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WPL 2027 के लिए तारीखों का ऐलान, 28 अक्टूबर को कोच्चि में होगा ऑक्शन

नई दिल्ली क्रिकेट फैन्स के लिए बड़ी खबर सामने आ रही है. विमेन्स प्रीमियर लीग (WPL) के पांचवें सीजन का शेड्यूल लगभग तय हो गया है. पुरुषों की तरह महिला खिलाड़ियों ने भी डब्ल्यूपीएल के जरिए अपनी एक अलग पहचान बनाने में कामयाबी हासिल की है.   भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के मुताबिक विमेन्स प्रीमियर लीग का अगला सीजन 14 जनवरी से 7 फरवरी 2027 के बीच खेला जाएगा. महिलाओं के इस महामुकाबले का फैन्स को हर साल बेसब्री से इंतजार रहता है. नया सीजन शुरू होने से पहले टीमों को अपनी-अपनी स्क्वाड तैयार करनी होगी, जिसके लिए कुछ खास तारीखें तय की गई हैं. हर टीम को प्लेयर रिटेंशन की लिस्ट सौंपने के लिए 28 सितंबर तक समय दिया गया है. इस दिन तक सभी फ्रेंचाइजी तय करेंगी कि वे किन पुरानी खिलाड़ियों को अपने साथ बनाए रखना चाहती हैं.   वहीं 28 अक्टूबर 2026 को कोच्चि के ग्रैंड हयात होटल में ऑक्शन का आयोजन किया जाएगा. जहां सभी पांचों टीमें अपनी टीम को मजबूत करने के लिए नए खिलाड़ियों पर बोली लगाएंगी. बीसीसीआई इस बार मैचों के आयोजन के लिए कई जगहों पर विचार कर रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार के मुकाबलों के लिए मुंबई, बेंगलुरु, वाराणसी और वडोदरा जैसे शहरों पर विचार किया जा रहा है. मुंबई का ब्रेबॉर्न स्टेडियम एक मुख्य वेन्यू के रूप में तय माना जा रहा है, जहां पहले भी कई शानदार मैच और फाइनल खेले जा चुके हैं. दूसरे वेन्यू के लिए वडोदरा के कोटांबी स्टेडियम और वाराणसी के नए स्टेडियम के नाम पर चर्चा चल रही है. बीसीसीआई की क्रिकेट ऑपरेशंस टीम जल्द ही वाराणसी के नए स्टेडियम का मुआयना करने वाली है. अगर सब कुछ ठीक रहा तो वहां कुछ घरेलू या प्रैक्टिस मैच करवाकर यह देखा जाएगा कि मैदान टूर्नामेंट के लिए पूरी तरह तैयार है या नहीं.

ICC रैंकिंग में अभिषेक शर्मा ने मारी छलांग, शाहिबजादा फरहान को पछाड़कर पहुंचे दूसरे स्थान पर

नई दिल्ली आईसीसी की ताजा टी20 रैंकिंग में भारत के खिलाड़ियों को जबरदस्त फायदा हुआ है। बल्लेबाजों में ईशान किशन टॉप पर बने हुए हैं। वहीं, अभिषेक शर्मा एक स्थान के फायदे के साथ पाकिस्तान के शाहिबजादा फरहान को पीछे छोड़ दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। अब इन दोनों खिलाड़ियों के बीच पहले पायदान के लिए मुकाबला होगा। दोनों के बीच 51 रेटिंग प्वाइंट का अंतर है। अभिषेक ने है। संजू सैमसन को भी 4 पायदान का फायदा हुआ है। वह बल्लेबाजों की रैंकिंग में 30वें स्थान पर पहुंच गए हैं। गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह को 7 पायदान का फायदा हुआ है और वह 10वें स्थान पर पहुंच गए हैं। वरुण चक्रव्रती दो स्थान के सुधार के साथ टी20 के टॉप 5 गेंदबाजों में शामिल हो गए हैं। अर्शदीप सिंह को 11 स्थान का फायदा हुआ है और वह 14वें स्थान पर पहुंच गए हैं। अक्षर पटेल को भी 6 स्थान का फायदा मिला है और वह गेंदबाजों की रैंकिंग में 27वें स्थान पर आ गए हैं। ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों को भी फायदा जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे मैच में 59 रन से जीत हासिल करने वाली ऑस्ट्रेलिया टीम के खिलाड़ियों को भी आईसीसी रैंकिंग में फायदा हुआ है। 5 विकेट लेने वाले नेथन एलिस को 20 पायदान की छलांग लगाकर गेंदबाजों की रैंकिंग में 20वें स्थान पर आ गए हैं। वहीं, मैथ्यू रेनशॉ ने शतकीय पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई थी। वह अब तक टॉप 100 में शामिल नहीं थे। अब वह वनडे में बल्लेबाजों की रैंकिंग में 68वें स्थान पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा कूपर कॉनोली 9 स्थान के सुधार के साथ 77वें पायदान पर पहुंच गए हैं। टेस्ट रैंकिंग में रॉबिन्सन का जलवा टेस्ट रैंकिंग में ओली रॉबिन्सन ने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग हासिल की है। उन्हें 2 पायदान का फायदा हुआ है और वह टेस्ट में गेंदबाजों की रैंकिंग में तीसरे स्थान पर आ गए हैं। पाकिस्तान के खिलाफ तीन टेस्ट की सीरीज में उन्होंने 21 विकेट लिए थे। जोश टंग को भी 2 पायदान का फायदा हुआ है और वह 11वें नंबर पर आ गए हैं। यह उनके करियर की भी सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग है। पाकिस्तान के बाबर आजम को भी 2 पायदान का फायदा हुआ है और टेस्ट बल्लेबाजों की रैंकिंग में वह 13वें स्थान पर आ गए हैं।

अजीत अगरकर के बाद कौन बनेगा मुख्य चयनकर्ता? VVS लक्ष्मण के नाम की चर्चा तेज

पटना बीसीसीआई चयन समिति की बैठक दिल्ली में चल रही है। बैठक खत्म होने के बाद वेस्टइंडीज के साथ वनडे सीरीज के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया जाएगा। वनडे टीम में रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दिग्गज खिलाड़ियों का खेलना तय है, लेकिन मुख्य चयनकर्ता अगली बार इस मीटिंग में नहीं होंगे। अजीत अगरकर मुख्य चयनकर्ता के रूप में आखिरी बार चयन समिति की बैठक में शामिल हो रहे हैं और टीम चुन रहे हैं। बीसीसीआई के साथ अजीत अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट इसी महीने खत्म हो रहा है। पहले खबरें आई थीं कि अजीत अगरकर का कॉन्ट्रैक्ट आगे बढ़ाया जा सकता है और वह 2027 वनडे विश्व कप तक चयन समिति के अध्यक्ष बने रहेंगे। हालांकि, वनडे टीम में रोहित शर्मा की जगह को लेकर अजीत अगरकर और बीसीसीआई के अधिकारियों के बीच असहमति हुई। इसके बाद चयन समिति से उनकी छुट्टी हो रही है। अब लक्ष्मण को मिल सकता है मौका कयास लगाए जा रहे हैं कि अजीत अगरकर के बाद एनसीए प्रमुख वीवीएस लक्ष्मण को मुख्य चयनकर्ता बनाया जा सकता है। लक्ष्मण लंबे समय से एनसीए हेड के रूप में काम कर रहे हैं। ऐसे में उनकी जिम्मेदारी बैकअप कोच की भी होती है। वह एशियन गेम्स के दौरान भी भारत की टी20 टीम के साथ नजर आएंगे, क्योंकि इसी समय दूसरी टीम वेस्ट इंडीज के खिलाफ वनडे मैच खेलेगी। मुख्य कोच गंभीर वनडे टीम के साथ होंगे। टी20 में शानदार प्रदर्शन अजीत अगरकर 4 जुलाई 2023 को भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य चयनकर्ता बने थे। इसके बाद से भारत ने 2024 टी20 विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी और 2026 टी20 विश्व कप जीता है। इस दौरान टीम इंडिया दो बार एशिया कप जीतने में भी सफल रही है, लेकिन टेस्ट में भारत का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है। खासकर घरेलू सीरीज में स्पिन के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों को परेशानी आ रही थी। वहीं, गेंदबाज भी विपक्षी टीमों की तुलना में फीके साबित हो रहे थे। ऐसे में नए चयनकर्ता के सामने टेस्ट टीम को बेहतर करने की जिम्मेदारी होगी। 9 साल का था अगरकर का करियर अजीत अगरकर ने 1998 से 2007 के बीच 26 टेस्ट, 191 वनडे और 4 टी20 खेले। टेस्ट में 1 शतक की मदद से 571 रन और 58 विकेट, वनडे में 3 अर्धशतक की मदद से 1,269 रन और 288 विकेट, और टी20 में 3 विकेट उनके नाम दर्ज हैं। संन्यास के बाद अगरकर कोचिंग और कमेंट्री के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि क्रिकेट खेलने, कमेंट्री करने और टीम चुनने में सबसे मुश्किल काम टीम का चयन करना है।

आफरीदी के बयान पर आकाश चोपड़ा का पलटवार, बोले- लड़कियों को भी बराबर मौके देकर देखिए

नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान शाहिद आफरीदी का महिलाओं को लेकर दिया गया एक बयान इन दिनों सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है. अब इस पर पूर्व भारतीय क्रिकेटर और जाने-माने एनालिस्ट आकाश चोपड़ा ने अपनी बात रखी है. आफरीदी के बयान में कहा गया कि हमारे यहां की महिलाएं सिर्फ रोटियां अच्छी बना सकती हैं, इन्हें क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए. इस बयान पर आकाश चोपड़ा का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया. अपने यूट्यूब चैनल पर इस मुद्दे पर खुलकर बात करते हुए आकाश चोपड़ा ने कहा कि जब उन्होंने पहली बार यह खबर पढ़ी तो उन्हें लगा कि शायद यह किसी एआई (AI) का कमाल होगा या कोई फर्जी बयान होगा. लेकिन जब पता चला कि यह सच है तो उन्होंने आफरीदी को आड़े हाथों लिया. आकाश ने तंज कसते हुए कहा कि अगर आपके देश की महिलाएं क्रिकेट नहीं खेल सकतीं तो फिर आप कैसे खेल लेते हैं? आप इसलिए अच्छा खेल रहे हैं क्योंकि आपको बचपन से खेलने का मौका मिला है. उन्होंने माना कि पाकिस्तान की महिला टीम अभी उतना अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रही है, लेकिन इसकी वजह यह नहीं है कि महिलाएं क्रिकेट नहीं खेल सकतीं. असली कमी तो वहां के सिस्टम में है. उन्हें सही सुविधाएं और मौके देने की जरूरत है. यह कहना कि उनका काम सिर्फ घर संभालना और रोटियां बनाना है ये काफी गलत है. आकाश चोपड़ा गुस्से में इतने आगे बढ़ गए कि उन्होंने यहां तक कह दिया कि मेरे भाई… नहीं सॉरी, मेरा भाई नहीं है तू यार! अगर ऐसी घटिया बात करोगे तो मैं तुझे भाई कैसे बोल सकता हूं? लड़कियां कर सकती है कमाल उन्होंने आगे चुनौती देते हुए कहा कि पाकिस्तान की लड़कियों को एक बार लड़कों के बराबर मौके और सुविधाएं देकर तो देखिए. हो सकता है कि वे लड़कों से भी बेहतर खेल कर दिखाएं और इस बात से उन्हें बिल्कुल भी हैरानी नहीं होगी. आकाश ने तंज कसा कि अगर देश में ऐसी ही दकियानूसी सोच बनी रहेगी तो पहले ही बदहाल चल रहा पुरुषों का क्रिकेट और नीचे चला जाएगा और लड़कियों को तो कभी आगे बढ़ने ही नहीं दिया जाएगा. PCB और मोहसिन नकवी पर भी कसा तंज बातचीत के दौरान आकाश चोपड़ा ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और वहां के मौजूदा हालातों पर भी जमकर निशाना साधा. उन्होंने हाल ही में पाकिस्तान की महिला टीम पर एशिया कप सेमीफाइनल में धीमे ओवर रेट की वजह से लगे 50 प्रतिशत जुर्माने और पुरुष टीम के WTC पॉइंट्स काटे जाने का भी जिक्र किया. आकाश ने चुटकी लेते हुए कहा कि वहां के बोर्ड के मुखिया मोहसिन नकवी को तो बस हर जगह जाकर ट्रॉफी देने की जिद से ही फुर्सत नहीं मिल रही है. पाकिस्तान क्रिकेट की हालत इस समय कंगाली में आटा गीला जैसी हो चुकी है, जहां टीम जीत से ज्यादा अपने कटे हुए पॉइंट्स को लेकर चर्चा में रहती है.

बटलर ने रोहित शर्मा को पीछे छोड़ा, इंग्लैंड ने पहले टी20 में श्रीलंका के खिलाफ ठोके 254 रन

साउथैप्टन इंग्लैंड ने 3 टी20 मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में श्रीलंका को 119 रन के बड़े अंतर से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त ले ली। इंग्लैंड की जीत में कप्तान हैरी ब्रूक के शतक और जोस बटलर की विस्फोटक 80 रन की पारी का अहम योगदान रहा। सलामी बल्लेबाजी करने उतरे बटलर ने सिर्फ 44 गेंदों का सामना किया और 8 चौकों के अलावा तीन छक्के मारे। बटलर ने रोहित को पछाड़ा जोस बटलर टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने के मामले में दूसरे नंबर पर आ गए हैं। 161 मैच खेल चुके जोस बटलर के नाम 4292 रन हो गए हैं। उन्होंने 34 की औसत औऱ 149 की स्ट्राइक रेट से ये सन बनाए हैं। वहीं पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा के नाम 4231 रन हैं। 159 मैच खेलने वाले रोहित ने 2024 टी20 विश्व कप जीतने के बाद संन्यास ले लिया था। 4596 रन के साथ पाकिस्तान के बाबर आजम टॉप पर हैं। भारत के खिलाफ जुलाई में टी20 सीरीज के दौरान बटलर ने विराट कोहली को पछाड़ा था। टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा रन खिलाड़ी              देश                मैच       रन        स्ट्राइक रेट     औसत बाबर आजम      पाकिस्तान     145     4596     128.02     38.94 जोस बटलर         इंग्लैंड           161     4292     149.44     34.33 रोहित शर्मा         भारत            159     4231     140.89     32.05 विराट कोहली      भारत           125     4188     137.04     48.69 पॉल स्टर्लिंग      आयरलैंड       163     3895     134.35     26.31 इंग्लैंड ने 254 रन ठोक दिए श्रीलंका ने टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला किया था। पहले बल्लेबाजी करने उतरी इंग्लैंड ने श्रीलंकाई गेंदबाजों की जमकर धुनाई की और 20 ओवर में 4 विकेट पर 254 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। बटलर अपने शतक का मौका जरूर चूक गए, लेकिन तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी के लिए उतरे कप्तान हैरी ब्रूक ने 49 गेंदों पर नाबाद 114 रन की पारी खेली। उन्होंने 6 छक्कों और 10 चौकों मारे। 255 रन के बड़े लक्ष्य के दबाव में श्रीलंका की पूरी टीम 19 ओवर में 135 रन पर सिमट गई और 119 रन के बड़े अंतर से मैच हार गई। श्रीलंका के लिए सबसे ज्यादा 33 रन दुनिथ वेलालागे ने बनाए। इंग्लैंड की तरफ से सनी बाकेर ने 4 ओवर में 12 रन देकर 3 विकेट लिए। लियाम डॉसन और जेमी ओवरटन ने 2-2 विकेट मिले।

एशियाई खेलों में स्वर्ण पर भारत की नजर, श्रीजेश ने बताया विश्व कप के बाद मानसिक मजबूती का मंत्र

नई दिल्ली भारतीय पुरुष हॉकी टीम का 2026 विश्व कप अभियान उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा। टीम सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी और आठवें स्थान पर रही। अब उसके सामने 19 सितंबर से शुरू हो रहे एशियाई खेलों में इस निराशा को पीछे छोड़कर नए सिरे से शुरुआत करने की चुनौती है। भारत 20 सितंबर से जापान में अपने अभियान की शुरुआत करेगा और यहां दांव सिर्फ स्वर्ण पदक का नहीं, बल्कि लॉस एंजिल्स 2028 ओलिंपिक का सीधा टिकट हासिल करने का अवसर भी होगा। भारतीय टीम के पूर्व गोलकीपर और जूनियर टीम के कोच रह चुके पीआर श्रीजेश का मानना है कि विश्व कप की निराशा के बाद टीम को मानसिक रूप से खुद को रीसेट करना होगा। ‘दैनिक जागरण’ से विशेष बातचीत में श्रीजेश ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से भारत के विश्व कप में सेमीफाइनल तक पहुंचने की उम्मीद कर रहे थे। उनके मुताबिक भारत को इंग्लैंड और अर्जेंटीना के विरुद्ध जीत दर्ज करनी चाहिए थी, लेकिन दोनों टीमों ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार हॉकी खेली। श्रीजेश ने कहा कि एशियाई खेलों में भारत की स्थिति काफी अलग होगी। एशियाई स्तर पर भारत को पाकिस्तान, मलेशिया, चीन और दक्षिण कोरिया से चुनौती मिल सकती है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इन टीमों के अनुभव में भारत से अंतर है। हालिया प्रदर्शन को देखते हुए भारत को मजबूत दावेदार के तौर पर उतरना चाहिए। श्रीजेश ने यह भी साफ किया कि आसान स्थिति होने के बावजूद भारतीय टीम किसी भी प्रतिद्वंद्वी को हल्के में नहीं ले सकती। एशियाई खेलों का महत्व इसलिए भी बहुत ज्यादा है क्योंकि पुरुष हॉकी में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम को 2028 ओलिंपिक का सीधा टिकट मिलेगा। मानसिक मजबूती बहुत जरूरी श्रीजेश ने गोलकीपर और डिफेंस की मानसिक मजबूती पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि हॉकी में प्रदर्शन एक तरह से ‘देने और लेने’ का खेल है। कई बार गोलकीपर गलती करता है तो फारवर्ड उस गलती की भरपाई करते हुए ज्यादा गोल कर देते हैं। वहीं कई मौकों पर फारवर्ड 10-15 मौके गंवा सकते हैं, लेकिन तब गोलकीपर की जिम्मेदारी बढ़ जाती है कि वह विपक्ष के हर हमले को रोके। उन्होंने कहा कि गलती होने पर एक-दूसरे को दोष देना समाधान नहीं है। टीम को साथ बैठकर समस्या पर चर्चा करनी चाहिए, वीडियो देखना चाहिए और यह समझना चाहिए कि गलती कहां हुई और उसे दोबारा कैसे रोका जा सकता है। विपक्षी टीमें भी आपकी वीडियो रिकार्डिंग देखकर कमजोरियां तलाशती हैं और उसी जगह हमला करती हैं। इसलिए एक ही गलती बार-बार दोहराना खतरनाक है। तकनीक के साथ संवाद बेहद जरूरी श्रीजेश ने कहा कि तकनीकी तैयारी के साथ बेहतर संवाद भी बेहद जरूरी है। टीम मीटिंग, वीडियो विश्लेषण और खिलाड़ियों के बीच खुली बातचीत से दबाव कम होता है। सबसे महत्वपूर्ण है अपनी गलती स्वीकार करना। अगर गोलकीपर कहता है कि गोल उसकी गलती थी और डिफेंडर भी अपनी गलती स्वीकार करता है, तो इससे टीम के भीतर भरोसा बढ़ता है। मैदान पर हर खिलाड़ी को यह भरोसा होना चाहिए कि गलती होने पर उसका साथी उसके पीछे खड़ा है। ‘बैकअप और सपोर्ट’ ही मुश्किल परिस्थितियों में टीम को मानसिक रूप से मजबूत बनाते हैं।  

US Open हार का गुस्सा रैकेट पर निकाला, आर्यना सबालेंका पर लगा 7500 डॉलर का जुर्माना

 न्यूयॉर्क यूएस ओपन के फाइनल में हार के बाद गुस्से में रैकेट तोड़ने वाली आर्यना सबालेंका पर 7500 अमेरिकी डॉलर का जुर्माना लगाया गया है। यूएस ओपन की तरफ से लगाए गए जुर्माने की कीमत भारतीय करेंसी में 7,19,530 रुपये है। सबालेंका लगातार तीसरी बार यूएस ओपन के फाइनल में पहुंची थीं। उनके पास जीत की हैट्रिक लगाने का मौका था, लेकिन वह फाइनल में हारकर इस स्वर्णिम मौके स चूक गईं। फाइनल मैच में हार के कारण सबालेंका को नंबर एक महिला टेनिस खिलाड़ी का ताज भी गंवाना पड़ा। इसके बाद वह बेहद गुस्से में नजर आईं और कोर्ट पर ही पटक-पटक कर अपना रैकेट तोड़ दिया। इस दौरान एक व्यक्ति उनका वीडियो बना रहा था। इस व्यक्ति पर भी सबालेंका भड़क गईं। बाद में उन्होंने बताया कि कोर्ट पर ही गुस्सा निकल जाना उनके लिए अच्छा था। ऐसा नहीं होने पर उनका गुस्सा और खराब हो सकता था। रायबाकिना ने पहली बार जीता यूएस ओपन कजाकिस्तान की एलेना रायबाकिना ने पहली बार महिला एकल कैटेगरी में यूएस ओपन का खिताब जीता है। इस साल के फाइनल में उन्होंने बेलारूस की एरिना सबालेंका को 2 घंटे 21 मिनट तक चले मुकाबले में 6-4, 5-7, 6-2 से हराया। अपना पहला यूएस ओपन फाइनल खेल रही रायबाकिना ने सबालेंका को ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में भी हराया था। रायबाकिना का यह तीसरा ग्रैंड स्लैम खिताब है। उनके पास चार मेजर खिताब में अब सिर्फ फ्रेंच ओपन नहीं है। 44 मिनट में जीता पहला सेट रायबाकिना ने 44 मिनट में पहला सेट 6-4 से जीता। सबालेंका ने जोरदार वापसी की और दूसरा सेट 7-5 से जीता। तीसरे और निर्णायक सेट में सबालेंका ने मैराथन ओपनिंग सर्विस गेम में कई ब्रेक पॉइंट बचाए, लेकिन रायबाकिना ने तुरंत फिर से दबाव बना दिया। रायबाकिना ने दो एस के साथ लव बनाए रखा और आखिरकार 2-1 से ब्रेकथ्रू हासिल किया। एक बार बढ़त मिलने के बाद कजाखिस्तान की खिलाड़ी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा और अंतत: 6-2 से निर्णायक सेट अपने नाम किया।

IPL 2027 से पहले ऑक्शन की वापसी भारत में, तीन साल बाद बदला नीलामी का वेन्यू

नई दिल्ली आईपीएल 2027 से पहले मिनी ऑक्शन का आयोजन होना है। लीग के पिछले तीन ऑक्शन विदेश में हुए थे। आईपीएल 2027 का ऑक्शन भारत में करवाने का फैसला किया गया है। क्रिकबज की रिपोर्ट में यह दावा किया गया है। हर आईपीएल सीजन से पहले खिलाड़ियों की खरीद के लिए बीसीसीआई ऑक्शन का आयोजन करवाती है। बुधवार को गवर्निंग काउंसिल की मीटिंग में यह फैसला लिया गया। यूएई और सउदी अरह में हुए ऑक्शन आईपीएल 2023 के लिए खिलाड़ियों की नीलामी कोच्चि में की गई थी। उसके बाद यूएई के दुबई, सउदी अरब के जेद्दा और फिर यूएई के ही अबु धाबी लगातार तीन सीजन की नीलामी हुई। इस बार बीसीसीआई ने आईपीएल ऑक्शन में फिर से भारत में करवाने का फैसला कर लिया है। क्रिकबज को जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया है कि अगले साल होने वाला मेगा ऑक्शन फिर से विदेश में हो सकता है। विदेश में ऑक्शन होने पर कई चुनौतियां विदेश में होने वाले मिनी-ऑक्शन के लिए अपनी टीमों को विदेश ले जाने में आने वाली लॉजिस्टिकल और ऑपरेशनल चुनौतियों को लेकर चिंता जताई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि बीसीसीआई के सदस्यों ने पिछले साल अबु धाबी में हुए ऑक्शन के दौरान उनकी बातों पर विचार किया था। इसी को ध्यान में रखते हुए गवर्निंग काउंसिल ने इस साल के ऑक्शन के लिए भारतीय शहर ही चुनने का फैसला किया है। वेन्यू पर फैसला जगह की उपलब्धता देखकर आईपीएल का ऑक्शन मुख्य रूप से नवंबर या दिसंबर में होता है। उस समय भारत में शादियों का भी सीजन रहता है। इसी वजह से वेन्यू का फैसला फ्रेंचाइजी और उनके डेलिगेशन के लिए रहने की जगह की उपलब्धता के आधार पर किया जाएगा। ऑक्शन करवाने के लिए बीसीसीआई को 5 स्टार होटल में 100 से ज्यादा कमरों की जरूरत पड़ती है। इन्हीं सब को देखने के बाद ऑक्शन की तारीख और वेन्यू का फैसला लिया जाएगा।

‘मैं मशीन नहीं हूं’, 57 रन की तूफानी पारी के बाद संजू सैमसन ने खोला दिल

नई दिल्ली द‍िल्ली में अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे टी20 में संजू सैमसन ने बल्ले से ऐसा जवाब दिया, जिसका इंतजार लंबे समय से था. उन्होंने सिर्फ 22 गेंदों पर 57 रनों की तूफानी पारी खेली और भारत की 7 विकेट की जीत में अहम भूमिका निभाई. मैच के बाद संजू ने सिर्फ अपनी बल्लेबाजी नहीं, बल्कि आलोचना, बाहर के शोर और वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी खुलकर बात की. संजू ने माना कि भारतीय क्रिकेटरों के आसपास होने वाली लगातार चर्चा और आलोचना का उन पर असर पड़ता है. उन्होंने कहा कि अनुभव ने उन्हें ऐसी चीजों से निपटना जरूर सिखाया है, लेकिन वह इंसान हैं और चीजें उन्हें प्रभावित करती हैं. संजू ने कहा- मैं Wi-Fi बंद करने की कोशिश करता हूं. लेकिन कभी-कभी Wi-Fi ऑन हो जाता है और कुछ कमेंट्स दिख जाते हैं. उन्होंने कहा कि कुछ सीनियर खिलाड़ी उनके बारे में कुछ कहते हैं और कुछ नहीं कहते. यह पूरी तरह उनकी पसंद और उस समय की मानसिक स्थिति पर निर्भर करता है. कोई पॉज‍िट‍िव शब्द चुन सकता है तो कोई नकारात्मक. संजू ने कहा कि अब वह इतने मैच्योर और अनुभवी हो चुके हैं कि इन चीजों को संभाल सकें. हालांकि, उन्होंने साफ माना कि कभी-कभी उन्हें बुरा लगता है. उन्होंने कहा- मैं मशीन नहीं हूं. मैं रोबोट नहीं हूं. आप थोड़ा प्रभावित तो होते ही हैं. लेकिन फिर आप खुद से बात करते हैं और खुद को याद दिलाते हैं कि आप कौन हैं और आपको क्या करना है. 'बाहर का शोर असर करता है, लेकिन माइंडसेट साफ होना चाहिए' संजू ने माना कि भारत में क्रिकेटरों के लिए बाहरी शोर (Outside Noise) से बचना आसान नहीं है. सोशल मीडिया, आलोचना और लगातार होने वाली चर्चाओं के बीच खिलाड़ी को अपने माइंडसेट को लेकर स्पष्ट रहना जरूरी है. उन्होंने कहा कि उन्हें खुद से यह तय करना होता है कि तैयारी कैसे करनी है और किस तरह खेलना है. संजू ने कहा- अगर मैंने उन चीजों पर ध्यान दिया होता तो मैं इस तरह बल्लेबाजी नहीं कर पाता. गेंद को मारने से पहले मैं 10 बार सोचता. अगर गेंद बाहर चली जाती, तो फिर से Wi-Fi की समस्या हो जाती. इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. वैभव की एंट्री पर संजू ने क्या कहा? संजू के लिए मौजूदा दौर में ओपनिंग स्लॉट को लेकर चुनौती इसलिए भी बढ़ी है क्योंकि 15 साल के वैभव सूर्यवंशी ने अपने प्रदर्शन से अपनी दावेदारी मजबूत की है. वैभव ने इस सीजन करीब 700-800 रन बनाकर जिस तरह का प्रदर्शन किया, उसका जिक्र खुद संजू ने किया. उन्होंने माना कि टीम में वैभव को मौका मिलना स्वाभाविक था.संजू ने कहा; भारतीय टीम चलाना आसान काम नहीं है. आप देखिए, 15 साल के लड़के ने 700-800 रन बनाए हैं. उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट से पहले भी वैभव ने शानदार प्रदर्शन किया था और किसी न किसी तरह उसे टीम में शामिल करना जरूरी था. संजू ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने दो-तीन मैचों में अच्छा प्रदर्शन नहीं किया था. दूसरी तरफ वैभव फॉर्म में थे और उस सीरीज में मैच जीतने की इच्छा के साथ आए थे. ऐसे में लीडरश‍िप के नजरिए से वैभव को मौका देना समझ में आने वाली बात थी. गौतम गंभीर पर संजू सैमसन ने क्या कहा? संजू ने वैभव को मौका देने के फैसले को लेकर किसी तरह की शिकायत करने के बजाय टीम मैनेजमेंट की स्थिति को समझने की बात कही. उन्होंने कहा कि वह खुद कप्तान रहते हुए कई बार मुश्किल फैसले ले चुके हैं. इसलिए वह जानते हैं कि ऐसे फैसले लेना कितना आसान नहीं होता. संजू के मुताबिक, ऐसी परिस्थितियों में सबसे ज्यादा जरूरी चीज कम्युनिकेशन है.उन्होंने बताया कि सीरीज के दौरान टीम के अंदर इस मामले पर काफी बातचीत हुई. यहां तक कि सीरीज शुरू होने से पहले भी हेड कोच गौतम गंभीर ने उनसे काफी बात की थी. 'कठिन फैसला लेना मुश्किल' संजू ने टीम के लीडरश‍िप ग्रुप की भी तारीफ की. उनके मुताबिक टीम मैनेजमेंट के लिए लोकप्रिय फैसले लेना आसान होता है, लेकिन टीम के हित में कठिन फैसला लेना ज्यादा मुश्किल होता है. उन्होंने कहा- हार्ड डिसीजन लेना आसान नहीं है. बहुत लोकप्रिय फैसले लेना आसान है. लेकिन मुझे लगता है कि एक लीडरशिप ग्रुप के तौर पर हम टीम को सबसे आगे रखते हुए कुछ वाकई कठिन फैसले ले रहे हैं. संजू ने आगे कहा कि इन फैसलों के लिए नेतृत्व समूह को श्रेय दिया जाना चाहिए. यानी दूसरे टी20 में बल्ले से शानदार वापसी करने वाले संजू ने मैच के बाद एक और अहम बात साफ कर दी- उनके लिए चयन की दौड़ में मौजूद दूसरे खिलाड़ियों से ज्यादा जरूरी टीम का हित है. वैभव की तारीफ करते हुए उन्होंने यह भी संकेत दिया कि कठिन चयन फैसलों को समझने के लिए आपसी बातचीत और टीम के लक्ष्य पर भरोसा जरूरी है.

एशियन गेम्स 2026 में भारत का एक्शन प्लान, क्रिकेट-हॉकी-कबड्डी समेत इन खेलों में कब उतरेंगे खिलाड़ी

नई दिल्ली भारत का 2026 एशियन गेम्स अभियान जापान के आइची-नागोया में कई खेलों में जोरदार चुनौती के साथ शुरू होगा. भारतीय दल की शुरुआत 17 सितंबर को टेकबॉल से होगी, जबकि 18 सितंबर को महिला क्रिकेट टीम जापान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल खेलेगी और इसी दिन सॉफ्ट टेनिस में भी भारतीय खिलाड़ी मैदान पर उतरेंगे।  इसके बाद बैडमिंटन, हॉकी, कबड्डी और टेबल टेनिस जैसे खेलों में भारत की नजर रहेगी. 24 से 29 सितंबर तक एथलेटिक्स भारत के लिए सबसे बड़े मेडल केंद्रों में रहेगा. इसके अलावा शूटिंग, बॉक्सिंग, स्विमिंग, रोइंग और कुश्ती में भी भारत के पास पदक जीतने के कई मौके होंगे।  एशियन गेम्स के आखिरी सप्ताह में तीरंदाजी, गोल्फ, टेनिस, हॉकी, वॉलीबॉल, कुश्ती और क्रिकेट में भारत की अहम मुकाबलों पर नजर रहेगी. व्यक्तिगत स्पर्धाओं में वेटलिफ्टिंग भारत के लिए खास उम्मीद जगाएगी, जहां मीराबाई चानू के अलावा ज्ञानेश्वरी यादव, सेरम निरुपमा देवी और हरजिंदर कौर पदक की दावेदार होंगी।  17 सितंबर     भारत के अभियान की शुरुआत टेगबॉल से होगी. पुरुष डबल्स, महिला सिंगल्स और मिक्स्ड डबल्स में भारतीय खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।  18 सितंबर     महिला क्रिकेट टीम जापान के खिलाफ क्वार्टर फाइनल खेलेगी.      सॉफ्ट टेनिस: पुरुषों की टीम, शुरुआती राउंड, पुरुषों की टीम, क्वार्टर-फाइनल (क्वालिफाई करने पर)     टेकबॉल: महिलाओं का सिंगल्स क्वालिफिकेशन, रेपेशाज, मिक्स्ड डबल्स क्वालिफिकेशन, रेपेशाज 19 सितंबर     टेकबॉल में महिला सिंगल्स, मिक्स्ड डबल्स और पुरुष डबल्स के सेमीफाइनल मुकाबले होंगे 20 सितंबर     महिला क्रिकेट का सेमीफाइनल है. हॉकी में पुरुष टीम इंडोनेशिया और महिला टीम उज्बेकिस्तान के खिलाफ उतरेगी.      हॉकी: भारत बनाम इंडोनेशिया, पुरुषों का पूल A, भारत बनाम उज्बेकिस्तान, महिलाओं का पूल B     MMA: पुरुषों का ट्रेडिशनल MMA -77kg, महिलाओं का ट्रेडिशनल MMA -60kg     शूटिंग: महिलाओं की 10m एयर राइफल व्यक्तिगत और टीम, क्वालिफिकेशन, महिलाओं की 10m एयर राइफल व्यक्तिगत, फाइनल     सॉफ्ट टेनिस: पुरुषों की टीम, सेमी-फाइनल और फाइनल (क्वालिफिकेशन पर निर्भर)     तैराकी: पुरुषों की 100m फ्रीस्टाइल हीट्स, फाइनल, पुरुषों की 100m बैकस्ट्रोक हीट्स, फाइनल     टेबल टेनिस: पुरुषों की टीम, ग्रुप स्टेज, महिलाओं की टीम, ग्रुप स्टेज     टेकबॉल: पुरुषों का डबल्स फाइनल, महिलाओं का सिंगल्स फाइनल, मिक्स्ड डबल्स फाइनल     वुशु: पुरुषों का चांगक्वान, फाइनल, पुरुषों का सांडा 56kg, शुरुआती राउंड, पुरुषों का सांडा 75kg, शुरुआती राउंड, महिलाओं का सांडा 52kg, शुरुआती राउंड, महिलाओं का सांडा 60kg, शुरुआती राउंड 21 सितंबर     बैडमिंटन में पुरुष टीम राउंड ऑफ-16 में खेलेगी. हॉकी में महिला टीम इंडोनेशिया से भिड़ेगी. कबड्डी में पुरुष टीम जापान और महिला टीम बांग्लादेश के खिलाफ उतरेगी.      बॉक्सिंग: पुरुषों का 70 किग्रा वर्ग, राउंड ऑफ 32     MMA: पुरुषों का ट्रेडिशनल MMA -77kg, महिलाओं का ट्रेडिशनल MMA -60kg     रोइंग: पुरुषों का क्वाड्रपल स्कल्स, हीट्स, हल्के वजन वाले पुरुषों का डबल स्कल्स, हीट्स     शूटिंग: पुरुषों की 10m एयर राइफल व्यक्तिगत और टीम, क्वालिफिकेशन, पुरुषों की 10m एयर राइफल व्यक्तिगत, फाइनल, पुरुषों की स्कीट, क्वालिफिकेशन, महिलाओं की स्कीट, क्वालिफिकेशन     सॉफ्ट टेनिस: मिक्स्ड डबल्स, क्वार्टर-फाइनल और मेडल राउंड     तैराकी: पुरुषों की 50m फ्रीस्टाइल, पुरुषों की 50m बैकस्ट्रोक, पुरुषों की 100m ब्रेस्टस्ट्रोक, पुरुषों की 4x200m फ्रीस्टाइल रिले     टेबल टेनिस: पुरुषों की टीम, ग्रुप स्टेज और नॉकआउट राउंड, महिलाओं की टीम, ग्रुप स्टेज और नॉकआउट राउंड, महिलाओं का डबल्स, शुरुआती राउंड     वुशु: महिलाओं का चांगक्वान, फाइनल, पुरुषों और महिलाओं का सांडा, एलिमिनेशन राउंड 22 सितंबर     हॉकी में भारत का सामना श्रीलंका से होगा, जबकि पुरुष कबड्डी टीम दक्षिण कोरिया के खिलाफ खेलेगी.      आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स: महिलाओं का ऑल-अराउंड क्वालिफिकेशन     बैडमिंटन: पुरुषों की टीम, क्वार्टर-फाइनल, महिलाओं की टीम, क्वार्टर-फाइनल     बॉक्सिंग: महिलाओं का 51kg, शुरुआती राउंड, महिलाओं का 54kg, शुरुआती राउंड, पुरुषों का 55kg, शुरुआती राउंड     घुड़सवारी: इवेंटिंग व्यक्तिगत और टीम, क्रॉस-कंट्री     फेंसिंग: पुरुषों का फॉइल व्यक्तिगत, महिलाओं का एपि (Epee) व्यक्तिगत     कराटे: महिलाओं का कुमिते -55kg, एलिमिनेशन और मेडल मुकाबले, पुरुषों का कुमिते -84kg, एलिमिनेशन और मेडल मुकाबले     MMA: पुरुषों का ट्रेडिशनल MMA -77kg मेडल राउंड, महिलाओं का ट्रेडिशनल MMA -60kg मेडल राउंड     रोइंग: भारतीय रोइंग इवेंट्स, हीट्स     शूटिंग: 10m एयर राइफल मिक्स्ड टीम, क्वालिफिकेशन और मेडल राउंड, पुरुषों का स्कीट, क्वालिफिकेशन, महिलाओं का स्कीट, क्वालिफिकेशन     तैराकी: पुरुषों की 1500m फ्रीस्टाइल, पुरुषों की 4x100m मेडले रिले     टेबल टेनिस: पुरुषों की टीम, राउंड ऑफ 16 और क्वार्टर-फाइनल, महिलाओं की टीम, राउंड ऑफ 16 और क्वार्टर-फाइनल, मिक्स्ड डबल्स, शुरुआती राउंड     वुशु: महिलाओं का नानक्वान और नंदाओ, फाइनल, पुरुषों और महिलाओं का सांडा, क्वार्टर-फाइनल   23 सितंबर     आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स: महिलाओं का ऑल-अराउंड, फाइनल (क्वालिफिकेशन पर निर्भर)     बैडमिंटन: पुरुषों की टीम, सेमी-फाइनल, महिलाओं की टीम, सेमी-फाइनल     बॉक्सिंग: पुरुषों का 60kg, शुरुआती राउंड, पुरुषों का 80kg, शुरुआती राउंड     कैनो/कयाक: पुरुषों का कयाक सिंगल 500m, पुरुषों का कयाक डबल 500m, पुरुषों का कयाक फोर 500m, पुरुषों का कैनो डबल 500m, महिलाओं का कैनो सिंगल 200m, महिलाओं का कैनो डबल 500m, महिलाओं का कयाक डबल 500m, महिलाओं का कयाक फोर 500m, मिक्स्ड कयाक डबल 500m, मिक्स्ड कैनो डबल 500m     क्रिकेट: महिलाओं का सेमी-फाइनल (क्वालिफिकेशन पर निर्भर)     घुड़सवारी: इवेंटिंग व्यक्तिगत और टीम, जंपिंग और मेडल मुकाबले     ई-स्पोर्ट्स: ई-फ़ुटबॉल     फेंसिंग: महिलाओं का फॉइल व्यक्तिगत, पुरुषों का सेबर व्यक्तिगत     हॉकी: थाईलैंड बनाम भारत, महिला पूल B     कबड्डी: बांग्लादेश बनाम भारत, पुरुष ग्रुप A, ईरान बनाम भारत, महिला ग्रुप A     रोइंग: पुरुष सिंगल स्कल्स, फाइनल (क्वालिफिकेशन पर निर्भर), पुरुष डबल स्कल्स, फाइनल (क्वालिफिकेशन पर निर्भर), पुरुष पेयर, फाइनल (क्वालिफिकेशन पर निर्भर), पुरुष फोर, फाइनल (क्वालिफिकेशन पर निर्भर), महिला फोर, फाइनल (क्वालिफिकेशन पर निर्भर)     शूटिंग: महिला 10m एयर पिस्टल व्यक्तिगत और टीम, क्वालिफिकेशन, महिला 10m एयर पिस्टल व्यक्तिगत, फाइनल, पुरुष स्कीट, क्वालिफिकेशन और फाइनल, महिला स्कीट, क्वालिफिकेशन और फाइनल     सॉफ्ट टेनिस: पुरुष सिंगल्स, क्वार्टर-फाइनल, सेमी-फाइनल और फाइनल, महिला सिंगल्स, क्वार्टर-फाइनल, सेमी-फाइनल और फाइनल     स्क्वैश: पुरुष सिंगल्स, शुरुआती राउंड, महिला सिंगल्स, शुरुआती राउंड, मिक्स्ड डबल्स, शुरुआती राउंड     तैराकी: पुरुषों की 100 … Read more