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सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रमों का बेहतर आयोजन सुनिश्चित हो: मंत्री जायसवाल

रायपुर : सेवा संकलल्प अभियान अंतर्गत सभी कार्यक्रमों का बेहतर आयोजन सुनिश्चित हो -कैबिनेट मंत्री जायसवाल प्रभारी मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सेवा संकल्प अभियान की तैयारी हेतु ली समीक्षा बैठक अंगदान का संकल्प लेने वालों को प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित रायपुर बलौदाबाजार भाटापारा जिले के प्रभारी एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को जिला प्रवास के दौरान संयुक्त जिला कार्यालय के सभाकक्ष मे सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रम की तैयारी की समीक्षा  बैठक ली।  इस दौरान अंगदान का संकल्प लेने वाले 5 दानदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया औऱ उन्हें प्रेरणास्रोत बताया। अंगदान संकल्प लेने वालों मे जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल,फिरतराम साहू, पुष्पा साहू,भाटापारा से वेदराम आनंद एवं  रेशमा बाई शामिल हैं। सेवा संकलल्प अभियान अंतर्गत सभी कार्यक्रमों का बेहतर आयोजन सुनिश्चित हो -कैबिनेट मंत्री जायसवाल  प्रभारी मंत्री जायसवाल ने 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान को अति महत्वपूर्ण बताते हुए सभी कार्यक्रमो का बेहतर आयोजन सुनिश्चित करने एवं अधिक से अधिक जनसहभागिता हेतु आवश्यक निर्देश एवं मार्गदर्शन दिये। उन्होंने आशीर्वाद का दीया कार्यक्रम का जिले मे बेहतर आयोजन की सराहना की औऱ आगामी सभी कार्यक्रम को गरिमापूर्ण आयोजन की बात कही। बैठक मे आगामी सभी कार्यक्रमों की तैयारी के सम्बन्ध मे विस्तृत समीक्षा की।उन्होंने मेरे सपनों का भारत कार्यक्रम अंतर्गत विद्यालय स्तर से ब्लॉक एवं जिला स्तरीय प्रतियोगिता के लिये विद्यार्थियों की संख्या निर्धारण करने कहा। आंगन मिलन सेवा कार्यक्रम अंतर्गत अंगाबाड़ी कार्यकर्त्ता,सहायिका मितानिन का सम्मान,गर्भवती माताओ व बच्चों का हेल्थ चेक -अप एवं खेलकूद आयोजित करने के निर्देश दिये।सेवा की कहानी अंतर्गत लाभार्थियों की सफलता की कहानी सभी मीडिया प्लेटफार्म मे जारी करने, सेवा मेरा योगदान अंतर्गत स्वच्छता अभियान गांव,शहरों,नदी,घाट,तालाब आदि की सफाई जनसहभागिता से करें। उन्होंने सेवा सेतु शिविर के सम्बन्ध मे कहा कि सभी ब्लॉक मे एक- एक चिहांकित गांव मे आयोजित करना है जिसमें जिला स्तरीय अधिकारियो की टीम मौजूद रहेंगे। शिविर मे मेगा हेल्थ कैम्प का विशेष रूप से आयोजन किया जाए। शिविर का उद्देश्य आने वाले आवेदको को लाभार्थी बनाकर वापस भेजने का हो। उनके समस्याओ का तत्काल निराकरण होना चाहिए।

बच्चों के बीच पहुंचे मंत्री जायसवाल, स्कूल में सुविधाओं का लिया जायजा; बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं

बच्चों के बीच पहुंचे मंत्री जायसवाल, सुविधाओं का लिया जायजा कहा, विद्यार्थियों की सुविधा में लापरवाही बर्दाश्त नहीं विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर जाना भोजन, स्वच्छता और व्यवस्थाओं का हाल, अधिकारियों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश मनेन्द्रगढ़/एमसीबी स्थानीय विधायक एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल अपने दौरा कार्यक्रम के दौरान ग्राम जरौंधा स्थित छात्रावास पहुंचे। मंत्री के छात्रावास पहुंचने पर विद्यार्थियों में उत्साह देखने को मिला। उन्होंने औपचारिक निरीक्षण तक सीमित न रहते हुए विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर उनसे आत्मीय संवाद किया और छात्रावास में उन्हें मिल रही सुविधाओं का प्रत्यक्ष फीडबैक लिया। मंत्री जायसवाल ने विद्यार्थियों से भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता, रहने की व्यवस्था सहित दैनिक आवश्यकताओं से जुड़ी सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। बच्चों से सीधे बातचीत कर उनकी जरूरतों और समस्याओं को समझने का प्रयास किया। छात्रावास की व्यवस्थाओं को देखकर उन्होंने संतोष व्यक्त किया तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि छात्रावास केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को गढ़ने का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में यहां रहने वाले बच्चों को बेहतर वातावरण, पौष्टिक भोजन, स्वच्छता और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना जिम्मेदार अधिकारियों की प्राथमिकता होनी चाहिए। मंत्री ने अधिकारियों को छात्रावास की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखने तथा भोजन और स्वच्छता में विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि विद्यार्थियों की सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कमी सामने आने पर संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। मंत्री का यह अंदाज विद्यार्थियों के प्रति संवेदनशीलता और उनकी समस्याओं को सीधे सुनने की पहल के रूप में देखा गया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को यह संदेश भी स्पष्ट रूप से दिया गया कि सरकारी छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों की सुविधा और सम्मान से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए।

मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया हज कमेटी की वेबसाइट का शुभारंभ

मंत्री  श्याम बिहारी जायसवाल ने किया   हज कमेटी की वेबसाइट का शुभारंभ रायपुर   प्रदेश से जाने वाले हज यात्रियों को छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी द्वारा  दी जा रही सुविधाओं में वृद्धि करते हुए आज प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री माननीय श्याम बिहारी जायसवाल जी द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी की वेबसाइट www.chhattisgarhhaj.org का शुभारंभ किया गया। इस वेबसाइट के माध्यम से हज यात्रियों को त्वरित सूचना की प्राप्ति, हज यात्रा से संबंधित समस्त जानकारी एवं हज यात्रा के दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने की सुविधा प्राप्त होगी। इस सुविधा से हज यात्रियों को रायपुर मुख्यालय आने जाने में होने वाले  आर्थिक व्यय एवं समय की बचत होगी। राज्य हज कमेटी की वेबसाइट के शुभारंभ के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य हज कमेटी के चेयरमैन श्री मिर्ज़ा एजाज़ बेग, (राज्य मंत्री दर्जा), हज कमेटी सदस्य मौलाना अमीर बेग, कार्यपालन अधिकारी/ सचिव डॉ खुशबू उस्मान, एवं समस्त कर्मचारीगण उपस्थित थे।

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल की मौजूदगी में समाधान शिविर में सैकड़ों मुद्दों का तुरंत निवारण

संवाद से संपूर्ण समाधान शिविर बना जनविश्वास का केंद्र, स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल की मौजूदगी में सैकड़ों समस्याओं का त्वरित निराकरण मनेन्द्रगढ़/एमसीबी छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी पहल “सुशासन तिहार 2026” के अंतर्गत विकासखंड खड़गवां के ग्राम मझौली में आयोजित “गांव-गांव, द्वार-द्वार सुशासन तिहार जनसमस्या निवारण शिविर संवाद से संपूर्ण समाधान कार्यक्रम में जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने वाले इस विशाल शिविर में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण कर शासन ने संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासन की मिसाल पेश की। ग्राम पंचायत अखराडांड, बरमपुर, मझौली, भूकभूकी, दुबछोला, ठग्गांव, दुग्गी, सिंघत, खड़गवां और पोडीडीह सहित कुल 10 ग्राम पंचायतों को शामिल करते हुए आयोजित इस शिविर में सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं और आवेदन लेकर पहुंचे। शिविर ने “समाधान आपके द्वार” की अवधारणा को साकार करते हुए लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत दिलाई। कार्यक्रम का शुभारंभ स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, जिला पंचायत सदस्य प्रिया मसराम, जनपद सदस्य श्यामबाई मरकाम, उपाध्यक्ष बीरेन्द्र सिंह करियाम, जनपद सदस्य इंद्रावती सिंह, धर्मपाल सिंह, सोनमती उर्रे सहित जनप्रतिनिधियों द्वारा छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया गया। शुभारंभ के साथ ही पूरे शिविर परिसर में उत्साह, जनभागीदारी और भरोसे का वातावरण देखने को मिला। शिविर में एसडीएम विज्येन्द्र सारथी, जनपद सीईओ हेमंत बंजारे, तहसीलदार सिद्धि गबेल, सीपीएस दीपिका मिंज, सीएचएमओ अविनाश खरे सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी ने यह संदेश दिया कि शासन अब जनता की समस्याओं के समाधान के लिए गांव-गांव पहुंच रहा है। शिविर स्थल पर स्वास्थ्य, राजस्व, ग्रामीण यांत्रिकी, समाज कल्याण, कृषि, उद्यानिकी, वन, खाद्य, पुलिस, बिजली, लोक निर्माण, आयुष्मान कार्ड, महिला एवं बाल विकास, पशु चिकित्सा, पेयजल, बैंकिंग सेवाएं, आधार सेवा, मनरेगा और सामाजिक सुरक्षा सहित विभिन्न विभागों के आकर्षक एवं सुव्यवस्थित स्टॉल लगाए गए थे। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सभी स्टॉलों का निरीक्षण कर अधिकारियों को आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक संवेदनशीलता की झलक भी देखने को मिली, जब जनप्रतिनिधियों द्वारा गर्भवती महिलाओं बबीता, कदम कुंवर, रजंती, रोशनी, पप्पी, ममता, मानसी, सविता और उर्मिला की गोद भराई की रस्म संपन्न कराई गई। इससे शिविर केवल प्रशासनिक आयोजन न रहकर सामाजिक सरोकार का भी केंद्र बन गया। जनसमस्या निवारण शिविर में कुल 392 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा छह हितग्राहियों को राशन कार्ड, आठ हितग्राहियों को वन अधिकार पट्टा, पांच लोगों को जाति प्रमाण पत्र, अठारह किसानों को किसान किताब, पांच हितग्राहियों को आवास की चाबी, पांच लोगों को आयुष्मान कार्ड तथा सात लोगों को नवीन जॉब कार्ड वितरित किए गए। इसके अलावा दो क्षय रोगियों को फूड बास्केट भी प्रदान किया गया। कई आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर ग्रामीणों को तत्काल राहत दी गई, जबकि शेष आवेदनों को समय-सीमा में समाधान हेतु संबंधित विभागों को सौंपा गया। अपने संबोधन में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन की नई संस्कृति विकसित हुई है। उन्होंने कहा कि अब सरकार केवल दफ्तरों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रही है और मौके पर समाधान कर रही है। उन्होंने “सुशासन तिहार 2026” को जनहित, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन की मिसाल बताते हुए कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीबों, किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए लगातार ऐतिहासिक फैसले ले रही है। स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, राशन, आवास और सामाजिक सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। विशेष रूप से स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने और आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सरल व्यक्तित्व, संवेदनशील कार्यशैली और जनसेवा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में छत्तीसगढ़ आने वाले समय में सुशासन और विकास का आदर्श राज्य बनकर उभरेगा। कार्यक्रम के अंत में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विज्येन्द्र सारथी ने बताया कि शिविर में प्राप्त 392 से अधिक आवेदनों में से कई का मौके पर ही निराकरण कर हितग्राहियों को राहत प्रदान की गई है, जबकि शेष लंबित मामलों के त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप प्रत्येक आवेदन का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। कार्यक्रम में हृदय सिंह, रमेश जायसवाल, अशोक खरे, शंकर प्रताप गुप्ता, रामलाल साहू, हरबंस साहू, सतेन्द्र साहू, मनोज साहू, अंगद, सरपंच सुश्री जया सिंह मरावी, श्रीमती तुला, कुन्ती सिंह, सोनिया सिंह, सुनीता, रामबाई, संत कुमार सिंह, सुखीत लाल अगरिया, हरि सिंह, सचिव श्रीमती सुन्दर लली, उर्मिला, यशोदा, अनुराग दुबे, अशोक पाण्डेय, सीता सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश में कुटीर एवं ग्रामोद्योग की उल्लेखनीय भूमिका : राज्य मंत्री जायसवाल

भोपाल.  कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल ने कहा है कि ‘आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ के संकल्प को साकार करने में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग की भूमिका अत्यंत उल्लेखनीय है। विभाग के प्रयासों से प्रदेश के लाखों कारीगर, बुनकर, शिल्पी और ग्रामीण उद्यमी स्वरोजगार से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हुए हैं। राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा कि विभाग द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, संत रविदास स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री कारीगर समृद्धि योजना और एक जिला-एक उत्पाद जैसे कार्यक्रमों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दी है। पिछले तीन वर्षों में विभाग के माध्यम से 2.5 लाख से अधिक हितग्राहियों को स्वरोजगार के लिए ऋण एवं अनुदान उपलब्ध कराया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित हुए। प्रमुख उपलब्धियां हथकरघा एवं हस्तशिल्प को बढ़ावा : चंदेरी, महेश्वरी, बाग प्रिंट और गोंड पेंटिंग जैसे पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मंच मिला। ‘एमपी हस्तशिल्प एवं हथकरघा विकास निगम’ के माध्यम से 1800 करोड़ रुपए से अधिक का कारोबार किया गया। माटी कला एवं बांस शिल्प का पुनरुद्धार : कुम्हारों और बांस शिल्पियों को आधुनिक उपकरण, प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराया गया। इससे 35 हजार से अधिक परिवारों को सीधा लाभ मिला। महिला सशक्तिकरण : स्व-सहायता समूहों के माध्यम से 1.2 लाख महिलाओं को अगरबत्ती, मसाले, अचार, दोना-पत्तल और सिलाई-कढ़ाई जैसे कार्यों से जोड़ा गया। डिजिटल मार्केटिंग : ‘मृगनयनी’ और ‘ओडीओपी’ उत्पादों को एमेजॉन, फ्लिपकार्ट और जीईएम पोर्टल से जोड़कर कारीगरों को देशभर का बाजार उपलब्ध कराया गया। राज्यमंत्री जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ‘आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश’ के विजन को कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग जमीन पर उतार रहा है। हमारा लक्ष्य है कि हर गांव का हुनर, हर हाथ को काम मिले। उन्होंने कहा कि विभाग जिला स्तरीय क्लस्टर विकास, कारीगरों के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर और निर्यात प्रोत्साहन पर विशेष फोकस करेगा, जिससे मध्यप्रदेश के पारंपरिक हुनर को वैश्विक पहचान बनाए रखने में मदद मिलेगी।  

रायपुर: फार्मेसी शिक्षा और शोध से स्वास्थ्य व्यवस्था में होगा बड़ा बदलाव, स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल

रायपुर : फार्मेसी शिक्षा और शोध से बदलेगी स्वास्थ्य व्यवस्था: स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल फार्मा अन्वेषण 2026 में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल रायपुर  राष्ट्रीय फार्मेसी शिक्षा दिवस के अवसर पर पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर में आयोजित फार्मा अन्वेषण 2026 कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस कार्यक्रम का आयोजन यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी द्वारा फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के सहयोग से किया गया। कार्यक्रम की थीम “Future Pharma Ecosystem: Academia, Industry, Research, Regulatory and Practice के बीच समन्वय” रही, जिसमें फार्मेसी शिक्षा, अनुसंधान और उद्योग के बेहतर तालमेल पर विशेष चर्चा की गई। इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने अपने संबोधन में कहा कि फार्मेसी क्षेत्र स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ है और आधुनिक चिकित्सा व्यवस्था में इसकी भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार राज्य में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के साथ-साथ फार्मेसी शिक्षा और रिसर्च को भी प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने युवाओं और शोधार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि नवाचार (Innovation) और अनुसंधान के माध्यम से ही हम बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित कर सकते हैं। साथ ही उन्होंने अकादमिक संस्थानों और उद्योग के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया, जिससे नए अवसरों का सृजन हो सके। कार्यक्रम में कीनोट सेशन, इंडस्ट्री-एकेडमिक संवाद, पेटेंट एवं इनोवेशन शोकेस, ओरल एवं पोस्टर प्रेजेंटेशन जैसे विभिन्न सत्र आयोजित किए गए, जिनमें छात्रों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस आयोजन के माध्यम से फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता, कौशल विकास और नवाचार को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।

‘टेस्ट में व्यस्त हैं जायसवाल’ – टी-20 वर्ल्ड कप चयन को लेकर पूर्व क्रिकेटर का बड़ा बयान

नई दिल्ली  साल 2026 में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप के लिए बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को 15 सदस्यीय टीम में जगह नहीं मिली है। इसको लेकर अब पूर्व क्रिकेटर और जाने माने कमेंट्रेटर आकाश चोपड़ा ने अपनी राय दी है। आकाश चोपड़ा ने टी-20 वर्ल्ड कप टीम में जायसवाल को चयनित ना किए जाने को गलत बताया है। उन्होंने यह भी कहा कि टेस्ट क्रिकेट का स्टैंडर्ड भले ही काफी हाई हो, लेकिन विश्व कप की टीम में होना और विश्व कप खेलना अपने आप में बड़ी अहमियत रखता है। चोपड़ा ने यशस्वी जायसवाल को टीम में ना चुने जाने को लेकर कहा कि उन्हें टेस्ट खेलने की सजा मिली है। उनका कहना है कि अगर जायसवाल टेस्ट नहीं खेल रहे होते तो वर्ल्ड कप की टीम में होते। आकाश चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल के हैश टैग आकाशवाणी प्रोग्राम में यशस्वी जायसवाल के टी-20 वर्ल्ड कप टीम में चयनित ना होने को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि, "देखिए यशस्वी के साथ तो ऐसा प्रतीत होता है कि गलत ही हुआ है। 2024 की विश्व कप टीम में जो था, उसके बाद उसने कुछ गलत नहीं किया है, लेकिन टीम में नहीं है। ऐसा लगता है कि यशस्वी आउट ऑफ फेवर हैं। ना वो एशिया कप की टीम में था, ना विश्व कप की टीम में है। वास्तव में उन्हें सभी फॉर्मेट क्रिकेट खेलने का इनाम नहीं मिला है।" आकाश चोपड़ा कहते हैं कि "हकीकत तो यह है कि यशस्वी जायसवाल को टेस्ट क्रिकेट खेलने का नुकसान हुआ है। जायसवाल अगर टेस्ट नहीं खेल रहे होते तो टी-20 की टीम में होते। वर्ल्ड कप खेल रहे होते। टेस्ट क्रिकेट ग्रेट है, लेकिन वर्ल्ड कप की अहमियत ज्यादा है।" बता दें कि बीते दिनों जब टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम के लिए भारतीय स्क्वॉड का ऐलान हुआ तो जायसवाल को ना चुने जाने को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में काफी नाराजगी देखी गई। जायसवाल का टी-20 रिकॉर्ड काफी बेहतर है। उन्होंने साल 2023 में टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। तब से अब वे 23 टी-20 मैच खेले हैं, जिसकी 22 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 36.15 की औसत और 164.31 की शानदार स्ट्राइक रेट के साथ कुल 723 रन बनाए हैं। इस दौरान उन्होंने 1 शतक और 5 अर्धशतक लगाए हैं।  

दिल्ली टेस्ट :जायसवाल दोहरे शतक से चूके, कप्तान गिल ने फिर दिखाया क्लास

नई दिल्ली भारतीय क्रिकेट टीम ने दिल्ली में जारी दूसरे टेस्ट में अपनी पकड़ मजबूत कर ली है. भारत और वेस्टइंडीज के बीच जारी आखिरी टेस्ट मैच का आज दूसरा दिन है. यशस्वी जायसवाल की नजरें डबल सेंचुरी पर होंगी वहीं कप्तान शुभमन गिल भी फिरोजशाह कोटला ग्राउंड पर बड़ी पारी खेलने की फिराक में होंगे. दिल्ली टेस्ट के पहले दिन जायसवाल ने 150 प्लस का स्कोर बनाया वहीं साई सुदर्शन शतक से चूक गए. वेस्टइंडीज के खिलाफ दिल्ली टेस्ट मैच में भारतीय टीम के युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल से दोहरे शतक की उम्मीद थी, लेकिन वो रन-आउट होकर पवेलियन लौटे. यशस्वी ने 258 गेंदों का सामना करते हुए 175 रन बनाए, जिसमें 22 चौके शामिल रहे. यशस्वी के टेस्ट करियर का ये सातवां शतक रहा. यशस्वी जायसवाल साथी बल्लेबाज और टीम के कप्तान शुभमन गिल के साथ तालमेल में कमी के चलते रन-आउट हुए. यह वाकया भारतीय पारी के 92वें ओवर में हुआ. उस ओवर में तेज गेंदबाज जेडन सील्स ने दूसरी गेंद फुल-टॉस डाली, जिसे यशस्वी ने मिड-ऑफ की ओर खेला. यशस्वी ने सिंगल लेने की कोशिश की, लेकिन वहां रन नहीं था. शुभमन गिल मुड़े और उन्होंने रन लेने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई.   यशस्वी जायसवाल ने देरी से महसूस किया कि शुभमन गिल रन के लिए भाग नहीं रहे हैं. ऐसे में यशस्वी ने क्रीज में वापस लौटने की कोशिश की, जिसमें वो कामयाब नहीं हो सके. तेजनारायण चंद्रपॉल का थ्रो कीपर एंड पर आया और विकेटकीपर टेविन इमलाच ने स्टंप्स बिखेर दिए. यशस्वी की गलती और जल्दबाजी के चलते भारत ने तीसरा विकेट खोया. रन-आउट होने के बाद यशस्वी जायसवाल काफी निराश दिखे. वो टीम के कप्तान शुभमन गिल से कुछ बातचीत करते भी नजर आए. यशस्वी का निराश होना स्वाभाविक था क्योंकि उनके पास दोहरा शतक बनाने का शानदार मौका था. पिच से गेंदबाजों को मदद नहीं मिल रही थी, ऐसे में बैटिंग करना आसान था. रन आउट होने वाले भारतीय बल्लेबाजों में बेस्ट स्कोर (टेस्ट क्रिकेट) 218 संजय मांजरेकर vs पाकिस्तान, लाहौर 1989 217 राहुल द्रविड़ vs इंग्लैंड, द ओवल, 2002 180 राहुल द्रविड़ vs ऑस्ट्रेलिया कोलकाता, 2001 175 यशस्वी जायसवाल vs वेस्टइंडीज, दिल्ली, 2025 155 विजय हजारे vs इंग्लैंड, मुंबई, 1951 144 राहुल द्रविड़ vs श्रीलंका, कानपुर, 2009 यशस्वी जायसवाल ने भारतीय टीम के लिए अब तक 26 टेस्ट मैच खेले हैं. इस दौरान उन्होंने 48 पारियों में 52.60 की औसत से 2420 रन बनाए हैं. 23 साल के यशस्वी ने टेस्ट क्रिकेट में 7 शतक और 12 अर्धशतक लगाए हैं. यशस्वी ने टेस्ट क्रिकेट में 299 चौके और 43 छक्के जड़े हैं. भारत ने लंच ब्रेक पर बनाए 4 विकेट पर 427 रन  भारत ने वेस्टइंडीज के खिलाफ जारी दूसरे टेस्ट मैच की दूसरी पारी में दूसरे दिन लंच के समय 4 विकेट पर 427 रन बना लिए हैं. शुभमन गिल 75 रन बनाकर नाबाद हैं. दूसरे दिन भारत ने लंच ब्रेक तक 2 विकेट गंवाए.  नितीश रेड्डी 43 रन बनाकर आउट, भारत का चौथा विकेट गिरा  भारत ने नितीश रेड्डी के तौर पर अपना चौथा विकेट गंंवा दिया. नितीश 54 गेंदों पर 43 रन बनाकर आउट हुए. उन्हें जोमेल वॉरिकन ने जेडन सील्स के हाथों कैच कराया. नितीश ने चार चौके और दो छक्के जड़े. भारत का स्कोर 109 ओवर में 4 विकेट पर 416 रन हो चुका है.  

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने मलेरिया मुक्त बीजापुर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर बेहतर कार्य करने के दिए निर्देश

रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बस्तर संभाग के तीन दिवसीय प्रवास के दौरान बीजापुर जिले में जिला अस्पताल सहित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भैरमगढ़, आयुष्मान आरोग्य मंदिर जांगला एवं बालिका पोटा केबिन नैमेड़ का औचक निरीक्षण किया।जायसवाल ने जिला अस्पताल बीजापुर के उमंग मातृ-शिशु संस्थान एमसीएच सहित विभिन्न वार्डाे का निरीक्षण कर मरीजों से अस्पताल में मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधा, भोजन, इत्यादि की जानकारी ली। इस दौरान जिला अस्पताल में कार्यरत वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर बीजापुर जिले में मलेरिया के बढ़ते प्रकोप पर चिंता व्यक्त करते हुए मलेरिया मुक्त बीजापुर बनाने के लिए धरातल पर अधिक मेहनत करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य मंत्री ने बीजापुर में मलेरिया खत्म करने के लिए डोर-टू डोर मलेरिया जांच एवं धनात्मक मरीजों का उपचार तथा उपचार के दौरान मरीजों को दवाईयों का सेवन कराना सुनिश्चित हो इसके लिए आवश्यक मार्गदर्शन भी दिए। वहीं एनिमिया तथा कुपोषण में कमी लाने के लिए गर्भवती माताओं एवं आवासीय विद्यालयों में नियमित रूप से अण्डा वितरण कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सुदूर क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्राथमिकता के साथ उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही एम्बुलेंस की पहुंच सुनिश्चित करने एवं सुचारू रूप से संचालन तथा बाईक एबुलेंस को पुनः संचालित कर सुदूर क्षेत्रों में एंबुलेस की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बजट में स्वीकृत नवीन 220 बेडेड जिला अस्पताल एवं नर्सिंग कॉलेज का निर्माण हेतु स्थल चयन करने तथा जिला स्तर पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की भर्ती हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री के साथ सीजीएमएससी के चेयनमैन दीपक म्हस्के, स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया, कलेक्टर संबित मिश्रा एवं सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे सहित स्वास्थ्य विभाग अधिकारीगण एवं विशेषज्ञ मौजूद थे।