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भारत में T20 विश्व कप 2026: बांग्लादेशी मीडिया के लिए ICC ने सीमित कवरेज की घोषणा

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने बताया है कि उसने टी20 विश्व कप 2026 के भारत में होने वाले मैचों को कवर करने के लिए बांग्लादेशी पत्रकारों के आवेदन को अस्वीकार कर दिया है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, आईसीसी अधिकारियों ने कहा है कि बांग्लादेश की सरकार और बीसीबी ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश क्रिकेट टीम को भारत नहीं भेजने का फैसला किया था और भारत को असुरक्षित बताया था। उसी आधार पर बांग्लादेशी पत्रकारों के वीजा और एक्रिडिएशन आवेदन खारिज कर दिए गए हैं। विश्व कप का आयोजन भारत और श्रीलंका में 7 फरवरी से 6 मार्च तक होना है। आईसीसी द्वारा यह निर्णय बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड द्वारा सुरक्षा कारणों की वजह से अपनी टीम को भारत न भेजने और विश्व कप का बहिष्कार करने के फैसले के बाद लिया गया। डेली स्टार की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कई पत्रकारों ने दावा किया कि कई बांग्लादेशी फोटो जर्नलिस्ट को शुरू में 20 और 21 जनवरी को मंजूरी वाले ईमेल मिले थे, लेकिन बाद में उनके एक्रेडिटेशन रद्द कर दिए गए। रिपोर्ट में बीसीबी मीडिया कमेटी के चेयरमैन अमजद हुसैन के हवाले से दावा किया गया है कि बांग्लादेश के 130 से 150 पत्रकारों ने एक्रेडिटेशन के लिए अप्लाई किया था। अमजद ने कहा, "जहां तक ​​मुझे पता है, सभी बांग्लादेशी पत्रकारों को रिजेक्ट कर दिया गया था। इस साल करीब 130 से 150 पत्रकारों ने आवेदन किया था, लेकिन किसी को भी एक्रेडिटेशन नहीं मिला।" सीनियर पत्रकार, आरिफुर रहमान बाबू, उन चार बांग्लादेशी रिपोर्टरों में से थे जिन्होंने 1996 के आईसीसी विश्व कप को कवर किया था, जिसे भारत, पाकिस्तान और श्रीलंका ने मिलकर होस्ट किया था। उन्होंने कहा, "भले ही कोई टीम नहीं खेल रही हो, आईसीसी एसोसिएट मेंबर देश के पत्रकारों को अभी भी एक्रेडिटेशन मिल सकता है। मुझे कोई कारण नहीं दिखता कि सभी को रिजेक्ट क्यों किया गया। मैं हैरान हूं, और मैं इस फैसले की कड़ी निंदा और विरोध करता हूं।" बांग्लादेश ने तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को इंडियन प्रीमियर लीग 2026 से रिलीज किए जाने के बाद सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए अपने ग्रुप-स्टेज के मैच भारत से श्रीलंका में शिफ्ट करने की मांग की थी। बांग्लादेश ने इसके अलावा आयरलैंड के साथ ग्रुप बदलने का भी सुझाव आईसीसी को दिया था। आईसीसी ने बांग्लादेश की मांग नहीं मानी और उसे अपने फैसले पर विचार करने और भारत में ही जाकर खेलने का सुझाव दिया और इस पर फैसला करने के लिए पर्याप्त समय भी दिया। बीसीबी ने आईसीसी की बात नहीं मानी और अपनी सरकार की सलाह पर सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए अपनी क्रिकेट टीम को भारत भेजने से इनकार कर दिया। इसके बाद आईसीसी ने बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को विश्व कप में शामिल किया।

रिटायरमेंट की अटकलों पर केएल राहुल ने तोड़ी चुप्पी, कहा– अभी क्रिकेट बाकी है!

नई दिल्ली भारत के अनुभवी बल्लेबाज केएल राहुल ने स्वीकार किया है कि संन्यास लेने का विचार उनके मन में आया था, लेकिन उन्होंने कहा कि वह जानते हैं कि अभी इसमें ‘कुछ समय बाकी है’। जब समय आएगा तो वह इसमें देर नहीं लगाएंगे। इंग्लैंड के पूर्व कप्तान केविन पीटरसन के साथ बातचीत में राहुल ने कहा कि संन्यास लेना कोई मुश्किल फैसला नहीं होगा क्योंकि क्रिकेट के अलावा भी जीवन है। KP से बातचीत में KL ने खोला दिल भारत की टेस्ट और वनडे टीमों के प्रमुख खिलाड़ी 33 वर्षीय राहुल ने पीटरसन से उनके यूट्यूब चैनल पर कहा, ‘मैंने इसके बारे में सोचा है। मुझे नहीं लगता कि यह (संन्यास लेना) इतना मुश्किल होगा। अगर आप खुद के प्रति ईमानदार हैं तो जब समय आएगा तब इसे टालने का कोई मतलब नहीं होगा। निश्चित तौर पर इसमें अभी कुछ समय लगेगा।’ राहुल ने 67 टेस्ट मैचों में 35.8 के औसत से 4,053 रन और 94 वनडे मैचों में 50.9 के औसत से 3,360 रन बनाए हैं। उन्होंने 72 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 37.75 के औसत और 139 के स्ट्राइक रेट से 2,265 रन भी बनाए हैं। 'मैं खुद को सुपरस्टार नहीं मानता' राहुल ने कहा कि वह खुद को सुपरस्टार या बहुत महत्वपूर्ण व्यक्ति नहीं मानते हैं, जिससे उन्हें लगता है कि भविष्य में संन्यास का फैसला करना आसान हो जाएगा। उन्होंने कहा, ‘बस चुपचाप (खेलना) छोड़ दो। जो कुछ तुम्हारे पास है, उसका आनंद लो। तुम्हारा परिवार भी है, इसलिए बस वही करो जो तुम्हें अच्छा लगे। यही सबसे कठिन है। इसलिए मैं खुद को यही समझाने की कोशिश करता हूं कि मैं बहुत महत्वपूर्ण नहीं हूं।’ 'जब से पिता बना तबसे जीवन को लेकर मेरा नजरिया ही बदल गया' राहुल ने कहा, ‘हमारे देश में क्रिकेट चलता रहेगा। दुनिया भर में क्रिकेट चलता रहेगा। जीवन में और भी महत्वपूर्ण चीजें हैं और मुझे लगता है कि यह सोच मेरी हमेशा से रही है, लेकिन जब से मैं पिता बना हूं तब से जीवन के प्रति मेरा नजरिया पूरी तरह बदल गया है। यही मेरी सोच है।’ इस स्टाइलिश बल्लेबाज ने कई चोटों से जूझने की ‘सबसे मुश्किल जंग’ के बारे में भी खुलकर बात की, जिसके कारण उन्हें शीर्ष स्तर पर अपनी निरंतरता को लेकर सवाल उठाने पड़े। 'खुशकिस्मत हूं, क्रिकेट ने मुझे बहुत कुछ दिया' उन्होंने कहा, ‘ऐसा भी समय था जब मैं चोटिल हो गया। मुझे कई बार चोट लगी है और यही सबसे मुश्किल चुनौती होती है। यह वो दर्द नहीं है जो फिजियोथेरेपिस्ट या सर्जन आपको देते हैं। यह मानसिक द्वंद्व है जहां आपका मन हार मान लेता है। जब ऐसा बार-बार होता है, तो आपका मन सोचने लगता है, तुमने बहुत कुछ कर लिया है। तुम भाग्यशाली रहे हो कि क्रिकेट ने तुम्हें पर्याप्त पैसा दिया है। तुम इससे आगे कई साल गुजार सकते हो।’ राहुल गुरुवार को मोहाली में पंजाब के खिलाफ होने वाले रणजी ट्रॉफी मैच में कर्नाटक की ओर से खेलेंगे।

एकतरफा मुकाबला: भारत ने जिम्बाब्वे को दी करारी शिकस्त, विहान और सूर्यवंशी चमके

क्रिकेट .  भारत और जिम्बाब्वे के बीच मंगलवार को अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में सुपर सिक्स मुकाबला खेला गया। भारत ने बुलावायो के क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में 353 का टारगेट देने के बाद जिम्बाब्वे को 204 रनों से रौंदा। जिम्बाब्वे की टीम 37.4 ओवर में 148 रनों पर ढेर हुई। कप्तान सिम्बाराशे मुडजेंगेरे (3) और ओपनर ध्रुव पटेल (8) समेत जिम्बाब्वे के सात प्लेयर दहाई का आंकड़ा तक नहीं छू सके। मेजबान जिम्बाब्वे की ओर से सर्वाधिक रन लीरॉय चिवौला (77 गेंदों में 62, सात चौके, एक सिक्स) ने जोड़े। उन्होंने कियान ब्लिगनॉट (73 गेंदों में 37) के संग चौथे विकेट के लिए 69 और टाटेंडा चिमुगोरो (29 गेंदों में 29) के साथ पांचवे विकेट के लिए 49 रनों की साझेदारी की। जिम्बाब्वे ने विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए तीन विकेट पावरप्ले में गंवा दिए थे, जिससे टीम उबर नहीं सकी। भारत के लिए कप्तान आयुष म्हात्रे और उद्धव मोहन ने तीन-तीन शिकार किए। आरएस अंबरीश के हिस्से में दो विकेट आए। खिलन पटेल और हेनिल पटेल को एक-एक सफलता मिली। इससे पहले, भारत ने टॉस गंवाने के बाद निर्धारित 50 ओवर में आठ विकेट के नुकसान प 352 रन जुटाए। विहान मल्होत्रा ने शानदार शतकीय पारी खेली। उन्होंने 107 गेंदों में सात चौकों के दम पर 109 रन बनाए। वैभव सूर्यवंशी (30 गेंदों में 52, चार चौके, चार सिक्स) ने तूफानी अर्धशतक ठोका। विकेटकीपर अभित्रान कुंडू ने भी अर्धशतक लगाया। उन्होंने 62 गेंदों में 61 रन बटोरे, जिसमें पांच चौके और एक सिक्स है। कुंडू ने विहान के साथ पांचवें विकेट के लिए 113 रनों की पार्टनरशिप की। ओपनर एरोन जॉर्ज ने 23, कप्तान आयुष म्हात्रे और आर अंबरीश ने 21-21 और वेदांत त्रिवेदी ने 15 रनों का योगदान दिया। खिलन पटेल ने 12 गेंदों में 30 रन जोड़े और भारत को 350 तक पहुंचाया। उन्होंने एक चौका और तीन छक्के लगाए। कनिष्क चौहान के बल्ले से तीन रन निकले। जिम्बाब्वे की ओर से टाटेंडा चिमुगोरो ने तीन, पनाशे मजाई और सिम्बाराशे मुडजेंगेरे ने दो-दो विकेट लिए। ध्रुव पटेल को विकेट मिला। भारतीय टीम सुपर सिक्स राउंड में अपना अगला मैच एक फरवरी को पाकिस्तान के विरुद्ध खेलेगी। IND 352/8 (50 ओवर) ZIM 148/10 (37.4 ओवर) – जिम्बाब्वे ने टॉस जीतकर चुनी बॉलिंग – भारत ने पावरप्ले में एक विकेट पर 99 रन बनाए – वैभव सूर्यवंशी ने 24 गेंदों में फिफ्टी लगाई – वैभव सूर्यवंशी और कप्तान आयुश म्हात्रे 11वें ओवर में आउट – वेदांद त्रिवेदी 15 बनाकर लौटे – 25 ओवर में भारत ने चार गंवाकर 173 रन जोड़े – 29 ओवर में भारत ने 200 का आंकड़ा छुआ – अभिज्ञान कुंडू ने 48 गेंदों में फिफ्टी जमाई – विहान मल्होत्रा ने 57 गेंदों में पचासा बनाया – अभिज्ञान कुंडू 62 गेंदों में 61 रन बनाकर लौटे – कनिष्क चौहान महज तीन रन बना सके – भारत ने 46वें ओवर में 300 रन पूरे किए – आरएस अंबरीश ने 21 रनों की पारी खेली – विहान मल्होत्रा ने 104 गेंदों में शतक लगाया – जिम्बाब्वे ने पावरप्ले में तीन विकेट गंवाए – लीरॉय चिवौला ने 64 गेंदों में फिफ्टी जमाई भारत ने 204 रनों से जीता मैच भारत ने 204 रनों से मैच अपने नाम कर लिया है। आयुष म्हात्रे ने 37वें ओवर में जिम्बाब्वे को डबल झटका दिया। उन्होंने कप्तान सिम्बाराशे मुडजेंगेरे को तीन के निजी स्कोर पवेलियन भेजा। भारतीय कप्तान ने टाटेंडा चिमुगोरो को अपने जाल में फंसाया। उन्होंने 29 गेंदों में 29 रनों की पारी खेली। वहीं, उद्धव ने अगले ओवर में दो विकेट निकाले और जिम्बाब्वे को ढेर किया। उन्होंने ताकुदजवा माकोनी (1) और वेबस्टर माधिधी (0) का शिकार किया।  चिवौला बने उद्धव मोहन का शिकार जिम्बाब्वे की आधी टीम ढेर हो गई है। उद्धव मोहन ने 34वें ओवर में लीरॉय चिवौला का शिकार किया। चिवौला ने 77 गेंदों में 62 रनों की पारी खेली, जिसमें एक चौका और दो सिक्स हैं। आयुष म्हात्रे ने 35वें ओवर में माइकल ब्लिगनॉट को बोल्ड किया, जिनका खाता नहीं खुला। चिवौला ने ठोकी फिफ्टी चिवौला ने भारत के खिलाफ फिफ्टी ठोकी है। उन्होंने मुश्किल हालात में 64 गेंदों में पचासा पूरा किया।  खिलन पटेल ने तोड़ी साझेदारी खिलन पटेल ने भारत को चौथे सफलता दिलाई है। उन्होंने 27वें ओवर में कियान ब्लिगनॉट और लीरॉय चिवौला की 69 रनों की साझेदारी तोड़ी। खिलन ने ब्लिगनॉट को बोल्ड किया। उन्होंने 73 गेंदों में चार चौकों की मदद से 37 रनों की पारी खेली। चिवौला 42 रन बनाकर टिके हैं।

कभी टीम इंडिया का चैंपियन, अब मैदान पर अंपायर की भूमिका में — WPL में दिखा पुराना वर्ल्ड कप विजेता

नई दिल्ली क्रिकेट की दुनिया में कई खिलाड़ी ऐसे होते हैं जो अपने करियर के शुरुआती दौर में मैदान पर चमक बिखेरते हैं लेकिन इसके बाद गुमनामी में खो जाते हैं। हालांकि, कुछ अपनी लगन से खेल के साथ रिश्ता बनाए रखने का नया रास्ता खोज लेते हैं। ऐसी ही एक कहानी है अजितेश अर्गल की। साल 2008 में विराट कोहली की कप्तानी में अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम के हीरो रहे अजितेश अब महिला प्रीमियर लीग यानी WPL 2026 में अंपायरिंग करते नजर आ रहे हैं।   2008 U-19 वर्ल्ड कप फाइनल के हीरो अजितेश अर्गल का नाम भारतीय क्रिकेट इतिहास में फाइनल में भारत को खिताब जिताने के कारण लिया जाएगा। साल 2008 में जब भारत ने विराट कोहली की कप्तानी में मलेशिया में अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीता था, उसके फाइनल मकाबले में अजितेश का अहम योगदान था। साउथ अफ्रीका के खिलाफ फाइनल मैच में अजितेश ने घातक गेंदबाजी करते हुए दो महत्वपूर्ण विकेट झटके थे। उनके इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'प्लेयर ऑफ द मैच' के खिताब से नवाजा गया था। उस समय यह माना जा रहा था कि यह तेज गेंदबाज जल्द ही सीनियर नेशनल टीम में जगह बनाएगा, लेकिन उनका खिलाड़ी के तौर पर सफर उम्मीद के मुताबिक आगे नहीं बढ़ पाया। IPL और घरेलू क्रिकेट करियर वर्ल्ड कप की सफलता के बाद अजितेश को किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स) ने अपनी टीम में शामिल किया। हालांकि, उन्हें आईपीएल में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। घरेलू स्तर पर उन्होंने बड़ौदा की टीम का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने अपने करियर में कुल 10 फर्स्ट क्लास, 6 टी-20 और 3 लिस्ट-A मैच खेले, जिनमें उन्होंने 29 विकेट झटके। उन्होंने अपना आखिरी प्रोफेशनल मैच साल 2015 में खेला था। अंपायरिंग के रूप में नई पारी क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद अजितेश ने इनकम टैक्स ऑफिसर के रूप में अपनी प्रोफेशनल जिम्मेदारी संभाली। क्रिकेट से हटने के बाद भी इस खेल के प्रति उनका जुनून कम नहीं हुआ। साल 2023 में उन्होंने अंपायरिंग की परीक्षा पास की और अब वे मैदान पर रेफरी और अंपायर की भूमिका निभा रहे हैं। मौजूदा WPL सीजन में वे गुजरात जायंट्स, यूपी वॉरियर्स, आरसीबी और दिल्ली कैपिटल्स के मैचों में मैदानी अंपायर के तौर पर दिख चुके हैं। अब तक वे 3 फर्स्ट क्लास, 9 लिस्ट-ए और 21 टी20 मैचों में अंपायरिंग कर चुके हैं।  

भारत आने की तैयारी में स्कॉटलैंड, वीजा मिलने की उम्मीद तेज — पाक मूल खिलाड़ी पर भी नजर

नई दिल्ली क्रिकेट स्कॉटलैंड की मुख्य कार्यकारी अधिकारी ट्रुडी लिंडब्लेड को भरोसा है कि उनके राष्ट्रीय टीम के खिलाड़ियों को टी20 विश्व कप के लिए भारत की यात्रा करने के लिए समय पर वीजा मिल जाएगा। बांग्लादेश ने सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए भारत में खेलने से इनकार कर दिया था जिसके बाद उसके स्थान पर स्कॉटलैंड को टी20 विश्व कप में शामिल किया गया। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने स्पष्ट किया था कि भारत में किसी भी तरह सुरक्षा को खतरा नहीं है। स्कॉटलैंड सात फरवरी को कोलकाता में वेस्टइंडीज के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगा। स्कॉटलैंड की टीम में पाकिस्तानी मूल के तेज गेंदबाज सफयान शरीफ भी शामिल हैं। भारतीय वीजा के लिए आवेदन करने वाले पाकिस्तानी मूल के आवेदकों की अधिक गहन जांच की जाती है, जिसके कारण प्रक्रिया में अधिक समय लगता है। ईएसपीएनक्रिकइंफो के अनुसार लिंडब्लेड ने कहा, ‘हम सभी आईसीसी के साथ मिलकर इसे साकार करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। वीजा का मामला हमेशा थोड़ा अनिश्चित होता है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपके पास तीन दिन हैं या 45 दिन।’ उन्होंने कहा, ‘पिछले 48 घंटों में हमारा पूरा ध्यान इसी बात पर रहा है। खिलाड़ियों के वीजा की प्रक्रिया पूरी करना ताकि वे खेलने के लिए पूरी तरह तैयार हों। वे सभी अपने वीजा के लिए आवेदन कर रहे हैं और हम जितनी जल्दी हो सके भारत पहुंच जाएंगे। इसमें अब केवल कुछ समय की बात है।’ शरीफ का जन्म हडर्सफील्ड में एक पाकिस्तानी पिता और एक ब्रिटिश-पाकिस्तानी मां के घर हुआ था। वह सात साल की उम्र में स्कॉटलैंड चले गए थे। लिंडब्लेड ने कहा, ‘आईसीसी हमें केवल उन्हीं चीजों के बारे में आश्वासन दे सकता है जिन पर उनका नियंत्रण है। हम उनके साथ मिलकर काम कर रहे हैं और जाहिर है कि वे बीसीसीआई और वहां के स्थानीय लोगों के साथ मिलकर यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि हमें वह सभी सहयाेग मिले जिसकी हमें जरूरत है।’ स्कॉटलैंड के सीनियर अधिकारी स्टीव स्नेल ने कहा, ‘हम बीसीसीआई से जब भी संभव हो सहयोग मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। स्कॉटलैंड को विश्व कप में शामिल किए जाने के बाद उसका वहां न पहुंच पाना किसी के लिए भी अच्छा नहीं होगा।’ लिंडब्लेड ने कहा कि स्कॉटलैंड बांग्लादेश के प्रति सहानुभूति रखता है और वे आईसीसी के इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में इस तरह से शामिल नहीं होना करना चाहते थे। उन्होंने कहा, ‘हमें बांग्लादेश टीम के लिए निश्चित रूप से सहानुभूति है। हम इस तरह से विश्व कप में प्रवेश नहीं करना चाहते थे। एक क्वालिफिकेशन प्रक्रिया होती है और कोई भी उस तरह से क्वालिफाई करना, भाग लेना या विश्व कप के लिए आमंत्रित होना नहीं चाहता जिस तरह से हमने किया है। हम बांग्लादेश के खिलाड़ियों के प्रति सहानुभूति रखते हैं।’  

वेटलिफ्टिंग में भारत की उम्मीद, भविष्य में ओलंपिक में दिला सकती हैं पदक

नई दिल्ली भारत में महिलाओं को शक्ति के स्त्रोत के रूप में देखा जाता है। मौजूदा समय में बिंदियारानी देवी ने अपनी ताकत से भारत का नाम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर रोशन किया है। भविष्य में देश को उनसे वैश्विक मंचों पर पदकों की उम्मीद है। 27 जनवरी 1999 को इम्फाल, मणिपुर में जन्मीं बिंदियारानी देवी देश की सर्वाधिक प्रतिभाशाली वेटलिफ्टिंग खिलाड़ी हैं। अपनी ताकत, लगन और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने इस खेल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। मणिपुर में वेटलिफ्टिंग खेल को गंभीरता से लिया जाता है। यही वजह है कि बेहद कम उम्र में बिंदियारानी को इस खेल से लगाव हो गया। कड़ी मेहनत के दम पर स्थानीय प्रतियोगिताओं में बड़ी सफलता अर्जित करने के बाद बिंदियारानी देवी पर राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का ध्यान गया। राष्ट्रीय स्तर पर बिंदियारानी देवी ने 49 किलोग्राम भार वर्ग में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। साथ ही अपनी फिटनेस, सही पोषण और मानसिक तैयारी का ख्याल रखते हुए खुद को अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया। मणिपुर की इस खिलाड़ी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहली बड़ी पहचान कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में मिली। 2019 में, उन्होंने इंटरनेशनल वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के इवेंट्स में गोल्ड मेडल जीतकर नाम कमाया। उनकी यह सफलता न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि थी बल्कि भारत की महिला वेटलिफ्टिंग के बढ़ते रुतबे में भी योगदान रही। बिंदियारानी देवी की खास उपलब्धियों की बात करें तो उन्होंने फुकेट में 2024 में आयोजित विश्व कप में कांस्य पदक, कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में रजत पदक, कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप 2019 में स्वर्ण, और कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप 2021 और 2025 में रजत पदक जीता। एशियन चैंपियनशिप 2023 में रजत और 2019 में दक्षिण एशियाई गेम्स में गोल्ड शामिल हैं। ये सभी पदक उन्होंने 55 किग्रा भारवर्ग में जीते। बिंदियारानी अपने मेहनती दृष्टिकोण के लिए जानी जाती हैं। अनुशासन, कोचिंग और परिवार के समर्थन को सफलता की कुंजी बताने वाली इस खिलाड़ी से भविष्य में ओलंपिक और अन्य बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में देश के लिए पदक की उम्मीद की जाती है।

खेल से बढ़ती है दोस्ती, सियासत डालती है दरार — सकलैन मुश्ताक ने राजनीति पर साधा निशाना

नई दिल्ली अपने दौर के दिग्गज स्पिनर रहे पाकिस्तान के सकलैन मुश्ताक ने कहा है कि क्रिकेट देशों को जोड़ता है, दूर नहीं करता। उन्होंने एक हालिया इंटरव्यू में कहा कि क्रिकेट में राजनीति को नहीं लाना चाहिए। भारत और पाकिस्तान ने 2012-13 से ही आपस में कोई द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेली है। दिसंबर 2012 में पाकिस्तानी टीम 3 वनडे और 2 टी20 इंटरनेशनल मैच की सीरीज के लिए भारत दौरे पर आई थी। तब उसने भारत को ओडीआई सीरीज में 2-1 से हराया था और टी20 सीरीज 1-1 से बराबर रही थी। राजनीति हमारी दुश्मन: सकलैन मीडिया को दिए इंटरव्यू में सकलैन मुश्ताक ने कहा, ‘मेरा मानना है कि राजनीति को खत्म किया जाना चाहिए क्योंकि ये मानवता के लिए नुकसानदेह है। राजनीति हमारी दुश्मन है और ये सिर्फ क्रिकेट को ही नुकसान नहीं पहुंचा रही, संपूर्ण मानवता को नुकसान पहुंचा रही है। ये हमारे खेल और खिलाड़ियों का नुकसान है। क्रिकेट देशों को जोड़ने के लिए बना है, उन्हें दूर करने के लिए नहीं।’ 'क्रिकेट मनोरंजन की चीज है, युद्ध की नहीं' मुश्ताक ने कहा कि क्रिकेट तो मनोरंजन से जुड़ा होना चाहिए, राजनीति या संघर्ष से नहीं। उन्होंने टी20 विश्व कप से बांग्लादेश के हटने पर कोई टिप्पणी करने से परहेज किया। उन्होंने कहा, 'क्रिकेट मनोरंजन से जुड़ा है न कि युद्ध के मैदान या युद्ध से। मैं भारत में बांग्लादेश के नहीं खेलने के फैसले पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा क्योंकि मैंने पहले ही साफ कर दिया है कि मैं राजनीति में यकीन नहीं करता।' बांग्लादेश मामले पर टिप्पणी से इनकार बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल फ्रेंचाइजी केकेआर के स्क्वाड से रिलीज किए जाने के बाद बांग्लादेश ने भारत में विश्व कप मैच खेलने से इनकार कर दिया था। उसने 'सुरक्षा कारणों' से अपने विश्व कप मैचों को बाहर से बाहर शिफ्ट किए जाने यानी श्रीलंका में कराने की मांग की थी। आईसीसी ने उसकी चिंताओं को आधारहीन बताते हुए साफ किया था कि वेन्यू में कोई बदलाव मुमकिन नहीं है। आखिरकार बांग्लादेश ने विश्व कप में नहीं खेलने का फैसला किया, जिसके बाद उसकी जगह पर आईसीसी ने स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल कर लिया है। बांग्लादेश के सारे ग्रुप मैच भारत में ही होने थे।  

किक्स, पंच और जोश का तूफान — खेल कराटे स्कूल गेम्स सीज़न 3 ने रचा नया इतिहास

जयपुर जयपुर में खेल कराटे स्कूल गेम्स – सीज़न 3 का भव्य एवं सफल आयोजन ज्ञान विहार स्कूल में शनिवार और रविवार को किया गया। इस राष्ट्रीय स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में देश के 16 से अधिक राज्यों के 100 से ज्यादा स्कूल के खिलाड़ियों ने भाग लेकर अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। समापन समारोह के अवसर पर 3 लाख 50 हज़ार की राशि विजेता खिलाड़ियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण पत्र के साथ प्रदान की गई। आयोजन का नेतृत्व धनंजय त्यागी ने निभाया जिनके मार्गदर्शन में प्रतियोगिता पूरी गरिमा, अनुशासन और खेल भावना के साथ संपन्न हुई। संस्था के प्रेसिडेंट आकाश सिंह एवं सेक्रेटरी मोहित शर्मा ने बताया कि टीम चैंपियनशिप में प्रथम स्थान जे.एस.सी. सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जोबनेर; दूसरा स्थान आईएमएए अकादमी जयपुर और तीसरा स्थान नॉलेज सिटी स्कूल अलवर ने प्राप्त किया। सर्वश्रेष्ठ कोच श्रेणी में उत्कृष्ट योगदान के लिए गौतम सिंह (दिल्ली) को पहला स्थान, दीपक सैनी (अलवर) को दूसरा और रजनी भंसाली (भीलवाड़ा) को तीसरे स्थान से सम्मानित किया गया। सुपर गोल्ड वर्ग में बालक वर्ग में अंडर-7 आरुष दास, अंडर-8 अतुल्य द्विवेदी, अंडर-10 वियान जैन, अंडर-12 देवांश सिंह, अंडर-14 देवम त्रिवेदी, अंडर-16 कार्तिक यादव और सीनियर ओपन में पवन जांगिड़ विजेता रहे, जबकि बालिका वर्ग में अंडर-8 वेदित्या राठौड़, अंडर-10 नैनिका नाथ, अंडर-12 ज़ील चोक्सी, अंडर-14 गरिमा बालोतिया, अंडर-19 श्रेय पटिल और सीनियर ओपन में खुशबू पंवार ने सुपर गोल्ड खिताब जीता। आयोजन को अभिभावकों और खेल प्रेमियों से भरपूर सराहना मिली।

कलिंगा लांसर्स की सफलता का राज क्या? कप्तान आर्थर वान डोरेन ने खोला जीत का मंत्र

भुवनेश्वर कलिंगा लांसर्स के कप्तान आर्थर वैन डोरेन ने हॉकी इंडिया लीग 2025-26 का खिताब जीतने के बाद इस सफलता का श्रेय टीम की मजबूत केमिस्ट्री, सामूहिक सोच और घरेलू दर्शकों के शानदार समर्थन को दिया है। सोमवार को कलिंगा हॉकी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में कलिंगा लांसर्स ने रांची रॉयल्स को 3-2 से हराकर खिताब अपने नाम किया। खिताब जीतने के बाद आर्थर वैन डोरेन ने कहा, "इतने कम समय में टीम को एकजुट करना सबसे बड़ी चुनौती थी। एक बॉन्ड बनाने और एक टीम के रूप में खड़े होने के लिए चार सप्ताह बहुत कम समय होता है। यह आसान नहीं था, लेकिन जिस तरह से हमने खुद को ढाला और मैदान पर प्रदर्शन किया, उस पर हमें बेहद गर्व है। हमने एक अच्छी और मजबूत यूनिट बनाई और वही आज पिच पर दिखी।" फाइनल मुकाबले को लेकर आर्थर ने रांची रॉयल्स की तारीफ करते हुए कहा कि वे टूर्नामेंट की सबसे अटैकिंग और मनोरंजक टीमों में से एक हैं। हम पहले भी उनसे कई बार खेल चुके थे, इसलिए हमें पता था कि हमें आक्रामक सोच के साथ उतरना होगा। ऐसी टीम के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन करना हमारे लिए बहुत मायने रखता है। मैच के अंतिम क्षणों में एक गोल की बढ़त होने के बावजूद, लांसर्स ने पूरी तरह रक्षात्मक रवैया अपनाने के बजाय अपना प्राकृतिक गेम खेलना जारी रखा। आर्थर ने कहा, "सिर्फ पीछे बैठकर डिफेंस करने से दबाव बढ़ता है। हमने सकारात्मक रहकर आक्रामक खेलना जारी रखा और एक यूनिट के तौर पर मजबूती से खड़े रहे।" आर्थर वैन डोरेन ने घरेलू दर्शकों के योगदान को खास बताते हुए कहा कि घरेलू दर्शकों की ऊर्जा हमें अतिरिक्त ताकत देती है। वह माहौल शानदार था और हमने हर पल का भरपूर आनंद लिया। पूरे टूर्नामेंट में कलिंगा लांसर्स का प्रदर्शन शानदार रहा। टीम को केवल एक हार का सामना करना पड़ा, वह भी एक डेड रबर मुकाबले में, जब वे पहले ही लीग स्टेज में टॉप पर रहते हुए क्वालिफायर-1 में जगह बना चुके थे।

चोट और थकान से टूटा करियर, ‘अब नहीं खेल पाऊंगा’ कहकर ऑस्ट्रेलियाई पेसर ने क्रिकेट को कहा अलविदा

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया की टीम के तेज गेंदबाज केन रिचर्डसन ने महज 34 साल की उम्र में प्रोफेशनल क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान कर दिया है। केन रिचर्डसन टी20 विश्व कप विजेता टीम का भी हिस्सा रहे हैं। 2021 में ऑस्ट्रेलिया ने टी20 विश्व कप जीता था और टीम में केन रिचर्डसन भी शामिल थे। केन रिचर्डसन ने 61 इंटरनेशनल मैच ऑस्ट्रेलिया के लिए खेले हैं, जिनमें 25 वनडे इंटरनेशनल और 36 T20 इंटरनेशनल मैच शामिल हैं।   केन रिचर्डसन ने 2008-09 के सीजन में लिस्ट ए क्रिकेट में डेब्यू किया था और 2013 में उनको ऑस्ट्रेलिया के लिए पहली बार वनडे इंटरनेशनल मैच खेलने का मौका मिला। रिचर्डसन का बिग बैश लीग यानी बीबीएल करियर भी शानदार रहा है। वह उन कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों में से शामिल हैं जो टूर्नामेंट का हर एक एडिशन खेले हैं। उन्होंने 2017-18 में मेलबर्न रेनेगेड्स में जाने से पहले एडिलेड स्ट्राइकर्स के साथ छह सीजन खेले। 2025-26 एडिशन वह सिडनी सिक्सर्स के लिए खेले, लेकिन इससे पहले आठ सीजन तक उन्होंने मेलबर्न रेनेगेड्स के लिए बीबीएल खेला। रिचर्डसन के नाम 142 विकेट बीबीएल में हैं और वह इस कॉम्पिटिशन के पांचवें सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज हैं। रिचर्डसन ने रिटायरमेंट को लेकर दिए बयान में कहा, “2009 में डेब्यू करने से लेकर अब तक, मुझे लगता है कि मैंने अपना सब कुछ झोंक दिया है और अब अपनी जिंदगी के इतने मज़ेदार हिस्से को खत्म करने का यह सही समय है।” एक तरह से उन्होंने कहा है कि उम्र उनकी भले ही 34 है, लेकिन उनका शरीर साथ नहीं दे रहा है। एक तेज गेंदबाज के लिए इस उम्र में गेंदबाजी करना कठिन है। उन्होंने आगे अपने पोस्ट में लिखा, "मैं खुशकिस्मत रहा हूं कि मुझे अपने देश के साथ-साथ दुनिया भर की कई फ्रेंचाइजी टीमों और ऑस्ट्रेलिया में भी खेलने का मौका मिला। मैंने इस मौके को कभी हल्के में नहीं लिया और मुझे उम्मीद है कि देखने वाले लोग जानते होंगे कि जब मैं डार्विन में बच्चा था, तब से ही मैंने क्रिकेटर बनने का सपना देखा था।" उन्होंने अपने फैंस, वाइफ और बच्चे समेत स्पॉन्सर्स को धन्यवाद कहा, जो उनके करियर में बड़ा सपोर्ट थे।