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सुप्रीम कोर्ट की राहत: निठारी हत्याकांड के आरोपी सुरेंद्र कोली को किया गया रिहा

 नई दिल्ली      निठारी कांड के सबसे चर्चित आरोपी सुरेंद्र कोली को सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. सुप्रीम कोर्ट ने उनकी कर्वेटिव पिटीशन को स्वीकार करते हुए उनकी अंतिम सजा रद्द कर दी और उन्हें पूरी तरह बरी कर दिया. यह मामला 2005-2007 के बीच नोएडा के निठारी क्षेत्र में हुई बालिकाओं की सामूहिक हत्याओं से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को हिला दिया था. कोली पर कुल 13 मामलों में मुकदमे चले थे. इनमें से 12 मामलों में वह पहले ही इलाहाबाद हाईकोर्ट से बरी हो चुके थे लेकिन एक मामला ऐसा बचा था, जिसमें उनकी सजा बनी हुई थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में फैसला सुनाते हुए कहा कि एक ही सबूत और तथ्य के आधार पर 12 मामलों में बरी हो चुके आरोपी को एक मामले में सजा देना न्याय के खिलाफ है. सुरेंद्र कोली को तुरंत रिहा करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने कोली के 15 वर्षीय लड़की के बलात्कार और हत्या के मामले में पाए गए सबूतों को कमजोर मानते हुए कहा कि उनका दोष सिद्ध नहीं हो पाया. अदालत ने उन्हें तुरंत रिहा करने का आदेश दिया, यदि वे किसी अन्य मामले में जेल में बंद न हों. 19 साल से जेल में बंद थे सुरेंद्र कोली कोली लगभग 19 साल तक जेल में रहे. उनकी कर्वेटिव पिटीशन को खुले कोर्ट में सुनवाई के लिए पेश किया गया था, जो कई मामलों में दुर्लभ होता है. इस फैसले के साथ निठारी कांड में उनके खिलाफ अंतिम केस भी समाप्त हो गया. कोर्ट ने कहा कि कर्वेटिव पिटीशन सिस्टम में हुई गलती सुधारने और न्याय सुनिश्चित करने का अंतिम मौका है.

गोरखपुर AIIMS में अद्भुत सफलता, बिना एनेस्थेसिया मरीज की हड्डी हुई ठीक

 गोरखपुर      क्या आप यकीन करेंगे कि किसी टूटी हड्डी की सर्जरी बिना बेहोश किए हो सकती है? एम्स गोरखपुर के डॉक्टरों ने यही करिश्मा कर दिखाया है.  जूनियर रेजिडेंट डॉ. नीरज ने नर्व ब्लॉक तकनीक का इस्तेमाल कर एक मोटे मरीज की सर्जरी की, जबकि मरीज पूरी प्रक्रिया अपनी आंखों से देखता रहा. यह सफलता चिकित्सा जगत में नई उम्मीद लाई है.  सर्जरी के दौरान मरीज सब कुछ देखता रहा आमतौर पर टूटी हड्डी की सर्जरी के लिए मरीज को पूरी तरह बेहोश (General Anesthesia) किया जाता है. लेकिन डॉ. नीरज के शोध का विषय था कि सिर्फ नर्व ब्लॉक तकनीक का उपयोग करके हंसली के फ्रैक्चर की सर्जरी कैसे की जा सकती है. इस नई तकनीक में, डॉक्टरों ने केवल उस हिस्से की नसों को अस्थायी रूप से सुन्न किया जहां सर्जरी होनी थी. मरीज पूरी सर्जरी के दौरान जागा रहा, लेकिन उसे किसी प्रकार का दर्द महसूस नहीं हुआ.  सुरक्षित, सस्ता और तेज रिकवरी एम्स गोरखपुर की यह उपलब्धि इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि सामान्य एनेस्थीसिया देने पर अक्सर मोटे या गंभीर रूप से बीमार मरीजों में सांस या हृदय संबंधी जटिलताएं आ जाती हैं. यह नई नर्व ब्लॉक तकनीक इन समस्याओं से बचाती है. एनेस्थीसिया विभाग के प्रमुख डॉ. संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि यह तरीका सुरक्षित, सस्ता और तेज रिकवरी देने वाला है, और गंभीर मरीजों के लिए भी लक्षित एनेस्थीसिया संभव है.  राष्ट्रीय मंच पर मिला पुरस्कार डॉ. नीरज को उनकी इस उपलब्धि के लिए बेंगलुरु में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन एसटीएसीसी में पोस्टर प्रस्तुति श्रेणी में तीसरा पुरस्कार मिला है.  एम्स गोरखपुर की कार्यकारी निदेशक मेजर जनरल डॉ. विभा दत्ता (सेवानिवृत्त) ने इसे संस्थान के लिए गौरव बताया. यह सफलता न सिर्फ चिकित्सा जगत के लिए, बल्कि आम मरीजों के लिए भी उम्मीद की किरण है क्योंकि अब सर्जरी में "सुरक्षित जागरूक उपचार" संभव है.

मौलाना मदनी का विवादित बयान – वंदे मातरम इस्लाम में जायज नहीं, देवी पूजा मान्य नहीं

सहारनपुर राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम की रचना को डेढ़ सौ वर्ष पूरे हो गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि वंदे मातरम गीत को पूरा का पूरा प्रस्तुत किया जाए और उसके जिन अंशों को पूर्व में हटाया गया था, उन्हें भी उसमें शामिल किया जाए लेकिन प्रधानमंत्री की ये बातें देश के मुस्लिम जनप्रतिनिधियों और उलेमाओं को बहुत अखर रही हैं। वह इस पर खुली आपत्ति भी जता रहे हैं। पूर्व में कई जनप्रतिनिधि मोहम्मद आजम खां, शफीकुर रहमान वर्क और पूर्व केंद्रीय मंत्री रशीद मसूद संसद में भी इसके गायन को लेकर अपना विरोध दर्ज करा चुके हैं। अब फिर से यह मामला सुर्खियों में आ गया है। दूसरे की देवी देवताओं की इबादत नहीं इस बीच, पूर्व सांसद दारूल उलूम की मजलिस-ए-शूरा के सदस्य एवं जमीयत उलमाए हिंद के एक गुट के हाल ही में फिर से चुने गए अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने यूनीवार्ता से बातचीत में मुसलमानों की आपत्ति के बारे में दो टूक कहा कि वंदे मातरम गीत में कुछ पंक्तियां ऐसी है। जिसमें मातृभूमि को देवी दुर्गा के रूप में पेश कर उसकी पूजा वंदना के शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा कि मुसलमानों ईश्वर एक है, इस विश्वास को मानने वाले हैं और उसी की इबादत करते हैं। इसलिए दूसरे की देवी देवताओं की इबादत करना उनके मजहबी विश्वास के खिलाफ है। अनुच्छेद 25 धार्मिक स्वतंत्रता देता है मदनी ने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 25 नागरिकों को धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान करता है और अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति की आजादी देता है। ऐसी हालत में मुस्लिमों को पूरे वंदे मातरम गीत को गाने के लिए बाध्य नहीं किया जाना चाहिए। उच्चतम न्यायालय भी इस संबंध में अपना फैसला दे चुका है। PM मोदी ने क्या कहा? मौलाना महमूद मदनी ने बताया कि 26 अक्टूबर 1937 को गुरूदेव रविंद्र टैगोर ने पंडित जवाहर लाल नेहरू को लिखे पत्र में उनसे अनुरोध किया था कि वंदे मातरम गीत की पहली दो पंक्तियों को राष्ट्रीय गीत के रूप में स्वीकार किया जाए। उसके तीन दिन बाद कांग्रेस कार्यसमिति ने टैगोर की सलाह को अपनी मान्यता दे दी थी तभी से यह सिलसिला बदस्तूर जारी है। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि पूरे गीत का ही गायन किया जाए। उसे हिस्सों में तोड़कर ना गाया जाए।

सीएम योगी की अगुवाई में बही देशभक्ति की बयार, गूंजा एकता का उद्घोष

लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री ने किया एकता यात्रा का शुभारंभ रास्ते भर पुष्पवर्षा के बीच हुआ मुख्यमंत्री का जोरदार स्वागत अगणित हाथों में लहराता रहा तिरंगा, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी हुई प्रस्तुति रानी लक्ष्मीबाई, ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ, राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा और भारत माता व बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के चित्रों पर सीएम ने अर्पित की पुष्पांजलि गोरखपुर, “राष्ट्र प्रथम” की भावना में उत्साह, उमंग और उल्लास से सराबोर जनसमूह, अगणित हाथों में लहराता तिरंगा, “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” के गूंजते स्वर, तथा पुष्पवर्षा की निर्बाध श्रृंखला—इन सभी ने सोमवार को गोरखपुर को देशभक्ति के एक अद्भुत दृश्य का साक्षी बना दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में यह दृश्य लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में निकाली गई एकता यात्रा के दौरान देखने को मिला। मुख्यमंत्री ने अपने गृह विधानसभा क्षेत्र गोरखपुर शहर से इस ऐतिहासिक यात्रा का शुभारंभ किया। नगर निगम परिसर से गीता वाटिका के पास स्थित विश्वंभर पाठक पार्क तक निकली इस यात्रा में एकता और राष्ट्रीय गर्व की भावना पूरी तरह उमड़ पड़ी। मुख्यमंत्री योगी गोलघर काली मंदिर के पास सरदार पटेल चौराहे तक स्वयं पदयात्रा में भी सम्मिलित हुए। यात्रा का शुभारंभ करने से पहले मुख्यमंत्री ने नगर निगम परिसर में अपने गुरुदेव राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन अवेद्यनाथ जी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके पश्चात नगर निगम पार्क में रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर प्रथम स्वातंत्र्य समर की वीरांगना को नमन किया। मंच पर पहुंचकर मुख्यमंत्री ने भारत माता और “वंदे मातरम्” के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के चित्रों पर भी पुष्पांजलि अर्पित की।      मंच से अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने सरदार पटेल और “वंदे मातरम्” से जुड़े प्रसंगों के माध्यम से जनसमूह का मार्गदर्शन किया। इसके बाद उन्होंने नगर निगम के बाहर टाउनहाल स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एकता यात्रा का औपचारिक शुभारंभ किया।     यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री के साथ जलशक्ति मंत्री सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण कदम से कदम मिलाकर चल रहे थे। अपार जनसमूह इस यात्रा में शामिल हुआ। लोग तिरंगा झंडा हाथों में लिए “भारत माता की जय” और “वंदे मातरम्” के उद्घोष कर रहे थे। जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ती गई, पूरा मार्ग राष्ट्रीय ध्वज के रंगों में रंग गया। टाउनहाल से लेकर पटेल चौराहा (गोलघर काली मंदिर) तक सड़कों के किनारे खड़े हर उम्र वर्ग के लोगों तथा विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और व्यापारिक संगठनों ने पुष्पवर्षा कर मुख्यमंत्री का स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए सभी का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान गांधी आश्रम के पास एक बालक सरदार पटेल का चित्र लिए खड़ा था। जिसे मुख्यमंत्री ने बुलाकर उसके हटीं से सरदार पटेल की तस्वीर ली और आशीर्वाद दिया।       यात्रा मार्ग पर जलकल बिल्डिंग, गांधी आश्रम, बलदेव प्लाजा और काली मंदिर के समीप कलाकारों के दलों ने विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया। यात्रा के काली मंदिर पहुंचने पर सीएम योगी ने मां काली और अन्य देव विग्रहों का दर्शन-पूजन किया तथा मंदिर के सामने स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर यात्रा को गंतव्य की ओर रवाना किया।

सरदार पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में सीएम योगी ने किया एकता यात्रा का शुभारंभ

  गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत रत्न से विभूषित एवं लौह पुरुष के नाम से विख्यात सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह के उपलक्ष्य में सोमवार को प्रदेशभर के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों के लिए एकता यात्रा का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने जहां सरदार पटेल के राष्ट्र के प्रति योगदान को श्रद्धा भाव से याद किया तो वहीं वंदे मातरम में संशोधन और विरोध को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर सीधा प्रहार किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस राष्ट्र गीत, वंदे मातरम ने आजादी के आंदोलन में भारत की सोयी हुई चेतना को जागृत किया, उसमें पहले कांग्रेस ने तुष्टिकरण के लिए संशोधन किया और आज फिर कुछ लोग वंदे मातरम का विरोध कर रहे हैं।           मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी व्यक्ति, मत या मजहब राष्ट्र से बड़ा नहीं हो सकता। व्यक्तिगत आस्था यदि राष्ट्र के आड़े आए तो उसे एक छोर पर रख देना चाहिए। पर, कुछ लोगों के लिए आज भी उनका व्यक्तिगत मत और मजहब बड़ा है। सपा के एक सासंद द्वारा वंदे मातरम गाने से इनकार करने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे लोग जिन्ना को सम्मान देने के लिए होने वाले कार्यक्रम में तो शामिल होते हैं लेकिन लौह सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती के कार्यक्रम में सम्मिलित नहीं होते। वंदे मातरम भारत की सोयी चेतना को जगाने वाला गीत नगर निगम परिसर के रानी लक्ष्मीबाई पार्क से निकली एकता यात्रा के पूर्व उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सुखद अवसर है कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के कार्यक्रम तो प्रारंभ हुए ही हैं, साथ ही राष्ट्रगीत वंदे मातरम के भी 150वें वर्ष में प्रवेश करने के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। सीएम ने कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान वंदे मातरम भारत की सोयी चेतना को जगाने वाला गीत था। 1876 के बाद हर क्रांतिकारी, बच्चे, विद्यार्थी, युवा, अधेड़, बुजुर्ग, महिला, पुरुष ने इसका उद्घोष किया और आजादी आंदोलन में कूद पड़ा था। तब हर उम्र के व्यक्ति के लिए वंदे मातरम उसके जीवन का मंत्र बन गया था। देखते ही देखते वंदे मातरम का यही उद्घोष विदेशी दासता से भारत को मुक्त करने का मंत्र बन गया। कांग्रेस ने किया संशोधन का प्रयास मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम का जो मंत्र भारत की आजादी का कारण बना हो, उस मंत्र को भी सांप्रदायिक बताकर कांग्रेस ने उसमें संशोधन करने का प्रयास किया। कांग्रेस ने कहा यह पांच और छह छंद का क्यों पढ़ना है, दो छंद में ही हो इसे पूरा किया जाए। जिस वंदे मातरम को कांग्रेस के 1896-97 के अधिवेशन में गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर ने अपने स्वर में गाया था, उसका 1923 के अधिवेशन में तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद अली जौहर ने विरोध किया। वंदे मातरम का गान शुरू होते ही जौहर अध्यक्ष के पद से उठकर के चले गए। उन्होंने वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया। वंदे मातरम का इस प्रकार का विरोध भारत के विभाजन का दुर्भाग्यपूर्ण कारण बना था। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने अगर उस समय मोहम्मद अली जौहर को अध्यक्ष पद से बेदखल करके वंदे मातरम के माध्यम से भारत की राष्ट्रीयता का सम्मान किया होता तो भारत का विभाजन नहीं हुआ होता। धरती माता की उपासना का गीत है वंदे मातरम मुख्यमंत्री ने कहा कि बाद में कांग्रेस ने वंदे मातरम में संशोधन के लिए एक कमेटी बनाई। 1937 में उसकी रिपोर्ट आईम कांग्रेस ने कहा कि इसमें कुछ ऐसे शब्द हैं जो भारत माता को मां दुर्गा, लक्ष्मी और सरस्वती के रूप में प्रस्तुत करते हैं। इनका संशोधन कर दिया जाए। सीएम योगी ने कहा कि यह गीत धरती माता की उपासना का गीत है। भारत का ऋषि तो हमेशा सबका आह्वान करता रहा है कि धरती हमारी माता है और हम इसके पुत्र हैं। पुत्र होने के नाते अगर मां के सम्मान में कहीं कोई चुनौती आती है हमारा दायित्व बनता है कि हम उसके खिलाफ खड़े हों। राष्ट्रीय एकता में बाधक आस्था को रख दें एक ओर सीएम योगी ने कहा कि मेरा यह मानना है कोई व्यक्ति हो, कोई जाति, मत या मजहब हो, वह किसी राष्ट्र से बढ़कर नहीं हो सकता है। हम सब भारतवासियों को इस बारे में ध्यान रखना होगा कि हमारी आस्था अपनी जगह है। अगर हमारी आस्था, हमारी राष्ट्रीय एकता और एक अखंडता में बाधक बन रही है तो हमें उस आस्था को एक ओर करना होगा। सबसे पहले अपनी राष्ट्रीय अखंडता के लिए प्राणपण से जूझने के लिए तैयार होना होगा। भारत के एक नागरिक के रूप में यह हमारा दायित्व है। कुछ लोगों के लिए मत और मजहब भारत की एकता व अखंडता से बढ़कर सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोगों के लिए आज भी भारत की एकता और अखंडता से बढ़कर उनका मत और मजहब बड़ा हो जाता है। उनकी व्यक्तिगत निष्ठा महत्वपूर्ण हो जाती है। वास्तव में ऐसे ही इस तरह के लोग संदेह के दायरे में नहीं आते हैं। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम के विरोध का कोई औचित्य नहीं है। जिन्ना के सम्मान के कार्यक्रम में शर्मनाक तरीके से शामिल होते हैं वंदे मातरम का विरोध करने वाले मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की तुष्टिकरण की नीति दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से 1947 में देश के विभाजन का कारण बनी। और, आज भी हम सब यह मानते थे कि जो लोग भारत के अंदर हैं, सभी भारत के प्रति निष्ठावान होकर के भारत की एकता और अखंडता के लिए कार्य करेंगे। पर, जब अखिल भारतीय स्तर पर वंदे मातरम राष्ट्रीय गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजन प्रारंभ हुए तो फिर वही विरोध के स्वर फूटना प्रारंभ हो गए। समाजवादी पार्टी के एक सांसद ने फिर से विरोध करना प्रारंभ कर दिया। सीएम ने कहा कि यह वही लोग हैं जो भारत की अखंडता के शिल्पी लौह पुरुष सरदार पटेल की जयंती के कार्यक्रम में शामिल में नहीं होते लेकिन जिन्ना को सम्मान देने के किसी कार्यक्रम में शर्मनाक तरीके से शामिल होते हैं। हम सबको याद रखना होगा अगर राष्ट्र के महापुरुषों को सम्मान न मिला तो हमारा … Read more

जनता दर्शन में मुख्यमंत्री ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

लोगों से बोले सीएम, हर समस्या का कराएंगे पारदर्शिता के साथ निस्तारण गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर प्रवास के दौरान सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने जरूरतमंदों को आवास दिलाने, आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की बेटियों की शादी और गंभीर बीमारियों से पीड़ितों के उपचार में आर्थिक सहायता देने का आत्मीय संबल दिया। उन्होंने कहा कि सरकार हर जरूरतमंद और पात्र व्यक्ति को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने तथा हर समस्या के प्रभावी निस्तारण के लिए संकल्पित है। जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुनते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जन समस्याओं पर त्वरित संवेदनशीलता दिखाएं और पारदर्शिता के साथ निस्तारण सुनिश्चित करें। सोमवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करीब 200 लोगों से मुलाकात की। महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में बैठाए गए लोगो तक मुख्यमंत्री खुद पहुंचे और एक-एक कर उनकी समस्याओं को सुना। ध्यान से बात सुनते हुए उनके प्रार्थना पत्र लिए और निस्तारण के लिए संबंधित प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों को संदर्भित कर निर्देशित किया कि सभी समस्याओं का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और सन्तुष्टिपरक होना चाहिए। जनता दर्शन में एक वृद्ध महिला ने आवास की समस्या बताई। मुख्यमंत्री ने उन्हें आश्वस्त किया कि उन्हें सरकार की योजना के तहत आवास दिलाया जाएगा। इसे लेकर उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देशित भी किया। एक महिला ने बिटिया की शादी के लिए आर्थिक मदद की गुहार लगाई तो सीएम ने तुरंत मौके पर मौजूद अधिकारियों को विवाह अनुदान योजना का लाभ दिलाने के लिए निर्देशित किया। एक अन्य महिला ने बिजली कनेक्शन में आ रही अड़चन की जानकारी दी। इस पर मुख्यमंत्री ने अफसरों को बिजली कनेक्शन दिलाने के लिए निर्देशित किया। जनता दर्शन में सीएम योगी ने कहा कि किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है। सरकार हर समस्या का समाधान करने के लिए संकल्पित है। जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भी कुछ लोग गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिया कि धन के अभाव में किसी का इलाज नहीं रुकेगा। उन्होंने अफसरों को निर्देश दिया कि जो भी जरूरतमंद हैं, प्रशासन उनके उच्च स्तरीय इलाज का इस्टीमेट शीघ्रता से बनवाकर उपलब्ध कराए। इस्टीमेट मिलते ही सरकार तुरंत धन उपलब्ध कराएगी। जमीन कब्जा किए जाने से संबंधी शिकायतों पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को निर्देश दिया कि यदि कोई दबंग किसी की जमीन जबरन कब्जा कर रहा हो तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए। जनता दर्शन में परिजनों के साथ आए बच्चों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खूब दुलारा और आशीर्वाद दिया। साथ ही उन्हें चॉकलेट भी दिया।

गोरखपुर की एकता यात्रा में बोले सीएम योगी: जिन्ना के विचारों को जन्म से पहले ही खत्म करना होगा

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को गोरखपुर में अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के नेताओं मोहम्मद अली जिन्ना और मोहम्मद अली जौहर को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग राष्ट्रीय गीत "वंदे मातरम" का विरोध करते हैं, वे भारत की एकता और अखंडता का अपमान कर रहे हैं। गोरखपुर में 'एकता यात्रा' और सामूहिक "वंदे मातरम" गायन में शामिल हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा, "आज भी, हम उम्मीद करते हैं कि भारत में रहने वाला हर व्यक्ति राष्ट्र के प्रति वफादार रहेगा और इसकी एकता के लिए काम करेगा।" उन्होंने कहा, "अब हमारा कर्तव्य है कि हम उन सभी तत्वों की पहचान करें और उनका विरोध करें जो समाज को विभाजित करते हैं, चाहे वह जाति, क्षेत्र या भाषा के नाम पर हो। ये विभाजन नए जिन्ना पैदा करने की साजिश का हिस्सा हैं।" 'भारत में कोई नया जिन्ना फिर कभी न उभरे…' सीएम योगी ने लोगों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि भारत में कोई नया जिन्ना फिर कभी न उभरे, और अगर कोई देश की अखंडता को चुनौती देने की हिम्मत करता है, तो "हमें ऐसी विभाजनकारी मंशा को जड़ जमाने से पहले ही दफना देना चाहिए।"   मुख्यमंत्री ने कहा, "भारत के प्रत्येक नागरिक को इस उद्देश्य के लिए एकजुट होना चाहिए।" मोहम्मद अली जिन्ना 1913 से 14 अगस्त 1947, पाकिस्तान के गठन तक अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के नेता रहे। इसके बाद, एक साल बाद 1948 में अपनी मृत्यु तक वे पाकिस्तान के पहले गवर्नर-जनरल बने। मोहम्मद अली जौहर अखिल भारतीय मुस्लिम लीग के सह-संस्थापक थे।  

गोरखपुर से सीएम योगी का बड़ा फैसला — हर स्कूल में गूंजेगा ‘वंदे मातरम्’

गोरखपुर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एकता पदयात्रा के दौरान बड़ा एलान किया है। सीएम योगी ने कहा कि अब यूपी के सभी स्कूलों में ‘वंदे मातरम्’ का नियमित और जरूरी गायन किया जाएगा। गोरखपुर में 'एकता यात्रा' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि यह कदम नागरिकों में भारत माता और मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और गौरव की भावना को प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के प्रति सम्मान की भावना होनी चाहिए। हम उत्तर प्रदेश के प्रत्येक स्कूल और शिक्षण संस्थान में इसका गायन अनिवार्य करेंगे।" सीएम आदित्यनाथ ने कहा कि जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर बांटने वाले तत्वों की पहचान करना हमारा कर्तव्य है। ये नए जिन्ना बनाने की साजिश का हिस्सा हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि भारत में फिर कभी कोई नया जिन्ना न उभरे; विभाजनकारी इरादे को जड़ जमाने से पहले ही दफना देना होगा। गोरखपुर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 'एकता यात्रा' और 'वंदे मातरम' सामूहिक गायन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि 30 अक्तूबर को देशभर के हर जिले में 'रन फ़ॉर यूनिटी' के रूप में राष्ट्रीय एकता दौड़ का आयोजन किया गया। इस दौरान, भाजपा ने भी महान वल्लभभाई पटेल के जीवन और कार्यों पर केंद्रित कार्यक्रमों का आयोजन शुरू किया। सरकारी स्तर पर भी कई कार्यक्रम शुरू किए गए। चाहे स्वदेशी की बात हो या आत्मनिर्भरता के कार्यक्रम, राष्ट्रीय एकता के मुद्दों को संबोधित करने वाली पहल को आगे बढ़ाया गया है, साथ ही देश भर में व्यापक जनजागरण अभियान भी चलाए गए हैं…"  

BJP का यूनिटी मार्च, सीएम योगी की अगुवाई में GBC-5 के लिए बढ़ाई गई तैयारियां

लखनऊ  लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों के तहत भाजपा ने सोमवार से यूनिटी मार्च शुरू कर दिया। यह पदयात्राएं 20 नवंबर तक होंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष भूपेन्द्र सिंह चौधरी, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित प्रदेश सरकार के मंत्री, सांसद और विधायक पदयात्राओं का नेतृत्व कर रहे हैं। सीएम योगी गोरखपुर में यूनिटी मार्च की अगुवाई कर रहे हैं। पार्टी से मिली जानकारी के मुताबिक, इन यात्राओं का आयोजन विधानसभा क्षेत्रों के स्तर पर होगा। पदयात्राओं के दौरान जनमानस को सरदार पटेल के ऐतिहासिक निर्णयों और राष्ट्रीय एकता में उनके योगदान के बारे में बताया जाएगा। उधर, उत्तर प्रदेश में जल्द आयोजित होने वाले ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी (जीबीसी-5) के आयोजन को लेकर सोमवार को कंपनी के चयन पर विचार किया जाएगा। इसके लिए इंवेस्ट यूपी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) विजय किरण आनंद की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। समिति में इन्वेस्ट यूपी के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी, वित्त नियंत्रक, महाप्रबंधक (विधि) व महाप्रबंधक (निवेश प्रोत्साहन) को सदस्य तथा महाप्रबंधक (इवेंट) को सदस्य सचिव बनाया गया है। औद्योगिक विकास विभाग ने जीबीसी के लिए विभिन्न विभागों को दिए गए लक्ष्यों की प्राप्ति की समीक्षा भी शुरू कर दी है। इन्वेस्ट यूपी की टीमें रोजाना 29 विभागों के साथ संपर्क कर लक्ष्य की प्राप्ति की रिपोर्ट ले रही हैं। अभी तक करीब तीन लाख करोड़ रुपये की निवेश परियोजनाओं का लक्ष्य प्राप्त किया जा चुका है। शेष दो लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य को भी अगले एक सप्ताह में प्राप्त करने की कोशिश की जा रही है। यूपी के सभी स्कूलों में वंदे मातरम् गाना जरूरी, CM योगी ने किया ऐलान सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी के सभी स्कूलों और शिक्षण संस्थाओं में वंदे मातरम् का गायन अनिवार्य करने का ऐलान किया है। सोमवार को उन्होंने गोरखपुर में एकता यात्रा का आरंभ करने से पहले कहा कि हम इसे अनिवार्य करेंगे जिससे हर नागरिक के मन में अपनी मातृभूमि के प्रति श्रद्धा और सम्मान का भाव जागृत हो। नया जिन्ना चुनौती दे इससे पहले उसे दफन करना होगा, एकता यात्रा में गरजे योगी सीएम योगी ने कहा कि जाति, क्षेत्र और भाषा के नाम पर विभाजन देश में नए जिन्ना को पैदा करने की साजिश का हिस्सा है। अब भारत के अंदर फिर से कोई नया जिन्ना पैदा न होने पाए। वो जिन्ना यदि पैदा होने की कोशिश करता है तो इससे पहले कि वो भारत की एकता को चुनौती दे हमें उसे दफ्न कर देना होगा।

लुधियाना में ₹1 करोड़ लॉटरी का ढोल-ढमाका, विजेता को 1 महीने में करना होगा दावा

लुधियाना पंजाब के लुधियाना में 1 करोड़ की लॉटरी विजेता की तलाश हो रही है। इसके लिए लॉटरी बेचने वाली दुकान पर बाकायदा ढोल बजवाया जा रहा है। लॉटरी नंबर के साथ आवाज लगाई जा रही है कि जिसका भी ले नंबर है, उसका बंपर इनाम निकला है, वह आए और अपनी रकम क्लेम कर लें। लॉटरी की दुकान पर करीब एक माह से ये रूटीन चल रहा है। दुकानदार का कहना है कि जिस आदमी ने ये टिकट खरीदा था, उसने अपना नाम गुप्त रखवाया था। ऐसे में उस आदमी तक संदेश पहुंचाने की कोशिश की जा रही है कि वह आए और अपनी रकम को क्लेम करें। क्योंकि एक माह बाद इसका क्लेम नहीं कर पाएगा। सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला….     नगालैंड सरकार की लॉटरी बेची गई थी : लुधियाना में घंटाघर स्थित लॉटरी की दुकान चलाने वाले एक-ओंकार एजेंसी मनजीत सिंह के मालिक ने बताया उनकी दुकान से नगालैंड सरकार की ओर से चलाई जा रही लॉटरी बेची गई थी। किसी व्यक्ति ने 2 हजार रुपए में लॉटरी खरीदी थी। उस व्यक्ति ने अपना नंबर गुप्त रखवाया था। कहा था कि लॉटरी खरीद रहा हूं, लेकिन मेरा नाम गुप्त ही रखना।     टिकट नंबर 7565 पर निकली 1 करोड़ की लॉटरी : मनजीत सिंह ने बताया कि करीब एक माह पहले ड्रा निकला। इसमें से टिकट नंबर 7565 पर 1 करोड़ रुपए निकला है। इसका पता चलते ही कि लॉटरी उनकी दुकान से बिकी है, वे खुश हाे गए। मगर, अभी तक ग्राहक का कुछ पता नहीं है। ग्राहक की तलाश में लगातार लॉटरी विक्रेता ढोल बजवा रहे हैं।     2 हजार रुपए थी टिकट की कीमत : मनजीत सिंह ने बताया कि इस टिकट की कीमत 2 हजार रुपए थी। इस टिकट की वेलिडिटी 1 महीने की है। 1 महीने के दरमियान ये टिकट क्लेम हो जाएगी। यदि 1 महीने के बाद कोई व्यक्ति टिकट लेकर आता है तो टिकट क्लेम नहीं हो पाएगी। उन्होंने ग्राहक को संदेश दिया है कि अपनी टिकट क्लेम कर ले।     पहले भी दो बार बड़े इनाम निकल चुके-मनप्रीत सिंह : दुकान के कर्मचारी मनप्रीत सिंह ने कहा कि इस बार हमारी हैट्रिक हुई है। पहले 20 लाख की पुरस्कार हमारी दुकान से किसी ग्राहक का निकला था। फिर 50 लाख का पुरस्कार निकला और अब 1 करोड़ का पुरस्कार किसी ने जीता है। हमारी दुकान से करीब 80 टिकट बेची है, उसी में से इनाम निकला है। 30 दिन में करना होता है इनामी रकम के लिए दावा सभी इनाम जीतने वाले टिकट को पंजाब स्टेट लॉटरीज के निदेशक कार्यालय, योजना भवन, प्लॉट नंबर 2B, सेक्टर-33A, चंडीगढ़ में परिणाम प्रकाशित होने की तारीख से 30 दिनों के भीतर जमा कराने होंगे। यह आवेदन निर्धारित फॉर्म पर या तो खुद जाकर या पोस्ट के जरिए भेजा जा सकता है। अगर विजेता का दावा 30 दिनों के अंदर निदेशालय तक नहीं पहुंचता है तो पंजाब स्टेट लॉटरी नियम 2015 के तहत उसका इनाम पाने का अधिकार खत्म हो जाएगा  इनाम की राशि जारी करते समय उस पर लागू टैक्स (TDS) पहले से काट लिया जाएगा। पंजाब में ऑनलाइन लॉटरी पर पूरी तरह से बैन पंजाब में ऑनलाइन लॉटरी पर पूरी तरह से बैन है। पंजाब स्टेट लॉटरी विभाग न तो ऑनलाइन टिकट बेचता है और न ही चलाता है, हमेशा असली टिकट ही खरीदें और वो भी सिर्फ अधिकृत विक्रेताओं से। फोटो या ऑनलाइन कॉपी वाला टिकट मान्य नहीं होता। विभाग कभी भी विजेताओं से ऑनलाइन पेमेंट या टैक्स के नाम पर पैसे नहीं मांगता। अगर, आपको कोई संदिग्ध मैसेज मिले या ठगी का शिकार हो जाएं तो तुरंत अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं।