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नई रिपोर्ट में खुलासा: मिलान-कोर्टिना 2026 ओलंपिक्स की स्पॉन्सरशिप बढ़ा रही पर्यावरणीय खतरा

मिलान        इटली में 6 से 22 फरवरी 2026 तक होने वाले मिलान-कोर्टिना विंटर ओलंपिक गेम्स से पहले एक नई रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है. रिपोर्ट का नाम Olympics Torched है, जिसे Scientists for Global Responsibility (SGR) और New Weather Institute ने जारी किया है. यह रिपोर्ट विश्व स्नो डे (18 जनवरी 2026) पर जारी हुई. रिपोर्ट कहती है कि ओलंपिक्स की स्पॉन्सर कंपनियां, जो बहुत प्रदूषण फैलाती हैं, स्नो और बर्फ को तेजी से पिघला रही हैं. विंटर स्पोर्ट्स तभी हो पाएंगे जब बर्फ रहेगी, लेकिन इनकी वजह से स्नो तेजी से पिघल रही है.  ओलंपिक्स से कितना कार्बन उत्सर्जन?     सिर्फ गेम्स आयोजित करने से लगभग 9.3 लाख टन CO₂ उत्सर्जन होगा.     2.3 वर्ग किमी स्नो कवर (बर्फ की परत) खो सकती है – जो लगभग 1300 हॉकी रिंक जितना क्षेत्र है.     साथ ही 1.4 करोड़ टन से ज्यादा ग्लेशियर बर्फ पिघल सकती है. स्पॉन्सरशिप का बड़ा रोल गेम्स के तीन मुख्य स्पॉन्सर – तेल और गैस कंपनी Eni, कार मैन्युफैक्चरर Stellantis और इटली की एयरलाइन ITA Airways – बहुत ज्यादा कार्बन उत्सर्जन वाली कंपनियां हैं. रिपोर्ट कहती है… इन तीन स्पॉन्सरशिप डील्स से अतिरिक्त 13 लाख टन CO₂ उत्सर्जन हो सकता है. कुल उत्सर्जन 40% से ज्यादा बढ़ जाएगा (करीब 2.3 मिलियन टन तक). इससे 5.5 वर्ग किलोमीटर स्नो कवर खो सकता है (3,000+ हॉकी रिंक जितना) और 3.4 करोड़ टन ग्लेशियर बर्फ पिघल सकती है. Eni अकेले इन अतिरिक्त उत्सर्जन का आधे से ज्यादा हिस्सा देगी. ये स्पॉन्सरशिप गेम्स को प्रमोट करती हैं, जिससे इन कंपनियों की ब्रांडिंग बढ़ती है. उनके प्रोडक्ट्स (तेल, गैस, कार, फ्लाइट्स) ज्यादा बिकते हैं – जो और प्रदूषण फैलाते हैं. एथलीट्स और वैज्ञानिकों की चेतावनी स्वीडिश क्रॉस-कंट्री स्कीयर Björn Sandström कहते हैं कि ओलंपिक्स हमेशा उत्सर्जन पैदा करेंगे, लेकिन उन्हें कम करना जरूरी है. सबसे बड़ा प्रभाव दुनिया को दिया जाने वाला संदेश है. जब फॉसिल फ्यूल स्पॉन्सरशिप से संदेश जाता है, तो यह जलवायु विज्ञान के खिलाफ है. विंटर स्पोर्ट्स के भविष्य को खतरे में डालता है. ग्रीनलैंड की बायएथलीट Ukaleq Slettemark (वर्ल्ड जूनियर चैंपियन) कहती हैं कि यह उचित नहीं कि विंटर स्पोर्ट्स ऑयल कंपनियों को अच्छा दिखने का प्लेटफॉर्म दें, जबकि वे जलवायु परिवर्तन के सबसे बड़े कारण हैं. यह पूरी तरह विरोधाभासी है – फॉसिल फ्यूल उद्योग सर्दियों को गायब कर रहा है. विंटर स्पोर्ट्स को खत्म कर रहा है. वैज्ञानिक Stuart Parkinson (SGR डायरेक्टर) कहते हैं कि विंटर स्पोर्ट्स जलवायु परिवर्तन के शिकार और कारण दोनों हैं. पिछले 5 सालों में इटली में 265 स्की रिसॉर्ट्स बंद हो चुके हैं. फ्रांस और स्विट्जरलैंड में भी कई सुविधाएं बंद हुई हैं. भारत के हिमालय में भी असर भारत के हिमालय में पहले से ही बर्फबारी कम हो रही है. तापमान बढ़ रहा है और कार्बन उत्सर्जन से ग्लेशियर पिघल रहे हैं. यह वैश्विक समस्या है. ओलंपिक्स जैसे बड़े इवेंट्स अगर प्रदूषण बढ़ाते हैं, तो हिमालय जैसी जगहों पर और असर पड़ेगा – जहां लाखों लोग पानी और पर्यटन पर निर्भर हैं. क्या समाधान हैं?     नए वेन्यू और इंफ्रास्ट्रक्चर न बनाएं.     हवाई यात्रा से आने वाले दर्शकों की संख्या कम करें.     फॉसिल फ्यूल और हाई-पॉल्यूशन कंपनियों से स्पॉन्सरशिप खत्म करें.     ओलंपिक्स को क्लीन एनर्जी और क्लाइमेट सॉल्यूशंस का प्लेटफॉर्म बनाएं. कैंपेनर्स और एथलीट्स इंटरनेशनल ओलंपिक कमिटी (IOC) और विंटर स्पोर्ट्स बॉडीज से मांग कर रहे हैं कि फॉसिल फ्यूल स्पॉन्सरशिप पर बैन लगे. रिपोर्ट कहती है कि अगर बदलाव नहीं हुआ तो भविष्य में विंटर ओलंपिक्स के लिए बर्फ ही नहीं बचेगी. यह रिपोर्ट बताती है कि ओलंपिक्स जैसे उत्सव अब विरोधाभास बन गए हैं – जहां उत्सव मनाने के लिए ही वह चीज (स्नो और बर्फ) खत्म हो रही है जिस पर खेल निर्भर हैं. 2026 गेम्स से पहले दुनिया को सोचना होगा – क्या हम विंटर स्पोर्ट्स बचाना चाहते हैं या प्रदूषण फैलाने वालों को प्रमोट करना? 

दक्षिण अफ्रीका ने दर्ज की अंडर 19 वर्ल्ड कप इतिहास की दूसरी सबसे बड़ी जीत, इस टीम को 300 से ज्यादा रनों से हराया

नई दिल्ली दक्षिण अफ्रीका ने तंजानिया के खिलाफ अंडर 19 वर्ल्ड कप 2026 के 14वें मुकाबले में 329 रन से जीत दर्ज की। यह अंडर-19 वर्ल्ड कप इतिहास में रनों के लिहाज से दूसरी सबसे बड़ी जीत है। इस मामले में ऑस्ट्रेलियाई टीम शीर्ष पर है, जिसने 20 जनवरी 2002 को केन्या के विरुद्ध 430 रन से जीत हासिल की थी। वहीं, लिस्ट में तीसरे पायदान पर मौजूद भारत ने 22 जनवरी 2022 को युगांडा के खिलाफ मुकाबला 326 रन से जीता था। दक्षिण अफ्रीका ने 397 रन बनाए हाई परफॉर्मेंस ओवल में खेले गए ग्रुप-डी के इस मुकाबले में टॉस गंवाकर बल्लेबाजी के लिए उतरी दक्षिण अफ्रीकी टीम ने निर्धारित ओवरों में 5 विकेट खोकर 397 रन बनाए। इस टीम के लिए जोरिच वान शाल्कविक और अदनान लगैडियन ने 7.5 ओवरों में 58 रन की साझेदारी की। जोरिच वान शाल्कविक ने 34 गेंदों में 5 छक्कों और 2 चौकों के साथ 47 रन बनाए, जबकि अदनान ने 31 गेंदों में 32 रन की पारी खेली।   मोहम्मद बुलबुलिया और जेसन रॉवल्स ने जड़े शतक टीम ने 93 के स्कोर तक सलामी बल्लेबाजों के विकेट गंवा दिए थे। यहां से कप्तान मोहम्मद बुलबुलिया और जेसन रॉवल्स ने तीसरे विकेट के लिए 176 गेंदों में 201 रन की साझेदारी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया। मोहम्मद बुलबुलिया 108 गेंदों में 11 बाउंड्री के साथ 108 रन बनाकर आउट हुए, जबकि जेसन ने 101 गेंदों में 5 छक्कों और 10 चौकों के साथ 125 रन की नाबाद पारी खेली। इनके अलावा, पॉल जेम्स ने 18 गेंदों में ताबड़तोड़ 46 रन बनाए। तंजानिया 32.2 ओवरों में महज 68 रन पर सिमट गई विपक्षी खेमे से सिम्बा म्बाकी ने सर्वाधिक 2 विकेट हासिल किए, जबकि खालिदी जुमा और अल्फ्रेड डेनिययल ने 1-1 विकेट अपने नाम किया। इसके जवाब में तंजानिया 32.2 ओवरों में महज 68 रन पर सिमट गई। इस टीम ने 13 के स्कोर तक अपने 4 विकेट खो दिए थे। यहां से लक्ष बकरानिया ने सिम्बा म्बाकी के साथ पांचवें विकेट के लिए 26 रन जुटाए, लेकिन इस जोड़ी के टूटते ही टीम फिर से लड़खड़ा गई।   सिम्बा म्बाकी ने 17 रन, जबकि एक्रे पास्कल ह्यूगो ने नाबाद 12 रन टीम के खाते में जोड़े, लेकिन तंजानिया को शर्मनाक हार से बचा नहीं सके। दक्षिण अफ्रीका की तरफ से बुयांडा माजोला और जेसन रोल्स ने 2-2 विकेट निकाले। यह दक्षिण अफ्रीका की टूर्नामेंट में लगातार दूसरी जीत रही, जबकि तंजानिया को लगातार दूसरी शिकस्त झेलनी पड़ी है।

सेनेगल ने मोरक्को को हराकर अफ्रीका कप जीता

रबात (मोरक्को) सेनेगल ने पेप गुये के अतिरिक्त समय में किए गए गोल की मदद से मेजबान मोरक्को को 1-0 से हराकर अफ्रीका कप ऑफ नेशंस फुटबॉल टूर्नामेंट का खिताब जीता। बेहद तनावपूर्ण परिस्थितियों में खेले गए फाइनल में दोनों टीम निर्धारित समय तक गोल नहीं कर पाई थी लेकिन आखिर में पेप गुये निर्णायक गोल करने में सफल रहे। फाइनल मैच में तनाव काफी बढ़ गया था। मैच के दौरान ऐसा समय भी आया जब दर्शकों ने मैदान पर घुसने की कोशिश की। यही नहीं सेनेगल के खिलाड़ी दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम में पेनल्टी के फैसले के विरोध में मैदान से बाहर चले गए थे। ⁠ यह स्पष्ट नहीं था कि खेल जारी रह पाएगा या नहीं क्योंकि प्रशंसक सुरक्षाकर्मियों से भिड़ गए थे। इसके कारण 14 मिनट तक खेल नहीं हो पाया था। खेल शुरू होने पर सेनेगल के एडुआर्ड मेंडी ने ब्राहिम डियाज़ की पेनल्टी को आसानी से बचा लिया। इसके बाद गुये ने अतिरिक्त समय के चौथे मिनट में विजयी गोल दागा। मोरक्को की पराजय के कारण 69,500 दर्शकों की क्षमता वाला प्रिंस मौले अब्देललाह स्टेडियम अंतिम सीटी बजते ही खाली होने लग गया था। सेनेगल के खिलाड़ियों को ट्रॉफी उठाते हुए देखने के लिए बहुत कम लोग बचे थे। सेनेगल ने दूसरी बार अफ्रीका कप जीता। इससे पहले वह 2021 में चैंपियन बना था।  

भारतीय खिलाड़ियों की निगाह इंडोनेशिया मास्टर्स में अच्छा प्रदर्शन करने पर

जकार्ता भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पिछले सप्ताह घरेलू धरती पर खेले गए इंडिया ओपन के निराशाजनक प्रदर्शन को पीछे छोड़कर मंगलवार से यहां शुरू होने वाले 500,000 अमेरिकी डॉलर इनामी इंडोनेशिया मास्टर्स में अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रतिबद्ध होंगे। पिछले सप्ताह नयी दिल्ली में इंडिया ओपन में लक्ष्य सेन पुरुष एकल के क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गए थे। भारत का कोई भी खिलाड़ी किसी भी वर्ग में अंतिम आठ से आगे नहीं बढ़ पाया था। चीनी ताइपे के लिन चुन यी और कोरिया की विश्व में नंबर एक खिलाड़ी आन से यंग ने क्रमशः पुरुष और महिला एकल खिताब जीता। अब सारा ध्यान जकार्ता पर केंद्रित हो गया है, जहां भारतीय खिलाड़ियों को कड़ा ड्रॉ मिला है और उन्हें अपने से अधिक रैंकिंग वाले खिलाड़ियों के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करनी होगी। ⁠ पिछले साल ऑस्ट्रेलियाई ओपन जीतने वाले सातवीं वरीयता प्राप्त लक्ष्य सिंगापुर के जिया हेंग जेसन तेह के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगे, जबकि एचएस प्रणय को मलेशिया के पूर्व विश्व नंबर दो और पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता ली ज़ी जिया की कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। पिछले साल मलेशिया मास्टर्स और सैयद मोदी इंटरनेशनल के फाइनल में पहुंचने वाले किदाम्बी श्रीकांत का मुकाबला जापान के कोकी वातानाबे से, जबकि थारुन मन्नेपल्ली का मुकाबला जापान के युशी तनाका से होगा। आयुष शेट्टी को इंडोनेशिया के तीसरी वरीयता प्राप्त जोनाथन क्रिस्टी की कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। महिला एकल में पांचवीं वरीयता प्राप्त पीवी सिंधू जापान की मनामी सुइजू के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेंगी। सिंधू को इंडिया ओपन के पहले दौर में ही वियतनाम की विश्व में नंबर 23 गुयेन थुई लिन्ह से हार का सामना करना पड़ा था। जूनियर विश्व चैंपियनशिप की रजत पदक विजेता तन्वी शर्मा का मुकाबला जापान की चौथी वरीयता प्राप्त तोमोका मियाजाकी से होगा। उन्नति हुडा पहले दौर में शीर्ष वरीयता प्राप्त चेन युफेई का सामना करेगी जबकि मालविका बंसोड का मुकाबला कनाडा की छठी वरीयता प्राप्त मिशेल ली से होगा। पुरुष युगल में हरिहरन अमसाकरुनन और एमआर अर्जुन चौथे क्वालीफाइंग राउंड में अपनी चुनौती पेश करेंगे।  

मेदवेदेव की जीत, जेस्पर डी जोंग को हराकर ऑस्ट्रेलियन ओपन में दूसरा दौर

मेलबर्न पूर्व विश्व नंबर एक डेनियल मेदवेदेव ने ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 में अपने अभियान की दमदार शुरुआत करते हुए दूसरे राउंड में प्रवेश कर लिया है। मेलबर्न के मार्गरेट कोर्ट एरिना में 2 घंटे 53 मिनट तक चले मुकाबले में मेदवेदेव ने नीदरलैंड्स के जेस्पर डी जोंग को 7-5, 6-2, 7-6(2) से हराया। ब्रिस्बेन इंटरनेशनल जीतकर ऑस्ट्रेलियन ओपन में उतरे मेदवेदेव ने इस जीत के साथ 2026 सीजन में 6-0 का परफेक्ट रिकॉर्ड बना लिया है। एटीपी के आंकड़ों के अनुसार, उन्होंने मैच में मिले 13 ब्रेक पॉइंट्स में से सात को भुनाया, जो उनकी आक्रामक रिटर्न गेम और मानसिक मजबूती को दर्शाता है। हालांकि मुकाबला पूरी तरह एकतरफा नहीं रहा। पहले सेट में उन्होंने दो बार ब्रेक की बढ़त गंवाई और तीसरे सेट में दो मौकों पर मैच सर्व करते हुए जीत हासिल नहीं कर सके, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने धैर्य बनाए रखा और टाई-ब्रेक में पूरी तरह हावी रहे। विश्व रैंकिंग में 73वें स्थान पर काबिज डी जोंग के खिलाफ यह मेदवेदेव की पहली भिड़ंत थी। धीमी परिस्थितियों में दोनों खिलाड़ियों की सर्विस कई बार टूटी, लेकिन बड़े मैचों का अनुभव रखने वाले मेदवेदेव ने अहम पलों में बेहतर फैसले लिए। निर्णायक टाई-ब्रेक में उन्होंने आक्रामक खेल दिखाते हुए डी जोंग को कोई खास मौका नहीं दिया। पिछला सीजन मेदवेदेव के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा था, जहां वह सिर्फ एक ग्रैंड स्लैम जीत सके थे। हालांकि, साल के अंत में अल्माटी में एटीपी 250 खिताब जीतकर उन्होंने आत्मविश्वास दोबारा हासिल किया। ऑस्ट्रेलियन ओपन में इस जीत ने साफ कर दिया है कि वह एक बार फिर खिताब की दौड़ में गंभीर दावेदार हैं। मैच के बाद मेदवेदेव ने कहा कि पिछले साल कई मेजर टूर्नामेंट्स में पहले राउंड में हार के बाद सीधे सेटों में जीत हासिल करना उनके लिए सुकून देने वाला है। दूसरे राउंड में उनका सामना फ्रांस के क्वेंटिन हेलिस से होगा, जिन्होंने पहले राउंड में एलेजांद्रो टेबिलो को सीधे सेटों में हराया था।  

पाकिस्तान के खिलाफ ऑस्ट्रेलियाई टीम में नए चेहरे, महली बियर्डमैन और जैक एडवर्ड्स शामिल

नई दिल्ली पाकिस्तान के खिलाफ 29 जनवरी से 1 फरवरी के बीच लाहौर में खेली जाने वाली तीन टी20 मैचों की सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपनी 17 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। मिशेल मार्श की कप्तानी में घोषित टीम में बिग बैश लीग में शानदार प्रदर्शन कर रहे महली बियर्डमैन और जैक एडवर्ड्स को भी मौका दिया गया है। यह सीरीज उन खिलाड़ियों के लिए खास मौका है जो विश्व कप टीम में जगह बनाने की होड़ में हैं। चयनकर्ताओं ने अनुभव और युवा प्रतिभा के संतुलन को प्राथमिकता दी है। विश्व कप संभावित टीम के 10 खिलाड़ी इस दौरे का हिस्सा होंगे, जबकि कुछ सीनियर खिलाड़ी चोट से उबरने के बाद सीधे श्रीलंका में टीम से जुड़ेंगे। इनमें नाथन एलिस, टिम डेविड, जोश हेजलवुड, ग्लेन मैक्सवेल और पैट कमिंस शामिल हैं। पैट कमिंस को एशेज के दौरान एक टेस्ट खेलने के बाद आराम दिया गया था, जबकि टिम डेविड बिग बैश के दौरान हैमस्ट्रिंग इंजरी के चलते ज्यादा मैच नहीं खेल सके। जोश हेजलवुड नवंबर के बाद से प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर रहे हैं और रिहैब के दौरान अकिलीज की समस्या के कारण पूरी एशेज सीरीज नहीं खेल पाए थे। इन सभी खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट रखने के उद्देश्य से उन्हें पाकिस्तान सीरीज से दूर रखा गया है। इस बीच सीन एबॉट, बेन ड्वारशुइस, मिच ओवेन, जोश फिलिप और मैथ्यू रेनशॉ जैसे खिलाड़ी टीम में शामिल किए गए हैं। महली बियर्डमैन और जैक एडवर्ड्स अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनकैप्ड हैं, लेकिन दोनों पहले भी ऑस्ट्रेलिया की व्हाइट-बॉल स्क्वॉड का हिस्सा रह चुके हैं। बियर्डमैन भारत के खिलाफ T20I टीम में शामिल थे, जबकि एडवर्ड्स को वनडे टीम के साथ अनुभव मिला है। मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली ने कहा कि यह सीरीज युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय माहौल में परखने और विश्व कप से पहले जरूरी अनुभव देने का बेहतरीन अवसर है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो खिलाड़ी अभी बीबीएल में खेल रहे हैं, वे टूर्नामेंट समाप्त होने के बाद पाकिस्तान में टीम से जुड़ेंगे। पाकिस्तान दौरे के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम : मिशेल मार्श (कप्तान), सीन एबॉट, जेवियर बार्टलेट, महली बियर्डमैन, कूपर कोनोली, बेन ड्वारशुइस, जैक एडवर्ड्स, कैमरून ग्रीन, ट्रेविस हेड, जोश इंग्लिस, मैथ्यू कुहनेमन, मिच ओवेन, जोश फिलिप, मैथ्यू रेनशॉ, मैथ्यू शॉर्ट, मार्कस स्टोइनिस और एडम जम्पा।  

कोको गॉफ की जीत, राखीमोवा को हराकर ऑस्ट्रेलियन ओपन में आगे

मेलबर्न अमेरिकी स्टार कोको गॉफ ने ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 में अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए दूसरे दौर में प्रवेश कर लिया है। मेलबर्न के रॉड लेवर एरिना में 1 घंटे 39 मिनट तक चले मुकाबले में गॉफ ने उज्बेकिस्तान की कामिला राखीमोवा को सीधे सेटों में 6-2, 6-3 से हराया। इस जीत के साथ कोको गॉफ ने अपने करियर का 75वां ग्रैंड स्लैम मैच जीता और ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट्स में पहले राउंड का उनका रिकॉर्ड 23 जीत और 4 हार का हो गया। मैच के दौरान उनकी सर्विस पूरी तरह धारदार नहीं दिखी और उन्होंने सात डबल फॉल्ट किए, लेकिन उनकी रिटर्न गेम, कोर्ट कवरेज, और कंसिस्टेंसी ने उन्हें निर्णायक बढ़त दिलाई। पहले सेट में राखीमोवा ने संघर्ष करते हुए 2-5 पर सर्व करते समय तीन सेट पॉइंट बचाए और मुकाबले को खींचने की कोशिश की। इसके बावजूद गॉफ ने धैर्य नहीं खोया और एक बेहतरीन सर्व के जरिए पहला सेट अपने नाम किया। दूसरे सेट में उज्बेक खिलाड़ी ने लॉब और ड्रॉप शॉट्स का सहारा लेकर मैच में वापसी की कोशिश की, जिससे उन्हें दर्शकों का भी समर्थन मिला। हालांकि, गॉफ की निरंतरता और ताकतवर बेसलाइन खेल के सामने राखीमोवा ज्यादा देर टिक नहीं सकीं। दूसरे सेट में गॉफ ने 5-1 की मजबूत बढ़त बना ली। एक गेम में डबल फॉल्ट और कुछ गलतियों के कारण राखीमोवा को वापसी का हल्का सा मौका मिला, लेकिन अमेरिकी खिलाड़ी ने तुरंत ब्रेक हासिल करते हुए मैच का छठा ब्रेक अपने नाम किया और सीधे सेटों में जीत दर्ज कर ली। यह जीत गॉफ के ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब के इरादों को साफ तौर पर दर्शाती है। मैच के बाद गॉफ ने कहा कि वह पहले राउंड में खुद पर ज्यादा दबाव नहीं डालना चाहतीं और उनका एकमात्र लक्ष्य टूर्नामेंट जीतना है। उन्होंने यह भी माना कि एक मजबूत रिटर्नर होने का फायदा यह है कि लगभग हर सर्विस गेम में ब्रेक का मौका बनता है। दूसरे दौर में गॉफ का सामना लेफ्ट-हैंडेड सर्बियाई खिलाड़ी ओल्गा डैनिलोविच से होगा, जिन्होंने पहले दौर में सात बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन वीनस विलियम्स को तीन सेटों में हराया था।  

मैच के फैसलों पर बवाल, मेसी इवेंट से पहले रेफरी मामले में IFA सख्त

कोलकाता कोलकाता में अर्जेंटीना के फुटबॉल सुपरस्टार लियोनेल मेसी के इवेंट से पहले खेले गए एक फुटबॉल मैच को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। 13 दिसंबर को साल्ट लेक स्टेडियम (युवा भारती क्रीड़ांगन) में हुए इस मैच में रेफरी का काम करने वाले चार रेफरी अब जांच के दायरे में आ गए हैं। फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था इंडियन फुटबॉल एसोसिएशन (आईएफए) ने इन चारों रेफरी को अपनी आंतरिक अनुशासन कमिटी के सामने पेश होने के लिए बुलाया है। इन रेफरी पर आरोप है कि उन्होंने इंडियन फुटबॉल एसोसिएशन या कलकत्ता रेफरी एसोसिएशन से पूर्व अनुमति लिए बिना इस हाई-प्रोफाइल मैच में अंपायरिंग की। सूत्रों के मुताबिक, नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लिया गया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है। इंडियन फुटबॉल एसोसिएशन की अनुशासन कमिटी की बैठक 20 जनवरी को होने वाली है, जहां रेफरी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। यह मामला उस बड़े विवाद से जुड़ा है जो लियोनेल मेसी के कोलकाता दौरे के दौरान सामने आया था। मेसी के आगमन से पहले ही स्टेडियम खचाखच भर गया था और हजारों प्रशंसक अपने पसंदीदा फुटबॉलर की एक झलक पाने के लिए बेसब्र थे। हालांकि, मेसी के स्टेडियम में पहुंचते ही स्थिति बेकाबू हो गई। भीड़ फोटो लेने के लिए आगे बढ़ी, जिससे सुरक्षा व्यवस्था चरमरा गई। मेसी केवल 22 मिनट तक मैदान पर मौजूद रहे और इसके बाद स्टेडियम छोड़कर चले गए। उनके जाने के बाद हालात और बिगड़ गए। दर्शकों ने गुस्से में स्टेडियम के अंदर तोड़-फोड़ की। कुर्सियां और बोतलें मैदान में फेंकी गईं, गेट तोड़ दिए गए, और कई लोग पिच पर घुस गए। स्टेडियम की गैलरी और रेस्ट रूम में भी नुकसान की खबरें सामने आईं। इस घटना के बाद राज्य सरकार ने जांच कमेटी का गठन किया। इवेंट के आयोजक सतद्रु दत्ता को गिरफ्तार कर लिया गया और वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। इसके अलावा, अरूप ने राज्य के खेल मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, जबकि पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार समेत कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। मेसी के इवेंट से पहले खेले गए मोहन बागान और डायमंड हार्बर लेजेंड्स के बीच मैच में अंपायरिंग करने वाले ये चार रेफरी अब नियमों के उल्लंघन के आरोपों का सामना कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इंडियन फुटबॉल एसोसिएशन की जांच यह तय करेगी कि उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाएगी।  

वर्ल्ड कप में लॉटरी का मौका: बांग्लादेश आउट होने के बाद टीम को मिलेगा आश्चर्यजनक स्थान

नई दिल्ली टी20 वर्ल्ड कप शुरू होने में अब केवल दो हफ्ते का वक्त बचा है. लेकिन पिछले 3 हफ्ते से बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के बीच तनाव चरम पर है. बांग्लादेश लगातार भारत से अपने मैच श्रीलंका या पाकिस्तान में शिफ्ट कराने की जिद पर अड़ा है. लेकिन अब आईसीसी ने एक सख्त अल्टीमेटम बांग्लादेश को दे दिया है. आईसीसी ने साफतौर पर कह दिया है कि बांग्लादेश को टी20 वर्ल्ड कप के मैच भारत में ही खेलने होंगे. ICC ने बांग्लादेश को 21 जनवरी तक की अंतिम समय-सीमा दे दी है. ICC ने साफ कर दिया है कि अगर बांग्लादेश भारत आने से इनकार करता है, तो उसकी जगह दूसरी टीम को शामिल कर लिया जाएगा. यानी बांग्लादेश की वर्ल्ड कप से ही छुट्टी हो जाएगी. अब सवाल ये है कि अगर बांग्लादेश बाहर होता है तो फिर कौन सी टीम उसकी जगह खेल सकती है. इस टीम को मिलेगा मौका अगर बांग्लादेश ने आईसीसी की बात नहीं मानी तो फिर उसकी जगह स्कॉटलैंड को वर्ल्ड कप खेलने का मौका मिल जाएगा. दरअसल, आईसीसी टी20 रैंकिंग में बांग्लादेश 9वें नंबर पर है. इसके बाद अफगानिस्तान, आयरलैंड, जिम्बॉब्वे, और नीदरलैंड का नाम आता है. लेकिन ये सभी टीमें वर्ल्ड कप का हिस्सा हैं. इसके बाद 14वें नंबर पर स्कॉटलैंड का नाम आता है. यानी अगर बांग्लादेश बाहर हुआ तो फिर आईसीसी स्कॉटलैंड को चांस देगा. ICC का सब्र खत्म, टूर्नामेंट शुरू होने में सिर्फ 3 हफ्ते ESPNcricinfo की रिपोर्ट के मुताबिक, टूर्नामेंट की शुरुआत में अब सिर्फ तीन हफ्ते बचे हैं और ICC का सब्र जवाब दे चुका है. बांग्लादेश का पहला मुकाबला 7 फरवरी को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के खिलाफ होना है. इसके बाद 9 फरवरी को इटली के खिलाफ और 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ भी बांग्लादेश कोलकाता में ही खेलेगा. ग्रुप स्टेज का आखिरी मैच 17 फरवरी को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में नेपाल के खिलाफ होना तय है. शेड्यूल बदलना मुमकिन नहीं ICC का मानना है कि इतने कम समय में शेड्यूल बदलना लॉजिस्टिक्स, ब्रॉडकास्टिंग और टिकटिंग के लिहाज से नामुमकिन है, खासकर तब जब भारत में कोई ठोस सुरक्षा खतरा मौजूद नहीं है. बांग्लादेश के सभी प्रस्ताव ICC ने ठुकराए बांग्लादेश की ओर से दिया गया प्रस्ताव भी ICC ने खारिज कर दिया है. BCB ने सुझाव दिया था कि बांग्लादेश और आयरलैंड के ग्रुप आपस में बदल दिए जाएं, ताकि बांग्लादेश अपने सभी मैच श्रीलंका में खेल सके. हालांकि, क्रिकेट आयरलैंड ने साफ कर दिया है कि उसे अपने मैचों को लेकर “पक्की गारंटी” मिल चुकी है और उसके कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा. ICC का कहना है कि ग्रुप बदलने से ब्रॉडकास्टर्स, टिकट पार्टनर्स और बाकी टीमों के साथ बड़ा विवाद खड़ा हो जाएगा. सुरक्षा रिपोर्ट में भारत को लेकर कोई सीधा खतरा नहीं ICC द्वारा सभी 20 टीमों के साथ साझा की गई एक स्वतंत्र सुरक्षा रिपोर्ट में भारत को मीडियम टू हाई थ्रेट लेवल की कैटेगरी में रखा गया है, जो पहले के बड़े टूर्नामेंट्स जैसा ही है. सबसे अहम बात यह है कि इस रिपोर्ट में बांग्लादेश के लिए किसी खास या सीधे खतरे की पहचान नहीं की गई है. ICC यह बात कई बार BCB को समझा चुका है, लेकिन बांग्लादेश सरकार के समर्थन के चलते BCB अपने फैसले पर अड़ा हुआ है. अगर अगले 72 घंटों में बांग्लादेश अपना रुख नहीं बदलता है, तो लगभग तय है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 बांग्लादेश के बिना ही आगे बढ़ेगा.

न्यूज़ीलैंड से हार के बाद शुभमन गिल पर तंज, ‘कप्तानी सीखने के लिए स्कूल जाना होगा’ किस दिग्गज ने दी सलाह?

नई दिल्ली शुभमन गिल भारत के पहले ऐसे कप्तान बने हैं जिनकी अगुआई में टीम इंडिया को अपने ही घर में न्यूजीलैंड के हाथों किसी वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा है। रविवार को मेहमान टीम ने इंदौर में खेले गए सीरीज के तीसरे और निर्णायक मैच में भारत को 41 रन से शिकस्त देकर इतिहास रच दिया। पहली बार न्यूजीलैंड की किसी टीम ने भारत को उसी की सरजमीं पर वनडे सीरीज में शिकस्त दी। इस बीच एक क्रिकेट एक्सपर्ट और पूर्व क्रिकेटर ने शुभमन गिल की कप्तानी की गलतियां गिनाते हुए उन्हें स्कूल जाने और कप्तानी सीखने की सलाह दी है।   न्यूजीलैंड के हाथों भारत की वनडे होम सीरीज में पहली हार को लेकर पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर बासिल अली ने शुभमन गिल की कप्तानी पर तंज कसा है। अली ने अपने यूट्यूब शो 'द गेम प्लान' में तंजिया लहजे में कहा, ‘इसका श्रेय भारतीय कप्तान को जाता है, मिस्टर गिल और उनकी कप्तानी को। भारत हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह के बिना खेल रहा था। शमी को तो वे लोग चुन हीी नहीं रहे हैं। भारत की ताकत सिर्फ विराट कोहली और रोहित शर्मा पर आकर टिक गई है। राहुल ने दो मैचों में स्कोर किया लेकिन इस बार वह सस्ते में आउट हो गए। बाकी लोग क्या कर रहे थे?’ बासित ने आगे कहा, 'जब न्यूजीलैंड ने पहले ओडीआई में 300 प्लस का टारगेट लगभग हासिल ही कर लिया था तब उन्होंने अपना लक्ष्य तय कर लिया था। पेसर्स को छोड़ दें तो भारत के मुख्य गेंदबाज कौन हैं? कुलदीप यादव और रविंद्र जडेजा। आपके पास विशेषज्ञ गेंदबाज हैं लेकिन आपने उनसे पहले नीतीश रेड्डी से गेंदबाजी कराई। शुभमन गिल शान मसूद को कॉपी करने की कोशिश कर रहे थे। बस उन संदेशों को फॉलो करना जो ड्रेसिंग रूम से दिए जा रहे हैं। आपको शुरुआती सफलता की जरूरत थी। मैं उन्हें सैल्यूट करता हूं। स्कूल जाइए और कप्तानी सीखिए।' इंदौर में खेले गए सीरीज के आखिरी और निर्णायक मुकाबले में न्यूजीलैंड ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 8 विकेट के नुकसान पर 337 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। डेरिल मिचेल ने 137 और ग्लेन फिलिप्स ने 106 रन की शानदार पारियां खेलीं। जवाब में भारतीय टीम 26 ओवर में 296 रन पर ऑल आउट हो गई। इस तरह उसे 41 रन से हार का सामना करना पड़ा। न्यूजीलैं ने सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया। भारतीय सरजमीं पर उसकी ये पहले वनडे सीरीज जीत है। भारत की तरफ से विराट कोहली ने 124 रन की शानदार पारी खेली। इस दौरान उन्होंने 10 चौके और 3 छक्के जड़े। नीतीश कुमार रेड्डी ने 57 गेंद में 53 रन और हर्षित राणा ने 43 गेंद में 52 रन की पारी खेली। राणा ने अपने पहले ओडीआई अर्धशतक के दौरान 4 चौके और 4 छक्के जड़े।