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अगर चाहते हैं शांत मन और कम तनाव, तो सद्‌गुरु से सीखें मेडिटेशन का आसान तरीका

ऑफिस की टेंशन हो या बोर्ड कक्षा के रिजल्ट का तनाव, अगर आपकी रोजमर्रा की लाइफ में तनाव अकसर बना रहता है, दिमाग में स्ट्रेस रहता है, किसी काम को करते समय दिमाग इधर-उधर भटकने लगता है तो आपको आपनी लाइफ में मेडिटेशन को जगह देनी चाहिए। हालांकि कई लोग अकसर इस बात से भी परेशानी रहते हैं कि उन्हें दिमाग को शांत और स्ट्रेस फ्री रखने के लिए मेडिटेशन करने का सही तरीका नहीं मालूम होता है। अगर आप भी ऐसे ही लोगों में से एक हैं तो सद्‌गुरु से सीखें मेडिटेशन करने के लिए क्या है जरूरी टिप्स। नियमित अभ्यास करें सद्‌गुरु के अनुसार ध्यान यानी मेडिटेशन व्यक्ति के लिए उसका दैनिक अभ्यास होना चाहिए। जिसका अभ्यास उसे रोजाना 10-20 मिनट का समय निकालकर जरूर करना चाहिए। शांत जगह बैठे मेडिटेशन करने के लिए हमेशा शांत स्थान का चुनाव करें। ऐसी जगह जहां बैठकर ध्यान करने में आपको किसी तरह का कोई व्यवधान महसूस ना हो। सद्‌गुरु की मानें तो मेडिटेशन के लिए सुबह का समय सबसे अच्छा होता है। ईशा क्रिया का अभ्यास सद्‌गुरु की 'ईशा क्रिया' एक सरल ध्यान तकनीक है। यह शरीर और मन से परे ध्यान की अवस्था का अनुभव करने के लिए एक सरल और शक्तिशाली प्रक्रिया है। इसमें श्वास पर ध्यान देना और 'मैं मेरे शरीर नहीं, मैं मेरे मन नहीं' का जाप करना शामिल है। इस क्रिया का उद्देश्य मनुष्य को उसके आंतरिक स्रोत से संपर्क करने में सहायता करना है। श्वास पर ध्यान दें सद्‌गुरु के अनुसार, अब अपनी सांसों को गिनें और धीरे-धीरे गहरी सांस लें। ऐसा करने से मन शांत होता है। खुद को समर्पित करें ध्यान के दौरान बाहरी विचारों को छोड़कर पूरी तरह से वर्तमान में रहें। सद्‌गुरु कहते हैं कि यह आत्म-जागरूकता बढ़ाता है। धैर्य रखें सद्‌गुरु कहते हैं कि ध्यान के लाभ समय के साथ मिलते हैं। ऐसे में उनकी सलाह यह है कि ध्यान करते समय जल्दबाजी न करें और प्रक्रिया पर भरोसा रखें।

क्या आप भी सड़क पर गिरी चीज़ों को लांघते हैं? जानिए इससे जुड़ा दुर्भाग्य का रहस्य

अक्सर रास्तों, खासकर चौराहों पर, नींबू-मिर्च, कटा हुआ नारियल, पीले चावल या पूजा सामग्री पड़ी दिखाई देती है। कई लोग इन्हें सामान्य कचरा समझकर अनदेखा कर देते हैं या लांघ जाते हैं। लेकिन वास्तु शास्त्र और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार ऐसी कुछ वस्तुओं को भूलकर भी नहीं लांघना चाहिए। मान्यता है कि ये वस्तुएं कभी-कभी तंत्र-क्रिया या विशेष पूजा के बाद चौराहे पर रखी जाती हैं। इन्हें लांघना नकारात्मक ऊर्जा को आमंत्रित करने जैसा माना जाता है। आइए जानते हैं ऐसी पांच चीजों के बारे में जिनसे दूरी बनाए रखना बेहतर बताया गया है। कटा हुआ नारियल अगर रास्ते में कटा हुआ नारियल और उसके आसपास पूजा सामग्री जैसे फूल, अगरबत्ती या लाल कपड़ा दिखाई दे, तो उसे लांघने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नारियल का उपयोग विशेष पूजा या तंत्र अनुष्ठान में किया जाता है। इसे लांघना अशुभ माना जाता है और इससे जीवन में बाधाएं आने की आशंका जताई जाती है। नींबू-मिर्च नींबू और मिर्च का प्रयोग नज़र दोष और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के लिए किया जाता है। कई लोग टोटका करने के बाद इसे चौराहे पर फेंक देते हैं। वास्तु मान्यताओं के अनुसार यदि कोई व्यक्ति गलती से भी नींबू-मिर्च को लांघ देता है, तो उसे मानसिक तनाव, कार्यों में रुकावट या नकारात्मक प्रभाव झेलना पड़ सकता है। धूप-अगरबत्ती और पूजा सामग्री रास्ते में जली या अधजली धूप-अगरबत्ती, कपूर, फूल या अन्य पूजा सामग्री दिखाई दे तो सावधानी बरतनी चाहिए। ऐसी वस्तुएं अक्सर किसी विशेष अनुष्ठान के बाद छोड़ी जाती हैं। इन्हें लांघना धार्मिक दृष्टि से अनुचित माना जाता है और इससे परेशानियां बढ़ने की आशंका जताई जाती है। लाल सिंदूर, हल्दी और चावल यदि सड़क पर लाल सिंदूर, हल्दी या चावल गिरे हुए दिखाई दें, तो उन्हें भी लांघने से बचने की सलाह दी जाती है। ये वस्तुएं शुभ कार्यों और तांत्रिक अनुष्ठानों में प्रयुक्त होती हैं। मान्यता है कि इन्हें अनदेखा कर पार करने से जीवन में बाधाएं आ सकती हैं। रास्ते में पड़े सिक्के या पैसे कई बार सड़क पर सिक्के या कुछ रुपये पड़े मिलते हैं। परंपरागत मान्यताओं के अनुसार इन्हें भी लांघना या बिना सोचे-समझे उठाना ठीक नहीं माना जाता। कहा जाता है कि कुछ लोग विशेष उपाय या टोटका करके धन को रास्ते में छोड़ देते हैं। ऐसे में सावधानी रखना बेहतर समझा जाता है। क्या कहता है व्यावहारिक दृष्टिकोण ? हालांकि इन बातों का आधार धार्मिक और पारंपरिक मान्यताएं हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी अनजान वस्तु को छूने या लांघने से पहले सतर्क रहना चाहिए, खासकर स्वच्छता और सुरक्षा के लिहाज से। वास्तु शास्त्र और पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार रास्ते में पड़ी कुछ वस्तुओं को लांघना अशुभ माना जाता है। चाहे आप इन मान्यताओं में विश्वास करें या न करें, सावधानी बरतना हमेशा बेहतर है। ध्यान रखें कि यह जानकारी पारंपरिक विश्वासों पर आधारित है। किसी भी तरह की परेशानी या भय की स्थिति में विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित होता है।

घर में वास्तु दोष से हैं परेशान? बिना तोड़-फोड़ अपनाएं ये आसान उपाय, सही दिशा में रखें ये जादुई वस्तु

क्या आप जानते हैं कि घर में सब कुछ ठीक होने के बावजूद कई बार तरक्की रुक जाती है या बीमारियाँ पीछा नहीं छोड़तीं? वास्तु शास्त्र के अनुसार, इसका कारण घर में मौजूद नकारात्मक ऊर्जा हो सकती है। बिना किसी तोड़-फोड़ के इन दोषों को दूर करने का सबसे आसान तरीका है- वास्तु पिरामिड। यह छोटा सा यंत्र ब्रह्मांड की सकारात्मक ऊर्जा को खींचकर आपके घर में फैला देता है। आइए जानते हैं इसे किस दिशा में रखने से क्या लाभ मिलते हैं। धन और समृद्धि के लिए अगर आपकी कमाई अच्छी है, लेकिन पैसा टिकता नहीं या कर्ज बढ़ रहा है, तो वास्तु के अनुसार पिरामिड को घर की उत्तर दिशा में रखना चाहिए। उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर का स्थान माना जाता है। यहां पिरामिड रखने से आय के नए स्रोत खुलते हैं और फंसा हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। बेहतर स्वास्थ्य के लिए (पूर्व दिशा) अगर घर का कोई सदस्य बार-बार बीमार पड़ता है या दवाइयों पर बहुत खर्च हो रहा है, तो वास्तु के अनुसार, पिरामिड को पूर्व दिशा में स्थापित करें। पूर्व दिशा सूर्य देव और अच्छी सेहत की दिशा मानी जाती है। यहां रखा पिरामिड घर के लोगों की जीवनी शक्ति को बढ़ाता है और मानसिक शांति प्रदान करता है। सुख-शांति और आपसी प्रेम के लिए कई बार घर में बेवजह तनाव और क्लेश बना रहता है। ऐसी स्थिति में वास्तु शास्त्र के अनुसार, पिरामिड को घर के बिल्कुल बीचों-बीच यानी 'ब्रह्मस्थान' में रखना सबसे शुभ माना जाता है। इससे पूरे घर की ऊर्जा संतुलित हो जाती है और परिवार के सदस्यों के बीच आपसी तालमेल और प्रेम बढ़ता है।  

राशिफल 21 फरवरी 2026: 12 राशियों का हाल, आज किसे मिलेगा लाभ और किसे झेलनी पड़ेगी चुनौती

मेष : आज आपका मन थोड़ा बेचैन रह सकता है। खर्चे अचानक बढ़ सकते हैं, जिससे टेंशन हो सकती है। कुछ ऐसे काम करने पड़ सकते हैं जो आपको पसंद न हों, लेकिन मजबूरी में करना पड़ेगा। यात्रा का योग बन रहा है, पर सफर थकाने वाला हो सकता है। पिता की सेहत और बच्चों के व्यवहार पर ध्यान देने की जरूरत है। लव लाइफ में छोटी-छोटी बातों पर गलतफहमी हो सकती है, इसलिए बात संभलकर करें। कामकाज में धैर्य रखें, जल्दबाजी नुकसान करा सकती है। सेहत ठीक रहेगी, लेकिन मानसिक थकान महसूस हो सकती है। वृषभ : आज पैसों के मामले में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। अचानक पैसा आने की खुशी मिलेगी, लेकिन खर्च भी उसी तेजी से निकल सकता है। किसी खबर या मैसेज को लेकर भ्रम की स्थिति बन सकती है, इसलिए बिना जांचे-परखे किसी पर भरोसा न करें। नौकरी और कारोबार में स्थिति सामान्य रहेगी, लेकिन कोर्ट-कचहरी या विवाद से दूर रहना बेहतर होगा। लव लाइफ में समय दें, पार्टनर से खुलकर बात करेंगे तो गलतफहमी दूर होगी। यात्रा से खास फायदा नहीं दिख रहा, जरूरी न हो तो टाल दें। मिथुन : आज सेहत थोड़ी ढीली रह सकती है। थकान, नींद की कमी या सिरदर्द परेशान कर सकता है। लव लाइफ में मनमुटाव हो सकता है, इसलिए गुस्से में कोई बात न कहें। बच्चों के साथ तालमेल बनाए रखने की जरूरत है, वरना वे आपकी बातों को नजरअंदाज कर सकते हैं। नौकरी या बिजनेस में आज नए काम की शुरुआत न करें। जो काम चल रहा है, उसी पर ध्यान दें। कोर्ट-कचहरी या झगड़े से दूर रहें। धैर्य से काम लेंगे तो हालात संभल जाएंगे। कर्क : आज सेहत पर थोड़ा ध्यान देना जरूरी है। लव लाइफ और बच्चों से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है, जिससे मन हल्का रहेगा। कामकाज में हालात ठीक रहेंगे, लेकिन सरकारी काम या अफसरों से बात करते समय संभलकर रहें। कोई बात गलत समझ ली गई तो परेशानी हो सकती है। परिवार में किसी बात को लेकर आपको सफाई देनी पड़ सकती है। धैर्य रखें और शांत रहकर बात करें, हालात आपके पक्ष में आ सकते हैं। सिंह: आज पेट से जुड़ी दिक्कत या कमजोरी महसूस हो सकती है। चोट लगने या फिसलने से बचें। इसके बावजूद मन में पॉजिटिव एनर्जी बनी रहेगी। लव लाइफ और बच्चों से जुड़ी बातें अच्छी रहेंगी। काम के फैसले सही दिशा में जाएंगे। जीवनसाथी के साथ समय बिताएं, रिश्ते मजबूत होंगे। सेहत को हल्के में न लें, खानपान पर ध्यान दें। कन्या: आज आपके व्यवहार में सख्ती दिख सकती है। ब्लड प्रेशर या मुंह से जुड़ी दिक्कत हो सकती है। गुस्से और गलत भाषा से बचें। पैसा आएगा, लेकिन उसे संभालकर रखने की जरूरत है। नए निवेश से फिलहाल दूरी रखें। कामकाज ठीक रहेगा, पर नया बिजनेस शुरू न करें। तुला: आज दांपत्य जीवन में खटास आ सकती है। बिना वजह शक या गलतफहमी से दूरी बढ़ सकती है। सेहत मध्यम रहेगी। ऑफिस या राजनीति से जुड़े लोगों को आज पहचान और प्रभाव मिल सकता है। विपरीत लिंग के साथ व्यवहार सोच-समझकर करें, वरना बदनामी का डर है। शांति से काम लेंगे तो नुकसान से बच सकते हैं। वृश्चिक: आज बेचैनी और उलझन बनी रह सकती है। खर्च ज्यादा होंगे, जिससे मन परेशान रहेगा। सट्टा या जोखिम वाले निवेश से दूर रहें। फिलहाल हालात थोड़े भारी लगेंगे, लेकिन कुछ समय बाद स्थिति संभल जाएगी। धैर्य और समझदारी से काम लेंगे तो नुकसान से बच सकते हैं। धनु : आज गुस्सा कंट्रोल में रखना जरूरी है। पैरों में दर्द या चोट लगने की आशंका है। सेहत थोड़ी कमजोर रह सकती है। लव लाइफ और बच्चों से जुड़ी बातें सामान्य रहेंगी। पढ़ाई और ज्ञान बढ़ाने के लिए अच्छा दिन है। कोई बड़ा फैसला आज टालना बेहतर रहेगा, भावुक होकर किया गया फैसला बाद में पछतावा दे सकता है। मकर : बच्चों की सेहत या पढ़ाई को लेकर चिंता रह सकती है। लव लाइफ में मनमुटाव हो सकता है। मानसिक तनाव ज्यादा रहेगा, हालांकि शरीर सेहतमंद रहेगा। घर का माहौल थोड़ा भारी रह सकता है। मां की सेहत पर ध्यान दें। प्रॉपर्टी या वाहन से जुड़ा काम बनेगा, लेकिन रुकावटों के साथ। कुंभ : आज सेहत कमजोर रह सकती है। नाक, कान या गले से जुड़ी दिक्कत हो सकती है। भाई-बहन को लेकर मन परेशान रहेगा। भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला न लें। लव लाइफ और बच्चों से जुड़ी बातें अच्छी रहेंगी। कारोबार में स्थिति सामान्य रहेगी। खुद पर ध्यान दें और आराम भी जरूरी है। मीन : आज खर्च बढ़े रहेंगे। सिरदर्द, आंखों में जलन या घबराहट महसूस हो सकती है। लव लाइफ और बच्चों से जुड़ी बातों में परेशानी रहेगी। मन में डर या बेचैनी बनी रह सकती है। आज खुद को संभालकर चलें, जल्दबाजी में कोई फैसला न लें। हालात धीरे-धीरे बेहतर होंगे।

होलाष्टक के दौरान इन राशियों पर बढ़ सकता है संकट, बरतें सतर्कता

हिंदू पंचांग के अनुसार होली से आठ दिन पहले होलाष्टक की शुरुआत होती है। धार्मिक मान्यताओं में इस अवधि को मांगलिक कार्यों के लिए शुभ नहीं माना जाता। कहा जाता है कि इन दिनों ग्रहों की स्थिति उग्र रहती है, जिससे नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है। वर्ष 2026 में होलाष्टक का आरंभ 24 फरवरी 2026 से होगा और इसका समापन 3 मार्च 2026 को होलिका दहन के दिन होगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस बार होलाष्टक का प्रभाव कुछ राशियों पर अधिक देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं किन 6 राशियों को इस दौरान विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। मेष राशि होलाष्टक का समय मेष राशि के जातकों के लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता है। जमीन-जायदाद से जुड़े मामलों में विवाद की स्थिति बन सकती है। पारिवारिक तनाव और दांपत्य जीवन में मतभेद संभव हैं। इस दौरान धैर्य बनाए रखना आवश्यक होगा। पेट से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं, इसलिए खान-पान पर विशेष ध्यान दें। कर्क राशि कर्क राशि वालों को सेहत को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। इन आठ दिनों में स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है। करियर से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय टालना बेहतर रहेगा। प्रेम संबंधों में विवाद से बचें, अन्यथा रिश्तों में दूरी आ सकती है। संयम और समझदारी से काम लेना लाभकारी रहेगा। सिंह राशि सिंह राशि के जातकों को इस दौरान लोगों पर आंख मूंदकर भरोसा करने से बचना चाहिए। कार्यक्षेत्र में लापरवाही नुकसानदायक साबित हो सकती है। व्यापारियों को जोखिम भरे निवेश से बचना चाहिए। अचानक खर्च बढ़ने से आर्थिक दबाव महसूस हो सकता है। बजट संतुलित रखना जरूरी होगा। वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि के लिए होलाष्टक के आठ दिन कुछ बाधाएं लेकर आ सकते हैं। कार्यों में रुकावट और आर्थिक तंगी की स्थिति बन सकती है। रिश्तों में भी तनाव संभव है। पार्टनर की भावनाओं को समझना और संवाद बनाए रखना जरूरी रहेगा। धैर्य और संयम से स्थिति संभाली जा सकती है। कुंभ राशि कुंभ राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। इस दौरान बड़ा निवेश करने या किसी को धन उधार देने से बचें। वाहन चलाते समय सावधानी रखें, दुर्घटना की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। स्वास्थ्य और वित्त दोनों मामलों में सतर्कता आवश्यक है। मीन राशि मीन राशि के नौकरीपेशा और कारोबारी लोगों को कार्यक्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। काम में रुकावटें और खर्चों में वृद्धि तनाव का कारण बन सकती है। पारिवारिक जीवन में भी मतभेद संभव हैं। रिश्तों में किसी तीसरे व्यक्ति की दखलअंदाजी से बचें और संवाद बनाए रखें। क्या रखें ध्यान? होलाष्टक में विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य न करें। महत्वपूर्ण वित्तीय निर्णय टालना बेहतर हो सकता है। पूजा-पाठ, दान-पुण्य और संयम से समय बिताना शुभ माना जाता है। होलाष्टक को आध्यात्मिक दृष्टि से आत्मचिंतन और सावधानी का समय माना गया है। हालांकि यह ज्योतिषीय आकलन पर आधारित सामान्य भविष्यफल है, व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार परिणाम भिन्न हो सकते हैं। अतः किसी भी बड़े निर्णय से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना उचित रहेगा।

आज का राशिफल 20 फरवरी: किन राशियों के लिए शुभ रहेगा दिन? पढ़ें पूरा भविष्यफल

मेष राशि- पर्सनल ग्रोथ पर फोकस रखें। पॉजिटिव विचार रखना और अपनी स्किल्स पर भरोसा करना आपके के लिए महत्वपूर्ण होगा। आज खुशहाली भरा दिन रहने वाला है। समझदारी के साथ समृद्धि को संभालें। प्रेम जीवन को रोमांटिक बनाएं। वृषभ राशि- अपने काम पर फोकस करें। गॉसिप से दूर रहें। जरूरत पड़ने पर फैमिली या पार्टनर से सलह लें। आज का दिन कई सरप्राइज लाएगा। महत्वपूर्ण परिवर्तनों के लिए तैयार हो जाएं क्योंकि कई अवसर आपका इंतजार कर रहे हैं। मिथुन राशि- समय-समय पर ब्रेक जरूर लेते रहें। आज का दिन उतार-चढ़ाव से भरपूर रहने वाला है। ऑफिस की पॉलिटिक्स आपके लिए नेगेटिव साबित हो सकती है। पॉजिटिव सोच बनाकर रखें। कर्क राशि- आज का दिन कर्क राशि के लोगों के लिए काफी बिजी साबित हो सकता है। कार्यालय में अतिरिक्त जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। बहुत ज्यादा प्रेशर न लें। वर्क लाइफ बैलेंस मेंटेन करके आगे बढ़ें। सिंह राशि- आज काम के सिलसिले में विदेश की यात्रा के योग बन रहे हैं। व्यापार, सेहत, पैसों का मामला या हो लव लाइफ बड़े चेंज के लिए तैयार हो जाएं। तनाव दूर करने के लिए मेडिटेशन करें। कन्या राशि- इन्वेस्टमेंट को लेकर स्ट्रेटजी बनाने पर ध्यान दें। फिट रहने पर फोकस रखें। आज का दिन आलस भरा साबित हो सकता है। काम को समय पर पूरा करने पर फोकस रखें। सेहत के मामले में भाग्य साथ देगा। तुला राशि- समय पर काम ना पूरा होने से सीनियर्स या मैनेजमेंट की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। खर्च बढ़ने की संभावना भी ज्यादा है। बाहर के खाने से परहेज करें। आज का दिन बदलावों से भरपूर रहने वाला है। वृश्चिक राशि- सेहत के मामले में लापरवाही न बरतें। दिन रोमांटिक रहेगा। आज का आपका दिन पॉजिटिव एनर्जी से भरपूर रहने वाला है। लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशन वालों को आज ही प्रेम जीवन में आ रही दिक्कतों पर फोकस करना चाहिए। धनु राशि- प्रेम जीवन में चल रही दिक्कतें सॉल्व हो जाएंगी। घर में खुशियों का माहौल रहेगा। विदेश यात्रा के योग बन रहे हैं। आज का दिन थोड़ा सा स्ट्रेस भरा साबित हो सकता है। धन का आगमन होगा। मकर राशि- किसी पुराने इन्वेस्टमेंट से मनचाहा रिटर्न नहीं मिलेगा। अपनी बॉडी को फिट रखने के लिए योग ट्राई करें। एक शानदार दिन के लिए तैयार हो जाएं। हाल ही में हुई किसी डील से भारी मात्रा में धन-लाभ हो सकता है। कुंभ राशि- अपने पार्टनर के साथ रोमांटिक डेट प्लान करें। खर्च को इस वक्त कंट्रोल करने की जरूरत है। आज के दिन आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए। करियर में अपनी जगह बनाने के लिए मेहनत ज्यादा करनी पड़ेगी। मीन राशि- आज का आपका दिन काफी बेहतरीन साबित हो सकता है। करियर के मामले में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आपको दी जा सकती है। आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहने वाली है।

होलिका दहन की पूजा विधि: कौन-कौन सी वस्तुएँ चढ़ती हैं और प्रसाद घर लाना शुभ है या नहीं?

हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा के दिन होली का त्योहार मनाया जाता है. इस दिन पूरे देश रंग और गुलाल बिखरे नजर आते हैं. होली के दिन आपसी मतभेद भूलकर लोग एक दूसरे को रंग और गुलाल लगाते हैं. साथ ही एक दूसरे को लगे लगाते हैं. पूरा देश होली के पर्व का इंजार बेसब्र होकर करता है. वहीं हर साल फाल्गुन माह की पूर्णिमा की रात को होलिका दहन का भी पर्व मनाया जाता है. रात को हालिका दहन के बाद ही सुबह रंगों की होली खेली जाती है. बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में होलिका दहन का पर्व मनाया जाता है. मान्यता है कि होलिका दहन की अग्नि में जीवन के सभी दुख और नकारात्मकता जलकर भस्म हो जाती है. फाल्गुन मास की पूर्णिमा की रात शुभ मुहूर्त में होलिका दहन किया जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं कि होलका दहन में क्या-क्या चीजें अर्पित की जाती हैं? साथ ही जानते हैं कि होलिका दहन का प्रसाद घर ला सकते हैं या नहीं होलिका दहन 2026 कब है? द्रिक पंचांग के अनुसार, इस बार फाल्गुन पूर्णिमा की तिथि की शुरुआत 02 मार्च 2026 की शाम को 05 बजकर 55 मिनट पर होगी. इस तिथि का समापन 03 मार्च की शाम 5 बजकर 07 मिनट तक रहेगी. ऐसे में होलिका दहन का पर्व 3 मार्च 2026 को मनाया जाएगा. 04 मार्च को रंगों की होली खेली जाएगी. होलिका दहन में क्या चीजें की जाती हैं अर्पित? पूजा के दौरान जलती हुई अग्नि यानी होलिका में नारियल, उपले, नई फसल, गेंहू, गुलाल, चावल, जौ, रोली, अक्षत, बताशे, फूल, हल्दी की गांठ और कपूर आदि पूजा सामग्री अर्पित की जाती है. साथ ही बुराई पर अच्छाई की जीत का आशीर्वाद मांगा जाता है. होलिका दहन का प्रसाद क्या है? जो चीजें होलिका में अर्पित की जाती हैं, वही होलिका दहन का प्रसाद होता है. इसके अलावा अंत में बची हुई होलिका की राख भी बेहद शुभ मानी जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, होलिका की राख को घर के मंदिर या तिजोरी में रखना चाहिए. साथ ही माथे पर लगाना चाहिए. इससे सेहत अच्छी रहती है. क्या होलिका दहन का प्रसाद घर ला सकते हैं? धार्मिक मान्यता के अनुसार, होलिका दहन का प्रसाद घर लाया जा सकता है. गेहूं, चने, नारियल, बताशे, नई फसल, चावल और जौ आदि प्रसाद को दोस्तों और परिवार वालों के बीच वितरित करना चाहिए. इससे नकारात्मकता दूर रहती है.

भाग्य और सफलता का योग: इस नक्षत्र में जन्मे बच्चों को मिलता है शनि का आशीर्वाद

ज्योतिष शास्त्र में ग्रह और नक्षत्रों का वर्णन विस्तार पूर्वक किया गया है. ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि नौ ग्रह हैं. ज्योतिष शास्त्र में ग्रह और नक्षत्र का बहुत महत्व है. ज्योतिषविद ग्रह और नक्षत्र देखकर ही कुंडली बनाते हैं. लोगों के भविष्य भाग्य और स्वभाव आदि के बारे में ग्रह, नक्षत्र और राशि देखकर ही अंदाजा लगया जाता है. ज्योतिष शास्त्र में कुल 27 नक्षत्र बताए गए हैं. सभी नक्षत्रों का स्वामित्व किसी न किसी ग्रह के पास है. ज्योतिष शास्त्र में बताए गए हर नक्षत्र का अपनी एक विशेषता है. 27 में से कुछ नक्षत्र अति विशेष और महत्वपूर्ण माने गए हैं. आज हम आपको उस नक्षत्र के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसमें जन्मे बच्चों को हमेशा भाग्य का साथ मिलता है. साथ ही इन पर शनि देव का विशेष आशीर्वाद बना रहता है. आइए जानते हैं इस नक्षत्र के बारे में. अनुराधा नक्षत्र में जन्मे बच्चे ज्योतिष शास्त्र में ऐसी मान्यता है कि अनुराधा नक्षत्र में जन्में बच्चे बहुत ही भाग्यशाली होते हैं. अनुराधा ज्योतिष शास्त्र का 17वां नक्षत्र माना जाता है. अनुराधा नक्षत्र के स्वामी शनि देव हैं. शनि को देवताओं में न्यायाधीश का दर्जा प्राप्त है. शनि देव लोगों को उनके कर्मों के अनुसार, फल और दंड प्रदान करते हैं. इस नक्षत्र में जन्मे बच्चों का साथ किस्मत कभी नहीं छोड़ती. मंगल की भी रहती है कृपा अनुराधा नक्षत्र में जन्मे बच्चों पर ग्रहों के सेनापति मंगल की भी कृपा देखने को मिलती है. इसके कारण इस नक्षत्र में जन्मे बच्चे बहुत साहसी, उत्साही और ऊर्जावान होते हैं. इस नक्षत्र में जन्मे बच्चे दूसरों के सामने अपनी बातों को बिना किसी डर के रखते हैं. इन्हें कोई बात घुमा फिराकर कहना नहीं आता है. इनका स्वभाव बहुत धार्मिक होता है. ये अवसर का पूरा लाभ उठाते हैं. ये अनुशासन के पक्के होते हैं, इसलिए बड़ी सफलता हासिल करते हैं. ये दूसरी की सहायता करने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं.

अगर रात को अपनाईं ये 5 आदतें, तो लक्ष्मी खुद चलकर आएंगी घर

जीवन में सफल होना हर कोई चाहता है। और हर कोई यह भी जानता है कि सफलता पानी है तो मेहनत से नहीं बचा जा सकता। लेकिन कई बार सिर्फ मेहनत करने से भी कुछ हाथ नहीं लगता। आप खुद भी अपने आस-पास कई लोगों को पाएंगे जो मेहनत तो खूब करते हैं लेकिन उन्हें सफल दूर-दूर तक नहीं कहा जा सकता। दरअसल जीवन में कुछ करना है तो प्रॉपर प्लानिंग की भी जरूरत होती है। आचार्य चाणक्य ने अपनी नीति में इसी सफलता के सूत्र का जिक्र किया है। उन्होंने कुछ छोटी-छोटी आदतों के बारे में लिखा, जिन्हें आज भी यदि जीवन में उतार लिया जाए तो सफलता और धन दोनों आपके हिस्से आ सकते हैं। आचार्य की बताई इन बातों को रात में सोने से पहले फॉलो करें और अपने जीवन में पॉजिटिव बदलाव देखें। दिन कैसा गया, इसपर विचार करें आचार्य चाणक्य अपनी नीति में कहते हैं कि जो व्यक्ति अपने कर्मों का हिसाब रखता है, वो जीवन में कभी असफल नहीं हो सकता। इसलिए रोजाना आपने दिन भर में क्या किया, इसका ब्यौरा आपके पास जरूर होना चाहिए। रात में जब भी सोने जाएं, तो कुछ देर जरूर सोचें कि आपका दिन कैसा रहा। क्या कुछ गलतियां आपने की, उनसे क्या सीखा और दिन को बेहतर बनाने के लिए आप क्या कर सकते थे। ऐसे आप आने वाले दिन की बेहतर प्लानिंग कर पाएंगे। अपने ज्ञान का विस्तार करें सोने से पहले कुछ देर अपना समय किताबों के साथ बिताएं। आधा घंटा या कम से कम बीस मिनट भी मिनट भी, कोई अच्छी किताब पढ़ें। कुछ ऐसा जो आपके ज्ञान में वृद्धि करे। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि ज्ञान सबसे बड़ा धन होता है। ऐसे में अगर सफल और धनवान बनना है तो ज्ञान के विस्तार की ओर ध्यान दें। अगले दिन की योजना बनाएं अगला दिन बेहतर और प्रोडक्टिव हो, इसके लिए पहले से ही प्रॉपर प्लानिंग करना जरूरी है। इसलिए रात में सोने से पहले ही एक मोटा-मोटा खाका अपने मन में तैयार कर लें कि आने वाला दिन आप कैसे बिताने वाले हैं। दिन के कुछ खास एजेंडा सेट करें। खासतौर से सुबह क्या करना है; पहले से ही डिसाइड कर लें। इस तरह आपका अगला दिन प्रोडक्टिव होगा और अपने गोल समय पर अचीव कर पाएंगे। अपने लक्ष्य के बारे में सोचें आजकल जिसे विजुलाइजेशन कहा जाता है, वो आचार्य चाणक्य ने सालों पहले अपनी नीति में बता दिया था। आचार्य कहते हैं कि व्यक्ति का मन हमेशा इसके लक्ष्य पर सधा हुआ होना चाहिए। जिसके आगे अपना लक्ष्य एकदम तय है, वो भविष्य में कभी भटकता नहीं और सफलता भी उसे जरूर मिलती है। इसलिए रात में सोने से पहले कुछ देर अपने लक्ष्य के बारे में सोचें। सोचकर देखें कि आपने अपना लक्ष्य हासिल कर लिया है तो उस वक्त आप कैसा महसूस करेंगे। ये बातें आपको और मेहनत के मोटिवेट करेंगे और आपके ब्रेन को भी सफलता के लिए रिप्रोग्राम करेंगी। सकारात्मक सोच से करें दिन समाप्त रात में सोते हुए कभी भी नेगेटिव विचार अपने मन में ना लाने दें। रात में जब आप कुछ नेगेटिव सोचते हैं, तो चीजें और भी ज्यादा नकारात्मक होने लगती हैं। इसलिए दिन की एंडिंग हमेशा हैप्पी रखें। सोने से पहले कुछ पॉजिटिव सोचें। आपकी लाइफ में जो भी कुछ अच्छा है, उसे याद करें और हर चीज के लिए शुक्रिया की भावना रखें। इस तरह आपको नींद भी अच्छी आएगी और जीवन को ले कर आपका नजरिया भी सकारात्मक होगा।

सोने से पहले किचन से इन चीजों को हटाना क्यों है जरूरी

वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई घर केवल खाना बनाने की जगह नहीं है, बल्कि यह घर की सुख-समृद्धि का मुख्य केंद्र भी है। अक्सर हम दिनभर की थकान के बाद रात को रसोई को वैसे ही छोड़ देते हैं, लेकिन आपकी यह एक छोटी सी लापरवाही घर की बरकत को रोक सकती है। जूठे बर्तन: दरिद्रता का मुख्य कारण रात के समय सिंक में जूठे बर्तन छोड़ना वास्तु में सबसे बड़ा दोष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जूठे बर्तन घर में नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को आकर्षित करते हैं। यह माना जाता है कि रसोई को गंदा छोड़ने से मां लक्ष्मी (Laxmi Ji) रुष्ट हो जाती हैं और घर में आर्थिक तंगी आने लगती है। वैज्ञानिक नजरिए से देखें तो जूठे बर्तनों में बैक्टीरिया पनपते हैं, जो घर के सदस्यों की सेहत बिगाड़ सकते हैं। खाली पानी के बर्तन अक्सर लोग रात को रसोई में रखे बाल्टी या मटके को खाली छोड़ देते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में पानी के बर्तन खाली रखना शुभ नहीं होता। खाली बर्तन जीवन में रिक्तता और तनाव का प्रतीक माने जाते हैं। सोने से पहले कम से कम एक बाल्टी या जग भरकर जरूर रखना चाहिए, ताकि घर में खुशहाली और संपन्नता बनी रहे। बिखरा हुआ सामान और कूड़ा रसोई के स्लैब पर फैला हुआ आटा, मसाले या सब्जियों के छिलके राहु और केतु के दोष को बढ़ाते हैं। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, रात को रसोई की सफाई न करने से व्यक्ति की कुंडली में ग्रह नक्षत्रों की स्थिति कमजोर होने लगती है, जिसका सीधा असर मानसिक शांति और करियर पर पड़ता है। गूंथा हुआ आटा कई घरों में महिलाएं सुबह की जल्दी के चक्कर में रात को ही आटा गूंथकर रख देती हैं। लेकिन, पुराणों और शास्त्रों के अनुसार, गूंथा हुआ आटा एक 'पिंड' के समान माना जाता है। इसे रात भर रखने से घर में नकारात्मक शक्तियां आने लगती हैं और यह स्वास्थ्य के लिहाज से भी हानिकारक है क्योंकि खमीर उठने से इसमें विषैले तत्व पैदा हो सकते हैं।