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योगी सरकार का फैसला, यूपी पुलिस के चार आईपीएस अफसर बदले गए

लखनऊ  यूपी पुलिस में बुधवार को फिर फेरबदल किया गया। योगी सरकार ने चार आईपीएस अफसरों का तबादला कर दिया। 1996 बैच के आईपीएस अफसर विजय सिंह मीना को अपर पुलिस निदेशक विशेष जांच लखनऊ से अपर निदेशक पीटीसी सीतापुर बनाया गया है। वहीं आईपीएस आरआर 2006 बैच के आकाश कुलहरि पुलिस महानिरीक्षक लोक शिकायत लखनऊ को पुलिस महानिरीक्षक झांसी पर क्षेत्र की जिम्मेदारी दी गई है। आईपीएस आरआर 2009 बैच के केशव कुमार चौधरी पुलिस महानिरीक्षक झांसी परिक्षेत्र को अपर पुलिस आयुक्त गाजियाबाद बनाया गया है।आईपीएस आरआर 2010 बैच के कल्पना सक्सेना अपर पुलिस आयुक्त गाजियाबाद को पुलिस उपमहानिरीक्षक मेरठ बनाया गया है। वहीं इससे पहले मंगलवार को योगी सरकार ने पुलिस विभाग में पांच फेरबदल किया था। सरकार ने आईपीएस अफसरों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया था जबकि एडीजी प्रशासन प्रशांत कुमार द्वितीय को एडीजी पुलिस मुख्यालय का अतिरिक्त प्रभार दिया। फेरबदल में यूपी पॉवर कारपोरेशन के डीजी एमके बशाल को होमगार्ड विभाग का डीजी बनाया गया। इसी तरह सीतापुर पीटीसी के एडीजी जयनारायण सिंह को एडीजी पॉवर कारपोरेशन बनाया गया। आईजी पीएसी लखनऊ उपेन्द्र कुमार अग्रवाल को आईजी अभिसूचना मुख्यालय की जिम्मेदारी मिली। प्रतीक्षा में चल रहे डीआईजी सतेन्द्र कुमार को डीआईजी पीएसी अनुभाग आगरा बनाया गया। उपेन्द्र कुमार अग्रवाल का पिछले कुछ समय में यह चौथा तबादला किया गया। आपको बता दें कि इससे पहले जुलाई के आखिरी हफ्ते में योगी सरकार ने 10 जिलों के जिलाधिकारी समेत 23 आईएएस अफसरों का तबादला किया था। इस दौरान कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारी सौंपी गई थी।  

थानेदार का विवादित प्रहार बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर, भड़की प्रतिक्रिया

महाराजगंज  यूपी के महाराजगंज के कोठीभार थाने में बजरंग दल कार्यकर्ताओं पर भड़के थानेदार धर्मेंद्र सिंह का गुस्सा इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। बजरंग दल कार्यकर्ताओं के साथ नोकझोंक के दौरान उनका एक कथित वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे कहते सुने जा रहे हैं-‘ऐसी नौकरी की ऐसी की तैसी करता हूं, इस्तीफा देकर चला जाऊंगा। दो मिनट लगेगा सबको सही करने में।’ हालांकि मीडिया वायरल हो रहे वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। मिली जानकारी के अनुसार यह विवाद कोठीभार थाना क्षेत्र के ग्राम बिसोखोर के एक मंदिर से जुड़ा है। जहां हर तीन साल पर धार्मिक कथा और पूजा-पाठ का आयोजन होता है। मंगलवार को आयोजन के लिए चंदा जुटाने के दौरान गांव में विवाद हुआ था। इसी को लेकर बजरंग दल के कार्यकर्ता थाने पहुंचे और ईसाई मिशनरियों पर हस्तक्षेप का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे। इस दौरान कार्यकर्ताओं और थानेदार धर्मेंद्र सिंह के बीच तीखी बहस हो गई। बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने पर थानेदार गुस्से में आ गए और उन्होंने नौकरी छोड़ने तक की बात कह डाली। वीडियो में पुलिसकर्मी कार्यकर्ताओं को थाने से बाहर निकालते हुए भी नजर आ रहे हैं। घटना के बाद वीडियो वायरल हो गया है और इलाके में खूब चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं, ग्रामीणों ने भी इस मामले में तहरीर देकर पूजा-पाठ में बाधा डालने वालों पर कार्रवाई की मांग की है। थाने से बाहर निकलने के बाद बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने थानेदार के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने क्षेत्र में धर्मांतरण होने का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि धर्मांतरण कराने वालों पर कार्रवाई की बजाए पुलिस उल्टे उन पर ही दबाव बना रही है। वहीं पुलिस कर्मियों का कहना है कि थाने में कार्यकर्ताओं ने जिस तरह के व्यवहार का प्रदर्शन किया वो कहीं से भी उचित नहीं था। बताया जा रहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धर्मांतरण के कुछ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है।  

दुर्घटना में व्यापारी परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, 2 की मौत, 4 घायल

बागपत वैष्णो देवी मार्ग पर हुए भूस्खलन में मुजफ्फरनगर के कार्तिक के अलावा बागपत के एक व्यापारी की पत्नी और साली की भी मौत हो गई है। यह परिवार बागपत के खेकड़ा से माता वैष्णो देवी दर्शन के लिए गया था। हादसे में व्यापारी समेत चार लोग घायल हो हैं। घायलों का जम्मू के अस्पताल में उपचार चल रहा है। वहीं हादसे की जानकारी मिलने के बाद से व्यापारी के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिवार के लोग जम्मू के लिए रवाना हो गए हैं। बागपत के खेकड़ा के छोटा बाजार में व्यापारी मयंक गोयल परिवार के साथ रहता है। मयंक गोयल की बाजार में खिलौनों की दुकान है। गत 22 अप्रैल को मयंक की शादी गाजियाबाद निवासी चांदनी से हुई थी। बताया कि तीन दिन पहले मयंक गोयल पत्नी चांदनी, मां गीता गोयल, गाजियाबाद निवासी साढू अमित, साली नीरा ओर साली की बेटी विधि के साथ मां वैष्णो देवी दर्शन के लिए गया था। व्यापारी मयंक गोयल के छोटे भाई वंश गोयल ने बताया कि वैष्णो देवी मार्ग पर अचानक से भूस्खलन हो गया, जिसकी चपेट में पूरा परिवार आ गया। भाभी चांदनी ओर भाभी की बहन नीरा की हादसे में मौत हो गई, जबकि भाई मयंक, मां गीता गोयल, भाई का साढू अमित ओर उनकी बेटी विधि हादसे में घायल हुई है। बताया कि हादसे की सूचना भाई ने फोन पर दी। जिसके बाद परिवार के लोग जम्मू के लिए रवाना हो गए है। वहीं, हादसे की जानकारी मिलने के बाद से व्यापारी के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। खेकड़ा कस्बे में भी शोक की लहर दौड़ी हुई है। मुजफ्फरनगर के कार्तिक की भी गई जान माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर हुए भूस्खलन की घटना में मुजफ्फरनगर के 22 वर्षीय कार्तिक की मृत्यु हो गई जबकि उसके माता-पिता और दो बहनें घायल हैं। घायलों का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। घटना की सूचना मिलने पर मंत्री कपिलदेव अग्रवाल मृतक के घर पहुंचकर सांत्वना दी। आगरा धौलपुर के पांच दोस्त भूस्खलन में बहे आगरा और धौलपुर से वैष्णो देवी के दर्शन करने गए पांच दोस्त मंगलवार को हुए भूस्खलन में बह गए। इनमें से दो को बचा लिया गया है, जबकि तीन लापता युवकों की तलाश जारी है। भूस्खलन के बाद लापता युवक आगरा के खेरागढ़ निवासी शिव बंसल (20), उसके दो ममेरे भाई प्रांशु मित्तल और यश मित्तल हैं। साथ गए दो दोस्त दीपक मित्तल और आदित्य परमार को सुरक्षित बचा लिया गया है।खेरागढ़ निवासी विनोद बंसल का बेटा शिव बंसल 23 अगस्त को धौलपुर के सैंपऊ कस्बा निवासी अपने मामा के बेटों व दोस्तों के साथ वैष्णो देवी दर्शन को गया था। दर्शन के बाद मंगलवार को कटरा के पास स्थित अन्य मंदिरों में जाने के लिए टैक्सी लेकर निकले थे। इसी दौरान किशनपुर–डोमेल रोड पर गरनई लोटा के पास भूस्खलन से हुए तेज बहाव में सभी फंस गए। एनडीआरएफ समेत अन्य रेस्क्यू टीम तीनों की तलाश कर रही हैं।  

यूपी में सख्ती: हेलमेट न पहनने वालों को पेट्रोल पंप पर मिलेगा बड़ा झटका

लखनऊ  यूपी में यातायात नियमों को पालन कराने को लेकर योगी सरकार सरकार सख्त है। सरकार पूरे प्रदेश में 1 से 30 सितम्बर तक ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल' विशेष सड़क सुरक्षा अभियान चलाने जा रही है। पेट्रोल पंप बिना हेलमेट के तेल नहीं मिलेगा। यह अभियान जिलाधिकारी के नेतृत्व तथा जिला सड़क सुरक्षा समिति (DRSC) के समन्वय से चलाया जाएगा, ताकि जनपद स्तर पर सभी संबंधित विभाग एक साथ नागरिक सुरक्षा के इस उद्देश्यमूलक प्रयास को आगे बढ़ाएं। इस अवधि में पुलिस, राजस्व/जिला प्रशासन तथा परिवहन विभाग के अधिकारी प्रवर्तन की मुख्य जिम्मेदारी निभाएंगे। योगी सरकार ने आमजन से अपील की है कि वे इन प्रवर्तन एजेंसियों के साथ पूर्ण सहयोग करें। यह पहल पूर्णतः विधिसम्मत एवं जनहितैषी है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 129 दोपहिया चालक तथा पिलियन के लिए हेलमेट को अनिवार्य करती है, जबकि धारा 194D उल्लंघन पर दंड का प्रावधान करती है। सर्वोच्च न्यायालय की सड़क सुरक्षा समिति द्वारा भी राज्यों को हेलमेट अनुपालन को प्राथमिकता देने का परामर्श दिया गया है। योगी सरकार ने कहा कि ‘नो हेलमेट, नो फ्यूल' का उद्देश्य दण्डित करना नहीं, बल्कि नागरिकों को कानून के अनुरूप सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करना है—ईंधन तभी, जब हेलमेट सिर पर हो। परिवहन आयुक्त ने कहा कि अभियान पूरी तरह से सार्वजनिक हित में है। पूर्व के अनुभव बताते हैं कि दोपहिया वाहनस्वामी शीघ्र ही हेलमेट के साथ आने की आदत विकसित कर लेते हैं। इससे ईंधन बिक्री पर भी प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता। तेल विपणन कंपनियां—IOCL, BPCL और HPCLतथा सभी पेट्रोल पम्प संचालकों से अनुरोध है कि वे इस प्रयास में सक्रिय सहयोग दें। खाद्य एवं रसद विभाग के माध्यम से पेट्रोल पंप स्तर पर आवश्यक समन्वय/निगरानी सुनिश्चित की जाएगी। सूचना एवं जनसम्पर्क तंत्र जन-जागरूकता के प्रसार में सहयोग करेगा। नागरिक, उद्योग और प्रशासन मिलकर ही सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु एवं गंभीर चोटों को कम करने के राष्ट्रीय लक्ष्य की ओर ठोस कदम बढ़ा सकते हैं। उत्तर प्रदेश परिवहन आयुक्त ब्रजेश नारायण सिंह ने बताया कि 'नो हेलमेट, नो फ्यूल' दण्ड नहीं, बल्कि सुरक्षा का संकल्प है। यह अभियान 1 से 30 सितम्बर तक जिलाधिकारी के नेतृत्व, DRSC के समन्वय और पुलिस-प्रशासन-परिवहन अधिकारियों के प्रवर्तन के साथ चलेगा। सभी नागरिकों, पेट्रोल पम्प संचालकों और तेल कंपनियों से अपील है कि वे इसमें पूर्ण सहयोग दें। 'हेलमेट पहले, ईंधन बाद में' को नियम बनाएं, क्योंकि हेलमेट पहनना जीवन का सबसे सरल बीमा है।  

वंदे भारत एक्सप्रेस का नया मार्ग, लखनऊ तक के रास्ते में अब ये स्टेशन्स होंगे शामिल

नई दिल्ली लखनऊ तक चलने वाली वंदेभारत एक्सप्रेस अब अयोध्या होते हुए वाराणसी तक जाएगी। पूरी तरह वातानुकूलित इस ट्रेन के संचालन की घोषणा एक माह पूर्व की गई थी। बावजूद इसके, शुरुआती छह दिनों में चेयर कार की लगभग 200 सीटें खाली हैं। वहीं, एग्जिक्यूटिव श्रेणी में 29 अगस्त को सभी सीटें बुक हो चुकी हैं, लेकिन अन्य दिनों में 25 से अधिक सीटें खाली हैं। मेरठ से वाराणसी का किराया रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रेन के प्रति यात्रियों का अपेक्षित रुझान न मिलने से करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। चेयर कार में 440 और एग्जिक्यूटिव श्रेणी में 52 सीटें हैं। मेरठ से वाराणसी तक किराया क्रमशः 1915 और 3525 रुपये है, जिसमें खानपान का खर्च भी शामिल है।   क्या है यात्रियों की समस्या? यात्रियों का कहना है कि ट्रेन का टाइम टेबल इसकी सबसे बड़ी समस्या है। वर्तमान में यह दिन में 782 किलोमीटर की दूरी 11 घंटे 50 मिनट में तय करती है। सप्ताह में छह दिन चलने वाली इस ट्रेन को लखनऊ और मेरठ आउटर पर प्लेटफार्म उपलब्ध न होने के कारण रोकना पड़ता है। यात्रियों की मांग है कि इसे रात में चलाया जाए और स्लीपर जैसी सोने की सुविधा दी जाए, ताकि सुबह तक गंतव्य पहुंचना संभव हो सके।

योगी सरकार के जागरुकता कार्यक्रमों से पिछले 8 वर्ष में कृषि क्षेत्र में हुई अभूतपूर्व उन्नति

त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम को मिली ऊंचाई लखनऊ योगी सरकार ने कृषि के क्षेत्र में यूपी को अभूतपूर्व प्रगति दी। सरकार के जागरूकता कार्यक्रम और सकारात्मक पहल से उत्तर प्रदेश ने नया अध्याय लिखा है।  कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने मंगलवार को कृषि भवन में "सोशल मीडिया की कार्यशाला " का शुभारंभ किया। सोशल मीडिया के कृषि पर  सकारात्मक प्रभाव एवं भविष्य की संभावना पर जोर देते हुए कृषि के क्षेत्र में प्रदेश मे हुए समग्र विकास का ब्योरा मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किया।  उत्तर प्रदेश मे रबी, खरीफ एवं जायद सीजन में किसानों द्वारा सफलतापूर्वक फसल उत्पादन का कार्य किया जाता है। जिसमें मौसम की विभिन्न स्थितियों के अनुरूप  प्रजातियों/ फसलों की बुआई एवं उनकी विभिन्न विकास की अवस्थाओं पर तकनीकी पहलुओं के साथ साथ कृषि निवेशों की उचित प्रयोग से पहले की अपेक्षा अब कृषि का तेजी से विकास हो रहा है तथा अधिक उत्पादन भी सुनिश्चित हुआ है l इसमें सोशल मीडिया के माध्यम से कृषि से सम्बंधित सूचनाओं के त्वरित गति से सम्प्रेषण का बड़ा योगदान है l कृषि में उत्तर प्रदेश की उपलब्धि  कृषि क्षेत्र का GDP विकास दर में योगदान: वर्ष 2016-17 में कृषि सेक्टर की विकास दर 8.8 प्रतिशत जब कि वर्ष 2024-25 में कृषि सेक्टर की विकास दर 15.7 प्रतिशत हो गयी है,जो कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं एवं कृषि के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण का परिणाम है।   कृषि GSVA (Gross State Value Added) में योगदान   कृषि GSVA वर्ष 2016-17 के 2.00 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर वर्ष 2024-25 में 4.37 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो लगभग 118 प्रतिशत वृद्धि को प्रदर्शित करता है l वर्तमान सरकार के प्रयास एवं सघन रूप से चलाये जा रहे कृषि में जागरुकता कार्यक्रमों से प्रदेश के 161 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल पर वर्ष 2024-25 में कुल 737.20 लाख मीट्रिक टन खाद्यान्न का उत्पादन हुआ, जो राष्ट्रीय स्तर पर 20.89 प्रतिशत का योगदान है l इसी प्रकार प्रदेश मे कृषि फसलों के आच्छादन, उत्पादन एवं उत्पादकता में भी अद्वितीय वृद्धि हुई है l   फसल आच्छादन खरीफ वर्ष 2016-17 में कुल 91.45 लाख हेक्टेयर कृषि फ़सलों का आच्छादन रहा, जबकि योगी सरकार द्वारा किसानों के हित में योजनाओं के क्रियान्वयन के उपरांत खरीफ सीजन वर्ष 2024-2025 में आच्छादन 105.93 लाख हेक्टेयर हो गया, जो कि पूर्व से लगभग 14.48 लाख हेक्टेयर अधिक है l कृषि उत्पादन के आंकड़े, सरकार के विजन व उपलब्धियां  चावल वर्ष 2016-17 में चावल का उत्पादन 144.70 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर वर्ष 2024-25 में कुल 212.25 लाख मीट्रिक टन हुआ l  गेहूं – वर्ष 2016-17 में गेहूँ का उत्पादन 349.71 लाख मीट्रिक टन से बढ़ कर वर्ष 2024-25 में कुल 414.39 लाख मीट्रिक टन हुआl  दलहन वर्ष 2016-17 में दलहन का उत्पादन 23.90 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर वर्ष 2024-25 में कुल 36.30 लाख मीट्रिक टन हुआ है l  तिलहन: वर्ष 2016-17 में तिलहन का उत्पादन 12.40 लाख मीट्रिक टन से बढ़ कर वर्ष 2024-25 में कुल 30.80 लाख मीट्रिक टन हुआ है।  फसल सघनता : कृषि के महत्वपूर्ण इंडिकेटर फसल सघनता जो वर्ष 2016-17 में 163 प्रतिशत  थी, के सापेक्ष वर्ष 2024-25 में 182 प्रतिशत है, में 19 प्रतिशत की वृद्धि हुई।   योगी सरकार द्वारा कृषकों के हित में जागरुकता के  लिए किए गये ठोस प्रयास  विकसित कृषि संकल्प यात्रा कुल 14170 ग्रामों में आयोजित की गई, जिससे कुल 23.30 लाख कृषकों को ICAR, कृषि विश्वविद्यालय तथा कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिकों द्वारा क्षेत्र में जा कर वैज्ञानिक कृषि हेतु प्रोत्साहित/लाभान्वित किया गया l किसान पाठशाला: कृषकों में क्षमता विकास के लिए कुल 76000 ग्रामों में आयोजित किया गया, जिसमे 1.71 करोड़ किसानों को कृषि नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण प्रदान किया गया l  त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम  प्रदेश में मक्का को अधिक उपयोगी एवं उत्पादक बनाए जाने हेतु सरकार द्वारा कृषक हित में  यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। यह बहुपयोगी फसल के रूप में प्रदेश सरकार द्वारा चिन्हित है, जिसका इस्तेमाल खाद्यान्न, पशु आहार एवं औद्योगिक (एथनॉल) उद्देश्यों के लिए किया जाता है l वर्ष 2016-17 में  मक्का के क्षेत्रफल 3.06 लाख हेक्टेयर के सापेक्ष वर्ष 2024-25 में कुल 5.42 लाख हेक्टेयर तथा उत्पादन 11.87 लाख मीट्रिक टन है l कृषकों के क्षमता विकास हेतु ग्राम पंचायत स्तरीय 6510 गोष्ठियां, विकास खण्ड स्तरीय 825 गोष्ठियां, जनपद स्तरीय 75 गोष्ठियां आयोजित की गई कृषि वैज्ञानिकों का क्षेत्र भ्रमण : कृषि विश्वविद्यालय/ICAR /कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिकों तथा कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किसानों के खेतों का भ्रमण/निरीक्षण कर कृषकों की तकनीकी समस्याओं का समाधान कराया गया, जिससे फसलों के आच्छादन, उत्पादन के साथ कृषकों के कार्य करने के तरीकों में सकारात्मक परिवर्तन हुए और  उत्पादन बढ़ा है l उत्तर प्रदेश: देश के कृषि क्षेत्र मे (उत्पादन में)  ⚫गेहूँ में प्रथम स्थान  ⚫चावल में प्रथम स्थान ⚫गन्ना में प्रथम स्थान ⚫आलू में प्रथम स्थान ⚫बाजरा में दूसरा स्थान ⚫मसूर में दूसरा स्थान  ⚫राई/सरसों में दूसरा स्थान  ⚫दलहन में तीसरा स्थान  कृषि एवं किसान उत्तर प्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में सम्मिलित है जिनके सर्वांगीण विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध है l इस अवसर पर कृषि सचिव इंद्र विक्रम सिंह, सचिव उपकार एके सिंह,एम डी बीज विकास निगम पीयूष शर्मा, अपर कृषि निदेशक प्रसार आरके सिंह, संयुक्त कृषि निदेशक उर्वरक आशुतोष मिश्र, संयुक्त कृषि निदेशक(ब्यूरो) एके सिंह सहित राजस्थान के कृषि में सोशल मीडिया के विशेषज्ञ पिंटू मीना पहाड़

बोले उप मुख्यमंत्री- एनडीए गठबंधन के प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन प्रचंड मतों से विजयी होंगे

बोले उप मुख्यमंत्री- समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के लोग केवल कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं उप मुख्यमंत्री ने कहा- सपा ने उत्तर प्रदेश को अपराधियों का चारागाह बना दिया गया था लखनऊ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि एमएलसी की 11 सीटों पर दोनों दलों का अलग-अलग चुनाव लड़ना ही इंडी गठबंधन की असलियत को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन केवल अवसरवाद और सत्ता की लालसा पर आधारित है, इसमें न कोई वैचारिक प्रतिबद्धता है और न ही जनता के लिए कोई गंभीर सोच। ब्रजेश पाठक ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और एनडीए गठबंधन के प्रत्याशी सीपी राधाकृष्णन प्रचंड मतों से विजयी होंगे। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास भाजपा और एनडीए के साथ है और यही भारतीय लोकतंत्र की सच्ची ताकत है।   ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव का बयान अंतर्विरोधों से भरा हुआ है। उन्हें कांग्रेस के काले इतिहास का अध्ययन करना चाहिए। यही कांग्रेस है जिसने देश पर आपातकाल थोपकर पूरे भारत को कैदखाने में बदल दिया था। यही नहीं, कांग्रेस ने अलग-अलग समय पर जनता द्वारा चुनी गई 90 राज्य सरकारों को बर्खास्त कर लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया। उन्होंने कहा कि यह भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला अध्याय है, जिसे देश कभी भूल नहीं सकता।   ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी को आत्मावलोकन की आवश्यकता है। प्रदेश की सत्ता में जब-जब सपा रही, गुंडे और माफिया सत्ता के आशीर्वाद से पनपे। उन्होंने कहा कि उस दौर में पूरा प्रदेश कहता था, "देख सपाई, बिटिया घबराई"। यही नहीं, सपा के लोग नारा देते थे, "समाजवाद का नारा है, खाली प्लॉट हमारा है।" विधानसभा सत्र के दौरान दर्जनों गाड़ियों में असलहा भरकर माफिया सदन में पहुंचते थे। उस दौर में उत्तर प्रदेश को अपराधियों का चारागाह बना दिया गया था।   ब्रजेश पाठक ने कहा कि समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन के लोग केवल कुर्सी के लिए लड़ रहे हैं। कांग्रेस और सपा दोनों दल जनता को छलने का काम कर रहे हैं। एक ओर वे गठबंधन की बातें करते हैं और दूसरी ओर एमएलसी की 11 सीटों पर अलग-अलग मैदान में उतरते हैं। इससे साफ हो जाता है कि इंडी गठबंधन केवल दिखावा है। यह गठबंधन जनता को भ्रमित करने का एक और प्रयास है, जिसका पर्दाफाश हो चुका है। ब्रजेश पाठक ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी सुचिता और पारदर्शिता की राजनीति का उदाहरण बनी है। यही कारण है कि भाजपा आज दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी के रूप में स्थापित हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस जैसे अवसरवादी दलों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।

‘चरित्र का नुकसान हमेशा स्थायी’—लिव-इन रिलेशनशिप पर संत प्रेमानंद का संदेश

वृंदावन अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने लिव-इन रिलेशनशिप और आधुनिक जीवनशैली को लेकर तीखी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा है कि, "एक बार चरित्र गया तो वह कभी वापस नहीं आता है।" 'विदेशों को बहुत उन्नति वाला मत मानो' प्रेमानंद महाराज ने अपने मंगलवार के प्रवचन के दौरान एक सवाल के जवाब में लिव-इन रिलेशनशिप पर बात की। उन्होंने कहा, "एक लड़के से प्यार करो, उसके साथ रहो, उसकी फैमिली से मिलो और शादी कर लो। ऐसा नहीं कि 10 दिन किसी के साथ रहो फिर 10 दिन किसी और के साथ। विदेशों को बहुत उन्नति वाला मत मानो।" उन्होंने आगे कहा कि अगर विदेश इतने ही उन्नति वाले हैं तो वहां के लोग भारत में संतों के पास क्यों आते हैं?   पैसे से ऊपर है चरित्र जब उनसे पूछा गया कि आज के समय में लोग पैसे को ही सब कुछ मानते हैं तो उन्होंने कहा कि "पैसे को ही सब कुछ नहीं मानना चाहिए। एक बार चरित्र गया तो वो वापस नहीं आता है। पैसा ही सब कुछ नहीं होता।" पहले भी महिलाओं पर कर चुके हैं टिप्पणी इससे पहले भी प्रेमानंद महाराज महिलाओं को लेकर दिए गए अपने बयानों के चलते विवादों में आ चुके हैं। एक निजी बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि आज के समय में सौ में से मुश्किल से दो-चार लड़कियां ही ऐसी हैं जो पवित्र जीवन जीकर किसी एक पुरुष को समर्पित हैं। बाकी सभी बॉयफ्रेंड और गर्लफ्रेंड के चक्कर में लगी हैं। उनके इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर एक बड़ी बहस छिड़ गई थी। कई लोगों ने इसे महिलाओं की गरिमा पर चोट बताया और इसे महिलाओं के प्रति नकारात्मक सोच को बढ़ावा देने वाला बयान बताया था।  

परिवहन आयुक्त ने जिलाधिकारियों को समयबद्ध कार्यक्रम के लिए भेजा पत्र

सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम करने पर योगी सरकार का भी फोकस लखनऊ केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) व युवा कार्य-खेल मंत्रालय के सहयोग से ‘सड़क सुरक्षा मित्र (Sadak Suraksha Mitra-SSM)’ कार्यक्रम प्रारंभ किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य MYBharat प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से युवाओं को सड़क-सुरक्षा हस्तक्षेपों में संगठित रूप से जोड़ना है। इसके लिए अनुमोदित कॉन्सेप्ट नोट व रोडमैप राज्यों/जनपदों को प्रेषित किए गए हैं। प्रथम चरण में देश के 100 चयनित जनपदों में क्रियान्वयन होगा। संबंधित जिलाधिकारियों से युवाओं के समन्वित जुड़ाव व प्रगति-रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है। परिवहन आयुक्त ने मंगलवार को सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर SSM कार्यक्रम के समयबद्ध क्रियान्वयन हेतु DRSC के माध्यम से नोडल व्यवस्था,  MYBharat ऑनबोर्डिंग, स्वयंसेवक चयन-प्रशिक्षण एवं मासिक KPI-आधारित समीक्षा सुनिश्चित करने का अनुरोध किया है।  स्वयंसेवक के रूप में चयनित किए जाएंगे 18 से 25 वर्ष के युवा  18–28 वर्ष के उसी जनपद के युवा, जिनके विरुद्ध कोई यातायात चालान लंबित न हो, वे चुने जाएंगे। सामान्य स्वयंसेवकों के लिए 1 सप्ताह का प्रशिक्षण (फ़र्स्ट-एड सहित) और सिविल इंजीनियर स्नातकों के लिए 15 दिन का रोड सेफ़्टी ऑडिट प्रशिक्षण निर्धारित है। इनकी भूमिकाएँ—क्रैश-सीन समन्वय, रोड सेफ़्टी ऑडिट/ब्लैक-स्पॉट अध्ययन, जागरूकता एवं एंगेजमेंट के साथ EDAR, Sanjaya, Field Perception Survey जैसे टूल्स का उपयोग अनिवार्य रहेगा। उत्कृष्ट कार्य पर प्रमाण-पत्र व Good Samaritan मान्यता/पुरस्कार का भी प्रावधान है।             जिला सड़क सुरक्षा समिति करेगी कार्यक्रम की देखरेख  धारा 215B, मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत प्रत्येक जनपद में जिला सड़क सुरक्षा समिति (DRSC) कार्यक्रम की देखरेख करेगी। SCCoRS (29.03.2022) के निर्देशानुसार SSM को DRSC में co-opt किया जा सकता है। MoRTH के रोडमैप में T1–T12 के स्पष्ट माइलस्टोन्स (जैसे DM का MYBharat पर ऑनबोर्डिंग, DRSC बैठक, ELP प्रकाशन, प्रशिक्षण एवं फ़ील्ड एंगेजमेंट) निर्दिष्ट हैं। कार्यक्रम के अंत में DM द्वारा MoRTH व SCCoRS को समरी रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी।       उत्तर प्रदेश के चयनित 28 जनपद (MoRTH सूची के अनुसार): कानपुर नगर, बुलंदशहर, प्रयागराज, आगरा, उन्नाव, हरदोई, मथुरा, अलीगढ़, फतेहपुर, लखनऊ, सीतापुर, बरेली, गोरखपुर, कुशीनगर, बाराबंकी, जौनपुर, बदायूँ, बिजनौर, गौतमबुद्धनगर, सहारनपुर, आज़मगढ़, मैनपुरी, फ़िरोज़ाबाद, रायबरेली, सोनभद्र, लखीमपुर खीरी, शाहजहाँपुर, बस्ती।     अपेक्षित प्रभाव: संरचित प्रशिक्षण, फील्ड-स्टडी और डेटा-आधारित रिपोर्टिंग से दुर्घटनाओं/गंभीर चोटों में कमी, आपात प्रतिक्रिया व साइट प्रबंधन में सुधार, तथा युवा-जन सहभागिता बढ़ेगी—जिससे दीर्घकाल में जिलास्तरीय सड़क-सुरक्षा तंत्र सुदृढ़ होगा। शून्य जोखिम व शून्य घर्षण की नीति पर चलते हुए सड़क सुरक्षा मित्र युवाओं की ऊर्जा को सड़क-सुरक्षा के ठोस परिणामों में बदलने का राष्ट्रीय प्रयास है। भारत सरकार एवं प्रदेश शासन चाहता है कि हर जिला समयबद्ध तरीके से DRSC के माध्यम से क्रैश-सीन मैनेजमेंट, ब्लैक-स्पॉट ऑडिट और जागरूकता की संयुक्त कार्ययोजना लागू करे, ताकि दुर्घटनाएँ व मृत्यु-दर घटे, प्रतिक्रिया-समय सुधरे और नागरिकों की सुरक्षा बढ़े। ब्रजेश नारायण सिंह, परिवहन आयुक्त

योगी सरकार एक लाख सूर्य सखियों से गांव-गांव तक पहुंचाएगी सौर ऊर्जा की रोशनी

सीएम योगी के निर्देश पर सोलर पैनल के इंस्टालेशन, सोलर पैनल, लाइटिंग, ईवी चार्जिंग के कार्यों में महिलाओं को जोड़ा जाएगा  – यूपीएसआरएलएम द्वारा सोलर एनर्जी को बढ़ावा देने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए उठाया गया कदम – सीएम योगी के मार्गदर्शन में यूपीएसआरएलएम की ओर से डीईडब्लयूईई(Decentralized Energy for Women’s Economic Empowerment) कार्यक्रम का बुधवार को किया जा रहा आयोजन – कार्यक्रम में प्रदेश के कई वरिष्ठ अधिकारी, पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाले विशेषज्ञ और वैज्ञानिक लेंगे हिस्सा   लखनऊ योगी सरकार प्रदेश की बेटियों और महिलाओं को सशक्त, आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। वहीं ग्रामीण विकास में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चलायी जा रही हैं। इसी के तहत योगी सरकार स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की सोलर पैनल, लाइटिंग, ईवी चार्जिंग समेत सोलर आधारित योजनाओं में भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला सूर्य सखी से जोड़ने जा रही है। इसी क्रम में सीएम योगी के मार्गदर्शन में बुधवार को यूपीएसआरएलएम की ओर से DEWEE(Decentralized Energy for Women’s Economic Empowerment)कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इसका वर्ष 2030 तक 1 लाख महिला नेतृत्व वाले उद्यमों तक डीआरई (Decentralized Renewable Energy) को पहुंचाना है। इसके जरिये जहां सोलर एनर्जी के क्षेत्र में तेजी से इजाफा होगा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण और शहरी महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी। कार्यक्रम में देश और विदेश के सौर ऊर्जा के क्षेत्र के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे और डीआई को धरातल पर उतारने के लिए खाका खींचेंगे।  सौर ऊर्जा से रोशन होंगे प्रदेश के ग्रामीण और दूर-दराज के इलाके यूपीएसआरएलएम की निदेशक दीपा रंजन ने बताया कि योगी सरकार द्वारा लगातार महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर जोर दिया जा रहा है। उनका यह मानना है कि अगर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो समाज में समृद्धि का रास्ता खुल सकेगा। मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में  महिलाओं के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें डीआरई को बढ़ावा देना महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण जीवन मिशन द्वारा डीआरई पहल महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs)को सशक्त बनाने की दिशा में एक नया कदम है। उन्होंने बताया कि डीआरई ऑफ-ग्रिड यानी मिनी ग्रिड ऊर्जा समाधानों से संबंधित है, ग्रामीण और दूर-दराज के इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल है। इन इलाकों में  पारंपरिक बिजली नेटवर्क पहुंचने में काफी परेशानी होती है, वहां डीआरई घरों और समुदायों को स्वच्छ, सस्ती और विश्वसनीय ऊर्जा प्रदान करेगा। इस पहल के जरिए महिलाएं न केवल अपनी आर्थ‍िक स्थिति को सुधार सकती हैं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा समाधानों के प्रचार-प्रसार में भी सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं। महिलाओं को सौर ऊर्जा से जोड़ेगी योगी सरकार डीईडब्ल्यूईई कार्यक्रम के तहत महिलाएं न केवल डीआरई समाधानों की स्थापना, रखरखाव और मरम्मत में सक्षम होंगी, बल्कि वे अपने समुदायों में स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी सेवाएं भी प्रदान करेंगी। इससे उनकी आय में वृद्धि होगी और वे समाज में बेहतर भूमिका निभा सकेंगी। इसके अलावा महिलाएं छोटे-छोटे उद्यमों को भी स्थापित कर सकेंगी, जिससे उन्हें सशक्त होने का एक नया अवसर मिलेगा। निदेशक ने बताया कि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए विभाग ने कई महत्वपूर्ण संस्थाओं के साथ साझेदारी की है। इसमें पीसीआई इंडिया, एचसीबीसी, ग्लोबल एनर्जी एलायंस फॉर पीपल एंड प्लेनेट, गेट्स फाउंडेशन इंडिया और प्रेरणा ओजस जैसी संस्थाएं शामिल हैं। यह संस्थाएं प्रदेश के 20 जिलों में डीआरई को धरातल पर उतारने में अहम भूमिका निभाएंगी। इन संस्थाओं के सहयोग से महिलाओं के लिए एक समावेशी और लचीला स्वच्छ ऊर्जा तंत्र का निर्माण किया जाएगा।    कार्यक्रम में यूपीएसआरएलएम की निदेशक दीपा रंजन, पीसीआई इंडिया के जलवायु एवं रणनीति निदेशक शिशिर कुमार सिंह, ग्राम्य विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी, यूपीनेडा के निदेशक इंद्रजीत सिंह, उद्योग निदेशक एवं एमएसएमई आयुक्त कानुपर केवी पांडियन, अपर मुख्य सचिव ग्रामीण विकास विभाग हिमांशु कुमार, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय भारत सरकार के वरिष्ठ निदेशक-वैज्ञानिक जीवन कुमार जेठानी और गेट्स फाउंडेशन के निदेशक हरि मेनन आदि शामिल रहेंगे।