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पाकिस्तान से आए हिंदुओं को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, यूपी में विस्थापित हिंदुओं को राहत

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में पूर्वी पाकिस्तान (अब बांग्लादेश) से विस्थापित होकर यूपी के विभिन्न जिलों में बसे परिवारों को बड़ी राहत दी है. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन लोगों को वैधानिक रूप से भूमि स्वामित्व का अधिकार दिया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल जमीन के कागज देने की बात नहीं है, बल्कि उन हजारों परिवारों की पीड़ा और संघर्ष को स्वीकार कर उन्हें सम्मान लौटाने का समय है, जिन्होंने सीमाओं के उस पार से विस्थापित होकर भारत में शरण ली और पिछले कई दशकों से पुनर्वास की उम्मीद में दिन गिना है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस मुद्दे को संवेदनशीलता से देखा जाए और प्रभावित परिवारों के साथ सम्मानजनक व्यवहार सुनिश्चित किया जाए. कब और कैसे बसे ये परिवार विभाजन के बाद, खासकर 1960 से 1975 के बीच पूर्वी पाकिस्तान से हजारों हिंदू परिवार जबरन विस्थापित होकर भारत आए. इनमें से बड़ी संख्या को यूपी के पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बिजनौर और रामपुर जनपदों में बसाया गया. प्रारंभिक दौर में इन्हें ट्रांजिट कैंपों के जरिए अस्थायी ठिकानों पर रखा गया और फिर विभिन्न गांवों में जमीन आवंटित की गई. लेकिन वर्षों बाद भी इनमें से अधिकतर परिवार विधिसम्मत भूस्वामी नहीं बन सके. क्या आ रही थी दिक्क्तें  – इन लोगों को जमीनें तो दी गईं, मगर कागज अधूरे रहे. – कई मामलों में जमीन वन विभाग के नाम दर्ज रही. – नामांतरण की प्रक्रिया लंबित पड़ी रही. – कुछ लोगों के पास कब्जा है लेकिन वैध दस्तावेज नहीं, वहीं कुछ गांवों में ऐसे परिवार अब मौजूद ही नहीं हैं जिनके नाम पर जमीन थी. – कुछ परिवारों ने कानूनी प्रक्रिया के बगैर कब्जा कर लिया, जिससे विवाद की स्थिति बनी. अधिकारियों ने बताया कि इन सभी परिस्थितियों के चलते हजारों परिवार आज भी उस ज़मीन पर सिर्फ खेती कर रहे हैं, लेकिन उनके नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों से कहा कि यह विषय कानूनी या प्रशासनिक समस्या मात्र नहीं, बल्कि राष्ट्रीय जिम्मेदारी और मानवीय दायित्व है. उन्होंने निर्देश दिए कि जहां भूमि पूर्व में Government Grant Act के तहत दी गई थी, वहां मौजूदा कानूनी ढांचे के अनुसार विकल्प तैयार किए जाएं, क्योंकि यह कानून 2018 में निरस्त हो चुका है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा कि इस पूरे मसले को केवल पुनर्वास योजना के रूप में न देखें, बल्कि यह सामाजिक न्याय, मानवता और राष्ट्रधर्म का विषय है.

अडल्ट लड़कियों को निशाना बना धर्मांतरण की साजिश, आगरा गैंग की करतूतें उजागर

आगरा जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा गैंग के बाद आगरा में भी अवैध धर्म परिवर्तन कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश होने से हड़कंप मच गया है। पुलिस ने इस गैंग के दस लोगों को अरेस्‍ट कर पूछताछ किया। इसमें कई नई बातें पता चली हैं। गैंग के सदस्‍यों ने धर्मांतरण के लिए एक कोड वर्ड रिवर्ट बना रखा था। इसका अर्थ घर वापसी बताया गया है। गिरोह लोगों का धर्म परिवर्तन कराने के बाद उनको सोशल मीडिया पर 'रिवर्ट' के तौर पर दिखाते थे। पुलिस और एटीएस की पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं, जिनमें गिरोह के तौर-तरीकों और पीड़ितों को फंसाने के जाल का पता चला है। पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरोह केवल अडल्‍ट युवतियों को फंसाता था ताकि उन्हें ले जाने में कोई अड़चन न आए। वह कोर्ट में भी खुद को बालिग दर्शा सकती हैं। गिरोह में शामिल छह हिंदू आरोपियों ने धर्म परिवर्तन के बाद अपने नाम भी बदल लिए। एसबी कृष्णा ने आयशा, रूपेंद्र बघेल ने अबु रहमान, मनोज ने मुस्तफा, शेखर रॉय ने अली हसन और पियूष सिंह पंवार ने मोहम्मद अली नाम रखा है। ये गिरोह लोगों को प्रलोभन देकर अपने जाल में फंसाता था। धर्मांतरण होने के बाद खुद को सोशल मीडिया पर रिवर्ट दिखाते थे। रिवर्ट नाम से कई लोगों की आईडी है। लड़कियों का वापस घर लौटना हो जाता था मुश्किल पुलिस पूछताछ में पता चला कि धर्मांतरण कराने के बाद लड़कियों का वापस घर जा पाना मुश्किल हो जाता था। जिन लोगों का धर्मांतरण कराया जाता है, उनके बारे में पहले न्‍यूजपेपर में विज्ञापन दिया जाता है। इसके बाद कोर्ट में अर्जी लगाकर कागजात तैयार करा लिए जाते हैं। एक बार कागजात बनने और निकाह होने के बाद लड़कियों का वापस घर जा पाना मुश्किल हो जाता है। दस आरोपियों में छह हिंदू, सबने बदल लिए नाम पुलिस ने दस लोगों को पकड़ा है। उन्हें दस दिन की रिमांड पर लिया गया है। आरोपियों में से छह हिंदू हैं। गिरोह ने इन लोगों को भी जाल में फंसाया था। कोलकाता में वोटर आईडी और आधार कार्ड बनाए जाने के बाद वोट डालने का भी अधिकार मिल जाता था। गिरोह कोलकाता को धर्मांतरण में आने वालों के लिए सेफ जोन बताता था। मेरा बेटा निर्दोष, वह मजदूरी करता है: अबू तालिब की मां आपको बता दें कि डीजीपी राजीव कृष्ण ने लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में आगरा के धर्मांतरण गिरोह का खुलासा किया था।गिरफ्तार आरोपियों में अबू तालिब भी शामिल है। तालिब के परिवार ने आरोपों का खंडन करते हुए दावा किया है कि वह निर्दोष है और उसका धर्मांतरण नेटवर्क से कोई संबंध नहीं है। मां जायदा ने कहा कि मेरा बेटा निर्दोष है। वह दर्जी का काम करता है और मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाता है। हम किराए के मकान में रहते हैं। उसके दो भाई और एक बहन हैं, तालिब सबसे छोटा है। उसका बड़ा भाई अलग काम करता है, मिठाइयां बनाता है। 'पुलिसवालों ने हमारा सुकून छीन लिया' मां ने कहा कि पुलिसकर्मी हमारे घर में जबरन घुसकर तालिब को ले गए। उन्होंने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। वह अपनी बहन को अस्पताल छोड़ने वाला था, जहां वह काम करती है। वह अभी ठीक से बाहर भी नहीं निकला था कि पुलिस उसे उठा ले गई। पहले पुलिस ने कहा था कि उन्हें सिर्फ कुछ जानकारी चाहिए। जायदा ने रोते हुए कहा कि कुछ पुलिसवाले वर्दी में थे, जबकि कुछ सादे कपड़ों में। उन्होंने हमारा सुकून छीन लिया। तालिब अपनी बहन की शादी की तैयारियों में व्यस्त था। अब सब बर्बाद हो गया।  

CM योगी की चेतावनी: कांवड़ यात्रा में गड़बड़ी करने वालों की तस्वीरें होंगी सार्वजनिक

मेरठ:  कांवड़ यात्रा में तोड़फोड़ और उपद्रव करने वालों के योगी सरकार पोस्टर चस्पा करने जा रही है और कांवड़ यात्रा सम्पन्न होने के बाद उनके खिलाफ सख्त एक्शन होगा। ये बातें खुद सीएम योगी ने मेरठ में कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा के बाद हुई प्रेस ब्रीफिंग में कही। सीएम योगी इन घटनाओं को लेकर बेहद तल्ख तेवरों में नजर आए। उन्होंने कहा कि जिन्होंने कांवड़ यात्रा को बदनाम करने का प्रयास किया है उन सबके सीसीटीवी फुटेज हैं। जो भी उपद्रवियों के भेष में छिपे हैं, वे बेनकाब होंगे।  धार्मिक यात्रा को बदनाम करने वालों पर होगा एक्शन सीएम योगी ने आगाह भी किया कि कांवड़ यात्रा में जहां उत्साह और उमंग है, श्रद्धा और भक्ति है, वहीं इस उत्साह और श्रद्धा को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास किया जा रहा है। सोशल मीडिया के साथ अन्य माध्यमों से इस धार्मिक यात्रा को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है।  उपद्रवियों को अपने बीच नहीं घुसने दें उन्होंने अपील की है कि ऐसे लोगों को अपने बीच में ना घुसने दें। कांवड़ को खंडित करने और श्रद्धा से जो खिलवाड़ करता है उनके बारे में प्रशासन को सूचना दें। ऐसे लोगों के खिलाफ खुद कानून हाथ में ना लें बल्कि शासन-पुलिस को इसकी सूचना दें। लोगों को भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी सीएम योगी ने कांवड़ यात्रा के दौरान जहां कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की, वहीं लोगों को उनकी जिम्मेदारी का भी अहसास कराया। सीएम योगी ने कहा कि शिव लोकमंगल के देवता हैं। वो आदिदेव महादेव हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन ने तो बेहतर व्यवस्थाएं की हैं, लेकिन हमें भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। हमें दूसरों की परेशानी भी समझनी होगी।  लोगों से साफ-सफाई की अपील सीएम योगी ने कहा कि साफ सफाई को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारी तो अपनी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, लेकिन हमें भी अपना दायित्व समझना होगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि चौराहों और उनके पास गंदगी ना फैलाएं। सीएम योगी ने शिव भक्तों से भी अपील की है कि वे स्वच्छता के कार्यक्रम से जुड़ें।

मथुरा सड़क हादसा: तेज रफ्तार वाहन से टकराई कार, 6 की मौके पर मौत

मथुरा उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में भीषण सड़क हादसा हो गया। जहां, अज्ञात वाहन ने एक कार को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी खतरनाक था कि कार के परखच्चे उड़ गए और 6 लोगों की तड़प-तड़पकर मौत हो गई। घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। दिल्ली से आगरा की तरफ जा रही थी कार यह पूरा मामला जिले के यमुना एक्सप्रेसवे माइलस्टोन संख्या 140 का है। जहां, दिल्ली से आगरा की तरफ जा रही एक कार को तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। इस भीषण सड़क हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई। जबकि 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आस -पास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। जबकि घायलों को इलाज के अस्पताल रेफर किया गया है। जहां, उनका इलाज जारी है।

सावन माह के दूसरे सोमवार को छोटी काशी गोला गोकर्णनाथ में शिवभक्तों की भारी भीड़ उमड़ी

वाराणसी सावन के दूसरे सोमवार को वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर समेत तमाम शिव मंदिरों में भक्त उमड़ पड़े हैं. इसके साथ ही भोले बाबा को जल चढ़ाने के लिए कांवड़ियों का जत्था भी पहुंच गया है. रविवार रात से ही कई प्रमुख धार्मिक स्थलों के बाहर दर्शन और जल अर्पण करने के लिए कांवड़ियों की लाइन लग गई. सोमवार सुबह से ही भोले के गीत गाते श्रद्धालु मंदिरों की ओर बढ़ते रहे. इसी क्रम में आगरा देवाधिदेव महादेव की भक्ति में डूब गया है. आगरा में रविवार शाम चार बजे से शिव भक्त अपने अपने क्षेत्र से परिक्रमा को निकले तो शहर में बम बम भोले के जयकारे गूंजने लगे. माथे पर बाबा के नाम का चंदन, मुंह पर हर-हर महादेव के नारे संग नंगे पैर ही शिव भक्त नाचते और गाते आगे बढ़े. देर रात से महादेव मंदिर में शिव भक्त जलाभिषेक कर रहे हैं. सुबह बल्केश्वर महादेव मंदिर पर जलाभिषेक के बाद परिक्रमा पूरी होगी. रविवार देर शाम बल्केश्वर महादेव मंदिर का उद्घाटन हो गया है. बता दें कि आगरा के चारों कोने पर प्राचीन शिव मंदिर हैं. जिनमें पूर्व में बल्केश्वर महादेव मंदिर, पश्चिम में पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर, उत्तर में कैलाश महादेव मंदिर और दक्षिण में राजेश्वर महादेव मंदिर स्थित हैं. शहर के बीच में बाबा मनकामेश्वर महादेव विराजमान हैं. जिससे शहर में ऊं नम शिवाय और बम-बम के जयघोष गूंज रहे हैं. सावन के दूसरे सोमवार को बल्केश्वर महादेव मंदिर मेला की पूर्व संध्या पर आगरा में लाखों श्रद्धालु 42 किमी की नगर परिक्रमा कर रहे हैं. लाखों श्रद्धालु नंगे पैर रातभर शहर के चारों कोनों पर स्थित महादेव मंदिर में शिवलिंग का जलाभिषेक करेंगे. परिक्रमा के मार्ग में जगह-जगह पर भंडारे लगते हैं.  प्रयागराज के सोमेश्वर महादेव में उमड़ी भक्तों की भीड़  पवित्र महीने सावन के दूसरे सोमवार सोमेश्वर महादेव में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी. श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करने और पूजा-अर्चना करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त से ही मंदिर में जुटने लगे थे. मान्यता है कि यहां दर्शन-पूजन, जलाभिषेक करने से श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूर्ण होती है. इस मंदिर का पुराणों में भी उल्लेख मिलता है.मंदिर प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. मंदिर के महंत ब्रम्हचारी श्रीधरानंद बताते हैं कि स्कंद पुराण और पदम पुराण में कामेश्वर पीठ का वर्णन है, यह वही कामेश्वर धाम है. काम को भस्म करके भगवान शिव स्वयं यहां पर विराजमान हुए हैं. साथ ही ये भी बताया कि त्रेता काल में वनवास जाते वक्त प्रभु राम ने भी यहां शिव का पूजन और जलाभिषेक किया था. 'छोटी काशी' में उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब, भीड़ के दबाव से रेलिंग टूटी लखीमपुर खीरी में सावन माह के दूसरे सोमवार को श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखा गया। तड़के से ही शिव मंदिरों में भीड़ उमड़ने लगी। भक्तों ने लंबी-लंबी कतारों में खड़े होकर शिवलिंग के दर्शन किए और जलाभिषेक किया। गोला गोकर्णनाथ के पौराणिक शिव मंदिर में भगवान शिवन के दर्शन करने के लिए हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी। यहां भारी भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन के इंतजाम भी ध्वस्त हो गए। मंदिर के मुख्य मार्ग पर लोहे के एंगल से बनाई गई दीर्घा भीड़ को रोक नहीं पाई और टूटकर गिर गई। हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है। घटनास्थल पर चप्पल-जूतों का ढेर बिखरा नजर आया।  मंदिर में जलाभिषेक के लिए दोपहर 12 बजे के बाद तक कांवड़ियों की कतार लगी रही। कछला और हरिद्वार से गंगाजल लेकर आए कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।  रविवार शाम गोला मार्ग पर कावड़ियों के जत्थे गोला गोकर्णनाथ के लिए रवाना होते रहे। कावड़ियों के जत्थे में भजनों की धुन पर नाचते हुए आगे बढ़ रहे थे। बच्चे और महिलाएं भी कांवड़ लेकर जाती दिखीं।  लखीमपुर शहर के प्रमुख प्राचीन मंदिरों, भुईफोरवनाथ और जंगली नाथ मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भुईफोरवनाथ मंदिर में महिला और पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग लाइनें बनाई गई, जिससे व्यवस्था सुचारू रही।  ओयल स्थित मेंढक मंदिर में भी शिवभक्तों की भीड़ उमड़ी। भक्तों ने शिवलिंग पर दूध, जल और बेल पत्र चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान मंदिर परिसर जयकारों से गूंजता रहा।  अयोध्या में उमड़े शिवभक्त, सरयू में डुबकी लगाकर किया जलाभिषेक भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में सुबह से ही सावन के दूसरे सोमवार के मौके पर शिवभक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा है। बड़ी संख्या में कावड़िये, रामनगरी के स्थानीय जनमानस के अलावा आसपास के जिलों के श्रद्धालु भी रामनगरी पहुंचे हैं। भगवान श्रीराम के पुत्र कुश की ओर से स्थापित सिद्धपीठ नागेश्वर नाथ मंदिर में दर्शन पूजन कर रहे हैं।  सुबह से ही श्रद्धालु मां सरयू में डुबकी लगाकर जल लेकर भगवान शिव के दरबार में कतारबद्ध होकर जलाभिषेक कर रहे हैं। भोर से ही दर्शन पूजन शुरू हो गया है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से व्यापक इंतजाम किए हैं। बड़ी संख्या में सुरक्षा बल की तैनाती रामनगरी के प्रत्येक शिवालय और सरयू के घाटों पर की गई है। सावन का पवित्र माह शुरू हो चुका है।  आज सावन का दूसरा सोमवार है। लिहाजा रामनगरी भगवान शिव के जयकारों से गूंज रही है। भोलेनाथ के पूजन का विशेष दिन सावन माह में रहता है। इस बार सावन में पांच सोमवार मिलेगा। इस दौरान भगवान शिव का रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और पूजन-अर्चन का विशेष महत्व रहेगा। दूर-दराज से अयोध्या पहुंचे श्रद्धालु भोलेनाथ का दर्शन कर आशीर्वाद ले रहे हैं।  श्रद्धालुओं ने भोलेनाथ से अपनी मनोकामना की पूर्ति के लिए आशीर्वाद भी मांगा। अयोध्या पहुंचे श्रद्धालु खुद को अभिभूत मानते हुए भगवान शिव का दर्शन पूजन कर रहे हैं। भोर में तीन बजे से ही दर्शन पूजन का दौर शुरू हुआ है। देर शाम तक चलता रहेगा। बरेली में कावड़ियों ने थाने के सामने कार पर बरसाए ईंट-पत्थर  बीसलपुर रोड पर एक कार की कावड़िए को साइड लगने के बाद गुस्साए साथियों ने कार में तोड़फोड़ कर दी. इतना ही नहीं, कावड़ियों ने थाने के सामने पुलिस की मौजूदगी में कार पर ईंट-पत्थर बरसा कर कार में तोड़फोड़ की. पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर जांच कर कार्रवाई की बात कर रही है. पीलीभीत के बिलसंडा का कावड़ियों का एक जत्था रविवार को … Read more

जनता के बीच पहुंचे सीएम योगी, एक-एक पीड़ित की सुनी पीड़ा, अफसरों को दिए सख्त आदेश

 लखनऊ   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को अपने सरकारी आवास पर 'जनता दर्शन' किया। उनके आवास पर प्रदेश भर से 50-55 पीड़ित पहुंचे थे। उन्होंने हर पीड़ित के पास स्वयं पहुंचकर समस्याएं सुनीं, प्रार्थना पत्र लिया और आश्वस्त किया कि सरकार उनके साथ खड़ी है। जनता दर्शन में पुलिस, राजस्व, चिकित्सा सहायता, रोजगार, शिक्षा, आवास, कब्जा, परिवार आदि से जुड़े मामले भी आए। जिस पर प्रार्थना पत्र लेकर मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी की हर समस्या का निराकरण होगा। उत्तर प्रदेश के हर नागरिक की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है।  उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर नागरिक की सेवा एवं सुरक्षा हमारी सरकार की शीर्ष प्राथमिकता है। सभी जिलों में अधिकारियों को सक्रिय भी किया गया है और सभी प्रकार की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए निर्देश भी दिए गए हैं। अधिकारियों को निर्देश-हर पीड़ित की समस्या पर करें तत्काल कार्रवाई मुख्यमंत्री ने दिव्यांग की बात सुनी और उन्हें मोटराइज्ड ट्राई साइकिल दिलाने को निर्देशित किया। जनता की समस्या सुनते हुए सीएम ने अधिकारियों को त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। सबको न्याय मिलेगा। बच्चों को दुलारा और चॉकलेट भी दी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ आए बच्चों से भी बातचीत की। उनका हालचाल जाना, दुलार किया। बच्चों की पढ़ाई के बारे में भी जानकारी ली। सीएम योगी ने चॉकलेट-टॉफी प्रदान कर बच्चों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।  

UP में सियासी हलचल! संगठनात्मक बदलाव को लेकर CM योगी की बीजेपी नेतृत्व से बैठक

लखनऊ  उत्तर प्रदेश बीजेपी की नई सियासी प्रयोगशाला बनती जा रही है. 2024 के लोकसभा चुनाव में घटी सीटों ने बीजेपी के लिए 2027 की चिंता बढ़ा दी है, जिसे लेकर लखनऊ से दिल्ली तक राजनीतिक एक्सरसाइज शुरू है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार और संगठन में फेरबदल की संभावनाओं के बीच  दिल्ली में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात की है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उसके बाद बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बैक टू बैक मुलाकात की. योगी की ये तीनों मुलाकातें करीब तीन घंटे की रहीं, जिसके सियासी मायने और राजनीतिक मकसद भी है. सूत्रों की मानें तो सीएम योगी ने बीजेपी हाईकमान के सामने अपनी बात को मजबूती से रखा है. खासकर प्रदेश अध्यक्ष को लेकर, उन्होंने पार्टी के टॉप थ्री लीडरशिप को बता दिया है कि यूपी में प्रदेश संगठन की जिम्मेदारी किसे सौंपी जानी चाहिए. सीएम योगी ने अपनी पसंद ही नहीं बताया बल्कि ये भी बताया कि यूपी के सियासी समीकरण के लिहाज से पार्टी के लिए कौन बेहतर रहेगा. यूपी में नए पार्टी अध्यक्ष की तलाश दरअसल, यूपी में बीजेपी भूपेंद्र चौधरी की जगह नए अध्यक्ष की तलाश में है, जिसे लेकर सियासी माथापच्ची काफी दिनों से चल रही है, लेकिन अभी तक सहमति नहीं बन पाई है कि किसे प्रदेश संगठन की बागडोर सौंपी जाए. इसकी वजह यह भी है कि पार्टी जिसे बागडोर सौंपेगी, उसके अगुवाई में ही 2027 का विधानसभा चुनाव होना है. यही वजह है कि बीजेपी काफी सोच समझकर प्रदेश अध्यक्ष का फैसला करना चाह रही है और ऐसे में सीएम का पसंद का भी ख्याल रखना है ताकि सरकार और संगठन का बेहतर तालमेल हो सके. बीजेपी शीर्ष नेतृत्व से सीएम योगी से मुलाकात के दौरान यूपी नेताओं की नाराजगी और शिकायतों को लेकर बात हुई. सूत्रों ने बताया कि बीजेपी की टॉप लीडरशिप ने योगी के सामने बीजेपी और सहयोगी दलों की उन तमाम शिकायतों को रखा, जिसके बाद मुख्यमंत्री ने उन सभी नेताओं के पूरा चिट्ठे खोलकर रख दिए. नाराजगी जाहिर करने वालों नेताओं की कामकाज से लेकर सारी उनके बात को रखी. इसके अलावा नौकरशाही के के नेताओं के न सुनने वाले नेताओं के मुद्दे पर भी बात हुई है. मंत्रिमंडल में जल्द होगा फेरबदल यूपी बीजेपी अध्यक्ष के चयन में देरी हो रही है. माना जा रहा है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के चयन के बाद यूपी प्रदेश अध्यक्ष का फैसला होगा. इस तरह से प्रदेश अध्यक्ष का निर्णय से पहले यूपी में कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है. सूत्रों की मानें तो इसे लेकर भी सीएम योगी ने पीएम मोदी से लेकर अमित शाह और जेपी नड्डा से बात हुई है. इस बीच योगी कैबिनेट से कुछ नेताओं के जल्द छुट्टी हो सकती है तो कुछ नेताओं को मंत्री बनाया जा सकता है. सीएम योगी ने बीजेपी हाईकमान से अपनी कैबिनेट से किसे हटाने और किन चेहरों को शामिल करने है, उसे लेकर भी अपनी राय ही ही. शीर्ष नेतृत्व ने गंभीरता से सुनी योगी की बात बीजेपी सूत्रों ने बताया है कि सीएम योगी ने मोदी, अमित शाह और नड्डा के सामने जो भी बात रखी है, उसे बीजेपी के तीनों ही लीडरों ने गंभीरता से सुनी है. इसके अलावा अपनी भी बातें रखी है. सूत्रों ने ये भी बताया है कि सीएम योगी को बीजेपी नेताओं के साथ-साथ सहयोगी दलों के साथ भी सियासी बैलेंस बनाकर चलने का संदेश दिया है.  इसके अलावा यूपी के सियासी बैलेंस बनाकर चलने के साथ-साथ सरकार और संगठन में भी बेहतर तालमेल बनाकर चलने की बात कही गई है. इसके बाद ही दोनों डिप्टी सीएम और सीएम योगी एक साथ पश्चिम यूपी में नजर आए हैं.

प्रिया सरोज का अनोखा अंदाज़, सांसद होते हुए भी खेत में बहाई पसीना

वाराणसी यूपी के मछलीशहर से समाजवादी पार्टी (सपा) की सांसद प्रिया सरोज का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. इस वीडियो में प्रिया सरोज धान की रोपाई करती नजर आ रही हैं. वीडियो को खुद उन्होंने शेयर किया है, जिसके कैप्शन में लिखा है- 'हमारा गांव…' इस पोस्ट पर यूजर्स जमकर रिएक्ट कर रहे हैं.  जानकारी के मुताबिक, सांसद प्रिया सरोज  वाराणसी के पिंडरा तहसील क्षेत्र स्थित अपने गांव करखियांव पहुंची थीं. यहां उन्होंने अपनी सहेलियों और गांव की महिलाओं के साथ धान की रोपाई की. वीडियो में प्रिया सरोज नंगे पांव एकदम देसी अंदाज में पानी भरे खेत में धान लगाते देखी जा सकती हैं. सांसद ने करीब आधे घंटे तक खेत में मेहनत की. इस दौरान उन्होंने सपा व पीडीए के उपलब्धियां के बारे में किसानों को बताया. आपको बता दें कि प्रिया सरोज लोकसभा के लिए चुनी गई सबसे युवा उम्मीदवारों में से एक हैं. वह तीन बार के सांसद और वर्तमान विधायक तूफानी सरोज की बेटी हैं. हाल ही में प्रिया की सगाई क्रिकेटर रिंकू सिंह के साथ हुई है. इस कार्यक्रम में सपा मुखिया अखिलेश यादव, उनकी पत्नी डिंपल यादव सहित कई दिग्गज शामिल हुए थे. बीते दिनों प्रिया सरोज का एक और पोस्ट वायरल हुआ था, जिसमें उन्होंने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य पर निशाना साधा था. दरअसल अनिरुद्धाचार्य द्वारा अखिलेश यादव पर की गई टिप्पणी के बाद उन्होंने कथावाचक का वीडियो शेयर करते हुए लिखा- जब एक बाबा कृष्ण जी का नाम बताने में असफल हो जाता है, तो अपनी छवि सुधारने के लिए वह राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का नाम हिंदू-मुस्लिम जोड़ कर देश-प्रदेश का माहौल खराब कर देता है. क्या यही सिखाते है अपने प्रवचन में..?

बलरामपुर में दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत, तेज रफ्तार कार और ई-रिक्शा की जोरदार टक्कर

बलरामपुर  उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जनपद में रविवार को हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. यह हादसा बरहनी नेशनल हाईवे पर उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार कार ने सामने से आ रहे सवारी से भरे ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी. पुलिस के अनुसार, ई-रिक्शा शंकरपुर चौराहे की ओर जा रहा था, जबकि कार बलरामपुर से बरहनी की ओर तेज़ गति में आ रही थी. टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा के परखच्चे उड़ गए. ई-रिक्शा में सवार 45 साल के मुस्तफा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 70 साल के हुसैन ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया. इस हादसे में ई-रिक्शा चालक समेत कुल पांच लोग घायल हुए हैं, जिन्हें पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है. घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है. तुलसीपुर के सीओ बृजनंदन राय ने बताया कि शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है.  घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्रीय विधायक राकेश यादव मौके पर पहुंचे और मृतकों के परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की. उन्होंने राज्य सरकार से मृतकों के आश्रितों को 10 लाख रुपये और घायलों को 2 लाख की आर्थिक सहायता देने की मांग की है. हादसे के बाद हाईवे पर यातायात कुछ समय के लिए बाधित हो गया था, जिसे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर सामान्य किया.   

बिना साइलेंसर बाइक और DJ पर रोक: कांवड़ यात्रा को लेकर यूपी पुलिस का सख्त निर्देश

मेरठ  सावन के महीने में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर इस बार यूपी पुलिस ने सख्ती दिखाने का फैसला किया है। यात्रा में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए खास तौर पर मेरठ जोन और अन्य जिलों में कांवड़ियों पर कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। इन चीजों पर पूरी तरह बैन: – त्रिशूल, डंडा, हॉकी स्टिक या कोई भी हथियारनुमा चीज – बिना साइलेंसर वाली बाइक – तेज आवाज में डीजे बजाना और हुड़दंग मचाना कहां लागू होंगे ये नियम? ये नियम खासतौर पर उन जिलों में लागू होंगे जहां बड़ी संख्या में कांवड़िए आते हैं, जैसे: – मेरठ – मुजफ्फरनगर – शामली – सहारनपुर – बुलंदशहर – हापुड़ – बागपत सख्ती क्यों? पिछले कुछ सालों में कांवड़ यात्रा के दौरान कई जगहों पर हिंसक घटनाएं, सड़क पर हुड़दंग और सामान्य लोगों को परेशान करने की शिकायतें मिली हैं। कई कांवड़िए धार्मिक यात्रा को शक्ति प्रदर्शन में बदल देते हैं — तेज डीजे, झगड़े, मोटरसाइकिल रेसिंग और सड़क पर उत्पात आम हो गया है। इसीलिए अब पुलिस ने नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने का फैसला किया है।   एडीजी मेरठ ने क्या कहा? एडीजी (मेरठ जोन) भानु भास्कर ने कहा कि कोई भी कांवड़िया त्रिशूल, डंडा या हॉकी स्टिक जैसे प्रतीकात्मक हथियार भी लेकर नहीं चलेगा। अगर किसी ने नियम तोड़ा तो FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। बिना साइलेंसर बाइक पर रोक पिछले वर्षों में देखा गया है कि कुछ कांवड़िए बिना साइलेंसर की बाइक लेकर तेज आवाज में चलते हैं, जिससे ध्वनि प्रदूषण और लोगों को परेशानी होती है। अब ऐसे वाहनों पर चालान और जरूरत पड़ी तो वाहन जब्त भी किया जाएगा। सुरक्षा के खास इंतजाम – यात्रा रूट पर ड्रोन से निगरानी – CCTV कैमरे हर संवेदनशील जगह पर – PAC और RAF की टीम तैनात – हर जिले में प्रशासन और पुलिस की सतर्क निगरानी प्रशासन की अपील प्रशासन ने सभी शिवभक्तों और कांवड़ यात्रा आयोजकों से अपील की है कि  – शांतिपूर्वक यात्रा करें – नियमों का पालन करें – किसी भी तरह के विवाद या कानून तोड़ने से बचें – प्रशासन का सहयोग करें