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नववर्ष 2026 का राशिफल: 12 राशियों के लिए शुभ-अशुभ संकेत, सितारे क्या कह रहे हैं

मेष 1 जनवरी के दिन कुछ लोगों को मनचाहा लाभ होगा। दिन की शुरुआत में आपको मेहनत का पूरा फल मिलेगा। मान-सम्मान बढ़ेगा। दिन के अंत में पैसों के लेन-देन से बचें। शादीशुदा लोगों की जिंदगी में खुशियां रहेंगी। वृषभ 1 जनवरी के दिन की शुरुआत में नौकरी पेशा करने वाले जातकों पर काम का दवाब रहेगा। इस दौरान आपको सफल होने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। मिथुन 1 जनवरी के दिन परिश्रम का पूरा फल मिलेगा। आज के दिन नौकरी पेशा करने वाले जातकों को नए अवसर मिलेंगे। सेहत का खास ख्याल रखने की जरूरत है। आज लग्जरी से जुड़ी चीजों में पैसे खर्च हो सकते हैं। कर्क 1 जनवरी के दिन किसी विशेष काम में आपको सफलता मिल सकती है। आज का दिन शुभ समाचार लेकर आ सकता है। आपके आय के साधन में वृद्धि होगी। व्यापारियों को मन चाहा लाभ होगा। सिंह 1 जनवरी के दिन मन में नकारात्मक विचारों का प्रभाव भी हो सकता है। जिसके कारण आपका आर्थिक बजट बिगड़ सकता है। इस दौरान आप संतान की किसी बात से परेशान रहेंगे। कन्या 1 जनवरी के दिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले जातकों के लिए समय शुभ साबित हो सकता है। आपकी किस्मत चमक सकती है। इस दौरान आपको मनचाही सफलता हासिल होगी। रुके हुए कार्य पूरे होंगे। तुला 1 जनवरी के दिन छात्रों का मन पढ़ाई से थोड़ा हट सकता है। परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद हो सकते हैं। सुख-सुविधा से जुड़ी किसी चीज में पैसे खर्च हो सकते हैं। दिन की शुरुआत में खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। वृश्चिक 1 जनवरी के दिन गुस्से और वाणी पर काबू रखें। हालांकि, दिन खत्म होते-होते आपको मनचाहा लाभ मिल सकता है। किसी काम में लापरवाही करने से बचना चाहिए। नौकरी करने वाले जातकों को गुप्त शत्रुओं से बचना चाहिए। धनु 1 जनवरी के दिन कार्यस्थल पर प्रमोशन मिल सकता है। दिन के मध्य में गुप्त शत्रुओं से बचकर रहने की जरूरत है। इस दौरान आपको कुछ बड़े खर्चों का सामना करना पड़ सकता है। दिन की शुरुआत में कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। मकर 1 जनवरी के दिन समय और धन दोनों को सोच-समझकर खर्च करें। आज के दिन शारीरिक व मानसिक रूप से परेशान हो सकते हैं। नौकरी करने वाले जातकों को नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं। कुंभ 1 जनवरी के दिन किसी विशेष व्यक्ति से मुलाकात हो सकती है। विवाहित जातकों लव लाइफ अच्छी रहेगी। ये दिन कुछ बड़े खर्चे लेकर आ सकता है। जिससे आपका आर्थिक बजट हिल सकता है। मीन 1 जनवरी का दिन आपके लिए मिले-जुले परिणाम लेकर आया है। काम के सिलसिले में ट्रैवल करना पड़ सकता है। दिन की शुरुआत में कुछ चुनौतियों आएंगी, जिनका सामना करना पड़ सकता है। आपको सेल्फ लव पर फोकस करना चाहिए।

1 जनवरी का अचूक टोटका: पति-पत्नी के रिश्ते में बढ़ेगा प्यार और समझदारी

 नया साल केवल कैलेंडर बदलने का दिन नहीं होता बल्कि यह अपने जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मकता और नई शुरुआत को आमंत्रित करने का एक अवसर होता है। अक्सर भागदौड़ भरी जिंदगी और आपसी तालमेल की कमी के कारण वैवाहिक जीवन में दूरियां आने लगती हैं। वास्तु शास्त्र में कुछ ऐसे सरल और अचूक उपाय बताए गए हैं, जिन्हें यदि 1 जनवरी 2026 को अपनाया जाए, तो आपके दांपत्य जीवन में खोया हुआ प्रेम और सुकून वापस लौट सकता है। घर की उत्तर-पूर्व दिशा की सफाई वास्तु में ईशान कोण को देवताओं का स्थान माना गया है। यदि इस दिशा में गंदगी या भारी सामान होता है, तो घर में तनाव बढ़ता है। 1 जनवरी की सुबह सबसे पहले इस कोने को साफ करें। यहाँ गंगाजल छिड़कें और एक तांबे के पात्र में जल भरकर रखें। इससे मानसिक शांति आती है और पति-पत्नी के बीच वैचारिक मतभेद कम होते हैं। बेडरूम से हटाएं ये चीजें बेडरूम वह स्थान है जहां आप अपने जीवनसाथी के साथ सबसे अधिक समय बिताते हैं। यहां की ऊर्जा आपके रिश्तों पर सीधा असर डालती है। टूटे हुए कांच, बंद घड़ियां, कैंची या कांटेदार पौधे। अगर आपके बिस्तर के सामने आईना लगा है, तो उसे हटा दें या रात को ढक दें। सोते समय अपना चेहरा आईने में देखना रिश्तों में अविश्वास पैदा करता है। सेंधा नमक का जादुई उपाय नमक नकारात्मक ऊर्जा को सोखने का सबसे उत्तम साधन है। 1 जनवरी को घर के पोंछे के पानी में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाएं। इसके अलावा, एक छोटी कांच की कटोरी में सेंधा नमक भरकर बेडरूम के एक कोने में रख दें। यह नमक आपसी झगड़ों और नकारात्मकता को सोख लेगा। हर 15 दिन में इस नमक को बदलते रहें। दिशा और रंगों का चुनाव दांपत्य जीवन में मधुरता लाने के लिए रंगों का बहुत महत्व है। बेडरूम की दीवारों पर हल्के रंगों जैसे गुलाबी, हल्का पीला या क्रीम का प्रयोग करें। लाल रंग ऊर्जा का प्रतीक है लेकिन इसकी अधिकता विवाद बढ़ा सकती है। नए साल के पहले दिन अपने बिस्तर पर गुलाबी या सफेद रंग की नई चादर बिछाएं। यह प्रेम और शांति का प्रतीक है। खुशबू और रोशनी का प्रभाव रुखी और फीकी रोशनी मन में चिड़चिड़ापन पैदा करती है। नए साल की शाम को दक्षिण-पश्चिम कोने में एक घी का दीपक जलाएं। घर में मोगरा, गुलाब या लैवेंडर की सुगंध वाली अगरबत्ती या डिफ्यूज़र का उपयोग करें। मधुर सुगंध मन को शांत करती है और रोमांस बढ़ाती है।

न्यू ईयर की पहली सुबह क्या करें? ये शुभ काम दूर करेंगे गरीबी और बढ़ाएंगे धन-धान्य

साल 2025 का आगाज़ होने वाला है. हर कोई चाहता है कि आने वाला साल उसके और उसके परिवार के लिए खुशियों की सौगात लेकर आए. ज्योतिष शास्त्र और पुरानी मान्यताओं के अनुसार, साल के पहले दिन की शुरुआत अगर सही ढंग से और कुछ विशेष शुभ कार्यों के साथ की जाए, तो पूरे 12 महीने मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और जीवन से दरिद्रता का नाश होता है. अगर आप भी चाहते हैं कि इस साल आपकी तिजोरी कभी खाली न रहे, तो नए साल की सुबह इन शुभ कार्यों को करना न भूलें. नए साल की पहली सुबह करें ये शुभ काम! ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान और सूर्य अर्घ्य शास्त्रों में ब्रह्म मुहूर्त को सबसे शुभ माना गया है. नए साल के पहले दिन सूर्योदय से पहले उठें और स्नान के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर स्नान करें. इसके बाद उगते हुए सूर्य को तांबे के लोटे से अर्घ्य दें. सूर्य देव को जल अर्पित करने से मान-सम्मान में वृद्धि होती है और स्वास्थ्य उत्तम रहता है. घर के मुख्य द्वार पर बनाएं स्वास्तिक घर का मुख्य द्वार वह स्थान है जहां से लक्ष्मी का आगमन होता है. साल की पहली सुबह अपने मुख्य द्वार की सफाई करें और हल्दी या सिंदूर से स्वास्तिक का चिह्न बनाएं. इसके साथ ही आम के पत्तों का तोरण लगाना भी अत्यंत शुभ माना जाता है. इससे नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती. तुलसी पूजन और दीपक दान तुलसी के पौधे में साक्षात मां लक्ष्मी का वास माना जाता है. नए साल की सुबह तुलसी को जल अर्पित करें और शाम के समय घी का दीपक जलाएं. ध्यान रखें कि रविवार या एकादशी न हो तुलसी की पूजा करने से घर के कलह क्लेश दूर होते हैं और सुख-समृद्धि आती है. दान-पुण्य से करें शुरुआत गरीबी दूर करने का सबसे बड़ा मंत्र दान है. साल के पहले दिन अपनी सामर्थ्य के अनुसार किसी जरूरतमंद को अनाज, गर्म कपड़े या तिल का दान करें. पंछियों को दाना डालना और गाय को हरा चारा खिलाना भी सोए हुए भाग्य को जगाने का काम करता है. मंदिर जाकर लगाएं हाजिरी अपने दिन की शुरुआत अपने इष्ट देव के दर्शन से करें. चाहे वह घर का मंदिर हो या बाहर का देवालय, भगवान के चरणों में माथा टेककर नए साल के लिए मंगल कामना करें. यदि संभव हो तो श्री सूक्त या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें, यह धन प्राप्ति के लिए अचूक माना गया है. इन बातों का भी रखें खास ख्याल कलह से बचें: साल के पहले दिन घर में किसी भी तरह का झगड़ा या वाद-विवाद न करें. खुशहाल माहौल लक्ष्मी को आकर्षित करता है. उधार न लें, न दें: कोशिश करें कि साल के पहले दिन न तो किसी से पैसा उधार लें और न ही किसी को उधार दें. मान्यता है कि जैसा हमारा साल का पहला दिन बीतता है, वैसा ही असर पूरे साल पर रहता है. इसलिए सकारात्मक रहें, बड़ों का आशीर्वाद लें और शुभ संकल्पों के साथ नए साल का स्वागत करें.

मकर संक्रांति 2025: सूर्य दोष-पितृ दोष से परेशान हैं? इन उपायों से बदल सकती है किस्मत

मकर संक्रांति हिंदू धर्म का बड़ा ही पावन और शुभ पर्व माना जाता है. हिंदू धर्म शास्त्रों के अनुसार, जब भी भगवान सूर्य किसी राशि में प्रवेश करते हैं, तो उस राशि के नाम से संक्रांति का पर्व मनाया जाता है. मकर राशि में जब सूर्य देव का प्रवेश होता है, तब मकर संक्रांति मनाई जाती है. इसे देश भर में अलग-अलग नामों से जाना जाता है. मकर संक्रांति का पर्व उत्तर दिशा की ओर सूर्य की यात्रा की शुरुआत करता है. ये पर्व हर साल 14 या 15 जनवरी को मनाया जाता है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान किया जाता है. सूर्य देव की पूजा-उपासना की जाती है. फिर क्षमतानुसार दान कियाा जाता है. इस दिन खिचड़ी खाने की परंपरा भी है. मकर संक्रांति के पर्व पर पतंग भी उड़ाई जाती है. इस दिन सूर्य दोष और पितृ दोष को शांत करने के लिए भी कुछ विशेष काम किए जाते हैं. मकर संक्रांति साल 2026 में कब है? साल 2026 में सूर्य देव 14 जनवरी को दोपहर 03 बजकर 13 मिनट पर धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे. इसलिए नए साल में 14 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाएगा. इस दिन स्नान-दान का शुभ समय 03 बजकर 13 मिनट से शाम को 05 बजकर 45 मिनट तक रहने वाला है. मकर संक्रांति पर करें ये काम दूर होगा सूर्य दोष     मकर संक्रांति पर सूर्य दोष शांत करने के लिए सुबह जल्दी उठकर स्नान करें.     इसके बाद सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से सूर्य देव को अर्घ्य दें.     सूर्य को अर्घ्य देते समय जल में थोड़ा गुड़ और लाल चंदन जरूर मिलाएं.     ॐ ह्रां ह्रीं ह्रौं सः सूर्याय नमः मंत्र का जाप करें. मकर संक्रांति पर करें ये काम दूर होगा पृत दोष     मकर संक्रांति के दिन पितृ दोष शांत करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करें.     इसके बाद सूर्य देव को तांबे के लोटे में जल, तिल और लाल फूल डालकर अर्घ्य दें.     फिर पितरों का स्मरण करते हुए तिल, गुड़, चावल और वस्त्र का दान करें.     साथ ही गाय, कुत्ते या कौवों को भोजन कराना चाहिए. पितरों के नाम से तिल-तर्पण करें.     ॐ पितृदेवाय नमः का जाप करें.     शाम को दीपदान करें.  

बिना ज्यादा मेहनत के धन की ओर कदम: रोजमर्रा की 5 आदतें जो चुपके से बनाती हैं अमीर

किसी व्यक्ति को अमीर या गरीब उसकी जेब में रखा पैसा नहीं बल्कि उसकी आदतें बनाती हैं। अगर आपको भी लगता है कि रोज एक ही तरह से एक जैसा काम करके आप कुछ सालों में एक अमीर व्यक्ति बन सकते हैं तो आप गलत हैं। दरअसल, व्यक्ति अमीर बनेगा या गरीब रहेगा, यह उसकी जेब का पैसा नहीं बल्कि उसकी रोजमर्रा की आदतें निर्धारित करती हैं। बता दें, धन कमाना केवल मेहनत और निवेश का खेल नहीं है, बल्कि कुछ छोटी-छोटी आदतें भी आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर सकती हैं। आइए जानते हैं वो कौन सी 5 छोटी-छोटी आदतें हैं जो आपके अमीर बनने के लक्ष्य को पूरा करते हुए आपको एक सफल व्यक्ति बनने में मदद करती हैं। नियमित रूप से बचत करना हर महीने अपनी आय का एक छोटा सा हिस्सा, जैसे 10 से 20 प्रतिशत, बचाने की आदत डालें। इसे ऑटोमेटिक करें, जैसे SIP (सिस्टमेटिक इन्वेस्टमेंट प्लान) या बचत खाते में ऑटो-डेबिट सेट करें। छोटी राशि भी समय के साथ चक्रवृद्धि ब्याज के कारण बढ़ती है। बजट बनाना और उसका पालन करना हर महीने एक बजट बनाएं और अपनी जरूरतों और चाहतों को अलग करें। 50-30-20 का नियम अपनाएं- 50 प्रतिशत जरूरतों पर, 30 प्रतिशत इच्छाओं पर, और 20 प्रतिशत बचत या निवेश पर। इससे अनावश्यक खर्च रुकता है। स्मार्ट निवेश की आदत पैसा सिर्फ बचाने से नहीं, बल्कि उसे सही जगह निवेश करने से बढ़ता है। म्यूचुअल फंड्स, स्टॉक्स, या रियल एस्टेट में छोटे-छोटे निवेश शुरू करें। नियमित निवेश की आदत बनाएं, भले ही राशि छोटी हो। अनावश्यक खर्चों को करने से बचें छोटे-छोटे खर्चों, जैसे रोज बाहर का खाना या बिना जरूरत की शॉपिंग, पर नजर रखें। ऐसे खर्चे महीने के खत्म होते-होते आपकी जेब खाली कर सकते हैं। लगातार सीखना और स्किल्स बढ़ाना नई स्किल्स सीखने या मौजूदा स्किल्स को अपग्रेड करने की आदत डालें। ऑनलाइन कोर्स, वर्कशॉप्स या किताबें पढ़ें। बेहतर स्किल्स से आपकी कमाई की क्षमता बढ़ती है।

कहीं आपकी किचन का डस्टबिन तो नहीं बुला रहा नकारात्मक ऊर्जा? जरूर पढ़ें

सहूलियत के लिए कुछ लोग किचन में कूड़ेदान रखते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र में इसके लिए कुछ नियम बताए गए हैं, जिनका ध्यान रखना जरूरी है। वरना किचन और घर में नेगेटिव एनर्जी बढ़ने लगती है, जो आपके लिए कई तरह की तरह की समस्याएं खड़ी कर सकती है। चलिए जानते हैं इस बारे में। किचन में डस्टबिन रखें या नहीं वास्तु की दृष्टि से घर की रसोई में कूड़ेदान रखना बिल्कुल भी सही नहीं माना जाता। ऐसा करने से घर में नेगेटिव एनर्जी को बढ़ावा मिलता है और जीवन में कई तरह की समस्याएं बढ़ सकती हैं। साथ ही यह भी मान्यता है कि इससे आपको मां अन्नपूर्णा की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। कहां रखें कूड़ेदान डस्टबिन को रखने के लिए वास्तु शास्त्र में घर की दक्षिण या फिर दक्षिण-पश्चिम (नैऋत्य) के बीच के कोने या स्थान को उचित माना गया है। दक्षिण सबसे उत्तम दिशा है. क्योंकि इस दिशा से नकारात्मक ऊर्जा घर से बाहर निकलती है, इसलिए इस दिशा में डस्टबिन रखना सही होगा। ये गलती पड़ सकती है भारी भूल से भी कभी घर की उत्तर दिशा में डस्टबिन नहीं रखना चाहिए। वास्तु में माना गया है कि अगर आप इस दिशा में कूड़ेदान को रखते हैं, तो इससे आपको दरिद्रता, लड़ाई-झगड़े और नकारात्मक ऊर्जा आदि का सामना करना पड़ सकता है। इसके साथ ही कभी भी मंदिर के नीचे डस्टबिन नहीं रखना चाहिए, वरना इससे मां लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं। जरूर रखें इन बातों का ध्यान घर में रखने के लिए ऐसे डस्टबिन का चुनाव करें, जो ढका हुआ हो। इसे नियमित रूप से खाली करें और साफ रखें, ताकि नकारात्मक ऊर्जा न बढ़े। इन सभी बातों का ध्यान रखने पर आप नेगेटिविटी से बचे रहते हैं।  

31 दिसंबर 2026 राशिफल: सभी 12 राशियों के लिए सितारों का क्या है संदेश?

मेष 31 दिसंबर के दिन प्रमोशन या नौकरी में उन्नति के योग बन रहे हैं। चीजों को रोमांचक बनाने और अपने रिश्तों में रोमांस बढ़ाने का एक अच्छा अवसर है। कुछ क्रिएटिव करें। अगर आप सिंगल हैं तो आप स्टाइलिश लोगों की ओर आकर्षित हो सकते हैं। वृषभ 31 दिसंबर के दिन किसी भी स्वास्थ्य समस्या पर पहले से ही गौर फरमाएं ताकि हेल्थ के बिगड़ने के रिस्क से बचा जा सके। इस समय का उपयोग परिश्रम और कमिटमेंट के साथ कार्यों को निपटाने में भी करें। मिथुन 31 दिसंबर के दिन जीवन में संतुलन बनाए रखने का प्रयास करें। उन संकेतों पर ध्यान दें, जो आपका शरीर आपको देता है। ऑफिस में आपको बढ़ी हुई उत्पादकता के साथ-साथ जवाब देने की भी प्रबल इच्छा महसूस होगी। कर्क 31 दिसंबर के दिन आपको अपने पार्टनर के साथ डीप लेवल पर बात करने और इंटीमेसी बढ़ाने की आवश्यकता महसूस होगी। बदलाव के लिए खुले रहें, जो आपके करियर को महत्वपूर्ण अवसर दिला सकता है। सिंह 31 दिसंबर के दिन इंकम कमाने और खर्च के प्रति अपने दृष्टिकोण पर फिर से विचार करें और बदलें। वित्तीय विकल्प चुनने के लिए सावधानी से सोच-विचार करने की आवश्यकता होती है। अगर आवश्यक न हो तो आज इससे बचना चाहिए। कन्या 31 दिसंबर के दिन आपको मुद्दों को सॉल्व करना चाहिए। ऐसे मौके भी आ सकते हैं, जब आप अपने रोमांटिक रिलेशन में पार्टनर की लॉयल्टी पर सवाल उठा सकते हैं। अपने रिलेशन में प्रॉब्लम्स को सॉल्व करें। तुला 31 दिसंबर के दिन अपने करियर के उद्देश्यों के बारे में अपने जीवनसाथी के साथ ट्रांसपेरेंट रहें। भविष्य के लिए अपनी योजनाओं को उनके साथ शेयर करें। अपने शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक जरूरतों के प्रति सचेत रहें। वृश्चिक 31 दिसंबर के दिन पर्सनल यूज के लिए अपने पैसों को मैनेज करते समय सतर्क और डिसप्लिन वाला दृष्टिकोण अपनाएं। अपने खर्च करने के तरीके और प्राथमिकताओं पर सख्ती से विचार करें। अपने बजट की जांच करें। धनु 31 दिसंबर के दिन जानें कि अपने पर्सनल और प्रोफेशनल जीवन को कैसे मैनेज करना चाहिए। जैसे-जैसे आप अपना अनुभव और ज्ञान बढ़ाते हैं, आपके पास अपने क्षेत्र में आगे बढ़ने के मौके होंगे। मकर 31 दिसंबर के दिन जल्दबाजी में खर्च करने के बजाय, एक हेल्दी लॉंग टर्म वित्तीय आदत बनाने पर ध्यान केंद्रित करें। आप सुर्खियों में रह सकते हैं, क्योंकि कई लोग आपकी पेशेवर उपलब्धियों पर ध्यान देंगे। कुंभ 31 दिसंबर के दिन यह देखने कि कहां लगाम लगाने की आवश्यकता है, एक लॉन्ग टर्म वित्तीय योजना बनाने में समय स्पेन्ड करें। पता लगाएं कि आप अपने रिश्ते में क्या चाहते हैं। कॉन्फिडेंस के साथ अवसरों का लाभ उठाने के लिए तैयार रहें। मीन 31 दिसंबर के दिन आप धन के प्रवाह में वृद्धि का अनुभव कर सकते हैं, जिससे वित्तीय स्टेबिलिटी आएगी। अपने व्यवसाय में निवेश करने के लिए स्मार्ट डीसीजन लें। यही वह समय है जब आपको अपने पारिवारिक संबंधों पर ध्यान देना चाहिए।

2026 में धन-समृद्धि का योग: साल के पहले दिन महिलाओं के लिए खास काम, बरसेगी लक्ष्मी कृपा

साल 2026 की शुरुआत होने में अब बहुत ज्यादा समय नहीं बचा है. नए साल से हर कोई ये आशा रखता है कि नया साल उसके जीवन में नई उम्मीदें और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आए. नए साल के पहले दिन पूजा-पाठ का विधान है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, नए साल की शुरुआत पूजा-पाठ से की जाती है, तो मां लक्ष्मी का विशेष आशीर्वाद घर पर बना रहता है. नए साल पर पूजा-पाठ के साथ-साथ कुछ विशेष कामों को करने के लिए भी कहा जाता है. हिंदू मान्यता है कि अगर घर की महिलाएं नए साल के पहले दिन ये विशेष काम कर लें तो घर में मां लक्ष्मी की कृपा से पूरे साल बरकत बनी रहती है. ऐसे में आइए जानते हैं नए साल के पहले दिन किए जाने वाले इन विशेष कामों के बारे में. नए साल के पहले दिन महिलाएं करें ये काम ब्रह्म मुहूर्त स्नान करें और सूर्यदेव को जल चढ़ाएं साल 2026 के पहले दिन महिलाए ब्रह्म मुहूर्त में उठें और स्नान करें. अगर संभव हो सके तो पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करें. स्नान के बाद साफ वस्त्र धारण करें और भगवान सूर्य को अर्घ्य दें. कहा जाता है ऐसा करने से सकारात्मक उर्जा मिलती है और साल भर सौभाग्य बना रहता है. तुलसी की पूजा करें नए साल के पहले दिन तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें. पौधे में लाल रंग का कलावा अवश्य बांधें. शाम के समय तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाएं. भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप करें. इससे माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन की कमी नहीं होती. बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें नए साल के पहले दिन पूजा के बाद घर के बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लें उनके चरण छुएं और उनसे कहें कि उन्हें आप हमेशा खुश रखेंगे. माना जाता है कि जिस घर के बुजुर्ग खुश रहते हैं, वहां समृद्धि हमेशा बनी रहती है. गाय को रोटी खिलाएं नए साल के पहले दिन महिलाएं गाय को ताजी रोटी खिलाएं. गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, धन, कंबल या उपयोगी वस्तुओं का दान करें.

घोड़े की नाल का चमत्कार: कैसे पहनने से बदल सकती है आपकी किस्मत

ज्योतिष शास्त्र और हस्तरेखा विज्ञान में काले घोड़े की नाल का छल्ला पहनना बहुत ुभ माना जाता है। इसे शनि देव की कृपा प्राप्त करने और जीवन की बाधाओं को दूर करने का एक अचूक उपाय माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार, लोहा शनि देव की धातु है। काले घोड़े के पैरों में लगने वाली नाल जब घिसकर पुरानी हो जाती है, तो उसमें घोड़े के वेग और पृथ्वी की ऊर्जा का समावेश हो जाता है। ऐसी नाल से बना छल्ला धारण करने से शनि के दोषों का शमन होता है। शनि दोष और साढ़ेसाती से मुक्ति जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या शनि की महादशा चल रही हो, उनके लिए यह छल्ला किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है। यह शनि के नकारात्मक प्रभावों को कम कर जीवन में स्थिरता लाता है। नकारात्मक ऊर्जा और बुरी नजर से बचाव यह छल्ला पहनने वाले के चारों ओर एक सुरक्षा घेरा बनाता है। इसे धारण करने से ऊपरी बाधाएं, बुरी नजर और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव खत्म हो जाता है। मानसिक शांति और एकाग्रता यदि आप मानसिक तनाव, अनिद्रा या घबराहट महसूस करते हैं, तो यह छल्ला आपको मानसिक शांति प्रदान करता है। यह एकाग्रता बढ़ाने में भी मदद करता है, जो छात्रों के लिए फायदेमंद है। आर्थिक उन्नति और सफलता व्यवसाय में घाटा हो रहा हो या मेहनत का फल न मिल रहा हो, तो यह छल्ला भाग्य के द्वार खोलता है। यह धन संचय में मदद करता है और करियर में आने वाली बाधाओं को दूर करता है। स्वास्थ्य लाभ माना जाता है कि लोहे का यह छल्ला रक्त संचार को ठीक रखने और शरीर में आयरन की कमी को प्रतीकात्मक रूप से संतुलित करने में सहायक होता है। यह जोड़ों के दर्द और आलस्य को दूर करने में भी मदद करता है।

पौष पुत्रदा एकादशी 2025: भूलकर भी न करें इन वस्तुओं का दान, वरना बढ़ सकती हैं परेशानियां

सनातन धर्म में एकादशी की तिथि बहुत विशेष मानी गई है. ये तिथि जगत के पालनहार भगवान श्री हरि विष्णु को समर्पित है. एकादशी पर भगवान विष्णु का विशेष पूजन और व्रत करने का विधान है. हर माह में दो एकादशी व्रत पड़ते हैं. एक कृष्ण और दूसरा व्रत शुक्ल पक्ष की एकादशी को पड़ता है. पौष मास की शुक्ल पक्ष में पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत पड़ता है. इसके नाम से साफ है कि ये व्रत संतान के जीवन में खुशहाली और प्रगति के लिए रखा जाता है. पौष पुत्रदा एकादशी का व्रत रखने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है. घर में धन और वैभव बना रहता है. हालांकि शास्त्रों के अनुसार, इस शुभ तिथि पर कुछ चीजों का दान करना वर्जित माना गया है. मान्यता है कि पौष पुत्रदा एकादशी पर इन चीजों का दान करने से घर की सुख-शांति चली जाती है. कल है पौष पुत्रदा एकादशी द्रिक पंचांग के अनुसार, पौष मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि की शुरुआत कल 30 दिसंबर को सुबह 7 बजकर 50 मिनट पर हो रही है. इस एकादशी तिथि का समापन 31 दिसंबर को सुबह 05 बजे होगा. ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, पौष पुत्रदा एकादशी व्रत इस साल 30 दिसंबर यानी कल रखा जाएगा. पौष पुत्रदा एकादशी पर न करें इन चीजों का दान     पोष पुत्रदा एकादशी पर तेल का दान न करें. इस दिन तेल का दान शुभ नहीं माना गया है. मान्यताओं के अनुसार, इस दिन तेल का दान करने से संतान के जीवन में दुख और आर्थिक समस्याएं बढ़ती हैं.     इस दिन तिल का दान अशुभ माना जाता है. तिल का संबंध पितृ कर्म से बताया जाता है, इसलिए पोष पुत्रदा एकादशी पर तिल का दान करने से व्रत का फल कम हो जाता है.     हिंदू धर्म शास्त्रों में एकादशी के दिन चावल का दान या सेवन वर्जित माना गया है. ऐसा करने से व्रत में बाधा आती है.     पौष पुत्रदा एकादशी पर नमक का दान न करें. इस दिन इसका सेवन भी न करें. ऐसा करने से जीवन में अनावश्यक समस्याएं आती हैं.     जूते, बेल्ट या अन्य चमड़े की चीजों का दान इस दिन न करें. ऐसा करने से नकारात्मक उर्जा बढ़ती है.     काले कपड़े या कंबल का दान एकादशी पर न करें.