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विकसित उत्तर प्रदेश-2047: पर्यावरण समावेशी नीतियों को धरातल पर उतारने के लिए ध्यान केंद्रित कर रही योगी सरकार

सोमवार को सृजन शक्ति के अंतर्गत 'बैलेंस्ड डेवलपमेंट एंड एनवायरमेंटल स्टीवर्डशिप' थीम पर हुआ सेक्टोरल वर्कशॉप भविष्य की जरूरतों के अनुरूप सतत पर्यावरण प्रबंधन का रोडमैप हो रहा क्रियान्वित लखनऊ, उत्तर प्रदेश को भविष्योन्मुख विकास के नए प्रतिमानों के अनुरूप परिवर्तित कर रही योगी सरकार पर्यावरण समावेशी नीतियों को धरातल पर उतारने के लिए ध्यान केंद्रित कर रही है। इसी क्रम में, विकसित उत्तर प्रदेश-2047 के अंतर्गत सोमवार को योजना भवन सभागार में सृजन शक्तिः बैलेंस्ड डेवलपमेंट एंड एनवायरमेंटल स्टीवर्डशिप थीम पर सेक्टोरल वर्कशॉप का आयोजन हुआ। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तथा उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के तत्वावधान में एक दिवसीय वर्कशॉप का शुभारंभ वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना द्वारा किया गया। यह वर्कशॉप हरित ऊर्जा के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की भविष्योन्मुख कार्यप्रणाली का चित्रण प्रस्तुत करने का माध्यम बना। वर्कशॉप में जोर दिया गया कि विकास एवं पर्यावरणीय संरक्षण को सम्मिलित करते हुए संतुलित एवं समग्र विकास सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। साथ ही, हरित विकास को नीति-निर्माण एवं कार्यान्वयन के प्रत्येक स्तर पर पर्याप्त महत्व प्रदान किया जाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। इस कार्यशाला में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों, तकनीकी विशेषज्ञों, शैक्षणिक संस्थानों तथा प्रमुख स्टेकहोल्डर्स ने सतत एवं जलवायु समग्र विकास हेतु दीर्घकालिक रणनीतियों पर व्यापक विचार-विमर्श किया और रोडमैप को लेकर सुझाव प्रस्तुत किए। यूपी में तेजी से हो रहा स्किल डेवलपमेंट वन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि यूपी हर लिहाज से अग्रणी राज्य है, चाहे बात जनसंख्या की हो या फिर विकास की, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश वर्ष 2047 तक विकास के नए प्रतिमान स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में स्किल डेवलपमेंट तेजी से बढ़ रहा है। राज्य में सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में आईटीआई, पॉलिटेक्निक, कौशल विकास केंद्र तथा प्राइवेट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट खुल रहे हैं। यह रोजगार और विकास को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि आम नागरिकों को प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक बनाने के लिए जन-जागरूकता कार्यक्रम कराया जाए। उन्होंने समुदाय की भागीदारी तथा विभागों के मध्य सुदृढ़ समन्वय को सुनिश्चित करने पर बल दिया, ताकि सभी विकास परियोजनाएं पर्यावरणीय दृष्टि से उत्तरदायी एवं सामाजिक रूप से समावेशी बन सकें। सुदृढ़ संस्थागत तंत्र विकसित करने की आवश्यकता अनिल कुमार, प्रमुख सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन ने नीति सुधारों में तीव्रता लाने एवं सुदृढ़ संस्थागत तंत्र विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि उत्तर प्रदेश जलवायु समावेशी अग्रणी राज्य के रूप में उभर सके। आलोक कुमार, प्रमुख सचिव योजना ने दीर्घकालिक विकास योजनाओं में जलवायु सम्बंधित विचारों को शामिल करने की आवश्यकता पर जोर दिया, जिससे विकास सुनिश्चित किया जा सके। बी. प्रभाकर, पीसीसीएफ (मानिटरिंग) ने वनों के संरक्षण, पारिस्थितिकी तंत्र पुनःस्थापन तथा जिलास्तरीय जलवायु अनुकूलन उपायों के महत्व को रेखांकित किया। इंदरजीत सिंह, निदेशक, यूपीनेडा ने राज्य में नवाचार आधारित मॉडलों एवं सार्वजनिक-निजी सहभागिता के माध्यम से नवीकरणीय ऊर्जा को व्यापक रूप से बढ़ाने की क्षमता पर प्रकाश डाला। कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने पर जोर बी. चन्द्रकला, सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन ने नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने एवं कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने, परिपत्र अर्थव्यवस्था एवं संसाधन-कुशलता को बढ़ावा, पारिस्थितिकी तंत्र पुनर्स्थापन एवं जैव विविधता संरक्षण सुदृढ़ करने, अवसंरचना को जलवायु समग्र बनाने एवं आपदा-जोखिम न्यूनीकरण मजबूत करने, हरित बांड, मिश्रित वित्त एवं अंतरराष्ट्रीय जलवायु निधियों के माध्यम से जलवायु वित्त जुटाने की आवश्यकता पर जोर दिया। मनीष मित्तल, सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विकास के प्रत्येक क्षेत्र में पर्यावरणीय स्थिरता के एकीकरण की बढ़ती आवश्यकता पर बल दिया। कार्यशाला में नीति आयोग की परामर्शदाता डॉ. स्वाति सैनी, नाबार्ड के उप महाप्रबंधक सिद्धार्थ शंकर, आईआईटी कानपुर के कोटक स्कूल ऑफ सस्टेनिबिलिटी के डीन सच्चिदानंद त्रिपाठी, जीआईजेड के निदेशक हैंस जर्गेन समेत विभिन्न पैनलिस्ट्स ने जैव विविधता संरक्षण, ऊर्जा नियोजन तथा जलवायु समावेशी अवसंरचना विकास के लिए साक्ष्य-आधारित, स्थानीय रूप से उपलब्ध प्रौद्योगिकियों और कार्य करने को लेकर विचार प्रस्तुत किए।

अयोध्या की दिव्यता ने देसी – विदेशी मेहमानों को बनाया मोदी–योगी का मुरीद

विदेशी मेहमानों की बढ़ती संख्या से होटल क्षेत्रों में आई नई जान  निवेश और रोजगार के अवसरों से अयोध्या में विकसित हो रहा मजबूत आर्थिक इकोसिस्टम लखनऊ,  देश ही नहीं विदेशों से आने वाले पर्यटक भी अयोध्या के बदलते स्वरूप को देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों की खुलकर तारीफ कर रहे हैं। राम मंदिर के निर्माण के बाद अयोध्या का आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन परिदृश्य इतना व्यापक हुआ है कि इसका सीधा प्रभाव शहर की अर्थव्यवस्था, होटल इंडस्ट्री और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में दिखाई दे रहा है। रूस से आई पर्यटक ईवा ने कहा कि अयोध्या एक भव्य और सुंदर आध्यात्मिक नगर के रूप में विकसित हुआ है। उन्होंने बताया कि यहां ठहरने और सुविधाओं की विश्वस्तरीय व्यवस्था है, शहर साफ-सुथरा है और वातावरण अत्यंत दिव्य है। उनके अनुसार अयोध्या में मिलने वाली सुकूनभरी अनुभूति और श्रद्धामय ऊर्जा भारतीय संस्कृति की विराट शक्ति का अनुभव कराती है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सराहना करते हुए कहा कि वह एक आध्यात्मिक व्यक्ति हैं वह भारतीय संस्कृति को जिस प्रकार से प्रमोट कर रहे हैं वह अतुलनीय है। धर्म ध्वज स्थापना कार्यक्रम को लेकर दर्शनार्थियों में भारी उत्साह है। अयोध्या में दूसरे राज्यों से आने वाले तीर्थयात्रियों का तांता लगा हुआ है और पूरा शहर धार्मिक और आध्यात्मिक उल्लास में डूबा दिखाई दे रहा है। पुणे से आए दर्शनार्थी शिव नारायण ने कहा कि अयोध्या का विकास मोदी और योगी आदित्यनाथ की दृढ़ इच्छाशक्ति का परिणाम है। वहीं स्थानीय गीतकार विकल्प त्रिवेदी के शब्दों में यह भावना स्पष्ट झलकती है कि राम मंदिर का सपना युगों बाद पूरा हुआ है और 25 तारीख को लहराने वाला भगवा ध्वज इस ऐतिहासिक क्षण का प्रतीक बनेगा। शहर में भोजन और ठहरने की सुविधाओं का विस्तार अयोध्या के आर्थिक विकास में होटल और रेस्टोरेंट कारोबार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उडुपी टू मुंबई रेस्टोरेंट के मैनेजर शैलेन्द्र कुमार अवस्थी ने बताया कि अयोध्या में फिलहाल चार रेस्टोरेंट संचालित हो रहे हैं और लगभग 10 नई परियोजनाओं पर कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि शहर में कुल 100 करोड़ रुपये निवेश का लक्ष्य है जिसमें से 70 करोड़ रुपये पहले ही लगाए जा चुके हैं। प्रतिदिन 2000 से 3000 लोग उनके यहां भोजन के लिए आते हैं। विशेष अवसरों पर यह संख्या 5000 तक पहुंच जाती है। प्रत्येक महीने 5 से 6 करोड़ रुपये का कारोबार हो रहा है। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं एवं पड़ोसी जिलों के लोगों को रोजगार का अवसर मिल रहा है। शैलेन्द्र अवस्थी बताते हैं कि अयोध्या में योगी सरकार की विकास योजनाओं का परिणाम जमीनी स्तर पर साफ दिख रहा है। गेस्ट हाउस और छोटे होटलों में भी बढ़ी आय अयोध्या में पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से छोटे होटल और गेस्ट हाउस भी समृद्ध हुए हैं। सब्जी मंडी स्थित काका गेस्ट हाउस के मैनेजर दुर्गेश वर्मा ने बताया कि पहले उनके यहां प्रतिदिन 3000 रुपये का कारोबार होता था जो अब 15000 रुपये प्रतिदिन तक पहुंच गया है। अब अधिकांश दिनों में होटल फुल रहता है और विदेशी मेहमानों की बढ़ती संख्या से आय में और तेजी आई है। वैश्विक आध्यात्मिक ध्रुव के रूप में उभरती अयोध्या राम मंदिर के आसपास के क्षेत्र में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की निरंतर आवाजाही से अयोध्या का वातावरण दिनभर जीवंत बना रहता है। रामपथ, हनुमानगढ़ी, सरयू घाट और मंदिर परिसर में बढ़ती चहल-पहल बताती है कि यह बदलाव स्थायी है और शहर ने एक नई पहचान हासिल की है। अयोध्या अब केवल धार्मिक धरोहर नहीं बल्कि आधुनिक व्यवस्थाओं से सुसज्जित विश्वस्तरीय आध्यात्मिक नगर है। होटल कारोबार की वृद्धि, विदेशी पर्यटकों की उत्साहपूर्ण प्रतिक्रियाएं और लगातार फैलता हॉस्पिटैलिटी सेक्टर इस बात का प्रमाण हैं कि अयोध्या की अर्थव्यवस्था आने वाले समय में और मजबूत होगी।

बच्चों की प्रतिभा देखकर करता है मन, फिर से बच्चा बन जाऊँ: राज्यपाल

भारत स्काउट एंड गाइड की 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी का लखनऊ में भव्य शुभारंभ लखनऊ भारत स्काउट एंड गाइड की 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी का भव्य उद्घाटन सोमवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया। राज्यपाल ने डिफेंस एक्सपो ग्राउंड वृंदावन योजना में आयोजित उद्घाटन समारोह में देश-विदेश से आये स्काउट-गाइड्स के उत्साह, अनुशासन और प्रस्तुतियों की सराहना की।   राज्यपाल ने की बच्चों की हौसलाअफजाई, बोलीं- आपकी ऊर्जा गर्व का अनुभव कराती है बच्चों की प्रस्तुतियों को देख प्रफुल्लित हुईं राज्यपाल ने कहा कि आप सभी को देखकर बहुत खुशी होती है। मन में इच्छा होती है कि ईश्वर हमें फिर से छोटा बच्चा बना दे। आप देश के भविष्य हैं। आपकी ऊर्जा गर्व का अनुभव कराती है। उन्होंने कहा कि स्काउट-गाइड संस्थाएं बच्चों में सेवा, नेतृत्व, अनुशासन और राष्ट्रप्रेम जैसे मूल्यों को सुदृढ़ करती हैं। उन्होंने कहा कि भारत स्काउट एंड गाइड की 19वीं राष्ट्रीय जंबूरी/हीरक जयंती जंबूरी, संगठन के 75 गौरवशाली वर्षों की पूर्णता का उत्सव है। आयोजन में देश-विदेश के 33,000 से अधिक स्काउट-गाइड प्रतिभागी हिस्सा ले रहे हैं। उद्घाटन समारोह के दौरान ऊर्जा, अनुशासन और सांस्कृतिक उत्साह से भरा वातावरण  'भारत माता की जय' और “वंदे मातरम्” के नारों से गुंजायमान रहा। ऐसे कार्यक्रम बढ़ाते हैं बच्चों का आत्मविश्वास राज्यपाल ने विभिन्न प्रदेशों और विदेशों से आए स्काउट-गाइड प्रतिभागियों, शिक्षकों, प्रशिक्षकों एवं अभिभावकों का स्वागत करते हुए कहा कि जंबूरी बच्चों के लिए सीखने, अनुभव साझा करने और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का उत्कृष्ट मंच है। उन्होंने आयोजन को भारत की एकता और विविधता का सशक्त प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं, उनके व्यक्तित्व का विकास करते हैं और समाज के प्रति कर्तव्यबोध जागृत करते हैं। यह जंबूरी न केवल महोत्सव है, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव भी है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए सक्षम व सशक्त मंच बन चुका है उत्तर प्रदेश देश-विदेश से आए प्रतिनिधियों और अभिभावकों ने आयोजन की उत्कृष्ट व्यवस्थाओं और विशाल स्तर पर हुई तैयारियों की सराहना की। इस जंबूरी ने यह प्रमाणित किया कि उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े आयोजनों के लिए सक्षम व सशक्त मंच बन चुका है। अधिकारियों ने कहा कि हजारों बच्चों का एक साथ अनुशासन, कौशल, देशभक्ति और सेवा का संदेश देना ऐतिहासिक क्षण है। कार्यक्रम में लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, भारत स्काउट एंड गाइड के अध्यक्ष डॉ. अनिल कुमार जैन, चीफ नेशनल कमिश्नर डॉ. के.के. खंडेलवाल, उत्तर प्रदेश संगठन के अध्यक्ष डॉ. महेंद्र सिंह, जंबूरी महासचिव एवं प्रादेशिक मुख्य आयुक्त प्रशांत कुमार, उत्तर प्रदेश के चीफ पोस्टमास्टर जनरल प्रणव कुमार आदि उपस्थित रहे।

श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराएंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

सोमवार को ही अयोध्या पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, तैयारियों का लिया जायजा ध्वजारोहण वाले झंडे में दिखेगा चमकता सूरज, कोविदारा का पेड़ और लिखा होगा 'ॐ', भगवान श्री राम की वीरता और रामराज्य के आदर्शों को करेगा प्रदर्शित श्री राम और मां सीता की विवाह पंचमी के अभिजीत मुहूर्त के साथ होगा ध्वजारोहण  लखनऊ,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर जाएंगे और मंदिर के शिखर पर ध्वज फहराएंगे। इस कार्यक्रम की तैयारियां पूरी हो गई हैं। आयोजन के मद्देनजर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को ही अयोध्या पहुंच गए। उन्होंने वहां मंदिर परिसर में होने वाले आयोजन की तैयारियों को परखा और मंदिर प्रशासन व जनपद प्रशासन द्वारा की गईं तैयारियों का भी जायजा लिया। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को अयोध्या पहुंचेंगे। अयोध्यावासियों का अभिनंदन करते हुए वे श्री रामजन्मभूमि मंदिर जाएंगे। इसके पहले सुबह करीब 10 बजे प्रधानमंत्री सप्तमंदिर जाएंगे और महर्षि वशिष्ठ, महर्षि विश्वामित्र, महर्षि अगस्त्य, महर्षि वाल्मीकि, देवी अहिल्या, निषादराज गुहा और माता शबरी मंदिर में भी शीश झुकाएंगे। इसके बाद वे शेषावतार मंदिर भी जाएंगे। सुबह करीब 11 बजे माता अन्नपूर्णा मंदिर भी जाएंगे। इसके बाद राम दरबार गर्भगृह में दर्शन-पूजन करेंगे। प्रधानमंत्री दोपहर करीब 12 बजे श्री राम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा झंडा फहराएंगे। यह आयोजन मार्गशीर्ष मास के शुक्ल पक्ष की शुभ पंचमी पर श्रीराम और माँ सीता की विवाह पंचमी के अभिजीत मुहूर्त के साथ होगा। 10 फीट ऊँचा और 20 फीट लंबा समकोण वाले तिकोने झंडे का आरोहण किया जाएगा। जिस पर भगवान श्री राम की प्रतिभा और वीरता का प्रतीक चमकते सूरज की तस्वीर है। इस पर कोविदारा पेड़ की तस्वीर के साथ 'ॐ' लिखा है। पवित्र भगवा झंडा रामराज्य के आदर्शों को दिखाते हुए गरिमा, एकता और सांस्कृतिक निरंतरता का संदेश देगा। झंडा पारंपरिक उत्तर भारतीय नागर आर्किटेक्चरल स्टाइल में बने शिखर पर फहराया जाएगा, जबकि मंदिर के चारों ओर बना 800 मीटर का परकोटा (दक्षिण भारतीय आर्किटेक्चरल परंपरा में डिज़ाइन किया गया घेरा) मंदिर की आर्किटेक्चरल विविधता को दिखाता है। मंदिर परिसर में मुख्य मंदिर की बाहरी दीवारों पर वाल्मीकि रामायण पर आधारित भगवान श्री राम के जीवन से जुड़े 87 बारीकी से पत्थर पर उकेरे गए प्रसंग हैं। घेरे की दीवारों पर भारतीय संस्कृति से जुड़े 79 कांस्य-ढाल वाले प्रसंग रखे गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को ही अयोध्या पहुंच गए और यहां हुई तैयारियों का जायजा लिया। साथ ही जनपदीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए।

अयोध्या में धर्म ध्वज स्थापना करेंगे प्रधानमंत्री मोदी, सुरक्षा कवच होगा अभेद्य

6970 सुरक्षा कर्मियों का सुरक्षा घेरा, एटीएस-एनएसजी से लेकर साइबर टीम तक मुस्तैद एंटी-ड्रोन सिस्टम, स्नाइपर ड्यूटी, 90 तकनीकी विशेषज्ञों की तैनाती अयोध्या, श्रीराम मंदिर अयोध्या में धर्म ध्वज स्थापना समारोह के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अभूतपूर्व स्तर पर सुरक्षा घेरा तैयार किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में कानून-व्यवस्था की दृष्टि से भारी पुलिस बल तथा विभिन्न विशेष इकाइयों की ड्यूटी सुनिश्चित की गई है, जिसमें वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर फील्ड टीमों तक का समन्वित प्रबंधन शामिल है। सुरक्षा योजना के अंतर्गत उच्च पदस्थ अधिकारियों को रणनीतिक नेतृत्व के लिए तैनात किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकों, क्षेत्रीय अधिकारियों और निरीक्षकों की संख्या उल्लेखनीय है। सुरक्षा ड्यूटी के लिए पुलिस बल में बड़ी संख्या में पुरुष एवं महिला आरक्षियों को नियुक्त किया गया है, जो भीड़ नियंत्रण, सर्चिंग, विस्फोटक की जांच सहित आपात प्रतिक्रिया जैसी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। विशेष सुरक्षा इकाइयों के रूप में बम डिटेक्शन टीम, डॉग स्क्वॉड, वीवीआईपी सुरक्षा निरीक्षण दल, ट्रैफिक प्रबंधन यूनिट, फायर यूनिट तथा रिस्पॉन्स टीम की जिम्मेदारी संवेदनशील बिंदुओं पर सुनिश्चित की गई है। तकनीकी उपकरण जैसे माइंस टीम, बीडीएस यूनिट, एक्स-रे स्कैनिंग मशीन, सीसीटीवी मॉड्यूल, हाई रिस्पॉन्स वैन, पेट्रोलिंग यूनिट और एंबुलेंस यूनिट्स को भी नियुक्त किया गया है। विशेष जांच के लिए हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्शन डिवाइस, वाहन माउंटेड स्कैनर तथा बैगेज एक्सरे स्कैनर का प्रावधान सुनिश्चित किया गया है।   सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए तैनात पुलिस बल विभिन्न परीक्षेत्रों से कुल 14 एसपी कुल 30 एएसपी कुल 90 डीवाईएसपी कुल 242 इंस्पेक्टर (पुरुष) उप निरीक्षक कुल 1060 महिला उप निरीक्षक कुल 80 पुरुष हेड कांस्टेबल कुल 3090 महिला हेड कांस्टेबल कुल 448 यातायात व्यवस्था के लिए तैनाती कुल 16 ट्रैफिक इंस्पेक्टर कुल 130 ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर कुल 820 ट्रैफिक पुलिस के जवान विशेष सुरक्षा इकाइयां एटीएस कमांडो की कुल 02 टीम एनएसजी स्नाइपर कुल 02 टीम एंटी ड्रोन यूनिट कुल 01 टीम धर्म ध्वज समारोह में सुरक्षा प्रबंधन का विवरण एस्कॉर्ट 2 सेट, प्रत्येक में 3 कर्मी एक्सेस कंट्रोल 16 सेट एएस चेकिंग टीम 3 यूनिट स्पाटर डिटेक्टिव ड्यूटी 15 यूनिट बेयरर यूनिट 2 यूनिट एंटी मोबाइल माइन्स टीम 01 बीडीडीएस 09 टीम स्पॉट चेक टीम 15 फायर ब्रिगेड 04 पायलट वाहन यूनिट 12 डीएफएमडी 105 एचएचएमडी 380 वाहन माउंटेड जैमर 01 नागरिक पुलिस कुल 5784 यातायात पुलिस 1186 ध्वजारोहण में लगे कुल सुरक्षा कर्मी 6970 ड्रोन निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक विजिलेंस एटीएस टीम 2 कुल लगभग 90 तकनीकी सदस्य एंटी ड्रोन सिस्टम 01 04 साइबर कमांडो अतिरिक्त सुरक्षा बिंदु पार्किंग प्रबंधन के लिए 38 कर्मी भीड़ नियंत्रण के लिए बैरियर मॉड्यूल वीआईपी रूट और मंदिर परिसर सुरक्षा विशेष प्रोटोकॉल रूट डायवर्जन पर पुलिस तैनाती स्नाइपर और हाई ग्राउंड सर्विलााँस

मशहूर ‘नीले ड्रम वाली मुस्कान’ अस्पताल में एडमिट, खुशखबरी नजदीक—डॉक्टर्स ने दिया बड़ा अपडेट

मेरठ अपने पति की हत्या को लेकर सुर्खियों में रहने वाली मुस्कान एक बार फिर चर्चा में है। दरअसल, प्रेग्नेंट मुस्कान अब मां बनने वाला है। मेरठ जिला जेल प्रशासन के मुताबिक हत्या की आरोपी सोमवार सुबह अचानक प्रसव पीड़ा होने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों के अनुसार उसकी स्थिति अभी स्थिर है, लेकिन किसी भी समय डिलीवरी हो सकती है। अस्पताल प्रशासन उसे लगातार मॉनिटर कर रहा है और उसकी सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। जेल प्रशासन ने डिलीवरी को लेकर दी ये जानकारी इस मामले में वरिष्ठ जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा ने बताया कि मुस्कान की डिलीवरी जेल प्रशासन के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। हालांकि उसे प्रसव पीड़ा के बाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे है। डॉक्टरों के मुताबिक उसे किसी भी वक्त बेबी हो सकता है। मेरठ जेली में बंद है मुस्कान बता दें कि सौरभ की हत्या के आरोप में मुस्कान पिछले 8 महीने से जेल में बंद है। इस दौरान वह 8 महीने की गर्भवती हो चुकी है। जेल प्रशासन SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के तहत उसकी पूरी देखभाल कर रहा है। पिछली जांच रिपोर्ट में मुस्कान का वजन जेल में रहते हुए 22 किलो बढ़ गया है। उसकी सेहत को देखते हुए हर हफ्ते अल्ट्रासाउंड कराया जा रहा है। उसे दूध, अंडा, फल और पौष्टिक भोजन दिया जा रहा है। बच्चे के डीएनए टेस्ट पर उठ रहे सवाल बच्चे के डीएनए टेस्ट को लेकर सवाल उठे हैं, लेकिन जेल अधीक्षक का कहना है कि इस पर फैसला न्यायालय करेगा। वहीं, जेल में होने वाली आरती और सुंदरकांड पाठ में मुस्कान नियमित रूप से शामिल होती है। गर्भवती महिलाओं से जेल में कोई काम नहीं कराया जाता। जेल मैनुअल के मुताबिक, मां 6 साल की उम्र तक बच्चे को अपने साथ जेल में रख सकती है। इस दौरान बच्चे की निशुल्क शिक्षा और खानपान की व्यवस्था भी होती है।

सुबह-शाम कोहरे की चादर, मुरादाबाद में तापमान गिरकर 10 डिग्री

मुरादाबाद दो दिन से सुबह और शाम को घना कोहरा छाने लगा है। इससे ठंड अचानक बढ़ गई है। रविवार को शहर के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में व कोहरे की चेतावनी जारी की है।रविवार को न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के करीब पहुंच गया। सुबह के समय 500 मीटर तक ही विजिबिलिटी रही। मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक सप्ताह तक सुबह कोहरा या धुंध बनी रहेगी। तापमान 10–11 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि अधिकतम आर्द्रता 80 और न्यूनतम 50 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। उधर, देर से धूप निकलने और रात में ओस गिरने से सर्दी बढ़ गई है। कोहरे के चलते लोगों ने सुबह के सैर का समय बदल दिया है। कई जगहों पर लोग अलाव का सहारा लेते दिखे। हाईवे पर सुबह के समय दृश्यता बेहद कम रही। कुछ फीट दूर से ही वाहन नजर नहीं आ रहे थे। इससे वाहनों की रफ्तार बेहद धीमी रही। कृषि विज्ञान केंद्र के प्रभारी डॉ. रविंद्र कुमार ने बताया कि इन दिनों गेहूं की बोआई जोरों पर है। मौजूदा मौसम किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है। उन्होंने कहा कि ठंड और कोहरे का यह दौर फसलों के लिए लाभकारी है। सभी प्रकार की रबी फसलों की बढ़वार पर इसका सकारात्मक असर पड़ेगा। एक्यूआई पुअर श्रेणी में दर्ज मुरादाबाद में ठंड बढ़ने के साथ वायु गुणवत्ता भी प्रभावित हुई है। शहर का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 100 से 250 के बीच दर्ज किया गया। बुद्धि विहार में एक्यूआई 140 रहा। यह मॉडरेट श्रेणी है। ईको हर्बल पार्क में एक्यूआई 258 रहने के साथ पुअर श्रेणी में दर्ज किया गया। इसके अलावा रोजगार कार्यालय क्षेत्र में एक्यूआई 183 दर्ज किया। सुबह-शाम बाहर निकलते समय सावधानी बरतें गिरते तापमान के बीच जिला अस्पताल के चिकित्सक डाॅ. आशीष  ने लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मौसम का यह बदलाव स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है। इसलिए एहतियात बेहद जरूरी है।     ठंड में सिर और कान ढककर निकलें     अस्थमा व सांस के मरीज मास्क पहनकर बाहर निकलें     सुबह की सैर फिलहाल टालना बेहतर  

रामनगरी की अर्थव्यवस्था में आया भारी उछाल, हर हाथ को मिला रोजगार का अवसर

अयोध्या   अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद धार्मिक पर्यटन में आई भारी वृद्धि ने स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। मंदिर प्रांगण और प्रमुख मार्गों पर पूजा सामग्री, प्रसाद और स्मृति चिह्न बेचने वाले दुकानदारों की आय में कई गुना की हुई है। रामपथ, कनक भवन, श्री हनुमानगढ़ी मार्ग और आसपास के क्षेत्र अब सिर्फ धार्मिक रूप से ही नहीं, बल्कि आर्थिक दृष्टि से भी समृद्ध दिखाई दे रहे हैं। हनुमानगढ़ी मार्ग पर स्थित श्री गायत्री भोग प्रसाद भंडार के संचालक जितेंद्र कुमार गुप्ता बताते हैं कि पहले उनका दैनिक कारोबार 3,000 रुपये तक सीमित रहता था। लेकिन राम मंदिर निर्माण के बाद ये कारोबार प्रतिदिन 10,000 रुपये तक पहुंच गया है। वे कहते हैं कि योगी सरकार के प्रयासों से अयोध्या दिव्य, भव्य और नव्य हो गई है। उनका मानना है कि धर्म ध्वजारोहण और मंदिर के कार्यक्रमों के बाद पर्यटकों की आमद और बढ़ेगी जिससे आय में अतिरिक्त वृद्धि की संभावना बनी हुई है। इसी तरह कनक भवन के पास पूजा सामग्री की दुकान चलाने वाले श्यामजी राय ने बताया कि अयोध्या में तीर्थ यात्रियों का उत्साह अलग ही स्तर पर पहुंच गया है। पहले वे नौकरी करते थे लेकिन अब दुकान संभाल रहे हैं और बताते हैं कि व्यापार में चार गुना की वृद्धि हुई है। वे कहते हैं कि राम मंदिर बनने के बाद यहां रोजगार के अवसर बढ़े हैं, पलायन रुका है और अयोध्यावासी अपने शहर में आत्मनिर्भर हो रहे हैं। कनक भवन के सामने स्थित गुप्ता जी चंदन वाले दुकान के मालिक प्रशांत गुप्ता भी आर्थिक बदलाव के इस दौर के जीवंत उदाहरण हैं। पहले उनकी दुकान की बिक्री रोजाना 2,000 रुपये तक रहती थी, अब यह आंकड़ा प्रतिदिन 25,000 रुपये तक जा पहुंचा है। वे कहते हैं कि पहले दुकानदारों का खर्च निकलना भी मुश्किल था, लेकिन अब हम लोग भरपूर लाभ में हैं। सफाई, सौंदर्यीकरण और यातायात व्यवस्था में आई सुधार ने भी व्यापार को गति दी है। जय नारायण मिश्र, जो जय पूजन मूर्ति और सामग्री भंडार के संचालक हैं, बताते हैं कि पहले व्यापार अधिकतर मेले पर आधारित रह्ता था। वर्ष में कुछ ही दिनों में ग्राहक आते थे। आज स्थिति यह है कि वे प्रतिदिन 10,000 रुपये तक कमा रहे हैं, जबकि पहले आय महज 2,000 रुपये थी। वे बताते हैं कि पहले प्रतिदिन करीब 100 लोग मूर्तियां खरीदते थे, मगर अब उनकी दुकान पर प्रतिदिन 1,200 से अधिक ग्राहक आते हैं। अयोध्या में इस आर्थिक जागरण ने छोटे व्यापारियों का आत्मविश्वास बढ़ाया है। सड़क मार्गों का चौड़ीकरण, अतिक्रमण हटाना, धार्मिक पर्यटन से संबंधित सुविधाओं का व्यवस्थित निर्माण स्थानीय व्यवसाय के लिए लाभकारी सिद्ध हुआ है। दुकानदारों का मानना है कि मंदिर सिर्फ आस्था का केंद्र नहीं रहा बल्कि यह रोजगार सृजन और आर्थिक सुदृढ़ता का भी प्रतीक बन चुका है। स्थानीय लोगों की उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में अयोध्या विश्वस्तरीय तीर्थ शहर के रूप में स्थापित होगी और यहां की स्थानीय अर्थव्यवस्था और भी मजबूती प्रदान करेगी।

CM योगी की पाती: श्रीराम मंदिर में ध्वजारोहण से शुरू होगा नया युग, कल पीएम मोदी करेंगे कार्यक्रम

अयोध्या  अयोध्या में श्रीराम मंदिर के मुख्य शिखर पर 25 नवंबर को ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह आयोजित हो रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंदिर के शिखर पर केसरिया भगवा ध्वज फहराएंगे, जो त्रेता युग की प्राचीन परंपराओं को पुनर्जीवित करने का प्रतीक माना जा रहा है। इससे पहले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक पाती लिखी है जिसमें उन्होंने कहा है कि वो प्रार्थना करते हैं कि धर्म-ध्वजा की पुनर्स्थापना से प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का नया युग आरंभ हो। उन्होंने इस पत्र में लिखा है कि ये हम सभी प्रदेशवासियों के लिए आनंद और गौरव का क्षण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में अयोध्या में हो रहा कार्य प्रभु श्रीराम के जीवन मूल्यों से प्रेरित है। सौहार्द एवं सौमनस्य का यह पुनः प्राप्त वातावरण के पीछे अनन्य श्रद्धा, रामभक्तों की आस्था तथा सनातन संस्कृति के गौरवगान है। पीएम मोदी करेंगे अयोध्या के श्रीराम मंदिर में ध्वजारोहण  अयोध्या में श्रीराम मंदिर के मुख्य शिखर पर मंगलवार को होने वाले ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। विवाह पंचमी के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 12 बजकर 6 मिनट पर अभिजीत मुहूर्त में केसरिया ध्वज फहराएंगे, जो भगवान राम की सूर्यवंशीय परंपरा का प्रतीक है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि यह ध्वज सूर्य के प्रतीक के साथ अंकित है, जो दिव्य ऊर्जा, सद्गुण और ज्ञान का प्रतिनिधित्व करता है। समारोह से पूर्व 21 से 25 नवंबर तक पांच दिवसीय वैदिक अनुष्ठान चल रहे हैं, जिन्हें 108 आचार्यों द्वारा संपन्न किया जा रहा है। केसरिया ध्वज फहराया जाएगा इस केसरिया ध्वज की कुल ऊंचाई 21 फीट है जिसमें 161 फीट ऊंचे शिखर पर 42 फीट का ध्वजस्तंभ लगाया गया है। इसे अहमदाबाद की एक 80 वर्ष पुरानी कंपनी ने तैयार किया है, जो पैराशूट निर्माण करती है। ध्वज विशेष पैराशूट फैब्रिक और रेशमी साटन धागों से बुना गया है जो सूर्य की तेज किरणों, भारी वर्षा और 60 किमी/घंटा तक की हवाओं का सामना कर सकता है। सीएम योगी की प्रदेशवासियों के नाम पाती इस ऐतिहासिक पल से पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि ” 25 नवंबर को अयोध्या का नाम पुनः इतिहास के पृष्ठ पर स्वर्णिम अक्षरों में अंकित होगा। इस अवसर पर हम सभी प्रदेशवासी आनंद और गौरव की अनुभूति कर रहे हैं। कबीरदास जी, अद्वैतवादी आचार्य शंकराचार्य, संत तुलसीदास, मलिक मोहम्मद जायसी, संत रैदास आदि महापुरुषों की तपोभूमि एवं आध्यात्मिक धरोहरों को पुनर्स्थापित करने का यह शुभ क्षण है। प्रभु श्रीराम का नगर सतत् विकास के प्रतिमान स्थापित करता हुआ अद्यतन कला-सौंदर्य एवं संस्कृति के सनातन अध्यात्म एवं आधुनिक स्थापत्य बृहत्तरता के लिए श्रीरामलला धरातल से लेकर अनंत तक उत्कृष्टता की कड़ी बन रहा है, सुरक्षा भी सुदृढ़ हुई है। मुझे श्रीराम की नगरी विश्व मानचित्र पर सांस्कृतिक राजधानी के रूप में अंकित होते देख हर्ष, गौरव का अनुभव हो रहा है और अद्भुत विकास भी। मेरी यही कामना है कि धर्म-ध्वजा की पुनर्स्थापना से प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का नया युग आरंभ हो।” उन्होंने आह्वान किया कि आइए हम सभी मिलकर रामराज्य के आदर्शों से प्रेरित एक नव–उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प लें।

डाइंग फैक्ट्री में त्रासदी: खौलते टैंक की चपेट में आए तीन मजदूर, मौके पर मौत

भदोही यूपी के भदोही जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। जहां एक डाइंग प्लांट में लगभग 11 बजे खौलते कैमिकल टैंक में गिरने से तीन मजदूरों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य गंभीर रूप से घायल हो गया। इससे मौके पर हड़कंप मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच पड़ताल में जुट गई। ये दर्दनाक घटना औराई थाना क्षेत्र के उगापुर बाजार स्थित सूर्या कंपनी का है। जहां सोमवार को कुछ मजदूर खौलते केमिकल टैंक में गिर गए। इस हादसे में तीन लोगों की मौत और एक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल मजदूर को तत्काल औराई चौराहे स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। उधर, हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है वहीं, एसडीएम भदोही घटनास्थल के लिए रवाना हो गए। हादसे के बाद प्लांट परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरातफरी का माहौल है। मजदूरों में गहरा रोष और भय देखा जा रहा है। फिलहाल प्रशासन हादसे के सटीक कारणों की जांच में जुटा है और सुरक्षा मानकों की भी समीक्षा की जा रही है।