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मन को काबू में कैसे रखें? नित्यानंद चरण दास ने दिया खास संदेश

जीवन में हर इंसान मुश्किल हालातों से गुजरता है। कोई वही परिस्थिति देखकर टूट जाता है, तो कोई उसी स्थिति में आगे बढ़ने का रास्ता खोज लेता है। फर्क हालात में नहीं, बल्कि मन की स्थिति में होता है। नित्यानंद चरण दास के अनुसार, 'जीवन पहले नहीं बदलता, मन बदलता है। और जब मन बदलता है, तो जीवन अपने आप बदलने लगता है।' भगवद गीता में भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं – ‘मनुष्य को चाहिए कि वह अपने मन के द्वारा स्वयं का उद्धार करे और स्वयं का पतन ना करे। क्योंकि मन ही मनुष्य का मित्र है और मन ही उसका शत्रु।’ यह श्लोक हमें सिखाता है कि हमारा सबसे बड़ा सहारा और सबसे बड़ी चुनौती- दोनों हमारा मन ही है। नित्यानंद चरण दास बताते हैं कि एक ही परिस्थिति दो लोगों के लिए बिल्कुल अलग परिणाम दे सकती है। इसका कारण है- मन का नजरिया।     जब मन कमजोर होता है, तब हर स्थिति समस्या लगती है।     जब मन संतुलित होता है, वही स्थिति चुनौती बन जाती है। कमजोर मन की पहचान जब मन कमजोर होता है, तो व्यक्ति छोटी-छोटी बातों से घबरा जाता है। नकारात्मक सोच हावी रहती है। डर, असुरक्षा और तुलना मन को नियंत्रित करने लगती है। ऐसे में व्यक्ति हालात को दोष देता है- कभी लोगों को, कभी किस्मत को और कभी भगवान को। कमजोर मन समाधान नहीं, सिर्फ शिकायत खोजता है। संतुलित मन की ताकत संतुलित मन हालात से भागता नहीं, बल्कि उन्हें समझता है। ऐसा मन जानता है कि हर चुनौती कुछ सिखाने आई है। नित्यानंद चरण दास के अनुसार, संतुलित मन वाला व्यक्ति यह नहीं पूछता कि 'मेरे साथ ही ऐसा क्यों?', बल्कि यह पूछता है कि 'इससे मुझे क्या सीख मिल सकती है?' यही सोच व्यक्ति को भीतर से मजबूत बनाती है। मन को कैसे बनाएं अपना मित्र?     आत्मनिरीक्षण करें: अपने विचारों को रोज देखें, परखें और सुधारें।     शास्त्रों का अध्ययन: गीता जैसे ग्रंथ मन को दिशा देते हैं।     सकारात्मक संगति: जैसा संग होगा, वैसा ही मन बनेगा।     ध्यान और प्रार्थना: ये मन को शांत और स्थिर बनाते हैं।     स्वीकार करना सीखें: हर चीज आपके नियंत्रण में नहीं होती, यह स्वीकार करना भी शक्ति है। जीवन मंत्र: जीवन की परिस्थितियां अक्सर हमारे बस में नहीं होतीं, लेकिन उन पर हमारी प्रतिक्रिया पूरी तरह हमारे हाथ में होती है। अगर मन कमजोर है, तो जीवन बोझ बन जाता है। और अगर मन संतुलित है, तो वही जीवन साधना बन जाता है। इसलिए जैसा नित्यानंद चरण दास कहते हैं- पहले मन को समझिए, जीवन अपने आप समझ में आने लगेगा।

भाग्य को दूर कर सकती हैं ये बुरी आदतें, समय रहते सुधार लें ये गलतियां

वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार, हमारे कुछ कार्य हमारे भाग्य को प्रभावित कर सकते हैं। कुछ छोटे-छोटे काम जो हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं, वे धीरे-धीरे घर में दरिद्रता और तनाव को बढ़ा देते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि हम इन कामों की पहनान कर इनसे दूरी बना लें। ताकि जीवन सुख और शांति के साथ बीते। करें इस आदत में सुधार कई लोगों की यह आदत होती है कि वह रात के समय सिंक में जूठे बर्तन छोड़ देते हैं। लेकिन वास्तु की दृष्टि से ऐसा करना बिल्कुल भी ठीक नहीं माना गया। ऐसा करने से मां लक्ष्मी आपके रुष्ट हो सकती हैं, जिससे आपको धन संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए अपनी इस आदत में जल्द-से-जल्द सुधार कर लें, ताकि आपके परिवार पर धन की बरकत बनी रहे। मुख्य द्वार से जुड़े नियम कई लोग घर के मेन गेट के सामने कूड़ादान या फिर जूते-चप्पल का रैक रख देते हैं। वास्तु के अनुसार, मुख्य द्वार से ही धन की देवी लक्ष्मी और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है। ऐसे में यह जरूरी है कि आप मुख्य द्वार की साफ-सफाई का ध्यान रखें। अगर यहां गंदगी है, तो इससे आपका सौभाग्य, दुर्भाग्य में बदल सकता है। सौभाग्य को आकर्षित करने के लिए आप रोजाना शाम के समय मुख्य द्वार के पास दीपक भी जला सकते हैं। ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी अगर आपके घर में टूटा हुआ शीशा या बंद घड़ी मौजूद है, तो यह भी आपकी प्रगति में रुकावट का काम करती है। इसलिए बंद घड़ी को तुरंत ठीक कराएं या हटा दें और टूटे हुए कांच को घर से बाहर कर दें। वहीं अगर आप तुलसी के पौधे के पास झाड़ू, कूड़ेदान या जूते-चप्पल रखते हैं, तो इससे भी आपको मां लक्ष्मी की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। भूल से भी न करें ये काम हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार संध्या काल में लक्ष्मी जी का आगमन होता है। ऐसे में अगर आप इस समय घर में झाड़ू-पोछा करते हैं, तो इससे घर की बरकत बाहर चली जाती है। साथ ही बिस्तर पर खाना खाने की गलती भी नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से राहु दोष बढ़ता है, जिससे व्यक्ति को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।  

आज का राशिफल 12 मार्च 2026: किन राशियों के लिए शुभ दिन, किसे बरतनी होगी सावधानी

मेष राशि मेष राशि वालों के लिए समय अभी खास है, आपको इस समय किसी भी तरह का गुस्सा नहीं करना है। इस समय आपको नौकरी के कारण विदेश यात्रा भी करनी पड़ सकती है या फिर नौकरी में बदलाव के साथ परिवार से दूर किसी दूसरे स्थान पर जा सकते हैं। खर्चों में वृद्धि भी संभव है। वृषभ राशि वृषभ रासि वालों के लिए शैक्षिक और बौद्धिक कार्यों में आपका मन लगेगा। इस समय वृषभ राशि के लोगों को अपना काम ईमानदारी और आत्मविश्वास से करना होगा। आपकी इनकम भी इस समय बढञ सकती है। कारोबार में भागदौड़ अधिक रहेगी। लाभ के मौके भी आपके पास आ सकते हैं। मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए आपके पास कई ऐसे मौके आ रहे हैं, जब आपकी जिम्मेदारियां प्रोफेशनल लाइफ में बढ़ सकती हैं। इस समय आपको अपने इमोशंस को भी काबू में रखना है। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा, परंतु संयत रहें। कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में दिक्कतों वाला समय रहेगा, धन हानि के संकेत हैं। इस समय कोशिश करें कि किसी भी तरह के निवेश करने से बचें। अगर आपकी फैमिली में तू-तू,मैं-मैं की स्थिति है, तो जुबान पर कंट्रोल रखें। सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए अच्छा समय रहेगा। आपको इस समय बिजनेस और हेल्थ दोनों पर ध्यान देना चाहिए। फैसले सोच समझकर लें। हेल्थ भी थोड़ी दिक्कत दे सकती है। लवलाइफ अच्छी रहेगी। संतान की तरफ से अच्छी खबर मिल सकती है। कन्या राशि कन्या राशि के लोगों को पर्सनल लाइफ में इस समय दिक्कतें आ सकती हैं। आपको बीपी के लिए खास ध्यान देना चाहिए। बीपी लो और हाई हो सकता है।लेकिन घबराएं नहीं, तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। बिजनेस आज ठीकठाक रहेगा। तुला राशि तुला राशि वालों के लिए मेंटली स्थिति परेशान करने वाली हो सकती है। आप बहुत लो फील करेंगे। हेल्थ आपकी मीडियम रहेगी। बिजनेस भी आपका मीडियम दिख रहा है। कुल मिलाकर आपको आज आराम करना चाहिए। धनु राशि धनु राशि के लोगों को खास तौर पर ध्यान देना है और आपके लिए यह समय पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ दोनों में खास रहेगा। आपको हर तरह से सपोर्ट दिखाना है, अपने पार्टनर को लेकर। पर्सनल लाइफ आपकी अच्छी है। वृश्चिक राशि वृश्चिक वालों के लिए समय अभी अनुकूल है। आपको खास तौर पर पार्टनर की हेल्थ पर ध्यान देना है। नोकरी में भी समस्याएं आ सकती है। प्रेम-संतान लगभग ठीक रहेगा। मकर राशि खर्च की अधिकता के कारण आप परेशान हो सकते हैं, लेकिन इसका बहुत अधिक असर आपकी लाइफ परनहीं होगा। घर में लाइफ पार्टनर से लड़ाई के संकेत हैं। हेल्थ, लव और बिजनेस आपके लिए सही है। कुंभ राशि कुंभ राशि के लोगों की इनकम में बहुत अधिक वृद्धि होगी। आपका मन इस समय परेशानी दे सकता है। लो फील करेंगे। स्वास्थ्य ठीक है। लवलाइफ और व्यापार अच्छा है। पिता के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। मीन राशि मीन राशि : मीन राशि के लोगों के लिए परिस्थितियां प्रतिकूल होने वाली हैं। आपको अपनी हेल्थ पर ध्यान देना होगा। आपकी लवलाइफ भी आज लगभग ठीक है। कुल मिलाकर आपको इस समय हेल्थ और पर्सनल लाइफ पर खास ध्यान देना है।

पापों से मुक्ति दिलाने वाली पापमोचनी एकादशी: जानें 15 मार्च के व्रत की पूजा विधि और महत्व

हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है. हर महीने में दो एकादशी पड़ती हैं और इन दिनों भगवान विष्णु की पूजा और व्रत रखने का विशेष फल बताया गया है. माना जाता है कि एकादशी का व्रत रखने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और व्यक्ति को सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. पंचांग के अनुसार, साल 2026 में 15 मार्च को पापमोचनी एकादशी का व्रत रखा जाएगा. यह एकादशी विशेष रूप से पापों से मुक्ति दिलाने वाली मानी जाती है. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान श्रीहरि की पूजा करने और व्रत रखने से व्यक्ति के जाने-अनजाने पापों का नाश होता है और जीवन में सकारात्मकता आती है. ऐसे करें भगवान श्रीहरि की पूजा पापमोचनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है. पूजा करते समय इन बातों का ध्यान रखें. सबसे पहले घर के मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें. फिर भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाकर उन्हें पीले फूल, तुलसी दल और फल अर्पित करें. इस दिन भगवान विष्णु को पंचामृत या दूध से अभिषेक करना भी शुभ माना जाता है. ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें फिर विष्णु सहस्रनाम या श्रीहरि की आरती का पाठ करें. दिनभर व्रत रखकर भगवान का ध्यान करें और जरूरतमंद लोगों को दान दें. व्रत के दिन इन बातों का रखें ध्यान पापमोचनी एकादशी के दिन कुछ नियमों का पालन करना भी जरूरी माना जाता है.     इस दिन सात्विक भोजन करें या फलाहार करें.     क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से दूर रहें.     लहसुन, प्याज और तामसिक भोजन का सेवन न करें.     जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करें. पापमोचनी एकादशी का महत्व धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पापमोचनी एकादशी का व्रत करने से व्यक्ति के जाने-अनजाने में किए गए सभी पाप मिट जाते हैं. पौराणिक कथाओं में कहा गया है कि इस व्रत के प्रभाव से ब्रह्महत्या जैसे घोर पापों से भी मुक्ति मिल सकती है. जो भक्त पूरी श्रद्धा के साथ भगवान विष्णु की पूजा करते हैं, उन्हें मानसिक शांति और अंत में मोक्ष की प्राप्ति होती है.

वास्तु के अनुसार रामा vs श्यामा तुलसी: घर के लिए कौन सी है सबसे लाभकारी?

घर के आंगन में तुलसी का एक पौधा होना हमारी संस्कृति का सबसे सुंदर हिस्सा है। हम सब जानते हैं कि तुलसी शुभ होती है, लेकिन अक्सर लोग इस उलझन में रहते हैं कि घर के लिए रामा या श्यामा में से कौन सी तुलसी बेहतर है? साथ ही, इस बात से कई लोग अंजान रहते हैं कि क्या इन दोनों को एक साथ लगा सकते हैं? और इनका वास्तु से क्या लेना-देना है? रामा और श्यामा तुलसी में फर्क क्या है? रामा तुलसी: इसकी पत्तियां हल्के हरे रंग की होती हैं और इसका स्वाद थोड़ा मीठा होता है। इसे 'उज्ज्वल तुलसी' भी कहा जाता है। मान्यताओं के अनुसार, यह घर में सुख और शांति का प्रतीक है। श्यामा तुलसी: इसकी पत्तियां थोड़ी बैंगनी या गहरे रंग की होती हैं। क्योंकि, इसका रंग भगवान कृष्ण (श्याम) से मिलता-जुलता है, इसलिए इसे श्यामा या कृष्ण तुलसी कहते हैं। आयुर्वेद में इसे औषधीय गुणों से भरपूर माना गया है। वास्तु के नियम और सही दिशा वास्तु शास्त्र के मुताबिक, तुलसी का पौधा सही दिशा में हो, तभी वह घर में खुशहाली लाता है। सबसे बेहतर दिशा: तुलसी को हमेशा उत्तर या उत्तर-पूर्व दिशा में लगाना चाहिए। यह दिशा कुबेर और मां लक्ष्मी की मानी जाती है। पूर्व: अगर ऊपर वाली जगह न हो, तो आप इसे पूर्व दिशा में भी रख सकते हैं। यह घर में सूर्य की तरह सकारात्मक ऊर्जा भरती है। कहां न लगाएं: भूलकर भी तुलसी को दक्षिण दिशा में न रखें। इसे यमराज की दिशा माना जाता है और यहां रखी तुलसी फायदे की जगह नुकसान कर सकती है। क्या कहते हैं हमारे शास्त्र? पद्म पुराण के अनुसार, तुलसी का दर्शन ही मनुष्य के पापों का नाश कर देता है। जिस घर में तुलसी की सेवा होती है, वहां नकारात्मकता कभी नहीं टिकती। स्कंद पुराण पुराण के अनुसार, तुलसी को जल देने और उसकी परिक्रमा करने से स्वास्थ्य और समृद्धि मिलती है। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, तुलसी को 'वास्तु दोष' दूर करने वाला सबसे प्रभावशाली पौधा बताया गया है। दोनों तुलसी लगाने के फायदे आप रामा और श्यामा दोनों तुलसी को एक साथ लगा सकते हैं। रामा तुलसी घर में आपसी प्रेम और मानसिक सुकून लाती है, वहीं श्यामा तुलसी स्वास्थ्य और धन-दौलत के रास्ते खोलती है।

बुध की बदली चाल का असर: 21 मार्च से इन राशियों को रहना होगा सतर्क

ज्योतिष शास्त के अनुसार, जब कोई ग्रह अपनी गति बदलता है तो उसका प्रभाव सभी राशियों के जीवन पर पड़ता है. इसी कड़ी में बुध ग्रह की चाल में बदलाव फिर से कुछ राशि वालों पर अलग- अलग प्रकार से प्रभाव डाल सकता है. आपको बता दें 26 फरवरी 2026 से बुध की उल्टी चाल यानी वक्री अवस्था शुरू हुई थी, जो 21 मार्च 2026 को समाप्त होने जा रही है. इस दिन से ही बुध फिर से सीधी चाल चलेंगे यानी मार्गी होने वाले हैं. मान्यता के अनुसार, बुध का मार्गी होना सामान्य रूप से शुभ माना जाता है, लेकिन कुछ स्थितियों में यह कुछ राशियों के लिए चुनौतियां भी लेकर आ सकता है. आइए सबसे पहले समझते हैं बुध के व्रकी और मार्गी होने क्या राशियों पर क्या प्रभाव पड़ता है. बुध के मार्गी होने का ज्योतिषीय महत्व ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क, व्यापार, संचार, तकनीक और गणना का कारक ग्रह माना जाता है. जब बुध की चाल बदलती है तो इसका सीधा असर व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता, बातचीत और कामकाज पर पड़ सकता है. वक्री अवस्था में जहां कई काम अटक सकते हैं, वहीं मार्गी होने पर अक्सर चीजें धीरे-धीरे सामान्य होने लगती हैं. हालांकि यदि ग्रह की स्थिति कमजोर हो या वह अशुभ प्रभाव में हो तो मार्गी अवस्था में भी कुछ राशियों के लिए तनाव और रुकावटें बनी रह सकती हैं. इन राशियों के लिए बढ़ सकती हैं परेशानियां! तुला राशि     तुला राशि के जातकों के लिए बुध की सीधी चाल कुछ मामलों में चुनौतीपूर्ण हो सकती है.     कार्यक्षेत्र में गलतफहमियां बढ़ सकती हैं.     सहकर्मियों के साथ संवाद में सावधानी रखें.     व्यापार से जुड़े लोगों को कागजी कार्यों में विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी.     आर्थिक फैसले सोच-समझकर लें. कुंभ राशि     कुंभ राशि वालों के लिए यह समय थोड़ा उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है.     कामकाज में अचानक बाधाएं आ सकती हैं.     योजनाएं पूरी होने में देरी हो सकती है.     तकनीकी या ऑनलाइन कार्यों में परेशानी आ सकती है.     यात्रा से जुड़े मामलों में भी विलंब संभव है. मीन राशि     मीन राशि के जातकों को इस दौरान मानसिक दबाव महसूस हो सकता है.     निर्णय लेने में असमंजस की स्थिति बन सकती है.     धन से जुड़े मामलों में सावधानी जरूरी है.     किसी बात को लेकर गलतफहमी या विवाद की स्थिति बन सकती है.     कामकाज में ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है.  

सफलता से ठीक पहले क्यों रुक जाते हैं काम? प्रेमानंद महाराज से जानें कहां हो रही गलती

जीवन में कई बार आपको भी ऐसा लगा होगा कि आपके हर काम बनते हुए भी बिगड़ जाते हैं। अक्सर होता है कि कोई काम बिल्कुल अंत तक पहुंच जाता है और अचानक सब कुछ बिगड़ जाता है। कई बार तो चीजें शुरू होते ही खराब हो जाती हैं। ऐसी स्थिति में समझ नहीं आता कि भाग्य को दोष दें या कर्मों को। प्रेमानंद महाराज से पूछा गया सवाल प्रेमानंद जी महाराज के सत्संग में आए एक श्रद्धालु का भी ठीक यही प्रश्न था। उन्होंने कहा कि महाराज जी मेरे बनते हुए काम आखिर में क्यों बिगड़ जाते हैं। ऐसा बार-बार होने के पीछे आखिर क्या वजह है। इसपर प्रेमानंद जी महाराज का उत्तर हर किसी को जरूर जानना चाहिए। पूर्व कर्मों के फल हैं प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि ऐसा होने के पीछे सबसे बड़ी वजह आप पूर्व जन्मों के पाप होते हैं। ये पूर्व के पाप ही हमें इस जीवन में भी दुख का अनुभव कराते हैं। वहीं हमारे अच्छे कर्म हमें सफलता प्रदान करते हैं। सफलता की ओर ले जाती हैं ये चीजें महाराज जी कहते हैं कि पूर्व जन्म के पाप ही असफलता का कारण होते हैं। इन्हें नष्ट करने का एक ही उपाय है कि आप सद्मार्ग की ओर बढ़ें। प्रभु का नाम जप करें, कीर्तन करें, अच्छे इंसान बनें, तीर्थयात्रा करें और लोगों की सेवा करें। ये सभी चीजें आपके पाप कर्म नष्ट कर के सफलता की ओर ले जाती हैं। आध्यात्म से जुड़ना है जरूरी प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि इसी कारण आध्यात्म से जुड़ना बहुत जरूरी है। अन्यथा आपकी कामनाएं तो रहेंगी लेकिन वो कभी पूरी नहीं होंगी। जिस वजह से शोक, दुख, चिंता, भय आदि लगे ही रहेंगे। मन की शांति है जरूरी प्रेमानंद जी महाराज कहते हैं कि मन की शांति बहुत जरूरी है। अगर कोई इंसान गरीब भी है लेकिन धर्म के रास्ते पर चलता है, तो आप देखेंगे कि वो शांत है और जीवन में खुश है। वहीं अगर आप धनवान भी हैं लेकिन वासनाओं में लिप्त हैं, तो आपका जीवन हमेशा दुख, शोक, पीड़ा, चिंता आदि से भरा रहेगा। भजन से ही संभव है मन की शांति महाराज जी कहते हैं कि मन की शांति सिर्फ भजन से ही संभव है। आप धन, पद और प्रतिष्ठा से सब कुछ खरीद सकते हैं लेकिन मन की शांति नहीं। इसलिए अच्छे कर्म करें, भगवान का भजन करें; सफलता और सुख-शांति अपने आप ही आपके जीवन में प्रवेश करेंगे।

नवरात्रि से पहले कर लें ये जरूरी सफाई: इन 5 चीजों को घर में रखने से रूठ जाती हैं मां दुर्गा

चैत्र नवरात्रि केवल उपवास और पूजा-पाठ का पर्व नहीं है, बल्कि यह अपने अंतर्मन और परिवेश को शुद्ध करने का एक पावन अवसर भी है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि नवरात्रि के नौ दिनों में आदिशक्ति मां दुर्गा स्वयं धरती पर पधारती हैं और अपने भक्तों के घर में वास करती हैं। माता रानी के स्वागत के लिए केवल मन की शुद्धि ही काफी नहीं है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, हमारे घर में रखी कुछ चीजें नकारात्मक ऊर्जा का संचय करती हैं, जो सुख-समृद्धि के मार्ग में अदृश्य बाधाएं उत्पन्न कर सकती हैं। यदि घर में वास्तु दोष हो या भारी मात्रा में नकारात्मक ऊर्जा जमा हो, तो कठिन पूजा-अर्चना के बाद भी वह शुभ फल प्राप्त नहीं हो पाता जिसकी हम कामना करते हैं। 19 मार्च 2026 से शुरू हो रहे नव-संवत्सर और चैत्र नवरात्रि से पहले यह अत्यंत आवश्यक है कि हम अपने आशियाने को उन वस्तुओं से मुक्त करें जो दरिद्रता और अशांति को निमंत्रण देती हैं। घर के कोनों में छिपा कबाड़ या टूटी-फूटी वस्तुएं न केवल धन के प्रवाह को रोकती हैं, बल्कि परिवार के सदस्यों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालती हैं। तो आइए जानते हैं, वास्तु के उन 5 खास नियमों के बारे में जिन्हें अपनाकर आप नवरात्रि से पहले अपने घर का कायाकल्प कर सकते हैं। खंडित मूर्तियां या फटे हुए धार्मिक चित्र अक्सर हम अनजाने में घर के मंदिर में ऐसी मूर्तियां रखे रहते हैं जो कहीं से खंडित होती हैं या देवी-देवताओं के चित्र फटे हुए होते हैं। वास्तु के अनुसार, ऐसी मूर्तियां घर में दुख और अशांति का कारण बनती हैं। नवरात्रि शुरू होने से पहले इन्हें पूरे सम्मान के साथ किसी पवित्र नदी में प्रवाहित कर दें या पीपल के पेड़ के नीचे रख आएं। खराब या बंद पड़ी घड़ियां वास्तु में रुकी हुई घड़ी को 'ठहरे हुए भाग्य' का प्रतीक माना जाता है। बंद पड़ी घड़ियां घर की प्रगति को रोकती हैं और नकारात्मक ऊर्जा पैदा करती हैं। यदि आपके घर में कोई ऐसी घड़ी है जो काफी समय से बंद है या टूटी हुई है, तो उसे तुरंत ठीक कराएं या घर से बाहर निकाल दें। टूटे हुए कांच और बर्तन टूटे हुए शीशे या चटके हुए बर्तन घर में दरिद्रता (गरीबी) को न्योता देते हैं। नवरात्रि के दौरान माता का भोग लगाने के लिए साफ और अखंडित बर्तनों का ही उपयोग होना चाहिए। इसलिए, रसोईघर या श्रृंगार दान में रखे टूटे हुए कांच के सामान को हटाना ही श्रेयस्कर है। फटे-पुराने जूते और चप्पल वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार या अलमारी के नीचे रखे फटे-पुराने जूते-चप्पल नकारात्मकता का सबसे बड़ा स्रोत होते हैं। यह शनि दोष का भी कारण बन सकते हैं। नवरात्रि से पहले घर के कोनों की सफाई करें और जो जूते उपयोग में नहीं हैं, उन्हें हटा दें ताकि सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहे। कबाड़ और बेकार का सामान घर की छत या स्टोर रूम में रखा पुराना कबाड़, जंग लगा लोहा या रद्दी कागज मानसिक तनाव का कारण बनते हैं। माता अंबे की कृपा पाने के लिए घर के वातावरण को हल्का और खुला रखना जरूरी है। कबाड़ हटाने से घर में 'प्राण ऊर्जा' का संचार बढ़ता है और आर्थिक तंगी दूर होती है।

घर में धातु का कछुआ रखें इस दिशा में, बढ़ सकती है सुख-समृद्धि और तरक्की

नई दिल्ली धातु से बनी कछुए की मूर्ति को घर में रखना वास्तु और फेंगशुई दोनों की ही दृष्टि से काफी शुभ माना गया है। वास्तु शास्त्र में कछुए को सुख, समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। अगर वास्तु नियमों का ध्यान रखते हुए आप कछुए की मूर्ति को अपने घर में रखते हैं, तो इससे आपको अद्भुत परिणाम मिल सकते हैं। क्या है सही दिशा वास्तु शास्त्र में माना गया है कि घर में धातु का कछुआ रखने के लिए उत्तर या उत्तर-पश्चिम दिशा सबसे उत्तम है। यह दिशा में इस मूर्ति को रखने से सौभाग्य और समृद्धि में वृद्धि होती है। साथ ही करियर में स्थिरता लाती है। साथ ही इस बात का भी ध्यान रखें कि कछुए का मुख हमेशा घर के अंदर की ओर होना चाहिए, बाहर की तरफ नहीं। इस बातों का ध्यान रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। इन बातों का रखें खास ख्याल     कछुए की मूर्ति ऐसी होनी चाहिए जिसे आप पानी में रख सकें। पानी में रखा कछुआ वास्तु के अनुसार, अच्छे परिणाम देता है।     कछुए वाले पात्र का पानी रोजाना बदलना चाहिए, क्योंकि साफ पानी से सकारात्मकता बनी रहती है।     कछुए की मूर्ति को ऐसे स्थान पर रखें जहां पर्याप्त रोशनी हो। इसे भूलकर भी अंधेरे वाले स्थान पर नहीं रखना चाहिए। वास्तु की दृष्टि से ऐसा करना शुभ नहीं माना जाता और इससे मूर्ति से मिलने वाला लाभ भी कम हो सकता है। कछुआ रखने के अद्भुत लाभ अगर आप वास्तु के नियमों का ध्यान रखते हुए अपने घर में कछुए की मूर्ति को रखते हैं, जो इससे आपको कई फायदे मिल सकते हैं जैसे –     घर में सुख-शांति बनी रहती है और व्यक्ति के सौभाग्य में वृद्धि होती है।     कछुए की मूर्ति घर से नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखती है।     सही दिशा और स्थान पर रखी हुए कछुए की मूर्ति आपको करियर और व्यापार के लिए भी लाभ पहुंचाती है। किस धातु का होना चाहिए कछुआ वास्तु शास्त्र में माना गया है कि आप अपनी सुविधा के अनुसार, घर में पीलत, सोने या चांदी से बना कछुआ रख सकते हैं, जो बहुत ही शुभ माने जाते हैं। इसके साथ ही क्रिस्टल का कछुआ रखना भी काफी शुभ माना गया है। साथ ही वास्तु शास्त्र में यह भी बताया गया है कि आप बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार के दिन अपने घर में कछुए की मूर्ति ला सकते हैं, जिससे आपको विशेष लाभ मिलता है।  

आज का राशिफल 11 मार्च 2026: इन राशियों पर बरसेगी किस्मत की मेहरबानी, पढ़ें अपना भविष्यफल

मेष राशि मेष राशि वालों को इस बात का खास ध्यान रखना है कि गुस्से पर काबू रखें। क्रोध के अतिरेक से बचें। इस समय बड़े फैसले आपको बाद में दिक्कत में डाल सकते हैं। इसिलए शांत रहकर काम करें। नौकरी में बदलाव के साथ तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। इसका सही इस्तेमाल करें। वृष राशि वृषभ राशि वालों के मन प्रसन्न रहेगा, लेकिन आपकी लवलाइफ में आज परेशानी रहेगी। आत्मविश्वास से काम लें। नौकरी में बदलाव के योग बन रहे हैं। तरक्की के अवसर मिलेंगे। आय में वृद्धि होगी। कार्यभार भी बढ़ेगा। कर्क राशि कर्क राशि वालों का मन परेशान हो सकता है,लेकिन आपको अपना काम अच्छे से करना हैष नौकरी में कार्यक्षेत्र में बदलाव हो सकता है, इसलिए अलर्ट रहें।। परिश्रम अधिक रहेगा। किसी मित्र के सहयोग से कारोबार में लाभ के मौके आपको मिल मिलेंगे। मिथुन राशि मिथुन वालों के लिए समय अच्छा है। आपको इस समय ऑफिस में और पर्सनल लाइफ में ईगो को बाहर रखना है। आत्मसंयत रहें। क्रोध से बचें। बातचीत में संयत रहें। नौकरी में अफसरों का सहयोग तो मिलेगा, परंतु नौकरी में बदलाव होगा। परिश्रम अधिक रहेगा। सिंह राशि सिंह राशि वालों को मन में उतार-चढ़ाव हो सकते हैं। सिंह राशि वालों के लिए हेल्थ से लेकर पर्सनल लाइफ में कुछ समस्याएं आ सकती हैं। इस समय आर्थिक फैसले लेते समय खास ध्यान रखें। पिता की सेहत का ध्यान रखें। परिवार का साथ मिलेगा। कारोबार के लिए विदेश यात्रा से आपको लाभ मिल सकता है। कन्या राशि कन्या वालों को अच्छी खबर मिल सकती है, लेकिन आपको आत्मसंयत रहें। बेकार के क्रोध से बचें। इस समय कारोबार में जो भी बदलाव हो रहे हैं, उन्हें आपको अपनाना होगा। परिवार व मित्रों का सहयोग मिलेगा। लाभ के अवसर मिलेंगे। तुला राशि तुला राशि वालों के लिए आज का दिन अच्छा है। आपको मन प्रसन्न रहेगा, लवलाइफ रोमांटिक रहेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। कारोबार में वृद्धि होगी। भागदौड़ अधिक रहेगी। मित्रों का सहयोग भी मिल सकता है। धनु राशि धनु राशि वालों के आत्मविश्वास में कमी रहेगी। इस समय चंद्रमा की स्थिति अच्छी रहेगी, मन में उतार-चढ़ाव भी हो सकते हैं। माता की सेहत का ध्यान रखें। पिता का साथ आपको इस समय मिलेगा। खर्चों में वृद्धि होगी, इसलिए अपना बजट बनाकर रखें वृश्चिक राशि वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय खास है, आपको ऑफिस में ऐसा मौका मिलेगा, जिसमें आप अपनी काबिलियत साबित कर सकते हैं। धैर्यशीलता बनाए रखने का प्रयास करें। कारोबार का विस्तार होगा। परिवार का साथ मिलेगा। लाभ के अवसर मिलेंगे। मकर राशि मकर राशि वाले लोगों का यह समय आर्ट में अच्छा रहेगा, आपको नए काम मिल सकते हैं।रोमांस के सितारे मजबूत हैं। नौकरी में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। सेहत का ध्यान रखें। खर्चों की अधिकता भी हो सकती है। कुंभ राशि कुंभ राशि के लोगों का दिन आज आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। घर में धार्मिक कार्य हो सकते हैं, जिसके लिए आपको पैसा देना पड़ सकता है। भवन के रख-रखाव तथा साज-सज्जा के कार्यों पर खर्च बढ़ेंगे। शैक्षिक कार्यों में आपको समस्याएं आ सकती हैं। मीन राशि मीन राशि के लोगों के लिए आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। इस समय पारिवारिक जीवन सुखमय रहेगा। परिवार के साथ किसी धार्मिक स्थान पर जा सकते हैं। भागदौड़ अधिक रहेगी। आपकी लाइफ में एक के साथ एक कई समस्याएं आ सकती है, इसलिए थोड़ा सावधान रहें। बजट को रिव्यू करें।