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ग्रहों के राजकुमार बुध की चाल में बदलाव, चार राशियों पर बरसेगी खुशियों की बारिश

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 26 नवंबर 2025 की सुबह 6 बजकर 1 मिनट पर बुध ग्रह वृश्चिक राशि में उदित होने जा रहे हैं. जब बुध किसी राशि में उदित होते हैं, तो वे अपनी पूरी शक्ति के साथ प्रभाव डालना शुरू कर देते हैं. वृश्चिक राशि में बुध का यह उदय कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ फलदायी साबित होने वाला है. इस दौरान इन 4 राशि वालों को करियर, व्यापार और निजी जीवन में जबरदस्त लाभ मिलने के योग बन रहे हैं. आइए जानते हैं, बुध के वृश्चिक राशि में उदित होने से किन 4 भाग्यशाली राशियों की किस्मत चमकने वाली है: बुध ग्रह का उदय क्या होता है? जब सुबह के समय सूर्य की रोशनी में ग्रह की किरणें साफ रूप से दिखाई देती हैं, तो उसे ग्रह का उदय कहा जाता है. यह वह अवस्था होती है जब ग्रह के शुभ प्रभाव अधिक सक्रिय हो जाते हैं और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. इन 4 राशि वालों की चमकेगी किस्मत! बुध के इस शुभ उदय से जिन चार राशि वालों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है. मेष राशि नए अवसरों की प्राप्ति: मेष राशि के जातकों के लिए बुध का उदय नए बदलाव और बेहतरीन मौके लेकर आएगा. व्यापार में आपको नए और बड़े सौदे मिल सकते हैं. करियर में उन्नति: नौकरीपेशा लोगों को उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जिससे करियर में लाभ होगा. आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी. संबंधों में सुधार: दोस्तों और रिश्तेदारों से चल रहे तनाव समाप्त होंगे. वाणी में मधुरता आएगी, जिससे सामाजिक और व्यक्तिगत संबंध बेहतर होंगे. धन लाभ: खर्चों में कमी आने से आप धन की बचत करने में सफल रहेंगे. मनचाही नौकरी के अवसर भी सामने आ सकते हैं. वृश्चिक राशि आत्मविश्वास में वृद्धि: बुध का उदय आपकी ही राशि में हो रहा है, जिसका सीधा और सबसे मजबूत लाभ आपको मिलेगा. आपके आत्मविश्वास और निर्णय शक्ति में जबरदस्त वृद्धि होगी. अटके काम पूरे होंगे: लंबे समय से रुके हुए काम अब तेज़ी से पूरे होंगे. आपको हर स्थिति में बेहतर निर्णय लेने की क्षमता प्राप्त होगी. आर्थिक लाभ: अचानक धन लाभ, रुके हुए पैसों की प्राप्ति और निवेश में मुनाफे के प्रबल योग बन रहे हैं. नए कमाई के रास्ते भी खुल सकते हैं. पेशेवर सफलता: नौकरीपेशा लोगों के लिए वेतन वृद्धि या नई जिम्मेदारियों की संभावना है. व्यवसायिक जातकों को साझेदारी या व्यापार विस्तार का अवसर मिल सकता है. मकर राशि तनाव से मुक्ति: मकर राशि के जातकों के लिए बुध का यह उदय किसी वरदान से कम नहीं है. आपकी पुरानी टेंशन दूर होगी. सफलता के योग: आप जिन कार्यों को करने के लिए लंबे समय से प्रयास कर रहे थे, उनमें अब सफलता मिलेगी. धन लाभ: यह गोचर आपके लिए धन लाभ के योग बना रहा है. निवेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलने की पूरी संभावना है. सामाजिक क्षेत्र में लाभ: आपका सामाजिक दायरा बढ़ेगा और किसी बड़े समूह या संगठन से जुड़कर आप लाभ कमा सकते हैं. कुंभ राशि करियर में उछाल: कुंभ राशि के जातकों को इस अवधि में करियर के मोर्चे पर बड़ा लाभ मिल सकता है. कार्यक्षेत्र पर आपके काम की सराहना होगी और वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा. आर्थिक मजबूती: आपकी आय में वृद्धि होने के नए रास्ते खुलेंगे और वित्तीय स्थिति मजबूत होगी. व्यापार में मुनाफा: व्यापार से जुड़े लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभदायक रहेगा. आपकी योजनाएं सफल होंगी और मुनाफे में बढ़ोतरी होगी. सकारात्मक ऊर्जा: आप अपने काम और प्रगति के प्रति अधिक उत्साही और केंद्रित रहेंगे, जिससे जीवन में उपलब्धियां हासिल होंगी.

आचार्य चाणक्य की सीख: ये गलतियाँ कर देती हैं सफलता से दूर

भारत के इतिहास में एक से बढ़कर एक ज्ञानी पुरुष हुए इन्हीं में से एक थे आचार्य चाणक्य, जिनकी नीतियां इतनी प्रसिद्ध हैं कि आज भी लोग अपने जीवन को सुंदर और सरल बनाने के लिए इनका पालन करते हैं। जीवन का ऐसा कोई भी पहलू नहीं है जिसके बारे में आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में जिक्र ना किया हो। युद्ध के मैदान से लेकर गृहस्थ जीवन की बारीकियों को समझाने के लिए, आचार्य ने कई नीतियां गढ़ीं। अपनी इन्हीं नीतियों में उन्होंने कुछ ऐसी आदतों का भी जिक्र किया है, जो किसी भी व्यक्ति की तरक्की में बाधा बन सकती है। आचार्य की मानें तो अपनी इन्हीं आदतों की वजह से एक व्यक्ति अपने जीवन में कभी भी सफल नहीं हो पाता। तो चलिए आज उन्हीं आदतों के बारे में जानते हैं। अपने मन पर नियंत्रण ना रख पाना जिस व्यक्ति का अपने मन पर कंट्रोल नहीं होता है, उसे जीवन में कभी भी सफलता नहीं मिल सकती। आचार्य चाणक्य की नीति में इससे जुड़ा एक श्लोक भी है – "अनवस्थित यस्य न जने न वने सुखम्, जनो दहति संसर्गात् वनं संगविवर्जनात।" जिसका मतलब है कि जिसका मन अशांत है उसे कहीं भी सुख नहीं मिलता, ऐसे में वो दर बदर भटकता ही रहता है। चाणक्य नीति के अनुसार जो व्यक्ति अपने मन पर नियंत्रण नहीं कर पाता है, उसका किसी भी कार्य में मन नहीं लगता है। ऐसे में सफलता उससे कोसों दूर भागती है। नकारात्मक सोच भी है तरक्की में बाधा किसी भी व्यक्ति की सोच का प्रभाव उसके कार्य और जीवन पर भी पड़ता है। जो व्यक्ति सकारात्मक सोच रखता है, उसके जीवन में भी पॉजिटिविटी ही रहती है। लेकिन जिस व्यक्ति की सोच नकारात्मक होती है, उसे अपने जीवन में भी नकारात्मकता का ही सामना करना पड़ता है। ऐसे लोगों को कभी भी सफलता नहीं मिलती और उनके बनते हुए काम भी बिगड़ने लगते हैं। हमेशा पास्ट में अटके रहना भी है नेगेटिव जीवन में सफल होने के लिए बीती बातों को भुलाकर आगे बढ़ना बहुत जरूरी है। जो लोग अपने पास्ट में ही अटके रहकर खुद को कोसते रहते हैं, वो जीवन में कभी भी आगे नहीं बढ़ पाते। आचार्य चाणक्य के अनुसार बीती बातों या असफलताओं से सबक लेकर, जीवन में आगे बढ़ना चाहिए और नए सिरे से नई शुरुआत करनी चाहिए। सफलता का यही मूल मंत्र है। पास्ट की नेगेटिव बातों को सोचने से प्रेजेंट पर भी नेगेटिव असर पड़ता है। जिनमें होती है आत्मविश्वास की कमी जीवन में सफलता तभी मिलेगी, जब आपको खुद पर यकीन होगा। जिस व्यक्ति को खुद पर ही विश्वास नहीं होगा, वो जीवन में कभी भी सफल नहीं हो सकता। ये कहना गलत नहीं होगा कि सफल होने के लिए आत्मविश्वास का होना जरूरी है। आचार्य चाणक्य के अनुसार जिस व्यक्ति में आत्मविश्वास की कमी होती है, उसे सफलता तो दूर समाज में मान-सम्मान भी नहीं मिलता है।  

पर्स में लक्ष्मी नोट रखने का महत्व: वास्तु अनुसार धन की ऊर्जा होती है मजबूत

 भारतीय वास्तु शास्त्र में धन का विशेष महत्व बताया गया है। घर, तिजोरी और धन रखने की जगहों की तरह हमारा पर्स भी ऊर्जा का केंद्र माना गया है। कहा जाता है कि यदि पर्स में सही वस्तुएं हों और उसे सही तरीके से रखा जाए, तो धन की कमी कभी नहीं होती। वहीं गलत वस्तुएं रखने से पैसा रुक जाता है और आर्थिक परेशानियां बढ़ती हैं। वास्तु सिद्धांतों पर आधारित यहां कुछ हिदायतें दी जा रही हैं, जो आपके पर्स में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाने में मदद करेंगी। हमेशा साफ-सुथरा और नया पर्स इस्तेमाल करें वास्तु के अनुसार फटा, पुराना या रंग उड़ चुका पर्स नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है। ऐसा पर्स धन को रोक देता है और लक्ष्मी कृपा कम होती है। पर्स हमेशा अच्छी स्थिति में रखें, यदि पर्स खराब हो जाए तो तुरंत बदलें। पर्स में पैसे हमेशा व्यवस्थित रखें धन को अस्त-व्यस्त रखना धन देवता का अपमान माना जाता है। नोटों को मोड़कर न रखें। नोट और सिक्कों को अलग-अलग कम्पार्टमेंट में रखें। पर्स की प्रत्येक जेब का अलग उद्देश्य रखें। पर्स में बेकार चीज़ें न रखें वास्तु शास्त्र कहता है कि पर्स किसी कचरे की तरह नहीं भरना चाहिए। पुराने बिल, बेकार पर्चियां, बहुत सारे विजिटिंग कार्ड, फटे कागज़, ATM स्लिप्स। इन सभी को पर्स से तुरंत बाहर निकाल दें। सबसे महत्वपूर्ण पर्स में कभी मृत व्यक्ति की फोटो न रखें, यह धन के मार्ग को रोकता है। पर्स में रखने के शुभ और धनवर्धक उपाय पीले कागज पर लाल स्याही से 'ॐ' या 'स्वस्तिक' रखें। यह पर्स में सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। पीले कागज पर लाल रंग में ‘ॐ’ या ‘स्वस्तिक’ बनाएं। इसे पारदर्शी पाउच में रखकर पर्स में रखें। यह किसी भी तरफ से फटा या गंदा न हो। खराब होने पर उसे जल में प्रवाहित करें और नया रखें। लक्ष्मी पूजा के चावल पर्स में रखें धन वृद्धि का यह सबसे प्रभावी उपाय माना जाता है। लक्ष्मी पूजा में अर्पित किए गए कुछ अक्षत (चावल) उन्हें लाल कपड़े में बांधकर पर्स में रखें। कहा जाता है कि इससे धन की कमी कभी नहीं होती। पर्स में हमेशा थोड़ा स्थायी धन रखें पर्स कभी भी पूरी तरह खाली नहीं होना चाहिए। एक ₹10 या ₹50 या ₹100 का नोट हमेशा स्थायी रूप से रखें। इसे 'लक्ष्मी नोट' मानकर खर्च न करें। इसके कारण पर्स में हमेशा धन का प्रवाह बना रहता है। चांदी का छोटा सिक्का या कछुआ रखें वास्तु के अनुसार चांदी शुद्धता, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। चांदी का कछुआ, चांदी का लक्ष्मी-गणेश सिक्का पर्स में रखने से धन का आकर्षण बढ़ता है।

पंचक नवंबर में लौट रहा है, इस बार देगा शुभ फल, कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

जब चंद्रमा धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्रों से गुजरता है, तो पंचक लगते हैं. पंचक के 5 दिनों को शुभ-मांगलिक कामों के लिए अच्‍छा नहीं माना जाता है. विशेष तौर पर इन 5 दिनों में कोई भी नया काम शुरू नहीं किया जाता है. नवंबर महीने की शुरुआत पंचक से हुई थी और अब एक बार फिर से पंचक लगने जा रहे हैं.  नवंबर 2025 में पंचक  नवंबर महीने में 27 तारीख की दोपहर 02:07 बजे से फिर से पंचक लगने जा रहे हैं. जो कि लग जाएगा और अगले महीने दिसंबर की 01 तारीख को रात को 11:18 बजे खत्म होगा. इस दौरान कुछ काम निषिद्ध रहेंगे, लेकिन ये पंचक कुछ मायनों में बेहद खास भी हैं.  दोष रहित पचंक माने जाते हैं शुभ  ज्योतिष के अनुसार, गुरुवार से शुरू होने वाले पंचक को दोषरहित पंचक कहते हैं. इन पंचक पर कोई अशुभ प्रभाव नहीं होता है, लिहाजा इनमें शुभ कार्य किए जा सकते हैं. इस तरह के पंचक भगवान विष्णु और बृहस्पति देव के होते हैं, इसलिए इनमें पंचक के दौरान की जाने वाली वर्जित गतिविधियों को छोड़कर अन्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं. सिर्फ ये काम रहेंगे वर्जित  इन पंचक में दक्षिण दिशा की यात्रा करना, गृह निर्माण की शुरुआत, छत डलवाने, चारपाई/पलंग या बिस्‍तर खरीदना, लकड़ी या लकड़ी का सामान खरीदना, ज्‍वलनशील चीजें खरीदना वर्जित रहेगा. ये काम करने से अशुभ फल मिल सकते हैं. इसके अलावा अन्‍य शुभ कार्य नवंबर के दोष रहित पंचकों में किए जा सकेंगे.  पंचक में मृत्‍यु  वहीं पंचक में किसी की मृत्‍यु होने पर उसका अंतिम संस्‍कार खास विधि से किया जाता है, इसमें शव के साथ प्रतीकात्‍मक तौर पर 4 नारियल रख दिए जाते हैं. वरना मान्‍यता है कि पंचक में किसी की मृत्‍यु होने पर परिवार के 5 लोगों पर संकट आता है.  

भाग्य बदलने के लिए हाथी की मूर्ति रखें सही जगह, जानें फेंगशुई के महत्वपूर्ण नियम

फेंगशुई एक ऐसी विद्या है जो हमें हमारे आसपास मौजूद चीजों के जरिए जीवन में सकारात्मक लाने के उपाय बताती है। दरअसल हम सभी के घर और कार्यस्थल पर कुछ ऐसी चीज मौजूद होती है जिनके इस्तेमाल का हमारे जीवन पर बहुत गहरा असर होता है। हम इन चीजों को समझ तो नहीं पाते लेकिन कभी हमें उनसे अच्छे तो कभी बुरे परिणाम मिलने लगते हैं। फेंगशुई चीनी वास्तु शास्त्र है जिसमें विंड चाइम, चीनी सिक्के और तरह-तरह की चीजों को लेकर उपाय बताए गए हैं। इसमें हाथी का भी जिक्र मिलता है जिसे समृद्धि और उन्नति का सूचक कहा गया है। इसे घर के मुख्य द्वार लिविंग रूम ऑफिस या फिर बच्चों के कमरे में रखना शुभ माना गया है। चलिए जान लेते हैं कि आपको इसे घर के किस हिस्से में किस दिशा में और कितनी संख्या में रखना होगा। इससे जीवन में नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होगी और सौभाग्य के द्वार खुलेंगे। किस दिशा में रखें हाथी की मूर्ति     अगर आप मुख्य द्वार पर इस मूर्ति को रखना चाहते हैं तो इसे हमेशा अंदर की ओर रखें। इससे सकारात्मक ऊर्जा और सुरक्षा बनी रहती है।     अगर करियर में तरक्की प्राप्त करना चाहते हैं तो इसे हमेशा उत्तर दिशा में स्थापित करें।     धन और समृद्धि की प्राप्ति के लिए इसे दक्षिण पूर्व दिशा में रखना शुभ माना गया है।     बच्चों की पढ़ाई और प्रगति के लिए इसे पश्चिम दिशा में स्थापित करें। कैसी होनी चाहिए सूंड जो हाथी आप अपने घर में रख रहे हैं उसकी सूंड दो तरह की हो सकती है। अगर यह ऊपर की तरफ है यानी कि यह धन, सौभाग्य और खुशियों का प्रतीक है। अगर यह सूंड नीचे की तरफ है तो यह शांति, स्थिरता और पारिवारिक मजबूती को बढ़ाती है। कैसे रखें हाथी     मुख्य द्वार पर हाथी रखने के लिए आपको दोनों तरफ एक हाथी रखना होगा। उनके मुख्य अंदर की तरफ होने चाहिए। नेगेटिव एनर्जी को रोकते हैं और घर की रक्षा करते हैं।     ऑफिस में इस टेबल पर रखना शुभ माना गया है। आप छोटा सा हाथी अपने पास रख सकते हैं। यह स्थिरता, नेतृत्व क्षमता और तरक्की को आकर्षित करने का काम करता है।     बेडरूम में भी हाथी रखा जा सकता है। इससे दांपत्य जीवन में प्रेम और समझ बढ़ जाती है।

आज का राशिफल 21 नवंबर 2025: जानें सभी 12 राशियों का दिन कैसा बीतेगा

मेष राशि- 21 नवंबर के दिन आपका अनोखा दृष्टिकोण निखर कर आएगा। आप जिज्ञासु और सीखने के लिए तत्पर महसूस करेंगे। विचारों का आदान-प्रदान करने और समाधान खोजने के लिए दूसरों से बात करें। वृषभ राशि- 21 नवंबर के दिन आप अपने आस-पास के लोगों के प्रति ज्यादा संवेदनशील महसूस कर सकते हैं। आपकी गट फीलिंग रिश्तों और कार्यों में समझदारी भरे डिसीजन लेने में आपकी मदद करेगी। खुद पर भरोसा करें। मिथुन राशि- 21 नवंबर के दिन छोटे-छोटे ब्रेक क्रिएटिविटी को बढ़ावा दे सकते हैं। हाई एनर्जी बनाए रखने के लिए सामाजिक समय और शांत पलों में संतुलन बनाए रखें। सरप्राइज के लिए अपनी क्षमता का उपयोग करें। कर्क राशि- 21 नवंबर के दिन अपने मूल्यों के प्रति सच्चे रहें। आप चुनौतियों का सामना करुणा के साथ कर सकते हैं, और प्रॉब्लम को प्रगति में बदल सकते हैं। आज आपकी भावनाएं गहरी हैं, जो आपको महत्वपूर्ण चीजों के बारे में स्पष्ट संकेत दे रही हैं। सिंह राशि- 21 नवंबर के दिन आपके पास काम को लेकर क्लैरिटी और शांत मन है। बड़े लक्ष्यों को छोटे-छोटे चरणों में तोड़कर, आप लगातार प्रगति हासिल करेंगे। कॉन्फिडेंस और संकल्प के साथ मुश्किलों को दूर करने के लिए अनुशासित रहें। कन्या राशि- 21 नवंबर के दिन प्रेम जीवन में ईमानदारी दिखाएं। ऑफिस में नए टास्क करें, जिससे करियर में तरक्की होगी। सीखने और उन लोगों से जुड़ने के अवसरों का लाभ उठाएं, जो रोमांचक प्रेरणा देते हैं और उज्ज्वल संभावनाओं के द्वार खोलते हैं। तुला राशि- 21 नवंबर के दिन अपने दिल पर भरोसा करें। उन संदेशों पर ध्यान दें, जो आपको भावनात्मक विकास और आत्म-समझ की ओर ले जा रहे हैं। आज आप महत्वाकांक्षा और धैर्य का संतुलन बनाए रखेंगे। वृश्चिक राशि- 21 नवंबर के दिन पैसों के मामले में आप सुरक्षित हैं। सेहत से जुड़ी छोटी-मोटी दिक्कतें हो सकती हैं। एक खुशहाल रोमांटिक रिश्ते के लिए प्रयास करें। पेशेवर जिम्मेदारियों को लेकर सावधान रहें। धनु राशि- 21 नवंबर के दिन अपने डिसीजन पर भरोसा रखें। आज आप लॉन्ग टर्म योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए एनर्जेटिक महसूस करेंगे। छोटे-छोटे कार्य सफलता और संतुष्टि की मजबूत नींव रखेंगे, क्योंकि आप केंद्रित रहेंगे। मकर राशि- 21 नवंबर के दिन आप विचारों को साझा करने और नए रास्ते तलाशने के लिए खुले हैं। आपका मन क्रिएटिव विचारों से भरा हुआ है। दोस्तों से बात करना या ग्रुप में शामिल होना नए विचारों को दर्शाता है। कुंभ राशि- 21 नवंबर के दिन आसान एक्सपेरिमेंट्स कॉन्फिडेंस लाते हैं। अपनी जिज्ञासा पर भरोसा करें। आज के दिन को आपको दिलचस्प और रोमांचक अवसरों की ओर ले जाने दें। उत्साह और जिज्ञासा आपके मन को नए विचारों से भर देंगे। मीन राशि- 21 नवंबर के दिन धन का उपयोग समझदारी भरे निवेशों में करें और स्वास्थ्य का ध्यान रखें। प्यार में खुश रहें और हर पल का आनंद लें। ऑफिस में प्रोफेशनल रवैया आपके पक्ष में रहेगा। समृद्धि बनी रहेगी, लेकिन आज आपको अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहना होगा।

किचन सिंक एरिया में ये गलतियाँ न करें, वरना बढ़ सकता है नकारात्मक प्रभाव

वास्तु शास्त्र में घर के हर कोने, विशेषकर रसोई को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि यह स्थान अग्नि और जल के तत्वों का संगम होता है। किचन में सिंक के नीचे की जगह अक्सर नज़रअंदाज़ कर दी जाती है, लेकिन वास्तु के अनुसार, यहां कुछ चीज़ें रखना नकारात्मक ऊर्जा और आर्थिक अस्थिरता का कारण बन सकता है, जिसे वास्तु दोष कहते हैं। तो आइए जानते हैं कि वे मुख्य चीज़ें जिन्हें आपको किचन सिंक के नीचे रखने से बचना चाहिए। कूड़ेदान या डस्टबिन सिंक के नीचे कूड़ेदान रखना सबसे बड़ा वास्तु दोष माना जाता है। सिंक पानी का प्रतिनिधित्व करता है, जो स्वच्छ और बहता हुआ होना चाहिए, जबकि कूड़ेदान गंदगी और स्थिर नकारात्मकता का प्रतिनिधित्व करता है। जल के साथ गंदगी का संयोजन आर्थिक हानि और धन के रुकने का कारण बनता है। यह घर की सकारात्मक ऊर्जा को भी कम कर देता है। कूड़ेदान को सिंक के नीचे से हटाकर किचन के किसी ऐसे कोने में रखें जहां वह कम दिखाई दे और जल तत्व से दूर रहे। बिजली के उपकरण किचन सिंक जल तत्व का क्षेत्र है, जबकि बिजली के उपकरण अग्नि तत्व या ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करते हैं। वास्तु के अनुसार, जल और अग्नि तत्वों का एक साथ आना संघर्ष और असंतुलन पैदा करता है। यह घर के सदस्यों के बीच तनाव बढ़ा सकता है और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ दे सकता है। मिक्सर, टोस्टर या अन्य छोटे उपकरणों को सिंक के नीचे की बजाय कैबिनेट या काउंटर पर रखें। सफाई से जुड़े केमिकल फिनाइल, डिटर्जेंट, एसिड जैसे कठोर केमिकल या सफाई उत्पादों को भी सिंक के नीचे नहीं रखना चाहिए। हालांकि ये सफाई के लिए ज़रूरी हैं, लेकिन इनकी तीव्र रासायनिक प्रकृति सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को बाधित कर सकती है। इसके अलावा, वास्तु के अनुसार, जल तत्व के पास कठोर वस्तुओं को जमा करने से आर्थिक अस्थिरता आ सकती है। इन चीज़ों को सिंक के नीचे रखने के बजाय, किसी बंद अलमारी या बाथरूम/यूटिलिटी एरिया में रखें।

तोते की तस्वीर से आएगी खुशहाली: वास्तु के अनुसार इन स्थानों पर लगाना है शुभ

वास्तु शास्त्र और फेंगशुई, दोनों में ही तोते को एक बहुत ही शुभ और शक्तिशाली प्रतीक माना गया है। यह पक्षी केवल सुंदरता का नहीं, बल्कि प्रेम, वफादारी, अच्छा संवाद, लंबी आयु और सौभाग्य का भी प्रतिनिधित्व करता है। मान्यता है कि यदि तोते की तस्वीर को घर में सही स्थान और दिशा पर लगाया जाए, तो यह उस स्थान की ऊर्जा को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। यह न केवल परिवार के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम और सद्भाव को बढ़ाता है, बल्कि धन और समृद्धि को भी आकर्षित करता है। तो आइए जानते हैं घर के वो कौन से महत्वपूर्ण स्थान हैं जहां तोते की तस्वीर लगाना आपके जीवन में प्रेम की मिठास घोल सकता है और समृद्धि के द्वार खोल सकता है। बच्चों के कमरे वास्तु के अनुसार, तोते की तस्वीर बच्चों के कमरे में लगना से बच्चों की पढ़ाई में रुचि बढ़ती है, उनकी एकाग्रता और याददाश्त  मजबूत होती है क्योंकि उत्तर दिशा को बुध ग्रह की दिशा माना जाता है, जो बुद्धि, ज्ञान और वाणी का कारक है। हरा रंग और तोता बुध से संबंधित हैं, इसलिए यह दिशा शिक्षा के लिए सर्वोत्तम है। ड्राइंग रूम या लिविंग एरिया घर के ड्राइंग रूम या लिविंग एरिया में तोते की तस्वीर लगाने से घर में खुशी और सौहार्द का माहौल बनता है, परिवार के सदस्यों और मेहमानों के बीच संबंध मधुर होते हैं। रिश्तों में तनाव कम होता है क्योंकि उत्तर और पूर्व दिशाएं सकारात्मक ऊर्जा के प्रवेश द्वार मानी जाती हैं। तोते की रंगीन छवि पंचतत्वों  का संतुलन करती है, जिससे घर की निराशा दूर होती है और सुख-सौभाग्य में वृद्धि होती है। बेडरूम तोते का जोड़ा, खासकर बेडरूम में, प्रेम, रोमांस और वैवाहिक सुख का सबसे शक्तिशाली प्रतीक माना जाता है। यह शुक्र और चंद्र की सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। इसलिए तोते के तस्वीर को बेडरूम में लगाने से पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और आपसी समझ बढ़ती है। वैवाहिक जीवन में मिठास आती है और आयु में वृद्धि होती है। यह अकेलापन दूर करने में भी सहायक है। दुकान या दफ्तर वास्तु के अनुसार, उत्तर दिशा को धन के देवता भगवान कुबेर की दिशा भी माना जाता है। दुकान या दफ्तरकी उत्तर दिशा  में तोते की तस्वीर लगाने से धन और समृद्धि का आकर्षण होता है। धन और समृद्धि में वृद्धि होती है। करियर और व्यापार में उन्नति के नए अवसर मिलते हैं।

क्या है इरुमुदिकट्टू? सबरीमाला यात्रा की सबसे पवित्र परंपरा को जानें

केरल के सबरीमाला में वार्षिक मकरविलक्कु तीर्थयात्रा चल रही है. इस दौरान सबरीमाला मंदिर में यात्रियों का सैलाब उमड़ रहा है. मंदिर में 18 पवित्र सीढ़ियां चढ़कर भगवान अयप्पा के भक्त इरुमुदिकट्टू लेकर दर्शन कर रहे हैं. ये एक प्रकार का एक विशेष प्रकार का थैला होता है, जो भक्त सिर पर रखकर ले जाते हैं. दरअसल, भक्त 41 दिनों तक कठोर उपवास रखते हैं, मालाएं पहनते हैं, काले कपड़े पहनते हैं. ऐसा माना जाता है कि अगर 41 दिनों का यह व्रत पूरी श्रद्धा और निष्ठा से रखा जाए, तो जीवन में बड़े बदलाव आ सकते हैं. आइए आपको बताते हैं कि इरुमुदिकट्टू क्या है और इसका क्या महत्व है? सबरीमाला में इरुमुदिकट्टू का क्या महत्व है? सबरीमाला में भगवान अयप्पा से जुड़े सबसे महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक इरुमुदिकट्टू है. सबरीमाला में 18 पवित्र सीढ़ियां चलकर भगवान अयप्पा के दर्शन करने वाला भक्त अपने सिर पर इरुमुदिकट्टू पहनता है. वास्तव में, इरुमुदिकट्टू सिर्फ एक थैला नहीं है. यह सबरीमाला में भगवान अयप्पा के लिए किए जाने वाले महत्वपूर्ण अनुष्ठानों में से एक है. इसे भक्त के 41 दिनों के व्रत, समर्पण और आध्यात्मिक यात्रा का प्रतीक माना जाता है. इरुमुदिकट्टू में क्या होता है? इरुमुदिकट्टू के एक भाग में भगवान को अर्पित किया जाने वाला प्रसाद होता है. इसमें मुख्यतः सूखे चावल आदि होते हैं जिन्हें भगवान को अर्पित किया जाता है. इसके अतिरिक्त, इसमें घी से भरा एक नारियल रखा जाता है. यह नारियल भक्त के पूर्ण समर्पण और मुक्ति का प्रतीक है. इसके अतिरिक्त, इस भाग में अन्य पूजा सामग्री जैसे कपूर, रेशम, अवल, फूल, पान आदि भी शामिल होते हैं. ये सभी भगवान को अर्पित की जाने वाली सामग्री है. पिनमुड़ी का उपयोग भक्त की यात्रा के दौरान की जाने वाली आवश्यकताओं के लिए किया जाता है. वहीं, कुछ जगहों पर नादुमुदी नाम की एक प्रथा भी है. इसमें चढ़ावे के रूप में दिए जाने वाले सिक्के, चढ़ावे की रसीदें आदि को बीच में एक छोटी सी पोटली में बांधकर कुछ जगहों पर रख दिया जाता है. यह प्रथा कुछ ही जगहों पर प्रचलित है.

मन में उठते हैं उल्टे-सीधे विचार? जानें आसान माइंड डिटॉक्स टिप्स

जिस तरह से उल्टी-सीखे खानपान से शरीर को बचाने के लिए बॉडी डिटॉक्स की जाती है। उसी तरह से माइंड को भी उल्टे-सीधे ख्याल से बचाने के लिए डिटॉक्स की जरूरत होती है। लगातार काम का प्रेशर, फ्यूचर की टेंशन और तनाव माइंड को थका देता है। ऐसे में जरूरी है कि दिमाग को थोड़ा रिलैक्स किया जाए, जिससे कि माइंड रिफ्रेश हो। दिमाग को डिटॉक्स कर रिफ्रेश करना है तो कुछ खानपान बदलने की जरूरत नहीं लेकिन इन आदतों को जरूर शामिल करने की जरूरत है। जानें कैसे करें माइंड को डिटॉक्स। ऐसे करें माइंड को क्लियर दिमाग में आ रहे ख्याल और विचारों को क्लियर करना है तो सबसे पहले उन्हें लिखना शुरू कर दें। ऐसा करने से आप समझ जाएंगे कि दिमाग में चल रही कितनी बात काम की है और कितनी बात गैर जरूरी है। रोजाना ऐसा करने से कुछ दिनों में खुद ब खुद अंतर दिखेगा और माइंड ज्यादा क्लियर सोचना शुरू कर देगा। अपना पसंदीदा काम करें काम के प्रेशर और तनाव के बावजूद खुद के लिए समय निकालकर ऐसी जगह जाएं जहां जाना आपको खुशी देता है। गार्डेन, पार्क, समंदर किनारे बीच या फिर आपका प्यारा बेडरूम। वहां बैठकर थोड़ी देर रिलैक्स हों और वो काम करें जिससे खुशी मिलती हो। आराम जरूरी है आजकल भी भागदौड़ भरी और कंपटीशन से भरी दुनिया में हर कोई एक दूसरे को पीछे छोड़ना चाहता है। ऐसे में भागते-भागते थक गए तो इस रैट रेस से बाहर हो जाएं। कुछ देर के लिए दिमाग को आराम दें और कुछ भी ना करें। लगातार काम भी माइंड को थका देता है और मेंटल हेल्थ को नुकसान पहुंचाता है। फोन को कहें बॉय खाली टाइम या रिलैक्स होने का मतलब फोन और सोशल मीडिया चलाना नहीं है। कुछ देर के लिए माइंड को रिफ्रेश करना है तो फोन और नोटिफिकेशन को बंद कर दें। वर्चुअल वर्ल्ड से दूरी बनाएं। जिससे माइंड रिलैक्स होगा और रिफ्रेश भी। खुद की जिम्मेदारी लें खुद की सेहत को ठीक करना है दूसरों पर जिम्मेदारी ना डालें। एक्सरसाइज और अच्छे खाने का रूटीन सेट करना है खुद से कोशिश करें। पहले खुद के लिए कोशिश करनी होगी तभी दूसरे भी मदद करेंगे। कौन सा काम पहले करना ये तय कर लें रोजाना काम की लिस्ट बहुत लंबी होती है लेकिन तय करें कि कौन सा काम पहले करना है और कौन सा काम बाद में, ऐसा करने से आपको बहुत ज्यादा हड़बड़ी और दिमाग पर प्रेशर डालने की जरूर नहीं पड़ेगी।