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तीसरे चरण में प्रदेश में जल संवर्धन के 10 हज़ार 514 करोड़ के 3 लाख 62 हज़ार कार्य पूर्ण

भोपाल  जल गंगा संवर्धन अभियान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल से ही प्रकृति का उद्भव और जीवन का विकास है। सबसे पहले पृथ्वी पर जलचर आए। जल से ही जीवन है। जल तत्व में सभी तत्व समाहित हैं। हम जब जल संरचनाओं को देखते हैं तो हमारा मन आनंद से भर जाता है। जल से स्नान के बाद हमें ताज़गी मिलती है। हमारे पूर्वजों ने जल के महत्व को समझा और निरंतर जल संरचनाओं का निर्माण किया। आज हमारा दायित्व है कि हम उन सब का संरक्षण करें एवं उन्हें सहेजें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में जल संरक्षण और संवर्धन का अभियान चलाया जा रहा है। मध्यप्रदेश में भी गत 3 वर्षों से यह अभियान वृहद रूप से जन सहयोग से चलाया जा रहा है और बड़ी संख्या में जल संरचनाओं का संरक्षण एवं पुनरुद्धार किया गया है। आज यहां जल गंगा संवर्धन अभियान का समापन कार्यक्रम है, परंतु मुख्यमंत्री ने कहा कि इस साल अलनीनो के प्रभाव से कम वर्षा का अनुमान है, इसलिये प्रदेश में अमृत सरोवर रैन वॉटर हार्वेस्टिंग, नदी संरक्षण जैसे जल स्रोतों के संरक्षण कार्य निरंतर जारी रहेंगे। गत 19 मार्च से लगभग 100 दिन प्रदेश में चले जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत प्रदेश में जल संवर्धन के 10 हज़ार 514 करोड़ की लागत से 3 लाख 63 हज़ार कार्य कराए गए। इन कार्यों में भरपूर जन समर्थन एवं जन सहयोग मिला है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को राजगढ़ जिले के भैंसवा माता क्षेत्र में प्रदेश में चले जल गंगा संवर्धन अभियान के तीसरे चरण के समापन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने 252 करोड़ 65 लाख रुपए के 31 विकास कार्यों का भूमि-पूजन और लोकार्पण किया। उन्होंने भैंसवा माता क्षेत्र के विकास के लिए 20 करोड़ रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या-पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलित करने के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सनातन संस्कृति में पंच तत्वों, विशेष रूप से जल का विशेष महत्व है। हमारे यहां हर पवित्र कार्य जल के साथ ही होता है। प्रसिद्ध कवि रहीम ने भी पानी की महत्ता बताई। जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत राजगढ़ जिले में बहुत अच्छा कार्य हुआ है। इस कार्य के लिए भारत सरकार द्वारा मध्यप्रदेश में चिन्हित छह सर्वश्रेष्ठ जिलों में राजगढ़ जिले का भी नाम शामिल है। इसके लिए उन्होंने सभी संबंधितों को बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की समृद्धि का आधार सिंचाई की सुविधा है। गत 20 वर्षों में हमारी सरकारों में प्रदेश में सिंचाई के रकबे में तेजी से वृद्धि हुई है। हर खेत तक पानी पहुंचाना हमारा संकल्प है और हम उसे पूरा कर रहे हैं। हमारी सरकार द्वारा किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम भी दिलवाया जा रहा है। हमारी सरकार ने गेहूं का समर्थन मूल्य 2625 रुपए कर दिया है। किसानों को किसान सम्मन निधि दी जाती है। हमारी सवा करोड़ बहनों को लाडली बहना योजना का लाभ दिया जा रहा है। बच्चों को उनकी शिक्षा के लिए हर संभव सुविधा दी जा रही है। प्रदेश में सांदीपनि विद्यालय बनाए जा रहे हैं, जो उत्कृष्ट शिक्षा के केंद्र हैं। ये विद्यालय हमें सांदीपनि ऋषि, भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की याद दिलाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की निस्वार्थ मित्रता एवं प्रेम को आज पूरी दुनिया याद करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह हमारे लिए सौभाग्य की बात है कि विश्व का सबसे बड़ा मेला, हमारी सनातन संस्कृति का प्रतिबिंब, सिंहस्थ उज्जैन मध्यप्रदेश में आयोजित होता है। इसे भव्य, दिव्य बनाने और श्रद्धालुओं के स्नान आदि की सुविधाओं के लिए उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्र में योजनाबद्ध तरीके से निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि सिंहस्थ में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को शिप्रा नदी के स्वच्छ एवं पावन जल में सहजता एवं सुविधापूर्वक, बिना किसी परेशानी के स्नान एवं उज्जैन तीर्थ के दर्शन हो सकें। पानी की प्रत्येक बूंद का संरक्षण कर भावी पीढ़ी का भविष्य करें सुरक्षित : मंत्री पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास और श्रम मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान में अब तक हुए सभी कार्य प्रामाणिकता के साथ हुए है। इस साल बारिश के मौसम में कम वर्षा का अनुमान है इसलिए जल संचयन और जल स्त्रोतों का संरक्षण निरंतर जारी रखना आवश्यक है। हम सभी को पानी की एक-एक बूंद संचित कर भावी पीढ़ी का भविष्य सुरक्षित करना है। राज्य सरकार और सभी अधिकारी-कर्मचारी जनभागीदारी से जल संरक्षण के प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मंत्री पटेल ने जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन को मां भैंसवा के पवित्र स्थल पर रखने के लिए आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल संरक्षण के लिए किए भगीरथी प्रयास : राज्यमंत्री डॉ.टेटवाल तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. गौतम टेटवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में जल संरक्षण और सिंचाई सुविधाएं को बढ़ाने के लिए भागीरथी प्रयास किए हैं। प्रदेश में जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 के अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। जल संरक्षण के इस अभियान में पंचायतों को जोड़कर जनभागीदारी से कुएं, बावड़ी, तालाब, नदियों की सफाई और प्राचीन जल स्त्रोतों का जीर्णोद्धार किया गया है। राज्यमंत्री टेटवाल ने सांदीपनि विद्यालय, पीकेसी परियोजना से पानी, भैंसवा माता लोक निर्माण सहित अनेक निर्माण कार्यों की स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया। सांसद रोमल नागर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में विरासत से विकास की यात्रा अनवरत जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पर भगवान बाबा महाकाल और मां बिजासन की विशेष कृपा है। सारंगपुर में 251 करोड़ रूपए की लागत से भैंसवा माता धार्मिक स्थल शेत्र का विकास किया जा रहा हैl रोजगार के स्थानीय साधन उपलब्ध कराते हुए यहां बहनों को कौशल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। साथ ही संस्कृत वैदिक पाठशाला, गोशाला, योग केंद्र और सामुदायिक भवन तैयार करने के कार्य किए जा रहे हैं। राज्य सरकार के यह प्रयास समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राजगढ़ जिले के सारंगपुर विकासखण्ड में प्रसिद्ध भैंसवा माता मंदिर … Read more

प्रयागराज से वाराणसी तक ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का सर्वे जल्द शुरू, चार महीने में तैयार होगी डीपीआर

प्रयागराज  विंध्य एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए प्रयागराज में 210 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इससे तीन तहसीलों के हजारों किसानों को फायदा मिलेगा। वहीं, इस संबंध में उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) की ओर से भेजे गए प्रस्ताव पर प्राथमिक सर्वे रिपोर्ट सोमवार को जिला प्रशासन को प्राप्त हो गई। अब विस्तृत सर्वे के दौरान अधिग्रहित की जाने वाली भूमि पर आने वाले काश्तकारों का आकलन किया जाएगा, जिसके बाद भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज जिले की सोरांव, फूलपुर और हंडिया तहसीलों से होकर गुजरेगा। यूपीडा ने पूर्व में प्रशासन को भेजी रिपोर्ट में इन तीनों तहसीलों के 73 गांवों में भूमि की आवश्यकता बताई थी। इसके आधार पर संबंधित एसडीएम से सर्वे कराकर आवश्यक भूमि का विवरण मांगा गया। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार हंडिया तहसील में 78 हेक्टेयर, फूलपुर में 68 हेक्टेयर और सोरांव में 64 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। प्रशासन का अनुमान है कि भूमि अधिग्रहण की जद में 400 से 500 काश्तकार आ सकते हैं। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि यह संख्या फिलहाल अनुमानित है। लेखपालों की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद प्रभावित किसानों और भूमि का अंतिम आंकड़ा स्पष्ट हो सकेगा। ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के लिए सावन में शुरू होगा सर्वे का काम चित्रकूट से प्रयागराज होते हुए वाराणसी तक प्रस्तावित 294 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण का सर्वे सावन माह में शुरू होगा। इस परियोजना के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने भोपाल की कंसल्टेंट कंपनी नित्या नायारा का चयन किया है। अगस्त के पहले सप्ताह से एजेंसी चित्रकूट से सर्वे का कार्य शुरू करेगी। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को दो हिस्सों में बांटा गया है। चित्रकूट से प्रयागराज तक सर्वे और भूमि अधिग्रहण की जिम्मेदारी एनएचएआई को सौंपी गई है, जबकि प्रयागराज से वाराणसी तक का कार्य सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय कराएगा। एनएचएआई के प्रयागराज डिप्टी मैनेजर प्रखर सिंह के अनुसार, भूमि अधिग्रहण और एलाइनमेंट का कार्य करीब चार महीने तक चलेगा। सर्वे के दौरान प्रयागराज की सदर तहसील, कौशाम्बी की मंझनपुर तहसील और चित्रकूट तक प्रस्तावित मार्ग का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसमें यह तय किया जाएगा कि फोरलेन कॉरिडोर के निर्माण के लिए कितनी भूमि की आवश्यकता होगी। सर्वे पूरा होने के बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर एनएचएआई मुख्यालय को मंजूरी के लिए भेजी जाएगी। परियोजना के पूरा होने से चित्रकूट, प्रयागराज और वाराणसी के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा और यात्रा अधिक तेज व सुगम बनने की उम्मीद है।  

मुख्यमंत्री सैनी ने नमो सिटी की घोषणा की, दिल्ली के व्यापारियों को मिलेगा बड़ा लाभ

चंडीगढ़  हरियाणा में व्यापारियों के लिए 5000 एकड़ में "नमो सिटी" बनाई जाएगी। इसमें व्यापारियों और आम लोगों के लिए अलग प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को दिल्ली स्थित हरियाणा भवन में दिल्ली की विभिन्न मार्केट्स से जुड़े थोक व्यापारियों के साथ सीधा संवाद करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि हरियाणा में विश्वस्तरीय मार्किट स्थापित की जाएगी, जिसमें बेहतर से बेहतर इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। उन्होंने व्यापारियों को अधिक संख्या में हरियाणा में निवेश करने का आह्वान किया। इस दौरान इलेक्ट्रानिक्स, मार्बल, ड्राई फ्रूट, लोहा मंडी समेत दिल्ली की कुल 26 व्यापारिक एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री से सीधा संवाद किया और सुझाव दिए। दिल्ली के आसपास बनेगा प्लॉट मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के आसपास के इलाके में बड़ी व्यापारिक मार्किट व पूरा औद्योगिक इकोसिस्टम बनाने का फैसला लिया है ताकि व्यापारियों को खुला और सुविधायुक्त वातावरण मिल सके। अमृतसर की ड्राई फ्रूट मार्केट के व्यापारियों ने भी लगभग 280 प्लॉट लिए हैं और अब बड़ी ड्राई फ्रूट मंडी हरियाणा में स्थापित होगी। इसी तरह लुधियाना के व्यापारियों ने भी लगभग 180 प्लॉट लिए हैं। यह मार्केट विश्व स्तर की अलग पहचान वाली होगी, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के सपने को साकार करने में अहम कड़ी का काम करेगी। आने वाले 50 वर्षों को ध्यान में रखते हुए इतनी चौड़ी सड़कों और सुविधाओं के साथ इस मार्केट को विकसित किया जाएगा कि आवागमन में कोई दिक्कत न आए। निवेशकों को आसानी से मिलेगा अप्रूवल यह एक ग्रीन और पाल्यूशन मुक्त मार्केट होगी, जहां परिवार भी घूमने के लिए आ सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े निवेशकों के लिए कस्टमाइज्ड इंसेंटिव पैकेज, रोजगार आधारित प्रोत्साहन, सिंगल विंडो क्लीयरेंस और टाइम बाउंड अप्रूवल जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। राई के नजदीक मारुति का बड़ा प्लांट तैयार हो गया है, जहां सालाना करीब 10 लाख गाड़ियां बनेंगी। साथ ही खरखौदा में आइएमटी और इलेक्ट्रिक व्हीकल जोन भी विकसित हो रहा है। इसके अतिरिक्त 600 एकड़ में एक बड़ी हार्टिकल्चर मंडी का निर्माण भी गति से चल रहा है, जो उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हिमाचल और जम्मू-कश्मीर तक की कनेक्टिविटी से जुड़ी होगी। कहा- हर समस्या के समाधान के लिए खुले हैं द्वार मुख्यमंत्री ने व्यापारियों को आश्वस्त किया कि हरियाणा सरकार उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आने देगी और किसी भी समस्या पर सीधे मुख्यमंत्री से मिलने के द्वार खुले हैं। इस दौरान लोहा मंडी से जुड़े श्री केके गुप्ता, देवराज, राकेश यादव, मार्बल एसोसिएशन और राजेंद्र कपूर ने भी अपने सुझाव रखे, जिन पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रूप से सहमति जताते हुए संबंधित व्यवस्थाएं करने का आश्वासन दिया। वहीं उद्योग मंत्री राव नरबीर ने कहा कि दिल्ली के बाजारों में बहुत भीड़ भाड़ है। हरियाणा सरकार अलग-अलग औद्योगिक कलस्टर बनाकर व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं दे रही है। व्यापारी जो सोच लेकर हरियाणा में आएगा, उसे वह सभी सुविधाएं मिलेंगी। इस मौके पर दिल्ली हरियाणा भवन की रेजिडेंट कमिश्नर मोना श्रीनिवास, एचएसआइआइडीसी के एमडी सुशील सारवान, एचएसआईआईडीसी के कार्डिनेटर सुनील शर्मा मौजूद रहे।

फॉरेस्ट रेस्ट हाउस “राम वाटिका” में स्थापित भगवान राम की प्रतिमा को नमन कर प्राप्त किया आशीर्वाद

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने  आज अपने सरगुजा प्रवास के दौरान विकासखंड उदयपुर स्थित रामगढ़ के फॉरेस्ट रेस्ट हाउस "राम वाटिका" में स्थापित भगवान  राम की प्रतिमा को नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की, इसके साथ ही उन्होंने "एक पेड़ माँ के नाम 3.0" अभियान के अंतर्गत रुद्राक्ष का पौधारोपण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री  साय ने "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान को मातृशक्ति एवं प्रकृति के प्रति श्रद्धा तथा आत्मीय जुड़ाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि माँ के नाम पर लगाया गया एक पौधा न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सार्थक पहल है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित भविष्य की सुदृढ़ आधारशिला भी है। उन्होंने आमजन से आह्वान किया कि वे अधिक से अधिक पौधे लगाएँ तथा उनके संरक्षण एवं संवर्धन का संकल्प लें, ताकि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का सामना करते हुए प्रकृति के संतुलन को बनाए रखा जा सके। भगवान  राम की प्रतिमा को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभु  राम का जीवन मर्यादा, सत्य, त्याग एवं कर्तव्यपरायणता का अनुपम आदर्श है, जो युगों-युगों से समस्त मानवता का मार्गदर्शन करता आ रहा है। उन्होंने उपस्थित जनसमुदाय से प्रभु  राम द्वारा प्रशस्त आदर्श पथ पर चलते हुए सेवा, सद्भाव एवं समर्पण के भाव से समाज एवं राष्ट्र के उत्थान में सहभागी बनने का आह्वान किया। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल, कृषि मंत्री  रामविचार नेताम, लुण्ड्रा विधायक  प्रबोध मिंज, सीतापुर विधायक  रामकुमार टोप्पो सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

झारखंड के सरकारी स्कूलों के नए टाइमिंग जारी, 9 बजे से 3 बजे तक होगी पढ़ाई

मेदिनीनगर/पलामू. एक जुलाई से झारखंड के सरकारी स्कूलों के संचालन समय में बदलाव लागू हो जाएगा। शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार पहली से 12वीं तक के विद्यार्थियों की कक्षाएं अब सुबह नौ बजे से अपराह्न तीन बजे तक संचालित होंगी। हालांकि भीषण गर्मी के बीच इस निर्णय को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इन दिनों तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है और दोपहर के समय तेज धूप व उमस के कारण विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में परेशानी हो सकती है। वर्तमान में पहली से आठवीं तक की कक्षाएं सुबह सात बजे से 11:30 बजे तक तथा नौवीं से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह सात बजे से दोपहर 12 बजे तक संचालित हो रही हैं। वहीं शिक्षक सुबह सात बजे से अपराह्न एक बजे तक विद्यालय में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। नए आदेश के लागू होने के साथ ही सभी कक्षाओं का संचालन सुबह नौ बजे से अपराह्न तीन बजे तक होगा। 4 जुलाई तक चलेगा मासिक धर्म स्वच्छता जागरूकता अभियान सरकारी एवं सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक करने के लिए 1 से 4 जुलाई तक विशेष जागरूकता एवं रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) ने इस संबंध में सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला शिक्षा अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। आयोजित होंगी विभिन्न रचनात्मक गतिविधियां अभियान के दौरान विद्यालयों में स्लोगन लेखन, चित्रांकन एवं पेंटिंग प्रतियोगिता, ''मेरी बात- मेरा संकल्प'', मासिक धर्म स्वच्छता पर समूह चर्चा, रोल प्ले, नुक्कड़ नाटक तथा सामूहिक संकल्प जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन गतिविधियों का उद्देश्य किशोरियों में मासिक धर्म से जुड़े मिथकों को दूर करना और स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।

पंजाब में बढ़ा बिजली बिल? विभाग ने जारी की अहम जानकारी, जानें क्या करें

चंडीगढ़. पंजाब में बिजली उपभोक्ताओं के लिए अहम खबर सामने आई है। मीटर रीडरों की हड़ताल के चलते पी.एस.पी.सी.एल. ने बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य भर में बिजली के बिल स्पीड पोस्ट के जरिए भेजे जाएंगे। इस फैसले से 10.5 लाख से अधिक खपतकार सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। बिजली विभाग ने साफ किया है कि यदि किसी उपभोक्ता का बिजली बिल सामान्य से ज्यादा आया है, बिल पर ‘एन कोड’ लिखा हुआ है या कई महीनों का इकट्ठा बिल मिला है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। एन कोड का मतलब है कि मीटर की वास्तविक रीडिंग नहीं ली जा सकी और पिछली खपत के आधार पर अंदाजन (अनुमानित) बिल जारी किया गया है। यह फाइनल बिल नहीं माना जाएगा। पी.एस.पी.सी.एल. के अनुसार, जैसे ही मीटर की असली रीडिंग ली जाएगी, उसी के अनुसार पूरा हिसाब किया जाएगा। अगर किसी उपभोक्ता ने अधिक राशि जमा करवा दी है तो वह रकम अगले बिल में एडजस्ट कर दी जाएगी, वहीं कम भुगतान की स्थिति में बाकी राशि बाद में जोड़ी जाएगी। दरअसल, पंजाब में आउटसोर्स मीटर रीडर अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं, जिस कारण कई इलाकों में मीटर रीडिंग नहीं हो सकी। इसी वजह से विभाग को मजबूरी में अनुमानित बिल जारी करने पड़े। फिलहाल मीटर रीडरों की हड़ताल खत्म होने को लेकर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है और बातचीत जारी है।

दीपक वोहरा बोले- जन परिषद के गीत आने वाली पीढ़ियों की जुबान पर होंगे”

भोपाल  जन परिषद के 37वें वार्षिक एवं सम्मान समारोह का आयोजन रवीन्द्र भवन, भोपाल में अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। समारोह में भारत के पूर्व राजदूत एवं अंतरराष्ट्रीय संबंधों के अग्रणी ज्ञातादीपक वोहरा,  डीजीपी ** कैलाश मकवाना, एसीएस ** अनुपम राजन तथा एयर मार्शलप्रमोद वास्तव मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों का सम्मान भी किया गया।समारोह एल आई सी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सहयोग से आयोजित किया गया । अपने प्रेरक उद्बोधन में पूर्व राजदूतदीपक वोहरा ने कहा कि जन परिषद की 37 वर्षों की गौरवशाली यात्रा, उसके सेवा कार्यों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित पहचान को देखते हुए यह विश्वासपूर्वक कहा जा सकता है कि आने वाली पीढ़ियां जन परिषद के रचनात्मक गीतों को गुनगुनाएंगी। उन्होंने कहा कि आज विश्व अनेक चुनौतियों और अस्थिरताओं के दौर से गुजर रहा है, ऐसे समय में जन परिषद जैसी संस्थाएं समाज को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रही हैं।  वोहरा ने कहा कि वे इन दिनों अत्यंत व्यस्त थे और भोपाल आने की स्थिति में भी नहीं थे, लेकिन जब उन्होंने जन परिषद के इतिहास, उपलब्धियों और कार्यों के बारे में जानकारी प्राप्त की तथा भोपाल के अपने मित्रों से संस्था के संबंध में चर्चा की, तो सभी ने जन परिषद की इतनी प्रशंसा की कि वे स्वयं को इस कार्यक्रम में आने से रोक नहीं सके। उन्होंने जन परिषद के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी संस्था के लिए 37 वर्षों तक निरंतर सक्रिय और प्रभावी बने रहना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है।दीपक वोहरा जी ने आचार्य चाणक्य के छह सूत्रों को सरल एवं प्रेरक ढंग से प्रस्तुत करते हुए राष्ट्रभक्ति से ओत-प्रोत उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि आज भारत विश्व की ओर नहीं देख रहा है, बल्कि पूरा विश्व आशा और विश्वास की दृष्टि से भारत की ओर देख रहा है। उन्होंने उपस्थित जनों से आग्रह किया कि वे इन सूत्रों को अपने घरों तक पहुँचाएँ और अपने बच्चों को भी इनके बारे में अवश्य बताएं, ताकि उनमें संस्कार, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रप्रेम की भावना विकसित हो। उन्होंने बताया कि जन परिषद ने देशभर में 300 से अधिक इकाइयों एवं सहयोगी संगठनों का मजबूत नेटवर्क विकसित किया है तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। यदि देश में जन परिषद जैसी सैकड़ों संस्थाएं और विकसित हो जाएं, तो राष्ट्र के सामाजिक और रचनात्मक वातावरण में व्यापक सकारात्मक परिवर्तन संभव है। उन्होंने जन परिषद को हर संभव सहयोग देने का आश्वासन भी दिया। एसीएसअनुपम राजन ने अपने उद्बोधन में कहा कि समाज के विकास में जनभागीदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। जन परिषद ने विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक परिवर्तन लाने का जो प्रयास किया है, वह अनुकरणीय है। एयर मार्शलप्रमोद वास्तव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण के लिए अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और समर्पण अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने युवाओं को सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने का संदेश दिया। कार्यक्रम के प्रारंभ में जन परिषद के अध्यक्ष एवं पूर्व डीजीपीएन.के. त्रिपाठी ने स्वागत भाषण देते हुए संस्था की 37 वर्षों की यात्रा, उपलब्धियों और भावी योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जन परिषद समाज, पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसशक्तिकरण के क्षेत्र में निरंतर कार्य करती रहेगी। कार्यक्रम का वार्षिक प्रतिवेदन महेंद्र जोशी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें संस्था की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय गतिविधियों, सामाजिक अभियानों, पर्यावरण संरक्षण, जनजागरण तथा सेवा परियोजनाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का प्रभावी संचालन संयोजकरामजी वास्तव ने किया तथा अंत मेंअजय वास्तव (नीलू जी) ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह में जन परिषद के पदाधिकारी, सदस्यगण, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, शिक्षाविद्, बुद्धिजीवी, पत्रकार एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। विभिन्न सम्मानों से सम्मानित विभूतियां समारोह में एंबेसडर ऑफ एक्सीलेंस सम्मान से पूर्व राजदूतदीपक वोहरा (नई दिल्ली) को सम्मानित किया गया। एक्सीलेंट गार्जियन ऑफ द हार्ट सम्मान से डॉ. सुब्रतो मंडल को सम्मानित किया गया। कवि प्रदीप चौबे सम्मानप्रेमचंद द्वितीय (बड़नगर) को, सांसद विजय खंडेलवाल सम्मानमनोज तिवारी (गढ़ाकोटा) को तथा ललित वास्तव सम्मानमोहन परिहार को प्रदान किया गया। कुलभूषण दल्लौरी सम्मान सेललित अग्रवाल (इंदौर),अमित शर्मा एवंआशीष वास्तव को सम्मानित किया गया। राजकमल वास्तव सम्मान डॉ. रूबी खान को प्रदान किया गया। मां प्रभादेवी सम्मान सेउरज मिश्रा, मती शिल्पी अभिषेक भार्गव (गढ़ाकोटा),अतुल बनारसी,अंशुमन खरे, डॉ. प्रगति सेठ (झांसी)तथामोहन अग्रवाल को सम्मानित किया गया। लक्ष्मी रायकवार सम्मानकमल सिंह को, डॉ. मंगल प्रसाद अग्रवाल सम्मानभरत तिवारी (सागर) को तथा प्रकाश प्रलय सम्मानगौरीशंकर धाकड़ (बरेली) को प्रदान किया गया। पत्रकार के.के. अग्निहोत्री सम्मान सेधर्मेंद्र सिंह (भोपाल) एवंओमप्रकाश चौरसिया (गंजबासोदा) को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बेस्ट चैप्टर सम्मान आष्टा, छिंदवाड़ा, सागर एवं मुलताई चैप्टर्स को प्रदान किया गया। वहीं एक्टिव मेंबर्स ऑफ द ईयर के रूप मेंविनोद वास्तव,दुर्गेश रैकवार,नितिन वास्तव,संदीप गोलू तथारामेश्वर को सम्मानित किया गया।  

डॉ. वर्णिका शर्मा की चेतावनी: खुले गड्ढों से बच्चों को बचाने के लिए नगरीय प्रशासन तत्काल करे व्यवस्था

रायपुर  छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने आज नगरीय प्रशासन विभाग, जिला कलेक्टर व नगरीय निकायों के उच्चाधिकारियों को एक बेहद सख्त अनुशंसा भेजते हुए लेख किया है कि आयोग के समक्ष इस प्रकार के प्रकरण देखने में आये हैं, जिसमें कि कॉलोनी में निर्माणाधीन गढ्ढे खुुले होने, सड़कों पर गढ्ढे खुले होने अथवा बारिश में नालियों के ढक जाने के कारण उसमें बच्चे गिर पड़े हैं एवं उनके जीवन का अंत हो गया है।  आयोग ने इसे बेहद दुःखद माना है एवं आयोग द्वारा बालक अधिकार संरक्षण आयोग अधिनियम 2005 की धारा 13 तथा सहपठित धारा 15 के तहत बच्चों के जीवन के अधिकार की रक्षा को देखते हुए यह अनुशंसा क्रमांक आर-191/30.06.2026 की है कि, नगरीय क्षेत्र में तत्काल एक सर्वेक्षण अभियान चलाकर ऐसे खुले गढ्ढों, नालियों या निर्माणाधीन स्थलों कोे चिन्हाँकित कर लिया जाये और उन्हें या तो भर दिया अथवा उनके चारो ओर सुरक्षा कवच के रूप में बल्ली आदि से बाड़ी लगा दी जाये जिससे बच्चे उसमें न गिरने पायें, समस्त निर्माण एजेन्सियों तथा आवासीय कॉलोनियों को यह निर्देश जारी किये जाये कि किसी भी प्रकार से निर्माण के लिए खोदे गये नींव स्थल/कॉलम स्थल/अन्य कारणों से खोदे गये गढ्ढों के चारों ओर सुरक्षा घेरा लगाकर इस प्रकार बंद करना कि वहाँ बच्चे आवाजाही करते समय न गिरें यह सुनिश्चित करें, संवेदनशील निर्माणाधीन स्थलों पर निर्माण एजेन्सियाँ एक चौकीदार/सुरक्षाकर्मी भी इस हेतु तैनात करें जो बच्चों को जोखिम से बचाने में सहायक हो सके।  अनुशंसा में यह भी लेख है कि बारिश में खेलते समय या शाला आते जाते समय पैदल चलते बच्चों को बारिश के छोटे गढ्ढे अथवा बड़े गढ्ढों में अंतर समझ में नहीं आता है एवं बच्चों को अनजाने में ही जान का खतरा उत्पन्न हो जाता है। अतः इस विषय की संवेदनशीलता को समझते हुए मंत्रालय तथा विभागाध्यक्ष स्तर से पर्याप्त निर्देश प्रसारित किये जायें एवं जिला स्तर पर जिला कलेक्टर व नगरीय निकाय के उच्चाधिकारी तत्काल इस विषय पर पहल करें एवं इसे नियमित साप्ताहिक समय सीमा के पत्रों पर कार्यवाही की समीक्षा के विषय के रूप में शामिल किया जाये। आयोग ने उक्तानुसार अनुशंसा पर कार्यवाही करते हुए निर्देश प्रसारित कर आयोग को दिनांक 07 जुलाई 2026 तक लिखित में अवगत कराने का भी लेख किया है।

अवैध मकानों को खाली करने के नोटिस पर धमतरी में बवाल, ग्रामीणों ने राजस्व अमले का किया घेराव

धमतरी. रायपुर के नकटी गांव के बाद धमतरी के कोलियारी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर मंगलवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। 50 से अधिक मकानों को खाली करने के लिए राजस्व विभाग द्वारा अल्टीमेटम दिए जाने के बाद ग्रामीणों और राजस्व टीम के बीच तीखी बहस और नोकझोंक हुई। मौके पर कुछ समय के लिए स्थिति गर्मा गई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन की यह कार्रवाई पूरी तरह गलत है। उनका कहना है कि एक निजी संस्थान को जमीन उपलब्ध कराने के लिए राजस्व विभाग दबाव बनाकर लोगों को उनके घरों से हटाने की कोशिश कर रहा है। धमतरी में भी रायपुर के नकटी गांव जैसी स्थिति पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं राजस्व विभाग का कहना है कि संबंधित भूमि पर 50 से अधिक मकान अतिक्रमण कर बनाए गए हैं। नियमानुसार अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया के तहत संबंधित लोगों को घर खाली करने का नोटिस और अल्टीमेटम दिया गया है। नोटिस मिलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और कार्रवाई का विरोध जताने लगे। इस दौरान राजस्व अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। जल्द घर खाली करने के निर्देश राजस्व अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि संबंधित लोगों को जल्द से जल्द अतिक्रमित भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। फिलहाल मामले को लेकर क्षेत्र में तनाव का माहौल बना है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

प्रशिक्षण व्यावहारिक, सार्थक एवं प्रभावी होना चाहिए : राज्यमंत्री बागरी

नमामि गंगे मिशन अंतर्गत बेतवा नदी के वैज्ञानिक एवं समग्र पुनर्जीवन के लिये क्षमता वर्धन कार्यशाला प्रशिक्षण व्यावहारिक, सार्थक एवं प्रभावी होना चाहिए : राज्यमंत्री बागरी भोपाल राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी के मुख्य आतिथ्य में नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत बेतवा नदी के वैज्ञानिक एवं समग्र पुनर्जीवन के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार करने संबंधी दो दिवसीय क्षमता वर्धन कार्यशाला का शुभारंभ भोपाल में किया गया। राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने कहा कि भारत में नदियाँ केवल जल स्रोत नहीं, बल्कि जीवन और संस्कृति का केंद्र हैं। आमजन नदियों के जल को सर्वाधिक शुद्ध एवं पवित्र मानते हैं। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में डीपीआर तैयार करने संबंधी दिया जाने वाला प्रशिक्षण व्यावहारिक, सार्थक एवं प्रभावी होना चाहिए, जिससे भविष्य में तैयार होने वाली परियोजनाएँ नदी संरक्षण के उद्देश्य को सफलतापूर्वक पूरा कर सकें। राज्यमंत्री श्रीमती बागरी ने कहा कि डीपीआर तैयार करते समय प्राकृतिक स्रोतों की उपयोगिता तथा उनके संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति में प्रकृति की पूजा का मूल उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण है, क्योंकि नदियों और वृक्षों के बिना जीवन की कल्पना संभव नहीं है। वृक्ष प्राकृतिक रूप से नदियों को स्वच्छ बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बरसाती नालों की नियमित सफाई पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे नदियों को प्रदूषण से बचाने में प्रभावी सहायता मिलती है। उन्होंने बहुउद्देशीय कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएँ दीं। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के कार्यकारी निदेशक बृजेन्द्र स्वरूप ने कहा कि नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत गंगा की सहायक नदियों, विशेष रूप से बेतवा नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विजन के अनुरूप नमामि गंगे मिशन कार्य कर रहा है। उन्होंने मिशन के पाँच प्रमुख स्तंभों— अविरल गंगा, निर्मल गंगा, जन गंगा, ज्ञान गंगा और अर्थ गंगा—की जानकारी देते हुए इनके महत्व पर प्रकाश डाला। नगरीय विकास एवं आवास आयुक्त संकेत भोंडवे ने सभी आमंत्रित विषय विशेषज्ञों का स्वागत करते हुए कहा कि नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित यह दो दिवसीय कार्यशाला बेतवा नदी के पुनर्जीवन के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगी। कार्यक्रम में नमामि गंगे मिशन के निदेशक धीरज जोशी ने आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर प्रमुख अभियंता प्रदीप मिश्रा भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समन्वय पर्यावरण विशेषज्ञ सीताराम टैगोर ने किया।