षा दल किशनगढ़ को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक ट्रक में ऊंटों को भरकर परबतसर के रास्ते मेवात (हरियाणा) ले जाया जा रहा है. इस दौरान हाईवे पर गौरक्षकों ने ट्रक को रुकवाया ओर तीन तस्करों को पकड़ लिया. ट्रक की जांच करने पर ट्रक के अंदर तिरपाल के नीचे 21 ऊंट और ऊंटनी ठूंस-ठूंस कर भरे पाए गए. तस्करों की इस निर्दयता के कारण दम घुटने से दो ऊंटों की मौके पर ही मौत हो गई, जिसे देख गौसेवकों में भारी रोष फैल गया. साथ ही उन्होंने वध के लिए मेवात ले जाए जा रहे 21 ऊंटों को तस्करों के चंगुल से मुक्त करा दिया.  डीडवाना जिले के परबतसर थाना क्षेत्र में ऊंट तस्करी का मामला सामने आया है. वहां गौरक्षा दल और पुलिस ने संयुक्त रूप से अवैध पशु तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की और एक ट्रक में भरे 21 ऊंटों को मुक्त कराया है. साथ ही पुलिस ने दो ऊंट तस्करों को भी गिरफ्तार किया है साड़ी पहनाकर करवाया डांस इस दौरान पुलिस के हवाले करने से पहले गो रक्षकों ने मौके पर ही तस्करों को सबक सिखाने के लिए उन्हें साड़ी पहनाई और मुख्य सड़क पर ही फिल्मी गाने " मुझको राणा जी माफ करना, गलती म्हारे से हो गई…" गाने पर जमकर डांस करवाया. इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने इसका वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में तस्कर हाथ जोड़कर माफी मांगते नजर आ रहे हैं. घटना की सूचना पर परबतसर पुलिस थाने से राजेंद्र प्रसाद पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को संभाला. इस दौरान पुलिस ने मेवात निवासी वसीम अकरम और मेरठ निवासी जिशान के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया.

बीएसएफ मुख्यालय ब्लास्ट केस में नई कड़ी, पकड़ा गया दविंदर चंडीगढ़ ग्रेनेड हमले से जुड़ा

जालंधर. बीएसएफ मुख्यालय के बाहर हुए धमाके की जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को एक बड़ा सुराग हाथ लगा है। जांच में पकड़े गए नवांशहर के जमशेदपुर निवासी दविंदर सिंह का संबंध अब चंडीगढ़ में भाजपा दफ्तर के बाहर हुए ग्रेनेड हमले से भी जुड़ता दिखाई दे रहा है। सूत्रों के अनुसार दविंदर सिंह वही व्यक्ति है जिसने चंडीगढ़ हमले में इस्तेमाल किए गए ग्रेनेड उपलब्ध करवाए थे। फिलहाल दविंदर सिंह पंजाब पुलिस की काउंटर इंटेलीजेंस शाखा की गिरफ्त में है। उससे लगातार पूछताछ की जा रही है। हालांकि शुरुआती पूछताछ में अब तक बीएसएफ मुख्यालय के बाहर हुए धमाके से उसका सीधा संबंध स्पष्ट नहीं हो पाया है। इसके बावजूद जांच एजेंसियां इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लेकर कई पहलुओं पर काम कर रही हैं। सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को दविंदर सिंह के संपर्कों और गतिविधियों से जुड़े कई अहम इनपुट मिले हैं। इसी आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि वह पंजाब और चंडीगढ़ में सक्रिय कुछ संदिग्ध नेटवर्क से जुड़ा हो सकता है। जांच एजेंसियां पूछताछ में जुटी जांच एजेंसियों का मानना है कि चंडीगढ़ में भाजपा दफ्तर के बाहर ग्रेनेड फेंकने की घटना और हालिया धमाके के पीछे सक्रिय लोगों के बीच किसी न किसी स्तर पर संपर्क हो सकता है। इसी कड़ी में दविंदर सिंह से लगातार पूछताछ की जा रही है। उधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय जांच एजेंसी की टीम भी दोपहर बाद जालंधर पहुंचने वाली है। माना जा रहा है कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी स्थानीय पुलिस और काउंटर इंटेलीजेंस अधिकारियों के साथ मिलकर पूरे घटनाक्रम की जांच करेगी। टीम दविंदर सिंह से भी पूछताछ कर सकती है। पंजाब में हाई अलर्ट जारी बीएसएफ मुख्यालय के बाहर हुए धमाके के बाद पंजाब में सुरक्षा एजेंसियां पहले ही सतर्क हैं। हाल के दिनों में राज्य में धमकियों, ग्रेनेड हमलों और संदिग्ध गतिविधियों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में जांच एजेंसियां अब इन मामलों के बीच संभावित संबंधों की भी जांच कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल जांच कई स्तरों पर जारी है और हर पहलू को ध्यान में रखकर पूछताछ की जा रही है। दविंदर सिंह के मोबाइल संपर्क, आवाजाही और अन्य संदिग्ध लोगों से संबंधों की भी जांच की जा रही है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में पूछताछ के दौरान कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले में बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ रही हैं।

कैंटीन से किराना दुकानों तक छापा, खाद्य विभाग ने पकड़ा एक्सपायरी सामान और गड़बड़ियों का जाल

खैरागढ़. जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाए जा रहे सघन निरीक्षण अभियान के दौरान व्यापक कार्रवाई देखने को मिली, जिससे अस्पताल कैंटीन संचालकों से लेकर किराना दुकानदारों तक हड़कंप मच गया। “सही दवा-शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार” अभियान के तहत यह जांच अभियान चलाया गया। अस्पताल कैंटीनों में मिली खामियां, सुधार के निर्देश बता दें कि अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा दल ने सिविल अस्पताल खैरागढ़ और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुईखदान की कैंटीनों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान महिला समूहों द्वारा संचालित किचन और कैंटीनों की साफ-सफाई, खाद्य भंडारण और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई। निरीक्षण में कई स्थानों पर व्यवस्थाएं संतोषजनक नहीं पाई गईं, जिसके बाद टीम ने तत्काल सुधार के सख्त निर्देश दिए। मावा केक का सैंपल लैब जांच के लिए भेजा गया कार्रवाई के दौरान छुईखदान स्थित मेसर्स कृष्णा बेकर्स से मावा केक का सर्विलांस सैंपल लिया गया। इस नमूने को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी। एक्सपायरी सामान नष्ट, दुकानदारों को चेतावनी निरीक्षण के दौरान बाजार में बिक रहे एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक और कुरकुरे भी पाए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक्सपायरी खाद्य पदार्थों का विक्रय या भंडारण पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किराना दुकानों पर भी हुई जांच खाद्य सुरक्षा दल ने कई किराना दुकानों का निरीक्षण कर दुकानदारों को खाद्य अनुज्ञप्ति और पंजीयन अपडेट रखने, स्वच्छता बनाए रखने और एक्सपायरी सामान हटाने के निर्देश दिए। आगे भी जारी रहेगा अभियान विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जिलेभर में इसी तरह की औचक कार्रवाई जारी रहेगी। खाद्य सुरक्षा को लेकर केंद्र और राज्य स्तर पर निगरानी तंत्र को लगातार मजबूत किया जा रहा है, ताकि आम लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा सके।

पहाड़ी और दूरस्थ कोरवा बस्तियों में अब नहीं होगी पानी की किल्लत, CM साय के निर्देश पर शुरू हुई बड़ी पहल

अम्बिकापुर. जिले के सुदूर एवं पहाड़ी कोरवा बसाहटों में पेयजल संकट के स्थायी समाधान की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। अब इन क्षेत्रों में कुल 113 हैंडपंप एवं बोरवेल की खुदाई की जाएगी, जिससे ग्रामीणों को पारंपरिक स्रोतों से पानी लाने की मजबूरी से राहत मिलेगी। विगत दिनों मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सरगुजा जिले में पेयजल समस्या को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने कहा था कि दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं होना पड़े। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि शासन की योजनाओं खासकर बुनियादी जरूरतों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना यह सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी क्रम में सरगुजा कलेक्टर एवं जिला खनिज संस्थान न्यास अध्यक्ष अजीत वसंत ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित विभागों को एक माह के भीतर सभी 113 हैंडपंप एवं बोरवेल कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने बताया कि स्थलीय सर्वे पहले ही कर लिया गया है जिले के लुण्ड्रा में 34, बतौली में 06, लखनपुर में 22, अम्बिकापुर में 11, सीतापुर में 16, मैनपाट में 20 तथा उदयपुर में 04 इस तरह इन विकासखण्डों में डीएमएफ मद से 113 हैंडपंप एवं बोरवेल खनन की जाएगी। 24 अप्रैल को आयोजित जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक में पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, लुण्ड्रा विधायक प्रबोध मिंज, सहित अन्य सदस्यों की सहमति से यह कार्य की स्वीकृति दी गई है। कलेक्टर ने सभी जनपद पंचायत सीईओ को हैंडपंप खनन, बोरवेल खनन कर दीर्घकालिक समाधान के लिए पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं तथा सभी कार्य प्राथमिकता के आधार पर तेजी से एक माह में पूर्ण किए जाएं, ताकि सुदूर एवं पहाड़ी कोरवा बसाहटों में स्थायी पेयजल सुविधा सुनिश्चित हो सके। मुख्यमंत्री साय के इस संवेदनशील पहल से जिले के दूरस्थ व वनांचल क्षेत्रों में वर्षों से चली आ रही पेयजल की समस्या से सैकड़ों गांवों के हजारों निवासियों को निश्चित ही राहत मिलेगी।