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आरएमपीएसयू में 2,300 से अधिक छात्रों ने लिया हिस्सा, डिजिटल पहुंच 50 हजार पा

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन को युवाओं के नवाचार, उद्यमिता और करियर अवसरों से जोड़ने की दिशा में राजा महेंद्र प्रताप सिंह स्टेट यूनिवर्सिटी, अलीगढ़ में यूपी राइज 2026 का आयोजन किया गया। प्रदेश सरकार के इस प्रमुख कैंपस इनोवेशन और करियर अभियान का आयोजन टाइम्स नेटवर्क और जूम के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने हिस्सा लेकर अपने नए विचारों और समाधान को मंच प्रदान किया। अलीगढ़ में 2300 से अधिक छात्रों की भागीदारी अलीगढ़ चरण में पंजीकरण, सीएम-युवा योजना से जुड़े जागरूकता कार्यक्रम और सभागार सत्र समेत 2,300 से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम की डिजिटल पहुंच 50 हजार से अधिक रही, जबकि ऑफलाइन पहुंच भी 5 हजार से अधिक दर्ज की गई। विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने युवाओं के बीच नवाचार और उद्यमिता को लेकर उत्साह को सामने रखा। आरएमपीएसयू स्वयं रचनात्मक प्रतिभा, वैज्ञानिक सोच और विद्यार्थियों के करियर विकास को बढ़ावा देने पर जोर देता है। बिल्ड फॉर यूपी पिच फाइनल में दिखी प्रतिभा यूपी राइज 2026 के तहत परिसर में सीएम-युवा योजना जागरूकता स्टॉल, स्पिन द व्हील गतिविधि और ऑक्टोनॉर्म मेंटरशिप जोन लगाए गए। लॉबी और गलियारों में आयोजित इन गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को योजनाओं, करियर विकल्पों और अपने विचारों को व्यावहारिक रूप देने के अवसरों से परिचित कराया गया। इसके बाद सभागार में बिल्ड फॉर यूपी पिच प्रतियोगिता का फाइनल आयोजित हुआ। 13 छात्र टीमों ने पेश किए नवाचार आधारित समाधान प्रतियोगिता में चयनित 13 छात्र टीमों ने निर्णायकों और उपस्थित विद्यार्थियों के सामने अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतिभागियों ने स्थानीय समस्याओं के व्यावहारिक समाधान, नए व्यवसाय मॉडल और सामाजिक उपयोगिता से जुड़े प्रस्ताव रखे। प्रतियोगिता का विजेता प्रस्ताव तेज रोशनी वाली हेडलाइट्स के कारण होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से तैयार सुरक्षा-केंद्रित समाधान पर आधारित रहा। विजेता टीम को मंच पर 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि फिक्सेज ग्रुप को उपविजेता घोषित किया गया। यूपी राइज के पहले के चरणों में भी विद्यार्थियों के स्टार्टअप विचारों को पिचिंग और पुरस्कार के माध्यम से प्रोत्साहित किया गया है। सात शहरों के बाद अलीगढ़ पहुंचा यूपी राइज कार्यक्रम में भाजपा उत्तर प्रदेश के मंत्री एवं राज्य मीडिया प्रभारी यतेंद्र शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने विद्यार्थियों के नवाचार, रचनात्मक सोच और उद्यमशीलता को प्रोत्साहित किया। अलीगढ़ चरण के साथ यूपी राइज 2026 का विश्वविद्यालय दौरा कानपुर, आगरा, लखनऊ, रायबरेली, मथुरा, बरेली और सहारनपुर तक पहुंच चुका है।

पशुपालन एवं डेयरी और Jhpiego कंपनी के संयुक्त तत्वावधान में साइकिल रैली

भोपाल  विश्व रेबीज दिवस के अवसर पर सोमवार को संचालनालय पशुपालन एवं डेयरी विभाग और Jhpiego कंपनी के संयुक्त तत्वावधान में साइकिल रैली का आयोजन किया गया। रैली के माध्यम से रेबीज बीमारी की रोकथाम, बचाव के उपायों, समय पर उपचार और पशुओं के टीकाकरण के प्रति आमजन को जागरूक किया गया। साइकिल रैली संचालनालय पशुपालन एवं डेयरी परिसर से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होते हुए एमपीटी बोट क्लब पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। रैली में प्रतिभागियों ने रेबीज से बचाव और जागरूकता से संबंधित संदेशों के माध्यम से आमजन को बीमारी के प्रति सतर्क रहने तथा आवश्यक सावधानियां अपनाने के लिए प्रेरित किया। समय पर उपचार और पशुओं का टीकाकरण जरूरी रेबीज से बचाव के लिए पशुओं का समय पर टीकाकरण कराने और संदिग्ध पशु के काटने की स्थिति में बिना विलंब चिकित्सकीय सलाह लेकर आवश्यक उपचार कराने के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही जागरूकता और समय पर उठाए गए कदम रेबीज की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसका संदेश भी दिया गया लुई पास्चर की स्मृति में मनाया जाता है विश्व रेबीज दिवस विश्व रेबीज दिवस प्रत्येक वर्ष 28 सितंबर को माइक्रोबायोलॉजिस्ट लुई पास्चर की पुण्यतिथि के अवसर पर मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य रेबीज की रोकथाम के प्रति वैश्विक स्तर पर जागरूकता बढ़ाना तथा बीमारी से बचाव के प्रभावी उपायों की जानकारी आमजन तक पहुंचाना है।  

घर की रसोई से ट्रेड शो तक पहुंचा गाजियाबाद की महिलाओं के अचार का स्वाद

ग्रेटर नोएडा योगी सरकार की महिला उद्यमिता को बाजार से जोड़ने की पहल अब घर की रसोई में तैयार होने वाले उत्पादों को भी नई पहचान दे रही है। ग्रेटर नोएडा के एक्सपो मार्ट में चल रहे उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में गाजियाबाद की महिलाओं के हाथों तैयार अचार, मुरब्बा और जवे लोगों की पसंद बन रहे हैं। स्टॉल पर पहुंच रहे खरीदार उत्पादों का स्वाद लेने के साथ ऑर्डर भी दे रहे हैं। कई ग्राहकों ने ऑनलाइन भुगतान कर उत्पादों की बुकिंग की है। बड़े ऑर्डर मिलने की उम्मीद से महिला उद्यमियों में उत्साह है। खेत की सरसों के तेल से तैयार हो रहा अचार खंजरपुर गांव की रीना धतरवाल पहली बार अपने उत्पादों के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर के एक्सपो में पहुंची हैं। उन्होंने कुछ समय पहले दीपराज ऑर्गेनिक पिकल्स नाम से फर्म शुरू की। रीना घर पर तैयार किए गए मसालों और अपने खेत में उगाई सरसों से निकाले गए तेल का इस्तेमाल कर अचार की अलग-अलग किस्में तैयार करती हैं। रीना ने बताया कि ट्रेड शो में आने के बाद उनके उत्पादों को व्यापक स्तर पर पहचान मिली है। पहले दिन ही कई लोगों ने उनके उत्पाद पसंद किए और ऑनलाइन भुगतान कर अचार, मुरब्बा और जवे के ऑर्डर दिए। उनका कहना है कि एक्सपो से बड़े खरीदारों तक पहुंच बनने की उम्मीद है। नए कारोबार को मिला बड़ा मंच मोदीनगर की ई नारी शक्ति वूमेन एंपावर संस्था ने ट्रेड शो में नींबू, आम और मिर्च के अचार समेत कई घरेलू उत्पादों का स्टॉल लगाया है। संस्था से जुड़ी महिलाओं का कहना है कि उन्होंने हाल ही में कारोबार शुरू किया है। ऐसे बड़े मंच पर अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों और खरीदारों के सामने रखने का अवसर उनके लिए नया अनुभव है। महिलाओं के मुताबिक, ट्रेड शो में मिली पहचान उनके लिए नए बाजार की शुरुआत बन सकती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने का अवसर देकर प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से मजबूत होने का रास्ता तैयार किया है। दूसरी महिलाओं को भी दिया रोजगार गाजियाबाद की पूनम ने पूनम पिकल्स नाम से अपना ब्रांड तैयार किया है। वह घर पर तैयार किए गए मसालों से अचार बनाती हैं। अचार और जवे तैयार करने के काम में उन्होंने दूसरी महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा है। पूनम ने बताया कि पहली बार इतने बड़े एक्सपो में आने को लेकर शुरुआत में झिझक थी, लेकिन यहां ग्राहकों की प्रतिक्रिया ने आत्मविश्वास बढ़ाया। उनके मुताबिक, ट्रेड शो से मिले संपर्क और ऑर्डर कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे। घरेलू स्तर पर शुरू किए गए इन छोटे कारोबारों को बड़े बाजार से जोड़ने का यह मंच गाजियाबाद की महिलाओं के लिए नए अवसर लेकर आया है।

योगी के मुख्यमंत्री बनते ही लागू हुआ ‘रूल ऑफ लॉ’, यूपी का पूरा परिदृश्य 360 डिग्री बदला : सुरेश खन्ना

ग्रेटर नोएडा : उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि 2017 के बाद प्रदेश में बड़ा बदलाव आया है। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के साथ ही प्रदेश में ‘रूल ऑफ लॉ’ लागू हुआ और कानून-व्यवस्था बेहतर होने से पूरा परिदृश्य 360 डिग्री बदल गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘रिफॉर्म, परफॉर्म एंड ट्रांसफॉर्म’ के मंत्र पर काम करते हुए कृषि, उद्योग, सर्विस सेक्टर और वित्तीय प्रबंधन में सुधार किया है। ‘फ्रॉम फाइनेंशियल डिसिप्लिन टू ट्रांसपेरेंट सर्विस डिलीवरी’ कार्यक्रम में वित्त मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को कभी विकास के पैमाने पर पिछड़े राज्यों में गिना जाता था, लेकिन आज प्रदेश देश की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि राज्य की जीएसडीपी में बढ़ोतरी के साथ कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर में भी प्रगति हुई है। खन्ना ने कहा कि सरकार ने 50-50 वर्षों से ठंडी पड़ी योजनाओं पर काम किया। सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हुआ और इसका बड़ा असर बुंदेलखंड में दिखाई दे रहा है। जहां कभी पीने के पानी तक का संकट था, वहां अब खेती की स्थिति बदली है और तीन-तीन फसलें तक हो रही हैं। उन्होंने इसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को दिया। वित्त मंत्री ने कहा कि किसानों की उपज की खरीद से पैसा सीधे उनकी जेब तक पहुंचा, जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ी और अर्थव्यवस्था को भी गति मिली। किसान क्रेडिट कार्ड का बड़े पैमाने पर वितरण किया गया है। उन्होंने बताया कि सरकार की सहायता से पात्र लोगों को छह लाख रुपये तक का कर्ज छह प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में निवेश बढ़ा है और ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के जरिए बड़े निवेश को धरातल पर उतारा गया। मैन्युफैक्चरिंग के साथ सर्विस और पर्यटन क्षेत्र में भी विस्तार हुआ है। सरकार ने गैर-जरूरी खर्च रोककर वित्तीय प्रबंधन को बेहतर करने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने हाल में विभागों को बजट के समयबद्ध इस्तेमाल और वित्तीय स्वीकृतियों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए हैं। रोजगार का जिक्र करते हुए सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि प्रदेश में अब तक 9.5 लाख लोगों को सरकारी नौकरी दी गई है और नियुक्तियों में योग्यता व क्षमता को आधार बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने एक लाख और सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का जिक्र करते हुए कहा कि हुनरमंद युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। रेहड़ी-पटरी वालों से लेकर नए उद्यमियों तक को वित्तीय मदद देकर आर्थिक गतिविधियों का दायरा बढ़ाया गया है। डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ने के साथ साइबर फ्रॉड से बचाव की जानकारी बेहद जरूरी साइबर अपराध पर सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि डिजिटल ट्रांजेक्शन बढ़ने के साथ लोगों को साइबर फ्रॉड से बचाव की जानकारी होना बेहद जरूरी है। यदि किसी के साथ ऑनलाइन धोखाधड़ी होती है तो उसे यह पता होना चाहिए कि तत्काल क्या कदम उठाने हैं और पैसा वापस पाने के लिए किस प्रक्रिया का पालन करना है। उन्होंने कहा कि वित्तीय अनुशासन, बेहतर कानून-व्यवस्था, निवेश और रोजगार के जरिए उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। साइबर फ्रॉड में पहला घंटा सबसे महत्वपूर्ण एसपी साइबर क्राइम राजेश यादव ने साइबर अपराध की चुनौतियों और उनसे बचाव के तरीके बताए। उन्होंने कहा कि फिशिंग, फर्जी वेबसाइट, डेटा चोरी, फर्जी अप्रूवल और अन्य तरीकों से साइबर अपराधी लोगों को निशाना बनाते हैं। ऐसे में डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते समय उसकी प्रामाणिकता की जांच और सतर्कता बेहद जरूरी है। साइबर फ्रॉड में समय सबसे महत्वपूर्ण है। पहले एक घंटे के भीतर शिकायत करने से रकम को होल्ड या फ्रीज कराने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में साइबर अपराध से निपटने के लिए प्रदेश में मजबूत व्यवस्था की गई है। प्रत्येक थाने में साइबर हेल्प डेस्क है, जबकि लखनऊ में 1930 कॉल सेंटर के साथ साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर संचालित किया जा रहा है। शिकायत मिलते ही संबंधित बैंक के माध्यम से रकम रोकने की कार्रवाई की जाती है। राजेश यादव ने कहा कि साइबर अपराध सीमाओं से परे होने वाला अपराध है, इसलिए पुलिस और बैंकों के साथ स्कूल-कॉलेज, ग्राम पंचायतों, स्वयं सहायता समूहों, यूथ एवं स्पोर्ट्स क्लबों तथा स्थानीय संगठनों की भागीदारी भी जरूरी है। इस दौरान सचिव वित्त संदीप कौर, विशेष सचिव वित्त मनोज कुमार तिवारी, साइबर क्राइम के पुलिस अधीक्षक राजेश यादव, एसबीआई नई दिल्ली के उप महाप्रबंधक राजीव कुमार मिश्रा, मुख्य महाप्रबंधक, नाबार्ड, प्रधान कार्यालय मुंबई संजीव डी. रोहिल्ला, उप महाप्रबंधक, केनरा बैंक, नई दिल्ली संदीप सक्सेना आदि मौजूद थे।

30 एमओयू से बाजार तक पहुंचेंगी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं*

ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो में सोमवार को स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के उत्पादों को बड़े बाजार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से आयोजित बायर-सेलर बैठक में महिला समूहों और नामी कंपनियों के बीच करीब 30 एमओयू हुए। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में हुए इन समझौतों को महिलाओं के कारोबार को बाजार और बड़े खरीदारों से जोड़ने की पहल के रूप में देखा गया। मौर्य ने अधिकारियों से कहा कि ट्रेड शो में हुए समझौतों की लगातार निगरानी की जाए और सभी एमओयू धरातल पर उतरने चाहिए। डेढ़ करोड़ बच्चों की ड्रेस से मिलेगा बड़ा बाजार केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अगले सत्र से प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब डेढ़ करोड़ बच्चों की ड्रेस तैयार कराने की व्यवस्था में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को जोड़ा जाएगा। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की ड्रेस तैयार करने का काम मिलने से महिला समूहों के लिए रोजगार और कारोबार का नया अवसर तैयार होगा। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को लखपति दीदी से आगे करोड़पति दीदी बनाने का है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देशन में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के प्रयास चल रहे हैं। योगी सरकार में महिलाएं सुरक्षित होने के साथ आर्थिक रूप से भी मजबूत हो रही हैं। महिला समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए ऐसे मंच महत्वपूर्ण हैं, जहां वे सीधे कंपनियों से कारोबारी संबंध स्थापित कर सकें। खरीदारों से सीधे जुड़ीं महिलाएं बायर-सेलर सत्र में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने अपने उत्पाद कंपनियों के प्रतिनिधियों के सामने रखे। इसका उद्देश्य उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं और बड़े खरीदारों के बीच सीधा संपर्क स्थापित करना था। कार्यक्रम में लघु फिल्म के जरिए प्रदेश की महिलाओं की सफलता की कहानियां भी दिखाई गईं। प्रेरणा कैंटीन और सरस हाट के माध्यम से आगे बढ़ीं महिलाओं के अनुभवों को भी सामने रखा गया। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक अरुण कुमार ने कहा कि लाखों महिलाएं आजीविका मिशन से जुड़कर आर्थिक गतिविधियों में आगे बढ़ रही हैं। ट्रेड शो उनके उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय स्तर के मंच और संभावित खरीदारों से जोड़ने का अवसर दे रहा है। पांच लाख के ऋण से शुरू किया कारोबार सिद्धार्थनगर के आजाद स्वयं सहायता समूह की सरोज देवी ने बताया कि उन्होंने पांच लाख रुपये का ऋण लेकर कारोबार शुरू किया था। सरकारी सहयोग से ऋण चुकाने के बाद अब उनका सालाना कारोबार छह लाख रुपये तक पहुंच गया है। अमरोहा की प्रियांशी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी कौशल्या ने तीन लाख रुपये के ऋण से मसाला कारोबार शुरू किया। उनका वार्षिक कारोबार भी छह लाख रुपये से अधिक हो चुका है। नवी प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की शफीका ने बताया कि उनका कारोबार 10 लाख रुपये के आंकड़े को पार कर चुका है। ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू ने कहा कि महिला समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए खरीदार कंपनियों के साथ एमओयू की सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की सार्थक पहल है। इससे महिलाओं को उत्पादन के साथ बाजार भी मिल सकेगा। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नरेंद्र कश्यप, एमएसएमई राज्यमंत्री हंसराज विश्वकर्मा, ग्रामीण विकास विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू, उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के निदेशक अरुण कुमार, संयुक्त मिशन निदेशक प्रवीणानंद और चंद्रशेखर मौजूद रहे।

योगी सरकार में सुरक्षित और तकनीक आधारित परिवहन को मिल रहा बढ़ावा

यूपीआईटीएस में दिखा परिवहन विभाग का सड़क सुरक्षा पर जोर, 28 से 30 सितंबर तक चलेगा ऑपरेशन कवच योगी सरकार में सुरक्षित और तकनीक आधारित परिवहन को मिल रहा बढ़ावा एनसीआर की हवा सुधारने की कवायद, ईओएल वाहनों को अधिकृत स्क्रैप केंद्रों तक पहुंचाए स्वामी: अमृत अभिजात बीएस-1 से बीएस-4 वाहनों के लिए परिवर्तन पोर्टल, वाहन स्वामियों से आवेदन की अपील 52 सेवाएं फेसलेस और 40 ऑटो अप्रूवल, परिवहन विभाग में बढ़ा डिजिटल सुविधा का दायरा लखनऊ/ग्रेटर नोएडा  योगी सरकार के कार्यकाल में परिवहन व्यवस्था को सुरक्षित, सुगम और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की झलक उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस) में भी देखने को मिल रही है। ग्रेटर नोएडा में आयोजित यूपीआईटीएस के चौथे संस्करण में परिवहन विभाग ने अपने स्टॉल के माध्यम से विभागीय सेवाओं, सड़क सुरक्षा और वाहन संबंधी नई व्यवस्थाओं की जानकारी दी। यहीं पर परिवहन विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने बताया कि सड़क सुरक्षा के तहत 28 से 30 सितंबर तक प्रदेश में अनधिकृत बसों के विरूद्ध ऑपरेशन कवच अभियान चलाया जाएगा। 28 से 30 सितंबर तक ऑपरेशन कवच परिवहन विभाग की तकनीकी कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव ने बताया कि अवैध रूप से संचालित बसों के खिलाफ ऑपरेशन कवच के तहत 28 से 30 सितंबर तक प्रदेशव्यापी विशेष अभियान चलाया जाएगा। अभियान का उद्देश्य परिवहन नियमों के अनुपालन को प्रभावी बनाना और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है। एनसीआर के प्रदूषण पर ईओएल वाहनों पर फोकस उन्होंने एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण और खराब होती हवा की गुणवत्ता को देखते हुए एंड ऑफ लाइफ (ईओएल) वाहनों को अधिकृत स्क्रैप केंद्र पर स्क्रैप कराने की अपील की। एनसीआर के वाहन स्वामियों से पुराने और निर्धारित मानकों के अनुरूप जीवन पूरा कर चुके वाहनों को अधिकृत केंद्र तक पहुंचाने का आग्रह किया, ताकि पुराने वाहनों से होने वाले प्रदूषण को कम करने में मदद मिल सके। परिवर्तन पोर्टल से पुराने वाहनों को बदलने का लाभ उन्होंने परिवहन विभाग की परिवर्तन योजना की जानकारी देते हुए यूरो मानक बीएस 1,2,3 व 4 वाले वाहनों के स्वामियों से परिवर्तन पोर्टल के माध्यम से आवेदन करने की अपील की। वहीं कार्यशाला में सड़क दुर्घटनाओं और उनमें होने वाली मौतों को कम करने के लिए यातायात नियमों के पालन पर विशेष जोर दिया गया। लोगों से नियंत्रित गति से वाहन चलाने, दोपहिया पर हेलमेट और चारपहिया में सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने, शराब पीकर वाहन न चलाने व ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की गई। परिवहन विभाग ने बताया कि जनसुविधा के लिए उसकी 52 सेवाओं को फेसलेस किया गया है, जबकि 40 सेवाएं ऑटो अप्रूवल मोड में संचालित की जा रही हैं। ट्रेड शो में ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी आधुनिक तकनीक और सिमुलेटर के जरिए युवाओं को जानकारी भी दी जा रही है।

सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में पहले सीजन के लिए दो दिवसीय चयन ट्रायल शुरू

रायपुर छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (सीएचएल) के पहले सीजन के लिए खिलाड़ियों का चयन ट्रायल आज रायपुर के सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम के पिच-1 पर शुरू हुआ। ट्रायल के लिए पंजीकृत 373 खिलाड़ियों में से 223 खिलाड़ियों ने पहले दिन उपस्थित होकर ट्रायल में भाग लिया। उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  अरुण साव ने ट्रायल स्थल पहुंचकर खिलाड़ियों की हौसला अफजाई की। उन्होंने मैदान पर खिलाड़ियों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में हॉकी की जड़ें बहुत गहरी हैं। इस ट्रायल में खिलाड़ियों का उत्साह इसका प्रमाण है। आज मैंने मैदान पर स्वयं उनके जुनून को देखा। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का उद्देश्य ऐसे ही युवा खिलाड़ियों को एक बड़ा मंच देना है, जहाँ वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के साथ मैदान साझा करेंगे। हमारा लक्ष्य है कि छत्तीसगढ़ की हर खेल प्रतिभा को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक आगे बढ़ने का अवसर मिले। उन्होंने ट्रायल में भाग ले रहे खिलाड़ियों शुभकामनाएं दीं। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में खेलने वाली छह टीमों के खिलाड़ियों के चयन के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा इस चयन ट्रायल का आयोजन किया गया है। ट्रायल की सम्पूर्ण प्रक्रिया छत्तीसगढ़ हॉकी संघ द्वारा निर्धारित नियमों एवं मापदंडों के अनुसार संचालित की जा रही है। ट्रायल का संचालन खेल अधिकारियों, विशेषज्ञों, हॉकी संघ और वरिष्ठ खिलाड़ियों के पैनल की देखरेख में किया गया। पैनल में खेल एवं युवा कल्याण विभाग के खेल अधिकारी  दीनू प्रसाद पटेल, रायपुर की वरिष्ठ हॉकी प्रशिक्षक मती रश्मि संध्या एक्का, बिलासपुर के वरिष्ठ हॉकी प्रशिक्षक  राकेश टोप्पो, छत्तीसगढ़ हॉकी संघ की ओर से अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी  मृणाल चौबे, राजनांदगांव से  अनुराग वास्तव तथा वरिष्ठ हॉकी खिलाड़ी  अमिताभ मानिकपुरी शामिल हैं। 29 सितम्बर को भी सुबह 9 बजे से चयन ट्रायल जारी रहेगा। ट्रायल पूर्ण होने के बाद चयनित खिलाड़ियों की सूची और चयन प्रक्रिया का प्रतिवेदन खेल संचालनालय को सौंपा जाएगा, जिसके आधार पर लीग की छह टीमों का गठन किया जाएगा। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के बारे में छत्तीसगढ़ हॉकी लीग (CHL) छत्तीसगढ़ की पहली आधिकारिक राज्य स्तरीय हॉकी लीग है, जिसका आयोजन खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा किया जा रहा है। इस लीग की परिकल्पना राज्य के हॉकी खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, प्रतिस्पर्धी अनुभव हासिल करने तथा राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवसर प्राप्त करने के लिए एक सुव्यवस्थित और प्रतिस्पर्धात्मक मंच प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग का पहला सीजन 21 अक्टूबर से 1 नवम्बर 2026 तक सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम, रायपुर में आयोजित किया जाएगा। इसमें राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करने वाली छह फ्रेंचाइज़ी आधारित टीमें – राजधानी रॉयल्स, चित्रकोट चैलेंजर्स, संस्कारधानी स्ट्राइकर्स, चक्रधर चैंपियंस, न्यायधानी नाइट्स और मैनपाट टाइटन्स खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। प्रत्येक टीम में 22 खिलाड़ियों का दल होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ के 18 खिलाड़ी और राज्य के बाहर से चार राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी शामिल होंगे। इस लीग का उद्देश्य छत्तीसगढ़ में हॉकी के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना, उभरते खिलाड़ियों के लिए अधिक अवसर तैयार करना और राज्य में राष्ट्रीय खेल के निरंतर विकास में योगदान देना है। “चलो रे संगी, हॉकी खेलबो” टैगलाइन के साथ यह लीग छत्तीसगढ़ की खेल पहचान, क्षेत्रीय गौरव और हॉकी के क्षेत्र में राज्य की बढ़ती आकांक्षाओं को सामने लाती है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, 11 अभ्यर्थियों को मंच पर मिला पत्र

नियुक्ति पत्र मिला तो छलकी खुशी, अपनी कहानी बताते हुए रुंधा युवाओं का गला   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, 11 अभ्यर्थियों को मंच पर मिला पत्र   किसी को परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरने की उम्मीद तो किसी को बच्चे के भविष्य की चिंता से मिली राहत   ससुराल की पहली महिला बनीं सरकारी कर्मचारी, श्रुति बोलीं- गर्भावस्था में भविष्य को लेकर थी चिंता, अब मिला भरोसा   किसान परिवार के आदित्य को मिला प्रदेश की सेवा का मौका, ब्यूटी शाही बोलीं- नौकरी से परिवार की परिस्थितियां भी बदलेंगी   मिशन रोजगार के तहत 10 दिन में चार बड़े कार्यक्रम, 6,672 युवाओं को मिले सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र   लखनऊ सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र हाथ में आया तो किसी को परिवार की आर्थिक स्थिति सुधरने की उम्मीद जगी, किसी को अपने बच्चे के भविष्य की चिंता से राहत मिली। वर्षों की मेहनत के बाद नौकरी मिलने की खुशी साझा करते हुए कुछ अभ्यर्थी भावुक हुए तो बोलते-बोलते गला भी रुंध गया। मौका था सोमवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ग्राम पंचायत अधिकारियों के नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम का। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए।   मुख्यमंत्री ने 11 नवचयनित अभ्यर्थियों को मंच पर प्रतीकात्मक रूप से नियुक्ति पत्र सौंपे। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद अभ्यर्थियों ने अपनी संघर्ष यात्रा और परिवार की परिस्थितियां साझा कीं। उन्होंने चयन प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बताते हुए मुख्यमंत्री योगी का आभार जताया।   ससुराल की पहली महिला जिसे मिली सरकारी नौकरी लखनऊ की श्रुति श्रीवास्तव ने बताया कि वह अपने ससुराल की पहली महिला हैं, जो सरकारी सेवा में जा रही हैं। गर्भावस्था के दौरान उन्हें भविष्य को लेकर चिंता रहती थी। नियुक्ति मिलने से उन्हें नई उम्मीद और आत्मविश्वास मिला है। उन्होंने निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।   कुशीनगर के आदित्य सिंह किसान परिवार से आते हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा में चयन से उन्हें प्रदेश की सेवा करने का अवसर मिला है। भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रही।   गोरखपुर की ब्यूटी शाही ने कहा कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं है। सरकारी नौकरी मिलने से वह जनसेवा के साथ परिवार की परिस्थितियों को भी बेहतर कर सकेंगी। अपनी बात रखते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।   इन 11 अभ्यर्थियों को मंच पर मिला नियुक्ति पत्र मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति पत्र पाने वालों में प्रयागराज के आशुतोष त्रिपाठी, आगरा के ओम बघेल, गाजीपुर के प्रवीण कुमार, प्रतापगढ़ की सुधा, कुशीनगर के आदित्य सिंह, हमीरपुर की नेहा देवी, फतेहपुर की रूपाली गुप्ता, लखनऊ की श्रुति श्रीवास्तव, गोरखपुर की ब्यूटी शाही, गाजीपुर के शुभम कुमार और प्रतापगढ़ के अमित कुमार सिंह शामिल रहे।   10 दिन में 6,672 युवाओं को नियुक्ति पत्र मिशन रोजगार के तहत पिछले 10 दिनों में यह चौथा बड़ा नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम है। 19 सितंबर को लोकभवन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग से चयनित 818 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए थे। इनमें चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा, आयुष, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम तथा व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के अभ्यर्थी शामिल थे।   20 सितंबर को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड से चयनित 912 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए गए। इनमें पुलिस उपनिरीक्षक (गोपनीय), पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लिपिक) और पुलिस सहायक उपनिरीक्षक (लेखा) के पदों पर चयनित अभ्यर्थी शामिल थे।   शिक्षा विभाग में 3,567 को मिली नियुक्ति 22 सितंबर को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित 3,567 शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इनमें 1,090 महिलाएं और 2,477 पुरुष शामिल थे। प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, प्रवक्ता और सहायक अध्यापक के पदों पर इनका चयन हुआ।   सोमवार को 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र मिलने के साथ 19 से 28 सितंबर के बीच हुए चार बड़े कार्यक्रमों में कुल 6,672 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं।

यूपीआईटीएस के सांस्कृतिक मंच पर दिखी प्रदेश की समृद्ध विरासत

ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस)-2026 के चौथे दिन कारोबार और उद्योग के साथ प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत भी आकर्षण का केंद्र रही। सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से आए कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश की लोक एवं शास्त्रीय परंपराओं की विविधता को मंच पर जीवंत किया। वाराणसी के पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्र की सितार प्रस्तुति ने शास्त्रीय संगीत की मधुरता से दर्शकों को मंत्रमुग्ध किया। लखनऊ की सबीना सैफी ने सुगम संगीत की प्रस्तुति देकर माहौल को संगीतमय बनाया। नोएडा की निशा केसरी की कथक प्रस्तुति में शास्त्रीय नृत्य की भाव-भंगिमाओं और लयकारी का प्रभावशाली प्रदर्शन देखने को मिला। पीलीभीत के राजनेश राणा द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक थारू जनजातीय नृत्य ने प्रदेश की लोक एवं जनजातीय संस्कृति की विशिष्ट पहचान को मंच पर प्रस्तुत किया। इसके साथ ही सूफी बैंड की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में संगीत की विविध रंगत जोड़ी और दर्शकों को देर तक बांधे रखा। यूपीआईटीएस के सांस्कृतिक मंच पर आयोजित इन प्रस्तुतियों ने व्यापारिक आयोजन को कला, संस्कृति और परंपरा से जोड़ने का काम किया। देश-विदेश से आए आगंतुकों और प्रदर्शकों को उत्तर प्रदेश की विविध सांस्कृतिक विरासत को करीब से देखने और अनुभव करने का अवसर मिला। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने यह संदेश भी दिया कि यूपीआईटीएस केवल व्यापार और निवेश का मंच नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश की कला, संस्कृति, परंपरा और रचनात्मक प्रतिभाओं को व्यापक मंच देने वाला आयोजन भी है।

श्रम संहिताएं ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने में निभाएंगी महत्वपूर्ण भूमिका : अनिल राजभर

ग्रेटर नोएडा उत्तर प्रदेश के श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू की जा रही चार श्रम संहिताएं देश और प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। सरकार की प्राथमिकता श्रमिकों के हितों की रक्षा के साथ-साथ उद्योग जगत के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करना है। श्रमिक और उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं, इसलिए दोनों के हितों और भविष्य को ध्यान में रखकर ही नीतियां एवं निर्णय लिए जा रहे हैं। अनिल राजभर ने यह बात सोमवार को उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 के चौथे दिन आयोजित ‘विशेष श्रम संहिताएं’ सत्र को संबोधित करते हुए कही।  श्रम मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश लगातार दो वर्षों से देश में नए कारखानों के पंजीयन के मामले में प्रथम स्थान पर है। वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में बड़ी संख्या में नए कारखाने पंजीकृत हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश सरकार ने उद्योगों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने की दिशा में लगातार काम किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया, कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार हुआ, पर्याप्त बिजली उपलब्धता सुनिश्चित की गई और उद्योगों के लिए सकारात्मक वातावरण तैयार किया गया। इन प्रयासों का परिणाम प्रदेश में बढ़ते निवेश और रोजगार के अवसरों के रूप में सामने आ रहा है। मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि सरकार के सामने हमेशा यह चुनौती रही है कि श्रमिकों के हितों को प्रभावित किए बिना उद्योग जगत का मनोबल बनाए रखा जाए। इसी उद्देश्य से सरकार श्रमिकों और उद्यमियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि बिना उद्योग के श्रमिकों और बिना श्रमिकों के उद्योग की कल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए दोनों के हितों, भावनाओं और भविष्य को समझते हुए निर्णय लेना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चार श्रम संहिताओं के लागू होने से श्रम कानूनों में सुधार और सरलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने संहिताओं के संबंध में विभिन्न हितधारकों से संवाद किया है और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ भी विचार-विमर्श किया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार भी इसी भावना के साथ आगे बढ़ रही है। श्रम मंत्री ने कहा कि सरकार ने उद्योग जगत के लिए अपने दरवाजे हमेशा खुले रखे हैं। यदि किसी उद्योग की कोई समस्या है या उसे सरकार से सहयोग की आवश्यकता है तो विभागीय अधिकारी और सरकार उसके समाधान के लिए उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उद्योग जगत के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने और उनकी समस्याओं को समझकर समाधान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश की स्थिति और आज विकास के विभिन्न क्षेत्रों में प्रदेश की स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। इस परिवर्तन में उद्योग जगत का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने निवेशकों और उद्यमियों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रदेश के विकास का लक्ष्य उद्योग जगत के सहयोग और सहभागिता के बिना पूरा नहीं किया जा सकता। अनिल राजभर ने कहा कि आने वाले समय में वैश्विक प्रतिस्पर्धा और चुनौतियां और बढ़ेंगी। ऐसे में सरकार और उद्योग जगत के बीच निरंतर संवाद, सहयोग और समन्वय के माध्यम से उत्तर प्रदेश को विकास के नए अवसरों की ओर आगे बढ़ाया जाएगा।  कार्यक्रम में श्रम विभाग के अपर मुख्य सचिव आशीष कुमार गोयल, श्रम आयुक्त सौम्य अग्रवाल, जुनैद, बसंत गंगवार, राकेश द्विवेदी, बृजेश सहित गाजियाबाद, मेरठ, नोएडा एवं एनसीआर क्षेत्र के श्रम विभाग के अधिकारी, उद्योग जगत के प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। बॉक्स  श्रम संहिताओं से उद्योगों के लिए आसान होगा अनुपालन, सिंगल विंडो व्यवस्था को भी मिलेगा विस्तार : गोयल अपर मुख्य सचिव श्रम एवं सेवायोजन आशीष कुमार गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’, ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘मिनिमम गवर्नमेंट, मैक्सिमम गवर्नेंस’ के विजन के अनुरूप चार श्रम संहिताओं के माध्यम से पुराने अनेक श्रम कानूनों को समाहित कर व्यवस्था को सरल बनाया गया है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से उद्योग जगत की मांग रही है कि श्रम कानूनों की जटिलता और अधिक संख्या के कारण अनुपालन में होने वाली कठिनाइयों को दूर किया जाए। चारों संहिताओं के माध्यम से श्रम कानूनों को व्यवस्थित किया गया है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में इनसे संबंधित अधिकांश नियमावलियां जारी हो चुकी हैं। साथ ही, उद्योगों की सुविधा के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं, जिसके तहत विभिन्न विभागों और स्थानीय निकायों के लिए एक ही पोर्टल से आवेदन की सुविधा होगी। इससे उद्योगों का समय बचेगा, अनुपालन आसान होगा और प्रदेश में निवेश का वातावरण और मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि श्रमिक और उद्योग एक-दूसरे के पूरक हैं तथा दोनों के हितों में संतुलन बनाते हुए श्रमिकों की सुरक्षा के साथ उद्योगों के लिए सुविधाजनक व्यवस्था सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में श्रम संहिताओं के प्रति जागरूकता के लिए कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी, विशेषकर औद्योगिक क्षेत्रों में इनके प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा। श्रम संहिताओं का प्रभावी क्रियान्वयन उद्योग और श्रमिक दोनों के हित में : सौम्या अग्रवाल श्रमायुक्त सौम्या अग्रवाल ने कहा कि इस सत्र का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में उद्योग और श्रमिकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए श्रमिक सम्मान, सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि पुराने श्रम कानूनों को समाहित करते हुए चार श्रम संहिताएं- वेतन संहिता, औद्योगिक संबंध संहिता, सामाजिक सुरक्षा संहिता तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्यदशा संहिता लागू की गई हैं और इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभाग पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इन संहिताओं के माध्यम से मल्टीपल रजिस्ट्रेशन से मुक्ति और सिंगल विंडो व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्लेटफॉर्म वर्कर्स को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाना, श्रमिकों का डिजिटल डेटाबेस तैयार करना तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाना इस व्यवस्था की महत्वपूर्ण पहल है। व्यावसायिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुरक्षित कार्यस्थल सुनिश्चित करने और महिलाओं को सुरक्षित कार्य वातावरण के … Read more