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सीएम ने कहा, कानून सबके लिए समान, मुख्यमंत्री का पद भी कानून से ऊपर नहीं

शंकराचार्य की परंपरा मर्यादा से चलती है, मनमर्जी से नहीं: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  सीएम ने कहा, कानून सबके लिए समान, मुख्यमंत्री का पद भी कानून से ऊपर नहीं सरकार कानून के शासन में विश्वास करती है, मर्यादा व व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारीः मुख्यमंत्री  नैतिकता की बात करने वालों को पहले परंपरा व व्यवस्था का सम्मान करना चाहिएः सीएम योगी  लखनऊ  विधानसभा में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शंकराचार्य विवाद पर पूरी मजबूती से सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने सनातन परंपरा की मर्यादाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शंकराचार्य का पद भारत की सनातन परंपरा में सर्वोच्च और अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह कोई सामान्य उपाधि नहीं है, जिसे कोई भी व्यक्ति स्वयं ग्रहण कर ले। सपा शासनकाल में हुई वाराणसी की पुरानी घटना का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने प्रश्न उठाया कि यदि संबंधित व्यक्ति वास्तव में शंकराचार्य थे, तो उन पर लाठीचार्ज और एफआईआर क्यों हुई?  नैतिकता की बात करने वालों को पहले परंपरा और व्यवस्था का सम्मान करना चाहिए। माघ मेला में मौनी अमावस्या के अवसर पर साढ़े चार करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे अवसरों पर कड़ी व्यवस्था लागू करनी होती है। प्रवेश और निकास मार्ग निर्धारित होते हैं और उनका पालन सभी के लिए अनिवार्य है। नियमों की अनदेखी भगदड़ जैसी स्थिति पैदा कर सकती है, जिससे श्रद्धालुओं की जान खतरे में पड़ सकती है। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कानून सबके लिए समान है। मुख्यमंत्री का पद भी कानून से ऊपर नहीं है। कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि सरकार कानून के शासन में विश्वास करती है और मर्यादा व व्यवस्था बनाए रखना उसकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जिम्मेदार और मर्यादित व्यक्ति कभी इस प्रकार का आचरण नहीं कर सकता। हम मर्यादित लोग हैं, कानून के शासन पर विश्वास करते हैं। कानून के शासन का पालन करना भी जानते हैं, पालन करवाना भी जानते हैं। दोनों चीजों को एक साथ लागू करवाना जानते हैं, लेकिन इसके नाम पर गुमराह करना बंद करिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आदि शंकराचार्य ने देश की चारों दिशाओं में चार पीठों की स्थापना की थी, उत्तर में ज्योतिष पीठ, दक्षिण में श्रृंगेरी, पूर्व में जगन्नाथपुरी और पश्चिम में द्वारिकापुरी। इन चारों पीठों की अपनी-अपनी परंपरा, दायित्व और आध्यात्मिक आधार हैं। इन पीठों से चार वेद जुड़े हैं- ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद। प्रत्येक वेद का अपना महावाक्य है- “प्रज्ञानं ब्रह्म”, “अहम् ब्रह्मास्मि”, “तत्त्वमसि” और “अयमात्मा ब्रह्म”। ये महावाक्य भारतीय दर्शन की आत्मा हैं और साधना की उच्चतम अवस्था का बोध कराते हैं। मैं ही ब्रह्म हूं, कोई भी साधक जब अपनी साधना की पराकाष्ठा में पहुंचता है तो उसको इस बात की अनुभूति होती है। यही उपनिषदों का उद्घोष भी है।  झूठ को मुद्दा बनाना विपक्ष की प्रवृत्ति मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह बार-बार एक ही बात को दोहराकर उसे मुद्दा बनाने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि जो विषय वास्तविक मुद्दा नहीं था, उसे जानबूझकर विवाद का रूप दिया गया। सदन में तथ्यात्मक चर्चा होनी चाहिए, न कि भ्रम फैलाने का प्रयास।

इन्सेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण डबल इंजन सरकार की बड़ी उपलब्धि मुख्यमंत्री योगी

परिणाम ही मापदंड, स्वास्थ्य सेवाओं में हुआ व्यापक सुधारः मुख्यमंत्री योगी  इन्सेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण डबल इंजन सरकार की बड़ी उपलब्धि वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज के तहत मेडिकल कॉलेजों की संख्या 36 से बढ़कर 81 हुई गोरखपुर और रायबरेली में संचालित हो रहे एम्स, हर जिले में निःशुल्क डायलिसिस सुविधा प्रदेश में 5 करोड़ 46 लाख आयुष्मान गोल्डन कार्ड जारी, स्वास्थ्य क्षेत्र में 45 हजार से ज्यादा नियुक्तियां  लखनऊ  मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर स्पष्ट कहा कि सरकार के लिए घोषणाएं नहीं बल्कि परिणाम ही वास्तविक मापदंड हैं। विपक्ष के आरोपों पर उन्होंने कहा कि कोई भी बात कहने से पहले यह देखना चाहिए कि उसका परिणाम क्या है। केवल लंबी-चौड़ी बातें करने से क्या लाभ यदि परिणाम शून्य हो? इसी दृष्टिकोण के साथ उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलावों, इन्सेफेलाइटिस पर नियंत्रण, मेडिकल ढांचे के विस्तार और भविष्य की स्वास्थ्य अर्थव्यवस्था की योजनाओं का विस्तृत उल्लेख किया। माफिया की तरह इंसेफेलाइटिस पर भी किया प्रभावी नियंत्रण मुख्यमंत्री योगी ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से कहा कि इन्सेफेलाइटिस की बीमारी के कारण आपके जिले के भी बच्चे काल-कवलित होते थे। आपने इस बीमारी का पूरा दौर देखा है। चार बार समाजवादी पार्टी की सरकार बनी, लेकिन उन बच्चों का हाल-चाल लेने कोई नहीं गया। उपचार और सुविधाएं अलग विषय हैं, परंतु संवेदनशीलता भी आवश्यक होती है। आज विश्वासपूर्वक कह सकता हूं कि इन्सेफेलाइटिस से बच्चों को बचाने का जो कार्य हुआ है, उसका श्रेय प्रधानमंत्री जी के गतिशील नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार को जाता है। यह भारतीय जनता पार्टी और एनडीए की डबल इंजन सरकार की उपलब्धि है। हमने इन्सेफेलाइटिस पर वैसे ही प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया है, जैसे प्रदेश में माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई की है। यह सरकार केवल माफिया पर ही नहीं, बल्कि मच्छरों से फैलने वाली घातक बीमारियों पर भी उसी दृढ़ता के साथ नियंत्रण करती है। इन्सेफेलाइटिस इसका एक उदाहरण है। बिना भेदभाव सभी को मिल रही चिकित्सा की सुविधा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि “वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज” की परिकल्पना हमारी सरकार ने आगे बढ़ाई। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 36 से बढ़कर 81 हो चुकी है। 81वां मेडिकल कॉलेज अमेठी में प्रारंभ हो चुका है। इसके अतिरिक्त कुछ नए मेडिकल कॉलेजों पर कार्य प्रगति पर है। प्रदेश में दो एम्स गोरखपुर और रायबरेली में संचालित हो रहे हैं। कई मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं विकसित की गई हैं। डायलिसिस की सुविधा अब प्रत्येक जिले में निःशुल्क उपलब्ध है। आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत उत्तर प्रदेश में पांच करोड़ 46 लाख गोल्डन कार्ड जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विधायक निधि के संदर्भ में भी हमने लचीलापन दिखाने का प्रयास किया है, ताकि गंभीर बीमारियों से पीड़ित जरूरतमंदों को सहायता मिल सके। यदि कोई विधायक सिफारिश करते हैं तो बिना किसी भेदभाव के धनराशि उपलब्ध कराई जाती है। न किसी की जाति देखी जाती है, न मत, न मजहब। हर जरूरतमंद के साथ सरकार खड़ी है। आईसीयू की व्यवस्था के संबंध में एक समय कुछ निजी अस्पतालों के विरुद्ध शिकायतें आई थीं। उस पर जांच कराई गई और संबंधित अस्पतालों को योजना से बाहर किया गया। किंतु जो मामले लंबित थे, उन्हें पुनः धनराशि उपलब्ध कराई गई। किसी भी प्रकार की सीमा निर्धारित नहीं की गई है। हर जरूरतमंद को सहायता दी जा रही है। 42 हजार पैरामेडिक्स की हुई भर्ती मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी अस्पतालों की मनमानी पर नियंत्रण आवश्यक है। यदि सरकार सीजीएचएस दरों के अनुसार भुगतान कर रही है, तो अस्पतालों को भी सहयोग करना चाहिए। शेष भुगतान सरकार उपलब्ध कराएगी। यह धन किसी व्यक्ति विशेष का नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता का है और उसका उपयोग जनता के हित में होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने पैरामेडिकल स्टाफ का जिक्र करते हुए कहा कि अब तक 41,868 पैरामेडिक्स की भर्ती की जा चुकी है, जिन्होंने विभिन्न संस्थानों में कार्यभार ग्रहण किया है। चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में 4,110 से अधिक भर्तियां हुई हैं। कुल मिलाकर 45,978 नियुक्तियां स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में की गई हैं। सरकार की ओर से किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती गई है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में आईसीयू, मिनी आईसीयू, डिजिटल एक्स-रे, ब्लड बैंक, डायलिसिस यूनिट और ऑक्सीजन प्लांट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक रविवार को मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया जा रहा है। 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं के माध्यम से आपात चिकित्सा सेवाएं और अधिक सुलभ बनाई गई हैं। भविष्य की दिशा में बढ़ रहीं फार्मा गतिविधियां  मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य की दिशा में सरकार एआई, जीनोमिक्स, टेलीमेडिसिन, मेडटेक और हेल्थटेक पर विशेष ध्यान दे रही है। बजट में भी इन क्षेत्रों के लिए प्रावधान किए गए हैं। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश केवल स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा बाजार ही नहीं बनेगा बल्कि फार्मा प्रोडक्शन और फार्मा मैन्युफैक्चरिंग का भी प्रमुख केंद्र बनेगा। ललितपुर में फार्मा पार्क की स्थापना की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। हाल ही में लखनऊ में आयोजित फार्मा कॉन्क्लेव में देश-विदेश के शीर्ष फार्मा उद्यमियों ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त गौतम बुद्ध नगर में मेडिकल डिवाइस पार्क का कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है, जिससे मेडिकल उपकरण सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दरों पर उपलब्ध हो सकें। इन सभी प्रयासों के माध्यम से उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन की दिशा में अग्रसर है, और सरकार इस दिशा में निरंतर गति से कार्य कर रही है।

योगी का बयान: अभिभाषण के दौरान किया गया विरोध, मां और राज्यपाल का अनादर

अभिभाषण के दौरान हंगामा राज्यपाल ही नहीं, मां का भी अपमानः योगी बजट सत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेता प्रतिपक्ष के आचरण को बताया सनातन के विपरीत लखनऊ  राज्यपाल माननीय आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान शुक्रवार को हुए हंगामे पर विपक्षी नेताओं को आड़े हाथ लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मुख्य विपक्षी दल के आचरण से न केवल प्रदेश की संवैधानिक प्रमुख, बल्कि मातृ शक्ति का भी अपमान हुआ। उन्होंने सदन में नेता प्रतिपक्ष के आचरण को सनातन की परंपरा के विपरीत बताया। राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा में सीएम योगी ने स्पष्ट कहा कि माननीय राज्यपाल यहां पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आई थीं। उनका यह कार्यक्रम अचानक नहीं थोपा गया था, दलीय बैठकों में इसकी चर्चा हुई थी। मुख्यमंत्री ने नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय से कहा कि आप श्रेष्ठ कुल में पैदा हुए, ब्राह्मण हैं, वयोवृद्ध हैं और सदन में वरिष्ठतम सदस्यों में से एक हैं, इसीलिए आपकी बात का बुरा नहीं माना जाता, लेकिन यह आचरण उचित नहीं है। आप अपने वक्तव्य में सनातन की बात कर रहे थे, लेकिन इसके अनुरूप कार्य नहीं कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सनातन धर्म की परंपरा में मां की उम्र या अपनी उम्र से बड़ी महिला को मां के समान सम्मान देने का विधान है। इस बारे में महर्षि वेदव्यास ने हमें हजारों साल पहले बताया है। वह सनातन धर्म के सबसे बड़े व्याख्याकार हैं। उन्होंने वेदों को लिपिबद्ध कर आने वाली पीढ़ी को दिया। उनका कार्यकाल पांच हजार वर्ष पूर्व था, तब भारत में सबसे विकसित सभ्यता थी, तब भारत दुनिया को दिशा दिखा रहा था। महर्षि वेदव्यास जी ने कहा था.. ‘नास्ति मातृसमा छाया, नास्ति मातृसमा गतिः। नास्ति मातृसमं त्राणं, नास्ति मातृसमा प्रिया।' यानी मां के समान कोई छाया नहीं है, मां के समान कोई सहारा नहीं है, मां  के समान कोई रक्षक नहीं और मां के समान कोई प्रिय नहीं है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, देशी शराब होगी महंगी; जानें नई दरें कब से लागू

लखनऊ  यूपी कैबिनेट ने प्रदेश की नई आबकारी नीति को मंजूरी दे दी है. 1 अप्रैल से यूपी में देसी शराब के दाम बढ़ जाएंगे. देसी शराब के दाम में लगभग 5 रुपए बढ़ेंगे. 36% अल्कोहल वाली देसी शराब 165 से बढ़कर 173 रुपए की हो जाएगी. अन्य किस्म की शराब के दामों में कोई संशोधन नहीं हुआ. यूपी सरकार ने 2026-27 के लिए आबकारी को 71,278 करोड़ का राजस्व लक्ष्य दिया है. वहीं शहरी क्षेत्र में दुकानों का देसी शराब का कोटा घटेगा. शराब की फुटकर दुकानों का आवंटन ई-लॉटरी के माध्यम से होगा. अंग्रेजी शराब की फुटकर दुकानों की लाइसेंस फीस 7.5% बढ़ाई गई है. नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी और लखनऊ में लो अल्कोहलिक स्ट्रैंथ बेवरेज बियर, वाइन और आरटीडी के बाहर लाइसेंस मिल सकेंगे. यूपी में निर्मित शराब और आबकारी के अन्य उत्पादों को विदेश में भी निर्यात होगा. इसके अलावा यूपी में एक अप्रैल से नई नीति लागू होने के बाद अंग्रेजी शराब 10 से 30 रुपये तक महंगी हो जाएगी. देशी शराब के यह दाम प्रति बोतल के हिसाब से बढ़े हैं, इसी आधार पर हाफ क्वॉर्टर और बच्चा की रेट में भी बढ़ोत्तरी हुई है. यानी कोटा 7.5 फीसदी बढ़ा है और 7.5 फीसदी ही लाइसेंस शुल्क भी बढ़ा है. 7.5 फीसदी की यही बढ़ोतरी अंग्रेजी शराब की तरह बीयर पर भी लागू होगी. एक अप्रैल से लागू होने वाली नई आबकारी नीति में कई नए प्रावधान किए गए है. कोटेदारों (अनुज्ञापी) को राहत देने वाली इस नीति में पहली बार देसी शराब में 100 एमएल का मिनिएचर ‘बच्चा’ उतारा गया. 42.8 डिग्री तीव्रता वाला यह ‘बच्चा’ बाजार में 50 रुपये का बिकेगा.  

अयोध्या कोर्ट परिसर खाली, बम धमकी के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट

अयोध्या   राम नगरी अयोध्या में कचहरी को बम से उड़ाए जाने की धमकी से शुक्रवार की दोपहर हड़कंप मच गया। आनन-फानन में दोपहर पौने एक बजे सूचना पर मौके पर बड़ी संख्या में फोर्स पहुंच गई। कचहरी को खाली कर कर सर्च अभियान चलाया जा रहा है। बमरोधी दस्ते, स्नेफर डॉग्स के साथ सर्च अभियान में शामिल है।वरिष्ठ अफसर ने मौके पर पहुंचकर सभी अदालतों एवं अधिवक्ताओं के के बस्ते को खाली करा लिया।लगातार सर्च अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल किसी तरह की कोई अप्रिय सूचना नहीं मिली है। एक फोटो स्टेट की दुकान के पास लावारिस झोले को भी चेक किया गया।  

ओडीओपी योजना से निर्यात दोगुना, पारंपरिक उत्पादों को मिला वैश्विक मंच, बजट में आवंटन बढ़ा

ओडीओपी योजना से बदली कारीगरों की तकदीर, 3.16 लाख लोगों को मिला रोजगार ओडीओपी योजना से निर्यात दोगुना, पारंपरिक उत्पादों को मिला वैश्विक मंच, बजट में आवंटन बढ़ा सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की गई कारीगरों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा भी दी जा रही  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू की गई ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ओडीओपी) योजना प्रदेश की अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक बदलाव का माध्यम बनकर उभरी है। वर्ष 2018 में प्रारंभ की गई इस पहल ने पारंपरिक कारीगरों और स्थानीय उत्पादों को न केवल नई पहचान दी, बल्कि उन्हें बाजार, प्रशिक्षण और वित्तीय संबल भी उपलब्ध कराया। सरकार की ओर से अब तक 1,31,000 कारीगरों को निःशुल्क प्रशिक्षण एवं टूल किट प्रदान की जा चुकी है। योजना के अंतर्गत कारीगरों को मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच लाख रुपये तक की सुरक्षा भी दी जा रही है। परंपरागत उत्पादों को मिला प्रोत्साहन प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, खादी एवं ग्रामोद्योग, रेशम उद्योग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग मंत्री राकेश सचान ने बजट सत्र 2026-27 में प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में शुरू हुई इस योजना ने प्रदेश के पारंपरिक कारीगरों और उत्पादकों को नई पहचान दी है। यह योजना परंपरागत उत्पादों को प्रोत्साहन देने, कारीगरों को प्रशिक्षण, टूल किट और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रभावी रूप से संचालित हो रही है। उन्होंने बताया कि सहारनपुर जनपद में 2275 कारीगरों को उन्नत टूल किट उपलब्ध कराई गई, जबकि 454 हस्तशिल्पियों को 16.26 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की गई।  दोगुना से अधिक हुआ निर्यात उन्होंने बताया कि आर्थिक दृष्टि से भी ओडीओपी योजना ने उल्लेखनीय प्रभाव डाला है। वर्ष 2017-18 में प्रदेश का निर्यात 86 हजार करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 1.84 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। इसमें लगभग 50 प्रतिशत योगदान ओडीओपी एवं हस्तशिल्प उत्पादों का बताया गया है। वर्ष 2018 से अब तक इस योजना के माध्यम से 3,16,000 लोगों को रोजगार सृजित हुआ है। 200 करोड़ के बजट का प्रावधान वित्तीय प्रतिबद्धता भी इस योजना के प्रति सरकार की गंभीरता को दर्शाती है। पिछले बजट में 145 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था, जिसमें से 135 करोड़ रुपये की मार्जिन मनी वितरित की जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष में इसे बढ़ाकर 200 करोड़ रुपये कर दिया गया है। साथ ही प्रदेश के 79 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रांडिंग को मजबूती मिली है। कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा उन्होंने कहा कि ओडीओपी केवल आर्थिक योजना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक पुनर्जागरण का अभियान है। आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से कारीगरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और शिक्षा सुविधाओं से भी जोड़ा गया है। इसके साथ ही ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन व्यंजन’ जैसी नई पहल स्थानीय पहचान को और व्यापक मंच देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।

शादी टलने के बाद बढ़ा तनाव, प्रशासन सख्त; महापंचायत पर रोक, नेता हाउस अरेस्ट

मेरठ  मेरठ में बकायदा कार्ड छपवाकर मुस्लिम युवक से शादी का ऐलान करने वाली हिंदू लड़की का मामला बहुत ज्यादा गरमा गया है। हिंदूवादी नेताओं ने शादी नहीं होने देने का ऐलान किया तो पुलिस एक्टिव हुई। रार बढ़ने पर फिलहाल आज यानी 13 फरवरी को होनी वाली शादी टल गई है। रिसोर्ट मालिक ने बुकिंग भी कैंसिल कर दी है। युवती के चाचा ने मुस्लिम युवक के खिलाफ धर्मांतरण और लव जेहाद का आरोप लगा मुकदमा गंगानगर थाने में दर्ज कराया है, जिसकी जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, हिंदू संगठनों ने शादी वाले रिसोर्ट के बाहर हिंदू महापंचायत का ऐलान किया है। पुलिस इसे भी रोकने में जुट गई है। हिंदूवादी नेताओं को हाउस अरेस्ट किया गया है। क्या है पूरा मामला गंगानगर निवासी युवती की 13 फरवरी को पैराडाइज व्यू रिसोर्ट में शादी होनी थी। शादी के जो कार्ड युवती पक्ष ने छपवाए, उन पर दूल्हे का नाम साहिल था, जबकि युवक का असली नाम शाहवेज बताया गया। हिंदू संगठनों और अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने इसे लेकर हंगामा किया। मामला तूल पकड़ा तो पुलिस ने युवती के चाचा की तहरीर पर शाहवेज के खिलाफ धर्मांतरण का मुकदमा गंगानगर थाने में दर्ज किया। अभी शाहवेज की गिरफ्तारी नहीं की गई है। शादी टल गई है। अब सोशल मीडिया पर पैराडाइव व्यू रिसोर्ट के बाहर शुक्रवार दोपहर हिंदू महापंचायत का ऐलान किया गया है। लव जेहाद और धर्मांतरण के मुद्दे पर महापंचायत बुलाई है। कई संगठनों समेत हिंदू रक्षा दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी समेत कई संगठन के पदाधिकारियों ने महापंचायत में शामिल होने का ऐलान कर दिया है। इसके बाद पुलिस-प्रशासन अलर्ट हो गया है। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ किया है महापंचायत की अनुमति नहीं है, आयोजन नहीं होने दिया जाएगा। गंगानगर समेत सर्किल के बाकी थानों से फोर्स और पुलिस लाइन से अतिरिक्त फोर्स को शुक्रवार दोपहर गंगानगर में तैनात किया जा रहा है। धर्मांतरण का मुकदमा दर्ज कराने वाले युवती के चाचा को धमकी भी मिल चुकी है। एसएसपी अविनाश पांडेय के अनुसार पुलिस कानून व्यवस्था बनाए रखने का काम कर रही है। इस मामले में पहले से मुकदमा दर्ज है और जांच शुरू कर दी गई है। नियमानुसार कार्रवाई कराई जा रही है। मंडप एसोसिएशन महामंत्री बोले, कोई बुकिंग नहीं मेरठ मंडप एसोसिएशन महामंत्री विपुल सिंघल ने बताया 13 फरवरी को गंगानगर मवाना रोड स्थित पैराडाइज व्यू रिसोर्ट में आकांक्षा और शाहवेज की शादी का कार्यक्रम निरस्त कर दिया गया है। रिसोर्ट मालिक सतीश मंगा ने बताया है कुछ संगठन द्वारा 13 अप्रैल को रिसोर्ट पर कथित हिंदू पंचायत को लेकर मैसेज वायरल किया जा रहा है। इस तरह के आयोजन के लिए रिसोर्ट पर न तो बुकिंग है और न ही ऐसी कोई पंचायत रिसोर्ट में होने दी जाएगी। न तो विवादित विवाह समारोह आयोजित होगा और न पंचायत के लिए कोई व्यवस्था की है। युवती ने पुलिस को दर्ज कराए बयान युवती ने मीडिया को बताया गंगानगर थाने में दर्ज मुकदमे को लेकर बयान दर्ज कराए हैं। 13 फरवरी को होनी वाली शादी को फिलहाल निरस्त कर दिया है। शाहवेज से बात नहीं हो पा रही है। पुलिस से मदद मांगी, लेकिन पुलिस ने मदद करने से इंकार कर दिया। कानून व्यवस्था का हवाला दिया। स्पेशल मैरिज एक्ट में एडीएम कार्यालय पर नवंबर में आवेदन किया था। इसके बाद ही शादी की प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन रजिस्ट्रेशन नहीं किया गया। युवती ने कहा कि वह बौद्ध धर्म को मानती है और हिंदू धर्म से कोई वास्ता नहीं है। पुलिस जिसे खोज रही, वो सोशल मीडिया पर एक्टिव अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने बताया वह पंचायत को लेकर सोशल मीडिया पर लाइव थे। इसी दौरान वांटेड शाहवेज सोशल मीडिया पर आया और कमेंट किया। लिखा सिरोही जी, मेरा पीछा छोड़ दो, मेरी शादी हो जाने दो। सचिन सिरोही ने सवाल उठाया जिसके खिलाफ धर्मांतरण में मुकदमा है, वह सोशल मीडिया चला रहा है, लेकिन पुलिस पकड़ नहीं रही। युवती के बौद्ध धर्म वाले बयान पर कहा कि युवती ने अपने घर पर पांच दिन पहले माता की चौकी और पूजा का कार्यक्रम रखा था, जिसकी वीडियो भी है। यदि युवती बौद्ध धर्म अपना चुकी है तो ये पूजा क्यों हुई? बौद्ध धर्म अपनाने के साक्ष्य दें।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में है अयोध्या का धार्मिक विकास

राम की नगरी में आने वाले भक्तों का स्वागत करेगा लक्ष्मण द्वार एनएच-330ए पर बन रहा भव्य लक्ष्मण द्वार, 3,970.50 लाख रुपये की लागत से हो रहा निर्माण पिंक सॉलिड स्टोन से सजेगा प्रवेश द्वार, अयोध्या-गोण्डा मार्ग की बढ़ेगी गरिमा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में है अयोध्या का धार्मिक विकास अयोध्या  राम की नगरी अब भक्तों के लिए और अधिक आकर्षक व स्वागतमय बन रही है। राम मंदिर के दर्शनार्थ आने वाले लाखों श्रद्धालुओं का भव्य स्वागत करने के लिए एनएच-330ए (अयोध्या-गोण्डा मार्ग) पर एक शानदार लक्ष्मण द्वार का निर्माण तेजी से चल रहा है। यह प्रवेश द्वार अयोध्या की धार्मिक गरिमा को और निखारने के साथ-साथ पर्यटन को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह भव्य लक्ष्मण द्वार देईपुर/कटरा भागचंद्र अहतमाली क्षेत्र में 40 मीटर चौड़े मार्ग पर बनाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड को इस परियोजना की जिम्मेदारी सौंपी गई है। कुल निर्माण लागत 3,970.50 लाख रुपये निर्धारित की गई है। द्वार को पिंक सॉलिड स्टोन से सजाया जाएगा, जो इसे राजसी एवं आकर्षक बनाएगा। पिंक स्टोन का उपयोग न केवल सौंदर्य बढ़ाएगा, बल्कि यह स्थानीय शिल्प कौशल को भी प्रदर्शित करेगा और अयोध्या की प्राचीन वास्तुकला से प्रेरित होगा। राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर रविंद्र यादव ने बताया कि वर्तमान में परियोजना का 35 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और अक्टूबर तक पूरा लक्ष्मण द्वार तैयार हो जाएगा। भव्य और यादगार पड़ाव साबित होगा लक्ष्मण द्वार के बनने से यह मार्ग धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व का प्रतीक भी बन जाएगा। रामायण काल में लक्ष्मण जी के भाई राम के प्रति समर्पण की याद दिलाता यह द्वार भक्तों के मन में श्रद्धा एवं उत्साह का संचार करेगा। अयोध्या विकास की इस नई परियोजना से न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश का धार्मिक पर्यटन नक्शा और चमकदार हो रहा है। स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मिलेगी मजबूती मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकताओं में धार्मिक स्थलों का विकास एवं पर्यटन संवर्धन प्रमुख स्थान रखता है। अयोध्या में राम मंदिर के लोकार्पण के बाद यहां पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। लक्ष्मण द्वार का निर्माण इसी दिशा में एक और कदम है, जो न केवल श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान करेगा। स्थानीय व्यापारियों, होटलों, परिवहन सेवाओं और अन्य सेवाओं से जुड़े लोगों को इससे प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। एनएच-330ए पर यह लक्ष्मण द्वार अयोध्या-गोण्डा मार्ग की गरिमा को कई गुना बढ़ा देगा।

यीडा के सीईओ ने एएम ग्रुप के प्रतिनिधियों को सौंपा लेटर ऑफ इंटेंट

एएम ग्रुप और इन्वेस्ट यूपी के बीच एमओयू, 2030 तक पूर्ण क्षमता से संचालन का लक्ष्य यीडा के सीईओ ने एएम ग्रुप के प्रतिनिधियों को सौंपा लेटर ऑफ इंटेंट 289 एकड़ भूमि पर विकसित होगा कार्बन-फ्री डेटा सेंटर, हजारों उच्च-कुशल रोजगार सृजन की संभावना लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश को देश का अग्रणी एआई और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत एएम ग्रुप और राज्य सरकार की निवेश प्रोत्साहन एजेंसी ‘इन्वेस्ट यूपी’ के बीच सहमति बनी है। इसके तहत 1 गीगावॉट (GW) हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूट (HPC) एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) हब की स्थापना के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। गुरुवार को यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह ने एएम ग्रुप के प्रतिनिधियों को लेटर ऑफ इंटेंट जारी किया है।  289 एकड़ भूमि के लिए एलओआई जारी यीडा द्वारा सेक्टर 28 में 114 एकड़ और सेक्टर 8डी में 175 एकड़, कुल 289 एकड़ भूमि के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) जारी किया गया है। यह अत्याधुनिक हब लगभग पांच लाख हाई-परफॉर्मेंस चिपसेट्स से लैस होगा और 24×7 कार्बन-फ्री ऊर्जा (पवन, सौर एवं पम्प्ड स्टोरेज) से संचालित होगा। यह परियोजना यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में स्थापित की जाएगी, जिसमें लगभग 25 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश प्रस्तावित है। इसे चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा। वर्ष 2028 तक प्रथम चरण का संचालन शुरू होगा, जबकि 2030 तक पूर्ण 1 गीगावॉट क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है। एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग को नई गति भारत में एआई और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग की तेजी से बढ़ती मांग को देखते हुए यह हब वैश्विक हाइपरस्केलर्स, अनुसंधान संस्थानों, उद्यमों और संप्रभु एआई पहलों की जरूरतों को पूरा करेगा। एएमजी एआई लैब्स ‘एआई के लोकतंत्रीकरण’ के तहत ऊर्जा से लेकर इंटेलिजेंट टोकन तक संपूर्ण वैल्यू चेन विकसित करने की दिशा में कार्यरत है। यह सुविधा भारतीय डेवलपर समुदाय को अत्याधुनिक चिपसेट्स तक व्यापक पहुंच देगी, जिससे घरेलू और वैश्विक स्तर पर एआई समाधान विकसित करने में तेजी आएगी। आर्थिक और औद्योगिक प्रभाव इस परियोजना से बड़े पैमाने पर प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) आकर्षित होने की संभावना है। साथ ही हजारों उच्च-कुशल रोजगार सृजित होंगे। हार्डवेयर निर्माण, सॉफ्टवेयर विकास और विशेषीकृत कूलिंग तकनीकों के क्षेत्र में स्थानीय इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी। राज्य सरकार का मानना है कि यह पहल उत्तर प्रदेश को डिजिटल अर्थव्यवस्था के अग्रिम पंक्ति के राज्यों में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

ब्रह्मोस संग ताकत का संदेश, सीएम योगी ने पेश किया सशक्त भारत का विजन

सीएम योगी ने दिया ब्रह्मोस संग ‘हार्ड पावर’ विजन   मुख्यमंत्री ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर बदली कवर इमेज अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करने वाली सरकार के मुखिया ने दिया ‘नए यूपी’ का संकेत   लखनऊ  उत्तर प्रदेश में अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश करने वाली सरकार के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने ‘नए यूपी’ की बढ़ती ताकत का संकेत दिया। बजट 2026-27 के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर कवर इमेज बदल दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्मोस संग अपनी फोटो लगाकर ‘हार्ड पावर’ विजन” का संदेश दिया।  सोशल मीडिया हैंडल पर मुख्यमंत्री का यह संदेश बताता है कि लखनऊ में ब्रह्मोस निर्माण के जरिए उत्तर प्रदेश एक तरफ रक्षा उत्पादन का उभरता वैश्विक हब हो गया है। वहीं दूसरी ओर 9.12 लाख करोड़ का बजट और सामरिक शक्ति के संगम का भी संकेत प्रदेशवासियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। बजट के जरिए सीएम योगी ने संदेश दिया कि यूपी की अर्थव्यवस्था “फर्श से अर्श तक पहुंच गई है, जो यूपी के विकास, सुरक्षा और निवेश के त्रिवेणी मॉडल को प्रदर्शित करता है। योगी का यह “‘सुपरसोनिक केसरिया’ संदेश बताता है कि उत्तर प्रदेश विकास का इंजन और प्रदेशवासियों की सुरक्षा का कवच भी बन गया है।