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उसलापुर में ऐतिहासिक ‘श्रमोत्सव’: 13 साल बाद गुड्स शेड पुनरुद्धार की घोषणा, हजारों श्रमिकों की मौजूदगी

उसलापुर में ऐतिहासिक ‘श्रमोत्सव’: 13 साल बाद गुड्स शेड पुनरुद्धार की घोषणा, हजारों श्रमिकों की मौजूदगी विधायक धरमजीत सिंह बोले— “श्रमिक का पसीना राष्ट्र निर्माण की नींव”; साइडिंग को पूर्ण क्षमता से शुरू करने का ऐलान बिलासपुर  अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस के अवसर पर उसलापुर गुड्स शेड वेलफेयर ट्रक ओनर एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित भव्य ‘श्रमोत्सव’ ने बिलासपुर के औद्योगिक परिदृश्य में नई ऊर्जा का संचार किया। इस अवसर पर हजारों श्रमिकों, ड्राइवरों और ट्रक मालिकों की उपस्थिति के बीच तखतपुर विधायक ठाकुर धरमजीत सिंह ने वर्ष 2013 से बंद पड़े उसलापुर गुड्स शेड को पुनः पूर्ण क्षमता के साथ संचालित करने की घोषणा की। विधायक ठाकुर धरमजीत सिंह ने कहा कि उसलापुर रेलवे साइडिंग केवल एक लोडिंग पॉइंट नहीं, बल्कि क्षेत्र की आर्थिक धुरी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि रेलवे अधिकारियों के साथ समन्वय कर शेड निर्माण, आधुनिक सुरक्षा प्रणाली और श्रमिकों के लिए बेहतर सुविधाओं को प्राथमिकता के साथ विकसित किया जाएगा। संरक्षक नरेश अग्रवाल ने श्रमिक एकता की ताकत पर बल देते हुए कहा कि इतिहास गवाह है—अधिकार संघर्ष से ही प्राप्त होते हैं। अध्यक्ष ईश्वर सिंह चंदेल ने श्रमिकों को “रेलवे सैनिक” बताते हुए अनिवार्य दुर्घटना बीमा और ईएसआई जैसी सुविधाओं की मांग रखी। नेता जीत सिंह ने कहा कि यह उपलब्धि लंबे संघर्ष का परिणाम है और अंतिम श्रमिक तक लाभ पहुंचाना ही उनका लक्ष्य है। एकता और भाईचारे का संदेश हाजी सैयद राशिद अली ने कहा कि श्रमिक का पसीना धर्म से परे होता है और यही एकता क्षेत्र की सबसे बड़ी ताकत है। इम्तियाज अली (राजू नाज) ने श्रमिक एकजुटता को शोषण के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार बताते हुए हर संघर्ष में साथ खड़े रहने का संकल्प दोहराया। सुरक्षा, सामाजिक सुरक्षा और विकास की रूपरेखा सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) सदस्य डॉ. दीपक जायसवाल ने EPF और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जानकारी दी। वहीं पार्षद प्रतिनिधि संजय सिंह ने क्षेत्र में सड़क, बिजली और स्वच्छता जैसे बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की बात कही। कार्यक्रम में अशोक श्रीवास्तव, इस्माइल भाई, राजू खान, डब्लू राना, राजू बाली, मिर्जा आरिफ बेग, शशिम खान, मंजीत सिंह, रामकिशोर यादव ‘उक्कू’, हाजी मो. अकबर बक्शी, सरदार परमजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, राजेश टंडन, बिहारी लाल, राजेंद्र कौशिक, सलाम अली, धीरज यादव, सलीम भाई, महावीर सिंह, गुड्डू झा, अजयपाल सिंह, पंकज सिंह, रामसिंह यादव, संतोष कौशिक, महेन्द्र सिंह छाबड़ा, विशाल मरावी, अजय अग्रवाल और बंटी छाबड़ा सहित बड़ी संख्या में श्रमिक और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

उभरते खिलाड़ियों का संगम: करनाल में 2600 प्रतिभाएं खेल महाकुंभ में बहा रहीं पसीना

करनाल. इस बार जिले में खेल नर्सरियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। इससे खेल प्रतिभाओं को निखारने का पूरा मौका मिलेगा। पिछले साल जहां जिले में 86 नर्सरियों में 2150 खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे थे, वहीं इस बार 104 नर्सरियों में करीब 2600 खिलाड़ी अभ्यास करेंगे। अभ्यास प्रक्रिया शुरू हो गई है। आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष 53 सरकारी और 30 निजी नर्सरियां जिले में चल रही थीं, जबकि इस बार निजी नर्सरियों की संख्या बढ़कर 74 हो गई है और सरकारी नर्सरियां 30 ही हैं। इस प्रकार कुल 28 नर्सरियों की वृद्धि हुई है, जिससे खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। प्रत्येक नर्सरी में एक कोच की नियुक्ति की गई है। जिनमें निजी नर्सरियों के कोच को प्रति माह 25 हजार रुपये वेतन दिया जाता है, जबकि खिलाड़ियों को 1500 से 2 हजार रुपये प्रतिमाह डाइट भत्ता प्रदान किया जाता है। यह राशि खिलाड़ियों व कोचों के खाते में डायरेक्ट आती है। इससे खेल नर्सरियों की बढ़ती संख्या से अधिक से अधिक युवा खेलों की ओर आकर्षित होंगे और भविष्य में जिले का नाम राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर रोशन करेंगे। इस साल का सत्र भी शुरू हो गया है और खिलाड़ी निरंतर अभ्यास के लिए आ रहे है। जून-जुलाई महीने में आयोजित होने वाली जिला व प्रदेश स्तर की प्रतियोगिता के लिए तैयारी शुरु कर दी है। सभी कोच निरंतर खिलाड़ियों का प्रशिक्षण दे रहे है। पिछले साल के मुकाबले बढ़ी नर्सरियों की संख्या जिला खेल अधिकारी सत्यवीर पोसवाल ने बताया कि हमें पिछले साल के मुकाबले अधिक नर्सरियां मिली हैं। सभी खेल नर्सरियों को शुरू कर दिया गया है, ताकि खिलाड़ी निरंतर अभ्यास कर सके। पिछले साल जिले को 86 नर्सरियों मिली थी। जिले में खेल नर्सरी और उनका स्थान खेल का नाम     खेल नर्सरी केंद्र (स्थान) वॉलीबाल     राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रायपुर रोडान, ग्राम पंचायत उपलानी, शाहपुर, हेमदा, गांव बस्तली, पुंडरक, गगसीना, गुढ़ा, चोरकारसा, नलवी खुर्द, जीएसएसएस ब्रास, दादूपुरा रोडान, गवर्नमेंट हाई स्कूल कलामपुरा, ग्राम पंचायत बड़ा गांव। कुश्ती     पीएमश्री जीएसएसएस असंध, गांव मंगलौरा, गवर्नमेंट हाई स्कूल रायपुर रोडान, ग्राम पंचायत मूनक, जीएसएसएस इशाक। हैंडबाल     जीएसएसएस बड़ौता, पीएमश्री जीएसएसएस नीलोखेड़ी, जीएसएसएस सारसा। फुटबाल     नीलोखेड़ी वार्ड नं 4 खेल मैदान, डीएवी पुलिस लाईन करनाल, गांव पींगली, जीएसएसएस खेड़ी नरू, जीएसएसएस सीकरी, पीएम श्री जीएसएसएस कुंजपुरा, ग्राम पंचायत बढ़ी, विवेकानंद विद्यालय निकेतन असंध। मुक्केबाजी     हसनपुर स्टेडियम, ग्राम पंचायत शेखपुरा जागीर, पीएमश्री स्कूल जवाहर विद्यालय सग्गा, गवर्नमेंट मिडिल स्कूल रांवर, संत कबीर स्कूल ग्राउंड। कबड्डी     गवर्नमेंट मिडिल स्कूल कैरवाली, जीएसएसएस रायपुर जाटान, पीएमश्री सीनियर सेकेंडरी स्कूल असंध, जीएसएसएस अमृतपुर कलां, गांव सालवन, ग्राम पंचायत मोर माजरा, जीएसएसएस मिर्जापुर। बास्केटबाल- जीएसएसएस मंजूरा, जीएसएसएस मॉडल टाउन करनाल, पीएम श्री कुटैल, गांव बदराना। ताइक्वांडों     जीजीएमएसएसएस रेलवे रोड करनाल। व्यायाम (Athletics/Exercise)     ग्राम पंचायत कालरों, गांव ऊंचा समाना, जीएसएसएस ऊंचाना, गुरुनानक गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, ग्राम पंचायत गंगाटेहड़ी, पनौड़ी खेल स्टेडियम, ग्राम पंचायत इंद्रगढ़, ग्राम पंचायत काछवा, जीएसएसएस रामसरन माजरा, ग्राम पंचायत बड़ा गांव। खेल का नाम     खेल नर्सरी केंद्र (स्थान) टेबल-टेनिस     गवर्नमेंट हाई स्कूल, जयसिंहपुरा कराटे     गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, इंद्री वुशु     गवर्नमेंट प्राइमरी स्कूल धेरुमाजरा, खेल परिसर ऊंचा समाना, ग्राम पंचायत दादूपुर, मलिकपुर जूडो     ग्राम पंचायत बल्ला, गांव मानपुरा, स्वामी अमर देश आदर्श पब्लिक स्कूल (गांव गोंदर) हाकी     ग्राम पंचायत काछवा साइक्लिंग     गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल अमीन, ग्राम पंचायत बालू, ग्राम पंचायत समाना बाहु बैडमिंटन     कर्ण स्टेडियम, करनाल लॉन टेनिस     कर्ण स्टेडियम, करनाल योगा     ग्राम पंचायत डबरी शूटिंग     आदर्श सीनियर सेकेंडरी स्कूल, असंध जिमनास्टिक     जीएसएसएस ठस्का मीरांजी केनोइंग     ग्राम पंचायत बुढनपुरा तलवारबाजी     ग्राम पंचायत पिंगली

सिस्टम फेल या दबाव ज्यादा? स्लॉट बुकिंग अटकी, 44 हजार किसान शेष, डेडलाइन 23 मई

सागर समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी में जैसे-जैसे तेजी आ रही है, वैसे ही किसानों की समस्याएं भी बढ़ रहीं हैं। पिछले 3 दिनों से किसान स्लॉट बुकिंग से परेशान हैं। पूरे दिन सर्वर समस्या से स्लॉट बुक नहीं हो पा रहे हैं। कई किसान रात-रात भर जागकर मोबाइल से स्लॉट बुकिंग का प्रयास कर रहे हैं। जिले में अब तक मात्र 16590 किसान ही गेहूं बेच पाए हैं और 33272 के स्लॉट बुक हो पाए हैं। वहीं 44 हजार से अधिक किसान के स्लॉट बुक नहीं हुए हैं। स्लॉट बुकिंग की समस्या को देखते हुए प्रशासन ने स्लॉट बुकिंग की तारीख 9 से बढ़ाकर 23 मई कर दी है। इस बार 4 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य बीते साल जिले से 3 लाख 44 हजार मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, लेकिन इस बार सरकार ने जिले से 4 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य दिया है, जबकि अभी मात्र 66 हजार मीट्रिक टन ही खरीदी हो पाई है। बारदाना की कमी दूर करने 11 हजार बारदाना गठान होने का दावा प्रशासन कर रहा है, इससे करीब 2 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जा सकेगा। मौसम ने बढ़ाई चिंता, खुले में रखा है अनाज गुरुवार को हुई बूंदाबांदी और बदलते मौसम के कारण जिला प्रशासन की चिंताएं बढ़ गईं हैं। खरीदी केंद्रों पर किसानों से खरीदा गया गेहूं खुले आसमान के नीचे है, इससे अनाज भीगने की आशंका बनी हुई है। हालांकि नागरिक आपूर्ति निगम का कहना है कि 176 केंद्रों में से 116 केंद्र गोदाम स्तरीय हैं, 11 केंद्र मंडी में बनाए गए हैं। सिर्फ 45 केंद्र समितियां चला रहीं हैं, वहां भी पानी से बचाव के पर्याप्त इंतजाम हैं। केंद्रों से 39001 मीट्रिक टन अनाज परिवहन कर लिया गया है, जबकि 52130 मीट्रिक टन रेडी टू ट्रांसपोर्ट कैटेगरी में रखा गया है। 175.18 में से 17.40 करोड़ रुपए किसानों को भुगतान हो गए। खरीदी केंद्रों पर गेहूं उपार्जन जारी है, एक-दो दिन से सर्वर की वजह से स्लॉट बुकिंग की जो समस्या आई है, लेकिन गुरुवार को ही 1500 से अधिक स्लॉट बुक हुए हैं। गुरुवार को भैंसवाही व रहली रोड के खरीदी केंद्र से बूंदाबांदी की सूचना आई थी, लेकिन वहां भी अनाज को बचाने के पर्याप्त इंतजाम थे। बारिश से नुकसान की कोई सूचना नही है।- ज्योति बघेल, अधिकारी जिला आपूर्ति निगम।

रेल ट्रैक धमाके का मास्टरमाइंड गिरोह बेनकाब: आरोपी का सहयोगी पकड़ा, कई हमलों की गुत्थी सुलझी

पटियाला. पंजाब में हाल के समय में हुए तीन बड़े आतंकी घटनाक्रमों को लेकर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। मोगा में जांच एजेंसी कार्यालय पर ग्रेनेड हमला, सरहिंद रेलवे ट्रैक विस्फोट और शंभू रेलवे ट्रैक धमाका- इन तीनों मामलों को पुलिस ने सुलझाने का दावा किया है। इस कार्रवाई में मुख्य आरोपी के सहयोगी गुरजिंदर सिंह उर्फ बाबा बेंत को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह कार्रवाई राज्य की विशेष संचालन इकाई, पठानकोट की खुफिया टीम और पटियाला पुलिस के संयुक्त अभियान के तहत की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी का संबंध मुख्य आरोपी जगरूप सिंह से था, जिसकी शंभू धमाके में मौत हुई थी। दोनों एक साथ मिलकर कर रहे थे काम जांच के दौरान यह खुलासा हुआ है कि गुरजिंदर और जगरूप लंबे समय से एक साथ काम कर रहे थे और शंभू घटना वाले दिन दोनों अलग-अलग रास्तों से राजपुरा पहुंचे थे, ताकि किसी को शक न हो। धमाके के समय गुरजिंदर मौके पर मौजूद था, लेकिन कुछ दूरी पर होने के कारण वह सुरक्षित बच निकला और बाद में फरार हो गया। पुलिस के अनुसार पूछताछ में यह भी सामने आया है कि तीनों घटनाएं एक ही गिरोह द्वारा अंजाम दी गई थीं और इन्हें विदेश में बैठे संचालकों के निर्देश पर अंजाम दिया गया। नेटवर्क के तार मलेशिया, अमेरिका और पाकिस्तान तक जुड़े होने की बात सामने आई है। आतंकी नेटवर्क तोड़ने में मिली सफलता इससे पहले पुलिस ने इस मामले में चार अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उनके कब्जे से हथियार, विस्फोटक सामग्री और संचार उपकरण भी बरामद किए गए थे। बाद में जगरूप के भाई की निशानदेही पर और भी घातक हथियार बरामद किए गए। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह गिरफ्तारी प्रदेश में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि आगे की जांच जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि प्रदेश में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए इस तरह की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी और किसी भी साजिश को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

आईएएफ का रेस्क्यू: पानी की टंकी पर चढ़े बच्चों को सीढ़ी टूटने के बाद 16 घंटे तक किया गया बचाया

सिद्धार्थनगर उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में रविवार सुबह भारतीय वायुसेना ने रेस्क्यू ऑपरेशन में पानी की टंकी पर फंसे दो बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा. करीब 16 घंटे तक टंकी पर फंसे रहने के बाद दोनों को वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से रेस्क्यू किया गया. यह घटना कांशीराम आवासीय कॉलोनी की है, जहां शनिवार को पांच बच्चे रील बनाने के लिए पानी की ऊंची टंकी पर चढ़ गए थे।  इसी दौरान सीढ़ी टूट गई और सिद्धार्थ, शनि और गोलू नाम के तीन बच्चे नीचे गिर गए, जबकि पवन और कल्लू नाम के दो बच्चे टंकी के ऊपर ही फंस गए. टंकी से नीचे गिरने के कारण गंभीर चोट लगने से सिद्धार्थ की मृत्यु हो गई. वहीं शनि और गोलू को इलाज के लिए माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है।  टंकी की सीढ़ी क्षतिग्रस्त होने के कारण उनके पास नीचे उतरने का कोई रास्ता नहीं बचा था. रात में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (NDRF) की टीम गोरखपुर से मौके पर पहुंची और बचाव कार्य शुरू किया, लेकिन टंकी तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं थी, जिस कारण उनकी लिफ्ट काम नहीं कर सकी और रेस्क्यू ऑपरेशन सफल नहीं हो पाया।  स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने राज्य सरकार से मदद मांगी. इसके बाद भारतीय वायुसेना ने गोरखपुर स्थित सेंट्रल एयर कमांड से एक Mi-17 V5 हेलीकॉप्टर को बच्चों के रेस्क्यू मिशन के लिए रवाना किया. रविवार सुबह करीब 5:20 बजे हेलीकॉप्टर पानी की टंकी के पास पहुंचा और तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. वायुसेना के जवानों ने 15 मिनट के भीतर 16 घंटे से पानी की टंकी पर फंसे दोनों बच्चों को सुरक्षित उतार लिया।  रेस्क्यू के बाद दोनों बच्चों को उसी हेलीकॉप्टर से गोरखपुर ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल चेकअप हुआ. इससे पहले प्रशासन ने रात के दौरान टंकी तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक रास्ता बनाने की कोशिश की थी. रात करीब 3 बजे तक सड़क निर्माण लगभग पूरा हो गया था, लेकिन अचानक बारिश शुरू होने से काम रुक गया. इसके बाद हेलीकॉप्टर से रेस्क्यू का फैसला लिया गया. पूरे अभियान के दौरान जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस बल और अन्य एजेंसियां मौके पर मौजूद रहीं और लगातार स्थिति की निगरानी करती रहीं। 

पटना पीएमसीएच में डिजिटल क्रांति, हाई-स्पीड इंटरनेट से बदलेगी इलाज की व्यवस्था

 पटना पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) अब पूरी तरह डिजिटल और हाई-टेक अस्पताल बनाने की कवायद आरंभ हुई है। नए भवन में इंटरनेट की परेशानी को देखते हुए अब यहां लीज लाइन लगाने की कवायद हो गई है। मई के दूसरे सप्ताह से नए भवन में हाई-स्पीड इंटरनेट और ऑनलाइन सुविधाएं शुरू होने जा रही हैं, इससे इलाज की व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। करीब 40 लाख रुपये की लागत से भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) पूरे परिसर में लीज लाइन (BSNL Lease Line in PMCH) बिछा रहा है। इसके तहत हर फ्लोर को हाई-स्पीड वाई-फाई से जोड़ा जाएगा। इससे डाक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों का डेटा तुरंत उपलब्ध हो सकेगा। स्वास्थ्य विभाग ने योजना स्वीकृत कर पीएमसीएच को पत्र भेज दिया है। रियल-टाइम डेटा से बेहतर निगरानी पीएमसीएच अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि डिजिटल सिस्टम (PMCH Patna Digital Hospital) का सबसे अधिक असर स्त्री एवं प्रसूति और शिशु रोग विभाग में दिखेगा। जन्म और मृत्यु से जुड़ी जानकारी रियल-टाइम में सीधे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO), यूनिसेफ, भारत सरकार और बिहार सरकार को भेजी जा सकेगी। इससे स्वास्थ्य निगरानी और नीति निर्माण में सटीकता बढ़ेगी। पेपरलेस सिस्टम: रिपोर्ट सीधे स्क्रीन पर अस्पताल को पूरी तरह पेपरलेस (Paperless Treatment in PMCH) बनाने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया जा रहा है। एक्स-रे, पैथोलाजी और अन्य जांच की रिपोर्ट सीधे डॉक्टर के कंप्यूटर पर उपलब्ध होगी। मरीजों को रिपोर्ट के लिए लाइन में लगने या भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डिजिटल रिकार्ड से फाइल खोने की समस्या खत्म होगी और इलाज तेज व पारदर्शी बनेगा। नेटवर्क समस्या होगी खत्म नए भवन में लंबे समय से बनी नेटवर्क की समस्या भी इस पहल से समाप्त हो जाएगी। डाक्टरों को मरीजों का डेटा एक्सेस करने और कर्मचारियों को प्रशासनिक कार्य निपटाने में अब कोई बाधा नहीं होगी। साथ ही, मेडिकल छात्रों के लिए डिजिटल सेमिनार और अध्ययन भी आसान होगा। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन से खत्म होगी भीड़ भीड़ नियंत्रण के लिए ऑनलाइन अपाइंटमेंट सिस्टम (PMCH Online Registration System) लागू करने की तैयारी है। मरीज घर बैठे रजिस्ट्रेशन कर नंबर ले सकेंगे। इससे उन्हें तय समय पर डाक्टर से मिलने की सुविधा मिलेगी और ओपीडी में लंबी कतारों से राहत मिलेगी। नंबर में हेराफेरी की आशंका भी खत्म होगी। स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल को आधुनिक बनाने के लिए कनेक्टिविटी को मजबूत करना पहला कदम है। लक्ष्य है कि मरीज को केवल इलाज के लिए अस्पताल आना पड़े, न कि रिपोर्ट या नंबर के लिए लाइन में लगना पड़े। यह डिजिटल पहल न सिर्फ मरीजों को बेहतर सुविधा देगी, बल्कि पीएमसीएच को वैश्विक स्तर की स्वास्थ्य सेवाओं के करीब ले जाने में भी अहम भूमिका निभाएगी। फाइव-जी लीज लाइन लगने के बाद     मरीजों का डेटा तेजी से ऑनलाइन अपडेट हो सकेगा     डाक्टरों को डिजिटल रिपोर्ट और इमेजिंग तुरंत उपलब्ध होगी     टेलीमेडिसिन और ई-हेल्थ सेवाओं को बढ़ावा मिलेगा     अस्पताल की प्रशासनिक कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी  

जंगल बचाने की मुहिम तेज, कई जगहों पर मिला अवैध कब्जा

नरसिंहपुर जिले के वन क्षेत्रों में लंबे समय से अवैध बसाहट और वन भूमि के दुरुपयोग की मिल रही शिकायतों के बाद अब वन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। शासन के निर्देश पर जिले के सभी वन परिक्षेत्रों में वन सीमा रेखाओं का सत्यापन अभियान शुरू कर दिया गया है। वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मानचित्र के साथ जंगलों में पहुंचकर सीमाओं का भौतिक सत्यापन कर रहे हैं। इस दौरान यह देखा जा रहा है कि किन-किन स्थानों पर वन भूमि का दुरुपयोग हो रहा है और कहां अतिक्रमण किया गया है। बताया जा रहा है कि करेली और गाडरवारा वन परिक्षेत्र में यह अभियान तेज गति से चल रहा है। सत्यापन के दौरान कई स्थानों पर वन भूमि के दुरुपयोग के मामले सामने आए हैं, जिनमें संबंधित लोगों को नोटिस देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार जांच के दौरान कुछ स्थानों पर वन क्षेत्र के भीतर विद्युत ट्रांसफार्मर लगे होने की जानकारी भी सामने आई है। अब इसकी विस्तृत जांच कर विद्युत वितरण कंपनी से पत्राचार किया जाएगा कि ट्रांसफार्मर लगाने के लिए नियमानुसार अनुमति ली गई थी या नहीं। यदि बिना अनुमति के स्थापना पाई जाती है तो वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि जिले में सघन वन क्षेत्र होने के बावजूद कई स्थानों पर वन भूमि का उपयोग खेती सहित अन्य कार्यों में किया जा रहा है। वन विभाग समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई भी करता रहा है, लेकिन अब व्यापक स्तर पर सीमा सत्यापन के जरिए स्थिति स्पष्ट करने और सख्ती से नियंत्रण करने की तैयारी है। वनभूमि के दुरुपयोग से यह नुकसान वन क्षेत्र घटने से जैव विविधता पर सीधा असर वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास प्रभावित पर्यावरण संतुलन बिगडऩे का खतरा भूजल स्तर और जल स्रोतों पर नकारात्मक प्रभाव भविष्य में प्राकृतिक आपदाओं की आशंका वनक्षेत्र की सीमा लाइन का सत्यापन कार्य निरंतर चल रहा है। जहां भी अतिक्रमण मिल रहा है उसे हटाने के पूर्व संबंधितों को नोटिस दिए जा रहे हैं। कुछ जगह वनभूमि में ट्रांसफार्मर मिलने की जानकारी सामने आई है, आगे नियमानुसार कार्रवाई होगी। सुनील वर्मा, एसडीओ गाडरवारा वन विभाग

कहीं ढांचे तो कहीं कब्जे: नाले-नालियों की सफाई में आ रहीं कई अड़चनें

नरसिंहपुर बारिश से पहले नगरीय क्षेत्र में नाले-नालियों की साफ-सफाई के लिए नगर पालिका का अमला सक्रिय हो गया है, लेकिन अतिक्रमण इस अभियान की सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आ रहा है। शहर के कई वार्डों में नालियों पर कच्चे-पक्के कब्जों के कारण सफाई कार्य प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रहा है। स्टेशनगंज क्षेत्र के कृष्ण वार्ड में हालात सबसे अधिक गंभीर हैं। यहां जगह-जगह नालियों पर अतिक्रमण होने से सफाई कर्मचारियों को कचरा निकालने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर नालियों के ऊपर पक्का फर्श, सीढिय़ा और चबूतरे तक बना दिए गए हैं, जिससे नालियां पूरी तरह ढंक गई हैं। इसी तरह निरंजन वार्ड और कामत वार्ड में भी नाले-नालियों पर कब्जे के कारण सफाई कार्य प्रभावित रहा है।  स्थिति यह है कि नालियों में लंबे समय से जमा कचरा और मलबा अब सफाई के दौरान बाहर निकल रहा है, जिससे पूर्व में सफाई व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कृष्णा वार्ड में नालियों के ऊपर अतिक्रमण की समस्या पहले भी सामने आ चुकी है। कई जगह नालियां पूरी तरह बंद हैं और लोगों ने उन पर स्थायी कब्जा कर लिया है। ऐसे में जब सफाई अमला मौके पर पहुंचता है, तो सबसे बड़ी चुनौती यही होती है कि सीमित संसाधनों में बेहतर तरीके से सफाई कैसे की जाए। कृष्णा वार्ड में नाले-नालियों के ऊपर अतिक्रमण है। वार्ड की अधिकांश सडक़ें संकीर्ण वार्ड की अधिकांश सडक़ें संकरी होने के कारण जलभराव की समस्या भी यहां अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक बनी रहती है। बारिश के दिनों में कमराय स्कूल से लगी सडक़ पर नालियों का गंदा पानी भर जाता है। यही पानी पास स्थित वन परिक्षेत्र कार्यालय परिसर तक पहुंचता है, जिससे हर साल नागरिकों के साथ-साथ कर्मचारी और छात्र-छात्राओं को भी परेशानी उठानी पड़ती है। नगरवासियों का कहना है कि यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो बारिश के दौरान हालात और बिगड़ सकते हैं। नगर प्रशासन को ऐसे लोगों पर कार्रवाई भी करना चाहिए जो जानबूझकर नाले-नालियों में कचरा डालकर पानी की निकासी बाधित करते हैं। कई स्थानों पर नालियों के ऊपर पक्का फर्श, सीढिय़ा और चबूतरे तक बना दिए गए हैं अतिक्रमण हटे बिना सफाई मुश्किल कई वार्डों में नालियों पर कच्चे-पक्के कब्जे पक्का फर्श, सीढिय़ां और चबूतरे बन रहे बाधा संकरी सडक़ों के कारण बढ़ता है जलभराव बारिश में स्कूल व शासकीय परिसरों तक पहुंचता गंदा पानी समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बढ़ेंगी समस्याएं नाले-नालियों की सफाई के लिए निरंतर कार्य चल रहा है। जेसीबी मशीन के साथ ही कर्मचारियों की टीम लगी है। कई जगह अतिक्रमण मिल रहा है उसे हटाने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जल्द ही कार्रवाई होगी।- इंजी. पुरुषोत्तम बाडबुद्धे, नगरपालिका नरसिंहपुर

Bank of Maharashtra लूट केस: यूपी STF का एक्शन, सरगना समेत तीन दबोचे

वाराणसी हजारीबाग (झारखंड) में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की बरही शाखा से सोना और नगदी की लूट के मामले में यूपी एसटीएफ ने शुक्रवार रात तीन डकैतों को गिरफ्तार कर लिया। गत 24 अप्रैल को बैंक से चार किलो सोना और 4.22 लाख की नगदी दिनदहाड़े लूट ली गई थी। तीनों डकैतों की गिरफ्तारी सिंहपुर (सारनाथ) से हुई। कार्रवाई में झारखंड पुलिस भी शामिल थी। डकैतों के पास से लूट के 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख नगदी, बिहार के नंबर की एसयूवी तथा छह मोबाइल फोन बरामद किए गए। वारदात में शामिल चार अन्य डकैतों की तलाश की जा रही है। एसटीएफ वाराणसी के अपर पुलिस अधीक्षक विनोद सिंह ने बताया कि गिरफ्तार डकैतों में सरगना नवादा (बिहार) नरहट निवासी मो. अफजल, गोरखपुर के बनगाई (गुलहरिया) निवासी पंकज सिंह उर्फ रौनक तथा मऊ के सियहरीं बरजरा (दोहरीघाट) निवासी सौरभ यादव उर्फ सोनू हैं। बरामद एसयूवी अफजल की है। 24 अप्रैल को वारदात के बाद बदमाश झारखंड से बिहार होते हुए 27 अप्रैल को वाराणसी आ गए थे। यहां अलग-अलग होटलों में ठिकाना बदलते रहे। झारखंड पुलिस के साथ यूपी एसटीएफ भी गिरफ्तारी के लिए लगी थी सर्विलांस एवं वारदात के समय की फुटेज एवं तस्वीरों के जरिए बदमाशों के वाराणसी में होने की पुष्टि हुई। इस आधार पर इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव और अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में टीमें सतर्क थीं। मुखबिर की सूचना के आधार पर सिंहपुर से तीनों को गिरफ्तार कर सारनाथ पुलिस को सौंपा गया। तीनों बदमाश दिल्ली भागने के फिराक में थे। झारखंड पुलिस की अर्जी पर कोर्ट से दो दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली है। चार मई की शाम पांच बजे तक हजारीबाग की कोर्ट में तीनों को पेश करना होगा। ओडिशा में हुई डकैती देखने के बाद हजारीबाग की साजिश रची झारखंड के हजारीबाग जिले में बैंक ऑफ महाराष्ट्रा की बरही शाखा से 24 अप्रैल को सोना और नगदी की डकैती में गिरफ्तार बदमाशों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पूछताछ में डकैतों ने बताया कि बीते दिनों ओडिशा के किलंजर में बैंक आफ महाराष्ट्रा से ही आठ किलो सोना की लूट हुई थी। समाचार चैनलों पर इस वारदात की खबर को देखा। फिर उन्हें लगा कि जब किलंजर के ग्रामीण क्षेत्र के इस बैंक में आठ किलो सोना हो सकता है तो हजारीबाग में और अधिक होगा। इसके बाद मो. अफजल पंकज के साथ रेकी करने लगा। फिर रमजान के समय गाजीपुर के सैदपुर भीतरी के शोएब एवं चुन्नू को भी बुलाया गया। अफजल की एसयूवी से सभी ने कई बार रेकी की। मो. अफजल रमजान माह के दौरान ही बैंक के अंदर गया। वहां स्टाफ एवं बैंक के अंदर की स्थिति का आकलन किया। डकैती को अंजाम देने के लिए बिहार के आरा निवासी संतोष ने बाइक उपलब्ध कराई। शोएब उर्फ टाइगर ने पिस्टल एवं कट्टा की व्यवस्था की। मो. अफजल ने संतोष के पास से दो पिस्टल ली और साजिश में संतोष को भी शामिल कर लिया। पहले 17 अप्रैल को ही वारदात को अंजाम देना था, लेकिन आने-जाने के लिए पैसे की व्यवस्था नहीं होने पर अफजल के घर पर पंकज एवं अन्य बदमाश रुक गए। मो. अफजल और पंकज 17 अप्रैल को अफजल की एसयूवी से नवादा, कोडरमा, तलैया होते हुए निकले। चौपारण की तरफ टोल से आगे अफजल और पंकज से संतोष, शोएब एवं सुहैल दो बाइक के साथ आकर मिले। तय किया कि फोन पर इनकी आपस में बहुत बात हो गई है। मास्क आदि भी नहीं लगाए हैं। इसलिए 24 अप्रैल को डकैती तय की गई। हत्या में जेल गया, फिर गिरोह बनाया मो. अफजल धनबाद में कोयले का काम करता था। व्यवसाय में रंजिश को लेकर 2008 में कोलकाता के व्यवसायी की गोली मारकर हत्या कर दी। इसमें वह जेल गया। चार साल जेल में रहा। वहां उसका परिचय पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह, उत्तम महतो, दशरथ महतो, बाबू राजा उर्फ सिद्वार्थ, सोहेल उर्फ फैजल, सुनील पंडित एवं अन्य बदमाशों से हुआ। जेल से छूटने के बाद इन सभी ने बैंकों की डकैती के लिए एक गिरोह बनाया, जिसका सरगना अफजल है। ये सभी लूटा गया सोना बेचकर रियल एस्टेट में निवेश करते हैं।

राजस्थान वेदर अपडेट: कई जिलों में तेज हवाएं और बारिश का येलो अलर्ट जारी

जयपुर राजस्थान के पश्चिमी भाग में गर्मी का प्रकोप है. दूसरी ओर आंधी-बारिश का दौर भी जारी है. मौसम लोगों पर दोहरी मार कर रहा है. शनिवार देर शाम प्रदेश के कई इलाकों में भयंकर आधी तूफान का मंजर देखने को मिला, इससे कई जगहों पर पेड़ गिर गए. कई जगहों पर बिजली के खंभे गिर गए. राजधानी में जयपुर में पारा दो डिग्री कम 38.1 डिग्री रहा. सुबह से ही राजधानी में आंधी-बारिश का दौर रहा. शाम होते ही तेज हवाओं की आंधी के साथ जमकर बारिश हुई, इससे गर्मी में थोड़ी राहत तो मिली, लेकिन कई जगहों पर पेड़ गिरने और तेज आंधी के कारण नुकसान हुआ. तापमान में कमी की संभावना   विभाग के मुताबिक, आगामी दिनों में राज्य के ज्यादातर इलाकों के अधिकतम तापमान में कमी होने की संभावना है. प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण आगामी कुछ दिनों में कई भागों में तेज हवा के साथ हल्की से मध्यम बरसात हो सकती है. इससे हीटवेव से राहत मिलेगी. फिलहाल आंधी तूफान के बीच लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत की उम्मीद है.   इन जिलों में बारिश की संभावना मौसम विभाग की ओर से आज अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, जयपुर, झुंझुनूं, करौली, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़, सवाई माधोपुर, सीकर, चूरू और डीडवाना कुचामन जिलों में तेज हवा के साथ बारिश की संभावना है. इन जिलों में करीब 30 से 40 किमी प्रतिघंटा के साथ तेज हवाएं चलने का येलो अलर्ट है.   कल बारिश का ऑरेंज अलर्ट वहीं, कल यानी 4 मई के लिए प्रदेश के बीकानेर, झुंझुनूं, सीकर, चूरू, डीडवाना कुचामन, हनुमानगढ़, नागौर और श्रीगंगानगर में ऑरेंज अलर्ट भी जारी किया गया है.  वहीं, प्रदेश में गर्मी का प्रकोप भी समानांतर जारी है. राज्य में सर्वाधिक तापमान जैसलमेर में 44.4 डिग्री दर्ज किया गया है.