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FIFA के अनिवार्य हाइड्रेशन ब्रेक्स पर बवाल, फैंस बोले- मैच का फ्लो हो रहा खराब, मजा हो रहा किरकिरा

 अटलांटा FIFA वर्ल्ड कप 2026 में पहली बार लागू किए गए अनिवार्य हाइड्रेशन ब्रेक्स को लेकर नई बहस छिड़ गई है. खिलाड़ियों को अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की गर्मी से राहत देने के उद्देश्य से शुरू की गई यह व्यवस्था अब खेल की लय और रोमांच को प्रभावित करने के आरोपों का सामना कर रही है. आलोचकों का कहना है कि इन ब्रेक्स ने मैचों का प्राकृतिक प्रवाह तोड़ा है और कोचों को रणनीति बदलने का अतिरिक्त मौका दे दिया है।  इस बहस की सबसे बड़ी मिसाल जर्मनी और कुरासाओ के बीच खेले गए मुकाबले में देखने को मिली. वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करने वाला सबसे छोटी आबादी वाला देश कुरासाओ चार बार के चैम्प‍ियन जर्मनी के खिलाफ 1-1 की बराबरी पर था. लिवानो कोमेनेंसिया के गोल के बाद कुरासाओ के खिलाड़ी और फैन्स उत्साह से भरे हुए थे और बड़ा उलटफेर संभव नजर आ रहा था।  हालांकि इसके तुरंत बाद हाइड्रेशन ब्रेक हो गया. खेल दोबारा शुरू होने के बाद कुरासाओ अपनी लय कायम नहीं रख सका. जर्मनी ने हाफ टाइम से पहले दो गोल दाग दिए और आखिरकार मुकाबला 7-1 से जीत लिया।  इंग्लैंड के पूर्व स्ट्राइकर एलन शियरर ने इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें कुरासाओ के लिए बुरा लगा. उनके अनुसार टीम ने गोल कर मोमेंटम हासिल किया था, लेकिन कुछ ही सेकंड बाद खेल रुक गया और उसी के साथ उनकी लय भी टूट गई।  पूर्व आयरलैंड कप्तान रॉय कीन ने भी FIFA के फैसले पर सवाल उठाए. उनका मानना है कि फुटबॉल की सबसे बड़ी खूबसूरती उसकी लगातार चलने वाली गति है, लेकिन ये ब्रेक मैच की रफ्तार और रोमांच दोनों को प्रभावित कर रहे हैं. उन्होंने इसे अमेरिकी खेलों में दिखने वाले टाइमआउट जैसा बताया।  कोचों के लिए बन गया रणनीतिक हथियार हाइड्रेशन ब्रेक का उद्देश्य खिलाड़ियों को पानी पिलाना था, लेकिन कोच इस समय का इस्तेमाल रणनीतिक चर्चा के लिए भी कर रहे हैं. नीदरलैंड्स के कोच रोनाल्ड कोमैन ने खुलकर स्वीकार किया कि ब्रेक के दौरान खिलाड़ियों को सुधार, रणनीति और मैच की स्थिति के बारे में निर्देश दिए जा सकते हैं और उनकी टीम भी इसका फायदा उठा रही है।  शुरुआती 16 मैचों में से 8 मुकाबलों में हाइड्रेशन ब्रेक के 10 मिनट के भीतर गोल देखने को मिले. इससे यह धारणा और मजबूत हुई है कि इन ब्रेक्स का सीधा असर मैच के रुख पर पड़ रहा है।  ब्राजील और मोरक्को के मैच में भी ऐसा ही देखने को मिला. मोरक्को ने शुरुआत से दबदबा बनाया और पहले हाइड्रेशन ब्रेक से ठीक पहले बढ़त हासिल कर ली. लेकिन खेल दोबारा शुरू होने के 10 मिनट से भी कम समय बाद विनीसियस जूनियर ने ब्राजील के लिए बराबरी का गोल दाग दिया।  कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, स्कॉटलैंड, स्वीडन और ईरान जैसी टीमों ने भी ब्रेक के बाद गोल कर फायदा उठाया. कई मैचों के मोमेंटम मैप्स में भी यह साफ दिखाई दिया कि खेल रुकने के बाद मुकाबलों की दिशा बदल गई।  स्टेड‍ियम में बैठे फैन्स भी नाखुश  इन ब्रेक्स का असर केवल खिलाड़ियों तक सीमित नहीं है. स्टेडियम में मौजूद दर्शक भी इससे नाराज नजर आए हैं. मैसाचुसेट्स के फॉक्सबोरो में इराक और नॉर्वे के मुकाबले के दौरान पहले हाइड्रेशन ब्रेक पर दर्शकों ने हूटिंग तक की।  FIFA के नियमों के मुताबिक रेफरी हर हाफ के 22वें मिनट में खेल रोकते हैं और खिलाड़ियों को लगभग तीन मिनट का समय दिया जाता है. खास बात यह है कि यह नियम मौसम, तापमान या स्टेडियम की स्थिति से अलग सभी मैचों में लागू किया जा रहा है।  सोमवार को अटलांटा में स्पेन और केप वर्डे के बीच मैच एयर-कंडीशंड और छत वाले स्टेडियम में खेला गया, फिर भी हाइड्रेशन ब्रेक लागू किया गया. FIFA का कहना है कि सभी टीमों और मैचों के लिए समान परिस्थितियां सुनिश्चित करने के लिए ऐसा किया जा रहा है।  स्पेन के कोच लुइस डे ला फुएंते ने माना कि अत्यधिक गर्मी में यह फैसला समझ में आता है, लेकिन हर मैच में इसकी आवश्यकता पर उन्होंने सवाल उठाए. वहीं नॉर्वे के कोच स्टाले सोलबाकेन का भी मानना है कि 35 डिग्री सेल्सियस जैसी भीषण गर्मी में यह व्यवस्था सही है, लेकिन सामान्य परिस्थितियों में इसकी जरूरत नहीं है।  टीवी ब्रॉडकास्ट भी विवाद की वजह हाइड्रेशन ब्रेक्स को लेकर एक और बड़ी आलोचना प्रसारण से जुड़ी है. अमेरिका में ब्रॉडकास्टर फॉक्स इन ब्रेक्स के दौरान सीधे विज्ञापनों पर चला जाता है. दूसरी तरफ स्पेनिश भाषा के चैनल टेलीमुंडो ऐसा नहीं करता।  फुटबॉल में पारंपरिक रूप से हाफ टाइम के अलावा विज्ञापन ब्रेक देखने को नहीं मिलते. ऐसे में कई लोगों का मानना है कि ये रुकावटें दर्शकों के अनुभव को प्रभावित कर रही हैं।  नीदरलैंड्स के कप्तान वर्जिल वैन डाइक ने कहा कि लगातार विज्ञापनों पर जाना उन्हें पसंद नहीं है और तटस्थ दर्शकों के लिए भी यह अनुभव बेहतर नहीं माना जा सकता।  हालांकि फ्रांस के कोच डिडिएर डेशां का मानना है कि फुटबॉल बदल रहा है और अब मुकाबले दो हाफ की बजाय चार हिस्सों में बंटे हुए नजर आते हैं. उनके अनुसार खिलाड़ियों और कोचों को इस नई वास्तविकता के साथ तालमेल बैठाना होगा।  फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि FIFA भविष्य के सभी वर्ल्ड कप में इस व्यवस्था को जारी रखेगा या नहीं. हालांकि इंग्लैंड फुटबॉल एसोसिएशन ने संकेत दिए हैं कि 2028 में ब्रिटेन और आयरलैंड में होने वाली यूरोपीय चैम्प‍ियनशिप में ऐसे हाइड्रेशन ब्रेक लागू होने की संभावना बेहद कम है। 

अफगानिस्तान A के खिलाफ 38 रन पर आउट हुए वैभव सूर्यवंशी, प्रतिभा की झलक बरकरार

नई दिल्ली टीम इंड‍िया  A और अफगानिस्तान A के बीच दांबुला के रंगिरी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए त्रिकोणीय वनडे सीरीज के अहम मुकाबले में एक बार फिर वैभव सूर्यवंशी चर्चा का केंद्र रहे. हालांकि 15 वर्षीय बल्लेबाज ने आक्रामक अंदाज में रन बनाए, लेकिन वह अपनी पारी को बड़े स्कोर में तब्दील नहीं कर सके. अफगानिस्तान A के कप्तान इमरान मीर ने बुधवार (17 जून) को टॉस जीतकर इंड‍िया A को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया. इसके बाद वैभव सूर्यवंशी और प्रियांश आर्य ने टीम को तेज शुरुआत दिलाई. दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती ओवरों में अफगान तेज गेंदबाजों पर दबाव बनाया और तेजी से 50 से अधिक रन की साझेदारी कर डाली. वैभव शुरुआत से ही अपने परिचित आक्रामक फॉर्म  में दिखे. उन्होंने मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए और रन गति को लगातार बनाए रखा. हालांकि उनकी पारी के दौरान उन्हें दो बार जीवनदान भी मिला, जिसका वह पूरी तरह फायदा नहीं उठा सके. IPL में रिकॉर्ड, लेकिन वनडे में अलग चैलेंज वैभव सूर्यवंशी का इंड‍िया  A टीम में सेलेक्शन IPL 2026 में उनके शानदार प्रदर्शन के बाद लगभग तय माना जा रहा था. वैभव ने आईपीएल में 16 मैचों में 776 रन बनाए थे. इस दौरान उनके बल्ले से एक शतक और पांच अर्धशतक निकले. 237.30 के स्ट्राइक रेट से रन बनाने वाले सूर्यवंशी सबसे कम उम्र में ऑरेंज कैप जीतने वाले खिलाड़ी भी बने थे. इसी वजह से उम्मीद थी कि वह अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का असर 50 ओवर के फॉर्मेट में भी दिखाएंगे. हालांकि वनडे क्रिकेट में अब तक उनका सफर चुनौतीपूर्ण रहा है. टी20 क्रिकेट की तुलना में वनडे में बल्लेबाज को लंबी पारी खेलने, परिस्थितियों के अनुसार बल्लेबाजी करने और जोखिम को नियंत्रित करने की जरूरत होती है. त्रिकोणीय सीरीज में सूर्यवंशी ने पहले तीन मुकाबलों में 14 (12), 44 (22) और 21 (14) रन बनाए थे. इन पारियों में उनका आक्रामक रवैया तो नजर आया, लेकिन वह किसी भी मैच में अपनी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए. अफगानिस्तान A के खिलाफ उन्होंने 38 रन की पारी खेलकर फिर से अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई. मौजूदा सीरीज में उनका स्ट्राइक रेट 150 से अधिक रहा है, जो दर्शाता है कि वह शुरुआत से ही विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन लगातार छोटे स्कोर इस बात की ओर भी इशारा करते हैं कि उन्हें क्रीज पर अधिक समय बिताने और पारी को आगे बढ़ाने की कला पर काम करना होगा. शॉर्ट बॉल बनी सबसे बड़ी चुनौती सूर्यवंशी की बल्लेबाजी में जिस कमजोरी ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा है, वह है शॉर्ट पिच गेंदों के खिलाफ उनका संघर्ष. अफगानिस्तान A के खिलाफ भी उनका विकेट इसी तरह गिरा.      फरीदून दाऊदजई की शॉर्ट गेंद पर सूर्यवंशी ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले पर सही तरीके से नहीं आई. नतीजतन कैच खालिद तानीवाल के हाथों में चला गया और उनकी पारी समाप्त हो गई. यह पहली बार नहीं है जब शॉर्ट गेंदों ने उन्हें परेशान किया हो. मौजूदा सीरीज के दौरान कई मौकों पर तेज गेंदबाजों ने इसी रणनीति के जरिए उन्हें चुनौती दी है. यही वजह है कि सोशल मीडिया पर उनकी तकनीक और शॉर्ट बॉल खेलने की क्षमता को लेकर चर्चा तेज हो गई है. हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों और कई फैन्स का मानना है कि इतनी कम उम्र में ऐसी तकनीकी चुनौतियां असामान्य नहीं हैं. टीम इंड‍िया  A स्तर पर खेलना ही युवा खिलाड़ियों को अपनी कमजोरियों की पहचान करने और उन्हें सुधारने का मौका देता है. आंकड़े क्या कहते हैं? ट्राई सीरीज के चार मैचों में वैभव सूर्यवंशी अब तक 117 रन बना चुके हैं. इस दौरान उनका औसत 29.25 और स्ट्राइक रेट 153.95 रहा है. आंकड़े साफ बताते हैं कि उनके पास मैच का रुख बदलने की क्षमता है, लेकिन उन्हें अपनी पारियों को लंबा खींचने और बड़े स्कोर में बदलने की जरूरत है. फिलहाल सूर्यवंशी की प्रतिभा पर किसी को संदेह नहीं है, लेकिन वनडे क्रिकेट में अगले स्तर तक पहुंचने के लिए शॉर्ट बॉल के खिलाफ टेक्न‍िक और धैर्य दोनों पर काम करना उनकी प्राथमिकता होगी.

बाल काटकर पहलवान रोहिणी ने रचा इतिहास, ट्रायल में हासिल की जीत

नई दिल्ली पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट का सिर्फ 100 ग्राम वजन ज्यादा होने की वजह से जो दिल टूटा था, उसकी टीस आज भी हर खेल प्रेमी के मन में है। विनेश तो ओलंपिक मेडल से चूक गईं, लेकिन वैसी ही एक अग्निपरीक्षा से गुजरते हुए महाराष्ट्र की 16 साल की युवा पहलवान रोहिणी खानू देवबा ने इतिहास रच दिया है। वजन संतुलित करने के लिए रोहिणी ने महज कुछ ही मिनटों में अपने सिर के बाल कटवा दिए और न सिर्फ वजन कम किया, बल्कि ट्रायल जीतकर अंडर-17 वर्ल्ड चैंपियनशिप की टीम में अपनी जगह पक्की कर ली। जब कांप गई थी रोहिणी की रूह हरियाणा के सोनीपत में अंडर-17 वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए चयन ट्रायल चल रहे थे। यह चैंपियनशिप 27 जुलाई से 2 अगस्त तक बाकू, अजरबैजान में होने वाली है। रोहिणी ने 36kg-40kg भार वर्ग में हिस्सा लेने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया था। लेकिन जब सोमवार को वेइंग मशीन पर उनका वजन लिया गया, तो वह तय सीमा से ठीक 100 ग्राम ज्यादा निकला। रोहिणी के सामने नेशनल टीम में शामिल होने का यह सुनहरा मौका गंवाने का खतरा मंडरा रहा था। ठीक वैसा ही जैसा विनेश फोगाट के साथ पेरिस में हुआ था। लेकिन रोहिणी ने हिम्मत नहीं हारी और कुछ ही मिनटों में अपने कोच से कैंची मंगाकर अपने बाल काटने की जिद पकड़ ली। कोच ने काटे बाल, फिर रोहिणी ने चटाई विरोधियों को धूल साल 2021 से रोहिणी को उनके NIS रेसलिंग सेंटर में ट्रेनिंग दे रहे कोच संदीप पाटिल ने इस भावुक पल को याद करते हुए बताया, 'वह सिर्फ 100 ग्राम वजन की वजह से इतने बड़े मौके को हाथ से नहीं जाने देना चाहती थी। उसने तुरंत फैसला किया और हमने उसके बाल काट दिए।' बाल काटने के बाद रोहिणी ने न सिर्फ अपना वजन बराबर किया, बल्कि मैदान पर उतरकर अपने हुनर का जलवा बिखेरा। उन्होंने फाइनल मुकाबले में हरियाणा की तगड़ी पहलवान वंशिका को धूल चटाते हुए कुल 4 मुकाबले जीते और भारतीय टीम में अपना टिकट कन्फर्म कर लिया। चरवाहे की बेटी, जिसके पास प्रतिभा है पर संसाधन नहीं रोहिणी कोल्हापुर जिले के पट्टन कोडोली गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता खानू देवबा धनगर समुदाय से ताल्लुक रखते हैं और भेड़-बकरियां चराकर अपने परिवार का पेट पालते हैं। वे अक्सर महीनों तक अपने मवेशियों के साथ एक गांव से दूसरे गांव भटकते रहते हैं। चार भाई-बहनों में रोहिणी सबसे बड़ी हैं। रोहिणी की प्रतिभा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वह अंडर-15 एशियन चैंपियनशिप में साल 2024 में गोल्ड मेडल और 2025 में सिल्वर मेडल जीत चुकी हैं। इसके अलावा वह पढ़ाई में भी काफी होनहार हैं और हाल ही में उन्होंने दसवीं कक्षा में 78 प्रतिशत अंक हासिल किए हैं। कोच का बड़ा संकल्प रोहिणी की आर्थिक स्थिति को देखते हुए कोच संदीप पाटिल 2021 से उनके रहने, खाने और ट्रेनिंग का पूरा खर्च खुद उठा रहे हैं। संदीप का इरादा रोहिणी को ओलंपिक के मंच तक ले जाने का है। कोच पाटिल ने कहा, 'मैंने रोहिणी के माता-पिता से कह दिया है कि वे उसकी चिंता न करें। अगर कभी पैसों की बहुत ज्यादा जरूरत पड़ी, तो मैं अपनी जमीन का छोटा सा टुकड़ा गिरवी रख दूंगा, लेकिन पैसों की तंगी की वजह से उसकी इस यात्रा को रुकने नहीं दूंगा। इस समय रोहिणी को सिर्फ थोड़े वित्तीय सहयोग और ज्यादा से ज्यादा इंटरनेशनल टूर्नामेंटों में खेलने के अनुभव की जरूरत है।' अंडर-17 वर्ल्ड चैंपियनशिप की टीम में जगह बनाने के लिए बाल कटवाना रोहिणी के इस बड़े सफर का पहला कदम था। अब रोहिणी और उनके कोच का अगला लक्ष्य बाकू में तिरंगा लहराकर देश के लिए मेडल जीतना है।  

लखनऊ वनडे: भारत 402 पर ऑलआउट, अफगानिस्तान का पीछा शुरू

 लखनऊ भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला बुधवार (17 जून) को लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में है. इस मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले खेलते हुए 402 रनों पर ऑलआउट हो गई. अब अफगान‍िस्तान की टीम रनचेज कर रही है.मुकाबले में टॉस अफगान‍िस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने जीता और गेंदबाजी करने का फैसला किया. मुकाबले के अपडेट और स्कोरकार्ड के लिए इस पेज को र‍िफ्रेश करते रहें. भारतीय पारी की हाइलाइट्स लखनऊ में हुए इस मुकाबले में यशस्वी जायसवाल और कुलदीप यादव की टीम में वापसी हुई, वहीं प्रिंस यादव डेब्यू का डेब्यू हुआ. मुकाबले में भारत की शुरुआत खराब रही, यशस्वी जायसवाल मोहम्मद सलीम साफी की गेंद पर नांगेयालिया खारोटी को 4 रनों पर कैच थमा बैठे. हालांकि इसके बाद रोहित शर्मा और तीसरे नंबर पर खेलने उतरे शुभमन ग‍िल ने संभलकर खेलना शुरू किया. रोहित 48 रन पर राश‍िद खान की फ‍िरकी में फंसकर बोल्ड हो गए. रोहित के आउट होते ही भारतीय टीम का स्कोर 96/2 हो गया . इसके बाद शुभमन ग‍िल ने 38 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया. दूसरी ओर ईशान किशन ने भी 52 गेंदों पर अपना अर्धशतक कंपलीट किया. वहीं शुभमन ग‍िल जमे रहे और उन्होंने अपना शतक 77 गेंदों में पूरा किया. ग‍िल का वनडे में यह नौवां शतक रहा. शुभमन के बाद ईशान ने भी 71 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया. ईशान का यह वनडे कर‍ियर का दूसरा शतक रहा. ईशान किशन 79 गेंदों में 125 रन जड़कर नांगेयालिया खारोटी की गेंद पर कैच आउट हुए, उनकी पारी में 14 चौके और 7 छक्के शाम‍िल रहे. अफगानिस्तान के स्पिनर नांगेयालिया खारोटी ने कुछ ही ओवरों में मैच का रुख बदलने की कोशिश की. 42.3 ओवर में उन्होंने शानदार बल्लेबाजी कर रहे शुभमन गिल को 154 रन पर आउट किया. गिल रिवर्स स्वीप खेलने के प्रयास में डीप कवर पर कैच दे बैठे. अगली ही गेंद पर केएल राहुल बिना खाता खोले लॉन्ग ऑन पर कैच आउट हो गए. इसके बाद 44.3 ओवर में खारोटी ने श्रेयस अय्यर का भी विकेट झटक लिया, जो 26 रन बनाकर बड़े शॉट की कोशिश में लॉन्ग ऑन पर कैच दे बैठे. खारोटी ने लगातार अंतराल पर तीन बड़े विकेट लेकर भारत को झटके दिए. खारोटी ने कुल 4 व‍िकेट झटके गुरनूर बरार और अर्शदीप सिंह 3-3 रन बनाकर आउट हुए. वॉश‍िंंगटन सुंदर 19 रन बनाकर राश‍िद खान की गेंद पर आउट हुए. भारतीय टीम 49.5 ओवर्स में 402 रन बनाकर आउट हो गई. आउट होने वाले आख‍िरी बल्लेबाज प्र‍िंस यादव रहे. अफगानिस्तान के ख‍िलाफ सबसे बड़ा ODI टोटल 417/6 ऑस्ट्रेलिया, पर्थ, 2015 402 इंडिया, लखनऊ, 2026 397/6 इंग्लैंड, मैनचेस्टर, 2019 381/3 श्रीलंका, पल्लेकेले, 2024 लखनऊ वनडे में भारत की प्लेइंग इलेवन: यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, गुरनूर बरार, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव लखनऊ वनडे में अफगानिस्तान की प्लेइंग इलेवन: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान, सदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), दरविश रसूली, राशिद खान, नांगेयालिया खारोटी, एएम गजनफर, मोहम्मद सलीम साफी और बिलाल सामी भारत और अफगान‍िस्तान का हेड टू हेड भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक केवल 5 वनडे इंटरनेशनल मुकाबले हुए हैं. इस दौरान भारतीय टीम ने चार मैचों में जीत हासिल की. वहीं एक मुकाबला टाई पर छूटा. यानी भारतीय टीम का पलड़ा अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी तरह भारी रहा है.

लखनऊ वनडे: गिल और ईशान के शतक से भारत की बड़ी बढ़त

 लखनऊ भारत और अफगानिस्तान के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला बुधवार (17 जून) को लखनऊ के भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम में है. इस समय शुभमन ग‍िल और ईशान क्रीज पर हैं. मुकाबले में टॉस अफगान‍िस्तान के कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने जीता और गेंदबाजी करने का फैसला किया. भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी कर रही है. मुकाबले के अपडेट और स्कोरकार्ड के लिए इस पेज को र‍िफ्रेश करते रहें. भारतीय पारी की हाइलाइट्स लखनऊ में हुए इस मुकाबले में यशस्वी जायसवाल और कुलदीप यादव की टीम में वापसी हुई, वहीं प्रिंस यादव डेब्यू का डेब्यू हुआ. मुकाबले में भारत की शुरुआत खराब रही, यशस्वी जायसवाल मोहम्मद सलीम साफी की गेंद पर नांगेयालिया खारोटी को 4 रनों पर कैच थमा बैठे. हालांकि इसके बाद रोहित शर्मा और तीसरे नंबर पर खेलने उतरे शुभमन ग‍िल ने संभलकर खेलना शुरू किया. रोहित 48 रन पर राश‍िद खान की फ‍िरकी में फंसकर बोल्ड हो गए. रोहित के आउट होते ही भारतीय टीम का स्कोर 96/2 हो गया . इसके बाद शुभमन ग‍िल ने 38 गेंदों पर अपना अर्धशतक पूरा किया. दूसरी ओर ईशान किशन ने भी 52 गेंदों पर अपना अर्धशतक कंपलीट किया. वहीं शुभमन ग‍िल जमे रहे और उन्होंने अपना शतक 77 गेंदों में पूरा किया. ग‍िल का वनडे में यह नौवां शतक रहा. शुभमन के बाद ईशान ने भी 71 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया. लखनऊ वनडे में भारत की प्लेइंग इलेवन: यशस्वी जायसवाल, रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, वॉशिंगटन सुंदर, कुलदीप यादव, गुरनूर बरार, अर्शदीप सिंह और प्रिंस यादव लखनऊ वनडे में अफगानिस्तान की प्लेइंग इलेवन: रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इब्राहिम जादरान, सदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), दरविश रसूली, राशिद खान, नांगेयालिया खारोटी, एएम गजनफर, मोहम्मद सलीम साफी और बिलाल सामी भारत और अफगान‍िस्तान का हेड टू हेड भारत और अफगानिस्तान के बीच अब तक केवल 5 वनडे इंटरनेशनल मुकाबले हुए हैं. इस दौरान भारतीय टीम ने चार मैचों में जीत हासिल की. वहीं एक मुकाबला टाई पर छूटा. यानी भारतीय टीम का पलड़ा अफगानिस्तान के खिलाफ पूरी तरह भारी रहा है. लखनऊ ODI में भारत की संभाव‍ित प्लेइंग-11: रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), ईशान किशन (विकेटकीपर), श्रेयस अय्यर, केएल राहुल, नीतीश कुमार रेड्डी, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, हर्ष दुबे, गुरनूर बरार और प्रसिद्ध कृष्णा. लखनऊ ODI में अफगानिस्तान की प्लेइंग-11: इब्राहिम जादरान, रहमानुल्लाह गुरबाज, सदिकुल्लाह अटल, रहमत शाह, हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), अजमतुल्लाह उमरजई, इकराम अलीखिल (विकेटकीपर), राशिद खान, मोहम्मद सलीम सफी, एएम गजनफर और जिया उर रहमान शरीफी.

सेरेना और वीनस विलियम्स की जोड़ी विंबलडन में वापसी करेगी, 14 ग्रैंड स्लैम विजेता फिर साथ खेलेंगी

 लंदन  टेनिस की दिग्गज बहनें सेरेना विलियम्स और वीनस विलियम्स एक बार फिर विंबलडन में डबल्स जोड़ी के रूप में उतरेंगी। ऑल इंग्लैंड क्लब ने मंगलवार को घोषणा की कि विलियम्स बहनों को घास के कोर्ट पर खेले जाने वाले इस ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के लिए डबल्स वर्ग में वाइल्ड कार्ड दिया गया है। विंबलडन 29 जून से शुरू होगा। 44 वर्षीय सेरेना ने हाल ही में लगभग चार साल बाद पेशेवर टेनिस में वापसी की है, जबकि वीनस बुधवार को 46 वर्ष की हो जाएंगी और अभी भी बीच-बीच में प्रतिस्पर्धी टेनिस खेलती हैं। साथ में जीते 14 ग्रैंड स्लैम विलियम्स बहनों ने डबल्स में साथ मिलकर 14 ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं, जिनमें विंबलडन के छह खिताब शामिल हैं। उन्होंने अपना पहला विंबलडन डबल्स खिताब 2000 में और आखिरी 2016 में जीता था। 2000 और 2002 में उनके शुरुआती दो विंबलडन डबल्स खिताब वाइल्ड कार्ड के जरिए आए थे। पिछले सप्ताह लंदन के क्वींस क्लब में सेरेना ने विक्टोरिया म्बोको के साथ अपना पहला डबल्स मैच जीता था। इसके बाद उन्हें बर्लिन ओपन में कैरोलिना मुचोवा के साथ खेलने का कार्यक्रम था। 2022 में दिखी थीं साथ विलियम्स बहनों ने आखिरी बार 2022 के यूएस ओपन में साथ डबल्स खेला था, जहां वे अपना पहला मैच हार गई थीं। उससे पहले वे साढ़े चार वर्षों तक साथ नहीं खेली थीं। वहीं, सेरेना ने सिंगल्स में वापसी की संभावना से इन्कार नहीं किया है। महिलाओं के सिंगल्स वर्ग के आठ वाइल्ड कार्ड स्थानों में से एक को अभी घोषित किया जाना बाकी रखा गया है।  

सलीमा टेटे और लालरेम्सियामी के गोल से भारतीय महिला हॉकी टीम की लगातार दूसरी जीत

ऑकलैंड  कप्तान सलीमा टेटे और लालरेम्सियामी के गोल की मदद से भारतीय महिला हॉकी टीम ने मंगलवार को जापान को 2-1 से हराकर एफआईएच नेशंस कप के सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। यह टूर्नामेंट में भारत की दूसरी जीत थी। उसने अपने पहले मैच में अमेरिका को हराया था। इस टूर्नामेंट की विजेता टीम अगले सत्र में एफआईएच प्रो लीग में खेलेगी। भारत पिछले सत्र में इस टूर्नामेंट से बाहर हो गया था। भारत के लगातार दूसरी जीत से छह अंक हो गए हैं और उसने अंतिम चार में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है। तीसरे क्वार्टर से बदला माहौल भारत ने तीसरे क्वार्टर में स्कोरिंग की शुरुआत की, जब फॉरवर्ड खिलाड़ियों के लगातार दबाव बनाने के बाद सलीमा टेटे ने 33वें मिनट में गोल दागा। हालांकि, भारत की बढ़त ज्यादा देर तक नहीं रही और जापान ने इसके दो मिनट बाद ही ऐ हिरमित्सु के गोल से स्कोर बराबर कर दिया। हालांकि, लालरेम्सियामी ने 49वें मिनट में गोल दागा जो आखिर में निर्णायक साबित हुआ। जापान ने अंतिम क्षणों में आक्रामक खेल दिखाया लेकिन भारत ने उसके हमलों को नाकाम करते हुए जीत हासिल की। यह मैच मिडफील्डर ज्योति के लिए भी एक यादगार अवसर था, जिन्होंने सीनियर स्तर पर अपना 100वां अंतरराष्ट्रीय मैच खेला। पहले हाफ में करीबी मुकाबला पहले हाफ में काफी करीबी मुकाबला रहा, जिसमें दोनों टीमों ने मौके बनाए लेकिन मध्यांतर से पहले कोई भी गोल करने में असफल रही। तीसरे क्वार्टर में खेल में तब जान आ गई जब भारत ने 33वें मिनट में पेनाल्टी कॉर्नर पर गोल करके बढ़त हासिल की। निक्की प्रधान ने नवनीत कौर के शॉट को बड़ी कुशलता से सलीमा की ओर मोड़ दिया, जिन्होंने सहजता से गेंद को गोल में डाल दिया। जापान ने तुरंत ही पलटवार किया और 35वें मिनट में हिरमित्सु ने पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर स्कोर बराबर कर दिया। लालरेम्सियामी ने अंतिम क्वार्टर में निर्णायक गोल दागा। सुशीला चानू ने सर्कल के किनारे से सटीक पास दिया और लालरेम्सियामी ने बड़ी कुशलता से गेंद को नेट में डालकर भारत को महत्वपूर्ण जीत दिलाई।

दांबुला में इंडिया A की दमदार बल्लेबाजी, अफगानिस्तान A के खिलाफ बड़ा स्कोर खड़ा किया

 नई दिल्ली श्रीलंका में जारी ट्राई नेशन A सीरीज 2026 में अफगानिस्तान ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया है.शुरुआती झटकों के बावजूद भारत ए ने शानदार वापसी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में मजबूत स्कोर खड़ा किया और अफगानिस्तान ए के सामने 320 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा. इंडिया ए ने 50 ओवरों में 319/9 रन बनाए. इंडिया-ए के लिए प्रियांश आर्य और वैभव सूर्यवंशी ने पारी का आगाज किया है. वैभव 38 रन बनाकर आउट हुए. प्रियांश आर्य (58) के बाद  ऋतुराज गायकवाड़ (30) का विकेट गिरा. कुमार कुशाग्र (58) ने भी फिफ्टी लगाई. सूर्यांश शेडगे (7) भी लौटे. तिलक वर्मा ने 59 रन बनाए. विप्रज निगम  (30) का विकेट गिरा. अनुकूल रॉय (4) रन आउट हुए. अंंशुल कंबोज (0) भी रन आउट हुए. निशांत सिंधु 21 रन बनाकर नाबाद लौटे. यह मुकाबला दांबुला के रणगिरि इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला जा रहा है. अफगानिस्तान ए के गेंदबाज फरीदून दाऊदजई ने भारत ए की सलामी जोड़ी को तोड़ दिया. उन्होंने शॉर्ट गेंद पर वैभव सूर्यवंशी को फंसाया. सूर्यवंशी ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का ऊपरी किनारा लेकर हवा में चली गई, जिसे खालिद तानीवाल ने पॉइंट पर शानदार कैच लपक लिया. वैभव सूर्यवंशी- 38 रन (28 गेंद, 4 चौके, 2 छक्के), स्ट्राइक रेट 135.71 भारत ए को सातवां झटका, विप्रज निगम की तेज पारी का अंत पारी के अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोर रहे विप्रज निगम का विकेट फरमानुल्लाह सफी ने हासिल किया. धीमी गति की गेंद पर निगम ने बड़ा शॉट लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले पर सही तरीके से नहीं आई. शॉट में दूरी नहीं थी और गेंद हवा में ऊंची चली गई. खालिद तानीवाल ने लॉन्ग-ऑन से दौड़ते हुए मिड-ऑन के पास शानदार कैच पकड़ लिया. विप्रज निगम- 30 रन (20 गेंद, 4 चौके), स्ट्राइक रेट 150.00 निगम ने अंत में आक्रामक बल्लेबाजी कर भारत ए के रनगति को बढ़ाया, लेकिन बड़ी पारी खेलने से चूक गए। उनका विकेट भारत ए के लिए अंतिम ओवरों में एक अहम झटका साबित हुआ। भारत ए को बड़ा झटका, तिलक वर्मा अर्धशतक के बाद आउट अफगानिस्तान ए के गेंदबाज अब्दुल्लाह अहमदजई ने भारत ए को बड़ा झटका देते हुए कप्तान तिलक वर्मा को पवेलियन भेज दिया. ऑफ स्टंप के बाहर पड़ी लेंथ गेंद पर तिलक ने बल्ला चलाया, लेकिन गेंद उनके बल्ले का बाहरी किनारा लेकर सीधे विकेटकीपर मोहम्मद इशाक के दस्तानों में समा गई. तिलक ने एक छोर संभालते हुए जिम्मेदारी भरी पारी खेली और टीम के लिए अहम अर्धशतक जमाया, लेकिन अंतिम ओवरों में तेजी लाने की कोशिश में अपना विकेट गंवा बैठे. तिलक वर्मा- 59 रन (75 गेंद, 5 चौके), स्ट्राइक रेट 78.66 यह अहमदजई का मैच में दूसरा विकेट रहा और उन्होंने भारत ए के मध्यक्रम को बड़ा झटका दिया. भारत ए को पांचवां झटका, सूर्यांश शेडगे सस्ते में आउट अफगानिस्तान ए के स्पिनर जहीर खान ने भारत ए को पांचवां झटका दिया। सूर्यांश शेडगे बड़े शॉट की कोशिश में अपना विकेट गंवा बैठे. उन्होंने जहीर की गेंद पर जोरदार स्लॉग स्वीप खेला, लेकिन गेंद डीप मिडविकेट बाउंड्री पार नहीं कर सकी. वहां मौजूद फैसल शिनोजादा ने आसान कैच लपक लिया. सूर्यांश शेडगे – 7 रन (9 गेंद), स्ट्राइक रेट 77.77 भारत ए को चौथा झटका, कुमार कुशाग्र की अर्धशतकीय पारी समाप्त अफगानिस्तान ए के तेज गेंदबाज फरीदून दाऊदजई ने भारत ए को बड़ा झटका देते हुए कुमार कुशाग्र को बोल्ड कर दिया. कुशाग्र पिच से बाहर निकलकर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन लेंथ गेंद को पूरी तरह मिस कर बैठे. गेंद सीधे जाकर मिडिल स्टंप से टकराई और उनकी पारी का अंत हो गया. कुशाग्र ने मुश्किल समय में जिम्मेदारी निभाते हुए अर्धशतक जमाया और टीम की पारी को संभाला. तिलक वर्मा के साथ 104 रनों की पार्टनरशिप की. कुमार कुशाग्र – 58 रन (67 गेंद, 5 चौके), स्ट्राइक रेट 86.56 भारत ए को तीसरा झटका, ऋतुराज गायकवाड़ आउट अफगानिस्तान ए ने भारत ए को तीसरा झटका दिया. अब्दुल्लाह अहमदजई ने ऋतुराज गायकवाड़ को 30 रन के स्कोर पर आउट किया. फुल टॉस जैसी गेंद लेग साइड की ओर थी, जिस पर गायकवाड़ ने फ्लिक खेलने की कोशिश की। विकेटकीपर मोहम्मद इशाक ने कैच की अपील की और अंपायर ने आउट दे दिया. गायकवाड़ इस फैसले से खुश नजर नहीं आए, लेकिन उन्हें पवेलियन लौटना पड़ा. ऋतुराज गायकवाड़ – 30 रन (31 गेंद, 4 चौके), स्ट्राइक रेट 96.77 भारत ए को दूसरा झटका, प्रियांश आर्य आउट अफगानिस्तान ए के गेंदबाज फरमानुल्लाह सफी ने भारत ए को दूसरा झटका दिया. उन्होंने प्रियांश आर्य को 58 रन के स्कोर पर पवेलियन भेजा. आर्य ने ऑफ स्टंप के बाहर की लेंथ गेंद पर कट शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बैकवर्ड पॉइंट की तरफ गई, जहां शम्स उर रहमान ने कैच लपक लिया. कैच को लेकर मैदानी अंपायर ने टीवी अंपायर की मदद ली, जिसमें साफ हुआ कि फील्डर की उंगलियां गेंद के नीचे थीं. प्रियांश आर्य-  58 रन (42 गेंद, 9 चौके, 1 छक्का), स्ट्राइक रेट 138.09 वैभव सूर्यवंशी का ऐसा रहा प्रदर्शन अब तक वैभव सूर्यवंशी का हालिया प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है. इंडिया ए के लिए खेलते हुए उन्होंने इस सीरीज में अब तक चार पारियों में 117 रन बनाए हैं. 9 जून को श्रीलंका ए के खिलाफ उन्होंने 14 रन बनाए, जबकि 11 जून को अफगानिस्तान ए के खिलाफ 44 रनों की पारी खेली. 15 जून को श्रीलंका ए के खिलाफ वह 21 रन बना सके. वहीं आज अफगानिस्तान ए के खिलाफ उन्होंने 28 गेंदों में 38 रनों की पारी खेली, जिसमें 4 चौके और 2 छक्के शामिल रहे, लेकिन फरीदून दाऊदजई की गेंद पर आउट हो गए.    

रोनाल्डो के आखिरी विश्व कप की उम्मीदों के साथ पुर्तगाल उतरेगा मैदान में

नई दिल्ली फीफा विश्व कप 2026 में पुर्तगाल अपने अभियान की शुरुआत बुधवार को ग्रुप-के के मुकाबले में डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआर कांगो) के विरुद्ध करेगा। ये मुकाबला बुधवार रात 10:30 बजे ह्यूस्टन में खेला जाएगा। 41 वर्षीय क्रिस्टियानो रोनाल्डो के लिए यह विश्व कप संभवतः आखिरी मौका हो सकता है, जहां वह अपने शानदार करियर में विश्व कप ट्रॉफी जोड़ने का सपना पूरा करना चाहेंगे। दूसरी ओर 52 वर्षों बाद विश्व कप में लौटी डीआर कांगो की टीम इतिहास रचने के इरादे से मैदान में उतरेगी। पुर्तगाल की रणनीति कोच रॉबर्टो मार्टिनेज की टीम आमतौर पर 4-3-3 या 4-2-3-1 फार्मेशन में खेलती है। टीम का पूरा खेल मिडफील्ड में गेंद पर नियंत्रण और विंग्स से आक्रमण तैयार करने पर आधारित रहता है। क्रिस्टियानो रोनाल्डो अग्रिम पंक्ति में मुख्य स्ट्राइकर की भूमिका निभाएंगे जबकि राफेल लियाओ और बर्नार्डो सिल्वा जैसे खिलाड़ी दोनों किनारों से गति और रचनात्मकता प्रदान करेंगे। मिडफील्ड में ब्रूनो फर्नांडिस और वितिन्हा खेल की गति नियंत्रित करने के साथ-साथ आक्रमण को धार देंगे। डिफेंस में रुबेन डियास टीम के सबसे अहम खिलाड़ी हैं। यदि डियास पूरी तरह फिट नहीं होते हैं तो पुर्तगाल की रक्षापंक्ति थोड़ी कमजोर पड़ सकती है। कांगो की रणनीति कोच सेबास्टियन डेसाब्रे की टीम तकनीकी रूप से पुर्तगाल से कमजोर मानी जा रही है, लेकिन उसकी सबसे बड़ी ताकत सामूहिक खेल और तेज काउंटर अटैक हैं। कांगो संभवतः 4-5-1 या 4-3-3 फॉर्मेशन के साथ मैदान में उतर सकती है, जिसमें प्राथमिक लक्ष्य पुर्तगाल को मिडफील्ड में जगह न देना होगा। टीम के खिलाड़ी यूरोप की विभिन्न लीगों में खेलते हैं और शारीरिक रूप से काफी मजबूत हैं। कांगो की कोशिश होगी कि वह रोनाल्डो और ब्रूनो फर्नांडिस को गेंद पर कम समय दे तथा तेज ट्रांजिशन के जरिए पुर्तगाल की रक्षा पर दबाव बनाए। सेट पीस भी उनके लिए बड़ा हथियार साबित हो सकते हैं।  

पाकिस्तान पर बड़ी जीत के बाद भारत का दूसरा मुकाबला नीदरलैंड्स से आज

लीड्स  पाकिस्तान के विरुद्ध पहले मैच में शानदार जीत से आत्मविश्वास से भरी भारतीय टीम बुधवार को यहां नीदरलैंड्स के विरुद्ध होने वाले महिला टी-20 विश्व कप के अपने दूसरे ग्रुप मैच में बल्लेबाजी में और बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी। पाकिस्तान के विरुद्ध पहले मैच में स्मृति मंधाना ने शीर्ष क्रम में और रिचा घोष ने निचले क्रम में अच्छी बल्लेबाजी की थी जिससे भारत 64 रन से जीत हासिल करने में सफल रहा था। प्रारंभिक बल्लेबाज शेफाली वर्मा और कप्तान हरमनप्रीत कौर सहित बाकी बल्लेबाज अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। भारती फुलमाली मध्य क्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन पहले मैच में वह खाता भी नहीं खोल पाई थी। खास चुनौती नहीं मिलेगी भारत को टूर्नामेंट में आगे और भी कड़े मैच खेलने है और इसलिए बल्लेबाजी में निरंतरता बेहद महत्वपूर्ण है। भारत को नीदरलैंड्स से किसी तरह की खास चुनौती मिलने की संभावना नहीं है लेकिन उसे सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए लीग चरण में ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण अफ्रीका में से किसी एक को हराना होगा। पाकिस्तान के विरुद्ध शुरू में फील्डिंग अच्छी नहीं थी, लेकिन पारी आगे बढ़ने के साथ भारतीय खिलाड़ियों ने कुछ अच्छे कैच लिए। गेंदबाजी विभाग में तेज गेंदबाज अरुंधति रेड्डी और क्रांति गौड़ कोई खास कमाल नहीं दिखा पाईं। लेकिन स्पिनरों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया। दीप्ति शर्मा और श्री चरणी की स्पिन जोड़ी ने मिलकर आठ विकेट लिए। दीप्ति शर्मा ने चार ओवर में केवल 10 रन देकर पांच विकेट लिए और फार्म में वापसी की। भारत के लिए दीप्ति का फार्म में लौटना काफी महत्वपूर्ण था क्योंकि इससे पहले वह दो सीरीज में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई थी। नीदरलैंड की टीम अपने पहले मैच में बांग्लादेश से हार गई थी। भारत के सामने चुनौती पेश करने के लिए उसे खेल के सभी विभागों में सुधार करना होगा। दोनों टीम इस प्रकार हैं     नीदरलैंड्स: बैबेट डी लीडे (कप्तान), कैरोलीन डी लैंग, फ्रेडरिक ओवरडिज्क, हन्ना लैंडहीर, हीथर सीजर्स, आइरिस जविलिंग, इसाबेल वान डेर वोनिंग, लारा लीमहुइस, मायरथे वान डेन राड, फेबे मोल्केनबोअर, राबिन रिजके, रोजाली लारेंस, सान्या खुराना, सिल्वर सिल्वर, स्टेरेलिस।     भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, रिचा घोष, श्रीचरणी, यास्तिका भाटिया, नंदनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह, क्रांति गौड़, श्रेयंका पाटिल, राधा यादव।