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भारत में बढ़ रहा जूनोटिक खतराः इंसानी स्वास्थ्य को गंभीर चुनौती

नई दिल्ली पिछले दो दशकों के आंकड़े उठाकर देखें तो पता चलता है कि दुनियाभर में कई प्रकार की संक्रामक बीमारियों के मामले तेजी से बढ़े हैं। इसके कारण न सिर्फ स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त दवाब बढ़ा है, बल्कि बड़ी संख्या में लोगों की मौतें भी हुई हैं। कोरानावायरस हो या मंकीपॉक्स, निपाह हो या इबोला, इन सभी ने इंसानी स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। पर क्या आपने कभी सोचा है कि कई बार ये बीमारियां अचानक कैसे फैल जाती हैं? शोधकर्ताओं की मानें तो हाल के वर्षों में इंसानों में फैली ज्यादातर बड़ी बीमारियों की जड़ जानवरों से जुड़ी हुई है। इस तरह की बीमारियों का जूनोटिक बीमारियां कहा जाता है। इंसानों में देखी जा रही करीब 60% बीमारियां किसी न किसी रूप में जानवरों से आई हैं। यानी अगर दुनिया में कोई नया वायरस या बैक्टीरिया फैलता है, तो बहुत संभावना है कि उसकी शुरुआत इंसानों से नहीं बल्कि जानवरों से हुई हो। इस तरह के रोगों का खतरा और भी बढ़ता जा रहा है। इसी को लेकर हाल ही में हुए एक शोध में वैज्ञानिकों की टीम ने विश्वभर के लोगों को जूनोटिक बीमारियों के खतरे को लेकर सावधान किया है। वैज्ञानिकों ने कहा कि दुनिया की नौ फीसदी जमीन पर जूनोटिक संक्रमण का खतरा है, हर पांचवे इंसान को इस तरह की बीमारियों की चपेट में आने का खतरा हो सकता है। चूंकि इसके मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं इसलिए सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। दुनिया की लगभग तीन फीसदी आबादी गंभीर खतरे में जर्नल साइंस एडवांसेज में प्रकाशित अध्ययन की इस रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने कहा, दुनिया की लगभग तीन फीसदी आबादी बेहद जोखिम वाले क्षेत्रों में रहती है। वहीं, हर पांच में से एक इंसान मध्यम जोखिम वाले क्षेत्रों में रह रहा है। इटली स्थित यूरोपीय आयोग के संयुक्त अनुसंधान केंद्र के वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में इन बीमारियों का बढ़ते जोखिमों को लेकर लोगों को अलर्ट रहने की सलाह दी है। शोधकर्ताओं ने वैश्विक संक्रामक रोग और महामारी विज्ञान नेटवर्क डाटासेट और विश्व स्वास्थ्य संगठन की प्राथमिकता वाली बीमारियों की सूची का विश्लेषण किया। डब्ल्यूएचओ की प्राथमिकता सूची में कोविड- 19, इबोला, कोरोना वायरस, सार्स और निपाह जैसी बीमारियां सबसे खतरनाक और संक्रामक मानी गई हैं। अध्ययन में सामने आई चौंकाने वाली बातें अध्ययन में देखा गया कि बढ़ते तापमान, अधिक वर्षा और जल संकट जैसे जलवायु परिवर्तन के कारक इन बीमारियों के खतरे को और बढ़ा रहे हैं। वैज्ञानिकों ने पाया कि दुनिया की 6.3 फीसदी जमीन इन बीमारियों के उच्च और तीन फीसदी बेहद उच्च जोखिम में है। जानवरों से इंसानों में फैलने वाली बीमारियों का सबसे अधिक खतरा लैटिन अमेरिका (27%) में है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के एक अध्ययन के मुताबिक, साल 2018 से 2023 के बीच भारत में दर्ज की गई 6,948 बीमारियों में से 583 (8.3%) जूनोटिक थीं। द लैंसेट रीजनल साउथईस्ट एशिया में प्रकाशित इस अध्ययन में लोगों को अलर्ट किया गया है। कई जूनोटिक बीमारियां जैसे रेबीज, निपाह वायरस, बर्ड फ्लू, स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया, लेप्टोस्पाइरोसिस और हाल के वर्षों में फैला कोरोनावायरस काफी आम है। इसका संक्रमण अक्सर गंभीर और जानलेवा साबित होता है, क्योंकि इंसानों की रोग प्रतिरोधक क्षमता उसके लिए तैयार नहीं होती। क्यों बढ़ता जा रहा है खतरा? स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, वनों की कटाई और शहरीकरण के चलते इन बीमारियों के मामले बढ़ते जा रहे हैं। जब जंगल काटे जाते हैं, तो जंगली जानवर इंसानों के करीब आ जाते हैं और उनके शरीर में मौजूद वायरस हमारे शरीर तक पहुंच जाते हैं। दूसरा कारण है जलवायु परिवर्तन। बदलते मौसम के कारण मच्छर और अन्य कीड़े, जो कई रोग फैलाते हैं, नई जगहों पर पनपने लगते हैं। इसके अलावा दुनिया की बढ़ती जनसंख्या और इसके हिसाब से स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी ने भी खतरे को पहले की तुलना में काफी बढ़ा दिया है। भारत में जोखिम की स्थिति कई अध्ययन इस बात को लेकर लोगों को सावधान कर रहे हैं कि भारत में जूनोटिक बीमारियों का जोखिम तेजी से बढ़ता जा रहा है। ये इन रोगों का हॉटस्पॉट बनता जा रहा है। उत्तर-पूर्व भारत और दक्षिण भारत इन रोगों से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, क्योंकि यहां जंगलों और इंसानी बस्तियों का सीधा संपर्क है और मानसून के कारण मच्छर तथा अन्य वाहक तेजी से फैलते हैं।  निपाह से लेकर डेंगू और लेप्टोस्पाइरोसिस तक, भारत में इन बीमारियों की रफ्तार बढ़ रही है जिसको लेकर सभी लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। समय रहते जागरूकता और रोकथाम के उपाय करके आप इससे बचाव कर सकते हैं।  

Google Pixel 10 सीरीज का बड़ा खुलासा! लॉन्च से पहले जानें फीचर्स और खासियतें

नई दिल्ली अगले 2 दिनों मे गूगल अपना Made by Google इवेंट करने जा रहा है। इसमें गूगल अपनी नई पिक्सल 10 सीरीज लॉन्च करेगा। लॉन्च से पहले गूगल लगातार अपने छोटे-छोटे टीजर जारी कर रहा है। इन टीचर्स में गूगल ने संकेत दिए हैं कि पिक्सल 10 में और भी ज्यादा पर्सनल AI फीचर्स मिलने वाले हैं। दरअसल गूगल स्मार्टफोन में AI फीचर्स को तेज़ी से आगे बढ़ा रहा है। ऐसे में अगर आप AI पावर्ड फोन का मज़ा लेना चाहते हैं, तो पिक्सल 10 आपके लिए खास हो सकता है। चलिए लॉन्च से दो दिन पहले एक बार उन तमाम चीजों को दोहरा लें, जो अभी तक पिक्सल 10 सीरीज के बारे में हमें पता है। Google Pixel 10 में मिलेंगे नए AI फीचर्स दो दिन बाद लॉन्च होने वाली पिक्सल 10 सीरीज में नए और जबरदस्त AI फीचर्स देखने को मिलेंगे। इसे लेकर गूगल ने एक टीजर में कहै है कि “क्या होगा अगर कैमरा बहुत-बहुत दूर से भी बहुत-बहुत पास दिखा सके?” इससे साफ है कि Pixel 10 में AI और computational photography की मदद से जबरदस्त ज़ूम क्वालिटी मिलेगी। इसके अलावा गूगल ने अपने टीजर में यह भी कहा है कि “क्या होगा अगर आप ग्रुप फोटो में खुद भी दिखें, भले ही आपने फोटो खींची हो?” इसका मतलब है Pixel 10 में ऐसा AI फीचर भी होगा जो फोटोग्राफर को भी स्मार्ट तरीके से ग्रुप फोटो में जोड़ देगा। अपने वीडियो टीजर के आखिर में गूगल यह भी कहता है कि “जहां पहले आप कैमरे के दूसरी तरफ थे, अब कैमरा आपकी तरफ है।” इससे साफ है कि पिक्सल 10 सीरीज में AI की मदद से कई नई और अनोखी स्मार्ट कैमरा ट्रिक्स देखने को मिलेंगी। कुल मिलाकर इसमें बेहतर फोटो, ज्यादा पर्सनलाइजेशन और दमदार AI एक्सपीरियंस पर फोकस रहेगा। कैसे देखेंगे लाइव इवेंट अगर आप गूगल का इवेंट लाइव देखना चाहते हैं, तो इसे आप गूगल के ऑफीशियल यूट्यूब चैनल पर भारतीय समय के अनुसार रात 10:30 बजे से देख पाएंगे। इस इवेंट को जल्द गूगल अपने यूट्यूब चैनल पर शेड्यूल भी कर देगा। ऐसे में आप चाहें, तो इस इवेंट का नोटिफिकेशन भी अपने लिए सेट कर सकते हैं। ऐसा करने पर इवेंट शुरू होते ही आपको इसका नोटिफिकेशन मिल जाएगा। Google Pixel 10 के संभावित स्पेसिफिकेशंस फिलहाल लीक्स से Google Pixel 10 के संभावित स्पेसिफिकेशंस की कुछ जानकारी सामने आ चुकी है। रिपोर्ट्स के अनुसार Google इस बार Pixel 10 सीरीज में बड़े बदलाव करने जा रहा है। इस सीरीज के सभी मॉडल्स में Google Tensor G5 प्रोसेसर मिलेगा, जो 3nm टेक्नोलॉजी पर बना होगा। यह फोन आउट ऑफ दे बॉक्स एंड्रॉयड 16 के साथ आ सकता है। Google Pixel 10 में पहली बार ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप दिया जा सकता है, जिसमें पेरिस्कोप टेलीफोटो लेंस भी शामिल होगा। बता दें कि यह पिछले मॉडल में नहीं था। इसमें प्राइमरी कैमरा 50MP का, अल्ट्रा-वाइड सेंसर 48MP का और अल्ट्रा-वाइड सेंसर 12MP का रहने की संभावना है। इसके अलावा कुछ जानकारी Pixel Fold Variant की भी निकल कर आई है कि इसमें 48MP का प्राइमरी कैमरा, 10.8MP का टेलीफोटो लेंस और 10.5MP का अल्ट्रा-वाइड लेंस दिया जा सकता है। इन सभी फोन में FHD+ डिस्प्ले और 120Hz रिफ्रेश रेट मिलने की पूरी संभावना है। इससे स्क्रॉलिंग और गेमिंग और भी स्मूद हो सकती है।

ध्रुव राठी का बड़ा कदम: AI Fiesta लॉन्च, सभी एआई टूल्स एक ही जगह उपलब्ध

नई दिल्ली यूट्यूबर ध्रुव राठी ने AI Fiesta के नाम से अपना स्टार्टअप लॉन्च किया है। इसे लेकर उन्होंने रविवार को एक वीडियो भी अपने चैनल पर पोस्ट किया। AI Fiesta को आप AI का एग्रीगेटर समझ सकते है। यानी कि आप इस एक प्लेटफॉर्म पर तमाम अलग-अलग AI इस्तेमाल कर पाएंगे। यहां खास बात यह है कि इस प्लेटफॉर्म पर आपको सभी AI का प्रो वर्जन उपलब्ध कराया जाएगा। अपने इन नए प्लेटफॉर्म को लेकर ध्रुव राठी ने अपनी वीडियो में बताया कि उन्हें इस स्टार्टअप का आइडिया अपनी रोजमर्रा की एक समस्या से मिला है। चलिए इस नए AI प्लेटफॉर्म के बारे में डिटेल में समझते हैं, और जानते हैं कि इससे आपको क्या फायदे होंगे? क्या है AI Fiesta AI Fiesta एक नए AI प्लेटफॉर्म का नाम है, जो कि यूट्यूबर ध्रुव राठी का स्टार्टअप है। यह अपने आप में एक AI नहीं बल्कि अलग-अलग AI को एक साथ इस्तेमाल करने का मंच है। इसे आप AI एग्रीगेटर की तरह समझ सकते हैं। इस बारे में ध्रुव ने बताया कि वह और उनकी टीम रोजमर्रा के कामों के लिए अलग-अलग AI का इस्तेमाल करते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अलग-अलग AI अलग-अलग कामों में माहिर होते हैं। इस वजह से उनका और उनकी टीम का ज्यादातर समय अलग-अलग AI से अपना काम लेने में खराब होता था। ऐसे में ध्रुव को तमाम AI चैटबॉट्स एक प्लेटफॉर्म पर लाने का विचार आया। जिसने AI Fiesta को जन्म दिया। क्या हैं AI Fiesta के फायदे? AI Fiesta की मदद से आप लगभग सभी पॉपुलर AI चैटबॉट्स को एक प्लेटफॉर्म पर एक्सेस कर सकते हैं। आप इस प्लेटफॉर्म पर एक बार में सभी AI चैटबॉट्स से अपना सवाल पूछ पाएंगे और ऐसा आप लिखकर और बोलकर दोनो तरीके से कर सकते हैं। एक बार सवाल पूछने पर सभी के सभी AI चैटबॉट्स उसका एक साथ जवाब देना शुरू देते हैं। इसके बाद आपको जिस भी AI चैटबॉट का जवाब अपनी जरूरत के हिसाब से ठीक लगे आप उसके साथ आगे की चैट जारी रख सकते हैं।इस प्लेटफॉर्म की खास बात यह भी है कि जो यूजर्स इसका सब्सक्रिप्शन लेंगे उन्हें सभी AI चैटबॉट्स के पेड या प्रो वर्जन इस्तेमाल करने को मिलेंगे। ध्रुव ने अपने वीडियो में वादा किया है कि वह इस प्लेटफॉर्म में आने वाले तमाम AI बॉट्स और उनके पेड वर्जन का एक्सेस उपलब्ध करवाते रहेंगे। क्या है कीमत? ध्रुव ने अपने वीडियो में बताया कि अगर आप अलग-अलग जरूरतों के मुताबिक सभी पॉपुलर चैटबॉट्स का सब्सक्रिप्शन लें तो उसके लिए आपको महीने के 10 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ेंगे। वहीं AI Fiesta का एक महीने के सब्सक्रिप्शन की कीमत सिर्फ 999 रुपये है। इसमें आपको सभी AI चैटबॉट्स के प्रो वर्जन का एक्सेस एक ही जगह पर मिल जाएगा। वहीं इस प्लेटफॉर्म का सालभर का सब्सक्रिप्शन 9,999 रुपये में लिया जा सकता है। इस लिहाज से देखा जाए तो ध्रुव राठी के इस नए प्लेटफॉर्म से उन लोगों को बहुत फायदा होगा, जो अलग-अलग AI चैटबॉट्स का अपने काम में इस्तेमाल करते हैं। कैसे कर पाएंगे इस्तेमाल ध्रुव ने अपने वीडियो में बताया है कि उनका यह प्लेटफॉर्म ऐप के तौर पर फिलहाल Android यूजर्स के लिए उपलब्ध है और जल्द इसका iOS ऐप भी सभी के लिए उपलब्ध होगा। इसके अलावा इसकी साइट पर जाकर भी इस प्लेटफॉर्म को एक्सेस किया जा सकता है। AI Fiesta को इस्तेमाल करने के लिए आपको इसकी साइट पर अपना एक अकाउंट बनाना होगा। इसके बाद कुछ AI जैसे कि ChatGPT 5, Gemini 2.5 Pro और Deepseek मुफ्त में एक जगह इस्तेमाल करने को मिल जाते हैं। वहीं बाकी के AI चैटबॉट्स जैसे कि Perplexity Sonar Pro, Claude Sonnet 4 और Grok 4 का सब्सक्रिप्शन पाने के लिए आपको AI Fiesta का सब्सक्रिप्शन लेना होगा।

स्मार्ट चरखी संग पतंग उड़ाना हुआ हाई-टेक, इस बार 15 अगस्त पर मिलेगी खास सुविधा

नई दिल्ली 15 अगस्त अब कुछ ही दिन दूर है और बाजार में पतंगों की रौनक दिखने लगी है। पतंगबाजी पसंद करने वालों के लिए इस बार बाजार में कुछ खास आया है। इस बार आप चाहें, तो स्मार्ट चरखी से पेंचे लड़ा पाएंगे। दरअसल आज जब तमाम चीजों में टेक्नोलॉजी की एंट्री हो रही है, तो भला पतंग उड़ाने में इस्तेमाल होने वाली चरखी या जिसे फिरखी भी कहा जाता है, कैसे पीछे रह जाती? इस चरखी को बनाया ही उन लोगों के लिए गया है जिन्हें पतंगबाजी में मजा आता है। यह स्मार्ट चरखी एक हाथ से पतंग उड़ाना बेहद आसान बना देती है। चलिए डिटेल में इसके बारे में बात करते हैं। क्या है स्मार्ट चरखी? आज जब फोन से लेकर टीवी तक और घड़ी से लेकर चश्मे तक सब स्मार्ट है, तो जाहिर तौर पर पतंग उड़ाने के लिए काम में आने वाली चरखी में भी टेक्नोलॉजी का समावेश होना ही था। स्मार्ट चरखी, जिसे कि मोटर वाली चरखी भी कहा जाता है एक यूनिक कॉन्सेप्ट है। इसने पतंग उड़ाने वाली एक नॉर्मल सी चरखी को इंटेलिजेंट बना दिया है। यहां इंटेलिजेंट से मतलब है खुद-ब-खुद काम करने वाली। इस चरखी में एक रिचार्जेबल मोटर का सिस्टम फिट किया गया है जो कि मांझे को एक बटन दबाने पर खुद ही लपेट लेती है। इस चरखी को टाइप सी केबल से चार्ज किया जा सकता है और पतंगबाजी के शौकीन लोगों के यह बहुत काम आ सकती है। कैसे करती है काम? स्मार्ट चरखी में एक मोटर लगी होती है, जो कि चरखी के हैंडल के छोर पर दिए बटन के जरिए चालू होती है। इसकी मदद से अगर कोई शख्स एक हाथ से पतंग उड़ाना चाहे, तो वह काम भी बहुत आसानी से किया जा सकता है। इसके लिए अलग से किसी को अपने साथ मांझा लपेटने के लिए रखने की जरूरत नहीं रह जाती और आप एक बटन के कंट्रोल से पेंचे लड़ा सकते हैं। बता दें कि इसे चार्ज करने के लिए टाइप सी केबल का इस्तेमाल करना पड़ता है और इसके लिए आप अपने मोबाइल को चार्ज करने वाली केबल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। एक चार्ज में चलेगी कई दिन एक बार फुल चार्ज होने में इसे डेढ़ से दो घंटे का समय लगता है। एक बार की चार्जिंग के बाद इसे 8 से 10 घंटे तक लगातार इस्तेमाल किया जा सकता है। कहने का मतलब है कि एक बार की चार्जिंग आपको दो से तीन दिन की पतंगबाजी का मजा दे सकता है। इस चरखी में हाई क्वालिटी मोटर का भी इस्तेमाल किया गया है। क्या है कीमत मोटर वाली ऑटोमैटिक चरखी को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से खरीदा जा सकता है। हर साइट पर इसका दाम अलग है लेकिन इसे आमतौर पर 2000 रुपये में खरीदा जा सकता है। इस चरखी का एक फायदा और है कि एक बार खरीदने के बाद यह आपके कई बार काम आ सकती है। इसके अलावा इसकी बैटरी को यूजर भी आसानी से रिप्लेस कर सकता है। ऐसे में लंबे समय तक इस चरखी को इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके अलावा यह चरखी पूरी तरह से मेड इन इंडिया भी है।

आज भारत में लॉन्च होगी Oppo K13 Turbo सीरीज, कीमत और फीचर्स का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली Oppo K13 Turbo: Oppo आज यानी 11 अगस्त को भारत में अपनी नई Oppo K13 Turbo सीरीज लॉन्च करने जा रही है. इस सीरीज में दो मॉडल शामिल होंगे, ओप्पो K13 टर्बो और ओप्पो K13 टर्बो Pro. लॉन्च से पहले कंपनी ने कुछ खास फीचर्स और स्पेसिफिकेशन का खुलासा भी किया है. खास बात यह है कि इस सीरीज में एक्टिव कूलिंग सिस्टम दिया गया है, जो फोन को गर्म होने से बचाने के लिए बिल्ट-इन सेंट्रिफ्यूगल फैन का इस्तेमाल करता है. आइए जानते हैं इस नई सीरीज के बारे में विस्तार से. Oppo K13 Turbo सीरीज की कीमत ओप्पो K13 टर्बो Pro के दो वेरिएंट भारत में लॉन्च हो सकते हैं, 8GB RAM + 256GB स्टोरेज वाला मॉडल जिसकी कीमत लगभग 37,999 रुपये होगी, जबकि 12GB RAM + 256GB स्टोरेज वाला मॉडल 39,999 रुपये के करीब हो सकता है. वहीं ओप्पो K13 टर्बो के 8GB RAM + 128GB स्टोरेज मॉडल की कीमत लगभग 27,999 रुपये होगी और 8GB RAM + 256GB स्टोरेज वेरिएंट 29,999 रुपये के आसपास मिल सकता है. यह फोन Flipkart और Oppo की आधिकारिक वेबसाइट दोनों पर बिक्री के लिए उपलब्ध होंगे. फीचर्स और स्पेसिफिकेशन ओप्पो K13 टर्बो सीरीज में 6.80 इंच की AMOLED डिस्प्ले होगी, जिसका रिज़ॉल्यूशन 1280×2800 पिक्सल (1.5K) और 120Hz का रिफ्रेश रेट दिया गया है. इसके अलावा 240Hz टच सैंपलिंग रेट और 1,600 निट्स तक की ब्राइटनेस भी मिलती है. K13 Turbo Pro में Qualcomm Snapdragon 8s Gen 4 प्रोसेसर लगा होगा, जबकि K13 Turbo में MediaTek Dimensity 8450 प्रोसेसर दिया गया है. दोनों फोन में 16GB तक LPDDR5X RAM और 512GB तक स्टोरेज मौजूद होगी. ये फोन एंड्रॉयड 15 पर आधारित ColorOS 15 पर काम करेंगे. कैमरा और बैटरी ओप्पो K13 टर्बो सीरीज में रियर कैमरा सेटअप में 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा और 2 मेगापिक्सल का सेकेंडरी कैमरा होगा. सेल्फी और वीडियो कॉल के लिए फोन में 16 मेगापिक्सल का फ्रंट कैमरा मिलेगा. बैटरी के मामले में, दोनों फोन 7,000mAh की दमदार बैटरी के साथ आएंगे, जो 80W वायर्ड फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है. कनेक्टिविटी और अन्य फीचर्स इस सीरीज के दोनों मॉडल में 5G, 4G, Wi-Fi 7, ब्लूटूथ 5.4, GPS, NFC और USB Type-C पोर्ट जैसे आधुनिक कनेक्टिविटी ऑप्शंस मिलेंगे. इसके अलावा Oppo की वेबसाइट के मुताबिक, K13 Turbo सीरीज IP6/8/9 रेटिंग के साथ पानी और धूल से सुरक्षा भी प्रदान करेगी. अगर आप नई टेक्नोलॉजी के साथ दमदार बैटरी और बढ़िया कैमरे वाला स्मार्टफोन खरीदना चाहते हैं, तो ओप्पो K13 टर्बो सीरीज आपके लिए अच्छा विकल्प साबित हो सकती है. लॉन्च के बाद फोन की उपलब्धता और ऑफिशियल कीमत का भी खुलासा होगा.  

भविष्य का लैपटॉप: AI टेक्नोलॉजी के आगे माउस-कीबोर्ड होंगे इतिहास

दुनिया हाईटेक होती जा रही है, AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के आने के बाद तो गति और बढ़ गई है। क्या आपने कभी कल्पना की है कि बिना कीबोर्ड और माउस के लैपटॉप चला रहे हैं? सुनने में ये थोड़ा अजीब लगता है, लेकिन 5 साल के भीतर ही आपको ये बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। 2030 तक आपको ऐसे लैपटॉप देखने को मिल जाएंगे जिनमें कीबोर्ड या माउस की जरूरत नहीं होगी। ये लैपटॉप आपकी आवाज या इशारों पर ही काम करने लगेंगे। यह फिलहाल भले कल्पना से परे लगता हो, लेकिन माइक्रोसॉफ्ट के कॉर्पोरेट वाइस प्रेसिडेंट डेविड वेस्टन का कहना है आने वाले टाइम में माउस और कीबोर्ड का इस्तेमाल पुराना हो जाएगा। माइक्रोसॉफ्ट का सपना दरअसल, माइक्रोसॉफ्ट ने हाल ही में यूट्यूब पर एक नया वीडियो जारी किया है। इसमें बताया गया है कि अगले पांच सालों में हम विंडोज का इस्तेमाल किस तरह करेंगे। वीडियो का नाम है 'माइक्रोसॉफ्ट विंडोज 2030 विजन'। इसमें दिखाया गया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस हमारे कंप्यूटर और लैपटॉप के साथ बातचीत को और आसान बनाएगा। माउस और कीबोर्ड की जरूरत नहीं होगी माइक्रोसॉफ्ट से जुड़े डेविड वेस्टन का दावा है कि माउस और कीबोर्ड का इस्तेमाल फ्यूचर में पुराना लगने लगेगा। जैसे आज की Gen Z को पुराने DOS सिस्टम का इस्तेमाल करने में अजीब महसूस होता है, कुछ साल बाद हमें भी माउस और कीबोर्ड का इस्तेमाल करते हुए ऐसा ही लगेगा। 2030 तक लोग अपने कंप्यूटर में आवाज या इशारों से ही काम करवाना शुरू कर देंगे। यह बातचीत का एक आसान तरीका होगा। कोपायलट AI चैटबॉट शुरू हुआ माइक्रोसॉफ्ट चाहता है कि लोग अपने डेस्कटॉप और लैपटॉप से दोस्त की तरह बात करें। ऐसा करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट इस तकनीक पर अरबों रुपये खर्च कर रहा है। कंपनी ने हाल ही में अपने प्रोडक्ट्स, जैसे- विंडोज और ऑफिस में कोपायलट AI चैटबॉट जोड़ा है। इसका इस्तेमाल करते हुए यूजर्स 'Hey Copilot' कहकर अपने कंप्यूटर से काम कर सकते हैं। इससे सिस्टम सेटिंग्स बदलना या इंटरनेट पर जानकारी ढूंढना बेहद आसान हो जाएगा। AI सिक्योरिटी एक्सपर्ट मिलेगा वेस्टन का कहना है कि आगामी पांच सालों में AI की मदद से एक ऐसा सिक्योरिटी एक्सपर्ट मिलेगा, जो इंसानों की तरह बात करेगा। फिलहाल ऐसी सुरक्षा केवल बड़ी कंपनियों के लिए है, छोटे कारोबारियों के लिए भी ये सुविधा लाई जाएगी।

WhatsApp स्टेटस में बड़ा बदलाव: क्रिएटिव कोलाज से लेकर म्यूजिक स्टीकर तक सब कुछ

नई दिल्ली भारत समेत दुनिया भर में करोड़ों लोग WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं. मेटा समय-समय पर इस इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप में नए फीचर्स लाता रहता है ताकि यूजर का अनुभव और बेहतर हो सके. अब कंपनी ने WhatsApp के स्टेटस सेक्शन में कुछ नए धमाकेदार फीचर्स जोड़े हैं, जिनसे स्टेटस लगाना पहले से ज्यादा मजेदार हो गया है. लेआउट फीचर नए अपडेट में WhatsApp ने लेआउट फीचर पेश किया है. इसकी मदद से आप सीधे ऐप में ही फोटो का कोलाज बना सकते हैं. यानी अब किसी थर्ड पार्टी ऐप की जरूरत नहीं होगी. अपनी खास ट्रिप, पार्टी या रोजमर्रा की तस्वीरों को इंस्टाग्राम स्टाइल में यहीं से बनाकर शेयर किया जा सकता है. म्यूजिक स्टीकर पहले WhatsApp स्टेटस में म्यूजिक ऐड करने का ऑप्शन आया था, लेकिन अब कंपनी ने इसमें म्यूजिक स्टीकर भी जोड़ दिया है. इससे आप अपनी फोटो में म्यूजिक का एक छोटा स्पीकर आइकन डाल सकते हैं, जो आपके स्टेटस को नया और आकर्षक लुक देगा. फोटो स्टीकर यह फीचर इंस्टाग्राम जैसा है, जिसमें आप अपनी किसी भी फोटो को कस्टम स्टीकर में बदल सकते हैं. फोटो को क्रॉप, रिसाइज या शेप बदलकर सीधे स्टेटस में जोड़ा जा सकता है. ऐड योर फीचर अब WhatsApp पर “ऐड योर” फीचर भी आ गया है, जो पहले फेसबुक और इंस्टाग्राम पर मौजूद था. इसके जरिए आप किसी कैप्शन जैसे “बेस्ट कॉफी मोमेंट” के साथ अपनी फोटो शेयर कर सकते हैं, और आपके दोस्त भी उसी कैप्शन पर अपनी फोटो या वीडियो डालकर रिप्लाई कर सकते हैं. इन नए फीचर्स से WhatsApp स्टेटस पहले से ज्यादा क्रिएटिव और इंटरैक्टिव हो गया है. अब स्टेटस लगाना सिर्फ फोटो या वीडियो तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें मस्ती और पर्सनल टच भी जुड़ जाएगा.

ग्लोइंग स्किन के लिए पुरुष अपनाएं यह आसान 5 मिनट का नुस्खा

नई दिल्ली  अक्सर लोग स्किन केयर (Skin Care) को महिलाओं तक सीमित मानते हैं, लेकिन अब पुरुष भी अपनी त्वचा की देखभाल (Men Skin Routine) में रुचि ले रहे हैं। स्वस्थ और निखरी त्वचा पाने के लिए घंटों खर्च करने की जरूरत नहीं, सिर्फ 5 मिनट का डेली रूटीन काफी है।     स्किन की सफाई– सुबह और रात फेस वॉश का इस्तेमाल करें। अपनी स्किन टाइप (ऑयली, ड्राई या कॉम्बिनेशन) के अनुसार फेस वॉश चुनें। ऑयली स्किन के लिए सैलिसिलिक एसिड और ड्राई स्किन के लिए हाइड्रेटिंग फेस वॉश (एलोवेरा या हाइल्यूरोनिक एसिड) बेहतर हैं।   मॉइस्चराइज़ और सन प्रोटेक्शन– चेहरा धोने के बाद मॉइस्चराइज़र लगाएं। बाहर निकलते समय SPF 30+ सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें ताकि टैनिंग और पिग्मेंटेशन से बच सकें। लिप केयर– होंठों को फटने से बचाने के लिए लिप बाम लगाएं।     शेविंग के दौरान– दाढ़ी बनाते समय शेविंग क्रीम का इस्तेमाल करें ताकि ठंड में स्किन रूखी न हो।     हाइड्रेशन और डाइट– दिन में 7-8 गिलास पानी पिएं और आहार में फल, हरी सब्जियां, नट्स, मछली और नारियल पानी शामिल करें।     नींद और तनाव प्रबंधन– रात में 7-9 घंटे की नींद लें और योग, मेडिटेशन या एक्सरसाइज से तनाव कम करें।     प्रोडक्ट चयन– ऑयली स्किन के लिए ऑयल-फ्री, ड्राई स्किन के लिए हाइड्रेटिंग और सेंसिटिव स्किन के लिए फ्रेगरेंस-फ्री, जेंटल प्रोडक्ट्स अपनाएं।     धूम्रपान से बचें – यह त्वचा को बेजान और झुर्रियों से भर देता है, साथ ही शराब का अधिक सेवन स्किन को डिहाइड्रेट कर सकता है।

परफेक्ट नेल्स के लिए आसान मेनीक्योर टिप्स

  आपके हाथ आपकी उम्र का आईना होते है। इसलिए चेहरे की ही तरह उनकी भी देखभाल जरूरी होती है। अपनाएं सखी के ये टिप्स और पाएं सुंदर और आकर्षक हाथ। अगर आपके हाथ या नाखून अत्यधिक रूखे है तो तेज खुशबू वाला कोई हैड लोशन लगा लिया करे। आजमाएं अपने एसीटोन बेस्ड नेलपॉलिश रिमूवर में कुछ बूंद जोजोबा ऑयल डालकर अछी तरह मिलाएं। यह आपके नाखूनों को नेलपॉलिश हटने के बाद रूखेपन से बचाने में मदद करेगा। इससे बचें नेलपॉलिश लगाने के आधे घंटे के अंदर हैडक्रीम लगाने से बचें क्योंकि इससे आपकी नेलपॉलिश फीकी नजर आएगी। आजमाएं अपने नेल एनेमल को ज्यादा दिनों तक बचाए रखने के लिए शीशी बंद करने से पहले खुली बोतल के रिम पर थोड़ा सा क्यूटिकल ऑयल लगाएं। इससे शीशी ठीक से बंद भी रहेगा और हवा के दबाव से उसका ढक्कन टूटेगा भी नहीं। न ही अतिरिक्त नेल एनेमल शीशी के बाहर लगा रहा जाएगा। इससे बचें पूरी तरह फैट फ्री खाना खाने से जहां तक हो सके बचें। यह आपके स्वास्थ्य के साथ-साथ आपके नाखूनों के लिए भी हानिकारक हो सकता है। इससे बचें नहाने के तुरंत बाद अपने नाखूनों को फाइलिंग से बचाएं। क्योंकि उस समय वे ज्यादा कमजोर हो जाते है। हमेशा याद रखें कि अपने नाखूनों को सिर्फ एक ही दिशा में फाइल करना है, क्योंकि गलत दिशा में ऐसा करने से वे टूट भी सकते है।  

नए लोगों से बातचीत में हिचकिचाहट दूर करने के आसान तरीके

कॉन्फिडेंट पर्सनेलिटी हर किसी को अट्रैक्ट करती है। वो लोग जो हर महफिल की जान बन जाते हैं, किसी से भी आसानी से खुलकर बात कर लेते हैं और भीड़ में अपनी अलग पहचान छोड़ जाते हैं; हर कोई उनके जैसा ही बनना चाहता है। लेकिन कई लोगों के लिए ये सब तो छोड़ो, दूसरों से बात करना भी बड़ा मुश्किल होता है। अनजाने लोगों से घुलने-मिलने में इन्हें बड़ी परेशानी होती है, अपनी बात भी ये कभी खुलकर नहीं रख पाते। अगर आप भी इन्हीं लोगों में से एक हैं, तो आप ठीक से समझ सकते हैं कि ऐसे लोगों के लिए नई जगह एडजस्ट करना कितना मुश्किल होता है। तो चलिए कुछ टिप्स जानते हैं, जिनकी मदद से आप लोगों के बीच कॉन्फिडेंटली अपनी बात रख पाएंगे। अजनबियों से बातचीत करना और घुलना-मिलना भी आपके लिए आसान हो जाएगा। हमेशा परफेक्ट बनने की कोशिश ना करें जब भी हम नए लोगों के बीच होते हैं तो सबसे बड़ी गलती यही करते हैं कि हमें हर चीज में परफेक्ट दिखना होता है। परफेक्ट स्माइल हो, परफेक्ट अंग्रेजी के शब्द बोलें, कहीं कुछ अजीब ना बोल दें; ऐसे कई सवाल हमारे मन में लगातार चल रहे होते हैं। इससे हम खुद पर इतना प्रेशर डाल लेते हैं कि बात बनने के बजाए बिगड़ जाती है। हम करना या कहना कुछ चाहते हैं और हो कुछ और जाता है। इसलिए किसी से बातचीत करने से पहले खुद पर फालतू के दबाव ना डालें और आराम से बात शुरू करें जैसा आप अपने किसी करीबी से करते हैं। बॉडी लैंग्वेज का ध्यान रखना है सबसे जरूरी सबसे पहला इंप्रेशन आपकी बॉडी लैंग्वेज से बनता है। इसलिए बात शुरू करने से पहले अपनी बॉडी लैंग्वेज से कॉन्फिडेंट लगने की प्रैक्टिस करें। लोगों की आंखों में आंखे डालकर बात करें, हल्का सा स्माइल करें, हंसकर ग्रीट करें। सीधा पोस्चर, खुली बाहें, चेहरे पर हल्की सी स्माइल; ये सभी बातें दिखाती हैं कि आप बहुत मिलनसार व्यक्ति हैं। ऐसे में सामने वाला भी आपके साथ फ्रेंडली हो कर बातें करता है और आप कन्वर्सेशन की अच्छी शुरुआत कर पाते हैं। सवाल से कर सकते हैं बातचीत शुरू किसी के साथ बातचीत शुरू करना सबसे ज्यादा मुश्किल होता है। यहीं ज्यादातर लोग नर्वस फील करते हैं। इसके लिए सबसे आसान तरीका है कि आप किसी सवाल से बातचीत को शुरू करें। कोई बड़ा कॉम्प्लेक्स सवाल पूछना जरूरी नहीं है, छोटे सवाल से बातचीत शुरू हो सकती है। आसपास की चीजों से जुड़ा सवाल बेस्ट रहेगा, जैसे – ये जगह या प्रोग्राम कैसा लग रहा है, आपने ये ड्रेस कहां से ली बहुत संदर है। कोई भी ऐसा रैंडम सवाल सामने वाले को आपके साथ कंफर्टेबल फील कराएगा और बातचीत खुद शुरू हो जाएगी। सिर्फ बोलना नहीं सुनना भी है जरूरी नए लोगों के साथ घुलने-मिलने का यह मतलब नहीं है कि आप कुछ भी बस बोलते ही रहें। याद रखें जितना जरूरी बोलना है उससे कहीं गुना जरूरी सामने वाले को सुनना भी है। इसलिए जबरदस्ती बोलने के बजाए सामने वाले को अच्छी तरह सुनें। उनकी बातों पर ध्यान दें, ऑब्जर्व करें और बीच में चाहें तो उससे जुड़े सवाल भी करें। हर किसी को ऐसे लोग पसंद होते हैं, जो उन्हें अच्छी तरह सुनते हैं। इस तरह आप बिना खुद पर ज्यादा दवाब डाले भी लोगों के साथ अच्छी बॉन्डिंग बना सकते हैं।