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रिंकू सिंह शो! विजय हजारे ट्रॉफी में कप्तानी पारी, यूपी की चंडीगढ़ पर 227 रन की ऐतिहासिक जीत

राजकोट  कप्तान रिंकू सिंह और आर्यन जुयाल की शतकीय पारियों के दम पर उत्तर प्रदेश ने शुक्रवार को चंडीगढ़ के खिलाफ 227 रन से फतह हासिल की। विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 में लगातार दूसरी जीत के साथ उत्तर प्रदेश ग्रुप बी की प्वाइंट्स टेबल में शीर्ष पायदान पर पहुंच गया है। सानोसारा क्रिकेट ग्राउंड ए में खेले गए इस मुकाबले में टॉस गंवाकर बल्लेबाजी के लिए उतरी यूपी की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों के खेल में 4 विकेट खोकर 367 रन बनाए। इस टीम को महज 3 के स्कोर पर अभिषेक गोस्वामी (1) के रूप में झटका लगा। यहां से ध्रुव जुरेल ने आर्युन जुयाल के साथ दूसरे विकेट के लिए 96 रन जुटाते हुए टीम को 99 के स्कोर तक पहुंचाया। जुरेल 57 गेंदों में 11 चौकों के साथ 67 रन बनाकर आउट हुए, जिसके बाद आर्यन जुयाल ने समीर रिजवी के साथ 71 रन जुटाते हुए टीम को मजबूत स्थिति में ला दिया। यह टीम 31.2 ओवरों में 3 विकेट खोकर 170 रन बना चुकी थी। यहां से कप्तान रिंकू सिंह ने मोर्चा संभाला। उन्होंने आर्यन जुयाल के साथ चौथे विकेट के लिए 83 गेंदों में 134 रन की साझेदारी करते हुए यूपी को 300 के पार पहुंचा दिया। आर्यन जुयाल ने 118 गेंदों में 8 छक्कों और 7 चौकों के साथ 134 रन की पारी खेली, जबकि रिंकू सिंह ने 60 गेंदों में नाबाद 106 रन बनाए। उनकी इस पारी में 4 छक्के और 11 चौके शामिल थे। विपक्षी टीम के लिए तरनप्रीत सिंह ने सर्वाधिक 2 विकेट हासिल किए, जबकि संदीप शर्मा और निशंक बिरला ने 1-1 विकेट निकाला। इसके जवाब में चंडीगढ़ की टीम 29.3 ओवर में महज 140 रन पर सिमट गई। इस टीम के लिए कप्तान मनन वोहरा ने सर्वाधिक 32 रन बनाए, जबकि तरनप्रीत सिंह ने 24 रन की पारी खेली, लेकिन चंडीगढ़ को जीत नहीं दिला सके। विपक्षी खेमे से जीशान अंसारी ने 4 विकेट निकाले, जबकि विपराज निगम ने 2 विकेट अपने नाम किए। इनके अलावा, कार्तिक त्यागी, वैभव चौधरी, प्रशांत वीर ने 1-1 विकेट हासिल किया।

MCG पर गेंदबाजों का कहर: पहले दिन ही गिरे 20 विकेट, ICC के हस्तक्षेप की आशंका

मेलबर्न किसी टेस्ट मैच के पहले दिन अगर 20 विकेट गिर जाएं तो जाहिर है कि आप उस पिच को अच्छा नहीं कहेंगे। हालांकि, कई बार देखने को मिलता है कि अगर किसी एशियाई देश खासकर भारत की पिच पर पहले दिन 20 विकेट गिर जाते हैं तो हाय-तौबा मच जाती है। यहां तक कि इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल यानी आईसीसी भी पिच को खराब रेटिंग देती है। हालांकि, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों में ऐसा देखने को नहीं मिलता, लेकिन इस बार शायद ऐसा नहीं होगा। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच मेलबर्न के एमसीजी में एशेज सीरीज का चौथा मुकाबला खेला जा रहा है। ये बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच है। शुक्रवार 26 दिसंबर को मुकाबले का पहला दिन था और पहले ही दिन आधा मैच खत्म हो गया, क्योंकि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड की एक-एक पारी समाप्त हो चुकी है। ऑस्ट्रेलिया ने 152 रन और इंग्लैंड ने महज 110 रन पर अपने सभी विकेट खो दिए। ऐसे में पिच की आलोचना बनती है, क्योंकि यहां गेंद और बल्ले में अच्छी लड़ाई नहीं थी। तमाम दिग्गज एमसीजी की पिच की आलोचना कर चुके हैं, जिनमें इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कोच डैरेन लेहमन भी शामिल हैं। माइकल वॉन ने बीबीसी टेस्ट मैच स्पेशल में कहा है कि बॉक्सिंग डे टेस्ट मैच के पहले दिन की पिच हैरान करने वाली थी। वहीं, डैरेन लेहमन का दावा था कि मेलबर्न की पिच घटिया थी। उन्होंन एसईएन रेडियो पर कहा कि इस तरह की सीम मोमेंट तेज गेंदबाजों को लिए नहीं होनी चाहिए, जो काफी खतरनाक होती है। इन सभी के बीच एक बात उठती है कि क्या आईसीसी एमसीजी की पिच की आलोचना के बाद रेटिंग अच्छी देगी? इसका जवाब है कि इस बार शायद आईसीसी का रुख अलग हो, क्योंकि 300 रनों से भी भीतर 20 विकेट पहले दिन गिर जाते हैं और 21वां भी विकेट गिर ही गया था, लेकिन गेंद कैरी नहीं की। ऐसे में आईसीसी क्या सजा एमएसजी को दे सकती है? इसका जवाब है कि आईसीसी के पास टेस्ट मैच की पिचों के लिए चार तरह की रेटिग है, जिनमें दो बढ़िया और दो घटिया कैटेगरी में हैं। क्या और कैसी होती है पिच रेटिंग? नंबर 1 – वेरी गुड, नंबर 2 सेटिस्फेक्ट्री…जाहिर है कि दोनों से किसी भी ग्राउंड को कोई दिक्कत नहीं होती। नंबर 3 पर आती है अनसेटिस्फेक्ट्री और चौथे पर अनफिट…जाहिर है कि इनमें सजा का प्रावधान है। हालांकि, अनसेटिस्फेक्ट्री में फिर भी थोड़ी सी नरमी ग्राउंड के प्रति बरती जाती है, लेकिन अनफिट में नहीं। अनफिट तो ये पिच नहीं कही जाएगी, क्योंकि वह पिच अनफिट मानी जाती है, जो बहुत ज्यादा खतरनाक हो। ऐसे में एमएसजी की पिच को अनसेटिस्फेक्ट्री की रेटिंग दी जा सकती है, जिसमें एक डिमेरिट पॉइंट ग्राउंड के खाते में जोड़ा जाता है, जिससे ज्यादा असर ग्राउंड पर नहीं पड़ता। इतनी ही सजा एमएसजी को मिल सकती है। इसी सीरीज के पहले मैच के पहले दिन 19 विकेट गिरे थे, लेकिन फिर भी पिच को वेरी गुड रेटिंग मिली।

शतरंज में नई नायिका दिव्या देशमुख, लेकिन गुकेश का साल रहा फीका

नई दिल्ली  भारत के लिए शतरंज के क्षेत्र में साल 2025 बेहद यादगार रहा है। भारतीय खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खिताब जीतकर देश का नाम रोशन किया है। विश्व चैंपियन डी. गुकेश ने नॉर्वे चेस टूर्नामेंट में मैग्नस कार्लसन को क्लासिकल फॉर्मेट में पहली बार हराया। आर. प्रज्ञानंदा के लिए साल 2025 शानदार रहा। प्रज्ञानंदा ने डी. गुकेश को हराकर टाटा स्टील चेस टूर्नामेंट 2025 का खिताब जीता। प्रज्ञानंदा ने सुपरबेट चेस क्लासिक रोमानिया, उजचेस कप और लंदन चेस क्लासिक में मजबूत प्रदर्शन के साथ उन्होंने फीडे सर्किट 2025 जीतकर 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया। प्रज्ञानंदा पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने जो सर्किट जीतकर कैंडिडेट्स में पहुंचे। महिला वर्ग में दिव्या देशमुख ने बातूमी में महिला विश्व कप जीता। दिव्या फिडे महिला विश्व कप जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गई। उन्होंने प्रतिष्ठित ग्रैंडमास्टर खिताब जीता और 2026 कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए भी क्वालीफाई कर लिया। इस साल भारत की शतरंज में ये तीन बड़ी सफलताएं रहीं। फिडे विश्व कप 2025 का आयोजन गोवा में हुआ था। इस इवेंट में डी. गुकेश, आर. प्रज्ञानंदा, विदित गुजराती और दिव्या देशमुख में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन इनमें से कोई भी अंतिम राउंड तक नहीं पहुंच सका। भारत में हुए विश्व कप में किसी भी भारतीय का अंतिम चरण तक न पहुंचना निश्चित रूप से निराशाजनक रहा, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने निश्चित तौर पर भविष्य के लिए उम्मीदें जगाई हैं। आने वाले साल में हमें शतरंज के क्षेत्र में युवा खिलाड़ियों से बड़ी उपलब्धि देखने को मिल सकती है। भारत शतरंज के क्षेत्र में निश्चित तौर पर बहुत तेजी से एक मजबूत वैश्विक ताकत के रूप में उभर रहा है। विश्वनाथन आनंद 1988 में पहले भारतीय ग्रैंडमास्टर बने थे, मौजूदा समय में 91 ग्रैंडमास्टर हैं। यह संख्या शतरंज के क्षेत्र में बढ़ती हमारी ताकत का प्रमाण है। 

एशेज टेस्ट में विकेटों की बारिश, एक ही दिन में 20 खिलाड़ी आउट, 116 साल पुराना रिकॉर्ड टूटा

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया वर्सेस इंग्लैंड चौथे टेस्ट का पहला दिन पूरी तरह से गेंदबाजों के नाम रहा। वर्ल्ड रिकॉर्ड क्राउंड के सामने मेलबर्न में खेले जा रहे इस टेस्ट के पहले दिन दोनों टीमें ऑलआउट हो गई। जी हां, इसका मतलब है कि दोनों टीमों के 10-10 और दिन के कुल 20 विकेट गिरे। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गए टेस्ट मैचों में ऐसा 116 साल बाद हुआ है जब पहले दिन में 20 विकेट गिरे हो। ऑस्ट्रेलिया पहले बैटिंग करते हुए 152 के स्कोर पर ढेर हो गया था, वहीं इंग्लैंड की टीम 110 पर ही सिमट गई। दिन का खेल खत्म होते-होते ऑस्ट्रेलिया को एक ओवर गेंदबाजी करनी पड़ी, हालांकि उन्होंने दूसरे ओवर में विकेट नहीं खोया।   ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गए टेस्ट मैचों के पहले दिन में गिरे सबसे ज्यादा विकेट का रिकॉर्ड 25 का है। 1901/02 की सीरीज में ऐसा हुआ था जब ढाई पारियां एक ही दिन में सिमट गई थी। वहीं 1890 में एक बार पहले दिन 22 विकेट गिरे थे। AUS बनाम ENG टेस्ट में पहले दिन सबसे ज्यादा विकेट 25 – मेलबर्न, 1901/02 22 – द ओवल, 1890 20 – द ओवल, 1882 20 – ओल्ड ट्रैफर्ड, 1909 20 – मेलबर्न, 1894/95 20 – मेलबर्न, 2025/26 19 – पर्थ, 2025/26 वहीं बात ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट मैच की करें तो, यह तीसरा मौका है जब टेस्ट मैच के पहले दिन 20 विकेट गिरे हो, गौर करने वाली बात यह है कि यह तीनों ही घटना मेलबर्न के मैदान पर हुई है। वहीं जो 25 विकेट का रिकॉर्ड है वो भी MCG पर ही बना था। ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट के पहले दिन सर्वाधिक विकेट 25 – ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड, मेलबर्न, 1901/02 22 – ऑस्ट्रेलिया बनाम वेस्टइंडीज, एडिलेड, 1951/52 20 – ऑस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका, मेलबर्न, 1931/32 20 – ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड, मेलबर्न, 1894/95 20 – ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड, मेलबर्न, 2025/26 19 – ऑस्ट्रेलिया बनाम वेस्टइंडीज, सिडनी, 1951/52 19 – ऑस्ट्रेलिया बनाम इंग्लैंड, पर्थ, 2025/26 इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने इस मैच में टॉस जीतकर पहले बैटिंग चुनी थी। जोश टंग के पंजे के दम पर इंग्लैंड कंगारुओं को 152 के स्कोर पर तो रोकने में कामयाब रहा, मगर उनके बल्लेबाज कुछ कमाल नहीं कर पाए। जो रूट बिना खाता खोले आउट हो गए, कुल 8 खिलाड़ी दहाई का आंकड़ा भी नहीं छू पाए। हैरी ब्रूक 41 रनों के साथ हाईएस्ट स्कोरर रहे। ऑस्ट्रेलिया ने दूसरी पारी में 4 रन बना लिए हैं और उनकी लीड 46 की हो गई है।  

99 पर रुके विराट कोहली, लेकिन मैदान पर रच दिया ऐसा कारनामा जो कोई और नहीं कर सका

नई दिल्ली  विराट कोहली के लिए विजय हजारे टूर्नामेंट क्या घट रहा है। पहले मैच में 131 रनों की शतकीय पारी खेलने वाले किंग कोहली ने गुजरात के खिलाफ दूसरे मुकाबले में भी तूफानी अंदाज में 77 रन बनाए, हालांकि वह अपने लगातार दूसरे शतक से चूक गए। कोहली ने शतक से चूकने के बावजूद इतिहास रच दिया। वह अब लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे ज्यादा औसत से रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। जी हां, इस लिस्ट में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज माइकल बेवन को पछाड़ा है। गुजरात के खिलाफ 77 रनों की इस पारी के बाद विराट कोहली का लिस्ट ए में औसत 57.87 का हो गया है, जो एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है।   यह रिकॉर्ड विराट कोहली से पहले ऑस्ट्रेलिया के माइकल बेवन के नाम था। इस दिग्गज बल्लेबाज ने अपने लिस्ट ए करियर में 15103 रन 57.86 के औसत के साथ बनाए थे। विराट कोहली उनसे बस 0.01 की औसत के साथ आगे हैं। टॉप-5 बल्लेबाजों की इस लिस्ट में चेतेश्वर पुजारा 57.01 की औसत के साथ और ऋतुराज गायकवाड़ 56.68 की औसत के साथ मौजूद हैं। विराट कोहली की अगर गुजरात के खिलाफ पारी की बात करें तो, उन्होंने महज 29 गेंदों पर तूफानी अर्धशतक जड़ा। वहीं 61 गेंदों पर 13 चौकों और एक छक्के की मदद से 77 रनों की पारी खेली। कोहली को दूसरे छोर से लंबा साथ नहीं मिल रहा था, जिस वजह से रनों की गति बढ़ाने के प्रयास में वह स्टंप आउट हो गए। खबर लिखे जाने तक दिल्ली ने गुजरात के खिलाफ 5 विकेट के नुकसान पर 150 रन बोर्ड पर लगा दिए हैं, जिसमें से 77 रन तो अकेले विराट कोहली के ही है। पहले राउंड में जिस तरह टीमों ने बड़े-बड़े स्कोर का पीछा किया था उसको देखकर अगर अंदाजा लगाया जाए तो दिल्ली को जीत के लिए कम से कम 300 रन बोर्ड पर लगाने होंगे।  

जीत के साथ ओडिशा का आगाज़, सर्विसेज पर 4 विकेट की रोमांचक जीत

नई दिल्ली विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के दूसरे राउंड का आगाज आज यानी 26 दिसंबर से होने जा रहा है। पहले दिन जिस तरह बल्लेबाजों ने कहर बरपाया, उतना ही कहर आज गेंदबाज बरपा रहे हैं। रोहित शर्मा गोल्डन डक पर आउट हुए, वहीं विराट कोहली ने 77 रनों की शानदार पारी खेली। हालांकि वह अपने दूसरे शतक से चूक गए। सर्विसेज की टीम 83 के स्कोर पर ढेर हो गई। ओडिशा ने सर्विसेज के खिलाफ दर्ज की जीत ओडिशा ने सर्विसेज को हराकर अपनी पहली जीत दर्ज की है। उन्होंने विपक्षी टीम के 83 रनों के स्कोर को 6 विकेट खोकर हासिल कर लिया। 83 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए जीत के करीब पहुंची ओडिशा की टीम। टारगेट से बस कुछ ही रन दूर सभी टीमों ने सेट किए टारगेट सभी टीमों ने टारगेट सेट कर दिया है। सौराष्ट्र ने 254, रेलवेज ने 267, दिल्ली ने 255, छत्तीसगढ़ ने 254, सिक्किम ने 151, गोवा ने 285 रनों का टारगेट अपनी विपक्षी टीम को दिए हैं। मुंबई ने 332 विदर्भ ने 366, उत्तर प्रदेश ने 368, बंगाल ने 206, जम्मू कश्मीर ने 342, पाडुंचेरी ने 151, तमिलनाडु ने 281, केरल ने 285, झारखंड ने 302, मेघालय ने 191, अरुणाचंल प्रदेश ने 255, बिहार ने 285 रनों का लक्ष्य अपनी विपक्षी टीमों के लिए रखा है।

पूर्व कप्तान का बड़ा बयान: टी20 वर्ल्ड कप टीम में अभी से वैभव सूर्यवंशी को मौका दो

नई दिल्ली भारत के पूर्व कप्तान और राष्ट्रीय चयन समिति के पूर्व अध्यक्ष कृष्णमचारी श्रीकांत ने बीसीसीआई से गुजारिश की है कि वैभव सूर्यवंशी को जल्द से जल्द सीनियर सेटअप में शामिल किया जाए। उन्होंने सचिन तेंदुलकर का उदाहरण देते हुए कहा कि वह भी कम उम्र में टीम इंडिया के सीनियर सेटअप का हिस्सा बन गए थे। टी20 वर्ल्ड कप के लिए इंडिया के स्क्वाड का ऐलान पहले ही हो चुका है लेकिन श्रीकांत का कहना है कि भले ही अब देर हो चुकी है लेकिन चयनकर्ता चाहे तो सूर्यवंशी को फास्ट-ट्रैक करके अब भी वर्ल्ड कप स्क्वाड में शामिल कर सकते हैं। एज-ग्रुप क्रिकेट में वैभव सूर्यवंशी के तेजी से उभार और डोमेस्टिक क्रिकेट में उनके प्रदर्शन को देखते हुए श्रीकांत ने कहा कि इस युवा की तकनीक और रनों की भूख उसे बाकी से अलग बनाती है। पूर्व कप्तान ने कहा कि सचिन तेंदुलकर ने 16 की उम्र में डेब्यू किया था। वैभव ने भी अपने से बड़े उम्र के प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ अपनी क्षमता को दिखाया है। उसने हायर लेवल के हिसाब से तेजी से खुद को ढाला है और अब सिलेक्टर को इंतजार करने के बजाय इस प्रतिभा को जल्द से जल्द टी म में लाना चाहिए। वैभव सूर्यवंशी ने विजय हजारे ट्रॉफी में बिहार की तरफ से पहले मैच में इतिहास रच दिया। वह लिस्ट ए क्रिकेट में सबसे कम उम्र में शतक जड़ने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने सिर्फ 84 गेंदों में 190 रन की पारी खेली थी और अपना शतक सिर्फ 36 गेंद में पूरा किया था। वैभव सूर्यवंशी के अलग-अलग फॉर्मेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन से श्रीकांत काफी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि सिलेक्टर्स को तत्काल इस युवा खिलाड़ी पर ध्यान देना चाहिए। अपने यूट्यूब चैनल चीकी चीका पर श्रीकांत ने कहा, ‘वैभव हर जगह शतक जड़ रहा है। चाहे आईपीएल हो, अंडर19 हो। हर जगह। आप कह सकते हैं कि ये तो अरुणाचल प्रदर्श के खिलाफ था लेकिन वह एक अलग कहानी है। ये लड़का हर किसी को और हर तरह के मैच में कूट रहा है। मैंने पिछले साल भी कहा था कि उन्हें इसे टी20 वर्ल्ड कप के लिए फास्ट-ट्रैक करना चाहिए। हो सकता है कि अब बहुत देर हो गई हो लेकिन अब भी वे उसे टीम में फास्ट ट्रैक कर सकते हैं। इस लड़के के अंदर जबरदस्त संभावना है, क्षमता है। उसे फास्ट ट्रैक किया जाना चाहिए और जल्द ही भारतीय टीम में लाना चाहिए।’ श्रीकांत ने कहा, 'लोग कहते हैं कि अभी उसे कुछ और समय खेलने दो। उसे ये करने दो। उसे वो करने दो। सचिन ने भी कम उम्र में खेला था। सही है कि वह हर स्तर पर शतक जड़ने के बाद इंडिया के लिए खेले थे लेकिन यही चीज इस लड़के के लिए वाइट बॉल क्रिकेट को लेकर किया जा सकता है।'  

प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार: वैभव सूर्यवंशी ने पाया सम्मान, अवॉर्ड के नियम और पात्रता भी जानें

नई दिल्ली बिहार के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। उन्हें राष्ट्रपति भवन में आयोजित कार्यक्रम में यह पुरस्कार भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के हाथों प्रदान किया गया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार यानी पीएमआरबीपी असाधारण योग्यताओं और उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए बच्चों को दिया जाता है। राष्ट्रीय स्तर के ये पुरस्कार 5 से 18 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को बहादुरी, कला और संस्कृति, पर्यावरण, नवाचार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, सामाजिक सेवा और खेल जैसी सात श्रेणियों में उनकी उत्कृष्टता के लिए दिए जाते हैं। पीएमआरबीपी के प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक पदक, प्रमाण पत्र और एक प्रशस्ति पुस्तिका दी जाती है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार को रिसीव करने के कारण वैभव सूर्यवंशी विजय हजारे ट्रॉफी के आगे के मैचों में नहीं खेल सकेंगे। उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी के अपने पहले मुकाबले में शानदार 190 रनों की पारी खेली थी, लेकिन दूसरे राउंड के लिए वे प्लेइंग इलेवन का हिस्सा नहीं थे। वैभव सूर्यवंशी के बचपन के कोच मनीष ओझा ने उनके प्लेइंग 11 में शामिल ना होने का कारण प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार को रिसीव करना बताया। उन्होंने कहा कि, वैभव मणिपुर के खिलाफ शुक्रवार का मैच नहीं खेल पाएगा क्योंकि वह प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार लेने के लिए देश की राजधानी दिल्ली जा चुका है। वैभव को दिल्ली में सेरेमनी के लिए शुक्रवार सुबह 7 बजे रिपोर्ट करना था,जिसमें वह शामिल हुए। उनके कोच ने यह भी बताया कि वैभव सूर्यवंशी विजय हजारे ट्रॉफी के आगे के मैच नहीं खेल पाएंगे। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि वैभव इंडिया अंडर-19 टीम के बाकी खिलाड़ियों के साथ जुड़कर जिम्बाब्वे के लिए रवाना होंगे, क्योंकि टीम आने वाले वर्ल्ड कप की तैयारी कर रही है जो अगले साल 15 जनवरी से खेला जाएगा।

सीरीज जीत के लिए मैदान में उतरेगी भारत, तिरुवनंतपुरम की पिच पर कैसा रहेगा खेल का मिजाज?

तिरुवनंतपुरम  इंडिया वुमेंस वर्सेस श्रीलंका वुमेंस 5 मैच की टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबला आज तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जाना है। सीरीज में 2-0 से आगे चल रही हरमनप्रीत कौर की टीम की नजरें जीत की हैट्रिक लगाते हुए सीरीज में अजेय बढ़त बनाने पर होगी। पहले दो मुकाबलों में भारतीय खिलाड़ियों ने श्रीलंका पर पूरी तरह से डोमिनेट किया। पहला टी20 भारत ने 8 विकेट से तो दूसरा 7 विकेट से जीता। हालांकि दीप्ति शर्मा और जेमिमा रोड्रिग्स ने टीम इंडिया की मुश्किल बढ़ाई हुई है। नंबर-1 टी20 बॉलर दीप्ति शर्मा बीमार होने की वजह से दूसरा टी20 नहीं खेल पाई थी, मगर अब वह फिट हैं। मगर जेमिमा को तीसरे टी20 से पहले अपनी फिटनेस साबित करनी होगी। आईए एक नजर India Womens vs Sri Lanka Womens मुकाबले से जुड़ी कुछ अहम जानकारियों पर नजर डालते हैं- India Womens vs Sri Lanka Womens पिच रिपोर्ट तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच गेंदबाजों के लिए अच्छी मानी जाती है। पहले दो मुकाबलों में महफिल लूटने वाले बल्लेबाजों को तीसरे T20I में इस पिच पर मुश्किल हो सकती है। हालांकि, पहले इस मैदान पर ओस नतीजा तय करने में अहम भूमिका अदा कर सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम की नजरें एक बार फिर पहले फील्डिंग करने पर होगी, ताकि वह बाद में टारगेट को आसानी से चेज कर पाए। तिरुवनंतपुरम के इस मैदान पर पहला वुमेंस क्रिकेट का मैच होने वाला है। ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम, तिरुवनंतपुरम टी20 रिकॉर्ड मैच- 4 पहले बैटिंग करके जीते गए मैच – 2 (50.00%) टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 2 (50.00%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 2 (50.00%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 2 (50.00%) हाईएस्ट स्कोर- 235/4 हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 173/2 प्रति विकेट औसत रन- 25.88 प्रति ओवर औसत रन- 8.49 पहले बैटिंग करने का औसत स्कोर- 145 इंडिया वुमेंस वर्सेस श्रीलंका वुमेंस स्क्वॉड भारतीय महिला टीम: स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, हरलीन देयोल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (डब्ल्यू), स्नेह राणा, अमनजोत कौर, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, श्री चरणी, अरुंधति रेड्डी, वैष्णवी शर्मा, जी कमलिनी श्रीलंका महिला टीम: विशमी गुणरत्ने, चमारी अथापथु (कप्तान), हासिनी परेरा, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, नीलाक्षी डी सिल्वा, कौशानी नुथ्यांगना (डब्ल्यू), रश्मिका सेवंदी, इमेशा दुलानी, काव्या कविंदी, निमेश मदुशानी, मल्की मदारा, इनोका राणावीरा, मालशा शेहानी, शशिनी गिम्हानी

बॉक्सिंग डे टेस्ट: जोश टंग के ‘पंजे’ से ऑस्ट्रेलियाई टीम ध्वस्त, दिन का स्कोर 152

सिडनी  ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही पांच मैचों की एशेज सीरीज के चौथे टेस्ट मैच के पहले दिन ऑस्ट्रेलिया 152 रनों के स्कोर पर ऑलआउट हो गई है। मैच के पहले दिन इंग्लैंड के गेंदबाजों का कहर देखने को मिला है। इंग्लिश गेंदबाज जोश टंग ने 5 विकेट हासिल किए हैं। वहीं, एस्किंटन को 2, कार्स को 1 और बेनस्टोक्स को 1 सफलता मिली है। टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी इंग्लिश टीम ने शुरुआत से ही ऑस्ट्रेलिया बल्लेबाजों को पिच पर टिकने नहीं दिया। 27 रन के स्कोर पर ही ऑस्ट्रेलिया के ट्रेविस हेड को आउट करके इंग्लैंड के गेंदबाजों ने शानदार शुरुआत की। उसके बाद नियमित अंतराल पर विकेट गिरते रहे। ऑस्ट्रेलिया की ओर से माइकल नेसर ने सर्वाधिक 35 रन बनाए। उस्मान ख्वाजा ने 29 और एलेक्स कैरी ने 20 रनों की पारी खेली। ऑस्ट्रिलियाई दिग्गज स्टीव स्मिथ 9 रन के निजी स्कोर पर आउट हुए। ट्रेविस हेड भी 12 रन के स्कोर पर चलते बने। इंग्लैंड के गेंदबाज जोश टंग ने शानदार गेंदबाजी करते हुए सलामी बल्लेबाज जेक वेदरलैंड को उनके निजी स्कोर 10 रन पर चलता किया। उसके बाद टंग ने दिग्गज मानर्स लाबुशेन को भी जो रूट के हाथों कैच आउट करा दिया। टंग ने स्टीव स्मिथ के सामने भी आग उगली। उन्हें ज्यादा समय टिकने नहीं दिया और 9 के व्यक्तिगत स्कोर पर पवेलियन भेज दिया। जोश टंग ने अपनी धारदार गेंदबाजी से इस पारी के सर्वाधिक स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज माइकल नेसर को भी आउट किया। इसके बाद आखिरी विकेट को भी गिराने में उन्होंने देर नहीं लगाई स्कॉट बोलेंड को भी तुरंत आउट करके ऑस्ट्रेलिया को 152 के स्कोर पर धराशायी कर दिया। बता दें कि ऑस्ट्रेलिया की इस पारी में कैमरून ग्रीन को रन आउट होकर पवेलियन जाना पड़ा। उन्हें कार्स ने रन आउट किया।