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मार्गशीर्ष में क्यों की जाती है श्रीकृष्ण की शंख और तुलसी से पूजा — जानें धार्मिक महत्व और विधि

कार्तिक मास के बाद मार्गशीर्ष का महीना आता है। ऐसा कहा जाता है कि सतयुग में देवों ने मार्गशीर्ष से ही नया साल शुरू किया था। इस महीने में भगवान कृष्ण की पूजा का बहुत अधिक महत्व है। इस महीने में तुलसी और शंख से भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है। सुबह शाम गायत्री मंत्र का जाप करें। ऐसा कहा जाता है कि अगहन के महीने में विष्णु भगवान का गरुड़ की पीठ पर लक्ष्मी के साथ बैठे हुए भगवान कृष्ण की पूजा करनी चाहिए। इस महीने में धूप, आरती, स्नान, पूजा के समय भगवान ‌विष्णु के आगे घंटा बजाएं। एक शंख लें और उसमें चंदन रखें और महीने में रोज भगवान विष्णु को अर्पित करें। इसके अलावा अगहन में तुलसीदल और आंवला भी भगवान विष्णु को अर्पित करना चाहिए। जो इस तरह भगवान विष्णु की पूजा करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इस महीने में बेला, चमेली, जही, अतिमुक्ता (माधवी लता), कनेर, वैजयन्ती, विजया, चमेली के गुच्छे से भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। इसके अलावा इस महीने में भगवान विष्णु को तुलसी की मंजरियां अर्पित करनी चाहिए। ऐसा करने पर मोक्ष मिलता है। स्कंदपुराण में लिखा है कि भगवान विष्णु को बिल्वपत्र, शमीपत्र, चमेली और कमल , कौस्तुभमणि से भी ज्यादा तुलसीदल भगवान विष्अणु को अधिक प्रिय हैं। ऐसी तुलसी जिसके पत्ते कटे न हों ओर जो मंजरीके साथ हो, ऐसी तुलसी भगवान विष्णु को लक्ष्मीजी के तरह प्रिय है। इसके अलावा मार्गशीर्ष मास में कपूर से दीपक जलाकर भगवान विष्णु की आरती करनी चाहिए। इसलिए मार्गशीर्ष महीने में भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की विशेष पूजा की जाती है। इस महीने में तीर्थ स्नान जरूर करना चागिए, इससे पुण्य मिलता है और हर तरह के रोग, शोक दूर होते हैं।

शांति भरा जीवन चाहिए तो इन 5 लोगों से रहें सावधान

हर कोई चाहता है कि उनकी लाइफ शांति और सुकून से भरी रहे। जीवन में खूब तरक्की करना भी सभी चाहते हैं। कुल मिलाकर किसी के लाइफ गोल पूछें तो मोटा-मोटा यही तीन-चार चीजें निकल कर आती हैं। अब सवाल है कि खुद के लिए ऐसी लाइफ कैसे बनाई जाए। मेहनत और किस्मत, तो दो जरूरी फैक्टर्स हैं ही लेकिन आपके इर्द गिर्द कैसे लोग हैं, ये भी बहुत मायने रखता है। आपने बड़े-बुजुर्गों से भी सुना होगा कि आपकी संगति ही आपके जीवन की दिशा और दशा तय करती है। कई बार हमारे सर्कल में ऐसे लोग मौजूद होते हैं, जो आसपास एक नेगेटिविटी का जैसे घेरा सा बना देते हैं। इनके आसपास रहकर शांति, सुकून और सफलता की तलाश करना, लगभग नमकुकिन होता है। अगर आप भी जीवन में पॉजिटिव बदलाव चाहते हैं, तो इन खास किस्म के लोगों से दूर रहें। 'अरे तुम्हारी दोस्त तुमसे ज्यादा सुंदर है ', 'देखो उन्होंने तो ये कर लिया लेकिन तुम अभी तक नहीं कर पाए'। ऐसा कितनी बार कुछ लोग मजे-मजे में बोल जाते हैं, जो कहीं ना कहीं आपके मन में बैठ जाता है। ये उस किस्म के लोग होते हैं, जिन्हें खूब मजा आता है आपकी दूसरों से तुलना करने में। इनका मकसद ही होता है कि कैसे आपको छोटा दिखाया जाए, ताकि आप भी अपनी नजरों में खुद को ले कर ऐसा ही सोचें। अगर आसपास भी आपको ऐसे लोग दिखते हैं, तो इन्हें अवॉइड करने की कोशिश करें। कभी अवॉइड ना कर पाएं तो खुद के लिए जरूर स्टैंड लें। जो दूसरों की चुगली में हों एक्सपर्ट इस खास किस्म के लोग हमारे आसपास अक्सर मिल जाते हैं। इन्हें दूसरों की बुराई करने, किसी को छोटा दिखाने में खूब मजा आता है। लेकिन एक बात याद रखिएगा जितनी शिद्दत से ये दूसरों की चुगली आपके साथ करते हैं, उतने ही मजे से आपकी चुगलियां भी दूसरों के आगे उड़ेलते नजर आएंगे। वैसे भी किसी की बुराई कर के खुशी कभी मिलने से तो रही। इसलिए आसपास शांति और सुकून चाहिए जो ऐसे लोगों को अपनी लाइफ से कट कर दें। जो आपके सपनों का उड़ाते हों मजाक कुछ लोग होते हैं जो आपके सपनों का मजाक उड़ाते हैं। उदाहरण के लिए अगर आपने कहा कि आपको फ्यूचर में एक बड़ा घर या गाड़ी लेनी है। तो इनका सबसे पहला रिएक्शन यही होगा 'रहने दो आपसे हो गया', 'अरे अपनी औकात में रहकर सपने देखो'। इस तरह के टॉक्सिक लोग कभी आपको कुछ ऊंचा सोचने ही नहीं देंगे। आप कुछ अच्छा भी कर लें तो उसमें कमियां निकाल देंगे कि ये तो हर कोई कर लेता है। ऐसे लोगों से अगर समय रहते ना बचे, तो ये आपको नेगेटिविटी, डर, इनसिक्योरिटी जैसी नेगेटिव चीजें दिए बिना नहीं छोड़ने वाले। सिर्फ अपना मतलब निकालने वाले कुछ लोग ऐसे होते हैं, जो आपके आसपास सिर्फ तभी दिखाई पड़ते हैं, जब इन्हें आपसे कुछ चाहिए होता है। सिर्फ अपने मतलब के लिए ये आपसे अपने रिश्ते ठीक रखते हैं। वहीं जैसे ही आपको इनकी कभी जरूरत पड़ जाए, ये फोन उठाना तक बंद कर देते हैं। ऐसे मतलबी लोगों को पहचानना सीखें और जितना हो सके इनसे दूर रहें। इन्हें आपके इमोशन, आपके स्ट्रगल किसी की कोई परवाह नहीं होती। ऐसे टॉक्सिक लोगों सिर्फ आपकी एनर्जी, टाइम और पैसा जाया करते हैं; बिना किसी वैल्यू एडिशन के। हमेशा नेगेटिव रहने वाले वाले लोग कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनके साथ थोड़ी देर बैठ जाने से ही सबकुछ बड़ा नेगेटिव सा लगने लगता है। ऐसा लगता है कि जैसे किसी ने सारी एनर्जी सोख ली हो। ये होते हैं नेगेटिव किस्म के लोग, जो हर चीज में नेगेटिविटी ढूंढ लेते हैं। ये हमेशा सिर्फ दुखड़ा रोते हैं, हर चीज की शिकायत करते रहते हैं लेकिन उसे बदलने के लिए करना कुछ भी नहीं चाहते। ऐसे लोगों के साथ रहने से ना सिर्फ आपकी मेंटल पीस खराब होती है, बल्कि जिंदगी को देखने का आपस रवैया की नेगेटिव होने लगता है।  

“ग्रहों का कहर! अतिचारी गुरु और वक्री शनि से बढ़ेगी दुर्घटनाओं की संभावना?”

  दिसंबर माह साल 2025 का अंतिम माह होगा. इस साल कई संघर्ष और दुर्घटनाएं देखने को मिलीं. इस साल को संघर्ष और दुर्घटनाओं से भरा साल कहना गलत नहीं होगा. इस साल भारत सहित दुनियाभर में कई ऐसी घटनाएं देखने को मिलीं, जिन्होंने जान-माल को भारी नुकसान पहुंचाया. इन घटनाओं में अहमदाबाद में हुआ प्लेन क्रैश प्रमुख था. इसके साथ-साथ कई देशों के बीच युद्ध के हालात भी पैदा हुए. ऐसे में आइए ज्योतिष दृष्टि से जान लेते हैं साल 2025 में होने वाली इन दुर्घटनाओं का कारण. तिचारी गुरु इस साल मई के महीने में गुरु ग्रह ने अतिचारी चाल शुरू की थी, अतिचारी का अर्थ है, जब कोई ग्रह उसकी समान्य गति से अधिक तेजी से चलने लगता है. साल 2032 तक गुरु अतिचारी गति से ही चलने वाले हैं. ज्योतिष शास्त्र गुरु की अतिचारी गति को अच्छा नहीं मानता. साथ ही इस साल मई माह के अंत में छह ग्रह एक ही राशि में गोचर कर रहे थे. मान्यता है कि महाभारत के युद्ध के समय भी गुरु की चाल अतिचारी थी. महाभारत के युद्ध के दौरान भी छह ग्रह एक ही राशि में गोचर कर रहे थे. इस साल भी गुरु के अतिचारी होने की वजह से भारत समेत पूरी दुनिया ने कई दुर्घटनाएं हुईं. इस साल भारत-पाकिस्तान और ईरान-इजरायल की आपस में भीड़ंत हो गई थी. मंगल-केतु युति मंगल और केतु ने इस साल 7 से लेकर 28 जुलाई तक युति बनाई थी. मंगल और केतु की युति के 5 दिन बाद ही 12 जून 2025 को अहमदाबाद में विमान क्रैश हो गया था. इसमें 241 लोग मारे गए थे. इस बीच ही ईरान और इजराइल के बीच युद्ध के हालात बन गए थे. ज्योतिषीय दृष्टि से देखा जाए तो 2026 की शुरुआत में भी ग्रह ऐसी स्थिति में रहने वाले हैं. शनि वक्री शनि ग्रह इस साल 13 जुलाई को वक्री हुए थे. 28 नवंबर तक शनि इसी अवस्था में रहेंगे. वक्री शनि पर इस साल मंगल की भी दृष्टि थी. जब शनि और मंगल एक दूसरे पर दृष्टि डालते हैं, तो हिंसा होती है. युद्ध होता है. 2025 में अभी और क्या हो सकता है? इस माह के अंत में 29 तारीख को शनि मार्गी हो जाएंगे. वहीं 5 दिसंबर को गुरु अतिचारी अवस्था में मिथुन राशि में गोचर कर जाएंगे. शनि के मार्गी होने से कुछ बड़े नतीजे आ सकते हैं. कुछ नेता गिरफ्तार हो सकते हैं. युद्ध का परिणाम निकल सकता है. हालांकि अतिचारी गुरु की वजह से धार्मिक उन्माद देखने को मिल सकता है. कुछ लोग धर्म के नाम पर जहर फैला सकते हैं. विश्व स्तर पर कुछ आपदाएं लोगों के लिए समस्या बन सकती हैं.

वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर दिशा क्यों मानी जाती है सुख-समृद्धि की कुंजी

वास्तु शास्त्र में घर की प्रत्येक दिशा का विशेष महत्व बताया गया है लेकिन उत्तर दिशा को अत्यंत शुभ और समृद्धि देने वाली दिशा माना गया है। यह दिशा न केवल धन के देवता कुबेर जी का स्थान है, बल्कि अवसरों, सकारात्मक ऊर्जा और विकास का भी प्रतीक है। सही तरीके से इस दिशा का उपयोग करने पर घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहती है। उत्तर दिशा में उचित वस्तुएं रखने और ऊर्जा संतुलन बनाए रखने से जीवन में आर्थिक उन्नति, स्थायित्व और सफलता के नए द्वार खुलते हैं। यही कारण है कि वास्तु में उत्तर दिशा को सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। घर में उत्तर दिशा का महत्व वास्तु शास्त्र के अनुसार उत्तर दिशा को शुभता और अवसरों की दिशा कहा गया है। यह दिशा सूर्य की किरणों और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश द्वार मानी जाती है। इस दिशा में प्रकाश, हवा और ऊर्जा का प्रवाह सबसे संतुलित होता है, जो घर के वातावरण को जीवंत और ऊर्जावान बनाता है। मान्यता है कि यदि इस दिशा को साफ-सुथरा, खुला और अवरोध रहित रखा जाए, तो घर में धन, सौभाग्य और खुशहाली स्वतः प्रवेश करती है। उत्तर दिशा का वास्तु अनुकूल होना व्यक्ति के करियर और व्यवसाय में स्थिरता लाता है और घर के सदस्यों के बीच सामंजस्य बढ़ाता है। कुबेर जी की प्रतिमा का महत्व वास्तु शास्त्र में धन के देवता कुबेर जी को उत्तर दिशा का स्वामी माना गया है। यदि घर की उत्तर दिशा में कुबेर जी की सुंदर, स्वर्ण या चांदी की प्रतिमा स्थापित की जाए, तो यह धन वृद्धि और सफलता का सूचक बनती है। मान्यता है कि इससे घर में अटका हुआ पैसा लौट आता है और नए आय स्रोत खुलते हैं। कुबेर जी की प्रतिमा को हमेशा साफ, सुगंधित और प्रकाशमान स्थान पर रखें। प्रतिमा के पास कपूर या घी का दीपक जलाने से घर में धन की आवक बढ़ती है और आर्थिक समस्याएं धीरे-धीरे समाप्त हो जाती हैं। घर की उत्तर दिशा में श्रीयंत्र का प्रभाव श्रीयंत्र को मां लक्ष्मी का प्रतीक और धन आकर्षण का शक्तिशाली साधन माना गया है। वास्तु के अनुसार इसे घर की उत्तर दिशा में स्थापित करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और सकारात्मकता का संचार होता है। यह घर के वातावरण को पवित्र करता है और आर्थिक स्थिरता प्रदान करता है। श्रीयंत्र को रोजाना जल, पुष्प और अगरबत्ती से पूजन करने से जीवन में तरक्की के अवसर बढ़ते हैं। ध्यान रहे कि श्रीयंत्र को हमेशा साफ और ऊर्जावान रखें। नियमित साधना से यह न केवल धन-समृद्धि लाता है बल्कि मानसिक शांति और आत्मविश्वास में भी वृद्धि करता है।

आज का राशिफल (6 नवम्बर 2025): मकर राशि को मिलेगी खुशखबरी, देखें बाकी राशियों का भविष्यफल

मेष: 6 नवंबर के दिन प्यार के मामले में विकल्प खुले रखें। ऐसे नए काम हाथ में लें, जो आपको ऑफिस में लगन से काम करने में मदद करें। आपके स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। रोमांस से जुड़े मुद्दों को कंट्रोल से बाहर न जाने दें। आज प्रोफेशनल एक्सपेक्टेशन पर खरे उतरें। वृषभ: 6 नवंबर का दिन थोड़ा बिजी-बिजी रहने वाला है। कामकाज के चक्कर में अपनी पर्सनल लाइफ से समझौता करना ठीक नहीं है। पैसे कमाने में कोई प्रॉब्लम नहीं आएगी। मिथुन: 6 नवंबर के दिन आपको डेडलाइन के भीतर टास्क कंप्लीट कर लेने की सलाह दी जाती है। किसी भी बहस में पड़ने से बचें। आज धन का आगमन होगा। सेहत के मामले में फिटनेस पर ध्यान दें। अचानक खर्चे सामने आ सकते हैं। कर्क: 6 नवंबर के दिन कुछ लोगों को ओवरटाइम करना पड़ सकता है। परिवार और दोस्तों के लिए भी समय निकालें। इससे स्ट्रेस दूर होगा। वर्क-लाइफ बैलेंस मेन्टेन करके आगे बढ़ें। प्रोग्रेस करने के लिए बैलेंस की आवश्यकता होती है। सिंह: 6 नवंबर के दिन प्रोडक्टिव बने रहें। आज अपनी मेंटल हेल्थ पर फोकस करना चाहिए। काम का प्रेशर ज्यादा लेने से मेंटल हेल्थ और फिजिकल हेल्थ भी प्रभावित होती है। आज किसी पुराने इनवेस्टमेंट से तगड़ा प्रॉफिट मिल सकता है। कन्या: 6 नवंबर के दिन पार्टनर के साथ आपकी दूरियां धीरे-धीरे खत्म हो जाएंगी। सेहत आपका साथ देगी। ये दिन विकास, भावनात्मक सफलता और आश्चर्यजनक अवसरों का वादा करता है। अपनी हेल्थ पर ध्यान दें। तुला: 6 नवंबर के दिन पॉजिटिव सोच बनाए रखें। अप्रत्याशित चुनौतियां सामने आ सकती हैं, फिर भी खुद को संतुलित करते हुए आगे बढ़ते रहें। अपने लॉंग टर्म लक्ष्यों पर कायम रहना आपके लिए अच्छा रहेगा। स्ट्रेस से दूर रहें। वृश्चिक: 6 नवंबर के दिन जिम्मेदारियों को नजरअंदाज न करें। करियर के मामले में नए टास्क पाने के लिए खुद को तैयार कर लें। लव के मामले में उतार-चढ़ाव की सिचूऐशन बनी रहेगी। तनाव कम करने की कोशिश करें। धनु: 6 नवंबर के दिन आपका दिन इनोवेटिव विचारों पर फोकस करने वाला दिन है। अपने प्रोफेशनल जीवन में चुनौतियों के साथ-साथ रचनात्मकता की उम्मीद करें। नई शुरुआत को खुली बांहों से अपनाएं। डाइट को हेल्दी रखें। मकर: 6 नवंबर का दिन लव के मामले में रोमांटिक रहेगा। आज का आपका दिन शानदार रहने वाला है। जिन लोगों को जॉब की तलाश थी, उनका सपना पूरा होता नजर आएगा। लव के मामले में कुछ लोगों को पेरेंट्स का सपोर्ट मिलेगा। कुंभ: 6 नवंबर के दिन धन-वृद्धि के योग बन रहे हैं। कुछ व्यापारियों को नई पार्टनरशिप भी मिल सकती है। दिन शुभ माना जा रहा है। पैसों के मामले में आज लेन-देन करते वक्त सावधानी बरतने की एडवाइस दी जाती है। मीन: 6 नवंबर का दिन विकास और रोमांस के अवसरों से भरपूर रहेगा। वहीं, वित्त के मामले में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। नए अनुभवों के लिए खुले रहें लेकिन जहां आवश्यक हो वहां, सतर्क भी रहें। पॉजिटिव दृष्टिकोण बनाए रखें।

मार्गशीर्ष मास 2025: क्या करें और किन बातों से बचें इस पवित्र माह में

मार्गशीर्ष मास को अग्रहायण और अगहन मास का महीना भी कहते हैं. यह हिंदू पंचांग का नौवें महीना होता है, जिसका नाम पूर्णिमा के दिन चंद्रमा की स्थिति के कारण ‘मृगशीर्ष’ नक्षत्र से लिया गया है. धर्म शास्त्रों में मार्गशीर्ष मास को सर्वाधिक पवित्र महीना माना गया है. मान्यता है कि इसी महीने से सतयुग की शुरुआत मानी जाती है. इस लेख में आपको बताते हैं कि यह महीना इतना शुभ क्यों माना जाता है और कब से कब तक चलेगा. मार्गशीर्ष महीना शुभ क्यों माना जाता है? मार्गशीर्ष के महीने में भगवान विष्णु, भगवान श्रीकृष्ण और देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है. इस महीने को “मार्गशीर्ष” इसलिए कहा जाता है, क्योंकि भगवान कृष्ण ने स्वयं इसे महीनों में सबसे श्रेष्ठ बताया है. इसी वजह से यह महीना भगवान कृष्ण की पूजा के लिए विशेष रूप से समर्पित माना जाता है. मार्गशीर्ष महीना कब से कब तक है? मार्गशीर्ष मास की शुरुआत कार्तिक पूर्णिमा के अगले दिन से हो जाती है. पंचांग के मुताबिक, मार्गशीर्ष का महीना 6 नवंबर 2025 से शुरू होगा और इसका समापन 4 दिसंबर 2025 को हो जाएगा. मार्गशीर्ष माह में क्या करना चाहिए? मार्गशीर्ष मास में विष्णुसहस्त्र नाम, भगवतगीता और गजेन्द्रमोक्ष का पाठ करना चाहिए. इसके अलावा, मार्गशीर्ष मास के दौरान भगवान कृष्ण, श्रीहरि और देवी लक्ष्मी की पूजा करना शुभ माना जाता है. इस माह में स्नान करने के बाद ब्राह्मण के माध्यम से पितृ तर्पण और पितृ पूजा करनी चाहिए. मार्गशीर्ष महीने में क्या नहीं करना चाहिए मार्गशीर्ष महीने में तामसिक भोजन (मांस-मदिरा) नहीं करना चाहिए और गुस्सा, आलस, छल-कपट और ईर्ष्या जैसे दुर्गुणों से दूर रहना चाहिए. इसके अलावा, गुरुजनों, माता-पिता या बड़ों का अपमान नहीं करना चाहिए और किसी को भी कटु वचन नहीं बोलने चाहिए. मार्गशीर्ष मास में सूर्यास्त के बाद झाड़ू-पोंछा और नाखून काटना भी वर्जित है. मार्गशीर्ष महीने में क्या नहीं खाना चाहिए? मार्गशीर्ष महीने में तामसिक भोजन (जैसे मांसाहार, प्याज, लहसुन) नहीं खाना चाहिए और जीरे का सेवन भी नहीं करना चाहिए. इसके अलावा, अगहन मास में बासी भोजन और कुछ सब्जियों जैसे बैंगन, मूली आदि से भी परहेज करने की सलाह दी जाती है. इस महीने के दौरान सात्विक भोजन का सेवन करना चाहिए.

देव दीपावली विशेष: भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की आरती करने से खुलेंगे सुख-समृद्धि के द्वार!

आज कार्तिक मास की पूर्णिमा है. आज देव दीपावली का पर्व भी मनाया जा रहा है. इसे देवताओं की दिवाली कहा जाता है. इस अवसर पर भगवान शिव की नगरी काशी में लाखों दीप प्रज्वलित किए जाते हैं. घर-घर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का विशेष पूजन किया जाता है. देव दीपावली का दिन विशेष रूप से भगवान विष्णु और भगवान शिव को समर्पित किया गया है. कार्तिक महीने और पूर्णिमा तिथि का संबंध माता लक्ष्मी लक्ष्मी से भी बताया जाता है. ऐसे में इस अवसर पर दीपदान के बाद, भगवान विष्णु और देवी लक्ष्मी की आरती करना बहुत शुभ होता है. ऐसा करने से पूजा का पूरा फल प्राप्त होता है, तो आइए आरती पढ़ते हैं. भगवान विष्णु की आरती ॐ जय जगदीश हरे आरती ॐ जय जगदीश हरे… ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी! जय जगदीश हरे। भक्त जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥ ॐ जय जगदीश हरे… जो ध्यावे फल पावे, दुःख विनसे मन का। स्वामी दुःख विनसे मन का। सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥ ॐ जय जगदीश हरे… मात-पिता तुम मेरे, शरण गहूं मैं किसकी। स्वामी शरण गहूं मैं किसकी। तुम बिन और न दूजा, आस करूं जिसकी॥ ॐ जय जगदीश हरे… तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी। स्वामी तुम अन्तर्यामी। पारब्रह्म परमेश्वर, तुम सबके स्वामी॥ ॐ जय जगदीश हरे… तुम करुणा के सागर, तुम पालन-कर्ता। स्वामी तुम पालन-कर्ता। मैं मूरख खल कामी, कृपा करो भर्ता॥ ॐ जय जगदीश हरे… तुम हो एक अगोचर, सबके प्राणपति। स्वामी सबके प्राणपति। किस विधि मिलूं दयामय, तुमको मैं कुमति॥ ॐ जय जगदीश हरे… दीनबन्धु दुखहर्ता, तुम ठाकुर मेरे। स्वामी तुम ठाकुर मेरे। अपने हाथ उठाओ, द्वार पड़ा तेरे॥ ॐ जय जगदीश हरे… विषय-विकार मिटाओ, पाप हरो देवा। स्वामी पाप हरो देवा। श्रद्धा-भक्ति बढ़ाओ, संतन की सेवा॥ ॐ जय जगदीश हरे… श्री जगदीशजी की आरती, जो कोई नर गावे। स्वामी जो कोई नर गावे। कहत शिवानन्द स्वामी, सुख संपत्ति पावे॥ ॐ जय जगदीश हरे… आरती श्री लक्ष्मी जी ॐ जय लक्ष्मी माता,मैया जय लक्ष्मी माता। तुमको निशिदिन सेवत,हरि विष्णु विधाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ उमा, रमा, ब्रह्माणी,तुम ही जग-माता। सूर्य-चन्द्रमा ध्यावत,नारद ऋषि गाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥ दुर्गा रुप निरंजनी,सुख सम्पत्ति दाता। जो कोई तुमको ध्यावत,ऋद्धि-सिद्धि धन पाता॥ ॐ जय लक्ष्मी माता॥

इन 10 बिल गेट्स के सुविचारों से जानें – सोच बदलो, जिंदगी बदलो

माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स दुनिया के सबसे प्रभावशाली हस्तियों में से एक हैं। बिल गेट्स ने अपनी जिंदगी में अपार सफलता हासिल की है और ऐसा सिर्फ उनके कड़े नियमों के कारण हुआ। तीन सेमेस्टर पूरा करने के बाद बिल गेट्स ने हार्वर्ड यूनिवर्सिटी की पढ़ाई छोड़ दी थी और माइक्रोसॉफ्ट कंपनी की शुरुआत की। साल 2014 में उन्होंने इस कंपनी को छोड़ दिया और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन पर ध्यान देने लगें। बिल गेट्स का कहना है कि सफल होने के बाद भी मैं हर दिन कुछ नया सीखता और पढ़ता हूं। बिल गेट्स की कुछ ऐसी बातें हैं, जो हर स्टूडेंट को अपनी लाइफ में फॉलो करनी चाहिए। इससे किसी को भी सफलता मिल सकती हैं। 1- बेवकूफ लोगों के प्रति अच्छे रहो। संभावना है कि आप किसी ऐसे ही बेवकूफ के लिए काम कर रहे होंगे। 2- मैं एक कठिन कार्य के लिए आलसी व्यक्ति को चुनता हूं क्योंकि आलसी व्यक्ति कठिन कार्य को करने का सबसे आसान तरीका निकाल लेगा। 3- कुछ बड़ा जीतने के लिए, आपको कभी-कभार बड़े खतरे भी लेने पड़ते हैं। 4- जैसा हम आने वाली सदी को देखते हैं, नेता वे होंगे जो दूसरों को सशक्त बनाते हैं। 5- व्यवसाय एक पैसे वाला गेम है जिसमें कई नियम व बहुत सारे खतरे हैं। 6- अपने आप की दूसरों के साथ तुलना मत करो। अगर तुम ऐसा करते हो तो तुम स्वयं की ही बेइज्जती कर रहे हो। 7- मैं परीक्षा में कई विषयों में फेल हो गया था और मेरा दोस्त सभी विषय में पास हो गया था। अब वह माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में इंजीनियर है और मैं माइक्रोसॉफ्ट का मालिक हूं। 8- धैर्य ही सफलता का मूल तत्व है। 9- अगर आप गरीब पैदा हुए तो यह आपकी गलती नहीं है परंतु अगर आप गरीब ही मर गए तो यह आप ही की गलती है। 10- सफलता को सेलिब्रेट करना चाहिए लेकिन असफलता से सबक भी लेने जरूरी है।

पौधे सही दिशा में लगाने से बदल जाएगा घर का भाग्य

घर की साज-सजावट के लिए हम कई तरह के पेड़-पौधे लगाते हैं। वहीं कुछ पेड़-पौधे आध्यात्मिक लाभ भी प्रदान करते हैं। आज हम आपको कुछ ऐसे पेड़-पौधों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें घर में लगाने से समृद्धि और खुशहाली आती है। साथ ही आर्थिक तंगी भी दूर हो सकती है। चलिए जानते हैं इस बारे में। दूर होती हैं धन संबंधी समस्याएं वास्तु शास्त्र में मनी प्लांट को एक बहुत ही शुभ पौधे के रूप में देखा जाता है। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाना सबसे शुभ माना जाता है। ऐसा करने से धन और समृद्धि आकर्षित होती हैं। लेकिन वास्तु के अनुसार, इस पौधे को घर की उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना शुभ नहीं माना गया। इस पौधे को घर के अंदर लगाना ज्यादा शुभ माना गया है। इस बात का भी ध्यान रखें कि मनी प्लांट की बेल जमीन को न छूए। बनी रहती है सकारात्मक ऊर्जा वास्तु शास्त्र में घर में लगाने के लिए बांस को भी एक शुभ पौधा माना गया है। अगर वास्तु नियमों का ध्यान रखते हुए इस पौधे को घर में लगाया जाए, तो इससे व्यक्ति के सौभाग्य में वृद्धि हो सकती है। साथ ही, जातक को कई अन्य समस्याओं से भी छुटकारा मिल जाता है। ऐसे में आप इस पौधे को घर की उत्तर या पूर्व दिशा में लगा सकते हैं। इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार बढ़ता है और नेगेटिव एनर्जी दूर बनी होती है। साथ ही, इससे धन संबंधी समस्याओं से भी आपको छुटकारा मिल सकता है। ये पौधा है बहुत ही शुभ शमी का पौधा भी घर में लगाना काफी शुभ माना गया है। आध्यात्मिक रूप से यदि रोजाना श्रद्धाभाव से इस पौधे की पूजा-अर्चना की जाए, तो इससे आपको भगवान शिव और शनिदेव की कृपा प्राप्त हो सकती है। इसके साथ ही यह माना जाता है कि यदि किसी जातक पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है, तो उसे शमी का पौधा घर में जरूर लगाना चाहिए। वास्तु शास्त्र में इसे लगाने के लिए घर की पूर्व दिशा या फिर ईशान कोण अर्थात उत्तर-पूर्व दिशा को सबसे उत्तम माना गया है। इस बात का खासतौर से ध्यान रखें कि शमी को हमेशा घर के बाहर, जैसे कि बालकनी, छत या गार्डन में लगाना चाहिए। वहीं वास्तु में इसे घर की दक्षिण दिशा में लगाना शुभ माना गया है। इसे कभी भी घर के अंदर नहीं लगाना चाहिए, वरना आपको नकारात्मक परिणाम भी मिल सकते हैं।  

5 नवम्बर 2025 राशिफल: मकर राशि को मिलेंगे अच्छे समाचार, जानें अन्य राशियों का फल

मेष: 5 नवंबर के दिन आर्थिक रूप से आप अच्छे हैं। किसी पुराने निवेश से धन की प्राप्ति हो सकती है। प्रेम जीवन में सकारात्मक मोड़ आएंगे। व्यावसायिक मुद्दों को निपटाने में सावधानी बरतें। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आपकी लव केमिस्ट्री अविश्वसनीय रूप से रोमांचक और सरप्राइजिंग रहेगी। वृषभ: 5 नवंबर के दिन रिश्ते के मुद्दों को सुलझा लें। नौकरी में बेहतरीन पलों की तलाश करें। धन को चालाकी से संभालें जबकि आप आज स्वस्थ भी रहेंगे। शादी के योग बन रहे हैं। आज रोमांटिक डिनर करें और भविष्य के बारे में गंभीर चर्चा करें। मिथुन: 5 नवंबर के दिन जो लोग प्रभावशाली पदों पर हैं, उन्हें आज सफलता मिलेगी। विदेशी ग्राहकों के साथ व्यवहार करते समय अपनी कम्यूनिकेशन स्किल्स का इस्तेमाल करें। समस्याओं का समाधान करते समय किसी का अपमान न करें। कर्क: 5 नवंबर के दिन अपनी लाइफ को शानदार बनाएं। आज दफ्तर में सावधान रहें क्योंकि चुनौतियां आ सकती हैं। बस या ट्रेन में यात्रा करते समय सावधान रहना चाहिए। दोस्तों के साथ पुराने झगड़ों पर हमेशा एक साथ बैठकर बात-चीत करें। सिंह: 5 नवंबर के दिन आपका धन-धान्य बना रहेगा। आज छोटी-मोटी दिक्कतों के बावजूद आपका स्वास्थ्य दिन भर अच्छा रहेगा। महिलाओं को बिजनेस में सफलता मिलेगी। कुछ लोग अपना आपा खो सकते हैं, जिससे आगे परेशानी हो सकती है। कन्या: 5 नवंबर के दिन आप रोमांस से भरपूर रहेंगे। कुछ लॉंग डिस्टेंस रिलेशन, जो टूटने की कगार पर थे वे वापस पटरी पर आ जाएंगे। मुश्किल मामलों को सावधानी से संभालें। नौकरी के लिए विदेश जाने के इच्छुक लोगों को अच्छी खबर मिलेगी। तुला: 5 नवंबर के दिन आपका डाइट मेन्यू सब्जियों, फलों, नट्स और प्रोटीन शेक से भरपूर होना चाहिए। वित्तीय योजना पर टिके रहें और इससे आपको लाभ मिलेगा। प्रोडक्टिव और पॉजिटिव एनर्जी से भरा दिन रहेगा। वृश्चिक: 5 नवंबर के दिन ऑफिस में राजनीति का शिकार होने से बचें। आप धन का खुलकर उपयोग कर सकते हैं। सौभाग्य से आप स्वास्थ्य के मामले में दुरुस्त हैं। आज इस राशि के जातक खुद को काबू में रखें। धनु: 5 नवंबर के दिन कंधों पर कुछ मुश्किल कामों का भार पड़ेगा। पार्टनर पर आंख बंद कर भरोसा न करें। सभी वित्तीय लेन-देन आज अच्छे से चलेंगे। आपका स्वास्थ्य आज अच्छी स्थिति में है। वित्तीय योजना पर टिके रहें। मकर: 5 नवंबर के दिन व्यावसायिक मुद्दों को निपटाने में सावधानी बरतें। हेल्थ केयर प्रोफेशनल और सेल्सपर्सन को आज ओवरटाइम करना पड़ सकता है। विवाहित लोगों को एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर से दूर ही रहना चाहिए। कुंभ: 5 नवंबर के दिन अपनी क्षमता साबित करने के लिए हर काम को मेहनत के साथ निपटायें। कुछ लोग कर्ज भी चुका सकते हैं। आज आप आप ऑफिस की पॉलिटिक्स का शिकार हो सकते हैं। मीन: 5 नवंबर के दिन करियर में हर आने वाली मुश्किल को पूरी शिद्दत से सॉल्व करें। महिलाओं को परिवार से जुड़ी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है, खासतौर पर ससुराल वालों से, जिसका असर वैवाहिक जीवन पर भी पड़ सकता है।