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दुनिया की सबसे ऊंची Polo ट्रॉफी का अनावरण जयपुर में, 26 जनवरी से 1 फरवरी तक मुकाबले होंगे

 जयपुर    पोलो में अब तक की सबसे बड़ी ट्रॉफी का दावा करते हुए रविवार को जयपुर में Polo Cup 2026 की ट्रॉफी का अनावरण किया गया. करीब सात फीट ऊंची और लगभग 65 किलोग्राम वजनी इस ट्रॉफी को KogniVera ने राजस्थान पोलो क्लब के सहयोग से पेश किया. आयोजकों के मुताबिक यह ट्रॉफी न सिर्फ आकार में, बल्कि प्रतीकात्मकता के लिहाज से भी पोलो की विरासत और प्रतिष्ठा का नया मानदंड स्थापित करने का प्रयास है. इससे पहले चेन्नई में खेले जाने वाले कोलांका कप की छह फीट ऊंची ट्रॉफी को सबसे बड़ा माना जाता था. ट्रॉफी का अनावरण राजस्थान पोलो क्लब ग्राउंड में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पद्मनाभ सिंह की मौजूदगी में किया गया. कोलांका कप (चेन्नई) की छह फीट ऊंची ट्रॉफी के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यह विशाल ट्रॉफी खेल में आकार और प्रतीकात्मकता की नई परिभाषा स्थापित करती है, साथ ही पोलो की समृद्ध विरासत, उत्कृष्टता और महत्वाकांक्षा को दर्शाती है. Polo Cup 2026 को भारतीय पोलो कैलेंडर के प्रमुख आयोजनों में से एक बताया जा रहा है. टूर्नामेंट 26 जनवरी 2026 से शुरू होकर 1 फरवरी 2026 तक चलेगा. इस दौरान लीग और नॉकआउट प्रारूप में मुकाबले खेले जाएंगे. इसमें देश और विदेश के खिलाड़ियों तथा पोलो पोनीज की भागीदारी की संभावना जताई जा रही है. मैच जयपुर के विभिन्न पोलो मैदानों पर आयोजित होंगे. KogniVera IT Solutions के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी कमलेश शर्मा ने कहा कि पोलो एक ऐसा खेल है जो सटीकता, अनुशासन और टीमवर्क का प्रतीक है. उनके अनुसार दुनिया की सबसे बड़ी बताई जा रही इस ट्रॉफी को बनवाने के पीछे उद्देश्य नए मानक स्थापित करना और खेल की प्रतिष्ठा को सम्मान देना है. पद्मनाभ सिंह ने ट्रॉफी को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की और आयोजकों के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि यह ट्रॉफी टीमों के लिए प्रेरणादायक साबित हो सकती है. आयोजकों का मानना है कि यह आयोजन देश-विदेश के पोलो प्रेमियों, खेल पारखियों और सांस्कृतिक रुचि रखने वालों को आकर्षित करेगा, जिससे जयपुर की पहचान एक महत्वपूर्ण इक्वेस्ट्रियन केंद्र के रूप में और मजबूत होगी.

टी20 टीम में बदलाव: ऑस्ट्रेलिया ने घोषित की नई टीम, 5 खिलाड़ी बाहर

मेलबर्न  भारत और श्रीलंका में 7 फरवरी से शुरू होने वाले टी20 वर्ल्ड कप की आखिरी तैयारी के लिए ऑस्ट्रेलिया और पाकिस्तान तीन मैचों की टी20 सीरीज खेलने वाले हैं. जो 29 जनवरी से एक फरवरी के बीच पाकिस्तान में खेली जाएगी. ऑस्ट्रेलिया तीन मैचों के बाद पाकिस्तान से श्रीलंका चला जाएगा ताकि कोलंबो में आयरलैंड के खिलाफ पहले विश्व कप मैच की तैयारी कर सकें. टी20 वर्ल्ड कप से पहले इस महत्वपुर्ण सीरीज के लिए ऑस्ट्रेलिया ने अपने 17 खिलाड़ियों के स्क्वाड की घोषणा कर दी है. जिसमें बिग बैश लीग में शानदार प्रदर्शन करने वाले महली बियर्डमैन और जैक एडवर्ड्स को भी टीम में शामिल किया गया है. बियर्डमैन और एडवर्ड्स ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डेब्यू नहीं किया है, लेकिन वे दोनों भारत के दौरे के दौरान ऑस्ट्रेलिया की व्हाइट-बॉल टीमों का हिस्सा थे. बियर्डमैन पिछले साल भारत के खिलाफ टी20 टीम का हिस्सा थे, जबकि एडवर्ड्स कुछ समय के लिए वनडे टीम का हिस्सा थे. टी20 वर्ल्ड कप टीम के 5 खिलाड़ी बाहर खास बात ये है कि ऑस्ट्रेलिया के टी20 वर्ल्ड कप टीम के 10 खिलाड़ी पाकिस्तान जा रहे हैं. जबकि पांच खिलाड़ियों के इस सीरीज से बाहर रखा गया है. जिसमें नाथन एलिस, टिम डेविड, जोश हेजलवुड, ग्लेन मैक्सवेल और पैट कमिंस के नाम शामिल हैं, जो सीधा श्रीलंका में वर्ल्ड कप टीम में शामिल होंगे क्योंकि वे चोट से उबर रहे हैं, और वर्ल्ड कप के लिए उनके वर्कलोड को मैनेज किया जा रहा है. इस वजह से सीन एबॉट, बियर्डमैन, बेन ड्वार्शियस, एडवर्ड्स, मिच ओवेन, जोश फिलिप और मैट रेनशॉ टीम में शामिल हुए हैं. ऑस्ट्रेलिया के चीफ सिलेक्टर ने क्या कहा? ऑस्ट्रेलियाई टीम के चीफ सिलेक्टर जॉर्ज बेली ने कहा, 'यह सीरीज उन खिलाड़ियों के लिए एक शानदार मौका है जो सिलेक्शन के करीब हैं और कुछ युवा खिलाड़ी जिन्हें हम पाकिस्तान में वर्ल्ड कप ग्रुप के साथ कीमती अनुभव के लिए बहुत अहम मानते हैं. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि बिग बैश लीग (BBL) के बाकी मैचों में खेलने वाले खिलाड़ी टूर्नामेंट खत्म होने के बाद पाकिस्तान में टीम से जुड़ेंगे. ऑस्ट्रेलिया 29 जनवरी से 1 फरवरी के बीच लाहौर में तीन टी20 मैच खेलेगा, जिसके बाद 11 फरवरी को अपने टी20 वर्ल्ड कप के अभियान की शुरुआत करेगा. पाकिस्तान के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया की टी20 टीम मिशेल मार्श (कप्तान), सीन एबॉट, जेवियर बार्टलेट, महली बियर्डमैन, कूपर कॉनली, बेन ड्वारशुइस, जैक एडवर्ड्स, कैमरुन ग्रीन, ट्रेविस हेड, जोश इंग्लिस, मैथ्यू कुह्नमैन, मिच ओवेन, जोश फिलिप, मैथ्यू रेनशॉ, मैथ्यू शॉर्ट, मार्कस स्टोइनिस, एडम जम्पा. टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए ऑस्ट्रेलिया की टीम मिशेल मार्श (कप्तान), जेवियर बार्टलेट, कूपर कोनोली, पैट कमिंस, टिम डेविड, कैमरन ग्रीन, नाथन एलिस, जोश हेजलवुड, ट्रेविस हेड, जोश इंग्लिस, मैट कुहनेमैन, ग्लेन मैक्सवेल, मैथ्यू शॉर्ट, मार्कस स्टोइनिस, एडम जम्पा.  

NZ के खिलाफ खराब फॉर्म बना कारण? कोहली-रोहित के बाद अब रोहित के वनडे करियर पर संकट

 नई दिल्ली टीम इंडिया के लिए नए साल का आगाज बेहद निराशाजनक रहा है. 37 साल बाद न्यूजीलैंड की टीम ने भारत में पहली बार वनडे सीरीज अपने नाम की है. 3 मैचों की इस सीरीज में रोहित शर्मा का खराब फॉर्म चर्चा का विषय रहा. रविवार को सीरीज के निर्णायक मुकाबले में भी रोहित बड़ी पारी नहीं खेल सके. इस सीरीज में रोहित का बल्ला खामोश रहा. पहले दो मैचों में 26 और 24 रन बनाने के बाद तीसरे मैच में सिर्फ 11 रन बनाकर वह पवेलियन लौट गए. इस तरह, पांच महीने के लंबे वनडे ब्रेक से पहले रोहित शर्मा बिना कोई अर्धशतक लगाए इस फॉर्मेट से विदा हो गए. ऐसे में सोशल मीडिया पर हिटमैन के संन्यास को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. कई यूजर्स लिख रहे हैं कि शायद ये रोहित शर्मा का आखिरी वनडे हो और वो इस फॉर्मेट से भी संन्यास ले लें… रोहित शर्मा दिखे निराश रोहित ने पारी की शुरुआत काइल जेमीसन की गेंद पर शानदार कवर ड्राइव से की थी. लेकिन जैसे ही जेमीसन ने अपनी लाइन बदली और बाहर की गेंदें फेंकना बंद किया, रोहित को रन बनाने में परेशानी होने लगी और वह लय में नजर नहीं आए. तीनों मैचों में रोहित ने कुल 61 रन बनाए, उनका औसत 20.33 और स्ट्राइक रेट 76.25 रहा. यह प्रदर्शन उनके पिछले अंतरराष्ट्रीय दौरे से बिल्कुल उलट रहा, जहां उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों में 146 रन बनाए थे. क्या रोहित शर्मा ले रहे हैं संन्यास? सोशल मीडिया पर कई फैंस यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह रोहित शर्मा का आखिरी वनडे मैच था. अब रोहित सिर्फ एक ही फॉर्मेट खेल रहे हैं, ऐसे में उनकी फिटनेस और 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक खेलने की भूख को लेकर सवाल उठने लगे हैं. हालांकि, सीरीज के बाद कप्तान शुभमन गिल ने रोहित शर्मा का बचाव किया. उन्होंने कहा कि वे कितने अनुभवी खिलाड़ी हैं ये सभी को पता है. कोई भी खिलाड़ी हर मैच में रन नहीं बना सकता है. वो अच्छी लय में हैं बस अपनी पारी को कन्वर्ट नहीं कर पाए. लेकिन वो जल्द ही लय में होंगे.  फिलहाल भारत का अगला वनडे दौरा जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ होगा. उम्मीद है कि उस समय रोहित शर्मा और विराट कोहली एक बार फिर भारतीय टीम के लिए मैदान पर उतरेंगे. बता दें कि रविवार को इंदौर में खेले गए तीसरे वनडे में न्यूजीलैंड ने पहले बैटिंग करते हुए डेरिल मिचेल के शानदार शतक के दम पर भारत को जीत के लिए 338 रनों का लक्ष्य दिया था. लेकिन इसके जवाब में भारतीय टॉप ऑर्डर बिखर गया. कोहली ने शानदार शतक जरूर लगाया. लेकिन वो टीम को जीत नहीं दिला सके और भारतीय टीम 41 रन से हार गई. इस तरह सीरीज 2-1 से न्यूजीलैंड के नाम रही. 14 महीने पहले न्यूजीलैंड ने ही खत्म किया था कोहली-रोहित का करियर 'यह हार चुभेगी'… भारत के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने ये बात रविवार को कही जब न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को वनडे सीरीज हराया. इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए निर्णायक मुकाबले में शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम 338 रन का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई. भारत यह मैच 41 रन से हार गया और इसके साथ ही तीन मैचों की वनडे सीरीज भी 1–2 से गंवा बैठा.  डेढ़ साल में दूसरी बार भारत को मिली शर्मनाक हार पिछले डेढ़ साल में यह दूसरी बार है जब न्यूजीलैंड ने भारतीय क्रिकेट को आईना दिखाया है. साल 2024 में टॉम लैथम की कप्तानी में न्यूजीलैंड की टीम भारत आई थी और टेस्ट सीरीज में भारत को 3–0 से क्लीन स्वीप कर दिया था. यह न्यूजीलैंड क्रिकेट के इतिहास में पहली बार हुआ था. उस हार के बाद भारतीय क्रिकेट में बड़े बदलाव हुए. रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन की साख पर सवाल खड़े हुए और कुछ ही दिन बाद तीनों ने इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया. अब 14 महीने बाद न्यूजीलैंड ने फिर वही काम किया है लेकिन इस बार वनडे फॉर्मेट में. इस हार के बाद भी उठेंगे कई सवाल भारतीय क्रिकेट में घरेलू सीरीज की हार अक्सर सिर्फ मैच तक सीमित नहीं रहती. यह हार भी अलग नहीं होगी. शायद और ज्यादा असर डाले, क्योंकि भारत अब अगले पांच महीनों तक कोई वनडे मैच नहीं खेलेगा. यह समय आत्ममंथन के लिए काफी है. और फैसलों के लिए भी. 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी शुरू हो चुकी है. ऐसे में सबसे पहले नजर सीनियर खिलाड़ियों पर ही जाएगी.  कीमत कौन चुकाएगा? विराट कोहली फिलहाल सुरक्षित नजर आते हैं. पिछले तीन महीनों में उन्होंने अपने खेलने के अंदाज में बदलाव किया है और आधुनिक वनडे क्रिकेट के हिसाब से खुद को ढाला है. रोहित शर्मा के लिए राह इतनी आसान नहीं दिखती.  यह भी पढ़ें: रोहित शर्मा वनडे से भी लेने जा रहे संन्यास? न्यूजीलैंड के खिलाफ फ्लॉप शो के बाद उठे सवाल भारत की मौजूदा वनडे टीम में 36 साल से ऊपर के सिर्फ तीन खिलाड़ी हैं. कोहली- रोहित और रवींद्र जडेजा. कोहली सुरक्षित हैं. रोहित के साथ उनका लंबा प्रभावी करियर है. लेकिन जडेजा पर गाज गिर सकती है. जडेजा का बेहद खराब सीरीज प्रदर्शन आंकड़े भी इसी ओर इशारा करते हैं. जडेजा पूरी सीरीज में एक भी विकेट नहीं ले पाए. यह 2017 के बाद पहली बार हुआ जब वह लगातार तीन वनडे मैचों में विकेट नहीं निकाल सके. बल्ले से भी उनका योगदान बेहद कमजोर रहा. निर्णायक मुकाबले में, जब विराट कोहली को दूसरे छोर से सहारे की जरूरत थी, जडेजा ने गैर-जरूरी शॉट खेलकर अपना विकेट गंवा दिया. हैरानी की बात यह रही कि निचले क्रम के बल्लेबाज हर्षित राणा ने उनसे बेहतर बल्लेबाजी की छाप छोड़ी. Advertisement जडेजा की सबसे बड़ी ताकत फील्डिंग में भी गिरावट दिखी. निर्णायक मैच में उन्होंने पॉइंट पर एक आसान कैच भी छोड़ दिया. अलग-अलग देखें तो ये छोटी गलतियां लग सकती हैं, लेकिन मिलाकर देखें तो यह गिरावट की कहानी कहती हैं. यह भी पढ़ें: पहले टेस्ट अब ODI, गंभीर युग में एक और शर्मनाक रिकॉर्ड… न्यूजीलैंड ने 37 साल, 7 ODI सीरीज का सूखा किया खत्म ये … Read more

शूटिंग के दिग्गज आज दिखाएंगे कमाल, नेशनल ट्रायल्स दिल्ली में शुरू

नई दिल्ली भारतीय घरेलू शूटिंग सीजन सोमवार को शुरू होने जा रहा है। दिल्ली स्थित डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में 19 से 25 जनवरी तक नेशनल सिलेक्शन ट्रायल्स होंगे। इसमें देश के टॉप राइफल और पिस्टल शूटर शामिल होंगे। पुरुषों और महिलाओं के लिए खास 50 मीटर राइफल प्रोन इवेंट होंगे। पहले दिन दो टी1 प्रोन फाइनल होंगे। पुरुषों के 25 मीटर रैपिड-फायर पिस्टल टी1 क्वालिफिकेशन का पहला दिन होगा। पुरुषों के रैपिड-फायर पिस्टल इवेंट में सबसे कम प्रतिभागी हैं, जिसमें ओलंपियन और वर्ल्ड चैंपियनशिप सिल्वर मेडलिस्ट अनीश भानवाला सहित भारत के लगभग एक दर्जन टॉप प्रतियोगी शामिल हैं। डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में हिस्सा लेने वाले अन्य टॉप शूटरों में पुरुषों के 10 मीटर एयर पिस्टल में मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन सम्राट राणा, डबल ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट मनु भाकर और उनके साथी पेरिस ओलंपिक ब्रॉन्ज मेडलिस्ट स्वप्निल कुसाले और सरबजोत सिंह, जो पुरुषों के एयर पिस्टल प्रतियोगिता में भी हिस्सा ले रहे हैं, शामिल होंगे। पूर्व मिक्स्ड टीम वर्ल्ड चैंपियन और पिछले साल की व्यक्तिगत वर्ल्ड चैंपियनशिप ब्रॉन्ज मेडलिस्ट ईशा सिंह, मनु भाकर के साथ महिलाओं के दोनों पिस्टल इवेंट्स में हिस्सा लेंगी। इसके अलावा, 10 मीटर एयर राइफल के पूर्व वर्ल्ड चैंपियन रुद्रांक्ष बालासाहेब पाटिल पुरुषों के दोनों राइफल इवेंट्स में हिस्सा लेंगे। वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडलिस्ट अंजुम मौदगिल, मेहुली घोष और अखिल श्योरान के अलावा, प्रतिभागी महिलाएं एयर राइफल और 3पी इवेंट्स में भी हिस्सा लेंगी। इसमें वर्ल्ड नंबर दो और वर्ल्ड कप फाइनल की विजेता सुरुचि फोगाट एयर पिस्टल इवेंट ट्रायल्स का मुख्य आकर्षण रहेंगी। नेशनल ट्रायल्स में ग्रुप A के नए खिलाड़ी शामिल होंगे जिन्होंने हाल ही में अच्छा प्रदर्शन किया है और एलीट लेवल पर पहुंचे हैं। पुरुषों के पिस्टल इवेंट में जोनाथन गेविन एंटनी, पुरुषों और महिलाओं के 3पी में क्रमशः एड्रियन कर्माकर और मोहित संधू और पुरुषों के रैपिड फायर पिस्टल में सूरज शर्मा जैसे प्रतियोगियों से अनुभवी सितारों को चुनौती देने की उम्मीद है। अनुभवी निशानेबाजों में, ओलंपियन और पूर्व एशियाई खेलों की चैंपियन रही सरनोबत महिलाओं के दोनों पिस्टल इवेंट्स में हिस्सा लेंगी। उनके साथ एशियाई खेलों में कांस्य पदक विजेता ओएनजीसी की श्वेता सिंह भी रहेंगी। इसके अलावा नौसेना के ओमकार सिंह और गुजरात की लज्जा गोस्वामी जैसे जाने-माने एथलीट भी होंगे, जो दो दशकों से भारत और जूनियर इंडिया टीमों का हिस्सा रहे हैं और इस खेल में प्रमुख बने हुए हैं। नए साल के पहले हफ्ते में 68वीं नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता खत्म होने के साथ ही टॉप निशानेबाज, खासकर वे जो स्कोर के मामले में नेशनल में जगह नहीं बना पाए, वे मजबूत वापसी करने की कोशिश करेंगे, क्योंकि इंटरनेशनल सीजन मार्च में खत्म होकर फिर अप्रैल में शुरू होगा और भारतीय टीम में जगह बनाने की होड़ तेज हो जाएगी। 2026 की पहली नेशनल टीम के लिए क्वालिफाई करने के लिए शुरुआती दो ट्रायल्स के स्कोर जरूरी हैं। टॉप निशानेबाज अपने कौशल का आकलन करने और सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने के लिए शुरुआती प्रमुख इंटरनेशनल इवेंट्स में प्रतिस्पर्धा करना चाहेंगे। यह तैयारी साल के दूसरे व्यस्त हिस्से से पहले महत्वपूर्ण है, जिसमें एशियाई खेल और विश्व चैंपियनशिप शामिल हैं।

किंग कोहली का नया रिकॉर्ड: 85वें शतक के साथ रिकी पोंटिंग को पछाड़ा

इंदौर इंदौर के होलकर स्टेडियम में विराट कोहली ने वनडे करियर का 54वां और इंटरनेशनल करियर का 85वां शतक जड़ दिया। इस शतक की बदौलत उन्होंने रिकी पोंटिंग का एक बड़ा रिकॉर्ड भी ध्वस्त कर दिया। वह न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। कोहली ने 92 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। इस दौरान उन्होंने अपनी पारी में 8 चौके और 2 छक्के लगाए। वीरेंद्र सहवाग और रिकी पोंटिंग ने न्यूजीलैंड के खिलाफ 6-6 शतक लगाए हैं। इंदौर में खेले गए तीसरे वनडे में कोहली तीसरे वनडे में कोहली ने शतक जड़ इन दोनों को पीछे छोड़ दिया। अब न्यूजीलैंड के खिलाफ विराट कोहली के वनडे में कुल 7 शतक हो गए हैं। इस लिस्ट में सचिन तेंदुलकर और सनथ जयसूर्या भी शामिल हैं, जिनके नाम 5-5 शतक दर्ज हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे ज्यादा वनडे शतक     7 – विराट कोहली (36 पारी)*     6 – रिकी पोंटिंग (50 पारी)     6 – वीरेंद्र सहवाग (23 पारी)     5 – सचिन तेंदुलकर (41 पारी)     5 – सनथ जयसूर्या (45 पारी)   शतकों की बात की जाए तो विराट कोहली वनडे क्रिकेट इतिहास में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं। उन्होंने अब तक 54 शतक अपने नाम किए हैं। विराट कोहली ने टेस्ट क्रिकेट में 30 शतक लगाए हैं, जबकि टी20 फॉर्मेट में उनके नाम एक शतक दर्ज है। विराट कोहली अब तक वनडे क्रिकेट में 14,800 से ज्यादा रन बना चुके हैं। इस फॉर्मेट में उनका औसत लगभग 60 का है, जबकि स्ट्राइक रेट 94 के आसपास रहा है। कोहली वनडे क्रिकेट में 170 छक्के भी जड़ चुके हैं। साल 2008 में श्रीलंका के खिलाफ डेब्यू करने वाले विराट कोहली अब तक भारत के लिए 312 वनडे मैच खेल चुके हैं। इनमें से 300 पारियों में उन्होंने बल्लेबाजी की है और इस दौरान वह 48 बार नाबाद भी रहे हैं। विराट कोहली 18 बार वनडे क्रिकेट में शून्य पर आउट हो चुके हैं। उनके नाम वनडे क्रिकेट में 78 अर्धशतक भी दर्ज हैं। विराट कोहली का वनडे क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर 183 रन है, जो उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ बनाया था।

साई ने 26 खेलों में 323 सहायक कोच पद के लिए मांगे आवेदन

नई दिल्ली स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) ने कोचिंग और एथलीट सपोर्ट में भारत के मानव संसाधन को मजबूत करने के लिए कई खेलों में नियमित तौर पर सहायक कोच की सीधी भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत की है। इसके तहत साई ने शुक्रवार को 26 खेलों में 323 सहायक कोच के पदों को भरने के लिए योग्य भारतीय नागरिकों से आवेदन मांगे। युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर लिखा, "कोई भी कोच जो सबसे ऊंचे लेवल पर आगे बढ़ना, योगदान देना और बेहतरीन प्रदर्शन करना चाहता है, उसके लिए साई से बेहतर कोई संस्थान नहीं है।" उन्होंने लिखा, "यह एक बेमिसाल इकोसिस्टम देता है जहां कोचिंग को स्पोर्ट्स साइंस, हाई-परफॉर्मेंस इंफ्रास्ट्रक्चर, लगातार कैपेसिटी बिल्डिंग, और राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष एथलीटों के संपर्क से सपोर्ट मिलता है।" असिस्टेंट कोच का पद कोच कैडर के ग्रुप 'बी' में एंट्री-लेवल का रोल है। सहायक कोच को अलग-अलग क्षेत्रीय केंद्रों, नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, या पूरे भारत में प्रशिक्षण केंद्रों पर नियुक्त किया जाएगा। उन्हें लेवल 6 के अनुसार सैलरी और भत्ते मिलेंगे। साई ने जिन कैटेगरी में सहायक कोच पद के लिए आवेदन मांगे हैं, वे एथलेटिक्स (28), आर्चरी (12), बैडमिंटन (16), बास्केटबॉल (12), मुक्केबाजी (19), कैनोइंग (7), साइकिलिंग (12), फेंसिंग (11), फील्ड हॉकी (13), फुटबॉल (12), जिम्नास्टिक (12), हैंडबॉल (6), जूडो (6), कबड्डी (6), खो-खो (2), रोइंग (11), सेपक टकराव (3), निशानेबाजी (28), तैराकी (26), टेबल टेनिस (14), ताइक्वांडो (11), टेनिस (8), वॉलीबॉल (10), वेटलिफ्टिंग (10), रेसलिंग (22), और वुशु (6) हैं। पदों की नियुक्ति में भारत सरकार की आरक्षण नीति लागू होगी। हर कैटेगरी में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण शामिल है। जरूरी योग्यता या तो साई एनएसएनआईएस, पटियाला, या किसी दूसरी मान्यता प्राप्त भारतीय या विदेशी यूनिवर्सिटी से डिप्लोमा या उसके बराबर का कोचिंग सर्टिफिकेट है। इसके अलावा, जिन कैंडिडेट ने ओलंपिक, पैरालिंपिक, एशियन गेम्स, या वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लिया है, और जिनके पास संबंधित कोचिंग सर्टिफिकेट है, वे भी सक्षम हैं। कोच की चयन प्रक्रिया दो आधार पर होगी। पहली ऑनलाइन कंप्यूटर-आधारित लिखित परीक्षा होगी और इसके बाद एक कोचिंग दक्षता टेस्ट होगा। साई भर्ती नियमों के अनुसार, कैंडिडेट ग्रुप ए में अगले ग्रेड में प्रमोशन के लिए योग्य हैं। इसमें कोच, सीनियर कोच, मुख्य कोच और बाद में हाई-परफॉर्मेंस कोच शामिल हैं। चुने गए कैंडिडेट को पूरे भारत में कहीं भी नियुक्त किया जा सकता है। उनके अनुभव को पूरे भारत में मान्यता दी जाएगी।

आज से अगले 5 महीने तक रोहित और कोहली नहीं खेलेंगे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट, वजह खुली

नई दिल्ली इंदौर में आज यानी रविवार 18 जनवरी को जब भारतीय टीम न्यूजीलैंड के खिलाफ 3 मैचों की वनडे इंटरनेशनल सीरीज का आखिरी मुकाबला खेलने उतरेगी तो सभी की निगाहें एक बार फिर से रोहित शर्मा और विराट कोहली पर टिकी होंगी। ऐसा इसलिए है, क्योंकि अगले 5 महीने तक रो-को यानी रोहित और कोहली एक साथ एक टीम के लिए क्रिकेट खेलते हुए आपको मैदान पर नजर नहीं आएंगे। अगर आप भी इन दो महान खिलाड़ियों के फैन हैं तो इसके पीछे की वजह भी जान लीजिए कि आखिर क्यों दोनों 5 महीने तक इंटरनेशनल क्रिकेट से दूर रहने वाले हैं। दरअसल, रोहित शर्मा और विराट कोहली इस समय सिर्फ वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में एक्टिव हैं। टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट वे जून 2024 में टी20 वर्ल्ड कप फाइनल जीतने के बाद अलविदा कह चुके हैं, जबकि टेस्ट क्रिकेट को उन्होंने आईपीएल 2025 के दौरान अलविदा कह दिया था। ऐसे में सिर्फ एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ही विराट कोहली और रोहित शर्मा साथ में खेल रहे हैं। चूंकि, आज यानी 18 जनवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाला मैच भारतीय क्रिकेट टीम का वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में जून के मध्य तक आखिरी वनडे इंटरनेशनल मैच है तो विराट और रोहित का भी ये अगले 5 महीने के लिए आखिरी इंटरनेशनल मैच होगा। टीम इंडिया इसके बाद टी20 सीरीज खेलेगी और फिर टी20 वर्ल्ड कप खेलेगी, जहां दोनों खेल नहीं सकते हैं। वहीं, इसके बाद टीम इंडिया के सभी खिलाड़ी आईपीएल 2026 में व्यस्त हो जाएंगे, जो मई के आखिर तक चलेगा। आईपीएल में विराट कोहली और रोहित शर्मा खेलेंगे, लेकिन दोनों अलग-अलग टीमों का हिस्सा हैं तो साथ में एक टीम में नजर नहीं आएंगे। हालांकि, जब मुंबई इंडियंस वर्सेस रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु मैच होगा तो साथ में एक ही मैदान पर आपको जरूर मिल सकते हैं। टीम इंडिया की अगली वनडे सीरीज अब जून के तीसरे सप्ताह में शुरू होगी, जो अफगानिस्तान के खिलाफ 3 मैचों की वनडे सीरीज है। उस सीरीज में फिर से इन दोनों दिग्गजों को हम साथ में देखेंगे। इसके बाद फिर वनडे विश्व कप 2027 तक ये दोनों खिलाड़ी करीब दो दर्जन इंटरनेशनल मैच खेल सकते हैं।  

पाकिस्तान के खिलाड़ियों और अधिकारियों के भारत वीजा मामले में नई जानकारी, टी20 वर्ल्ड कप में होगी भागीदारी तय?

नई दिल्ली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने भारत में होने वाले T20 वर्ल्ड कप में भाग लेने वाले पाकिस्तान मूल के सभी 42 खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए वीजा संबंधी औपचारिकताओं को सुविधाजनक बनाने के लिए कदम उठाया है। इंग्लैंड की टीम में पाकिस्तानी मूल के क्रिकेटरों में स्पिनर आदिल राशिद, रेहान अहमद और तेज गेंदबाज साकिब महमूद शामिल हैं। अमेरिका की टीम में अली खान और शायन जहांगीर तथा नीदरलैंड की टीम में जुल्फिकार साकिब जैसे पाकिस्तानी मूल के कुछ खिलाड़ी शामिल हैं।   पीटीआई को पता चला है कि इंग्लैंड के खिलाड़ियों राशिद, रेहान और साकिब के वीजा आवेदन पहले ही मंजूर किए जा चुके हैं। नीदरलैंड की टीम के सदस्यों और कनाडा के सहयोगी स्टाफ के सदस्य शाह सलीम जफर को भी वीजा मिल चुका है। संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका, इटली, बांग्लादेश और कनाडा की टीम में शामिल पाकिस्तानी राष्ट्रीयता या पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए वीजा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया चल रही है। इन टीमों के लिए वीजा उपलब्ध कराने के लिए जरूरी कार्यवाही के लिए अगले सप्ताह की तिथि नियत कर दी गई है जिससे संकेत मिलता है कि प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रतिभागियों के लिए वीजा जारी करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी है। सहयोगी और पूर्ण सदस्य देशों में पाकिस्तानी मूल के खिलाड़ियों के प्रतिनिधित्व को देखते हुए इस प्रक्रिया में तेजी को एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखा जा रहा है। आईसीसी की इस प्रक्रिया में कई टीमों के क्रिकेटर, अधिकारी और स्टैंडबाय खिलाड़ी शामिल हैं, जिससे पता चलता है कि वर्ल्ड क्रिकेट की सर्वोच्च संस्था अंतिम समय में होने वाली किसी तरह की जटिलता से बचना चाहती है। आईसीसी इसके लिए विभिन्न देशों के कई शहरों में स्थित भारतीय उच्चायोगों के साथ लगातार संपर्क में है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी खिलाड़ियों और अधिकारियों के वीजा आवेदनों को बिना किसी अड़चन के निपटाया जाए। आईसीसी को आश्वासन मिला है कि लंबित मामलों को निर्धारित समय सीमा के भीतर सुचारू रूप से निपटाया जाएगा। टी20 विश्व कप सात फरवरी से शुरू होगा और आईसीसी को विश्वास है कि तब तक सभी तरह की प्रक्रियाएं पूरी कर ली जाएंगी। पाकिस्तान मूल के भारतीय वीजा आवेदकों की गहन जांच की जा रही है और इसलिए प्रक्रिया में सामान्य से अधिक समय लग रहा है।  

सीरीज का तीसरा मैच: इंदौर वनडे में अर्शदीप के बाद हर्षित का कहर, न्यूजीलैंड के दोनों ओपनर ढेर

इंदौर भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला इंदौर को होलकर स्टेडियम में खेला जा रहा है। भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया। भारत की शुरुआत अच्छी रही है। टीम में एक बदलाव भी देखने को मिला है। प्रसिद्ध कृष्णा की जगह अर्शदीप सिंह को चुना गया है। न्यूजीलैंड की टीम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। भारतीय टीम ने वडोदरा में सीरीज का पहला मैच जीता था, लेकिन राजकोट में दूसरे मुकाबले में न्यूजीलैंड की टीम ने दमदार वापसी करते हुए सीरीज बराबर की। भारतीय टीम मार्च 2019 के बाद अपने घरेलू मैदान पर कोई द्विपक्षीय वनडे सीरीज नहीं हारी है। ऑस्ट्रेलिया ने उस समय 0-2 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए भारत को 3-2 से हराया था। ऐसे में इस रिकॉर्ड को बरकरार रखने के लिए शुभमन गिल के नेतृत्व वाली टीम को मैच में तीनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। कॉनवे बने हर्षित का शिकार डेवन कॉनवे को हर्षित राणा ने पवेलियन भेज दिया। हर्षित राणा ने रोहित शर्मा के हाथों डेवन कॉनवे को आउट किया। इस तरह दोनों ओपनर 7 गेंदों के भीतर पवेलियन लौट गए। हेनरी निकोलस को अर्शदीप ने बोल्ड किया हेनरी निकोलस को पहले ही ओवर में अर्शदीप सिंह ने क्लीन बोल्ड कर दिया। वे पहली गेंद का सामना कर रहे थे और पवेलियन लौट गए। भारत का खाता पहले ही ओवर में खुल गया।

इंदौर में टीम इंडिया ने जीता टॉस, कीवी टीम के सामने लिया अहम निर्णय

इंदौर भारत और न्यूजीलैंड के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और निर्णायक मुकाबला इंदौर को होलकर स्टेडियम में खेला जा रहा है। भारतीय टीम के कप्तान शुभमन गिल ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया है। टीम में एक बदलाव भी देखने को मिला है। प्रसिद्ध कृष्णा की जगह अर्शदीप सिंह को चुना गया है। न्यूजीलैंड की टीम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। भारतीय टीम ने वडोदरा में सीरीज का पहला मैच जीता था, लेकिन राजकोट में दूसरे मुकाबले में न्यूजीलैंड की टीम ने दमदार वापसी करते हुए सीरीज बराबर की। भारतीय टीम मार्च 2019 के बाद अपने घरेलू मैदान पर कोई द्विपक्षीय वनडे सीरीज नहीं हारी है। ऑस्ट्रेलिया ने उस समय 0-2 से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए भारत को 3-2 से हराया था। ऐसे में इस रिकॉर्ड को बरकरार रखने के लिए शुभमन गिल के नेतृत्व वाली टीम को मैच में तीनों विभाग में अच्छा प्रदर्शन करना होगा। भारतीय टीम के लिए चुनौती न्यूजीलैंड, स्पिनरों के खिलाफ मिडिल ओवर (11-40) फेज में फुल-मेंबर टीमों में सबसे अच्छी बैटिंग साइड रही है, जिसमें उन्होंने सबसे कम विकेट गंवाए, उनका बैटिंग एवरेज सबसे अच्छा है, उनका रन रेट (इंग्लैंड के बाद) दूसरा सबसे अच्छा है, और इस वर्ल्ड कप साइकिल में उन्होंने सबसे कम डॉट परसेंटेज खेला है।