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ROKO ने जीत के जश्न में फैन्स के साथ बांटे भावुक पल, बोले—‘ऑस्ट्रेलिया आना दोबारा मुश्किल’

सिडनी  भारतीय टीम ने शनिवार (25 अक्टूबर) को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी वनडे में 9 विकेट से शानदार जीत हासिल की. भारतीय टीम की जीत में रोहित शर्मा और विराट कोहली का अहम रोल रहा. रोहित ने नाबाद 121 रन बनाए. वहीं विराट कोहली के बल्ले से नाबाद 74 रन निकले. इस जीत के साथ ही भारतीय टीम वनडे सीरीज का स्कोर 1-2 करने में सफल रही. वनडे सीरीज के शुरुआती दो मुकाबले मेजबान टीम ने जीते थे. सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी थी. रोहित शर्मा और विराट कोहली का ये आखिरी ऑस्ट्रेलिया दौरा माना जा रहा हैं, ऐसे में फैन्स का सैलाब उमड़ना स्वाभाविक था. मुकाबले में जीत के बाद रोहित-कोहली (ROKO) ने एडम गिलक्रिस्ट और रवि शास्त्री से बात की. दोनों से अपने बयानों से फैन्स को भावुक कर दिया. रोहित ने कहा उन्हें मालूम नहीं हैं कि वे दोबारा भारतीय टीम के साथ ऑस्ट्रेलिया आ पएंगे या नहीं. दोनों ने फैन्स का आभार जताया. विराट कोहली ने कहा, 'आपने भले ही लंबे समय तक इंटरनेशनल क्रिकेट खेला, लेकिन यह खेल हर बार आपको कुछ नया सिखा देता है. मैं कुछ ही दिनों में 37 साल का होने वाला हूं, लेकिन टारगेट का पीछा करते हुए हमेशा मैं बेहतरीन प्रदर्शन करता हूं. रोहित के साथ मैच जिताऊ साझेदारी करना शानदार रहा. शुरुआत से ही हमने हालात को अच्छी तरह समझा और यही चीज हमें एक जोड़ी के तौर पर हमेशा मजबूत बनाती रही है. यहां पर खेलना पसंद है: कोहली-रोहित विराट कोहली ने आगे कहा, 'अब शायद हम सबसे अनुभवी जोड़ी हैं. लेकिन जब हम युवा थे, तब भी हमें पता था कि बड़ी साझेदारी करके हम विपक्षी टीम को पछाड़ सकते हैं. यह सब 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ घरेलू सीरीज से शुरू हुआ था. अगर हम मिलकर बड़ा साझेदारी करते हैं, तो हम जानते हैं कि टीम को जीत तक ले जा सकते हैं. हमें इस देश में खेलना हमेशा पसंद रहा है, हमने यहां कुछ अच्छा क्रिकेट खेला है. दर्शकों का बहुत धन्यवाद, जो बड़ी संख्या में हमें समर्थन देने आए.' रोहित शर्मा ने कहा, 'मुझे हमेशा यहां आकर खेलने में मजा आता है. सिडनी में क्रिकेट खेलना तो खास तौर पर बेहद यादगार होता है. 2008 की यादें ताज़ा हो गईं, जब मैं पहली बार ऑस्ट्रेलिया आया था. यह मजेदार रहा, पता नहीं आगे हम यहां दोबारा खेलने आएंगे या नहीं, लेकिन हर पल का हमने आनंद लिया है. हमने हमेशा खेल का मजा लिया है, चाहे कितने भी अवॉर्ड्स और तारीफें मिली हों. पिछले 15 सालों में जो हुआ उसे भूल जाइए, मुझे यहां खेलना हमेशा अच्छा लगा है. मुझे यकीन है विराट के लिए भी यह एहसास वैसा ही है. शुक्रिया ऑस्ट्रेलिया.' रोहित शर्मा 'प्लेयर ऑफ द मैच' और 'प्लेयर ऑफ द सीरीज' रहे. रोहित ने बताया, 'ऑस्ट्रेलिया में आप यही उम्मीद करते हैं, यह आसान नहीं होता है. आपको परिस्थिति को समझना होता है. लंबे समय से नहीं खेला था, ऐसे में यहां आने से पहले अच्छी तैयारी की थी. हम सीरीज नहीं जीत सके, लेकिन फिर भी बहुत सारी सकारात्मक चीजें हुई हैं. युवाओं को बहुत कुछ सीखने को मिलेगा.' रोहित शर्मा कहते हैं, 'जब मैं पहली बार आया था, तो सीनियर्स ने काफी मदद की थी. संदेश देना हमारा काम है. विदेश जाकर क्रिकेट खेलना कभी आसान नहीं होता. खिलाड़ी काफी प्रतिभाशाली हैं, आपके पास कोई गेम-प्लान होना चाहिए. मुझे ऑस्ट्रेलिया में खेलना बहुत पसंद है. सिडनी से अच्छी यादें जुड़ी हुई हैं, शानदार जगह और शानदार दर्शक. मुझे अपना काम करना पसंद है और उम्मीद है कि मैं ऐसा करता रहूंगा.'

वनडे में रोहित-विराट की वापसी का जादू, फैंस की दीवानगी में टिकट हुए ब्लैक

मुंबई   शुभमन गिल और गौतम गंभीर भविष्य के लिए एक टीम बनाने की कोशिश में लगे हैं, वहीं लाखों प्रशंसक ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वनडे सीरीज़ देखने के लिए उत्सुक होंगे, यह देखने के लिए कि इतने लंबे ब्रेक के बाद कोहली और रोहित कैसा प्रदर्शन करते हैं. अब जब ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ के लिए चयन प्रक्रिया पर धूल जम गई है, तो निष्पक्ष होकर चीज़ों पर विचार करने का समय आ गया है. साफ़ है कि भारतीय क्रिकेट में बदलाव अपने अंतिम चरण में है. अजीत अगरकर की चयन समिति ने कुछ हद तक निर्ममता से अपना काम किया है, और हालाँकि इस जल्दबाज़ी पर सवाल उठाया जा सकता है, लेकिन इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि नए कप्तान के पास 2027 विश्व कप से पहले अपनी टीम बनाने के लिए पर्याप्त समय हो. जहाँ तक रोहित शर्मा और विराट कोहली की बात है, तो किसा को भी नहीं लगता कि वे दोनों ज़्यादा समय तक खेलेंगे अगर वे खेलना चाहते हैं, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलना होगा, और यहीं पर समस्या खड़ी हो सकती है. यह स्पष्ट है कि उनसे ऐसा करने की उम्मीद की जाएगी, और यह देखना दिलचस्प होगा कि दोनों क्या करते हैं. 50 ओवर के प्रारूप में बहुत कम अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने के कारण, वे खुद को मैच के लिए कैसे तैयार रखते हैं, यही बड़ा सवाल है. ऑस्ट्रेलिया सीरीज़ से कुछ जवाब मिल जाएँगे, क्योंकि दोनों ने आईपीएल के बाद से क्रिकेट नहीं खेला है.ऑस्ट्रेलिया में चेंजिंग रूम में कोहली और रोहित की मौजूदगी से गिल कैसे निपटते हैं, यह देखना दिलचस्प होगा. हालाँकि खेल में चीज़ें कामयाब होती हैं, लेकिन यह किसी के लिए भी आसान नहीं हो सकता.यही एक और वजह है कि अगले कुछ महीने देखना दिलचस्प हो सकता है. ऑस्ट्रेलिया दौरा धमाकोदार बन गया  कोहली और रोहित दोनों ने पहले भी संकेत दिए थे कि वे 2027 तक खेलना चाहते हैं उदाहरण के लिए, अभिषेक नायर ने भी यही कहा है, क्योंकि उन्होंने रोहित के साथ मिलकर काम किया है कोहली ने भी एक सार्वजनिक कार्यक्रम में ऐसा कहा था हो सकता है कि वे इस मामले पर कोई सार्वजनिक घोषणा करने से पहले यह देखना चाहें कि ऑस्ट्रेलिया और उसके बाद चीज़ें कैसे आकार लेती हैं. इसके अलावा, उन्हें सीरीज़ दर सीरीज़ आंकना भी अनुचित होगा. किसी की भी सीरीज़ खराब हो सकती है. उदाहरण के लिए, सूर्यकुमार यादव का एशिया कप अच्छा नहीं रहा बल्कि, उन्हें ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और न्यूज़ीलैंड (कुल 9 वनडे) के खिलाफ कई मैच खेलने चाहिए, तभी किसी नतीजे पर पहुँचा जा सकता है.अगर वे अच्छा प्रदर्शन करते हैं, तो किसी को भी संन्यास लेने के लिए कहने की कोई ज़रूरत नहीं है.जैसा कि मैंने पहले भी कई बार कहा है, संन्यास एक निजी फैसला होता है. हर मैच होगा बलॉकबस्टर  चयनकर्ता कप्तान ज़रूर बदल सकते हैं, और उन्होंने बदला भी है लेकिन खेलना है या नहीं, यह खिलाड़ी का फ़ैसला है. वे अच्छा प्रदर्शन करना चाहेंगे, और अगर वे ऐसा करते हैं, तो यह उनका फ़ैसला है कि वे खुद को चयन के लिए पेश करें या नहीं. दरअसल, रोहित ने ऑस्ट्रेलिया जाने का फ़ैसला इसलिए किया क्योंकि वह खेलना चाहते हैं. यह जानते हुए कि वह टीम की कप्तानी नहीं करेंगे, वह खेल को अलविदा कह सकते थे पर उन्होंने ऐसा नहीं किया, इसका मतलब है कि वह खेलना चाहते हैं और मानते हैं कि उनमें अभी भी खेलने की क्षमता है. क्या वह दो साल और खेल पाएंगे और 30 की उम्र के बाद सचिन तेंदुलकर जैसा प्रदर्शन कर पाएंगे, यह देखने के लिए हमें इंतज़ार करना होगा. अब इन दोनों के बीच खेला जाने वाला हर मैच ब्लॉकबस्टर साबित होगा. एक ऐसा फॉर्मेट जो विश्व कप से दो साल दूर होने के कारण अपनी अहमियत खो सकता था, अब सबसे ज़्यादा प्रतीक्षित मैच बन गया है. हर वनडे मैच दर्शकों के बीच देखा जाएगा और प्रसारणकर्ता भी खूब मौज-मस्ती करेंगे. उनकी मौजूदगी ने इस फॉर्मेट में नई जान फूंक दी है और यही अगले कुछ महीनों के लिए सबसे बड़ी उपलब्धि है. आखिरकार, ऑस्ट्रेलिया में नतीजे ज़्यादा मायने नहीं रखेंगे लोग यही देखना चाहेंगे कि ये दोनों दिग्गज अपना काम कैसे करते हैं. क्या रोहित भारत को अच्छी शुरुआत दे पाएंगे और क्या वह शीर्ष क्रम में भी इसी आक्रामक रवैये के साथ खेलते रहेंगे? क्या कोहली हमेशा की तरह पारी को संभाले रखेंगे? खैर, जो भी हो, दिवाली हो या काली पूजा, भारत बनाम ऑस्ट्रेलिया मैच देखने में बीत जाएगी ये बात अब लाखों भारतीयों के लिए यह तय है.