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इंदौर का होलकर स्टेडियम: 20 साल में 7 मैचों में 7 जीत, न्यूजीलैंड के खिलाफ टीम इंडिया की अपराजेय फॉर्म

इंदौर  साल 2006 से लेकर 2023 के बीच इंदौर के होलकर स्टेड‍ियम में कुल 7 वनडे मुकाबले हुए हैं. अब एक और मुकाबला होना है, जो रव‍िवार (18 जनवरी 2026) को है. भारत और न्यूजीलैंड के बीच यह मुकाबला 'ड‍िसाइडर वनडे' है. क्योंकि जो भी टीम जीती वो सीरीज अपने नाम करेगी. लेकिन इंदौर का यह मैदान भारतीय टीम के ल‍िए 20 सालों के दरम्यान सुपरलकी रहा है. वजह यह है कि भारतीय टीम कभी भी यहां कोई वनडे मुकाबला नहीं हारी है. यानी यहां टीम इंड‍िया का क‍िला अभेद्य है. कुल मिलाकर यहां हमारी टीम का राज चलता है. 3 वनडे मैचों की सीरीज में वडोदरा में भारतीय टीम 4 विकेट से जीती, इसके बाद राजकोट में न्यूजीलैंड की टीम ने 7 विकेट से जीत दर्ज की. अब सीरीज 1-1 से बराबर है. यानी अब अब सब कुछ रव‍िवार को तय हो जाएगा.  इत‍िहास के पन्ने खंगाले जाएं तो इंदौर का होलकर क्रिकेट स्टेडियम भारतीय क्रिकेट टीम के लिए हमेशा से लकी वेन्यू साबित हुआ है. यहां खेले गए वनडे मुकाबलों में भारत ने अब तक एक भी मैच नहीं हारा है. साल 2006 से लेकर 2023 तक यहां कुल 7 वनडे मैच खेले गए, और सभी में टीम इंडिया को जीत मिली. इस शानदार सिलसिले की शुरुआत 15 अप्रैल 2006 को इंग्लैंड के खिलाफ हुई, जब भारत ने 7 विकेट से मुकाबला अपने नाम किया. इसके बाद 2008 में इंग्लैंड को ही 54 रन से हराया गया. साल 2011 में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत ने 153 रन की बड़ी जीत दर्ज की, जो इस मैदान पर अब तक की सबसे बड़ी जीतों (रनों के ल‍िहाज) से एक है. 2015 में साउथ अफ्रीका जैसी मजबूत टीम को भी भारत ने 22 रन से शिकस्त दी. 2017 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 5 विकेट से जीत दर्ज की गई, जबकि 2023 में न्यूजीलैंड को 90 रन से हराकर भारतीय टीम ने अपनी दबदबा कायम रखा. इस मैदान पर सबसे हालिया मुकाबला भारतीय टीम ने 24 सितंबर 2023 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेला था, जिसमें भारत ने 99 रन से शानदार जीत हासिल की. इस मैच में भारतीय बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों ने दमदार प्रदर्शन किया. भारत ने यहां 5 मुकाबले पहले बल्लेबाजी करते हुए तो 2 मुकाबले रनचेज करते हुए जीते हैं. यही वजह है कि इंदौर का यह मैदान टीम इंडिया के लिए एक “अटूट क‍िला” बन चुका है. इंदौर में हुए वनडे मुकाबलों में भारतीय टीम कप प्रदर्शन      24 सितंबर 2023 : भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 99 रन से हराया (ODI -4654)     24 जनवरी 2023 : भारत ने न्यूज़ीलैंड को 90 रन से हराया (ODI -4511)     24 सितंबर 2017 : भारत ने ऑस्ट्रेलिया को 5 विकेट से रौंदा (ODI -3914)     14 अक्टूबर 2015 : भारत ने साउथ अफ्रीका को 22 रन से हराया (ODI -3692)     8 दिसंबर 2011 : भारत ने वेस्टइंडीज को 153 रन से रौंदा (ODI -3223)     17 नवंबर 2008 : भारत ने इंग्लैंड को 54 रन से दी श‍िकस्त (ODI -2777)     15 अप्रैल 2006 : भारत ने इंग्लैंड को 7 विकेट से हराया (ODI -2362) इंदौर में वनडे में सबसे ज्यादा रन किसने बनाए?  इंदौर के होलकर स्टेड‍ियम में वनडे में सबसे ज्यादा रन वीरेंद्र सहवाग के नाम है. उन्होंने 2 मैचों में 220 रन बनाए हैं, इसमें उनका रिकॉर्ड 219 रन वाला दोहरा शतक भी शामिल हैं. मौजूदा वनडे कप्तान शुभमन गिल का बल्ला भी यहां गरजा है और उन्होंने 2 मैचों में 216 रन बनाए हैं, दोनों ही बार उनका शतक आया है. रोहित शर्मा ने यहां 5 मैचों की 5 पार‍ियों में 205 रन बनाए हैं, इसमें उनका एक शतक शामिल है. वहीं न्यूजीलैंड के डेवॉन कॉन्वे ने यहां एक मुकाबला खेला है, जिसमें उन्होंने 138 रन बनाए हैं.  श्रेयस अय्यर ने भी यहां एक मैच खेला है और शतक जड़ते हुए 105 रन बनाए हैं. विराट कोहली के आंकड़ें यहां चिंताजनक हैं, उन्होंने यहां 4 मुकाबलों में महज 99 रन बनाए हैं, ऐसे में वो इस रिकॉर्ड को सही करना चाहेंगे.  इंदौर के होलकर स्टेड‍ियम से जुड़े द‍िलचस्प आंकड़े  -एस श्रीसंत का सर्वश्रेष्ठ वनडे गेंदबाजी प्रदर्शन 6/55 यहीं आया था.  -इस मैदान पर एक पारी में सबसे बड़ा स्कोर 418/5 है. जो साल 2011 में भारत ने वेस्टइंडीज के ख‍िलाफ बनाया. यही भारत का वनडे में सर्वश्रेष्ठ टीम स्कोर है.  – इस मैदान पर किसी टीम का सबसे कम स्कोर 217 है, जो ऑस्ट्रेल‍िया ने साल 2023 में बनाया था.  भारत vs न्यूजीलैंड H2H कुल ODI मैच: 122      भारत ने जीते: 63     न्यूजीलैंड ने जीते: 51  बेनतीजा: 7 टाई: 1 भारत vs न्यूजीलैंड H2H (भारत में)  कुल ODI मैच: 42 भारत ने जीते: 32     न्यूजीलैंड ने जीते: 9     बेनतीजा: 1 भारत vs न्यूजीलैंड ODI सीरीज का शेड्यूल  11 जनवरी: पहला वनडे, वडोदरा (भारत 4 विकेट से जीता)  14 जनवरी: दूसरा वनडे, राजकोट (न्यूजीलैंड 7 विकेट से जीता) 18 जनवरी: तीसरा वनडे, इंदौर 

श्रेयस अय्यर का टी20 टीम में अचानक चयन, जानिए इसके पीछे के 3 कारण

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने शुक्रवार, 16 जनवरी को इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड टी20 सीरीज के स्क्वॉड में कुछ बदलाव की घोषणा की। वॉशिंगटन सुंदर चोट के चलते पूरी सीरीज से बाहर हो गए हैं, जिसकी वजह से रवि बिश्नोई को चुना गया है। वहीं तिलक वर्मा सर्जरी के चलते 5 मैच की इस सीरीज के पहले तीन मैचों में हिस्सा नहीं ले पाएंगे। उनकी जगह न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले तीन मुकाबलों के लिए श्रेयस अय्यर को चुना गया है। श्रेयस अय्यर का नाम थोड़ा हैरान कर देने वाला है क्योंकि उन्होंने भारत के लिए आखिरी टी20 मैच 2023 में खेला था। ऐसे में अचानक उनकी टीम इंडिया में एंट्री कैसे हुई। पहला कारण– चयनकर्ता और टीम मैनेजमेंट ने श्रेयस अय्यर को एक लीडर के रूप में देखना शुरू कर दिया है। उन्हें वनडे टीम का उप-कप्तान बनाया गया है। अय्यर का आईपीएल और डोमेस्टिक क्रिकेट में बतौर कप्तान रिकॉर्ड काफी शानदार रहा है। ऐसे में अगर अय्यर टी20 सेटअप में भी अपनी जगह बना लेते हैं तो टीम को इससे फायदा मिलेगा। फिलहाल टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव और उप-कप्तान अक्षर पटेल हैं। सूर्या 35 साल के हैं और इस टी20 वर्ल्ड कप के बाद भारत नए लीडर की तरफ अपने कदम बढ़ा सकता है। ऐसे में अय्यर एक बेहतरीन विकल्प हैं। दूसरा कारण– तिलक वर्मा की गैरमौजूदगी का असर भारत के मिडिल ऑर्डर पर पड़ता। ऐसे में श्रेयस अय्यर उनके लाइक टू लाइक रिप्लेसमेंट साबित हो सकते हैं। अय्यर मिडिल ऑर्डर में ही बल्लेबाजी करते हैं, उन्हें नंबर-3 और 4 पर बैटिंग करने का अच्छा खासा अनुभव है। तिलक वर्मा के बैकअप के रूप में भी भारत श्रेयस अय्यर को तैयार कर सकता है। अगर किसी कारण की वजह से तिलक वर्मा टी20 वर्ल्ड कप तक पूरी तरह फिट नहीं हो पाते तो बीसीसीआई श्रेयस अय्यर को उनकी जगह स्क्वॉड में चुन सकता है। तीसरा कारण– श्रेयस अय्यर इस समय गजब की फॉर्म में हैं, चाहे फॉर्मेट वनडे का हो या टी20 का। डोमेस्टिक से लेकर नेशनल लेवल तक वह लगातार रन बना रहे हैं। आईपीएल 2025 में भी उनकी फॉर्म गजब की रही थी। उनकी अगुवाई में पंजाब किंग्स फाइनल तक पहुंचा था। श्रेयस अय्यर ने पिछले आईपीएल सीजन में 50 से अधिक की औसत से 604 रन बनाए थे। न्यूजीलैंड के खिलाफ भारतीय टी20 टीम- सूर्यकुमार यादव (C), अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन (WK), हार्दिक पांड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल (VC), रिंकू सिंह, जसप्रीत बुमराह, हर्षित राणा, अर्शदीप सिंह, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, इशान किशन (WK), रवि बिश्नोई, श्रेयस अय्यर (पहले तीन T20I)।

वैभव सूर्यवंशी ने यूथ ODI में किया रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन, कोहली को पीछे छोड़ा

 बुलावायो वैभव सूर्यवंशी क्रिकेट के मैदान पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं. 14 साल के वैभव फिलहाल आईसीसी पुरुष अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. वैभव ने 17 जनवरी (शनिवार) को बुलावायो में बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में जबरदस्त बैटिंग करते हुए 72 रन बनाए. वैभव ने 67 गेंदों की पारी में 6 चौके और तीन छक्के लगाए. वैभव को तेज गेंदबाज इकबाल हुसैन इमोन ने आउट किया. इस इनिग्स के दौरान वैभव सूर्यवंशी ने एक खास कीर्तिमान रचा. वैभव ने यूथ ओडीआई में ना सिर्फ 1000 हजार रन पूरे किए, बल्कि यूथ ओडीआई में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में अब सातवें नंबर पर आ गए हैं. सूर्यवंशी ने विराट कोहली को भी पछाड़ दिया, जिन्होंने 978 रन बनाए थे. वैभव सूर्यवंशी ने अब तक भारत के लिए यूथ ओडीआई में कुल 20 मैच खेलकर 52.35 की औसत से 1047 रन बनाए हैं, जिसमें 3 शतक और पांच अर्धशतक शामिल रहे. संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के खिलाफ सिर्फ 2 रन पर आउट होने के बाद वैभव ने दमदार वापसी की और बांग्लादेशी टीम के खिलाफ बेहद संयम के साथ तेज अर्धशतक बना सभी को प्रभावित किया. यूथ ओडीआई में भारत के लिए सबसे ज्यादा रन विजय जोल ने बनाए. यशस्वी जायसवाल, तन्मय श्रीवास्तव, उनमुक्त चंद, शुभमन गिल और सरफराज खान ने भी यूथ ओडीआई में भारत के लिए हजार प्लस रन बनाए थे. यूथ ओडीआई में सबसे ज्यादा रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड फिलहाल बांग्लादेश के नजमुल हुसैन शांतो (1820 रन) के नाम है. आयुष म्हात्रे ने विपक्षी कप्तान से नहीं मिलाया हाथ आईसीसी पुरुष अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में भारत और बांग्लादेश के बीच शनिवार (17 जनवरी) को खेला गया मुकाबला काफी सुर्खियों में रहा है. बुलावायो के क्वींस स्पोर्ट्स क्लब में हुए इस मैच में टॉस के दौरान भारतीय कप्तान आयुष म्हात्रे ने बांग्लादेश के स्टैंड-इन कप्तान जवाद अबरार से हाथ मिलाने से परहेज किया. बांग्लादेश के नियमित कप्तान मोहम्मद अजीजुल हकीम तमीम अस्वस्थ होने के कारण टॉस के लिए उपस्थित नहीं थे और उनकी जगह जवाद अबरार आए. हालांकि कैमरों ने साफ दिखाया कि टॉस के बाद दोनों कप्तान एक-दूसरे के बहुत पास से गुजरे, लेकिन ना हाथ मिलाया और ना ही कोई बातचीत की. इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2025 में धमाकेदार प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी सुर्खियों में आए थे. वैभव आईपीएल इतिहास के सबसे युवा सेंचुरियन बने, जिसने पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया. इसके बाद उनका करियर लगातार ऊंचाइयों पर चढ़ता गया. इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया की उछाल भरी पिचों पर वैभव ने शतक जड़े. वहीं इंडिया-ए के लिए कतर में राइजिंग स्टार्स एशिया कप में डेब्यू पर वैभव ने शतक लगाया. कुछ दिनों बाद दुबई में U19 एशिया कप में भी वैभव ने शतकीय पारी खेलकर सुर्खियां बटोरीं. फिर अंडर-19 विश्व कप से पहले साउथ अफ्रीका में उन्होंने शानदार सेंचुरी लगाई. यूथ ओडीआई में भारत के लिए सर्वाधिक रन 1404- विजय जोल         1386- यशस्वी जायसवाल     1316- तन्मय श्रीवास्तव 1149- उन्मुक्त चंद 1149- शुभमन गिल 1080- सरफराज खान 1047- वैभव सूर्यवंशी बिहार के समस्तीपुर में जन्मे वैभव सूर्यवंशी का क्रिकेट सफर बेहद प्रेरणादायक रहा है. जहां भी खेले, उन्होंने रन बरसाए हैं और अपने खेल से हर देश में अपनी पहचान बनाई. उनकी प्रतिभा, तकनीक और मानसिक मजबूती की वजह से वह भारत के सबसे चर्चित युवा प्रतिभाओं में शामिल हो गए हैं.

कोहली ने इंदौर वनडे से पहले महाकाल दरबार में की पूजा, कुलदीप के साथ भस्म आरती में शरीक हुए

 उज्जैन  भारत और न्यूजीलैंड के बीच 3 वनडे मैचों की सीरीज का आख‍िरी मुकाबला इंदौर में रव‍िवार को होना है.फ‍िलहाल दोनों ही टीमें वनडे सीरीज में 1-1 से बराबरी पर हैं. इंदौर में होने वाले इस मुकाबले से पहले भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर,बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक उज्जैन के महाकाल मंद‍िर पहुंचे. केएल राहुल और टीम इंड‍िया के अन्य सदस्यों ने भी आशीर्वाद लिया. ताजा क्रम में शन‍िवार सुबह विराट कोहली और कुदीप यादव महाकाल मंद‍िर पहुंचे. उनके साथ फील्ड‍िंंग कोच टी द‍िलीप भी नजर आए.  विराट कोहली और कुलदीप यादव भगवान महाकाल में गहरी आस्था रखते हैं.इसीलिए वे समय मिलते ही बाबा महाकाल के दर्शन लिए उज्जैन पहुंच जाते हैं. शनिवार सुबह विराट कोहली और कुलदीप यादव भस्म आरती में सम्मिलित हुए और बाबा महाकाल का पूजन कर आशीर्वाद लिया. बाबा महाकाल के दर्शन कर विधिवत पूजन किया. भगवान शिव की आराधना की. उल्लेखनीय है कि हाल ही में खेले जा रहे वनडे सीरीज में विराट कोहली और कुलदीप यादव भी टीम में शामिल हैं.  ध्यान रहे भारत और न्यूजीलैंड के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज का आख‍िरी मैच 18 जनवरी को इंदौर में होने वाला है.मैच से पहले तमाम खिलाड़ी इंदौर पहुंच गए हैं.इन्हीं में से कुछ खिलाड़ी अपने व्यस्त शेड्यूल में से समय निकाल कर बाबा महाकाल के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंच रहे हैं.शनिवार सुबह भस्म आरती में कुलदीप यादव और विराट कोहली बाबा महाकाल के मंदिर पहुंचे और लगभग 2 घंटे तक भस्म आरती में बैठकर बाबा महाकाल के दर्शन किए.  विराट कोहली के लिए यह दौरा और कल का मैच व्यक्तिगत रूप से काफी अहम माना जा रहा है। इंदौर के होलकर स्टेडियम में कोहली का पिछला रिकॉर्ड बहुत ज्यादा प्रभावशाली नहीं रहा है, क्योंकि यहां खेली गई चार पारियों में उनके बल्ले से केवल 99 रन निकले हैं और वह एक भी अर्धशतक नहीं बना पाए हैं। ऐसे में कोहली और उनके फैंस यही उम्मीद कर रहे होंगे कि महाकाल के आशीर्वाद से न केवल उनका व्यक्तिगत प्रदर्शन सुधरे, बल्कि टीम इंडिया इस मुकाबले को जीतकर सीरीज पर अपना कब्जा जमाए।  1-1 की बराबरी पर है सीरीज शुभमन गिल की कप्तानी में यह घर पर पहली वनडे सीरीज है जिसे वह जीतना चाहेंगे। फिलहाल सीरीज 1-1 की बराबरी पर है। भारत ने पहला मुकाबला 4 विकेट से जीता था, लेकिन दूसरे मुकाबले में न्यूजीलैंड ने वापसी करते हुए 7 विकेट से जीत दर्ज की थी। इसके साथ ही उसने 1-1 से बराबरी कर ली थी। अब दोनों टीमों के पास सीरीज जीतने का मौका है और इसके लिए विराट कोहली को अपना बेस्ट देना होगा। दूसरे मुकाबले में वह चूक गए थे।  विराट संग सेल्फी लेने की होड़ दोनों क्रिकेटरों ने लगभग 2 घंटे तक मंदिर परिसर में समय बिताया। नंदी हॉल में बैठकर उन्होंने भस्म आरती का आनंद लिया और शिवजी का जाप किया। इस दौरान मंदिर में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। मंदिर से बाहर निकलने के बाद विराट के साथ फोटों क्लिक कराने के लिए भारी भीड़ उमड़ गई। दोनों खिलाडियों संग फील्ड‍िंग कोच टी द‍िलीप भी नजर आए।  इंदौर में 18 जनवरी को आखिरी वनडे बता दें कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच 3 वनडे मैचों की सीरीज का आखिरी और निर्णायक मुकाबला इंदौर 18 जनवरी, रविवार को होना है। फ‍िलहाल दोनों ही टीमें वनडे सीरीज में 1-1 से बराबरी पर है।  टीम इंडिया की कोशिश आखिरी मैच जीतकर सीरीज अपने नाम करने होगा।  महाकाल की फोटो भी कोहली ने की क्ल‍िक  महाकाल मद‍िर में दर्शन के दौरान कोहली ने फोटो भी क्ल‍िक की. इस दौरान कोहली मंद‍िर के मुख्य प्रांगड़ में नंदी के मूर्त‍ि के पास बैठे द‍िखे. उनके पीछे ही फील्ड‍िंग कोच टी द‍िलीप भी थे.  कुलदीप यादव ने कहा जय श्री महाकाल, वर्ल्ड कप में अच्छा करेंगे.  महाकाल मंद‍िर में पूजा करने के बाद कुलदीप यादव ने मीड‍िया से बात की और कहा कि दर्शन का बहुत अच्छा अनुभव रहा. कुलदीप यादव ने कहा- पूरी टीम आई थी, सुकून मिला, बस जिंदगी अच्छे से चलती रहे.महाकाल जी की कृपा रही तो आने वाले टी20 वर्ल्ड कप में भी टीम अच्छा करेगी. वहीं विराट कोहली और रोहित शर्मा को लेकर कुलदीप यादव ने कहा-दोनों ही गेम (क्रिकेट) के लीजेंड हैं और उनके होने से बहुत एनर्जी और सुकून मिलता है.कुलदीप ने इस दौरान यह भी कहा कि टीम के बाकी यंग ख‍िलाड़ी भी अच्छा कर रहे हैं. 

U-19 वर्ल्ड कप: वैभव सूर्यवंशी का कहर! भारत के सामने बांग्लादेश कर रहा दुआ

नई दिल्ली पहले मैच में आत्मविश्वास से भरी जीत हासिल करने के बाद भारतीय टीम शनिवार को बुलावायो में आईसीसी अंडर-19 विश्व कप के अपने दूसरे मैच में बांग्लादेश की कड़ी चुनौती के बावजूद जीत के प्रबल दावेदार के रूप में शुरुआत करेगी। पांच बार की चैंपियन भारत ने बारिश से प्रभावित मैच में अमेरिका को केवल 107 रन पर आउट करके छह विकेट से जीत दर्ज करके अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। दाएं हाथ के तेज गेंदबाज हेनिल पटेल ने सात ओवरों में 16 रन देकर पांच विकेट लिए जबकि अन्य गेंदबाजों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय बल्लेबाजी क्रम में कई स्टार खिलाड़ी शामिल हैं। उसके बल्लेबाज बांग्लादेश के खिलाफ क्रीज पर लंबा समय बिताने की उम्मीद करेंगे क्योंकि अमेरिका के खिलाफ उन्हें खेलने का पर्याप्त मौका नहीं मिला। बांग्लादेश को कमजोर नहीं आंका जा सकता है और उसकी टीम आयुष म्हात्रे के नेतृत्व वाली टीम के सामने कड़ी चुनौती पेश कर सकती है। म्हात्रे और 14 वर्षीय सनसनी वैभव सूर्यवंशी की सलामी जोड़ी एक बार फिर उप कप्तान विहान मल्होत्रा, ऑलराउंडर आरोन जॉर्ज और वेदांत त्रिवेदी और विकेटकीपर अभिज्ञान कुंडू के साथ मिलकर बल्लेबाजी विभाग का जिम्मा संभालेंगे। डी दीपेश, आरएस अंबरीश, हेनिल पटेल, किशन कुमार सिंह और उद्धव मोहन के रूप में टीम के पास तेज गेंदबाजी के अच्छे विकल्प हैं, जबकि कनिष्क चौहान, खिलन पटेल और मोहम्मद एनान जैसे खिलाड़ी स्पिन विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। यह टूर्नामेंट 1988 में शुरू हुआ था और भारतीय टीम ने इसमें अभी तक अच्छा प्रदर्शन किया है। पिछले एक साल में इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका में श्रृंखला जीतने से लेकर टीम ने अब तक हर प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन किया है। अमेरिका के खिलाफ जीत पिछले 17 मैचों में भारत की 14वीं जीत थी। टीम को भरोसा है कि वह अपने अगले प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ भी इस बेहतरीन फॉर्म को बरकरार रखेगी। जहां तक ​​बांग्लादेश की बात है तो उसके पास कप्तान अजीजुल हकीम के रूप में अनुभवी खिलाड़ी हैं। जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेले जा रहे इस टूर्नामेंट में उनके नेतृत्व क्षमता की भी परीक्षा होगी। हकीम उप कप्तान ज़ावद अबरार के साथ बांग्लादेश की बल्लेबाजी की अगुवाई करेंगे। अंडर-19 स्तर पर दोनों बल्लेबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा है। उन्होंने 2024 में खेले गए पिछले टूर्नामेंट के बाद से लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है। बांग्लादेश के पास एक अन्य बल्लेबाज कलाम सिद्दीकी भी है जिन्होंने अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखी है। बांग्लादेश के पास मजबूत गेंदबाजी आक्रमण भी है। उसके तेज गेंदबाज इकबाल हुसैन और अल फहद को जिम्बाब्वे की तेज गेंदबाजी के लिए अनुकूल परिस्थितियों में भरपूर सहयोग मिलने की उम्मीद है। इन दोनों गेंदबाज ने पिछले अंडर-19 विश्व कप के बाद से क्रमशः 45 और 43 विकेट लिए हैं। बाएं हाथ के स्पिनर समीउन बसीर भी उनसे कुछ ही पीछे हैं। उन्होंने इस अवधि में 29 विकेट लिए हैं और उनका इकॉनमी रेट चार से कम है। टीम इस प्रकार हैं: भारत: आयुष म्हात्रे (कप्तान), आरएस अंबरीश, कनिष्क चौहान, डी दीपेश, मोहम्मद एनान, एरोन जॉर्ज, अभिज्ञान कुंडू, किशन कुमार सिंह, विहान मल्होत्रा, उधव मोहन, हेनिल पटेल, खिलन ए पटेल, हरवंश सिंह, वैभव सूर्यवंशी, वेदांत त्रिवेदी। बांग्लादेश: अजीजुल हकीम तमीम (कप्तान), जवाद अबरार, समिउन बसीर रतुल, शेख परवेज जिबोन, रिज़ान होसन, शहरिया अल अमीन, शादीन इस्लाम, मोहम्मद अब्दुल्ला, फरीद हसन फैसल, कलाम सिद्दीकी अलीन, रिफत बेग, साद इस्लाम रजिन, अल फहद, शहरयार अहमद, इकबाल हुसैन। रिजर्व: अब्दुर रहीम, देबाशीष सरकार देबा, रफी उज्जमां रफी, फरहान शहरियार, फरजान अहमद अलीफ, संजीद मजूमदार, एमडी सोबुज। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर 1.00 बजे शुरू होगा।  

5–6 करोड़ मिल जाएं तो… युवराज सिंह और वीरेंद्र सहवाग के मुकाबले कितने पीछे हैं मोहम्मद कैफ?

नई दिल्ली नेटफ्लिक्स ने 17 जनवरी को रिलीज होने वाले ‘द ग्रेट इंडियन कपिल शो’ का प्रोमो रिलीज किया है। इस प्रोमो को देख क्रिकेट फैंस खुशी से झूम उठे हैं, क्योंकि इस बार वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह और मोहम्मद कैफ जैसे दिग्गज जो इस शो पर ठहाके लगाने पहुंचे हैं। प्रोमो में कपिल शर्मा इन तीनों क्रिकेटर्स के साथ काफी मस्ती मजाक करते हुए नजर आ रहे हैं। प्रोमो में मोहम्मद कैफ खुद को युवराज सिंह और वीरेंद्र सहवाग से गरीब बताते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह दोनों यहां कपड़े झाड़ें तो 5-6 करोड़ वैसे ही गिर जाए। युवराज सिंह ने फिर मोहम्मद कैफ से एक ऐसा सवाल किया जिसका जवाब सुन वहां मौजूद सभी लोग हंसने लगे।   वीडियो की शुरुआत में कपिल शर्मा कहते हैं कि युवराज सिंह और वीरेंद्र सहवाग इतने चौके छक्क मारते थे कि चीयरलीडर्स दुआ कहती थीं कि राहुल द्रविड़ आएं तो हम थोड़ा रेस्ट कर सकें। इसके अलावा भी प्रोमो में काफी कुछ है। कपिल तीनों रिटायर्ड प्लेयर्स से पूछते हैं कि वो अब ज्यादा समय क्या करने में गुजारते हैं? तो युवराज ने कहा कि उनकी जिंदगी में आलस बढ़ गया है। वो गोल्फ खेलते हैं और अपने साथ बाकी प्लेयर्स को भी जुड़ने को कहते हैं. लेकिन कोई भी खेलने नहीं आता है। सहवाग इसके जवाब में कहते हैं कि वो खाने पर ध्यान लगाते हैं, वो गोल्फ खेलकर क्या कर लेंगे। प्रोमो में आगे तीनों अलग-अलग क्रिकेटर्स की नकल उतारकर सामने वाले को पहचान कराते हैं। इसमें युवराज हरभजन सिंह की एक्टिंग करते हैं। लेकिन कैफ समझ नहीं पाते, वो उनसे थोड़ी और अच्छी एक्टिंग करने के लिए कहते हैं। मगर युवराज भी इसका अच्छा बदला लेते हैं, जब कैफ की बारी आती है, तो वो भी उनसे क्रिकेटर की अच्छी एक्टिंग करने के लिए कहते हैं ताकि वो समझ पाएं।  

वक़्त बदला, रिकॉर्ड थमे रहे! रवींद्र जडेजा का घरेलू मैदान पर आखिरी अर्धशतक कब आया?

नई दिल्ली 15 जनवरी 2013…क्या आपको यह तारीख किसी वजह से याद है? धुंधली-धुंधली ही सही? शायद नहीं…इस समय तक ना तो विराट कोहली कभी आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर-1 बने थे और ना ही नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री की कुर्सी संभाली थी। अब आप सोच रहे होंगे कि इस तारीख में ऐसा क्या खास है। तो बता दें, यह वही तारीख है जब भारतीय हरफनमौला रवींद्र जडेजा ने वनडे क्रिकेट में भारत में अपना आखिरी अर्धशतक जड़ा था। जी हां, क्यों दिमाग चकरा गया ना…। रवींद्र जडेजा की भारतीय वनडे टीम में जगह पर इस समय सवाल उठ रहे हैं। जैसा कुछ दिनों पहले विराट कोहली और रोहित शर्मा को लेकर उठ रहे थे।   इन दोनों दिग्गजों पर लगातार डोमेस्टिक क्रिकेट खेलने का दबाव बनाया जा रहा था और लगातार कहा जा रहा था कि अगली सीरीज में उनका परफॉर्मेंस तय करेगा कि रोहित-कोहली 2027 का वर्ल्ड कप खेलेंगे या नहीं। रोहित शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर तो विराट कोहली ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ घर पर वनडे सीरीज में धमाकेदार प्रदर्शन कर सभी आलोचकों के मुंह पर ताला लगा दिया है। वहीं 2025 का अंत होते-होते दोनों ने विजय हजारे ट्रॉफी में भी हिस्सा लिया। रोहित शर्मा और विराट कोहली के फ्यूचर पर तो अब कोई सवाल नहीं है, मगर धीरे-धीरे इस सवाल के घेरे में जरूर रवींद्र जडेजा आ गए हैं। रवींद्र जडेजा के अगर पिछले 10 वनडे मुकाबलों को उठाकर देखें तो 7 बार उन्हें बैटिंग करने का मौका मिला है, जिसमें वह सिर्फ एक ही बार 30 से ज्यादा रन बनाने में कामयाब रहे हैं। पिछले 10 वनडे में जडेजा के बल्ले से कुल 114 ही रन निकले हैं, जिसमें वह तीन बार नॉट आउट भी रहे हैं। इन 10 मुकाबलों में चैंपियंस ट्रॉफी के सभी मैच भी शामिल है, जिसमें जडेजा ने विनिंग शॉट लगाकर भारत को जीत दिलाई थी। जडेजा टीम में एक हरफनमौला की भूमिका निभाते हैं। माना कि भारतीय टीम का टॉप ऑर्डर मजबूत होने से उन्हें बैटिंग का कम ही मौका मिला है, मगर बॉलिंग में भी उनका प्रदर्शन काफी फीका रहा है। पिछले 10 वनडे मैचों में जडेजा ने कुल 6 ही विकेट चटकाए हैं और 5 बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ा है। रवींद्र जडेजा के वनडे करियर के कुछ हैरान कर देने वाले आंकड़े     जडेजा ने भारत में आखिरी वनडे अर्धशतक जनवरी 2013 में लगाया था।     जडेजा 209 वनडे खेल चुके हैं, मगर अभी तक उनके इस फॉर्मेट में 3000 रन पूरे नहीं हुए हैं।     जडेजा ने वनडे में सिर्फ 2 बार 5 विकेट हॉल लिया है। एक 2023 में और एक 2013 में।     जडेजा ने अपने वनडे करियर में कभी शतक नहीं लगाया, उनका हाईएस्ट स्कोर 87 रन का है जो 2014 में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था।     जडेजा ने 209 वनडे में सिर्फ 13 अर्धशतक बनाए हैं। जडेजा फिलहाल 37 साल के हैं, 2027 वर्ल्ड कप आते-आते वह करीब-करीब 39 साल के हो जाएंगे। वनडे क्रिकेट में उनके प्रदर्शन को देखते हुए लगता है कि चयनकर्ता और टीम मैनेजमें को उनके विकल्प के बारे में सोचना चाहिए। अक्षर पटेल जडेजा के लाइक टू लाइक रिप्लेसमेंट साबित हो सकते हैं। अगर उन्हें मौका दिया जाए तो वह आगामी समय में टीम में एक बेहतरीन हरफनमौला की भूमिका अदा कर सकते हैं। इसके अलावा वॉशिंगटन सुंदर के साथ-साथ रियान पराग और आयुष बदोनी के रूप में कई उभरती प्रतिभाएं भी हैं।  

रेसिंग की नई पहचान: रेड बुल ने F1 सीजन 2026 की नई लिवरी से उठाया पर्दा

नई दिल्ली रेड बुल रेसिंग ने फॉर्मूला 1 2026 सीजन के लिए अपनी नई कार की लिवरी का खुलासा किया है। यह कार्यक्रम मिशिगन सेंट्रल स्टेशन में आयोजित किया गया। मिल्टन कीन्स स्थित इस टीम ने डेट्रॉइट शहर में शानदार अंदाज में अपनी नई डिजाइन पेश की। डेट्रॉइट फ़ोर्ड का गृहनगर है और रेड बुल इसी कंपनी के साथ मिलकर अपना पहला फॉर्मूला वन पावर यूनिट तैयार कर रही है। रेड बुल के पायलट मार्टिन सोनका ने एक अनोखा कारनामा किया। उन्होंने हवाई जहाज से कार के ऊपर डली चादर को उड़ाकर हटाया और नई लिवरी को लोगों के सामने पेश किया। जब एनर्जी ड्रिंक बनाने वाली इस कंपनी ने साल 2005 में फॉर्मूला वन में कदम रखा था, तब कार पर चमकदार फिनिश का इस्तेमाल किया गया था। नई लिवरी उसी पुराने अंदाज की याद दिलाती है। टीम का कहना है कि आरबी22 की 2026 डिजाइन में इस्तेमाल किया गया “हेरिटेज व्हाइट बेस” कार को ज़्यादा गहराई और साफ़ लुक देता है, जिससे ‘सन एंड बुल’ का मशहूर लोगो और भी उभरकर दिखता है। इस सीजन में इसैक हाज़ार चार बार के विश्व चैंपियन मैक्स वेरस्टैपेन के साथ टीम में शामिल होंगे। इसैक सिस्टर टीम रेसिंग बुल्स को छोड़ चुके हैं। रेड बुल ने आखिरी बार 2023 में टीम्स चैंपियनशिप जीती थी और अब टीम एक बार फिर विश्व खिताब जीतने की उम्मीद कर रही है। वेरस्टैपेन 2026 सीज़न के लिए नंबर 3 (उनका पसंदीदा नंबर) के साथ रेसिंग करेंगे। इससे पहले वह संख्या 33 के साथ उतरते थे, जो अब उनके पूर्व साथी डैनियल रिकियार्डो इस्तेमाल करते थे। पिछले सीजन में रेड बुल टीम्स चैंपियनशिप में तीसरे स्थान पर रही थी। वहीं वेरस्टैपेन ने शानदार वापसी करते हुए 2024 के अबू धाबी में होने वाली आखिरी से पहले की रेस तक ड्राइवर्स खिताब की दौड़ बनाए रखी। उनके टीममेट हडजार, रेसिंग बुल्स के साथ सिर्फ एक सीज़न के बाद रेड बुल में शामिल होने के बाद नंबर छह के साथ रेसिंग जारी रखेंगे। तकनीकी टीम की ज़िम्मेदारी पियरे वाशे संभालेंगे, जबकि पिछले सीज़न के बीच में क्रिश्चियन हॉर्नर की जगह टीम प्रिंसिपल बने लॉरेंट मेकीज टीम का नेतृत्व करेंगे।  

केंद्र सरकार का गिफ्ट: पहाड़ी राज्यों के इंजीनियरों को PSU में जॉब, जानें सैलरी

केंद्र सरकार ने ऐतिहासिक फैसले के तहत देश के पहाड़ी राज्यों के स्थानीय इंजीनियरों को सार्वजनिक उपक्रम में काम करने का अवसर देने का निर्णय लिया है। सरकारी उपक्रम में पहली बार अस्थायी नौकरी दी जाएगी। सरकार का मकसद युवा इंजीनियरों को पेशेवर रूप से दक्ष बनाना है, जिससे वह राज्य को नई ऊंचाई तक ले जा सकें। इससे युवाओं को रोजगार और आधुनिक तकनीक का अनुभव मिलेगा, जिससे वे अपने राज्यों का विकास कर सकेंगे। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सार्वजनिक उपक्रम राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लि. (एनएचएआईडीसीएल) प्रथम चरण में फरवरी में 64 सिविल इंजीनियरों के पदों पर भर्ती करेगा। यह भर्ती सिर्फ पहाड़ी राज्यों जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर राज्यों के स्थानीय स्नातक के लिए आरक्षित होगी। एक अधिकारी ने बताया कि स्थानीय युवा इंजीनियर पहाड़ों में निर्माण के दौरान भौगोलिक चुनौतियों व स्थानीय पारिस्थितिकी को समझते हैं। उन्हें न केवल सरकार में रोजगार मिलेगा, बल्कि वे अत्याधुनिक तकनीक और प्रोजेक्ट मैनेजमेंट का अनुभव भी हासिल कर सकेंगे। इसके बाद भविष्य में वे राज्य सरकारों के साथ मिलकर वहां का विकास कर सकेंगे। इससे स्थानीय प्रतिभाओं का बड़े शहरों की ओर होने वाला पलायन भी कम होगा। दुर्गम इलाकों में चल रहे राष्ट्रीय राजमार्गों, सुरंगों और पुलों के निर्माण में तेजी आएगी। 80 हजार तक मानदेय एनएचएआईडीसीएल स्थानीय सिविल इंजीनियर्स स्टेट स्पेसिफिक ग्रेजुएट स्कीम के तहत मानदेय के रूप में 70,000 रुपये से 80,000 रुपये प्रति माह भुगतान किया जाएगा। प्रति वर्ष वेतन में पांच फीसदी की वृद्धि होगी। शुरुआत में नियुक्ति दो साल के लिए होगी, जिसे प्रदर्शन के आधार पर एक साल और (कुल तीन वर्ष) बढ़ाया जा सकता है। अर्हता प्रदेश का डोमिसाइल (मूल निवास प्रमाण पत्र) होना अनिवार्य है। नए सिविल इंजीनियर स्नातक को विशेष रूप से प्रोत्साहित किया जाएगा। स्नातक अंतिम वर्ष के छात्र भी आवेदन कर सकते हैं। नियुक्ति के समय तक डिग्री पूरी होनी चाहिए। उम्मीदवार के पास सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक या समकक्ष विषय की डिग्री होनी चाहिए। यह डिग्री IITs, NITs या NIRF रैंकिंग (इंजीनियरिंग श्रेणी) में टॉप 100 में शामिल किसी अन्य संस्थान से प्राप्त होनी चाहिए। यदि उम्मीदवार अभी स्नातक की पढ़ाई पूरी कर रहा/रही है, तो स्नातक वर्ष या उससे ठीक पिछले वर्ष की NIRF रैंकिंग मान्य होगी। पात्रता से संबंधित शर्तें I. इस योजना के अंतर्गत किसी विशेष राज्य/केंद्र शासित प्रदेश (State/UT) के लिए विज्ञापित रिक्तियों में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का उसी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश का स्थायी निवासी (डोमिसाइल) होना अनिवार्य है। II. नए स्नातकों को आवेदन करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। जो छात्र अंतिम वर्ष में अध्ययनरत हैं, वे भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते कि वे कार्यभार ग्रहण करने से पहले स्नातक डिग्री पूरी कर लें। III. कार्य अनुभव: आवश्यक शैक्षणिक योग्यता प्राप्त करने के बाद 0 से 2 वर्ष का कार्य अनुभव मान्य होगा। क्या काम करने होंगे 1. डिटेल प्राजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) और डिजाइन की समीक्षा करना। 2. भूमि अधिग्रहण, उपयोगिता स्थानांतरण में जिला अधिकारियों के साथ समन्वय। 3. निर्माण स्थल का दौरा और प्रोजेक्ट की गुणवत्ता व सुरक्षा की निगरानी। 4. अनुबंध प्रबंधन और तकनीकी पत्राचार में सहयोग।  

कंधे पर बंदूक रखकर चला निशाना! रोहित को हटाने में गंभीर या अगरकर—किसका था फैसला?

नई दिल्ली चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब जीतने के बाद रोहित शर्मा को वनडे कैप्टेंसी से हटाए जाने का फैसला हर किसी की समझ के परे था। रिपोर्ट्स थी कि टीम मैनेजमेंट रोहित शर्मा का फ्यूचर वर्ल्ड कप 2027 तक नहीं देख रही है, जिस वजह से उनकी नजरें एक यंग कैप्टन को तैयार करने की थी। ऐसे में जब पिछले साल ऑस्ट्रेलिया दौरे का ऐलान हुआ तो रोहित शर्मा टीम में तो थे, मगर कप्तानी की जिम्मेदारी शुभमन गिल को सौंप दी गई थी। अब पूर्व भारतीय क्रिकेटर मनोज तिवारी ने गौतम गंभीर पर आरोप लगाए हैं कि उन्होंने रोहित शर्मा को वनडे कैप्टेंसी से हटाए जाने के लिए बंदूक मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के कंधे पर रखकर चलाई थी।   तिवारी का मानना ​​है कि हालांकि अगरकर एक मजबूत कैरेक्टर हैं और अपने फैसले खुद लेते हैं, लेकिन वह यह फैसला अकेले नहीं ले सकते थे और रोहित को कप्तानी से हटाने में गंभीर की राय का भी जरूर हाथ रहा होगा। मनोज तिवारी ने कहा, "मुझे नहीं पता कि इसका मुख्य कारण क्या है। लेकिन अजीत अगरकर को जानने के नाते, वह एक पर्सनैलिटी हैं। वह फैसला लेने वाले इंसान हैं। ऐसे कदम उठाने में वह पीछे नहीं हटेंगे। लेकिन क्या किसी ने उन्हें अपने कंधे पर बंदूक रखकर चलाने के लिए प्रभावित किया, यह हमें देखना होगा। पर्दे के पीछे बहुत सी चीजें होती हैं, जिससे 1+1 2 हो जाता है। हो सकता है कि फैसला चीफ सेलेक्टर ने लिया हो, और वह इस बारे में बहुत साफ थे। स्वाभाविक रूप से, कोच का इनपुट भी रहा होगा। आप अकेले फैसला नहीं ले सकते। जो भी फैसला लिया गया, उसके लिए दोनों बराबर जिम्मेदार हैं।" तिवारी को रोहित को वनडे कप्तान के पद से हटाने के पीछे का लॉजिक समझ नहीं आया, उन्होंने कहा कि सेलेक्टर्स का उनकी नीयत या लीडरशिप स्किल्स पर सवाल उठाना समझदारी नहीं है। गिल को कप्तान बनाना तो तय था, लेकिन इसे बेहतर तरीके से किया जा सकता था, शायद रोहित को न्यूजीलैंड वनडे तक कप्तान बने रहने के लिए कहा जा सकता था। तिवारी ने आगे कहा, "देखिए, मेरी राय में प्लेइंग XI चुनने में बहुत ज्यादा इनकंसिस्टेंसी रही है। अगर मैं सच कहूं तो, मेरी ODI मैच देखने में दिलचस्पी खत्म हो गई है। हाल ही में जो कुछ हुआ, जब T20 वर्ल्ड कप जीतने वाले कप्तान और चैंपियंस ट्रॉफी जीतने वाले कप्तान को कप्तानी से हटा दिया गया, और जिम्मेदारी एक नए लड़के को दे दी गई, जिसकी मुझे लगता है कि जरूरत नहीं थी। मैं रोहित के साथ खेला हूं। हमारा एक कनेक्शन है, इसलिए मुझे यह सब अच्छा नहीं लगा। मुझे लगा कि यह उस क्रिकेटर का अपमान है जिसने दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों को इतना कुछ दिया है। उस दिन से, मेरी थोड़ी दिलचस्पी कम हो गई। बहुत सारी कंट्रोवर्सी हो रही हैं, और मुझे लगता है कि ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि क्लैरिटी नहीं है।"