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ED ने छांगुर बाबा के अवैध धर्मांतरण मामले में FIR दर्ज, होगी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच

बलरामपुर  बलरामपुर से धर्मांतरण का रैकेट चलाने वाला जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा पुलिस की गिरफ्त में है. उसके खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन जारी है. बीते दिन उसकी अवैध आलीशान कोठी पर बुलडोजर चला. अब प्रवर्तन निदेशालय यानी ED भी छांगुर बाबा पर शिकंजा कसने की तैयारी में है.    दरअसल, ED ने जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा के अवैध धर्मांतरण मामले में FIR दर्ज की है. ED धर्मांतरण केस में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच करेगी. ED की लखनऊ यूनिट ने देर शाम केस दर्ज किया है. बहुत जल्द ED इस केस से जुड़े आरोपियों से पूछताछ करेगी. धर्मांतरण के विदेशी कनेक्शन और मनी ट्रेल की भी जांच की जाएगी.  मालूम हो कि छांगुर बाबा से जुड़े मामले में अब 100 करोड़ से ज्यादा की फंडिंग की बात सामने आई है. जिसके बाद केस में ED की एंट्री हुई. धर्मांतरण केस में छांगुर एंड कंपनी को कहां-कहां से और कैसे-कैसे फंडिंग हुई, इसकी जांच ED करेगी.  गौरतलब है कि बीते दिनों यूपी सहित दूसरे राज्यों में फैले अवैध धर्मांतरण रैकेट का खुलासा हुआ. इस रैकेट का मास्टरमाइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा है, जिसे यूपी एसटीएफ ने महिला साथी के साथ गिरफ्तार किया है. जांच में पता चला है कि यह रैकेट जाति के आधार पर धर्म बदलवाने के लिए रेट फिक्स करता था. इतना ही नहीं नाबालिगों और प्रेम जाल में फंसाकर भी लोगों का धर्मांतरण कराया गया. कुछ पीड़ित सामने आकर अपनी आपबीती बयां कर चुके हैं.  हाल ही में लखनऊ में 12 लोगों ने इस्लाम धर्म से हिंदू धर्म में वापसी की थी. इनमें कुछ लोगों ने आरोप लगाया था कि बलरामपुर के रहने वाले जमालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा ने पैसों का लालच देकर उनका धर्म परिवर्तन कराया. तब से ही छांगुर बाबा यूपी ATS और STF की जांच के दायरे में आ गया था. लखनऊ के ही एक होटल से छांगुर बाबा को गिरफ्तार किया गया. सीएम योगी आदित्यनाथ का कड़ा संदेश इस कार्रवाई के दौरान में ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कड़ा संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में शांति, सौहार्द और महिलाओं की सुरक्षा को भंग करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। मतांतरण कराने और विदेशी फंडिंग के मामले में आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने जलालुद्दीन, नवीन रोहरा उर्फ जमालुद्दीन और इसकी पत्नी नीतू नवीन रोहरा उर्फ नसरीन समेत अन्य को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनकी गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन ने अतिक्रमण कर बनाई गई कोठी को गिराने की प्रक्रिया शुरू की। सोमवार देर शाम तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति और कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह मय फोर्स जाकर कोठी पर तीन नोटिस चस्पा की। तीनों पर अलग-अलग तिथियां अंकित हैं। नीतू के नाम से जारी नोटिस में कहा गया है कि गाटा संख्या 337/370 के संपूर्ण रकबा 0.0060 हेक्टेयर से अतिक्रमण की गई जमीन सात दिन में स्वयं खाली कर लें। अन्यथा इस अतिक्रमण को नियमानुसार बलपूर्वक हटवा दिया जाएगा। यह आदेश न्यायालय तहसीलदार उतरौला न्यायिक ने 15 मई, 2025 को दिया था। इसी आदेश के अनुपालन में 17 व 26 मई और छह जून, 2025 की तिथि में जारी नोटिस को कोठी की दीवार पर एक ही दिन में चस्पा की गई। जिलाधिकारी पवन अग्रवाल ने बताया कि सरकारी जमीन पर कब्जा कर बनाए गए भवन को गिराने की कार्रवाई की जा रही है। जलालुद्दीन व उसके करीबियों की अन्य संपत्तियों की जांच जारी है। अवैध मतांतरण कराने का गरोह चलाने वाले आरोपित जलालुद्दीन के विरुद्ध कार्रवाई के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपित जलालुद्दीन की गतिविधियां समाज विरोधी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी हैं। उत्तर प्रदेश सरकार कानून-व्यवस्था को लेकर किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगी। आरोपित और उसके गिरोह से जुड़े सभी अपराधियों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य में शांति, सौहार्द और महिलाओं की सुरक्षा को भंग करने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्हें कानून के अनुसार ऐसी सजा दी जाएगी, जो समाज के लिए एक उदाहरण बने।   

योगी सरकार पौधरोपण अभियान के लिए 52.43 करोड़ पौधे तैयार किए, नागरिकों की सहभागिता से इस पहल को को जनांदोलन बनाया जाए

 अयोध्या  उत्तर प्रदेश में 9 जुलाई को इतिहास रचने का दावा किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में 'एक पेड़ मां के नाम 2.0' अभियान के तहत पूरे प्रदेश में एक ही दिन में 37 करोड़ पौधों का रोपण किया जाएगा. यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू किया जा रहा है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या और आजमगढ़ में पौधरोपण कर इस महाअभियान का शुभारंभ करेंगे. इसी दिन प्रदेश के सभी मंत्री, जनप्रतिनिधि और अधिकारी अपने-अपने जिलों में पौधरोपण कर इस ऐतिहासिक प्रयास का हिस्सा बनेंगे. प्रदेश सरकार द्वारा इस अभियान के लिए 52.43 करोड़ पौधे तैयार किए गए हैं. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया है कि सभी विभागों और नागरिकों की सहभागिता से इस पहल को जनांदोलन बनाया जाए. राज्यपाल आनंदीबेन पटेल बाराबंकी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मेरठ और ब्रजेश पाठक लखनऊ में पौधरोपण करेंगे. वहीं, वन मंत्री अरुण कुमार सक्सेना अयोध्या और आजमगढ़ में सीएम के साथ मौजूद रहेंगे. सभी 18 मंडलों में चलेगा अभियान पौधरोपण महाभियान प्रदेश के सभी 18 मंडलों में एक साथ संचालित किया जाएगा. लखनऊ मंडल में सर्वाधिक पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है. इसके लिए सभी मंडलों में विभागीय समन्वय, नोडल अधिकारियों की तैनाती और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई है. वन विभाग लगाएगा सबसे अधिक पौधे महाअभियान में वन, वन्यजीव एवं पर्यावरण विभाग प्रमुख भूमिका निभा रहा है. विभाग की ओर से 14 करोड़ से अधिक पौधों का रोपण किया जाएगा, जो इस अभियान का सबसे बड़ा हिस्सा होगा. इसके लिए विभाग ने नर्सरियों में पौधों की पर्याप्त व्यवस्था पहले ही कर ली है. थीम आधारित ‘हरियाली वन’ की स्थापना होगी पौधरोपण अभियान के दौरान थीम आधारित विशेष वन क्षेत्रों की भी स्थापना की जाएगी. इनमें शामिल हैं.अटल वन (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में), शौर्य वन (सैनिकों की वीरता को समर्पित), एकता वन (राष्ट्रीय एकता के प्रतीक), त्रिवेणी वन (पवित्र नदियों के संगम की प्रेरणा से) इन स्थलों पर विशेष देखरेख और जनभागीदारी के साथ पौधरोपण किया जाएगा ताकि ये स्थान भविष्य में पर्यावरणीय पर्यटन और जनजागरूकता के केंद्र बन सकें. गरीबों को जोड़ेगी 'सहजन भंडारा योजना' अभियान में गरीब और पिछड़े वर्गों की भागीदारी बढ़ाने के लिए 'सहजन भंडारा योजना' चलाई जा रही है. इसके अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना और जीरो पॉवर्टी कार्यक्रम के लाभार्थियों द्वारा सहजन के दो-दो पौधे रोपे जाएंगे. इस कदम से पर्यावरणीय संवेदनशीलता के साथ सामाजिक समावेशिता को भी बल मिलेगा. नदियों के किनारे 3.5 करोड़ पौधों से हरियाली का घेरा अभियान के तहत प्रदेश की 13 प्रमुख नदियों, जिनमें गंगा, यमुना, सरयू, राप्ती, घाघरा आदि शामिल हैं, के किनारे 21313.52 हेक्टेयर भूमि पर 3.56 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे. इसका उद्देश्य न केवल हरियाली बढ़ाना है, बल्कि नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों का संरक्षण भी करना है. एक्सप्रेसवे और सड़कों पर भी होगा वृक्षारोपण प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे और सड़क मार्गों के किनारे भी विशेष वृक्षारोपण किया जाएगा. इसके तहत 1.14 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे, जिससे न केवल सौंदर्य बढ़ेगा बल्कि वायु प्रदूषण भी नियंत्रित होगा. 2.50 लाख पौधे विशेष रूप से एक्सप्रेसवे के किनारे लगाए जाएंगे. तैयारियों को मिला अंतिम रूप मुख्यमंत्री के निर्देश पर नामित नोडल अधिकारियों में अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव और सचिव स्तर के अफसरों ने अपने-अपने जिलों में पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया और कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया. अभियान के तहत मुख्यमंत्री जनसंवाद करेंगे और पर्यावरणीय प्रयासों में सहभागी सात किसानों को कार्बन क्रेडिट के तहत चेक भी सौंपेंगे. यह पहल ना सिर्फ हरियाली बढ़ाएगी, बल्कि हर नागरिक को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी देगी.

गुरु पूर्णिमा पर खास अंदाज़ में दिखेंगे सीएम योगी, निभाएंगे गुरु और शिष्य दोनों की भूमिका

गोरखपुर सनातन विचार दर्शन एवं संस्कृति में गुरु-शिष्य के रिश्ते को प्रतिष्ठित करने वाले पावन पर्व गुरु पूर्णिमा गोरक्षपीठ के लिए विशेष होती है। यह वह अवसर होता है, जब गोरक्षपीठाधीश्वर नाथपंथ के आदिगुरु महायोगी गोरखनाथ सहित पीठ के अपने पूर्ववर्ती गुरुजनों की पूजन-स्तुति करते हैं और तदुपरांत अपने शिष्यों और गोरक्षपीठ के श्रद्धालुओं को स्नेहाशीष से अभिसिंचित करते हैं। गोरक्षपीठ की इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए वर्तमान पीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरु पूर्णिमा (10 जुलाई, गुरुवार) पर शिष्य और गुरु दोनों भूमिकाओं में दिखेंगे। यूं तो गोरक्षपीठ, गोरखनाथ मंदिर में धर्म-अध्यात्म की मंगलध्वनि अहर्निश गुंजायमान रहती है, पर गुरु पूर्णिमा का पर्व यहां बेहद खास होता है। इस दिन के विशेष आयोजन में सहभागी बनने की गोरक्षपीठ के श्रद्धालुओं की उत्कंठा प्रबल होती है। नाथपंथ मुख्यतः गुरुगम्य मार्ग है। इस लिहाज से गोरक्षपीठ और गुरु पूर्णिमा का अटूट नाता है। गुरु-शिष्य परंपरा इस पीठ के मूल में है। गुरु परंपरा से ही नाथ परंपरा आगे बढ़ी है। यही वजह है कि गोरक्षपीठ, गुरु परंपरा के प्रतीक के तौर पर पूरी दुनिया में प्रतिष्ठित है। हर काल में इस परंपरा को कायम रख पीठ ने कल्याण का मार्ग प्रशस्त किया है। शिवावतार भगवान गोरखनाथ ने योग को लोक कल्याण का माध्यम बनाया तो उनके अनुगामी नाथपंथ के मनीषियों ने लोक कल्याणकारी अभियान को गति दी। उल्लेखनीय है कि सनातन संस्कृति गुरु को गोविंद (भगवान) से भी ऊंचे स्थान पर प्रतिष्ठित करती है। गुरु का ध्येय समग्र रूप में लोक कल्याण होता है और इसकी दीक्षा भी वह अपने शिष्य को देता है। गुरु परंपरा के आईने में देखें तो नाथपंथ की विश्व प्रसिद्ध गोरक्षपीठ बेमिसाल है। पीढ़ी दर पीढ़ी गोरक्षपीठाधीश्वरों ने अपने गुरु से प्राप्त लोक कल्याण की परंपरा को विस्तारित किया है। वर्तमान पीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ इसे निरंतर ऊंचाई प्रदान कर रहे हैं। गुरु परंपरा के लोक कल्याणकारी कार्यों के अनुगमन में गोरक्षपीठ की गत-सद्यः तीन पीढ़ियां तो कीर्तिमान रचती नजर आती हैं। गोरखनाथ मंदिर के वर्तमान स्वरूप के शिल्पी ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ महाराज ने लोक कल्याण के लिए शिक्षा को सबसे सशक्त माध्यम बनाते हुए 1932 में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। उदात्तमना ब्रह्मलीन महंत जी ने गोरखपुर विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए अपने दो महाविद्यालय भी दान में दे दिए थे। उनके समय में ही लोगों को हानिरहित व सहजता से उपलब्ध चिकित्सा सुविधा हेतु मंदिर परिसर में एक आयुर्वेदिक चिकित्सा केंद्र की भी स्थापना हुई थी। अपने गुरु द्वारा शुरू किए गए इन प्रकल्पों को अपने समय में उनके शिष्य ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ महाराज ने विस्तार दिया। शिक्षा, चिकित्सा, योग सहित सेवा के सभी प्रकल्पों को नया आयाम दिया। ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ महाराज के शिष्य एवं वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक कल्याण के लिए अपने दादागुरु द्वारा रोपे और अपने गुरु द्वारा सींचे गए पौधे को वटवृक्ष सरीखा बना दिया है। किराए के एक कमरे में शुरू शिक्षा का प्रकल्प दर्जनों संस्थानों के साथ ही विश्वविद्यालय तक विस्तारित हो चुका है। इलाज के लिए गोरक्षपीठ की तरफ से संचालित गुरु श्री गोरक्षनाथ चिकित्सालय की ख्याति पूरे पूर्वांचल में है। गोरक्षपीठ से योग के प्रसार को लगातार गति मिली है। पीठ की गुरु परंपरा में लोक कल्याण के मिले मंत्र की सिद्धि योगी आदित्यनाथ की मुख्यमंत्री की भूमिका में भी नजर आती है। मुख्यमंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद की तमाम व्यस्तताओं के बावजूद गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ हर गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरु का आशीर्वाद लेने और शिष्यों को आशीर्वाद देने के लिए गोरखनाथ मंदिर जरूर पहुंचते हैं। इसी क्रम में इस बार भी गुरुवार को वह गुरु पूर्णिमा पूजा के लिए मंदिर में मौजूद रहेंगे।  

यूपी में खुशखबरी, योगी सरकार ने बांटा ₹10,000 का बोनस – जानें कौन हुआ लाभांवित

लखनऊ महाकुंभ 2025 में ड्यूटी करने वाले परिवहन निगम के ड्राइवरों व कंडक्टरों को 10-10 हजार रुपये का बोनस उनके बैंक खाते में भेजा गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ समापन पर बोनस देने का एलान किया था। कुल 24 करोड़ 71 लाख की राशि प्रदेश सरकार ने परिवहन निगम के ड्राइवरों व कंडक्टरों को मिला है। इसमें 11786 ड्राइवर व 12285 कंडक्टर सहित कुल 24071 कर्मचारी शामिल हैं। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने मुख्यमंत्री का आभार व धन्यवाद व्यक्त करते हुए कहा कि इससे परिवहन निगम के ड्राइवरों व कंडक्टरों में उत्साहवर्धन होगा। महाकुंभ में आगरा क्षेत्र से 1385, गाजियाबाद से 1469, मेरठ से 1413, सहारनपुर से 994, अलीगढ़ से 1284, मुरादाबाद से 1358, बरेली से 1149, हरदोई से 1803, इटावा से 1235, कानपुर से 1387, झांसी से 574, लखनऊ से 2162, अयोध्या से 725, प्रयागराज से 1522, आजमगढ़ से 1163, गोरखपुर से 1424, वाराणसी से 1116, चित्रकूट से 927 व देवीपाटन मंडल से 981 की ड्यूटी लगाई गई थी।  

यूपी में ‘मैं हिंदू हूं’ पोस्टर से नया बवाल, कांवड़ यात्रा से पहले बढ़ा नेम प्लेट विवाद

लखनऊ यूपी में कांवड़ मार्ग पर नेम प्लेट और पहचान अभियान के बाद नया विवाद शुरू हो गया है। पहले सभी दुकानदारों को नेम प्लेट लगाने का आदेश हुआ। इसके बाद हिंदूवादी संगठनों ने दुकानो पर छापेमारी करते हुए पहचान अभियान चलाया गया। दोनों पर रोक लगी तो अब मैं हिंदू हूं के पोस्टर लगाए जा रहे हैं। यह पोस्टर हिंदू महासभा के लोगों ने बरेली-बदायूं मार्ग पर स्थित ढाबों, होटलों और खाने-पीने की चीजें बेचने वाले ठेलों पर लगाया है। महासभा का दावा है कि इससे कोई धर्म छिपाकर दुकानें नहीं चला पाएगा। हम लोग हिंदू आस्था के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे। अब किसी कांवड़िए का व्रत खंडित नहीं होगा। हिंदू महासभा की इस कार्यवाही को मुस्लिम दुकानदारों ने गलत बताया है। इसे समाज को बांटने वाला और भेदभाव वाली राजनीति कहा है। इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की साजिश कहा है। दुकानों पर पोस्टर लगाने निकले हिंदू महासभा के मंडल उपाध्यक्ष पंकज पाठक का कहना है कि दुकानदारों ने अपनी मर्जी से अपने ठेलों और दुकानों के आगे पोस्टर लगवाए हैं। यूपी की योगी सरकार पिछले साल कांवड़ यात्रा मार्ग में आने वाली सभी दुकानों पर नेमप्लेट लगाने के निर्देश दिए थे। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस पर रोक लगा दी थी। इसके बाद इस साल यशवीर महाराज के कार्यकर्ताओं ने दुकानों पर पहचान अभियान चलाया। हिंदू नाम से दुकान चलाने वाले कई दुकानदारों की पहचान की। एक दुकानदार का पैंट उतरवाकर चेकिंग का प्रयास भी किया गया। इसे लेकर काफी हंगामा भी मचा। अब मैं हिंदू हूं वाले पोस्टर से हंगामा मचने की आशंका है। सावन की शुरुआत 11 जुलाई से हो रही है। इस दौरान बरेली समेत पश्चिमी यूपी में लाखों कांवड़िए भगवान शिव को जल अर्पित करने शिवालयों तक जाएंगे। इसे देखते हुए हिंदू महासभा ने यह अभियान शुरू किया है। महासभा का कहना है कि हमने कावड़ियों की आस्था की रक्षा और कावड़ खंडित न होने का संकल्प लिया है। सावन में बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, रामपुर सहित आसपास के जिलों से लाखों कांवड़िए जलाभिषेक के लिए आते हैं। हिंदू महासभा के लोग कांवड़ मार्ग पर दुकानदारों का आधार कार्ड से पहचान कर रहे हैं। इसके बाद दुकान पर मैं हिंदू हूं का पोस्टर चस्पा कर रहे हैं। पंकज पाठक ने कहा कि कांवड़िए दूर-दराज से नंगे पैर कावड़ लेकर आते हैं। ऐसी स्थिति में कोई कट्टरपंथी अगर होटल या ढाबे पर हिंदू नाम लगाकर धोखा दे सकता है। उनके खाने में कुछ अशुद्ध परोस सकता है, जिससे कावड़ यात्रा खंडित हो सकती है। इसी को रोकने के लिए यह सब किया जा रहा है।  

ब्लैकबोर्ड की जगह हाईटेक क्लासरूम, यूपी की शिक्षा व्यवस्था में आई बड़ी क्रांति

लखनऊ अब परिषदीय विद्यालयों की कक्षाओं में ब्लैकबोर्ड नहीं दिखेंगे। उनकी जगह हर कमरे में गुणवत्ता वाले ग्रीन और व्हाइट बोर्ड लगाए जाएंगे। यह बदलाव सिर्फ पढ़ाई के माध्यम को रंगीन और साफ नहीं बनाएगा, बल्कि सरकारी स्कूलों की पुरानी तस्वीर भी बदलेगा। प्रदेश के सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और कंपोजिट विद्यालयों में इस बदलाव की शुरुआत हो चुकी है। हालांकि कुछ विद्यालयों में ब्लैकबोर्ड को पहले ही हटाया जा चुका है। अब इसे हर विद्यालय में बदला जाएगा। दरअसल, वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के सभी परिषदीय स्कूलों को ‘कंपोजिट स्कूल ग्रांट’ के तहत 246 करोड़ 51 लाख 75 हजार रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। यह पूरी राशि सभी जिलों के लिए जारी हुई है। बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इससे स्कूलों में जरूरी बुनियादी सुधार कराना है। स्कूलों को मिलने वाली इस ग्रांट का हिसाब अब सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगा। हर विद्यालय की दीवार पर वर्षवार और मदवार तरीके से पेंट कर यह बताया जाएगा कि कितना पैसा आया और कहां खर्च हुआ। यानी गांव के लोगों को भी यह आसानी से पता चलेगा कि स्कूल में क्या-क्या काम हुआ है। शिक्षक इसे पारदर्शिता और जनजागरूकता की दिशा में अहम कदम मान रहे हैं। ग्रांट का कम से कम 10 प्रतिशत हिस्सा स्कूलों की साफ-सफाई पर खर्च करना होगा। शिक्षकों को मिले टैबलेट के लिए सिम और इंटरनेट खर्च अब ग्रांट से ही जिला स्तर पर चुकाया जाएगा। जिन स्कूलों में 250 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं, वहां आरओ वाटर कूलर के लिए 75 हजार से 1 लाख रुपये तक की राशि अलग से दी जाएगी। हर स्कूल में मेडिकल किट रखना भी अनिवार्य होगा। महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा ने मंगलवार को सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इस रकम के सही उपयोग के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि स्कूलों की दीवारों पर खर्च का ब्यौरा पेंट कराना अनिवार्य है ताकि पारदर्शिता बनी रहे और समुदाय की भागीदारी बढ़े। कुछ शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि जब स्कूल के बाहर ही पेंटिंग के जरिये पता चल जाएगा कि कितना पैसा आया और कैसे खर्च हुआ, तो गांव के लोगों में स्कूल के प्रति भरोसा भी बढ़ेगा और जागरूकता भी।  

बरेली में कांवड़ यात्रा के लिए गाइडलाइन जारी, SSP बोले – डीजे की ऊंचाई रहेगी नियंत्रित

बरेली  बरेली में कांवड़ यात्रा के मद्देनजर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। एसएसपी के अनुसार कांवड़ यात्रा में डीजे की अधिकतम 12 फुट की मानक ऊंचाई तय की गई है। इससे सभी डीजे संचालकों व जत्थेदारों को अवगत करा दिया गया है। कांवड़ यात्रा में डीजे की ऊंचाई 12 फुट से अधिक नहीं होगी। बरेली में कांवड़ यात्रा के संबंध में एसएसपी अनुराग आर्य ने यह निर्देश जारी किए हैं। एसएसपी ने बताया कि कांवड यात्रा के संबंध में सभी जत्थेदारों व डीजे संचालक के साथ बैठक कर ली गई है। शासन की गाइडलाइन के अनुसार डीजे की अधिकतम 12 फुट की मानक ऊंचाई तय की गई है। इससे सभी को अवगत करा दिया गया है। कांवड़ यात्रा के दौरान जगह-जगह पुलिस सहायता शिविर लगाए जाएंगे। कांवड़ सेल का गठन किया गया है।  एसएसपी ने बताया कि इंफोलाइन के माध्यम से सभी जत्थेदारों से उनकी समस्या, रूट क्लियर, आने-जाने के संबंध में जानकारी कर ली जा रही है। शिव मंदिरों पर पुलिस सुरक्षा व्यवस्था का बंदोबस्त किया गया है। सोशल मीडिया पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। किसी ने भी माहौल बिगाड़ने की प्रयास किया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में जिन लोगों ने भड़काऊ पोस्ट की हैं, उनको भी सूचीबद्ध किया गया है।  उन्होंने कहा कि प्रबुद्धजनों से लगातार संवाद किया जा रहा है। संवाद के माध्यम से सारी समस्याओं का निस्तारण कराया जा रहा है। इंफोलाइन में 10 सिपाही की ड्यूटी लगाई गई है, जो लगातार जत्थेदारों से बात कर जानकारी ले रहे हैं। मिश्रित आबादी के संवेदनशील, अति संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस पिकेट की व्यवस्था व सभी मंदिरों पर पुलिस भ्रमण की व्यवस्था को लागू किया गया है। जिलेभर में सावन भर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहेगी। ऑनलाइन मीटिंग कर परखीं तैयारियां  सुरक्षा के मद्देनजर एसएसपी अनुराग आर्य ने ऑनलाइन मीटिंग के जरिये तैयारियां परखीं। साथ ही उचक्कों व शोहदों पर पैनी नजर रखने के निर्देश दिए। छेड़खानी, छिनैती जैसे महिला संबंधी अपराध रोकने के लिए मंदिरों पर महिला पुलिस की भी नियमित ड्यूटी लगाई गई है। कांवड़ जत्थों के रूट व जुलूस पर भी निगरानी के निर्देश दिए हैं।  एसएसपी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि सावन के दौरान सतर्कता एवं सजगता बनाए रखें। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए इंतजाम पुख्ता कर लिए जाएं। ऑनलाइन मीट में जिले के सभी एसपी, सीओ, सीओ एलआईयू, सभी थाना प्रभारी और प्रभारी यूपी 112 शामिल रहे। इन बिंदुओं पर एसएसपी ने दिए निर्देश      श्रावण मास की तैयारियां व संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था।     कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा प्रबंधन एवं ट्रैफिक नियंत्रण।     कांवड़ यात्रा एवं जुलूसों के लिए रूट मैपिंग एवं भीड़ नियंत्रण की स्थिति।     संवेदनशील क्षेत्रों में कलस्टर मोबाइल टीम की संख्या एवं तैनाती योजना।     कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस ड्यूटी प्लान व क्षेत्रीय गश्त की योजना।     अन्य सुरक्षा एवं प्रशासनिक बिंदुओं पर विचार विमर्श।  

अखिलेश से मिलकर किया था बड़ा दावा, अब पिता के खुलासे से कटघरे में आया युवक

शाहजहांपुर यूपी के शाहजहांपुर के रहने वाले युवक ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव से लखनऊ में मिलकर पुलिस पर रिश्वत का आरोप लगाया तो पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की अफसरों ने तुरंत जांच सौंप दी। पुलिस पर आरोप लगाने वाला युवक अब खुद ही कटघरे में खड़ा नजर आने लगा। जांच में सामने आया है कि तालिब ने न सिर्फ गलतबयानी की, बल्कि जिस फेसबुक पोस्ट पर उसे कार्रवाई की बात कह रहा था, उसका चालान किसी और वजह से हुआ था। अब पिता ने भी बेटे की पोल खोलकर रख दी। शाहजहांपुर के अल्हागंज थाना क्षेत्र के मऊ गांव निवासी तालिब 1 जुलाई को एक फेसबुक वीडियो पोस्ट कर चर्चा में आया था। उसने कहा था कि जो अखिलेश यादव से टकराएगा, उसे रेल दिया जाएगा। उसने दावा किया कि इस पोस्ट को लेकर पुलिस ने उसका चालान किया और थाने से छोड़ने के एवज में 20 हजार रुपए वसूले। 40 मिनट तक थाने में भी बैठाए रखा। सोमवार को वह लखनऊ में अखिलेश यादव से मिला और मंच से यह बात कही। इस पर अखिलेश यादव ने हंसते हुए कहा कि वह पुलिस से पैसे वापस दिलाएंगे। अब इस पूरे मामले की तह में सच कुछ और निकला है। तालिब के खिलाफ पुलिस ने फेसबुक पोस्ट या राजनीति के कारण नहीं, बल्कि गांव की एक महिला की शिकायत पर शांति भंग में कार्रवाई की थी। महिला ने की थी शिकायत, बार-बार कर रहा था गाली-गलौज मऊ गांव की रहने वाली महिला रुखसाना ने बताया कि उसका बेटा नाजिम, तालिब के पिता तौफिक के साथ जरी का काम करता था। मई में नाजिम ने तौफिक से 1000 रुपए उधार लिए थे। कहा था कि काम के मेहनताने से काट लेना। बाद में नाजिम ने काम पर आना बंद कर दिया। इससे नाराज होकर तौफिक घर पहुंचा और गाली-गलौच की। तब रुखसाना ने 500 रुपए लौटा दिए, लेकिन तौफिक बार-बार 500 रुपए के लिए धमकाने लगा। महिला ने परेशान होकर 23 जून को पुलिस को शिकायत दी। थाना पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाकर समझौता करवा दिया। आरोप: समझौते के बाद भी महिला को दे रहा था गाली इसके बाद रुखसाना का आरोप है कि तौफिक का बेटा तालिब उसे सोशल मीडिया पर बदनाम करने लगा। घर पर आकर धमकी देता और गालियां देता था। 29 जून को महिला ने तालिब के खिलाफ थाने में तहरीर दी। इस पर पुलिस ने तालिब को थाने बुलाकर 1 जुलाई को शांति भंग में चालान कर दिया। पिता बोले- तालिब झूठ बोल रहा है, पुलिस ने हमसे पैसे नहीं मांगे तालिब के पिता तौफिक ने बताया कि उनका बेटा पहले भी कई बार ऐसी पोस्ट कर चुका है। वह घर के कहने पर नहीं चलता है और गांव से भी अलग रहता है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने हमसे कभी कोई पैसे नहीं मांगे और न ही किसी तरह की जबरन वसूली हुई। उसकी जमानत उसके मामा ने करवाई थी। सपा जिलाध्यक्ष ने भी पल्ला झाड़ा, बोले- मामला संदिग्ध सपा जिलाध्यक्ष तनवीर खां ने कहा कि तालिब ने पहले एक मामले में मदद मांगी थी, तब थाना प्रभारी से बात कर समाधान भी करवा दिया गया था। लेकिन जो बातें उसने अखिलेश यादव के सामने कही हैं, उनके बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। तालिब के दावे फर्जी लग रहे हैं। पुलिस बोली- वीडियो की जांच सीओ को सौंपी गई थाना अल्हागंज के प्रभारी निरीक्षक ओमप्रकाश ने कहा कि एक महिला की तहरीर पर तालिब के खिलाफ शांति भंग में चालान किया गया था। बीस हजार रुपए लेने और पोस्ट को लेकर कार्रवाई का कोई मामला नहीं है। वहीं, एसपी राजेश द्विवेदी ने बताया कि युवक के वीडियो का संज्ञान लिया गया है और मामले की जांच जलालाबाद के सीओ को सौंपी गई है।  

योगी सरकार की शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी बाल-बाल बच गईं, अस्पताल में कराया भर्ती

पिलखुवा(हापुड़) यूपी के हापुड़ में राष्ट्रीय राजमार्ग 9 स्थित छिजारसी चौकी के पास मंगलवार की दोपहर हादसा हो गया। हादसे में योगी सरकार की शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी बाल-बाल बच गईं। हालांकि उन्हें मामूली चोटें आई हैं। इसके बाद राज्यमंत्री को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। हादसे में राज्यमंत्री की गाड़ी समेत काफिले की तीन कारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। राज्यमंत्री के काफिले की गाड़ियों के भिड़ने की खबर से पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने राज्यमंत्री को उपचकार के लिए रामा अस्पताल में भर्ती कराया। इधर डीएम अभिषेक पांडेय और एसपी कुंवर ज्ञानजय सिंह भी अस्पताल पहुंचे और उनका हाल जाना। जानकारी के अनुसार माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी दिल्ली से अमरोहा आ रही थीं। जैसे ही राष्ट्रीय राजमार्ग 9 स्थित छिजारसी चौकी के पास पहुंची तो उनके काफिले से आगे चल रही तीन गाड़ियां अचानक रुक गई। जिसके चलते उनको एस्कॉर्ट कर रही गाड़ी उन गाड़ियों से क्षतिग्रस्त हो गई। वहीं राज्य मंत्री गुलाब देवी की गाड़ी भी क्षतिग्रस्त हो गई। जिसमें वो मामूली रूप से घायल हो गई। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का लंबा जाम लग गया। सड़क हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस टीम के साथ पहुंची और उनको दूसरी गाड़ी से रामा अस्पताल में भेजा गया। पुलिस ने गाड़ी चालकों को हिरासत में लेकर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है। वहीं उपचार के बाद उनका काफिला अमरोहा की तरफ रवाना हो गया। सीओ अनीता चौहान ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। गाड़ी चालकों को हिरासत में लिया गया है। आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।  

धर्मांतरण केस में बड़ा ऐक्शन, झांगुर बाबा की संपत्ति पर चला योगी सरकार का बुलडोजर

लखनऊ  यूपी में अवेध धर्मांतरण केस में जलालुद्दीन उर्फ झांगुर बाबा पर योगी सरकार ने तगड़ा ऐक्शन लिया है। बलरामपुर में बनी ​​छांगुर बाबा की आलीशान कोठी पर बुलडोजर चलना शुरू हो गया है। बताया रहा यह कोठी अवैध तरीके से बनाई गई थी। झांगुर बाबा यही से अपने सारे काले कारनामे करता था। मुख्य आरोपी जलालुद्दीन उर्फ झांगुर की कोतवाली उतरौला अन्तर्गत मधपुर स्थित कोठी पर मंगलवार सुबह साढ़े 10 बजे बुलडोजर चलाने की कार्रवाई की गई। यह कोठी अभिलेखों में नीतू नवीन रोहरा उर्फ नसरीन पत्नी नवीन रोहरा के नाम दर्ज है। प्रशासन का मानना है कि भवन निर्माण में झांगुर का पैसा लगा था। भवन को सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर निर्माण कराने की बात कही जा रही है। अतिक्रमण हटाने सम्बन्धित तीन नोटिस नीतू उर्फ नसरीन को पहले ही जारी की जा चुकी है। नीतू, उनके पति व बेटी को झांगुर ने इस्लाम धर्म कुबूल करवा दिया था। वे झांगुर के साथ आकर मधपुर में रहने लगे थे, जहां झांगुर ने नीतू उर्फ नसरीन के लिए विशाल कोठी बनाई थी। झांगुर, उनका बेटा महबूब, नीतू उर्फ नसरीन व नवीन को एटीएस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। राजस्व विभाग को झांगुर के सम्पत्ति की जांच का आदेश मिला था। साथ ही मामले में ईडी को जांच के लिए कहा गया है। मंगलवार प्रातः साढ़े 10 बजे को उतरौला एसडीएम राजेन्द्र बहादुर, तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति, एएसपी विशाल पाण्डेय, सीओ राघवेन्द्र प्रताप व एसएचओ अवधेश राज सिंह बुलडोजर लेकर मधपुर पहुंचे। घर का सभी सामान सुरक्षित निकलवाकर सूचीबद्ध किया गया। उसके बाद भवन ढहाना शुरू कर दिया गया। एसडीएम राजेन्द्र बहादुर ने बताया कि भवन ढहाने की प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की गई है। मधपुर गांव में धर्मातरण का रैकेट चलाना शुरू किया था झांगुर झांगुर बाबा को यूपी एटीएस ने चार दिन पहले लखनऊ से गिरफ्तार किया था। उसके साथ सहयोगी नीतू उर्फ नसरीन को भी पकड़ा गया था। दोनों लोगों से पूछताछ के दौरान कई खुलासे हुए थे। झांगुर बाबा ने बलरामपुर के उतरौला, मधपुर गांव में धर्मातरण का रैकेट चलाना शुरू किया था। मुम्बई से लेकर लखनऊ तक उसने कई लोगों को अपने जाल में फंसाया और उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने पर मजबूर कर दिया था। कुछ दिन पहले गोमतीनगर में झांगुर के शिकार बने लोगों ने फिर से रीति रिवाज के जरिए हिन्दू धर्म अपना लिया था। इसके लिए उसे फांडिंग की जाती थी। झांगुर की संस्थाओं में आई रकम मुरादाबाद, औरैया और आजमगढ़ के कई लोगों को भेजी गई थी। इनमें से कुछ लेन-देन काफी बड़ी रकम के हुए। विदेशी फंडिंग के जरिए आई इस रकम की बंदरबाट भी खूब हुई। लखनऊ से भी कई बार रकम झांगुर के पास पहुंचाई गई। इतनी बड़ी फंड़िंग और फिर उसे कई लोगों तक पहुंचाने के लिए झांगुर का नेटवर्क देखकर एटीएस के अफसर भी हैरान रह गए। एटीएस को ऐसी ही कई और नई जानकारियां पड़ताल में मिली है। इस आधार पर ही झांगुर के गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश में एटीएस और एसटीएफ लगी हुई है। कल कोठी पर पहुंचे थे तहसीलदार सोमवार देर शाम उतरौला तहसील के तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति व उतरौला कोतवाली के इंस्पेक्टर अवधेश राज सिंह भारी पुलिस बल के साथ मधपुर स्थित झांगुर की इस कोठी पर पहुंचे थे। यहां उन्होंने नीतू के नाम की नोटिस चस्पा की थी। नोटिस चस्पा कराने के बाद पुलिस ने कहा कि झांगुर द्वारा ग्राम सभा मधपुर में स्थित गाटा संख्या: 337/370 के सम्पूर्ण रकबा 0.0060 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर इन लोगों ने अवैध रूप से कोठी बनवा ली है। इनके विरुद्ध बेदखली का आदेश भी पारित कर दिया गया है।