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‘हमेशा ऑस्ट्रेलिया में खेलना खास रहा, यादें फिर ताजा, नहीं पता कि हम दोबारा यहां खेल पाएंगे या नहीं: रोहित शर्मा

सिडनी भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे वनडे मुकाबले में दमदार प्रदर्शन करते हुए 9 विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज की। इस जीत के नायक रहे रोहित शर्मा (नाबाद 121 रन) और विराट कोहली (नाबाद 74 रन), जिन्होंने क्लासिक साझेदारी कर टीम इंडिया को जीत दिलाई। रोहित ने 125 गेंदों पर 13 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 121 रन बनाते हुए 50वां अंतरराष्ट्रीय शतक लगाया जबकि कोहली ने 81 गेंदों पर 7 चौकों की मदद से 74 रन बनाए और वनडे में दूसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी के रूप में वापस लौटे।  मैच के बाद रोहित शर्मा ने भावुक अंदाज में कहा, 'हमेशा ऑस्ट्रेलिया में खेलना खास रहा है। 2008 की यादें फिर ताजा हो गई। नहीं पता कि हम दोबारा यहां खेल पाएंगे या नहीं, लेकिन हर मैच को एंजॉय करते हैं और यही हमें आगे बढ़ाता है।' मैच के बाद विराट ने कहा, 'अच्छा लगा कि आखिरकार लय में लौट सका। खेल हमेशा सिखाता है कि मुश्किल वक्त में खुद पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है। रोहित के साथ बल्लेबाजी आसान हो जाती है — हम एक-दूसरे के खेल को अच्छे से समझते हैं।' रोहित ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार बल्लेबाजी की और सीरीज के टॉप स्कोरर बने — उन्होंने तीन मैचों में 202 रन बनाए। वहीं, शुरुआती दो मैचों में लगातार डक पर आउट होने के बाद विराट कोहली ने तीसरे मुकाबले में बेहतरीन वापसी करते हुए अपनी लय हासिल की। भारत ने यह मैच 69 गेंदें शेष रहते हुए अपने नाम किया। हालांकि ऑस्ट्रेलिया ने सीरीज 2-1 से जीती, लेकिन इस मैच ने दिखा दिया कि रोहित-विराट की जोड़ी में अब भी वही पुराना जादू बरकरार है।  

हेड कोच का बड़ा ऐलान: ACB के रवैये से परेशान, अफगानिस्तान टीम में हो सकता है बड़ा बदलाव

अफगानिस्तान  अफगानिस्तान के हेड कोच जोनाथन ट्रॉट (Jonathan Trott) ने अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें बोर्ड से पिछले कुछ हफ्तों से कोई संवाद नहीं मिला। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अगर संवाद की कमी जारी रही, तो वह अपने पद से इस्तीफा दे सकते हैं। ACB से संवाद की कमी पर ट्रॉट की चिंता ट्रॉट ने ज़म्बाब्वे के समाचार से बातचीत में बताया, “मैंने टीम के चयन पर कोई इनपुट नहीं दिया। मैंने पिछले कुछ हफ्तों से बोर्ड और चीफ सेलेक्टर से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। यह समस्या सिर्फ इस टीम तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पिछली कुछ टीमों पर भी असर डाला है।” उन्होंने आगे कहा, “मैं चाहता हूं कि बोर्ड के साथ संवाद खुला हो। मुझे बताया गया है कि मेरी जिम्मेदारी T20 विश्व कप 2026 तक रहेगी, और उसके बाद मुझे तय करना होगा कि मैं जारी रखना चाहता हूं या नहीं।” ट्रॉट का अफगानिस्तान के साथ प्रदर्शन ट्रॉट की देखरेख में अफगानिस्तान ने ICC टूर्नामेंट्स में शानदार प्रदर्शन किया है। 2023 ODI विश्व कप में टीम सेमीफाइनल के बेहद करीब पहुंची, जबकि 2024 T20 विश्व कप में पहली बार सेमीफाइनल में जगह बनाई। आगामी मुकाबले अफगानिस्तान अब ज़िम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की T20 सीरीज खेलेंगे, जो 29 अक्टूबर से शुरू होगी।  

ROKO ने जीत के जश्न में फैन्स के साथ बांटे भावुक पल, बोले—‘ऑस्ट्रेलिया आना दोबारा मुश्किल’

सिडनी  भारतीय टीम ने शनिवार (25 अक्टूबर) को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी वनडे में 9 विकेट से शानदार जीत हासिल की. भारतीय टीम की जीत में रोहित शर्मा और विराट कोहली का अहम रोल रहा. रोहित ने नाबाद 121 रन बनाए. वहीं विराट कोहली के बल्ले से नाबाद 74 रन निकले. इस जीत के साथ ही भारतीय टीम वनडे सीरीज का स्कोर 1-2 करने में सफल रही. वनडे सीरीज के शुरुआती दो मुकाबले मेजबान टीम ने जीते थे. सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी थी. रोहित शर्मा और विराट कोहली का ये आखिरी ऑस्ट्रेलिया दौरा माना जा रहा हैं, ऐसे में फैन्स का सैलाब उमड़ना स्वाभाविक था. मुकाबले में जीत के बाद रोहित-कोहली (ROKO) ने एडम गिलक्रिस्ट और रवि शास्त्री से बात की. दोनों से अपने बयानों से फैन्स को भावुक कर दिया. रोहित ने कहा उन्हें मालूम नहीं हैं कि वे दोबारा भारतीय टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया आ पएंगे या नहीं. दोनों ने फैन्स का आभार जताया. विराट कोहली ने कहा, 'आपने भले ही लंबे समय तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेला, लेकिन यह खेल हर बार आपको कुछ नया सिखा देता है. मैं कुछ ही दिनों में 37 साल का होने वाला हूं, लेकिन टारगेट का पीछा करते हुए हमेशा मैं बेहतरीन प्रदर्शन करता हूं. रोहित के साथ मैच जिताऊ साझेदारी करना शानदार रहा. शुरुआत से ही हमने हालात को अच्छी तरह समझा और यही चीज हमें एक जोड़ी के तौर पर हमेशा मजबूत बनाती रही है. यहां पर खेलना पसंद है: कोहली-रोहित विराट कोहली ने आगे कहा, 'अब शायद हम सबसे अनुभवी जोड़ी हैं. लेकिन जब हम युवा थे, तब भी हमें पता था कि बड़ी साझेदारी करके हम विपक्षी टीम को पछाड़ सकते हैं. यह सब 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज से शुरू हुआ था. अगर हम मिलकर बड़ा साझेदारी करते हैं, तो हम जानते हैं कि टीम को जीत तक ले जा सकते हैं. हमें इस देश में खेलना हमेशा पसंद रहा है, हमने यहां कुछ अच्छा क्रिकेट खेला है. दर्शकों का बहुत धन्यवाद, जो बड़ी संख्या में हमें समर्थन देने आए.' रोहित शर्मा ने कहा, 'मुझे हमेशा यहां आकर खेलने में मजा आता है. सिडनी में क्रिकेट खेलना तो खास तौर पर बेहद यादगार होता है. 2008 की यादें ताज़ा हो गईं, जब मैं पहली बार ऑस्ट्रेलिया आया था. यह मजेदार रहा, पता नहीं आगे हम यहां दोबारा खेलने आएंगे या नहीं, लेकिन हर पल का हमने आनंद लिया है. हमने हमेशा खेल का मजा लिया है, चाहे कितने भी अवॉर्ड्स और तारीफें मिली हों. पिछले 15 सालों में जो हुआ उसे भूल जाइए, मुझे यहां खेलना हमेशा अच्छा लगा है. मुझे यकीन है विराट के लिए भी यह एहसास वैसा ही है. शुक्रिया ऑस्ट्रेलिया.' रोहित शर्मा 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' रहे. रोहित ने बताया, 'ऑस्ट्रेलिया में आप यही उम्मीद करते हैं, यह आसान नहीं होता है. आपको परिस्थिति को समझना होता है. लंबे समय से नहीं खेला था, ऐसे में यहां आने से पहले अच्छी तैयारी की थी. हम सीरीज नहीं जीत सके, लेकिन फिर भी बहुत सारी सकारात्मक चीजें हुई हैं. युवाओं को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा.' रोहित शर्मा कहते हैं, 'जब मैं पहली बार आया था, तो सीनियर्स ने काफी मदद की थी. संदेश देना हमारा काम है. विदेश जाकर क्रिकेट खेलना कभी आसान नहीं होता. खिलाड़ी काफी प्रतिभाशाली हैं, आपके पास कोई गेम-प्लान होना चाहिए. मुझे ऑस्ट्रेलिया में खेलना बहुत पसंद है. सिडनी से अच्छी यादें जुड़ी हुई हैं, शानदार जगह और शानदार दर्शक. मुझे अपना काम करना पसंद है और उम्मीद है कि मैं ऐसा करता रहूंगा.'

क्रिकेट मैदान पर धमाका: रोहित और कोहली की जोड़ी ने दिलाई भारत को यादगार जीत

नई दिल्ली भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को तीसरे वनडे में 9 विकेट से करारी शिकस्त दी। शुरुआती दो मैचों में हार का सामना करने वाली भारतीय टीम ने सिडनी में खेले गए मुकाबले में दमदार प्रदर्शन किया। पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलिया की टीम 46.4 ओवर में सभी विकेट खोकर 236 रन ही बना सकी। इसके जवाब में भारत ने रोहित शर्मा (109 और विराट कोहली (68) की शतकीय साझेदारी की बदौलत 69 गेंद शेष रहते मैच अपने नाम किया। भारत ने 38.3 ओवर में एक विकेट खोकर 237 रन बनाए। ऑस्ट्रेलिया के 237 रनों के टारगेट का पीछा करते हुए भारत को पहला झटका 69 के स्कोर पर लगा। जोश हेजलवुड ने शुभमन गिल को आउट किया। इसके बाद रोहित शर्मा और विराट कोहली ने विकेट नहीं गिरने दिया। दोनों के बीच 168 रन की साझेदारी हुई। रोहित शर्मा ने 125 गेंद में 13 चौके और तीन छक्के की मदद से 121 रन बनाए। विराट कोहली ने 81 गेंद में 74 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी में सात चौके लगाए। ऑस्ट्रेलिया की ओर से जोश हेजलवुड ने एक विकेट लिया। इससे पहले टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाई। भारतीय गेंदबाजों की कहर बरपाती बॉलिंग के आगे पूरी टीम 236 रनों पर ही सिमट गई। भारत के लिए हर्षित राणा ने सर्वाधिक 4 विकेट चटकाए, वहीं वॉशिंगटन सुंदर को 2 और कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और अक्षर पटेल को 1-1 सफलता मिली। ऑस्ट्रेलिया के लिए मैट रेनशॉ एकमात्र ऐसे बल्लेबाज रहे जो 50 रन का आंकड़ा पार करने में कामयाब रहे। उन्होंने 56 रनों की शानदार पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया 46.4 ओवर में ही ऑलआउट हो गया।   रोहित शर्मा बने प्लेयर ऑफ द मैच – सीरीज रोहित शर्मा ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज में दमदार प्रदर्शन किया। उन्होंने तीसरे वनडे में शतकीय पारी खेली। इसके लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच मिला। वहीं वह सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी रहे। रोहित ने तीन पारियों में 101 के औसत से 202 रन बनाए। उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड भी मिला। भारत ने तीसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया को हराया भारतीय टीम ने तीसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया को नौ विकेट से हराया। जीत के लिए 237 रनों के लक्ष्य को भारत ने 38.3 ओवर में सिर्फ एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। रोहित ने नाबाद 121 और कोहली ने नाबाद 74 रन बनाए।

क्रिकेट इतिहास में रोहित शर्मा का अनोखा कारनामा, फील्डिंग शतक के साथ बढ़ी उपलब्धियों की लंबी फेहरिस्त

नई दिल्ली भारतीय बल्लेबाज रोहित शर्मा वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में बड़े-बड़े शतक लगाने के लिए जाने जाते हैं। बल्ले से तो रोहित शर्मा ने कई बार शतक वनडे क्रिकेट में लगाया है, लेकिन फील्डर के तौर पर अब रोहित शर्मा ने अपने करियर के अंतिम पड़ाव में एक खास शतक पूरा किया है। रोहित शर्मा ने वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में बतौर फील्डर 100वां कैच पकड़ा है और वे ऐसा करने वाले सातवें भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में 100 या इससे ज्यादा कैच एक फील्डर के तौर पर पकड़ने का कमाल किया है। रोहित शर्मा से पहले भारत के लिए 100 या इससे ज्यादा कैच पकड़ने का रिकॉर्ड, विराट कोहली, मोहम्मद अजहरुद्दीन, सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, सुरेश रैना और सौरव गांगुली ने बनाया है। विराट के नाम 163, अजहर के नाम 156, तेंदुलकर के नाम 140, द्रविड़ 124, रैना 102 और गांगुली के नाम 100 कैच वनडे क्रिकेट में लेने का रिकॉर्ड दर्ज है। रोहित शर्मा ने जैसे ही ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में जारी तीसरे वनडे मैच में दूसरा कैच पकड़ा, वैसे ही उनके वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट में कैचों की संख्या 100 हो गई। भारत के लिए ODI क्रिकेट में सबसे ज्यादा कैच 163 – विराट कोहली 156-मोहम्मद अजहरुद्दीन 140 -सचिन तेंदुलकर 124 -राहुल द्रविड़ 102 -सुरेश रैना 100 -सौरव गांगुली 100 -रोहित शर्मा हिटमैन रोहित शर्मा दुनिया के 34वें खिलाड़ी बन गए हैं, जिन्होंने 100 कैच इंटरनेशनल वनडे क्रिकेट में पकड़े हैं। अपने 276वें वनडे इंटरनेशनल मैच में रोहित ने कैचों का शतक पूरा किया। सिडनी में रोहित ने पहला कैच मिचेल ओवेन का स्लिप में पकड़ा और फिर दूसरा कैच नैथन एलिस का पकड़ा। इस सीरीज के पहले मैच में भी रोहित ने एक कैच पकड़ा था। दूसरे मैच में उन्होंने कोई कैच नहीं पकड़ा था। इस सीरीज में कई उपलब्धि रोहित अपने नाम कर चुके हैं।  

237 रन के लक्ष्य की ओर बढ़ा भारत, कप्तान रोहित और शुभमन गिल संभाल रहे मोर्चा

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस ऑस्ट्रेलिया तीन मैच की वनडे सीरीज का तीसरा और आखिरी मैच सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर खेला जा रहा है। टॉस जीतकर पहले बैटिंग करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल पाई। भारतीय गेंदबाजों की कहर बरपाती बॉलिंग के आगे पूरी टीम 236 रनों पर ही सिमट गई। भारत के लिए हर्षित राणा ने सर्वाधिक 4 विकेट चटकाए, वहीं वॉशिंगटन सुंदर को 2 और कुलदीप यादव, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और अक्षर पटेल को 1-1 सफलता मिली। ऑस्ट्रेलिया के लिए मैट रेनशॉ एकमात्र ऐसे बल्लेबाज रहे जो 50 रन का आंकड़ा पार करने में कामयाब रहे। उन्होंने 56 रनों की शानदार पारी खेली। ऑस्ट्रेलिया 46.4 ओवर में ही ऑलआउट हो गया। भारत को जीत के लिए 237 रनों का टारगेट मिला है। भारत की धीमी शुरुआत 4 ओवर के बाद भारत का स्कोर 11 रन है। रोहित शर्मा और शुभमन गिल संभलकर बल्लेबाजी कर रहे हैं। कुछ ओवर देखने के बाद दोनों प्रहार करेंगे। ऑस्ट्रेलिया ऑलआउट, भारत को 237 का टारगेट हर्षित राणा ने जोश हेजलवुड को बोल्ड कर ऑस्ट्रेलियाई पारी को 236 रनों पर ही समेट दिया है। राणा की यह पारी की चौथी सफलता है। वह इस मैच में भारत के सबसे सफल गेंदबाज रहे। ऑस्ट्रेलिया ने 46.4 ओवर में ही भारत के आगे घुटने टेक दिए।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शान मसूद को दी नई जिम्मेदारी, टेस्ट प्रदर्शन रहे निराशाजनक

कराची  पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका के बीच दोनों मैचों की टेस्ट सीरीज 1-1 से बराबरी पर छूटी थी. लाहौर में खेले गए सीरीज के पहले टेस्ट मैच को पाकिस्तान ने 93 रनों से जीता था. वहीं रावलपिंडी टेस्ट मैच में साउथ अफ्रीका ने 8 विकेट से जीत हासिल की थी. टेस्ट सीरीज में पाकिस्तानी कप्तान शान मसूद का प्रदर्शन शानदार रहा था और उन्होंने अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा 170 रन बनाए. इस टेस्ट सीरीज की समाप्ति के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ऐसा निर्णय लिया है, जिसकी काफी चर्चा हो रही है. पीसीबी ने टेस्ट कप्तान शान मसूद को इंटरनेशनल क्रिकेट और प्लेयर अफेयर्स के लिए अपना कंसल्टेंट नियुक्त किया है. यह फैसला बेहद अभूतपूर्व है क्योंकि शायद पहली बार किसी टीम के कप्तान को बोर्ड में प्रशासनिक जिम्मेदारी भी दी गई है. हालांकि, पीसीबी ने यह स्पष्ट नहीं किया कि क्या शान मसूद टेस्ट कप्तान बने रहेंगे या दोनों जिम्मेदारियां एक साथ निभाएंगे. रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तानी खिलाड़ियों को शान मसूद की इस नई भूमिका की जानकारी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर से आयोजित डिनर के दौरान दी गई, जो साउथ अफ्रीकी टीम के सम्मान में आयोजित किया गया था.  शान मसूद की क्या भूमिका होगी? पीसीबी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट निदेशक (Director of International Cricket) के पद के लिए आवेदन आमंत्रित करने रहा है, जो इस समय खाली है. माना जा रहा है कि मसूद फिलहाल अस्थायी तौर पर कंसल्टेंट की भूमिका निभाएंगे, जब तक इस पद पर कोई स्थायी नियुक्ति नहीं होती. पीसीबी के बयान में इस बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई कि मसूद की जिम्मेदारी क्या-क्या होगी या यह व्यवस्था कितने समय तक चलेगी. वैसे सवाल उठ रहा है कि क्या एक सक्रिय टेस्ट कप्तान बोर्ड में प्रशासनिक पद पर काम कर सकता है, खासकर जब वो खिलाड़ियों और क्रिकेट संचालन से जुड़ा मामला हो. शान मसूद का बतौर कप्तान प्रदर्शन औसत रहा है. उन्होंने अब तक 14 टेस्ट मैचों में पाकिस्तानी टीम की कप्तानी है. इस दौरान टीम को केवल चार मैचो में जीत मिली. हालांकि बतौर बल्लेबाज शान मसूद का प्रदर्शन टेस्ट मैचों में अच्छा रहा है. उनकी यह नियुक्ति पाकिस्तान क्रिकेट में पहली बार हुई किसी अनोखी व्यवस्था के रूप में देखी जा रही है. यह फैसला दर्शाता है कि पाकिस्तान क्रिकेट में अनिश्चितता और अप्रत्याशित निर्णय देखने को मिल रहे हैं.

ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज रिकी पोंटिंग की पत्नी करती हैं शराब का बिज़नेस, जानिए ब्रांड का नाम

सिडनी  आपको यह जानकर हैरानी होगी कि एक दिग्गज क्रिकेटर की पत्नी का शराब का कारोबार है. लेकिन यह बिल्कुल सच है. दरअसल पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट कप्तान रिकी पोंटिंग और उनकी पत्नी रियान कैंटर ने अपने प्रीमियम ब्रांड पोंटिंग वाइन्स के साथ वाइन उद्योग में एक शानदार शुरुआत की है. आइए जानते हैं कैसे हुई इस ब्रांड की शुरुआत.  पोंटिंग वाइन्स की शुरुआत  अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद रिकी पोंटिंग ने कई क्षेत्रों में अपनी किस्मत आजमाई. पहले कमेंट्री, फिर कोचिंग और फिर वाइन मेकिंग. अपनी पत्नी रियाना के साथ मिलकर उन्होंने बेहतरीन वाइन बनाने का फैसला किया. दोनों ने साथ मिलकर पोंटिंग वाइन्स लॉन्च किया. वाइन निर्माता बेन रिग्स का सहयोग  अपने ब्रांड के लिए पोंटिंग ने बेन रिग्स के साथ कोलैबोरेशन किया. बेन रिग्स एक पुरस्कार विजेता ऑस्ट्रेलिया वाइन निर्माता हैं. इन्होंने साथ मिलकर कुछ ऐसी वाइन बनाई जो गुणवत्ता, स्वाद और विरासत का एक अनोखा मेल है. रिकी पोंटिंग ने 2023 में इस ब्रांड को भारत में लॉन्च किया था. हालांकि भारत में से पूरी तरह से पेश करने में टैक्स संबंधित बाधाओं का सामना करना पड़ा. इसी के साथ भारत में लॉन्च होने के बाद से पोंटिंग वाइन्स ने ऑस्ट्रेलिया में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार जीते हैं. आपको बता दें कि इस वाइन को ऑस्ट्रेलिया के प्रीमियम वाइन क्षेत्र जैसे की साउथ ऑस्ट्रेलिया में एडिलेड हिल्स, मैक्लारेन वेल और तस्मानिया में कोल रिवर वैली से अंगूरों का इस्तेमाल करके बनाया जाता है. पोंटिंग वाइंस प्रीमियम रेड, व्हाइट और रोसे वाइन की रेंज में आती है. क्रिकेट के मैदान से वाइनयार्ड तक की सफलता  इस ब्रांड को वाइन प्रेमियों से अच्छी खासी समीक्षाएं मिली हैं. इसी के साथ रिकी पोंटिंग को इस व्यवसाय से अच्छा खासा मुनाफा हुआ है. यह सिर्फ एक छोटा-मोटा प्रोजेक्ट नहीं बल्कि एक फलता फूलता व्यवसाय है.  रिकी पोंटिंग का क्रिकेट करियर  रिकी पोंटिंग 1999, 2003 और 2007 में ऑस्ट्रेलिया की विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे और बाद के दो में उन्होंने कप्तानी भी की. उन्होंने 77 टेस्ट मैचों में से 48 में जीत हासिल की है और ऑस्ट्रेलिया के सबसे सफल टेस्ट कप्तान बने हुए हैं. रिकी पोंटिंग टेस्ट और वनडे दोनों में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों में से एक है. इसी के साथ उनका नाम सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय शतक बनाने वाले क्रिकेटर में आता है.

सम्मान बचाने मैदान में उतरेगा भारत, कोहली-गिल की जोड़ी पर सबकी उम्मीदें

सिडनी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय मुकाबले को जीत भारत सम्मान बचाने उतरेगा। पिछले दो मैचों में विफल रहे कप्तान शुभमन गिल और विराट कोहली पर सभी की नजर होगी। पूर्व कप्तान और शानदार एंकर कोहली ने अभी तक इस सीरीज में अपना दबदबा नहीं दिखाया है, जबकि टीम की कप्तानी कर रहे गिल शीर्षक्रम में नियंत्रण बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उनके कंधों पर बहुत बड़ा बोझ है। रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों की मौजूदगी में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हर मोर्चे पर पटखनी दी है। कोहली और रोहित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अब केवल एकदिवसीय मैच ही खेलते हैं, ऐसे में दोनों ही बल्लेबाज सीरीज के अंतिम मैच में बेहतर प्रदर्शन कर सीरीज का सुखद अंत करना चाहेंगे। कप्तान शुभमन गिल के लिए यह दौरा कप्तानी के साथ ही बल्लेबाजी के दृष्टिकोण से भी अच्छा नहीं रहा है। गिल ने पहले दो मैच में कुल 19 रन ही बना पाए हैं। मध्य क्रम में के एल राहुल ने पहले और श्रेयस अय्यर ने दूसरे मैच में अच्छी बल्लेबाज़ी की थी लेकिन भारत इन दोनों के एक साथ प्रदर्शन करने की उम्मीद करेगा। सिडनी में भारत को सार्थक चुनौती पेश करने के लिए कोहली को अपनी लय, टाइमिंग और दबदबा वापस आना होगा और गिल को पारी की शुरुआत में उदाहरण पेश करते हुए नेतृत्व करना होगी, ताकि बाद में आने वालों के लिए माहौल सेट हो सके। वहीं आत्मविश्वास से भरा हुआ ऑस्ट्रेलिया सीरीज का आखिरी मैच जीतकर क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान में उतरेगा है। मिशेल मार्श और ट्रैविस हेड शुरुआती आक्रामकता प्रदान करते हैं, जबकि मैथ्यू शॉर्ट और मैट रेनशॉ बीच के ओवरों में पारी को स्थिरता देते हैं। कूपर कॉनली और मिशेल ओवेन फिनिशिंग पावर देते हैं, यह सुनिश्चित करते हैं कि मोमेंटम कभी रुके नहीं।  जोश हेज़लवुड, मिशेल स्टार्क, ज़ेवियर बार्टलेट और एडम जम्पा की अगुवाई वाला गेंदबाजी आक्रमण सटीक और लगातार रहा है, जिससे पिछले दोनों मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाज दबाव में रहे हैं। एकदिवसीय प्रारूप में दोनों के बीच कुल 154 मैच खेले गए हैं, जिसमें से 86 में ऑस्ट्रेलिया और 58 में भारत को जीत मिली है। भारत में खेले गए 72 मुकाबलों में 34 में ऑस्ट्रेलिया और 33 में भारतीय टीम को जीत मिली है। ऑस्ट्रेलिया में खेले गए 56 मुकाबलों में 40 में कंगारू और 14 में भारत को जीत मिली है। तटस्थ स्थान पर 26 मैचों में से 11 में भारत और 12 में ऑस्ट्रेलिया ने जीते है। भारत आक्रमण में धारा लेने के लिए कुलदीप यादव का रुख कर सकता है। बाएं हाथ के रिस्ट-स्पिनर की गेंद को दोनों तरफ घुमाने और इनिंग्स के आखिर में रफ पैच का फायदा उठाने की काबिलियत ऑस्ट्रेलिया के मिडिल ऑर्डर को परेशान कर सकती है, खासकर मोहम्मद सिराज और अर्शदीप सिंह के साथ नई गेंद से, और बीच के ओवरों में वाशिंगटन सुंदर के कंट्रोल से। यह काफी हद तक कोहली और गिल के फॉर्म और अथॉरिटी में वापस आने पर निर्भर करता है। सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की बात की जाये तो यह शुरुआत में सीम मूवमेंट और असमान उछाल ओपनर्स के लिए चुनौती पेश करते हैं। स्पिनर्स को बाद में फायदा मिलता है। संभावित एकादश ऑस्ट्रेलिया:- मिशेल मार्श (कप्तान), ट्रैविस हेड, मैथ्यू शॉर्ट, मैट रेनशॉ, एलेक्स कैरी (विकेटकीपर), कूपर कॉनोली, मिशेल ओवेन, जेवियर बार्टलेट, मिशेल स्टार्क/बेन ड्वारशुइस, एडम ज़म्पा, जोश हेजलवुड/नाथन एलिस संभावित एकादश भारत:- रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, केएल राहुल (विकेटकीपर), अक्षर पटेल, वाशिंगटन सुंदर/कुलदीप यादव, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, मोहम्मद सिराज, अर्शदीप सिंह  

सीनियर महिला हॉकी टीम: 39 खिलाड़ियों के कोर ग्रुप की घोषणा, नई उम्मीदों के साथ शिविर शुरू

बेंगलुरु हॉकी इंडिया ने शुक्रवार को सीनियर महिला राष्ट्रीय कोचिंग शिविर के लिए 39 सदस्यीय कोर संभावित ग्रुप की घोषणा की। यह शिविर 24 अक्टूबर से 7 दिसंबर तक बेंगलुरु स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) केंद्र में आयोजित होगा। यह शिविर चीन के हांग्जो में आयोजित महिला एशिया कप 2025 में भारतीय महिला हॉकी टीम के शानदार प्रदर्शन पर आधारित है, जहां उन्होंने रजत पदक जीतकर एशिया की शीर्ष टीमों में से एक के रूप में अपनी स्थिति को और मजबूत किया। गोलकीपिंग यूनिट में बिचू देवी खारीबाम, बंसरी सोलंकी, और माधुरी किंडो के साथ-साथ असम हॉकी की प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ी समीक्षा सक्सेना भी शामिल हैं, जिन्होंने इस साल की शुरुआत में राष्ट्रीय चैंपियनशिप में अपने प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया था। रक्षात्मक लाइनअप का नेतृत्व अनुभवी खिलाड़ियों निक्की प्रधान, सुशीला चानू पुखरामबम, उदिता और महिमा चौधरी द्वारा किया जाएगा, जो उभरती हुई प्रतिभाओं इशिका चौधरी, ज्योति छत्री, अंजना डुंगडुंग, अक्षता अबासो ढेकाले और सुमन देवी थौदाम द्वारा पूरक हैं, जो ऊर्जा और युवा को बैकलाइन में लाते हैं। मिडफील्ड में, टीम कौशल और निरंतरता का संयोजन करती है, जिसे नेहा, सलीमा टेटे, वैष्णवी विट्ठल फाल्के, मनीषा चौहान और शर्मिला देवी के अनुभव के साथ-साथ उभरती प्रतिभाएं सुजाता कुजूर, महिमा टेटे, अलबेला रानी टोप्पो और पूजा यादव का समर्थन प्राप्त है। फॉरवर्ड लाइन में गति और स्कोरिंग प्रतिभा का एक रोमांचक मिश्रण है, जिसमें नवनीत कौर, दीपिका सोरेंग, संगीता कुमारी, रुतुजा दादासो पिसल, मुमताज खान, ब्यूटी डुंगडुंग, अन्नू, ऋतिका सिंह, दीपिकामोनिका टोप्पो, चंदना जगदीश और काजल सदाशिव अटपडकर शामिल हैं। दीपिका, जो अपने ड्रैग-फ्लिकिंग कौशल के लिए जानी जाती हैं और हाल ही में एक चोट से उबरी हैं, जो महिला एशिया कप 2025 में नहीं खेल पाई थीं, सीनियर कैंप का भी हिस्सा हैं। भारतीय महिला हॉकी टीम के मुख्य कोच हरेंद्र सिंह ने कहा, “टीम ने हाल ही में हुए महिला एशिया कप में शानदार खेल दिखाया, और यह कैंप हमें उस गति को और आगे बढ़ाने का अवसर देगा। हमारा ध्यान अपनी संरचना को बेहतर बनाने, महत्वपूर्ण क्षणों में अपने रूपांतरण में सुधार करने और शारीरिक कंडीशनिंग को बेहतर बनाने पर होगा। हम आक्रमण में अपनी स्वतंत्रता को बढ़ाने और अपने खेल के सिद्धांतों के साथ अधिक निकटता से जुड़ने के लिए अपनी रक्षात्मक संरचना पर भी अधिक जोर देना चाहते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे पास अनुभवी खिलाड़ियों और होनहार युवा प्रतिभाओं का अच्छा मिश्रण है, और यह देखना रोमांचक होगा कि वे समूह के समग्र स्तर को ऊंचा उठाने के लिए एक-दूसरे को कैसे प्रेरित करते हैं। यह राष्ट्रीय कोचिंग शिविर आगामी अंतर्राष्ट्रीय कार्यक्रम और भविष्य के वैश्विक टूर्नामेंटों की तैयारी के लिए अंतिम कोर टीम का चयन करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।” भारतीय महिला हॉकी टीम का नया 39 सदस्यीय सीनियर कोर ग्रुप: गोलकीपर बिचु देवी खारीबाम, बंसरी सोलंकी, माधुरी किंडो, समीक्षा सक्सेना। डिफेंडर महिमा चौधरी, निक्की प्रधान, सुशीला चानू पुखरामबम, उदिता, इशिका चौधरी, ज्योति छत्री, ज्योति, अक्षता अबासो ढेकाले, अंजना डुंगडुंग, सुमन देवी थौदम। मिडफील्डर सुजाता कुजूर, वैष्णवी विट्ठल फाल्के, नेहा, सलीमा टेटे, मनीषा चौहान, अजमीना कुजूर, सुनीता टोप्पो, लालरेम्सियामी, शर्मिला देवी, बलजीत कौर, महिमा टेटे, अलबेला रानी टोप्पो, और पूजा यादव। फॉरवर्ड दिपीमोनिका टोप्पो, रितिका सिंह, दीपिका सोरेंग, नवनीत कौर, संगीता कुमारी, दीपिका, रुताजा दादासो पिसल, ब्यूटी डुंगडुंग, मुमताज खान, अन्नू, चंदना जगदीश, काजल सदाशिव अतपडकर।