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ट्रेलर की टक्कर से बड़ा हादसा: बाबा धाम जा रहे चार श्रद्धालुओं की जान गई

बलिया बलिया के नरहीं थाना क्षेत्र के तेतारपुर गांव से रविवार की दोपहर में 25 श्रद्धालु पिकअप वैन पर सवार होकर बाबा धाम जलाभिषेक करने जा रहे थे। बिहार के बेगूसराय में ट्रेलर ने पिकअप में पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में लाची देवी (45) पत्नी मुघुन राजभर और हरेंद्र राजभर (60) की मौके पर मौत हो गई। वहीं, मुघुन राजभर (48) और घुरूहू राम (45) एंबुलेंस से घर आते समय रास्ते में ही दम तोड़ दिया। मुघुन राजभर की पत्नी लाची देवी की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी। ग्राम प्रधान बृज नारायण राजभर सहित 21 घायलों को घर लाने के बाद इलाज के लिए जिला चिकित्सालय भेजा गया। मृतकों का पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। इस घटना के बाद तेतारपुर गांव में कोहराम मच गया है। इस दर्दनाक हादसे में कुल चार लोगों की माैत हो गई है।

सड़क पर बिछीं लाशें, उजड़ गया परिवार: भंडारे में शामिल होने जा रहे थे सभी

मथुरा मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर शुक्रवार की रात नींद की झपकी आने के कारण चालक ने ईको कार आगे चल रहे किसी वाहन में घुसा दी। दुर्घटना में पिता-पुत्र, भांजे समेत एक ही परिवार के छह लोगों की मौत हो गई। जबकि मां-बेटी गंभीर रूप से घायल हो गईं। ईको कार सवार बटेश्वर मेले में अखंड रामायण का पाठ और भंडारा कराने के लिए जा रहे थे। सूचना पर डीएम और एसएसपी मौके पर पहुंच गए। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि शुक्रवार की रात 3.30 बजे के करीब यमुना एक्सप्रेस-वे के माइल स्टोन (140) सराय सलवाहन के पास ईको कार पीछे से किसी वाहन में घुस गई। इसमें आगरा के थाना बाह निवासी धर्मवीर, उनके पुत्र रोहित, आर्यन, भांजे पारस उर्फ पार्थ, दलवीर, बेटे के मित्र दुष्यंत की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि धर्मवीर की पत्नी सोनी और बेटी पायल गंभीर रूप से घायल हो गई। धर्मवीर के भाई राकेश ने बताया कि सभी लोग बटेश्वर मेले में शामिल होने जा रहे थे। उनका भाई धर्मवीर पिछले आठ साल से सावन के दूसरे सोमवार को बटेश्वर मेले में भंडारा करते थे। शुक्रवार को सभी लोग ईको में सवार होकर बटेश्वर मेले में शामिल होने के लिए निकले थे। उन्होंने बताया कि रविवार को मेले में अखंड रामायण का पाठ कराना था।   अखंड रामायण का पाठ खत्म होने के बाद सोमवार को भंडारा होना था। मेले में शामिल होने से पहले ही हादसा हो गया। धर्मवीर चार भाइयों में तीसरे नंबर का थे। उन्होंने गांव में रहने वाले अपने छोटे भाई को बटेश्वर में सामाना लाने के लिए बोला था। भंडारे में शामिल होने जा रहे रोहित के दोस्त दुष्यंत की भी हुई मौत धर्मवीर का पूरा परिवार प्रत्येक साल बटेश्वर मेले में सावन के दूसरे सोमवार को भंडारा कराता था। भंडारा कराने के लिए शनिवार को परिजन ईको कार में सवार होकर निकले। भंडारे में शामिल होने के लिए रोहित का दोस्त दुष्यंत भी साथ था। धर्मवीर के भाई राकेश सिंह ने बताया कि रोहित की दुकान के पास ही एक पॉलिथीन बनाने की फैक्टरी है। इस फैक्टरी में दुष्यंत मुनीम का कार्य करता था। दुकान और फैक्टरी पास होने के कारण दुष्यंत की रोहित से दोस्ती हुई। जवान बेटों के शव देख बिलख पड़े पिता दुर्घटना में धर्मवीर के भांजे पारस उर्फ पार्थ और दलवीर की मौत हो गई। इसकी जानकारी जब उनके पिता विश्वनाथ को हुई तो पहले तो वह यह मानने को तैयार नहीं हुए, लेकिन पोस्टमार्टम पर अपने सबसे बड़े बेटे दलवीर और छोटे बेटे पार्थ का शव देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। जवान बेटों के शव देखकर उन्हें समझ ही नहीं आ रहा था कि यह क्या हो गया। पोस्टमार्टम हाउस पर भी वह बदहवास हालात में घूमते रहे। उनके बीच के बेटे अनुराग ने उन्हें किसी तरह संभाला।  

कांवड़ यात्रा में बवाल: जवान से बदसलूकी, कांवड़ियों पर केस दर्ज

मिर्जापुर सावन माह के दौरान पूरे देश में कांवड़ यात्रा जोरों पर है। इस बीच कई जगहों से कांवड़ियों के उपद्रव और मारपीट की खबरें सामने आ रही हैं। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर से सामने आया है, जहां कुछ कांवड़ियों ने एक वर्दीधारी CRPF जवान के साथ जमकर मारपीट की। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और अब सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। क्या है मामला? मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़ित जवान का नाम गौतम है और वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) में तैनात हैं। जवान मिर्जापुर रेलवे स्टेशन पर ब्रह्मपुत्र एक्सप्रेस पकड़ने पहुंचे थे, जो उन्हें मणिपुर ले जाने वाली थी। उसी समय स्टेशन पर पहले से मौजूद कांवड़ियों के एक समूह से उनकी किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। कहासुनी के बाद बात इतनी बढ़ गई कि कांवड़ियों ने गौतम की पिटाई शुरू कर दी। वीडियो में देखा जा सकता है कि कांवड़िए जवान को जमीन पर गिराकर लात-घूंसों से बेरहमी से पीट रहे हैं। मौके पर कई लोग मौजूद थे, लेकिन कोई भी जवान की मदद के लिए आगे नहीं आया। वीडियो हुआ वायरल, आरोपियों की तलाश जारी यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है, जिसके बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया है। घटना के बाद जवान किसी तरह ट्रेन में सवार होकर अपनी मंजिल की ओर रवाना हो गए। पुलिस ने अब मामले में कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है।   कांवड़ियों पर दर्ज हुई FIR इस घटना के संबंध में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पोस्ट मिर्जापुर पर अज्ञात कांवड़ियों के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 411/25, 412/25, 413/25 दर्ज किया गया है। इन धाराओं में रेलवे अधिनियम की धारा 145 और 147 शामिल हैं, जो रेलवे परिसर में उपद्रव और झगड़े से संबंधित हैं। फिलहाल आरोपी कांवड़ियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले गौरतलब है कि इससे पहले हरिद्वार में भी कांवड़ियों द्वारा एक महिला के साथ मारपीट का वीडियो सामने आया था। बताया गया था कि गाड़ी पार्किंग को लेकर महिला और कांवड़ियों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद कांवड़ यात्रा में शामिल कुछ लड़कियों ने महिला के साथ मारपीट की थी। वहां लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया था। प्रशासन सख्त, कानून व्यवस्था पर उठे सवाल लगातार सामने आ रहे इन मामलों के बाद सवाल उठ रहे हैं कि धार्मिक यात्रा के नाम पर कुछ लोग कानून को अपने हाथ में क्यों ले रहे हैं। प्रशासन ने कांवड़ यात्रा के दौरान शांति बनाए रखने की अपील की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।  

धर्मांतरण की जड़ों तक पहुंची जांच: छांगुर केस से खुला यूपी में एक्टिव गैंग का राज

लखनऊ  यूपी में धर्मांतरण के धंधेबाज छांगुर बाबा को लेकर रोज नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इसी बीच शनिवार को यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण की प्रेस कांफ्रेंस में एक नए गैंग का खुलासा हुआ जो आईएसआईएस की तर्ज पर कई राज्यों में अपना जाल फैलाकर लड़कियों को बरगरलाता और उनका धर्मांतरण कराता था। आगरा से लापता दो लड़कियों का धर्मांतरण करने के मामले में आगरा पुलिस ने छह प्रदेशों में दबिश देकर 10 लोग गिरफ्तार किए। इनका छांगुर गिरोह से संपर्क नहीं मिला है। इन्हें कनाडा, अमेरिका, दुबई समेत कई देश से करोड़ो की फंडिंग हुई थी। मामले की जानकारी देते हुए डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा कि सीएम योगी के नेतृत्व में यूपी पुलिस अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टालरेंस नीति के तहत पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। कुछ विशिष्ट चुनौतियां हैं जिनका सामना करने के लिए पुलिस ने मिशन अस्मिता लांच किया था जिसमें पूर्व में अवैध धर्म परिवर्तन सिंडिकेट के कुछ अभियुक्त गिरफ्तार किए गए थे। इनमें मोहम्मद उमर गौतम, मुफ्ती जहांगीर आलम कासमी को एटीएस ने गिरफ्तार किया था। डीजीपी ने बताया कि इसी कड़ी में हाल में छांगुर बाबा उर्फ जमालुद्दीन उर्फ जलालुद्दीन के अवैध धर्म परिवर्तन के सिंडिकेट का भी पर्दाफाश किया गया। इसमें एसटीएफ और एटीएस की जांच जारी है जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। यह अभियान जेहाद के नाम पर अंतरराष्ट्रीय जेहादी फंडिंग प्राप्त करने, रेडिकाइलेशन की कार्रवाई करने और राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध लगाने के उद्देश्य से अवैध धर्मांतरण, डार्क वेव और अन्य नेटवर्क के जरिए गंभीर अपराध करने वाले अपराधियों के विरुद्ध है। इसी कड़ी में आगरा में एक उल्लेखनीय काम किया गया है। इसमें छह प्रदेशों में दबिश देकर 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये लोग देश के विभिन्न राज्यों में विशेष तौर पर कम उम्र की लड़कियों को प्रलोभन, लव जिहाद और अन्य तरीकों से प्रभावित करके अवैध धर्मांतरण के काम में लिप्त थे। अवैध धर्मांतरण का यह मोडस अपरेंडी आईएसआईएस का सिग्नेचर स्टाइल है। प्रारंभिक जांच में इस ग्रुप का संबंध पीएफआई, एसडीपीआई और पाकिस्तान के आतंकी संगठनों से भी होने के संकेत मिले हैं। डीजीपी ने बताया कि आगरा पुलिस की इस उल्लेखनीय कार्रवाई के बाद जांच में एसटीएफ और एटीएस को भी शामिल किया गया है। आवश्यकतानुसार अन्य राज्यों की पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित किया जाएगा। धर्मांतरण का कौन धंधेबाज कहां से पकड़ा गया? आयशा (एसबी कृष्णा)-गोवा अली हसन (शेखर रॉय)-कोलकाता ओसामा-कोलकाता रहमान कुरैशी-आगरा अब्बू तालिब-खालापार, मुजफ्फरनगर अबुर रहमान-देहरादून मोहम्मद अली-जयपुर राजस्थान जुनैद कुरैशी-जयपुर मुस्तफा (मनोज)-दिल्ली मोहम्मद अली-जयपुर  

उत्तर प्रदेश में कांवड़ लेने जा रहे 4 श्रद्धालुओं को ट्रैक्टर ट्रॉली ने मारी टक्कर, एक की मौत

संभल  उत्तर प्रदेश के संभल जिले में कांवड़ यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं के साथ एक दर्दनाक हादसा हो गया. असमोली थाना क्षेत्र के मनोटा पुल के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक सवार चार कांवड़ियों को टक्कर मार दी. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक कांवड़िए की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और RRF (रैपिड रेस्पॉन्स फोर्स) की टीम मौके पर पहुंची. चारों घायलों को तुरंत संभल जिला अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने एक और कांवड़िए को मृत घोषित कर दिया. बाकी तीन घायलों का इलाज अस्पताल में जारी है. हादसे के बाद अस्पताल में भारी भीड़ जमा हो गई.

UP Weather Alert: अगले दो दिन भारी बारिश का कहर, इन राज्यों में भी अलर्ट जारी

नई दिल्ली देश में मॉनसून पूरी तरह से सक्रिय है, जिसकी वजह से कई राज्यों में झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने शनिवार को बताया है कि उत्तर पश्चिम और पूर्वोत्तर राजस्थान के आसपास के इलाकों में दबाव के असर की वजह से आज दक्षिण पश्चिम राजस्थान में भारी से बहुत भारी और कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश व उत्तरी गुजरात में बहुत भारी बरसात होने वाली है। वहीं, अगले छह से सात दिनों के दौरान केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु में भारी से बहुत भारी बारिश जारी रहने वाली है, जबकि 19 और 20 जुलाई को केरल, तटीय कर्नाटक में कुछ जगहों पर अत्यधिक बरसात का अलर्ट है। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में कल और परसों बहुत भारी बरसात की चेतावनी जारी की गई है। उत्तर पश्चिम भारत के राज्यों की बात करें तो 19 जुलाई को दक्षिण पश्चिम राजस्थान में बहुत ही ज्यादा बरसात होगी। 20-24 जुलाई के दौरान जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में और 20 व 21 जुलाई को पश्चिमी उत्तर प्रदेश, 20-22 और 24 जुलाई को पंजाब, हरियाणा, 19 जुलाई को दक्षिण पूर्वी राजस्थान में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। 20-22 जुलाई के दौरान उत्तराखंड में, 21 जुलाई को पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और 21 व 22 जुलाई को हिमाचल प्रदेश, 22 जुलाई को जम्मू कश्मीर में बहुत भारी बारिश होने वाली है। अगल सात दिनों के दौरान पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और मैदानी इलाकों में कुछ जगहों पर गरज के साथ अधिकांश जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट है। पश्चिम भारत की बात करें तो 19-25 जुलाई के दौरान कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों, 19 जुलाई को उत्तरी गुजरात में अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होगी। 20 जुलाई को सौराष्ट्र व कच्छ में भारी बरसात का अलर्ट है। अगले पांच दिनों के दौरान कई जगह हल्की से मध्यम बारिश होगी। दक्षिण भारत के राज्यों की बात करें तो 19 और 20 जुलाई को केरल, तटीय कर्नाटक में अलग अलग जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश होन की संभावना है। 19-25 जुलाई के दौरान तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना में, 19 और 20 जुलाई को लक्षद्वीप और रायलसीमा में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना है।  

लेटरहेड पर पीएम की तस्वीर, संगठन का नाम… छांगुर बाबा ने जनता को ऐसे किया गुमराह

लखनऊ  धर्मांतरण रैकेट के मामले में यूपी एटीएस की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है. इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड जमालुद्दीन उर्फ छांगुर खुद को भारत प्रतीकार्थ सेवा संघ नामक संस्था का अवध प्रांत महासचिव बताता था. इस संस्था को ईदुल इस्लाम नाम का शख्स नागपुर से चला रहा था, जिसे भी एफआईआर में नामजद आरोपी बनाया गया है. छांगुर को बनाया अवध प्रांत का महासचिव   ईदुल इस्लाम ने संस्था के फर्जी लेटर पैड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो लगा रखी थी. संस्था का मुख्यालय नागपुर दिखाकर दावा किया जाता था कि इसका संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से है. जांच में पता चला कि ईदुल इस्लाम ने छांगुर को बाकायदा अवध प्रांत का महासचिव नियुक्त किया था.  छांगुर बाबा ने खुद को "भारत प्रतिकार्थ सेवा संघ" नामक संस्था का अवध प्रांत महासचिव बताया। यह संस्था ईदुल इस्लाम नामक एक दूसरे आरोपी द्वारा चलाई जा रही थी। इतना ही नहीं, इस्लाम ने नागपुर में भी एक फर्जी सेंटर खोलकर संस्था को वैध दिखाने की कोशिश की। आपको बता दें कि नागपुर में ही आरएसएस का हेडक्वार्टर है। अधिकारियों से मिलने के दौरान छांगुर बाबा और इस्लाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो वाले लेटरहेड का इस्तेमाल करते थे। साथ ही दोनों RSS के वरिष्ठ पदाधिकारियों का नाम लेकर खुद को प्रभावशाली और मान्यता प्राप्त संगठन का हिस्सा बताते थे। मुस्लिम देशों से फंडिंग ATS की FIR के अनुसार, छांगुर बाबा ने विदेशी फंडिंग के जरिए आतंकी प्रशिक्षण केंद्र बनाने की योजना बनाई थी। उसे पाकिस्तान सहित कई मुस्लिम देशों से 500 करोड़ रुपये से अधिक की फंडिंग मिली होने का संदेह है। जांच में सामने आया है कि 22 बैंक खातों के जरिए 60 करोड़ रुपये का मनी लॉन्ड्रिंग किया गया। ईडी ने किए कई खुलासे प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच में यूपी और महाराष्ट्र में छांगुर बाबा के पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियां हैं, जिनमें अधिकतर सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण कर बनाई गई हैं। मुंबई में ‘रनवाल ग्रीन्स’ नाम की एक बहुमूल्य संपत्ति संदिग्ध सौदे के जरिए खरीदी गई। छांगुर बाबा का एक कनेक्शन पनामा स्थित कंपनी ‘Logos Marine’ से भी मिला है, जिससे अंतरराष्ट्रीय फंडिंग की पुष्टि होती है। फिलहाल छांगुर बाबा हिरासत में है और उसकी भूमिका की जांच एटीएस, एसटीएफ और ईडी द्वारा संयुक्त रूप से की जा रही है। मामले में धार्मिक भावना को आहत करने, आतंकी गतिविधियों की साजिश, धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे गंभीर अपराधों की धाराएं लगाई गई हैं। खुद को बताते थे RSS का करीबी   वे दोनों अफसरों और स्थानीय नेताओं के साथ मुलाकातों व बातचीत में खुद को आरएसएस के बड़े नेताओं का करीबी बताते थे. यही नहीं, एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया है कि ईदुल इस्लाम ने स्थानीय प्रशासन से साठगांठ कर ग्राम समाज और तालाब की जमीनें फर्जी तरीके से खरीदवाने में भी मदद की.  वह अफसरों को जमालुद्दीन उर्फ छांगुर को आरएसएस के नागपुर सेंटर से जुड़ी संस्था का पदाधिकारी बताता था. धर्मांतरण केस की तफ्तीश के दौरान एटीएस थाने में दर्ज एफआईआर में ईदुल इस्लाम को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया है.

कांवड़ यात्रा के दौरान आज से शिवरात्रि तक सभी स्कूल, कॉलेज रहेंगे बंद: जिलाधिकारी निधि गुप्ता

अमरोहा  उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा जोरों पर है, और इसी को देखते हुए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जिले में बढ़ती भीड़, यातायात पर पड़ रहे दबाव और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए 19 जुलाई से लेकर शिवरात्रि तक सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश जिलाधिकारी निधि गुप्ता ने तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। कांवड़ यात्रा बना वजह हर साल सावन महीने में लाखों की संख्या में शिवभक्त विभिन्न राज्यों से गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार और बृजघाट की ओर कूच करते हैं। अमरोहा का बृजघाट गंगा स्नान और जल भरने के लिए एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां से कांवड़िए जल लेकर बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, संभल और अमरोहा के अन्य इलाकों की ओर लौटते हैं। इसके अतिरिक्त, हरिद्वार से लौटने वाले भक्त भी अमरोहा जिले की सीमा से होकर गुजरते हैं, जिससे जिले की यातायात व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। स्कूल बंद रखने के पीछे प्रशासन का तर्क जिला प्रशासन का कहना है कि सावन के दौरान लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और हाईवे व प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डाइवर्जन से विद्यार्थियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। भीड़भाड़ में दुर्घटनाओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में सुरक्षा को देखते हुए शिक्षण संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, हाईवे पर रूट बदलाव प्रशासन ने सावन के दूसरे सोमवार और शिवरात्रि को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। पुलिस प्रशासन ने जिले के हाईवे और कांवड़ मार्गों पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए रूट डायवर्जन लागू कर दिया है। भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

कांवड़ यात्रा के दौरान आज से शिवरात्रि तक सभी स्कूल, कॉलेज रहेंगे बंद: जिलाधिकारी निधि गुप्ता

अमरोहा  उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में श्रावण मास की शुरुआत के साथ ही कांवड़ यात्रा जोरों पर है, और इसी को देखते हुए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। जिले में बढ़ती भीड़, यातायात पर पड़ रहे दबाव और सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता देते हुए 19 जुलाई से लेकर शिवरात्रि तक सभी स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। यह आदेश जिलाधिकारी निधि गुप्ता ने तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। कांवड़ यात्रा बना वजह हर साल सावन महीने में लाखों की संख्या में शिवभक्त विभिन्न राज्यों से गंगाजल लेने के लिए हरिद्वार और बृजघाट की ओर कूच करते हैं। अमरोहा का बृजघाट गंगा स्नान और जल भरने के लिए एक प्रमुख केंद्र बन चुका है। यहां से कांवड़िए जल लेकर बरेली, मुरादाबाद, रामपुर, संभल और अमरोहा के अन्य इलाकों की ओर लौटते हैं। इसके अतिरिक्त, हरिद्वार से लौटने वाले भक्त भी अमरोहा जिले की सीमा से होकर गुजरते हैं, जिससे जिले की यातायात व्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। स्कूल बंद रखने के पीछे प्रशासन का तर्क जिला प्रशासन का कहना है कि सावन के दौरान लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और हाईवे व प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डाइवर्जन से विद्यार्थियों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है। भीड़भाड़ में दुर्घटनाओं की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में सुरक्षा को देखते हुए शिक्षण संस्थानों को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी, हाईवे पर रूट बदलाव प्रशासन ने सावन के दूसरे सोमवार और शिवरात्रि को लेकर विशेष सतर्कता बरती है। पुलिस प्रशासन ने जिले के हाईवे और कांवड़ मार्गों पर ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए रूट डायवर्जन लागू कर दिया है। भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुचारु रूप से संपन्न हो सके।

यूपी में मौसम की मार: आंधी और बिजली गिरने से 10 की मौत, योगी सरकार हरकत में

लखनऊ उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बीते 24 घंटों के दौरान तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली के कहर ने जनजीवन को प्रभावित किया है। राज्य में डूबने से 9 लोगों की और सर्पदंश से एक व्यक्ति की मृत्यु हो चुकी है। हालात को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित जनपदों के अधिकारियों को राहत कार्यों को तत्काल और प्रभावी रूप से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। राहत आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार चित्रकूट में डूबने से पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि बिजनौर में तीन लोग मरे हैं। वहीं, महोबा में एक की डूबने से मौत हो गई है और प्रयागराज में सर्पदंश से एक की मौत हुई है। मुख्यमंत्री कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जिलाधिकारी स्वयं मौके पर पहुंचकर सर्वेक्षण करें और राहत कार्यों की निगरानी करें। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जनहानि या पशुहानि की स्थिति में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत राशि उपलब्ध कराई जाए और घायलों के समुचित उपचार की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बारिश या जलभराव की स्थिति में त्वरित जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, जिला और तहसील स्तर पर अधिकारियों को सक्रियता बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। प्राकृतिक आपदा के इस दौर में राज्य सरकार राहत कार्यों को युद्धस्तर पर संचालित करने की दिशा में काम कर रही है। प्रशासन को अलर्ट मोड पर रखा गया है और आपदा प्रबंधन इकाइयों को भी सक्रिय कर दिया गया है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) के अनुसार, स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है और प्रभावितों तक हर संभव मदद पहुंचाई जा रही है।