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मेसी की जर्सी का नया वारिस! बार्सिलोना ने युवा खिलाड़ी को दिया नंबर 10, 2031 तक करेगा जलवा

मेड्रिड   स्पेन के 18 वर्षीय फुटबॉलर लामिन यामल (Lamine Yamal) इन दिनों काफी सुर्खियों में हैं, उनके इस चर्चे की वजह उनका ग्राउंड पर खेल नहीं बल्कि दिग्गज खिलाड़ी लियोनल मेसी के जर्सी नंबर 10 को हासिल करना है. दरअसल बार्सिलोना के सनसनीखेज युवा खिलाड़ी लामिन यामल को आधिकारिक तौर पर क्लब की प्रतिष्ठित नंबर 10 जर्सी सौंप दी है, जिसे कभी दिग्गज लियोनेल मेसी पहना करते थे. इसके अलावा क्लब ने उनका अनुबंध 2031 तक बढ़ा दिया है. लामिन यामल, मेसी और रोनाल्डिन्हो की सूची में शामिल लामिन यामल ने यह जर्सी अंसु फाति से ली है, जो हाल ही में एक सीजन के लिए क्लब में शामिल हुए थे. इसके साथ यमल, मेसी, रोनाल्डिन्हो, रिवाल्डो, रोमारियो और डिएगो माराडोना के बाद, क्लब में नंबर 10 जर्सी पहनने वाले दिग्गज खिलाड़ियों की सूची में शामिल हो गए हैं. इससे पहले यमाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करके इस खबर को चर्चा में ला दिया था. पोस्ट में जर्सी नंबर 10 में माराडोना, रोनाल्डिन्हो और मेसी की तस्वीरें थीं. जिसने प्रशंसकों में अटकलों को जन्म दिया था. जिसकी अब पुष्टि हो गई है. मेसी ने 2008 और 2021 के बीच बार्सिलोना के लिए खेला बता दें कि अर्जेंटीना के स्टार खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने 2008 और 2021 के बीच क्लब में ये नंबर पहना था, जिस दौरान उन्होंने क्लब के इतिहास में सबसे महान खिलाड़ी के रूप में अपनी विरासत को मजबूत किया. लेकिन उनके जाने के बाद, अंसु फाति को यह शर्ट विरासत में मिली, लेकिन वो चोटों और निरंतरता के कारण संघर्ष करते रहे, जिससे यमल को आगे बढ़ने का मौका मिला. लामिन यमाल ने कई नंबर की जर्सी पहनी है लामिन यमाल ने 2022-23 में 41 नंबर की जर्सी पहनकर क्लब में पदार्पण किया था. वो बार्सिलोना और स्पेनिश राष्ट्रीय टीम, दोनों में तेजी से एक मुख्य खिलाड़ी बनकर उभरे हैं. बाद में उन्होंने 27 नंबर और फिर 19 नंबर की जर्सी पहनी. यमाल ने बार्सिलोना के लिए अब तक 106 मैच खेल चुके हैं. जिसमें उन्होंने 25 गोल किए. जिससे टीम को दो ला लीगा खिताब, एक कोपा डेल रे और स्पेनिश सुपरकोपा जीतने में मदद मिली है. उन्होंने स्पेन की यूईएफए यूरो 2024 जीत में भी अहम भूमिका निभाई थी और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने प्रतिभा का परिचय दिया था.

वेस्टइंडीज की ऐतिहासिक हार पर गहराया विवाद, लारा ने कहा – IPL ने बिगाड़ा क्रिकेट

नई दिल्ली ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे टेस्ट में वेस्टइंडीज की पूरी पारी महज 27 रन पर सिमटने को लेकर कैरेबियन क्रिकेट में तूफान उठ गया है। यह क्रिकेट इतिहास की दूसरी सबसे छोटी टेस्ट पारी है। महान ब्रायन लारा ने इसके लिए इशारों-इशारों में इंडियन प्रीमियर लीग जैसे टूर्नामेंट्स को जिम्मेदार बताया है। वहीं, डेविड लॉयड ने तो वेस्टइंडीज टीम की इस दुर्गति के लिए सीधे-सीधे भारत को ही गुनहगार ठहरा दिया है। सबीना पार्क में हुए डे-नाइट टेस्ट में वेस्टइंडीज की पूरी पारी 87 गेंद में 27 रन पर सिमट गई थी। ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज में वेस्टइंडीज को क्लीन स्वीप कर दिया। इसे लेकर ब्रायन लारा ने 'स्टिक टू क्रिकेट' पॉडकास्ट में इशारों-इशारों में आईपीएल और दूसरे टी20 फ्रेंचाइजी लीग को वेस्टइंडीज क्रिकेट के पतन के लिए जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा, ‘हम वेस्टइंडीज की टीम में शामिल होने की कोशिश के रूप में फर्स्ट क्लास क्रिकेट खेलते थे और हम में से कुछ काउंटी क्रिकेट भी खेलते थे। अब हम वेस्टर्न ईस्ट टीम का एक ऐसी सीढ़ी के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं कि हमें कहीं कॉन्ट्रैक्ट मिल जाए। और इसमें खिलाड़ी की कोई गलती नहीं है।’ इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर डेविड लॉयड भी पॉडकास्ट में शामिल हुए। उन्होंने तो वेस्टइंडीज क्रिकेट के पतने के लिए सीधे-सीधे भारत, ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड को जिम्मेदार ठहरा दिया। लॉयड ने कहा, 'ये बिग थ्री ही सारा पैसा रख लेती हैं। इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और भारत सारा पैसा हजम कर जाते हैं। उन्हें बड़े ब्रॉडकास्ट डील मिलते हैं। आपको वेस्टइंडीज, न्यूजीलैंड और श्रीलंका को भी इस प्रतिस्पर्धा में शामिल करना चाहिए ताकि पैसे का ठीक से वितरण हो।'  

RCB इवेंट की अव्यवस्था पर सरकार सख्त, भगदड़ के लिए विराट और टीम मैनेजमेंट को जिम्मेदार बताया

बेंगलुरु  बेंगलुरु में मची भगदड़ मामले में कर्नाटक सरकार ने RCB यानी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को ही जिम्मेदार बताया है। हाल ही में जारी हुई रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। साथ ही रिपोर्ट में क्रिकेटर विराट कोहली के एक वीडियो का भी जिक्र है। 4 जून को IPL ट्रॉफी जीत के बाद हुए जश्न के दौरान मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, 50 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। रिपोर्ट में बताया गया है कि कार्यक्रम के आयोजक डीएनए एंटरटेनमेंट नेटवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड ने पुलिस को 3 जून को सिर्फ परेड के बारे में बताया था, लेकिन औपचारिक अनुमति नहीं मांगी गई थी। अनुमति लेना अनिवार्य है। इसमें कहा गया है कि इस तरह के आयोजन के लिए अनुमति 7 दिन पहले मांगी जाती है। बगैर पुलिस से बात किए लोगों को बुलाया रिपोर्ट में कहा गया है कि RCB ने बगैर पुलिस से विचार विमर्श किए लोगों को न्योता दे दिया। इसमें कहा गया है कि सुबह 7 बजकर 1 मिनट पर एक फोटो पोस्ट किया गया था, जिसमें 'लोगों के लिए फ्री एंट्री' की बात कही गई थी और विजय जुलूस के लिए न्योता दिया गया था। यह जुलूस विधानसभा से शुरू होना था और चिन्नास्वामी स्टेडियम पर खत्म होना था। रिपोर्ट में कहा गया है कि 4 जून को सुबह 8 बजे एक पोस्ट और की गई और 8 बजकर 55 मिनट पर RCB ने एक वीडियो क्लिप पोस्ट किया, जिसमें क्रिकेटर विराट कोहली नजर आ रहे थे। वह कह रहे थे कि टीम बेंगलुरु शहर के लोगों के साथ जीत का जश्न मनाना चाहती है। सरकार का कहना है कि इसके चलते 3 लाख से ज्यादा लोग आ गए और आयोजक या पुलिस इतनी भीड़ के लिए तैयार नहीं थे। इसके अलावा कन्फ्यूजन भी हुआ, क्योंकि दोपहर 3 बजकर 14 मिनट पर आयोजकों ने घोषणा कर दी कि स्टेडियम में आने के लिए पास की जरूरत होगी। खबर है कि इसके चलते लोग पैनिक हुए। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि RCB, DNA एंटरटेनमेंट और KSCA यानी कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन सामंजस्य जमाने में असफल रहे। एंट्री गेट पर उचित प्लानिंग नहीं होना और गेट देरी से खोले जाने के चलते व्यवस्था बिगड़ी और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी। कोर्ट ने दिए थे रिपोर्ट सार्वजनिक करने के आदेश कर्नाटक हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया था कि वह चार जून को हुई भगदड़ की घटना पर अपनी स्थिति रिपोर्ट सार्वजनिक करे। राज्य सरकार ने हाई कोर्ट से इस रिपोर्ट को गोपनीय रखने का अनुरोध किया था, लेकिन कोर्ट ने सोमवार, 14 जुलाई को स्पष्ट रूप से कहा कि इस तरह की गोपनीयता के लिए कोई कानूनी आधार नहीं है।  

पूर्व ऑलराउंडर ने गिल की आक्रामकता का किया समर्थन- इंग्लैंड का बेस्ट निकला, सोया शेर जगा दिया

नई दिल्ली  लॉर्ड्स टेस्ट में भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने फील्ड पर जिस तरह आक्रामकता दिखाई, इंग्लैंड के खिलाड़ियों से उलझे, उसकी तुलना विराट कोहली की आक्रामकता से की जा रही है। हालांकि, तमाम पूर्व क्रिकेटर गिल की आक्रामकता को गैरजरूरी बता रहे। लॉर्ड्स में टीम की हार के बाद गिल अपनी आक्रामकता के लिए भारत और इंग्लैंड के आलोचकों के निशाने पर आ गए हैं। इस बीच इंग्लैंड के पूर्व ऑलराउंडर मोईन अली ने गिल का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय कप्तान की आक्रामकता में कोई बुराई नहीं है। हालांकि, साथ में उन्होंने यह भी दावा किया कि संभवतः भारतीय कप्तान की आक्रामकता से ही लॉर्ड्स में इंग्लैंड के भीतर का सोया शेर जाग गया। लॉर्ड्स टेस्ट के तीसरे दिन गिल इंग्लैंड के ओपनर्स जैक क्रॉली और बेन डकेट से मैदान में ही उलझ गए थे। दिन का खेल खत्म होने तक भारत को ज्यादा ओवर डालने का मौका न मिले, इसके लिए इंग्लैंड की टीम ने जानबूझकर देरी की रणनीति अपनाई। उनकी इस पैंतरेबाजी से गिल का सब्र जवाब दे गया और वह मैदान में ही अंग्रेज खिलाड़ियों से उलझ पड़े। इस दौरान गुस्से में उनके मुंह से शायद कुछ अपशब्द भी निकल गए थे। उसका नुकसान ये हुआ कि बल्लेबाजी के दौरान उनकी एकाग्रता भंग हुई और वह दूसरी पारी में 9 गेंद पर 6 रन बनाकर आउट हो गए। लॉर्ड्स टेस्ट में भारत को आखिरी पारी में जीत के लिए 193 रन का लक्ष्य मिला था लेकिन पूरी टीम 170 रन पर आउट हो गई। फिलहाल ग्लोबल सुपर लीग में हिस्सा ले रहे मोईन अली ने गिल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि भारतीय कप्तान तो बस प्रतिस्पर्धी बनने की कोशिश कर रहे थे। गिल का समर्थन करने के साथ-साथ मोईन ने एक अहम बात भी कही। उन्होंने कहा कि भारतीय कप्तान की आक्रामकता से इंग्लैंड के भीतर की जुझारू प्रवृत्ति जाग गई। मोईन अली ने कहा, 'यह ठीक है। मुझे लगता है कि वह सिर्फ प्रतिस्पर्धी बनने और लड़ने की कोशिश कर रहे थे, बिल्कुल वैसे ही जैसे विराट कोहली करते थे। मुझे लगता है कि ये ठीक है। लेकिन आपने जो किया, उससे इंग्लैंड का बेस्ट बाहर निकल आया। सोया शेर जगा गया। मुझे लगता है कि यह इंग्लैंड का एक अलग तरह का पहलू है जिसे खिलाड़ियों ने दिखाया। यह सीरीज के लिए बहुत अच्छा है, मुझे नहीं पता उनकी (गिल) की आलोचना क्यों हो रही है।'  

हेटमायर की बैटिंग से मची तबाही, एक ओवर में 5 छक्कों से ग्लोबल सुपर लीग में गूंजा बल्ला

नई दिल्ली  ग्लोबल सुपर लीग 2025 के सेमी-फाइनल में शिमरन हेटमायर ने बल्ले से गदर काट दिया। गुयाना ऐमजॉन वॉरियर्स की तरफ से होबार्ट हरिकेंस के खिलाफ उन्होंने फैबियन एलेन के एक ही ओवर में 5 छक्के समेत 32 रन बटोरे। मंगलवार को गुयाना के प्रोविडेंस स्टेडियम में हेटमायर ने सिर्फ 10 गेंद में 39 रन की पारी खेलकर अपनी टीम के लिए फाइनल का टिकट कटा लिया। पहले बल्लेबाजी करते हुए होबार्ट हरिकेंस की पूरी टीम 16.1 ओवर में 125 रन बनाकर आउट हो गई। जवाब में ऐमजॉन वॉरियर्स का 9 ओवर के बाद स्कोर 3 विकेट के नुकसान पर 43 रन था। तब जीत के लिए 72 गेंदों में 82 रन चाहिए थे और सेमीफाइनल मैच के दबाव की वजह से यह चेज बहुत चुनौतीपूर्ण था। नौवे ओवर में ही जब ऐमजॉन का स्कोर 42 रन था तब 3 विकेट गिरने के बाद हेटमायर बल्लेबाजी के लिए आए थे। उन्होंने 10वें ओवर में पूरा गेम ही पलट दिया। फैबियन एलेन गेंदबाजी के लिए आए और हेटमायर ने छक्कों की बरसात कर दी। उन्होंने पहला सिक्स लॉन्ग ऑन के ऊपर से लगाया। दूसरी गेंद पर बाउंड्री के एकदम पास खड़े ओडीन स्मिथ ने उनका कैच छोड़ दिया और गेंद सिक्स के लिए बाउंड्री पार चली गई। तीसरी और चौथी गेंद पर भी उन्होंने छक्का जड़ा। पांचवीं गेंद पर वह दो रन दौड़कर लिए और फिर ओवर की आखिरी गेंद पर भी सिक्स लगा दिया। इस तरह उन्होंने एक ही ओवर में 5 छक्कों की बदौलत 32 रन कूट दिए। हेटमायर को उसामा मीर ने आउट किया। 10 गेंदों पर 39 रन की विस्फोटक पारी में उन्होंने 6 छक्के उड़ाए। ऐमजॉन वॉरियर्स ने 17वें ओवर में ही 4 विकेट बाकी रहते लक्ष्य हासिल कर लिया। अब 18 जुलाई को फाइनल में उसका मुकाबला रंगपुर राइडर्स से होगा।  

सिराज का नया इनिंग्स शुरू, जोहारफा में परोसे जाएंगे मुगलई से लेकर अरबी व्यंजन

हैदराबाद  मोहम्मद सिराज ने अपने सीनियर्स की तर्ज पर नई राह चुन ली है. सिराज ने हैदराबाद में अपना पहला रेस्टोरेंट जोहारफा खोला है. इसमें मुगलई, पारसी, अरबी और चीनी व्यंजन परोसे जाएंगे. इस रेस्टोरेंट की ओपनिंग 24 जून को हुई है. सिराज इन दिनों इंग्लैंड दौरे पर हैं. वे भारतीय टीम में जसप्रीत बुमराह के बाद सबसे सीनियर पेसर हैं.  मोहम्मद सिराज ने अपना रेस्टोरेंट बंजारा हिल्स पर खोला है. सिराज ने इस बारे में कहा, ‘जोहारफा मेरे दिल के काफी करीब है. हैदराबाद शहर ने मुझे पहचान दी है. अब इस रेस्टारेंट के जरिये मैं शहर को कुछ लौटाना चाहता हूं. यहां लोगों को घर जैसा खाना परोसा जाएगा.’ इससे पहले सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, विराट कोहली और जहीर खान भी रेस्टारेंट खोल चुके हैं. मोहम्मद सिराज के हवाले से कहा गया है कि उनके रेस्टोरेंट जोहारफा में बेहद अनुभवी शेफ हैं. यहां आने वाले लोगों को हाई क्वालिटी का खाना मिलेगा. इस रेस्टारेंट की सबसे बड़ी खासियत यह भी होगी कि यहां पारंपरिक खानों पर जोर होगा. जो लोग देश-दुनिया का बेहतरीन भोजन करना चाहते हैं, उन्हें यहां आना चाहिए. 37 वर्षीय सिराज भारत के लिए 37 टेस्ट, 44 वनडे और 16 टी20 मैच खेल चुके हैं. उन्होंने टेस्ट मैचों में 102 विकेट लिए हैं. वनडे फॉर्मेट में उनके नाम 71 और टी20 इंटरनेशनल मैचों में 14 विकेट दर्ज हैं.  

लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड ने रची थी जसप्रीत बुमराह को चोटिल करने की साजिश: मोहम्मद कैफ का बड़ा दावा

नई दिल्ली पूर्व भारतीय क्रिकेटर मोहम्मद कैफ ने एक बड़ा दावा लॉर्ड्स टेस्ट मैच को लेकर किया है। कैफ ने दावा किया है कि इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स और तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर ने जसप्रीत बुमराह को चोटिल करने की साजिश रची थी। जसप्रीत बुमराह ने सोमवार को लंदन के लॉर्ड्स में आखिरी पारी में शानदार बल्लेबाजी की थी। एक समय ऐसा लग रहा था कि वे रविंद्र जडेजा के साथ इंग्लैंड को धूल चटाने में कामयाब हो जाएंगे। इसी छटपटाहट में इंग्लैंड ने बुमराह पर अटैक करने का प्लान बनाया और उनको विकेट मिल गया। भारत इस मैच को 22 रनों के मामूली अंतर से हारा और इंग्लैंड को सीरीज में 2-1 की बढ़त मिल गई। बुमराह ने तीसरे टेस्ट मैच के पांचवें दिन 54 गेंदों का का सामना किया और पांच रन बनाए, लेकिन अहम बात ये थी कि उन्होंने रविंद्र जडेजा का साथ दिया। 193 रनों के लक्ष्य की ओर भारतीय टीम जाती दिख रही थी। ऐसे में बेन स्टोक्स और जोफ्रा आर्चर ने मिलकर बुमराह पर बाउंसर्स से अटैक करना शुरू कर दिया था। इसमें वे बाद में कामयाब भी हो गए और बुमराह का विकेट मिल गया। इसी को लेकर मोहम्मद कैफ ने अपने यूट्यूब चैनल पर दावा किया कि भारत की अंतिम विकेट की साझेदारी को लेकर इंग्लैंड खेमे में बढ़ती निराशा के बीच मेजबान टीम ने जानबूझकर बुमराह को बाउंसरों की बौछार से निशाना बनाकर उन्हें चोटिल करने की साजिश रची। कैफ ने कहा, "बेन स्टोक्स और जोफ्रा आर्चर ने बुमराह के खिलाफ बाउंसर फेंकने की योजना बनाई थी। अगर वह आउट नहीं होता, तो उसकी उंगली या कंधे पर बाउंसर मारकर उसे चोटिल कर दो। गेंदबाजों के दिमाग में यही बात रहती है कि मुख्य गेंदबाज को चोट पहुंचाई जाए, जिसके खिलाफ हमारे बल्लेबाजों को बल्लेबाजी करना मुश्किल लगता है। यही योजना थी, जो बाद में (उसे आउट करने के लिए) काम आई।" मोहम्मद सिराज के लिए भी इंग्लैंड की यही योजना थी। एक बार उनके कंधे पर भी गेंद लगी थी।  

जितेश शर्मा 2025-26 के घरेलू सत्र से पहले विदर्भ से बड़ौदा चले गए

नई दिल्ली विदर्भ और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा ने आगामी घरेलू सत्र को देखते हुए बड़ा फैसला लिया है। जितेश अब विदर्भ के बजाए बड़ौदा के लिए खेलेंगे। 31 वर्षीय जितेश 2024-25 सत्र में रणजी ट्रॉफी में एक भी मैच नहीं खेले थे। वह विदर्भ के सीमित ओवर टीम का हिस्सा थे जिसकी अगुआई करुण नायर कर रहे थे।  ईएसपीएनक्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, बड़ौदा में स्थानांतरण की योजना पिछले कुछ समय से चल रही थी और माना जा रहा है कि बड़ौदा के कप्तान क्रुणाल पांड्या के साथ जितेश के करीबी संबंधों ने इस कदम को आसान बनाने में मदद की, जो इस साल की शुरुआत में आरसीबी की पहली आईपीएल खिताब जीत के दौरान उनके साथी थे। विदर्भ से बड़ौदा में आकर जितेश के पास प्रथम श्रेणी क्रिकेट में नियमित रूप से स्थान सुनिश्चित करने का मौका होगा।  जितेश ने 2015-16 सत्र से डेब्यू किया था और पिछले 10 सत्र में वह 18 प्रथम श्रेणी मैच खेल सके हैं। उनका औसत 24.48 का है जिसमें चार अर्धशतक शामिल हैं। उन्होंने आखिरी बार 18 महीने पहले प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेला था। लाल गेंद वाले क्रिकेट में सीमित मैचों के बावजूद, जितेश ने पिछले कुछ वर्षों में छोटे प्रारूपों में अपनी छाप छोड़ी है। 2023 में पंजाब किंग्स के लिए खेलने के बाद, जितेश ने उसी वर्ष अक्तूबर में एशियाई खेलों के दौरान भारत के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय में डेब्यू किया। उन्होंने नौ टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। आरसीबी के लिए निभाई फिनिशर की भूमिका जितेश ने आईपीएल 2025 में आरसीबी के लिए फिनिशर की भूमिका निभाई और अपना पहला अर्धशतक जड़ा। उन्होंने लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ नाबाद 85 रनों की पारी खेली जिससे टीम अंक तालिका में शीर्ष दो में रहने में सफल रही। जितेश उपकप्तान भी रहे और जब आरसीबी के नियमित कप्तान रजत पाटीदार चोटिल होने के कारण अनुपलब्ध थे तो जितेश ने कमान संभाली थी।  

लक्ष्य सेन, सात्विक-चिराग जापान ओपन के राउंड-ऑफ-16 में

टोक्यो लक्ष्य सेन और सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी तथा चिराग शेट्टी की भारतीय जोड़ी ने बुधवार को अपने-अपने मुकाबलों में जीत दर्ज कर जापान ओपन 2025 के अगले दौर में जगह बना ली है। सेन ने संयमित प्रदर्शन करते हुए चीन के वांग झेंग जिंग को 21-11, 21-18 से हराया। सेन का दूसरे दौर में जापान के स्टार खिलाड़ी कोडाई नाराओका से मुकाबला होगा। वहीं पुरुष युगल के मुकाबले में, सात्विक और चिराग ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की और दक्षिण कोरिया के कांग मिन-ह्युक और की डोंग-जू की जोड़ी को 21-18, 21-10 से हराकर अंतिम 16 में प्रवेश किया। पीवी सिंधु और उन्नति हुड्डा महिला एकल ड्रॉ के पहले दौर में ही हारकर बाहर हो गईं।  

वेस्टइंडीज की शर्मनाक हार के बाद सीडब्ल्यूआई ने बुलाई आपात बैठक, दिग्गजों को किया आमंत्रित

किंग्स्टन (जमैका) ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में मिली शर्मनाक हार, खासकर अंतिम टेस्ट में महज 27 रन पर ढेर होने के बाद क्रिकेट वेस्टइंडीज (सीडब्ल्यूआई) ने कड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने अपनी क्रिकेट स्ट्रैटेजी कमेटी की एक आपात बैठक बुलाई है, जिसमें सर क्लाइव लॉयड, सर विवियन रिचर्ड्स और ब्रायन लारा को विशेष आमंत्रण भेजा गया है। सीडब्ल्यूआई अध्यक्ष डॉ. किशोर शालो ने एक बयान में कहा, तुरंत प्रभाव से, मैंने क्रिकेट रणनीति और ऑफिशिएटिंग कमेटी के अध्यक्ष को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हाल की टेस्ट सीरीज, विशेष रूप से अंतिम मैच की समीक्षा हेतु आपात बैठक बुलाने की सलाह दी है। इस बैठक में पहले से ही शामिल पूर्व दिग्गज जैसे डॉ. शिवनारायण चंद्रपॉल, डॉ. डेसमंड हेन्स और इयान ब्रैडशॉ के साथ अब इन महान बल्लेबाजों की भी राय ली जाएगी। पूर्व स्पिनर दिनानाथ रामनाराइन ने बोर्ड की आलोचना करते हुए सोशल मीडिया पर एक तीखा लेख साझा किया है। उन्होंने लिखा, बोर्ड के सदस्य खुद को मनमाफिक वेतन देते हैं, खिलाड़ियों का चयन व्यक्तिगत निष्ठा के आधार पर होता है, और राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन को कोई महत्व नहीं दिया जाता। उन्होंने आगे कहा, जहां प्रशंसक खामोशी के साथ इस खेल से दूर होते जा रहे हैं, वहीं अधिकारी कुर्सियों से चिपके हुए हैं। हार के बाद भी कोई आत्मचिंतन नहीं, कोई जवाबदेही नहीं। रामनाराइन ने यह भी याद दिलाया कि यह वही प्रणाली है जिसकी वजह से वेस्टइंडीज को यूएसए जैसी टीम से 100 रन से हार का सामना करना पड़ा और अब 27 रन पर ऑल आउट होने जैसी शर्मिंदगी झेलनी पड़ी है। सीडब्ल्यूआई अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह बैठक केवल प्रतीकात्मक नहीं है, ये वही लोग हैं जिन्होंने हमारे क्रिकेट के स्वर्णिम युग को परिभाषित किया है। उनकी दृष्टि हमारे क्रिकेट के भविष्य को आकार देने में बेहद उपयोगी होगी। हमारा उद्देश्य इस बैठक से ठोस और क्रियान्वयन योग्य सुझाव प्राप्त करना है। हालांकि बैठक कब और कहां होगी, इस पर आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है। मगर इतना तय है कि वेस्टइंडीज क्रिकेट में यह एक बड़े बदलाव की शुरुआत हो सकती है।