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लगातार सीरीज़ और टूर्नामेंट: 2026 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सामने बड़ी चुनौतियां

नई दिल्ली उतार-चढ़ाव भरे 2025 के बाद भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के सामने 2026 में बेहद व्यस्त कार्यक्रम रहने वाला है। इस साल की सबसे बड़ी खासियत घरेलू परिस्थितियों में होने वाले टी20 विश्व कप का खिताब बचाने की चुनौती, बड़ी संख्या में वनडे मुकाबले और विदेशी धरती पर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) की कठिन परीक्षाएं होंगी। साल 2025 भारत के लिए यादगार रहा। दुबई में खेले गए चैंपियंस ट्रॉफी में टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब जीता, जिसमें चार स्पिनरों की रणनीति काफी सफल रही। टी20 अंतरराष्ट्रीय में भी भारत की प्रगति जारी रही और टीम ने घरेलू व विदेशी दौरों पर द्विपक्षीय सीरीज के साथ एशिया कप में भी जीत दर्ज की, हालांकि अभी तक टी20 विश्व कप की ट्रॉफी हाथ में नहीं आई। टेस्ट क्रिकेट में भारत का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। सिडनी में ऑस्ट्रेलिया से मिली हार के साथ ही भारत को बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी सीरीज में 3-1 से हार झेलनी पड़ी और डब्ल्यूटीसी फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें भी खत्म हो गईं। इसी दौरान विराट कोहली, रोहित शर्मा और चेतेश्वर पुजारा ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास ले लिया, जिससे टीम में बड़े बदलाव की शुरुआत हुई। शुभमन गिल को नया टेस्ट कप्तान नियुक्त किया गया और बाद में उन्होंने वनडे टीम की भी कमान संभाली। इंग्लैंड में 2-2 से ड्रॉ रही सीरीज के बाद भारत ने घरेलू मैदान पर वेस्टइंडीज को 2-0 से हराया। हालांकि, न्यूजीलैंड से मिली 3-0 की हार की यादें तब फिर ताजा हो गईं जब दक्षिण अफ्रीका ने भारत को 2-0 से पराजित किया। टेस्ट टीम में बल्लेबाजी क्रम अब भी स्थिर नहीं है और लगातार प्रयोगों के कारण भूमिका स्पष्टता व दीर्घकालिक योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं। 2026 में भारत का ध्यान सबसे ज्यादा टी20 क्रिकेट पर रहेगा, जबकि टी20 विश्व कप के बाद वनडे प्रारूप पर फोकस बढ़ेगा। साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड की टीम तीन वनडे और पांच टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए भारत दौरे पर आएगी। इसके बाद 7 फरवरी से 8 मार्च तक भारत और श्रीलंका की मेजबानी में टी20 विश्व कप खेला जाएगा। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत इस टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन के रूप में उतरेगा। मौजूदा फॉर्म और खिलाड़ियों की उपलब्धता को देखते हुए टीम इंडिया के पास खिताब बचाने का सुनहरा मौका होगा। अगर भारत ऐसा करने में सफल रहता है, तो वह घरेलू मैदान पर टी20 विश्व कप जीतने वाली पहली टीम बनेगा और कुल तीन खिताब जीतने वाली इकलौती टीम भी। टी20 विश्व कप और आईपीएल 2026 के बाद जून में अफगानिस्तान की टीम एक टेस्ट (डब्ल्यूटीसी चक्र से बाहर) और तीन वनडे खेलने भारत आएगी। इसके बाद जुलाई में भारत इंग्लैंड के खिलाफ तीन वनडे और पांच टी20 मैचों की सफेद गेंद की सीरीज खेलेगा। डब्ल्यूटीसी 2026 के तहत भारत की टेस्ट चुनौतियां अगस्त में श्रीलंका दौरे से शुरू होंगी, जहां दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे। यह दौरा खास तौर पर अहम होगा, क्योंकि स्पिन-अनुकूल पिचों पर स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ भारत का प्रदर्शन अब तक चिंता का विषय रहा है। सितंबर में यूएई में अफगानिस्तान के खिलाफ तीन टी20 मैचों की सीरीज संभावित है। बांग्लादेश दौरे को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, क्योंकि वहां की मौजूदा परिस्थितियों के चलते यह दौरा टल सकता है। इसके अलावा 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों के टी20 मुकाबलों में भारत की दूसरी पंक्ति की टीम हिस्सा ले सकती है। भारत का घरेलू सत्र सितंबर-अक्टूबर में वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे और पांच टी20 मैचों से शुरू होगा। इसके बाद अक्टूबर-नवंबर में टीम न्यूजीलैंड के कठिन विदेशी दौरे पर जाएगी, जहां दो टेस्ट, तीन वनडे और पांच टी20 मैच खेले जाएंगे। साल के अंत में दिसंबर में भारत श्रीलंका की मेजबानी करेगा, जहां तीन वनडे और तीन टी20 मैच खेले जाएंगे। यह सीरीज 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से अहम मानी जा रही है। तीनों प्रारूपों में लगातार व्यस्त कार्यक्रम के बीच भारतीय खिलाड़ियों और टीम प्रबंधन के लिए कार्यभार प्रबंधन बेहद अहम रहेगा, ताकि टीम विभिन्न द्विपक्षीय सीरीज और बड़े टूर्नामेंटों में ट्रॉफी जीतने के लक्ष्य के साथ लगातार बेहतर प्रदर्शन कर सके।  

भारत की नजरें निर्णायक मुकाबले पर, श्रीलंका के खिलाफ तीसरा टी20 बना सीरीज़ फाइनल

तिरूवनंतपुरम  आत्मविश्वास से ओतप्रोत भारतीय टीम अपनी लय को कायम रखते हुए खराब फॉर्म से जूझ रही श्रीलंकाई टीम के खिलाफ शुक्रवार को तीसरा टी20 मैच और पांच मैचों की श्रृंखला जीतने के इरादे से उतरेगी। भारत ने विशाखापत्तनम में पहले दो टी20 मैचों में क्रमश: आठ और सात विकेट से जीत दर्ज की है। भारत की यह पिछले 11 टी20 मैचों में नौवीं जीत थी।  श्रीलंका ने आखिरी बार भारत को जुलाई 2024 में दाम्बुला में हराया था। मेजबान टीम के पास शानदार बल्लेबाजी क्रम है और पिछले दोनों मैचों में अलग अलग खिलाड़ियों ने जीत दिलाई है। पहले मैच में जहां जेमिमा रौड्रिग्स चली तो दूसरे में शेफाली वर्मा जीत की सूत्रधार रहीं। भारत की गेंदबाजी ईकाई भी उतनी ही दमदार है और स्पिनरों ने पहले मैच में श्रीलंका को छह विकेट पर 121 और दूसरे में नौ विकेट पर 128 रन पर रोक दिया। युवा एन श्रीचरणी, वैष्णवी शर्मा और क्रांति गौड़ ने अनुशासित, नियंत्रित और प्रभावी गेंदबाजी की है।  हरफनमौला दीप्ति शर्मा बुखार के कारण दूसरा टी20 नहीं खेल पाई लेकिन उनकी जगह आई स्नेह राणा ने चार ओवर में 11 रन देकर एक विकेट लिया। भारतीय टीम को हालांकि क्षेत्ररक्षण पर काम करना होगा चूंकि पहले मैच में पांच कैच छूटे थे हालांकि दूसरे मैच में तीन रन आउट किए। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय टीम यहां अगले तीन मैचों में प्रदर्शन में सुधार करना चाहेगी।  दूसरी ओर श्रीलंका को उम्मीद है कि जगह बदलने से उसकी किस्मत भी बदलेगी हालांकि दोनों टीमों के प्रदर्शन में जमीन आसमान का अंतर है। श्रीलंका को दोनों मैचों में उसके बल्लेबाजों ने निराश किया। पहले मैच में विष्मी गुणरत्ने ने 43 गेंद में 39 रन बनाये जबकि हसिनी परेरा और हर्षिता समरविक्रमा आक्रामक पारियां नहीं खेल सके। दूसरे मैच में चामरी अटापट्टू के आउट होने के बाद श्रीलंका ने 26 रन के भीतर छह विकेट गंवा दिए।  टीमें :  भारत : हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उपकप्तान), दीप्ति शर्मा, स्नेह राणा, जेमिमा रोड्रिग्स, शैफाली वर्मा, हरलीन देयोल, अमनजोत कौर, अरुंधति रेड्डी, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जी कमलिनी (विकेटकीपर), श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा।  श्रीलंका : चामरी अटापट्टू (कप्तान), हसिनी परेरा, विष्मी गुणरत्ने, हर्षिता समरविक्रमा, नीलाक्षिका डी सिल्वा, कविशा दिलहारी, इमेशा दुलानी, कौशिनी नुथ्यांगना, मालशा शेहानी, इनोका राणावीरा, शशिनी गिम्हानी, निमेश मदुशानी, काव्या कविंदी, रश्मिका सेववंडी, मल्की मदारा।  समय : शाम 7 बजे।   

ऑस्ट्रेलियाई ओपन में नया कीर्तिमान बनाने उतरे जोकोविच, फैंस की बढ़ी धड़कनें

माल्टा सर्बिया के टेनिस स्टार नोवाक जोकोविच की नजरें अब अगले साल होने वाले ऑस्ट्रेलियन ओपन पर लगी हैं। इसमें वह रिकॉर्ड 25वां ग्रैंड स्लैम जीतने उतरेंगे। इससे पहले वह एडिलेड इंटरनेशनल में उतरकर अपनी तैयारियों की समीक्षा करेंगे। हैं। इसी को देखते हुए जोकोविच ने नये ट्रेनिंग पार्टनर फ्रांस के आर्थर काजॉक्स के साथ अभ्यास शुरु कर दिया है। इससे काजॉक्स बेहद उत्साहित हैं। इस युवा खिलाड़ी ने लिखा, तीन शानदार दिन, ट्रेनिंग, सीखने और एक महान खिलाड़ी के साथ अनुभव साझा करने का अवसर मिला। बहुत आभारी हूं। काजॉक्स ने साल 2025 में अपनी करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग 58 हासिल की।  उन्होंने एटीपी फाइनल में खेलते हुए कई बड़े खिलाड़ियों को हराया और ग्रैंड स्लैम स्तर पर ऑस्ट्रेलियन ओपन और विंबलडन में दो जीत दर्ज की। इस प्रदर्शन से प्रभावित होकर ही जोकोविच ने उन्हें ट्रेनिंग पार्टनर बनाया है। इस साझेदारी से दोनों खिलाड़ियों को लाभ हो रहा है। जहां जोकोविच एक युवा से खेलकर इससे अपने खेल को और बेहतर बना रहे हैं। वहीं काजॉक्स को एक शीर्ष खिलाड़ी से खेलने के कारण सीखने का मिल रहा है। जोकोविच जैसे खिलाड़ी के साथ अभ्यास करने से काजॉक्स को तकनीक और रणनीति बनाने का भी अनुभव हो रहा है।   

बैडमिंटन स्टार पी.वी. सिंधु का वैश्विक सम्मान, BWF एथलीट्स कमीशन की कमान संभाली

नई दिल्ली दो बार की ओलंपिक पदक विजेता भारतीय शटलर पी.वी. सिंधु को 2026–29 कार्यकाल के लिए बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (बीडब्ल्यूएफ) की एथलीट्स कमीशन का चेयरपर्सन चुना गया है। इस भूमिका के साथ ही सिंधु बीडब्ल्यूएफ काउंसिल की सदस्य के रूप में भी सेवाएं देंगी, जिससे विश्व बैडमिंटन की नीतियों और प्रशासन में खिलाड़ियों की आवाज और मजबूत होगी। इसके अलावा, हांगकांग चीन के चान हो यूएन डैनियल को पैरा बैडमिंटन एथलीट्स कमीशन का चेयर चुना गया है। सिंधु वर्ष 2017 से बीडब्ल्यूएफ एथलीट्स कमीशन की सदस्य रही हैं और 2020 से बीडब्ल्यूएफ इंटीग्रिटी एंबेसडर की भूमिका भी निभा रही हैं। 2019 की विश्व चैंपियन सिंधु अपने लंबे अनुभव और प्रभावशाली व्यक्तित्व के साथ इस अहम जिम्मेदारी को संभालेंगी। इस मौके पर सिंधु ने कहा, “मैं इस भूमिका को गहरी जिम्मेदारी और उद्देश्य के साथ स्वीकार करती हूं। एथलीट्स कमीशन की चेयर के रूप में मेरा फोकस यह सुनिश्चित करना होगा कि खिलाड़ियों की आवाज हर स्तर पर साफ, निरंतर और सम्मान के साथ सुनी जाए। मैं इस भूमिका को खिलाड़ियों और प्रशासन के बीच एक सेतु के रूप में देखती हूं। साथी खिलाड़ियों द्वारा मुझ पर जताया गया भरोसा मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं पूर्व चेयर ग्रेसिया पोली को उनके शानदार कार्य के लिए धन्यवाद देना चाहती हूं।” सिंधु की डिप्टी चेयर नीदरलैंड्स की डेबोरा जिले होंगी। दक्षिण कोरिया की एन से यंग, मिस्र की दोहा हानी और चीन की जिया यी फैन भी कमीशन की अन्य खिलाड़ी प्रतिनिधि हैं। पैरा बैडमिंटन में, चान हो यूएन डैनियल ने इस साल की शुरुआत में अंतरिम चेयर के रूप में कार्य किया था और अब वह इस भूमिका को पूर्णकालिक रूप से निभाएंगे। दो बार के पैरालंपियन रह चुके डब्लूएच2 खिलाड़ी चान ने कहा, “बीडब्ल्यूएफ पैरा एथलीट्स कमीशन का चेयर चुना जाना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है। यह न केवल मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि दुनिया भर के पैरा बैडमिंटन खिलाड़ियों की मेहनत और प्रगति की पहचान भी है।” डेनमार्क की कैथरीन रोसेनग्रेन उनकी डिप्टी होंगी। अमेरिका की एमी बर्नेट, फ्रांस के गुइयोम गैली, भारत के अबू हुबैदा और मिस्र के तारेक अब्बास घरीब ज़हरी कमीशन के अन्य सदस्य हैं। इस बीच, ईरान की सोराया अगाएई हाजी आगा, जो टोक्यो 2020 ओलंपिक में ईरान का प्रतिनिधित्व करने वाली पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी थीं, को हाल ही में अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) की एथलीट्स कमीशन के पांच नए सदस्यों में शामिल किया गया है।  

लिवरपूल एफसी मैच में विवादित रेड कार्ड, टॉटेनहम को बड़ा झटका; रोमेरो पर लग सकता है लंबा प्रतिबंध

लंदन टॉटेनहम हॉटस्पर के कप्तान क्रिस्टियन रोमेरो पर लिवरपूल के खिलाफ मैच में रेड कार्ड मिलने के बाद लंबा प्रतिबंध लग सकता है। इंग्लैंड की फुटबॉल एसोसिएशन (एफए) ने उन पर मैदान छोड़ने में देरी करने और रेफरी के प्रति “आक्रामक” रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए औपचारिक चार्ज लगाया है। पिछले शनिवार को खेले गए प्रीमियर लीग मुकाबले में टॉटेनहम को लिवरपूल के खिलाफ 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। इस मैच में रोमेरो को लिवरपूल डिफेंडर इब्राहिमा कोनाटे को किक मारने के लिए दूसरा येलो कार्ड दिखाया गया, जिसके बाद रेफरी जॉन ब्रूक्स ने उन्हें मैदान से बाहर भेज दिया। रोमेरो के आउट होने से स्पर्स की स्थिति और खराब हो गई, क्योंकि इससे पहले ही पहले हाफ में ज़ावी सिमंस को गंभीर फाउल प्ले के लिए रेड कार्ड दिखाया जा चुका था और टीम नौ खिलाड़ियों के साथ खेल रही थी। अर्जेंटीना के सेंटर-बैक रोमेरो को इससे पहले लिवरपूल के दूसरे गोल के दौरान ह्यूगो एकितीके द्वारा कथित धक्का दिए जाने पर विरोध जताने के लिए येलो कार्ड मिला था। नियमों के अनुसार एक ही मैच में दो येलो कार्ड मिलने पर वह स्वतः ही रेड कार्ड में बदल जाता है। रेड कार्ड के चलते रोमेरो पर फिलहाल एक मैच का स्वचालित प्रतिबंध लग चुका है, जिसके कारण वह रविवार को क्रिस्टल पैलेस के खिलाफ होने वाले लंदन डर्बी में नहीं खेल पाएंगे। हालांकि, एफए के आरोपों में दोषी पाए जाने पर उन पर अतिरिक्त सजा और लंबा प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है। रोमेरो को 2 जनवरी तक इस आरोप का जवाब देना होगा। आने वाले दिनों में टॉटेनहम का कार्यक्रम भी काफी व्यस्त है। टीम 01 जनवरी को ब्रेंटफोर्ड के खिलाफ खेलेगी, 4 जनवरी को संडरलैंड की मेजबानी करेगी और इसके तीन दिन बाद बॉर्नमाउथ का दौरा करेगी। एफए के बयान में कहा गया, “यह आरोप है कि रोमेरो ने 93वें मिनट में रेड कार्ड मिलने के बाद तुरंत मैदान नहीं छोड़ा और/या मैच रेफरी के प्रति टकरावपूर्ण अथवा आक्रामक व्यवहार किया।” इस सीजन प्रीमियर लीग में रोमेरो पहले ही सात येलो कार्ड प्राप्त कर चुके हैं। वहीं टॉटेनहम के मुख्य कोच थॉमस फ्रैंक ने रेफरी जॉन ब्रूक्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फ्रैंक का कहना है कि रेफरी ने अपने कर्तव्यों का सही ढंग से निर्वहन नहीं किया। फ्रैंक ने कहा, “मैदान पर जॉन ब्रूक्स से बड़ी गलती हुई। एकितीके ने साफ तौर पर दो हाथों से धक्का दिया। मुझे समझ नहीं आता कि उन्होंने यह कैसे नहीं देखा। वीएआर का होना इसलिए है कि ऐसी गलतियां सुधारी जाएं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।” उन्होंने कहा, “अगर उस दूसरे गोल से पहले रेफरी ने अपना काम ठीक से किया होता, तो रोमेरो को पहला येलो कार्ड ही नहीं मिलता। मेरे पास एक बेहद जुनूनी खिलाड़ी है, और ऐसे खिलाड़ियों के साथ कभी-कभी सीमा तक जाना पड़ता है।” इस हार के बाद टॉटेनहम अंक तालिका में 14वें स्थान पर खिसक गया है, जिससे जून में एंजे पोस्टेकोग्लू के जाने के बाद टीम की कमान संभालने वाले थॉमस फ्रैंक पर दबाव और बढ़ गया है।  

डब्ल्यूपीएल में दिल्ली कैपिल्स की कप्तानी करेंगी जेमिमा रोड्रिग्स

मुंबई दिल्ली कैपिटल्स ने महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) के 2026 सत्र के लिए मेग लैनिंग की जगह बल्लेबाज जेमिमा रोड्रिग्स को कप्तान बनाया है। लैनिंग की कप्तानी में दिल्ली की टीम तीन बार टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंची है पर एक बार भी खिताब नहीं जीत पायी है। दिल्ली कैपिटल्स के सह मालिक पार्थ जिंदल ने पहले ही कहा था कि इस बार टीम की कमान किसी भारतीय खिलाड़ी को ही दी जाएगी। दिल्ली की टीम में दक्षिण अफ्रीका की अनुभवी बल्लेबाज लाउरा वोलवार्ट भी शामिल हैं। वोलवार्ट की कप्तानी में दक्षिण अफ्रीका की टीम महिला विश्व कप के फाइनल में पहुंची थी पर इसके बाद भी दिल्ली ने जेमिमा पर भरोसा जताया है। डब्ल्यूपीएल में जेमिमा का प्रदर्शन अच्छा रहा है। इस बल्लेबाज ने 27 मैचों में तीन अर्धशतक के साथ ही 28.16 के औसत से 507 रन बनाए हैं, और इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 139.66 का रहा है। उनका इस टूर्नामेंट में सबसे अधिक स्कोर नाबाद 69 रन रहा है। दिल्ली कैपिटल्स डब्ल्यूपीएल 2026 में अपने पहले मुकाबले में 10 जनवरी को मुंबई इंडियंस से खेलेगी। जेमिमा ने कप्तान बनाये जाने पर खुशी जतायी है। साथ ही कहा, दिल्ली कैपिटल्स की कप्तान बनना मेरे लिए बेहद सम्मान की बात है। मैं टीम के मालिकों और सहयोगी स्टाफ की आभारी हूं जिन्होंने मुझ पर भरोसा जताते हुए मुझे इस टीम का नेतृत्व करने का अवसर दिया। यह शानदार अवसर मिलना मेरे और मेरे परिवार के लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। इस बल्लेबाज ने कहा, मैंने पिछले तीन वर्षों में बहुत कुछ सीखा है और दिल्ली कैपिटल्स के साथ अपने कुछ बेहतरीन पल साझा किए हैं। हमारे पास एक मजबूत टीम है और मैं मैदान में उतरने के लिए उत्सुक हूं क्योंकि हम एक बहुत ही अच्छे सत्र की उम्मीद कर रहे हैं।  दिल्ली कैपिटल्स टीम : जेमिमा रोड्रिग्स, शेफाली वर्मा, मारिजाने कप्प, एनाबेल सदरलैंड, निकी प्रसाद, लाउरा वोलवार्ट, चिनेले हेनरी, श्री चरणी, स्नेह राणा, लिजेल ली, दीया यादव, तानिया भाटिया, ममता मादीवाला, नंदनी शर्मा, लुसी हैमिल्टन, मिन्नू मणि।  

देशभर में देशभक्ति का संदेश फैलाएगा एनसीसी साइकिल अभियान, पुणे से दिल्ली की ऐतिहासिक यात्रा शुरू

पुणे एनसीसी निदेशालय महाराष्ट्र की ओर से आयोजित ऐतिहासिक साइकिल अभियान ‘शौर्य के कदम, क्रांति की ओर’ को गुरुवार को पुणे के ऐतिहासिक शनिवार वाड़ा से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। यह अभियान आगामी एनसीसी पीएम रैली 2026 का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका समापन 27 जनवरी 2026 को दिल्ली में प्रधानमंत्री की ओर से साइकिल रैली टीम को हरी झंडी दिखाने के साथ होगा। इस अभियान का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रप्रेम, एकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना है। यह अभियान महान मराठा योद्धा जनरल पेशवा बाजीराव प्रथम से प्रेरित है, जिन्होंने पुणे से दिल्ली तक सफल सैन्य अभियान का नेतृत्व किया था। उन्होंने मुगलों, पुर्तगालियों और निजाम के विरुद्ध 41 युद्ध जीतकर मराठा साम्राज्य का विस्तार किया। एनसीसी का यह साइकिल अभियान भी उसी ऐतिहासिक मार्ग की तर्ज पर लगभग 1680 किलोमीटर की दूरी तय करेगा। अभियान के दौरान महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और हरियाणा सहित पांच राज्यों से गुजरते हुए एनसीसी कैडेट्स स्थानीय युवाओं को जोड़ेंगे और सड़क सुरक्षा, फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण, एकता और “राष्ट्र प्रथम” जैसे विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे। इस साइकिल अभियान टीम का नेतृत्व ब्रिगेडियर सचिन गवली, ग्रुप कमांडर, एनसीसी ग्रुप मुख्यालय अमरावती कर रहे हैं। टीम में 12 चयनित एनसीसी कैडेट शामिल हैं, जिनमें छह बालिका कैडेट भी हैं। इन कैडेट्स का चयन कठिन प्रक्रिया के बाद हुआ और उन्होंने तीन माह का गहन प्रशिक्षण प्राप्त किया है। झंडी दिखाने से पहले कैडेट्स ने पेशवा बाजीराव के जन्मस्थान सिन्नर और पुणे के शनिवार वाड़ा में रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण और श्रमदान जैसी सामाजिक सेवा गतिविधियां की। कैडेट्स ने शनिवार वाड़ा का लाइट एंड साउंड शो देखा और श्रीमंत दगडूशेठ हलवाई गणपति मंदिर में आशीर्वाद लेकर यात्रा की शुरुआत की। इस अवसर पर मेजर जनरल विवेक त्यागी, एडीजी, एनसीसी निदेशालय महाराष्ट्र ने कैडेट्स की मेहनत और दृढ़ संकल्प की सराहना की। कार्यक्रम में उपस्थित बॉलीवुड अभिनेता विवान शाह ने भी कैडेट्स की प्रशंसा करते हुए जनता से उनके अभियान को समर्थन देने और विकसित भारत@2047 के युवा दूतों की भावना का उत्सव मनाने का आह्वान किया।  

‘टेस्ट में व्यस्त हैं जायसवाल’ – टी-20 वर्ल्ड कप चयन को लेकर पूर्व क्रिकेटर का बड़ा बयान

नई दिल्ली  साल 2026 में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के लिए बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को 15 सदस्यीय टीम में जगह नहीं मिली है। इसको लेकर अब पूर्व क्रिकेटर और जाने माने कमेंट्रेटर आकाश चोपड़ा ने अपनी राय दी है। आकाश चोपड़ा ने टी-20 वर्ल्ड कप टीम में जायसवाल को चयनित ना किए जाने को गलत बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट का स्टैंडर्ड भले ही काफी हाई हो, लेकिन विश्व कप की टीम में होना और विश्व कप खेलना अपने आप में बड़ी अहमियत रखता है। चोपड़ा ने यशस्वी जायसवाल को टीम में ना चुने जाने को लेकर कहा कि उन्हें टेस्ट खेलने की सजा मिली है। उनका कहना है कि अगर जायसवाल टेस्ट नहीं खेल रहे होते तो वर्ल्ड कप की टीम में होते। आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल के हैश टैग आकाशवाणी प्रोग्राम में यशस्वी जायसवाल के टी-20 वर्ल्ड कप टीम में चयनित ना होने को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि, "देखिए यशस्वी के साथ तो ऐसा प्रतीत होता है कि गलत ही हुआ है। 2024 की विश्व कप टीम में जो था, उसके बाद उसने कुछ गलत नहीं किया है, लेकिन टीम में नहीं है। ऐसा लगता है कि यशस्वी आउट ऑफ फेवर हैं। ना वो एशिया कप की टीम में था, ना विश्व कप की टीम में है। वास्तव में उन्हें सभी फॉर्मेट क्रिकेट खेलने का इनाम नहीं मिला है।" आकाश चोपड़ा कहते हैं कि "हकीकत तो यह है कि यशस्वी जायसवाल को टेस्ट क्रिकेट खेलने का नुकसान हुआ है। जायसवाल अगर टेस्ट नहीं खेल रहे होते तो टी-20 की टीम में होते। वर्ल्ड कप खेल रहे होते। टेस्ट क्रिकेट ग्रेट है, लेकिन वर्ल्ड कप की अहमियत ज्यादा है।" बता दें कि बीते दिनों जब टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम के लिए भारतीय स्क्वॉड का ऐलान हुआ तो जायसवाल को ना चुने जाने को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में काफी नाराजगी देखी गई। जायसवाल का टी-20 रिकॉर्ड काफी बेहतर है। उन्होंने साल 2023 में टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। तब से अब वे 23 टी-20 मैच खेले हैं, जिसकी 22 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 36.15 की औसत और 164.31 की शानदार स्ट्राइक रेट के साथ कुल 723 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 5 अर्धशतक लगाए हैं।  

वनडे क्रिकेट में जो रूट का दबदबा: सबसे ज्यादा रन, रोहित-कोहली की भी टॉप-10 में एंट्री

नई दिल्ली  आईसीसी रैंकिंग्स में जो रूट दुनिया के नंबर वन टेस्ट बल्लेबाज हैं। वे लंबे समय से इस पोजीशन पर बने हुए हैं। हालांकि, साल 2025 जो रूट के लिए टेस्ट में नहीं बल्कि वनडे क्रिकेट में शानदार गुजरा है। जो रूट साल 2025 में वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। सामान्य तौर पर रूट के बारे में यह माना जाता है कि वे क्रिकेट के सबसे लंबे फॉर्मेट के खिलाड़ी हैं। हालांकि, इस बार उन्होंने वनडे क्रिकेट में भी अपना जलवा बिखेरा है। जो रूट ने साल 2025 में कुल 15 वनडे मैच खेले, जिसकी सभी 15 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 57.71 की शानदार औसत के साथ 808 रन बनाए हैं। इस साल उनके बल्ले से वनडे क्रिकेट में 3 शतक और 4 अर्धशतक निकले हैं। जो रूट के बाद डैरिल मिचेल नंबर दो पर हैं। मिचेल ने 17 वनडे मैचों की 16 पारियों में 54.35 की औसत से 761 रन बनाए हैं। तीसरे स्थान पर स्कॉटलैंड के बल्लेबाज जॉर्ज मुन्से हैं, जिन्होंने 73.50 की शानदार औसत से 11 वनडे मैचों की 11 पारियों में 735 रन बनाए हैं। साउथ अफ्रीका के मैथ्यू ब्रीट्जके(706), वेस्टइंडीज के साई होप (670), पाकिस्तान के सलमान अली आगा (667) और अमेरिका के मिलिंद कुमार (652) क्रमश: चौथे, पांचवें, छठे और सातवें स्थान पर हैं। साल 2025 में वनडे क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में रोहित शर्मा और विराट कोहली के नाम भी टॉप-10 में शामिल हैं। विराट कोहली इस सूची में 8वें स्थान पर हैं, वहीं रोहित शर्मा 9वें नंबर पर मौजूद हैं। बता दें कि विराट कोहली ने साल 2025 में कुल 13 वनडे मैच खेले हैं, जिसकी सभी 13 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 65.10 की औसत से 651 रन बनाए हैं। रोहित शर्मा के लिए भी यह साल अच्छा गुजरा है। उन्होंने 2025 में कुल 14 वनडे पारियों में बल्लेबाजी की है, जिसमें 50.00 की औसत से 650 रन बनाए हैं। विराट कोहली ने 2025 में वनडे में 3 शतक और 4 अर्धशतक जड़े हैं, वहीं रोहित शर्मा के नाम 2 शतक और 2 अर्धशतक हैं। वनडे में इस साल सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों में 10वें नंबर पर न्यूजीलैंड के रचिन रवींद्र हैं। उन्होंने इस साल 14 मैचों में 604 रन बनाए हैं। इस दौरान रवींद्र की औसत 43.14 की रही है।  

इंग्लैंड के दिग्गज की बड़ी सलाह: एशेज में मात के बाद रवि शास्त्री को कोच बनाने की उठी मांग

नई दिल्ली  ऑस्ट्रेलिया में एक और निराशाजनक एशेज दौरे के बाद इंग्लैंड के मुख्य कोच ब्रेंडन मैकुलम पर दबाव बढ़ता जा रहा है। उन पर लगातार सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। इंग्लैंड के पूर्व स्पिनर मोंटी पनेसर ने ब्रेंडन मैकुलम की जगह रवि शास्त्री को मुख्य कोच बनाने का सुझाव दिया है। मोंटी पनेसर के अनुसार, रवि शास्त्री इंग्लैंड के मुख्य कोच के रूप में एक ऐसा विकल्प साबित हो सकते हैं जो ऑस्ट्रेलिया को ऑस्ट्रेलिया में हराने की मानसिकता रखते हैं।   इंग्लैंड के 11 दिनों के भीतर एशेज हारने और दो टेस्ट शेष रहते हुए 0-3 से पिछड़ने के बाद पनेसर का मानना ​​है कि टॉप लीडरशिप में बदलाव जरूरी है। वे मानते हैं कि रवि शास्त्री इंग्लैंड के मुख्य कोच के लिए पूरी तरह से फिट हैं। पत्रकार रवि बिष्ट के यूट्यूब चैनल पर बातचीत में पनेसर ने कहा कि इंग्लैंड को ऐसे कोच की जरूरत है जो ऑस्ट्रेलिया को उनकी ही परिस्थितियों में रणनीतिक और मानसिक दोनों तरह से हराने का तरीका जानता हो। पनेसर ने कहा, “आपको सोचना होगा, ऑस्ट्रेलिया को हराने का सही तरीका कौन जानता है? ऑस्ट्रेलिया की मानसिक, शारीरिक और रणनीतिक कमजोरियों का फायदा कैसे उठाया जाए? मुझे लगता है कि रवि शास्त्री को इंग्लैंड का अगला मुख्य कोच बनना चाहिए। ” पनेसर का रवि शास्त्री को इंग्लैंड का मुख्य कोच बनाए जाने का सुझाव पूरी तरह से उनके रिकॉर्ड पर आधारित है। शास्त्री के मुख्य कोच रहते हुए भारत ने ऑस्ट्रेलिया में लगातार बॉर्डर- गावस्कर ट्रॉफी जीती। रवि शास्त्री के कार्यकाल में भारत ने पहली बार 2018-19 में इस सीरीज में अपना कब्जा जमाया। साल 2020-21 में भी रवि शास्त्री की कोचिंग में भारत ने बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी में जीत हासिल की। बता दें कि मैकुलम को मई 2022 में इंग्लैंड का मुख्य कोच तब बनाया गया था, जब इंग्लैंड ऑस्ट्रेलिया से 4-0 से एशेज सीरीज हार गया था। कोच बनने के बाद मैकुलम ने कप्तान बेन स्टोक्स के साथ मिलकर टीम में शुरुआती बदलाव किए थे, जिसका पहले पॉजिटिव रिजल्ट आया था। इंग्लैंड ने मैकुलम की कोचिंग में अपने पहले 11 टेस्ट मैचों में से 10 जीते थे, लेकिन बाद में वह लय थम गई। इंग्लैंड ने अपने अगले 33 मैचों में से 16 में हार का सामना किया है।