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रेणुका चौधरी का बीजेपी पर हमला: कहा- सब ठीक है, बस पार्टी में अजीब वायरस है

नई दिल्ली  उपराष्ट्रपति पद से जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे पर कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रेणुका चौधरी ने तंज कसा है। संसद भवन परिसर में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा में अजीब वायरस है जो इन्हें लग गया है। कांग्रेस एमपी से पूछा गया कि धनखड़ के इस्तीफे में आपको कुछ गड़बड़ क्यों लग रहा है? इस पर रेणुका चौधरी ने कहा, 'क्या भाजपा ने कभी ठीक से किया है? अगर तबीयत खराब है तो एम्स जैसे बहुत बढ़िया अस्पताल हैं। इसका इलाज हम करवा देंगे। उपराष्ट्रपति के स्वास्थ्य का ऐसा कौन सा बड़ा मुद्दा है? वे लंबे-तंबे और हट्टे-कट्टे जाट हैं। सब ठीक-ठाक है मगर ये सरकारी बीमारी है। ये अजीब वायरस भाजपा में घूमता रहता है, जो इनको भी लग गया है।' जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे को लेकर राजनीतिक गलियारे में चर्चा गरमाई हुई है। राजद सांसद मनोज झा ने इस पर कहा, 'स्वास्थ्य कारणों से उन्होंने इस्तीफा दिया है। मुझे इस सरकार की कुछ चीजें जो बेहद परेशान करती है कि गैर पारदर्शिता इनकी पहचान बन गई है। कोई निर्णय क्यों होता है? कोई बीच कार्यकाल में अपना इस्तीफा देते हैं, ये पूरी सरकार पर प्रश्न है। अभी तक प्रधानमंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया दी है की नहीं ये भी चिंता का विषय है।' भाजपा नेताओं ने किया बचाव दूसरी ओर, धनखड़ के इस्तीफे का भाजपा नेता बचाव करते नजर आ रहे हैं। भाजपा सांसद डॉ. भागवत किशनराव कराड ने कहा, 'उनका स्वास्थ्य अच्छा नहीं था और कुछ दिन पहले वह AIIMS में भर्ती थे। मैं समझ सकता हूं अगर स्वास्थ्य अच्छा नहीं है तो यही कारण है उनके इस्तीफे की।' बीजेपी सांसद रवि किशन ने कहा कि ये विपक्ष है इनका काम है बोलना। किसी के स्वास्थ्य का भी मजाक उड़ा सकते हैं और उस पर भी राजनीति कर सकते हैं। उन्होंने कहा, 'इंसान को कब क्या हो जाए ये आप नहीं बता सकते हैं। उनको डॉक्टर ने कहा है आराम करने को तो अगर कोई आराम करना चाहता है तो उस पर भी ये राजनीति कर रहे हैं। राजनीति का लेवल दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है।'  

कार्यकर्ता चलो कांग्रेस के सम्मेलन में दिल्ली: पवन पटेल

भोपाल पवन पटेल प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कांग्रेस कमेटी भोपाल में प्रेस नोट जारी कर बताया कि राहुल गाँधी जी का मानना है की महात्मा फुले, महात्मा गाँधी, जवाहरलाल नेहरू जी और बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर जी के सपनो को साकार करने के लिए ओबीसी वर्ग के हक अधिकार की लड़ाई लड़नी होगी, कांग्रेस पार्टी हमेशा अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी है, आज हासिए पर खड़े वर्ग के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक उत्थान के लिए लड़ना होगा, इसके लिए एक मजबूत और जीवंत ओबीसी आंदोलन आवश्यक है I  पवन पटेल प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग कांग्रेस कमेटी ने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग नई दिल्ली द्वारा दिनांक 25 जुलाई 2025 को ताल कटोरा स्टेडियम नई दिल्ली में “कांग्रेस ओबीसी नेतृत्व का भागीदारी न्याय महासम्मेलन” का आयोजन किया गया है सामाजिक न्याय की आवाज़ मुखर करने तथा देश के बहुसंख्यक पिछड़े वर्ग को हर क्षेत्र में भागेदारी देने तथा जातिगत जनगणना की लड़ाई लड़ कर उसको अंजाम तक पहुंचने का मार्ग प्रसस्त करने वाले, आम आदमी की आवाज़, नेता विपक्ष आदरणीय राहुलगांधी जी,अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आदरणीय मल्लिकार्जुन खड़गे जी तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग के अध्यक्ष आदरणीय अनिल जय हिन्द यादव जी सम्मलेन को सम्बोधित करेंगे I मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग विभाग के कार्यकारी अध्यक्ष पवन पटेल ने सभी पिछड़ा वर्ग, सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ने वाले साथियो से अनुरोध किया है की अधिक से अधिक संख्या में पहुंच कर राहुल गाँधी जी के हाथो को मजबूत करे तथा अपने हक अधिकार के प्रति अपनी एकता का परिचय देने का कष्ट करे.

अन्नामलाई को BJP में मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी, अध्यक्ष के ऐलान के बाद होगा खुलासा

चेन्नई तमिलनाडु के पूर्व बीजेपी अध्यक्ष के अन्नामलाई को जल्द ही पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। उन्हें बीजेपी के महासचिव पद पर प्रमोट किया जा सकता है। पार्टी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि बताया कि अगले महीने बीजेपी अध्यक्ष के चयन के बाद अन्नामलाई से जुड़ा ऐलान किया जाएगा।  ''जब अप्रैल महीने में अन्नामलाई ने तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष पद छोड़ा था, तभी उन्हें आश्ववासन दिया गया था कि उन्हें पार्टी में बड़ा पद दिया जाएगा। उनके पद छोड़ने के बाद विधायक नैनार नागेंथ्रान को राज्य में भाजपा का प्रमुख बनाया गया है। हालांकि, पिछले लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु में भले ही बीजेपी को एक भी सीट नहीं मिली हो, लेकिन उसका वोट प्रतिशत तीन फीसदी से बढ़कर 11 फीसदी हो गया। और इसका क्रेडिट अन्नामलाई को ही जाता है।'' केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कई मौको पर साफ किया है कि अन्नामलाई राज्य की राजनीति में भी अहम भूमिका निभाएंगे, जबकि उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर भी अहम जिम्मेदारी दी जाएगी। हालांकि, तमिलनाडु बीजेपी चीफ का पद छोड़ने के अगले दिन ही अन्नामलाई को बीजेपी के नेशनल काउंसिल का सदस्य बनाया गया था। हाल ही में अन्नामलाई ने तमिलनाडु में एआईएडीएमके गठबंधन के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का हवाला दिया कि अगर गठबंधन सत्ता में आता है तो भाजपा सरकार का हिस्सा होगी। के अन्नामलाई ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा, "…केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कई बार कह चुके हैं कि भाजपा सरकार का हिस्सा होगी… गठबंधन (अन्नाद्रमुक के साथ) जारी रहना चाहिए।" अन्नामलाई ने अमित शाह के उस आश्वासन पर जोर दिया जिसमें उन्होंने दोनों दलों को स्वीकार्य एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम बनाने का आश्वासन दिया था, जिसका उद्देश्य 2026 के विधानसभा चुनावों में द्रमुक को हराना है। उन्होंने आगे कहा, "केंद्रीय गृह मंत्री ने यह भी कहा है कि हमारा एक न्यूनतम साझा कार्यक्रम होगा जो दोनों दलों को स्वीकार्य होगा।"

राजनीतिक हलचल: 7 सांसद BJP के संपर्क में, मंत्री के दावे से सियासत गरमाई

मुंबई  महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन ने  दावा किया कि विपक्षी खेमे के कुछ सांसद, विशेषकर शिवसेना (UBT) के सांसद, भाजपा के संपर्क में हैं और संकेत दिया कि आने वाले दिनों में संसद में पार्टी का संख्याबल बढ़ेगा। शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए भाजपा नेता ने कहा कि महाराष्ट्र में ‘ठाकरे ब्रांड’ अपनी प्रासंगिकता खो चुका है। महाजन ने सोलापुर जिले के प्रसिद्ध पंढरपुर मंदिर में दर्शन करने के बाद संवाददाताओं से कहा, 'भाजपा के सांसदों की संख्या और बढ़ेगी। पहले चार सांसद हमारे संपर्क में थे, अब तीन और के जुड़ने की संभावना है। ये सांसद विभिन्न दलों के हैं, लेकिन अधिकतर शिवसेना (UBT) गुट से हैं।' ‘सामना’ के कार्यकारी संपादक संजय राउत के साथ एक साक्षात्कार में, उद्धव ने कहा है कि ठाकरे केवल एक ‘ब्रांड’ नहीं है, बल्कि महाराष्ट्र, मराठी मानुस और हिंदू गौरव की पहचान है। महाजन ने कहा, 'ठाकरे ब्रांड बहुत पहले ही अपनी प्रासंगिकता खो चुका है। बालासाहेब ठाकरे असली शिवसेना के नेता थे, लेकिन 2019 में उद्धव ठाकरे के कांग्रेस के साथ गठबंधन करने के बाद स्थिति बदल गई। उन्होंने बालासाहेब की विचारधारा को त्याग दिया। तभी ठाकरे ब्रांड का अस्तित्व समाप्त हो गया।' एकनाथ शिंदे ने कसा तंज महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए रोम के सम्राट नीरो का जिक्र किया। शिवसेना प्रमुख शिंदे ने उद्धव का नाम लिए बिना कहा, 'यह अजीब बात है कि कुछ लोग तब भी जश्न मना रहे हैं, जब लोग उनकी पार्टी (शिवसेना-उबाठा) छोड़ रहे हैं। हमने इस तरह का व्यवहार पहले कभी नहीं देखा। ‘जब रोम जल रहा था, नीरो बांसुरी बजा रहा था’।' उन्होंने विपक्ष के चुनाव हारने पर निर्वाचन आयोग की 'चुनिंदा' आलोचना पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि आत्मनिरीक्षण करने के बजाय, कुछ नेता सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप में लगे हैं और दूसरों को कोस रहे हैं।

कांग्रेस विधायकों की मांडू में शुरू हुई क्लास, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने किया उद्घाटन,पॉलिटिकल और टेक्निकल …

मांडू  मध्य प्रदेश कांग्रेस पार्टी आज से धार जिले के पर्यटन स्थल मांडू में अपने विधायकों के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित कर रही है. 'चिंतन शिविर' के सत्रों में से एक सत्र 'झूठे मामले और जांच एजेंसियां: लोकतंत्र पर हमला' शीर्षक से होगा. कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि ने चूंकि संसद का मानसून सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है, इसलिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी विधायकों को वर्चुअल माध्यम से संबोधित कर सकते हैं. उन्होंने बताया कि 64 विधायक अपरिहार्य निजी कार्यों के कारण वीडियो लिंक के माध्यम से जुड़ेंगे. कांग्रेस के राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील विवेक तन्खा ने कहा कि वह झूठे मामलों में अपना बचाव कैसे करें, इस बारे में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए विधायकों को संबोधित करेंगे. तन्खा ने कहा, "मैं भाजपा का राजनीतिक रूप से मुकाबला करने और एक ज़िम्मेदार विपक्ष के रूप में लड़ाई लड़ने के तरीकों पर भी बोलूंगा. मैं इस बात पर ध्यान केंद्रित करूंगा कि पार्टी को कैसे मज़बूत किया जाए ताकि 2028 के चुनावों में मध्य प्रदेश में भाजपा से सत्ता छीनी जा सके. मानसून सत्र और सुप्रीम कोर्ट में पूर्व व्यस्तताओं के कारण मैं व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं हो पा रहा हूं." एक पार्टी पदाधिकारी ने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के मध्य प्रदेश के राजनीतिक मामलों के महासचिव हरीश चौधरी और मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी सोमवार को शिविर को संबोधित करेंगे. पदाधिकारी ने बताया, "मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा नेतृत्व, अनुशासन और संगठनात्मक एकता जैसे विषयों पर विधायकों को संबोधित करेंगे. पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ 'मध्य प्रदेश का भविष्य और आर्थिक नीति' विषय पर एक सत्र में वर्चुअल रूप से शामिल होंगे, जिसमें आर्थिक चुनौतियों और विकास रणनीतियों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा." उन्होंने आगे कहा, "दोपहर के भोजन के बाद कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा पार्टी विचारधारा के प्रभावी संचार के माध्यम से मीडिया प्रबंधन और कथा निर्माण पर बात करेंगे.  अब जानिए विधायकों को कौन क्या सिखाएगा? पहला दिन: 21 जुलाई 2025 तन्खा बताएंगे, फर्जी मुकदमों से कैसे निपटें? सुबह 11 बजे: मोटिवेशनल स्पीकर सोनू शर्मा विधायकों को जनप्रतिनिधि की भूमिका, नेतृत्व, अनुशासन और संगठनात्मक एकता पर संबोधित करेंगे। दोपहर 12 बजे: राज्यसभा सांसद और सीनियर एडवोकेट विवेक तन्खा फर्जी मुकदमों और जांच एजेंसियों के दुरुपयोग पर संवैधानिक प्रतिरोध के उपाय बताएंगे। कमलनाथ बताएंगे आर्थिक नीति पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ वर्चुअली जुड़कर एक सत्र को संबोधित करेंगे। इस सत्र में वे 'मध्यप्रदेश का भविष्य और आर्थिक नीति' विषय पर प्रदेश की आर्थिक चुनौतियों, अवसरों और विकास की रूपरेखा पर अपना वक्तव्य देंगे।दोपहर एक बजे से 45 मिनट का लंच ब्रेक होगा। पवन खेड़ा बताएंगे नरेटिव बिल्डिंग के गुर 1:45 बजे लंच ब्रेक के बाद कांग्रेस के मीडिया और कम्युनिकेशन विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन खेड़ा मीडिया मैनेजमेंट के गुर सिखाएंगे। विधायकों को वे यह बताएंगे कि नरेटिव सेट करने के लिए कम्युनिकेशन के माध्यम से कांग्रेस की विचारधारा को मजबूती से कैसे प्रस्तुत किया जाए। विधानसभा के पूर्व पीएस बताएंगे सत्ता पक्ष पर कैसे प्रहार करें? 2:15 बजे से शुरू होने वाले सत्र में विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव भगवानदेव इसराणी विधायकों को सत्ता पक्ष पर रणनीतिक प्रहार की रणनीति बताएंगे। सरकार की विफलताओं पर आरटीआई, ऑडिट रिपोर्ट और विधानसभा के नियमों के जरिए घेरने की बारीकियों को बताएंगे। 10-10 विधायकों के ग्रुप बनाकर होगी चर्चा दोपहर 3 से 4 बजे के बीच 10-10 विधायकों के ग्रुप बनाकर समूह चर्चाएं होगी। इनमें एसटी, एसटी, ओबीसी वर्ग के विधायक अलग-अलग विषयों पर मंथन कर रिपोर्ट बनाएंगे। पहले दिन के अंतिम सत्र में जुड़ सकते हैं राहुल गांधी 4 से शाम 5 बजे तक अंतिम सत्र में 2028 के विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीतिक चर्चा होगी। इस सत्र में हर समूह में हुई चर्चा में निकले निष्कर्ष को शेयर किया जाएगा। इसी सत्र में संगठन सृजन अभियान, जातिगत जनगणना के मुद्दे पर चर्चा होगी। इस सत्र में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी वर्चुअली संबोधन दे सकते हैं। दूसरा दिन: 22 जुलाई 2025 अजय माकन बताएंगे कांग्रेस की दिशा दूसरे दिन के पहले सत्र में राज्यसभा सांसद और पूर्व केन्द्रीय मंत्री अजय माकन कांग्रेस के मूल सिद्धांत, हमारी वैचारिक दिशा, संविधान वाद, धर्मनिरपेक्षता, समावेशी विकास और सामाजिक न्याय पर फिर से कैसे जुड़ाव हो इसपर संबोधन देंगे। दोपहर 12 बजे से कांग्रेस की स्थापना से लेकर वर्तमान के दौर तक कांग्रेस की संघर्ष गाथा पर केन्द्रित एक वीडियो दिखाया जाएगा। मध्य प्रदेश विधानसभा के पूर्व प्रमुख सचिव भगवानदास इसरानी सत्तारूढ़ दल की खामियों को उजागर करने के लिए आरटीआई, ऑडिट रिपोर्ट और सदन के नियमों के इस्तेमाल पर विधायकों को जानकारी देंगे." उन्होंने बताया कि एसटी, एससी और ओबीसी समुदायों से संबंधित मुद्दों पर केंद्रित 10 सदस्यीय विधायक टीमों के बीच समूह चर्चा भी होगी और विचार-विमर्श के आधार पर रिपोर्ट तैयार की जाएगी. कांग्रेस पदाधिकारी ने बताया, "मंगलवार को राज्यसभा सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अजय माकन पहले सत्र में कांग्रेस के मूल सिद्धांतों, संविधानवाद, धर्मनिरपेक्षता, समावेशी विकास और सामाजिक न्याय पर बोलेंगे. कांग्रेस की सोशल मीडिया प्रमुख सुप्रिया श्रीनेत डिजिटल मीडिया पर केंद्रित रणनीतियों पर सुझाव देंगी, जिसमें एक्स, फेसबुक, लघु वीडियो का उपयोग, ट्रोलिंग से निपटना और छवि निर्माण शामिल हैं." बता दें कि सत्तारूढ़ बीजेपी ने भी पिछले महीने नर्मदापुरम जिले के प्रसिद्ध हिल स्टेशन पंचमढ़ी में अपने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए तीन दिवसीय शिविर का आयोजन किया था.  

‘लव जिहाद’ को लेकर गरमाई सियासत, विजयवर्गीय ने दी चेतावनी – सोनम को भी दी नसीहत

 इंदौर इंदौर में विधानसभा एक के कार्यक्रम के दौरान मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक बार फिर लौट जिहाद को लेकर बड़ा बयान दिया है कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि यह एक बहुत बड़ा षड्यंत्र चल रहा है जहां पर मुस्लिम वर्ग के लोग हिंदू युवतियों को अपने झांसे में लेकर उनके साथ यौन शोषण करते हैं और उनका फायदा उठाकर उन्हें छोड़ देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि मुस्लिम वर्ग के सभी पहले तो हिंदू लड़कियों को अपने झांसे में लेते हैं और उसके बाद उनका जीवन बर्बाद कर देते हैं। सभा में आए सभी महिलाओं से कैलाश विजयवर्गीय ने जोर देते हुए कहा कि अपनी बेटियों को अच्छे संस्कार दें। किसी से भी दोस्ती करने से पहले उसके परिवार का पता लगा लो। लव जिहाद के कारण कई हिंदू लड़कियां मुस्लिम युवकों का शिकार हो रही है। अपने बेटियों को संस्कार देना काफी जरूरी है। कैलाश विजयवर्गीय ने सोनम रघुवंशी को लेकर भी यह साफ कहा कि हमारे विधानसभा की एक बच्ची ने संस्कार की कमी के कारण कितना बड़ा कदम उठायाहै। हमारे परिवार में बच्चों को अब रामचरितमानस, रामायण जैसे कोई भी पुराने को पढ़ने या परिवार वाले उन्हें पढ़ते नहीं है। हमारे पुराणों में कई बातों का उल्लेख है यदि हम उन्हें इन पुराणों का ज्ञान देंगे तो बच्चे सही राह पर चलेंगे। कैलाश विजयवर्गीय ने अपने परिवार को उदाहरण देते हुए बताएं कि जब वह छोटे थे तो सुबह दोपहर शाम और रात को उनकी माताजी उन्हें रामचरितमानस के दोहे सुनने को कहती थीं कि जब तक दोहे नहीं सुनेंगे तब तक भोजन नहीं मिलेगा या फिर सुबह का नाश्ता नहीं मिलेगा। कैलाश गुर्जर ने साफ कहा कि यदि बच्चों में अच्छे संस्कार आज डाला जाएगा तो आने वाले समय में वह संस्कारी रहेंगे।

कांवड़ यात्रा को लेकर सपा विधायक इकबाल महमूद के बयान से बवाल, कहा– यह आस्था नहीं, अराजकता

संभल समाजवादी पार्टी (सपा) के संभल से विधायक इकबाल महमूद ने कांवड़ यात्रा को लेकर विवादास्पद बयान दिया है. उन्होंने दावा किया कि कांवर यात्रा में शिवभक्तों से ज्यादा गुंडे हैं. उन्होंने कहा कि ये लोग तोड़फोड़ और गुंडागर्दी कर रहे हैं. उनके इस बयान ने कांवड़ यात्रा की पवित्रता और उसमें शामिल लोगों के व्यवहार पर सवाल उठाए हैं, जिससे राजनीतिक चर्चा तेज हो गई है. सपा विधायक ने हुड़दंग कर रहे कांवड़ियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांवड़ यात्रा में शिवभक्तों से ज्यादा गुंडे हैं. उन्होंने दावा किया कि ये लोग सड़कों पर तोड़फोड़ और गुंडागर्दी कर रहे हैं और उनकी जगह जेल में है. उन्होंने सरकार से इन उपद्रवियों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें जेल भेजने की मांग की है. महमूद ने मुजफ्फरनगर की घटना का किया जिक्र महमूद ने मुजफ्फरनगर में हुई एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां कांवर यात्रियों ने बच्चों को ले जा रही एक स्कूल वैन में तोड़फोड़ की. उन्होंने चिंता जताई कि कांवर यात्रा में सच्चे शिव भक्तों की संख्या कम है, जबकि उपद्रव करने वालों की तादाद ज्यादा है. 'इसका हिसाब परलोक में होगा' उन्होंने कहा, 'ये लोग अच्छे कर्म नहीं कर रहे, बल्कि दूसरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं. इनके कर्मों का फल इन्हें परलोक में भुगतना पड़ेगा.' योगेंद्र राणा की टिप्पणी का किया विरोध इससे पहले इकबाल महमूद ने करनी सेना के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष योगेंद्र राणा के द्वारा समाजवादी पार्टी की सांसद इकरान पर निकाह कुबूल है, कुबूल है वाली टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया दी थी. इकबाल महमूद ने कहा कि ये सभी गलत लोग हैं और उनकी जगह जेल में होनी चाहिए. हमारे समाज में सभी वर्गों के लोग रहते हैं. उन्होंने हिंदू समाज से अपील करते हुए कहा कि लोग सामने आए और इस तरह की बयानबाजी करने वाले व्यक्ति का विरोध करें और इसको जेल में डलवाने की कोशिश करें. इस व्यक्ति के द्वारा जो घृणात्मक बयान दिया गया है वह अशोभनीय है और ऐसे आदमी की जगह जेल के अलावा कहीं और नहीं है. हमारे उत्तर प्रदेश के मुखिया सीएम योगी को इसका संज्ञान लेना चाहिए और इस मामले में सख्त कार्रवाई करें.

उद्धव ठाकरे का आरोप: सरकार ने हमले के बाद भी सुरक्षा से ज़्यादा राजनीति को तवज्जो दी

मुंबई शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने सुरक्षा की विफलता पर सवाल उठाए और सरकार पर राष्ट्रीय सुरक्षा की बजाय राजनीति और कूटनीति को प्राथमिकता देने का आरोप लगाया। 'सामना' को दिए एक साक्षात्कार में ठाकरे ने कहा, "पहलगाम हमला चौंकाने और आक्रोशित करने वाला था। हमें बताया गया था कि कश्मीर में सामान्य स्थिति लौट आई है। फिर यह हमला कैसे हुआ?" धारा 370 को निरस्त करने का समर्थन करने वाले ठाकरे ने इस बात पर निराशा व्यक्त की कि बड़े-बड़े दावों के बावजूद कश्मीर में जमीनी हालात अभी भी अस्थिर हैं। उन्होंने कहा, "पर्यटन फिर से शुरू हो गया है, लेकिन सुरक्षा की अनदेखी की गई है। आप किसी पूर्व अशांत क्षेत्र के साथ ऐसा व्यवहार नहीं कर सकते जैसे सब कुछ 'ठीक' हो और अपनी सुरक्षा कम कर दें।" हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा, "छब्बीस महिलाओं ने अपना सिंदूर खो दिया। हमारी माताओं और बहनों की इज्जत को तार-तार करने के लिए कौन जिम्मेदार है?" उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि आतंकवादी भारतीय क्षेत्र में इतनी अंदर तक कैसे घुसपैठ करने में कामयाब रहे। उन्होंने "हमले के तीन महीने बाद भी, आतंकवादियों का पता नहीं चल पाया है। पहले उनकी तस्वीरें जारी की गईं, फिर उन्हें खारिज कर दिया गया। वे आए, हमला किया और गायब हो गए। वे कहां गए?" ठाकरे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बार-बार किए गए दावे को लेकर भी सरकार को घेरा। ट्रंप का दावा है कि उन्होंने संभावित भारत-पाकिस्तान युद्ध को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था। इस पर ठाकरे ने पूछा, "ट्रंप 27 बार कह चुके हैं कि उन्होंने युद्ध रोका। हमारे '56 इंच के सीने' वाले प्रधानमंत्री इस पर चुप क्यों हैं?" हमले के बाद शुरू किए गए 'ऑपरेशन सिंदूर' अभियान पर निशाना साधते हुए ठाकरे ने कहा कि सेना के पराक्रम का राजनीतिकरण किया गया। हमारी सेना सीमा पार कर गई, लेकिन उन्हें वापस क्यों बुलाया गया? सरकार को पीछे हटने के लिए क्यों मजबूर होना पड़ा? यह अभी भी एक रहस्य है।" उन्होंने भाजपा की आंतरिक आयु नीति पर भी कटाक्ष किया और सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री मोदी 75 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होंगे। उन्होंने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी और मुरली मनोहर जोशी जैसे नेताओं को 75 साल की उम्र में पद छोड़ने के लिए मजबूर किया था। क्या पीएम मोदी अपने ही बनाए नियमों का पालन करेंगे?" ठाकरे ने भाजपा पर शिवसेना को तोड़ने का आरोप लगाया और कहा कि सत्ता में बैठे लोग अब संविधान का सम्मान करने को भी तैयार नहीं हैं।

चुनावी धांधली से हारी कांग्रेस? महाराष्ट्र चुनाव पर उदित राज का बयान

नई दिल्ली शिवसेना (यूबीटी) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में मिली हार के लिए उस गलती को जिम्मेदार ठहराया है, जिसमें सीट बंटवारे के दौरान देरी हुई और लोगों में गलत संदेश गया। ठाकरे ने माना है कि यह एक गलती थी, जिसे सुधारना होगा। अगर भविष्य में ऐसी गलतियां होती रहीं तो गठबंधन में रहने का कोई मतलब नहीं है। ठाकरे के इस बयान के बाद से महाराष्ट्र और राजधानी दिल्ली की सियासत तेज हो गई है। शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बयान पर कांग्रेस नेता उदित राज ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने यहां तक कह दिया कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में महाविकास अघाड़ी की हार का मुख्य कारण फर्जीवाड़ा था। रविवार को आईएएनएस से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि देखिए, उद्धव ठाकरे के हिसाब से जो वो कारण बता रहे हैं, वह कारण भी हो सकता है। लेकिन, वह बहुत छोटा कारण होगा। चुनाव में हार की असली वजह फर्जीवाड़ा ही है। शाम 5 बजे के बाद लगभग 70 लाख वोट कैसे डाले जा सकते हैं? क्या यह संभव भी है? और, विपक्ष के वोट जानबूझकर कम किए गए। जब मतदान हो रहा था तब बाहर से मतदाताओं को लाया गया था। कुछ जगहों पर, एक ही पते पर हजारों मतदाता पंजीकृत हैं। कांग्रेस नेता उदित राज के मुताबिक, महाराष्ट्र के चुनावों में धोखाधड़ी की गई है। हमारे नेता राहुल गांधी ने तथ्यों के आधार पर चुनाव आयोग से सवाल किए। इतने महीने बीतने के बावजूद भी आयोग राहुल गांधी के सवालों के जवाब नहीं दे पाया है। इसे क्या समझा जाए? कांग्रेस नेता ने कहा कि मतदान के दौरान सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाती है। लेकिन, चुनाव आयोग ने एक नियम बना दिया है कि 45 दिनों के बाद सीसीटीवी फुटेज को नष्ट कर दिया जाता है। शिवसेना (यूबीटी) के मुखपत्र ‘सामना’ को दिए इंटरव्यू में उद्धव ठाकरे ने इस बात को स्वीकार किया कि उन्हें कुछ ऐसी सीटें भी गठबंधन के सहयोगियों को देनी पड़ी, जिस पर उनके उम्मीदवार जीतते रहे थे। उन्होंने कहा कि सीट बंटवारे को लेकर अंतिम क्षणों तक हुई बातचीत से जनता के बीच हमारे बारे में गलत संदेश गया। भविष्य में ऐसा होता है तो साथ में रहने का क्या मतलब रह जाएगा?

राजनीति बनाम क्रिकेट: केंद्रीय मंत्री ने भारत-पाक मैच रद्द होने पर जताई नाराज़गी

नई दिल्ली  केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने रविवार को वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लिजेंड्स (WCL) में भारत और पाकिस्तान के बीच खेले जाने वाले क्रिकेट मैच के देशभर में विरोध होने के बाद रद्द किए जाने पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि खेलों में राजनीति का घालमेल नहीं होना चाहिए। अठावले ने 'एएनआई' से कहा, "खेलों में राजनीति घसीटने की कोई जरूरत नहीं है। अगर मैच भारत में होता, तो मामला गंभीर होता। लेकिन मैच इंग्लैंड में है। हमने पाकिस्तान को युद्ध में हराया है। हमने उनकी क्रिकेट टीम को भी हराया है। इसलिए विपक्ष को इसमें राजनीति नहीं घसीटनी चाहिए।" जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले का जिक्र करते हुए, अठावले ने राष्ट्रीय भावना को स्वीकार किया, लेकिन आतंकी गतिविधियों और खेल आयोजनों के बीच अंतर बताया। उन्होंने आगे कहा, "भारत बनाम पाकिस्तान मैच इंग्लैंड (डब्ल्यूसीएल) में होना था। यह सच है कि आतंकवादियों ने पहलगाम में हमला किया और उसके बाद आतंकी शिविरों को निष्क्रिय कर दिया गया… लेकिन मैच का मामला अलग है।" इस बीच, शिवसेना (यूबीटी) नेता प्रियंका चतुर्वेदी ने रविवार को वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लीजेंड्स (डब्ल्यूसीएल) द्वारा भारत-पाकिस्तान मैच रद्द करने के फैसले का स्वागत किया और इसे हाल ही में हुई आतंकी घटनाओं के मद्देनजर देश की सामूहिक भावनाओं की जीत बताया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, चतुर्वेदी ने लिखा, "देश की सामूहिक आवाज पहाड़ों को हिला सकती है। उन सभी का बहुत-बहुत धन्यवाद जिन्होंने भारत-पाक क्रिकेट संबंधों के खिलाफ, खासकर पहलगाम और ऑपरेशन सिंदूर के बाद, कड़ा रुख अपनाया और मैच रद्द करने के मेरे आह्वान का समर्थन किया। ऐसा हुआ है। डब्ल्यूसीएल ने भारत-पाकिस्तान मैच रद्द कर दिया है। जय हिंद।" आज सुबह, डब्ल्यूसीएल ने इस हाई-प्रोफाइल मैच के रद्द होने की पुष्टि की और जनता और भारतीय क्रिकेट के दिग्गजों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के लिए माफी मांगी।