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काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन को लेकर तैयारियों को अंतिम दिया जा रहा रूप, एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना

वाराणसी सावन में श्रद्धालुओं को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नंबर चार, नंदू फारिया, सिल्को गली, ढुंढिराज और सरस्वती फाटक से प्रवेश दिया जाएगा। गंगा में बाढ़ की वजह से ललिता घाट से श्रद्धालुओं का प्रवेश अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जा सकता है। दर्शन के लिए आने वाले वृद्ध, अशक्त, दिव्यांगजन और बच्चों के लिए गोदौलिया से मैदागिन तक निशुल्क ई-रिक्शा का संचालन किया जाएगा। सावन में श्री काशी विश्वनाथ धाम में एक करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। श्री काशी विश्वनाथ धाम में तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंडलायुक्त एस राजलिंगम ने बताया कि इस बार सावन में बाबा के दरबार में कोई भी वीआईपी या वीवीआईपी नहीं होगा। सावन भर प्रोटोकॉल दर्शन नहीं होंगे। इस पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। दर्शन के लिए सभी श्रद्धालु कतार में लगकर ही आएंगे। कोई श्रद्धालु दलालों के झांसे में न आए। यदि कोई व्यक्ति विशेष दर्शन के नाम पर रुपये मांगता है या अपनी दुकान से प्रसाद लेने पर दर्शन में सहायता का दावा करता है, तो वह आपको ठगने का प्रयास कर रहा है। इसकी जानकारी निकटतम पुलिस या फिर मंदिर के कर्मी को दी जा सकती है। उधर, मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे खाली पेट कतार में न लगें। पहले सोमवार को चल प्रतिमा, तो दूसरे सोमवार गौरी-शंकर शृंगार इस सावन में चार सोमवार पड़ रहे हैं। हर सोमवार को बाबा विश्वनाथ के अलग-अलग शृंगार किए जाएंगे। 14 जुलाई को पहले सोमवार को चल प्रतिमा शृंगार, दूसरे सोमवार (21 जुलाई) को गौरी-शंकर (शंकर-पार्वती) शृंगार, तीसरे सोमवार (28 जुलाई) को अर्धनारीश्वर शृंगार और चौथे व अंतिम सोमवार (चार अगस्त) को रुद्राक्ष शृंगार होगा। वहीं, नौ अगस्त को पूर्णिमा पर झूला शृंगार होगा। मंडलायुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी के सहयोग से धाम परिसर और शहर के अलग-अलग स्थानों पर बाबा विश्वनाथ की आरती और शृंगार के डिजिटल दर्शन की व्यवस्था की गई है। साथ ही श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी दर्शन की ऑनलाइन स्ट्रीमिंग की जाएगी। व्यवस्था प्रबंधन के लिए संपूर्ण धाम में केंद्रीयकृत लोक सूचना प्रणाली (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) और आवश्यक स्थानों पर स्थानीय लोक सूचना प्रणाली (लोकल पब्लिक एड्रेस सिस्टम) की व्यवस्था रहेगी। मंडलायुक्त ने बताया कि श्री काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के लिए कुल पांच स्थानों पर चिकित्सकीय टीम की तैनाती की जाएगी। हेल्थ डेस्क पर तीन पाली में डॉक्टरों की ड्यूटी लगेगी। प्रत्येक पाली में दो डॉक्टरों की टीम रहेगी। मंदिर में दो एंबुलेंस रहेगी। इनमें एक एंबुलेंस में एडवांस लाइफ सपोर्ट की सुविधा होगी, जो किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए तत्पर रहेगी। छह स्थानों पर खोया-पाया केंद्र मंडलायुक्त ने बताया कि विश्वनाथ धाम में छह स्थानों पर खोया-पाया केंद्र की स्थापना की जाएगी। इसमें मंदिर प्रांगण, शंकराचार्य चौक, गेट नंबर एक (गंगा निकास द्वार), गेट नंबर दो (सरस्वती फाटक), गेट नंबर चार (मुख्य प्रवेश मार्ग) और ललिता घाट पर बने खोया पाया केंद्र पर भीड़ में अपने परिवार से बिछड़े लोग सहायता प्राप्त कर सकेंगे।   पेयजल काउंटर की रहेगी सुविधा मंडलायुक्त के मुताबिक, धाम में समय-समय पर ग्लूकोज/ओआरएस घोल, सूक्ष्म जलपान, बिस्किट, टॉफी, चॉकलेट आदि का वितरण किया जाएगा। इससे वृद्ध और बच्चों को सहूलियत मिलेगी। अतिरिक्त पेयजल काउंटर और गुड़ की व्यवस्था भी रहेगी।

यूपी के युवाओं के लिए खुशखबरी, योगी सरकार दे रही स्थानीय स्तर पर रोजगार का मौका

लखनऊ  योगी आदित्यनाथ सरकार प्रदेश के युवाओं को हुनरमंद बनाने के साथ ही उनकी क्षमता का भी पूरा उपयोग करने का इंतजाम कर रही है। सरकार स्किल डेवलपमेंट के साथ युवाओं को स्वावाल‍ंबी बनाने के लिए हर स्तर उनकी मदद की योजना तैयार कर चुकी है। सरकार तो अब युवाओं को उनके ही जिले में रोजगार देने की कोशिश कर रही है। पहली बार जिला स्तर पर स्थानीय उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कौशल विकास की कार्ययोजना बनाई जा रही है। इसके तहत युवाओं को उन्हीं सेक्टरों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिनकी उनके जिले में सबसे अधिक मांग है। हर जिले में पांच प्रमुख सेक्टरों की पहचान की जा रही है। यह चयन स्थानीय उद्योगों की मांग, रोजगार की संभावनाएं और तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखकर होगा। हर जिले में चुने गए पांच सेक्टरों में काम कर रही पांच अग्रणी कंपनियों या औद्योगिक इकाइयों को चिन्ह्ति किया जाएगा। इनके साथ समन्वय कर युवाओं को उनकी मांग के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद उन्हें उन्हीं कंपनियों में सीधे रोजगार के अवसर मिलेंगे। कौशल विकास मिशन के निदेशक पुलकित खरे ने सभी जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों (सीडीओ) के साथ बैठक कर योजना की रूपरेखा साझा की है। योजना को अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध रूप से पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। इस दौरान जिला प्रशासन, उद्योग प्रतिनिधियों, प्रशिक्षण संस्थानों और मिशन टीम के बीच मजबूत समन्वय किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारियों को 26 सेक्टरों की सूची सौंपी गई है, जिनमें से उन्हें अपने जिले के लिए पांच उपयुक्त सेक्टरों का चयन करना है। कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि इससे उद्योगों को स्थानीय प्रशिक्षित जनशक्ति मिलेगी, जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और युवाओं को घर के पास ही नौकरी मिलेगी।  

4775.84 करोड़ की लागत से यूपी को मिलेगा नया एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल और वेस्ट के बीच सीधा रास्ता

लखनऊ आगरा एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे पर दोनों ओर सात मीटर चौड़ाई में सर्विस रोड का निर्माण किया जाना है। यूपीडा के प्रस्ताव में एक्सप्रेसवे पर यातायात व्यवस्था के सुगम संचालन के लिए एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (एटीएमएस) भी स्थापित करना शामिल है। एक्सप्रेसवे पर दो बड़े सेतु, 20 छोटे सेतु, दो रेलवे ओवरब्रिज, छह फ्लाईओवर व पांच इंटरचेंजेज का निर्माण होगा। लखनऊ से कानपुर जाने वाले लोग अब पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से सीधे कनेक्ट हो सकेंगे। प्रदेश सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे को हरी झंडी दे दिया है। यह छह लेन का होगा और भविष्य में बढ़ते ट्रैफिक के साथ आठ लेन का भी किया जा सकेगा। इसके लिए 39 गांवों की 597 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण होगा। एक्सप्रेसवे बनने के बाद पांच साल तक निजी कंपनी इसका रखरखाव करेगी। इसे आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे के पहले टोल (महुरा कला) से सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पहले टोल से जोड़ा जाएगा। इसकी लंबाई करीब 49.960 मीटर होगी। इसका सबसे अधिक फायदा लखनऊ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गाजीपुर को होगा। यह एक्सप्रेसवे लखनऊ के आदमपुर, इरखरा, सकाभवई, लुहस बंथरा, सिकंदपुर, कुरैनी, भगदुमपुर, काशी जैतीखेड़ा, परवर, पश्चिम परवर, उल्लासखेड़ा, खुजहा, बरकत नगर, किथौली और कलपहास जैसे गांवों से होकर गुजरेगा। यहां वाहनों की गति 120 किमी. प्रति घंटे की होगी। वहीं लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले लोगों को अगर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पकड़ना होगा तो उन्हें लखनऊ कानपुर एक्सप्रेसवे पर न चलकर लखनऊ-कानपुर (एनएच 27) यानी नीचे वाले एक्सप्रेसवे पर चलना होगा। जमीन अधिग्रहण करने की प्रक्रिया और लिंक एक्सप्रेसवे बनाने में कम से कम तीन साल का समय कार्यदायी संस्था को लग सकता है।  

हाई कोर्ट के बाद स्पेशल कोर्ट ने भी झटका दिया, अब्बास अंसारी को नहीं मिली राहत

मऊ  भडकाऊ भाषण मामले में निवर्तमान सदर विधायक अब्बास अंसारी को विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए राजीव कुमार वत्स ने कोई राहत नहीं दी। उसके सजा के विरुद्ध दाखिल किए गए स्थगन आदेश के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। इसके साथ ही अपील निस्तारण पर सुनवाई के लिए 25 जुलाई की तिथि निर्धारित की है। कोर्ट ने इसके साथ ही सुहैलदेव भारतीय समाज पार्टी से विधायक रहे अब्बास अंसारी को अपील के निस्तारण तक जमानत पर छोड़ने का आदेश दिया है। विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए राजीव कुमार वत्स के फैसले के बाद अब मऊ सदर सीट पर विधानसभा का उप चुनाव होने की संभावना बढ़ गई है। राजेश कुमार पांडेय व अनिल कुमार पांडेय ने इस मामले अभियोजन की तरफ से अपना पक्ष रखा। इस मामले में अब्बास अंसारी की तरफ से उनके अधिवक्ता दारोगा सिंह व विपक्षी संख्या एक वादी गंगाराम बिंद की तरफ से सदानंद राय ने बहस की। गौरतलब है कि तीन मार्च 2022 को विधानसभा चुनाव के दौरान सदर विधानसभा सीट से सुभासपा के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे अब्बास अंसारी ने जनसभा के दौरान मंच से अधिकारियों को सबक सिखाने की धमकी दी थी। इस मामले में शहर कोतवाली में दर्ज एफआइआर के बाद न्यायालय में बीते 31 मई को दो साल का कारावास व 11 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई थी। इसके बाद से उसकी विधायकी चली गई थी। भड़काऊ भाषण मामले में दो वर्ष की सजा के खिलाफ अब्बास अंसारी की अपील पर शनिवार शाम को विशेष न्यायाधीश एमपी/एमएलए कोर्ट राजीव कुमार वत्स ने फैसला सुनाया। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी हो गई और पिछली सुनवाई में अदालत ने फैसला सुनाने के लिए पांच जुलाई की तारीख तय की थी। अदालत ने बीती 31 मई को अब्बास को दोषी मानते हुए दो साल की सजा सुनाई थी। इसके बाद उनकी विधायकी चली गई थी। विधानसभा चुनाव के दौरान तीन मार्च 2022 को एक जनसभा के दौरान मंच से अब्बास ने जीतने के बाद अधिकारियों को सबक सिखाने की धमकी दी थी। मामले में शहर कोतवाली में एफआइआर दर्ज कराई गई थी। अब्बास ने सुभासपा के टिकट पर मऊ सदर से चुनाव जीता था।  

यूपी में दर्दनाक हादसा, दूल्हे समेत आठ की मौत, 400 मीटर की दूरी तय करने में पुलिस को लग गए 40 मिनट

संभल  यह हादसा जिस स्थान पर हुआ है वहां आबादी नहीं है। बस्ती से कुछ दूरी पर कॉलेज बना है। गांव धनीपुर निवासी राजू ने बताया कि कार की रफ्तार काफी तेज थी। अचानक से ही कार को पलटते हुए देखा और तेज धमाके की आवाज हुई। मौके पर पहुंचे तो कार में सवार लोग चीख रहे थे लेकिन उनको बाहर निकालना मुश्किल था, क्योंकि खिड़कियां चिपक गई थीं।  हादसा चालक की लापरवाही से हुआ है। रफ्तार बेकाबू थी। इसके चलते ही चालक ने स्टेयरिंग से नियंत्रण खो दिया और अचानक से गाड़ी पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि दूर तक आवाज पहुंची, लोग मौके पर आए लेकिन मदद नहीं कर सके क्योंकि क्षतिग्रस्त कार दीवार से चिपक जैसी गई थी। पुलिस के पहुंचने पर शव और घायल कार से बाहर निकाले गए। यह कहना है एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई का। वह हादसे के बाद मौके पर पहुंच गए थे। उन्होंने पुलिस के साथ आम लोगों से भी हादसे की जानकारी ली।   आधार कार्ड से हुई मृतकों की पहचान एसपी ने बताया कि प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तो हादसा चालक की लापरवाही से हुआ है। कार की रफ्तार तेज थी। अचानक से ही पलट गई और कॉलेज की दीवार से जा भिड़ी। इस भीषण हादसे में आठ लोगों की जान चल गई है, एक घायल का उपचार चल रहा है, जिसकी हालत गंभीर है। तीन वर्षीय बालिका की हालत ठीक है। मौके पर पांच लोगों ने दम तोड़ा था। घटनास्थल पर पुलिस को आधार कार्ड मिले थे। उसके माध्यम से सूचना पीड़ित परिवार तक पहुंचाई गई।   जेसीबी से की गई दीवार से अलग कार एसपी ने बताया कि हादसे के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो जेसीबी से कार को दीवार से अलग किया गया। इसके बाद मशीन से कार के दरवाजे काटे गए। तब शव और घायलों को निकाला गया। पहले सीएचसी भर्ती कराया और बाद में अलीगढ़ के लिए रेफर कराया गया।   तेज धमाका हुआ और उड़ गए कार के परखच्चे यह हादसा जिस स्थान पर हुआ है वहां आबादी नहीं है। बस्ती से कुछ दूरी पर कॉलेज बना है। गांव धनीपुर निवासी राजू ने बताया कि कार की रफ्तार काफी तेज थी। अचानक से ही कार को पलटते हुए देखा और तेज धमाके की आवाज हुई। मौके पर पहुंचे तो कार में सवार लोग चीख रहे थे लेकिन उनको बाहर निकालना मुश्किल था, क्योंकि खिड़कियां चिपक गई थीं। जो हाथ से नहीं खोली जा सकती थीं। इसके बाद जेसीबी से कार को सीधा किया गया। फिर जेसीबी से ही गेट तोड़े गए।

सावधान! यूपी सहित इन राज्यों में अगले हफ्ते झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

नई दिल्ली देशभर में इन दिनों भारी बारिश हो रही है। यूपी समेत उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वोत्तर भारत में अगले 7 दिनों के दौरान, पूर्वी भारत में 07 जुलाई तक भारी से बहुत भारी वर्षा जारी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 05 जुलाई और हिमाचल प्रदेश में 06 जुलाई और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में 06 और 07 जुलाई को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा की संभावना है। पूर्वी और मध्य भारत की बात करें तो पांच से 11 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश होगी। इसके अलावा, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, विदर्भ, छत्तीसगढ़ में 5-8 जुलाई, सब हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम में पांच, 8-10 जुलाई, अंडमान और निकोबार द्वीप में छह जुलाई को बहुत भारी बारिश होने वाली है। वहीं, छत्तीसगढ़ में 5-7 जुलाई, विदर्भ में 7 और 8 जुलाई, गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड, ओडिशा में 5, 6 जुलाई को भारी वर्षा होगी। उत्तर पश्चिम भारत की बात करें तो उत्तराखंड, पूर्वी राजस्थान में 5-11 जुलाई, पूर्वी उत्तर प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान में 5, छह जुलाई, 10 और 11 जुलाई, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, उत्तर प्रदेश, 5-9 जुलाई के दौरान जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा, 7 और 8 जुलाई को हिमाचल प्रदेश, 5-7 जुलाई उत्तराखंड, छह और सात को पंजाब, हरियाणा, पांच, 9 और 10 जुलाई को पूर्वी राजस्थान में बहुत भारी बारिश होने वाली है। पश्चिम भारत की बात करें तो अगले सात दिनों के दौरान कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र के घाट इलाकों, गुजरात, पांच से सात जुलाई के दौरान सौराष्ट्र, कच्छ में अलग अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने वाली है। इसके अलावा, छह और सात जुलाई को मराठवाड़ा में भारी बरसात होगी। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो अगले सात दिनों के दौरान ज्यादातर जगहों पर हल्की से मध्यम व गरज के साथ तूफान, बिजली चमकने की संभावना है। पांच जुलाई को मेघालय में बहुत भारी बारिश हो सकती है।  

चमड़ा उद्योग बना स्वास्थ्य संकट! कानपुर में 157 लोगों के खून में मिला खतरनाक क्रोमियम

गोरखपुर चमड़ा उद्योग से निकलने वाला प्रदूषण कानपुर के लोगों के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। लेदर में इस्तेमाल क्रोमियम की चपेट में आने वालों की संख्या में और इजाफा हुआ है। 24 जून को शहर के छह इलाकों के 157 लोगों के खून में भी क्रोमियम तय मानक से अधिक निकला है। शुक्रवार को सैंपल की जारी रिपोर्ट में 20 लोगों में मर्करी (पारा) भी तय मानक से ज्यादा पाया गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश पर 24 जून को स्वास्थ्य विभाग ने रूमा, जाजमऊ व पनकी औद्योगिक क्षेत्र, तेजाब मिल का हाता, राखी मंडी, नौरेयाखेड़ा में शिविर लगाया गया था। छह जगह के 177 लोगों का ब्लड सैंपल राममनोहर लोहिया अस्पताल लखनऊ जांच के लिए भेजा गया था। इनमें महिलाएं 102 और पुरुषों की संख्या 75 थी। सीएमओ ने कहा-शासन के आदेश पर आगे बढ़ाएंगे कदम : सीएमओ डॉ. उदयनाथ ने 24 जून को छह जगह में शिविर लगाकर 177 लोगों के ब्लड सैंपल की रिपोर्ट आने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि राममनोहर लोहिया अस्पताल में जांच के लिए सभी ब्लड सैंपल भेजे गए थे। 157 लोगों में क्रोमियम मानक से अधिक पाया गया है। वहीं 20 लोगों के ब्लड में मर्करी भी तय मानक से अधिक मिला है। अब इन इलाकों को लेकर क्या योजनाएं बननी हैं, इसको लेकर शासन के आदेश का इंतजार है। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। क्या बोले विशेषज्ञ जीएसवीएम मेडिसिन के विभागाध्यक्ष बीपी प्रियदर्शी ने बताया कि ब्लड में क्रोमियम या मर्करी स्तर से अधिक होना खतरनाक है। इससे शरीर के तमाम अहम अंगों के पूरी तरह खराब होने व गंभीर रोगों की चपेट में आने की आशंका काफी बढ़ जाती है। अगर क्रोमियम अधिक तो इन रोगों का हो सकता है खतरा -लिवर, किडनी के लिए बेहद खतरनाक -नसों को नुकसान पहुंचने से सुन्नता और दर्द -पेट में जलन, मतली, और उल्टी की परेशानी -हार्ट, त्वचा संबंधी रोग, कैंसर की भी आशंका हालिया सैंपलिंग रिपोर्ट में खुलासा -एनजीटी के आदेश पर 6 इलाकों से एकत्र किए थे ब्लड सैंपल -पारा भी तय मानक से ज्यादा मिला, अब शासन के आदेश का हो रहा इंतजार -मर्करी का स्तर अधिक होने से इस तरह की दिक्कतें आ सकतीं -मर्करी जमा होने से गुर्दा फेल होने का डर -मानसिक रोग को बढ़ावा, याददाश्त कम -सांस संबंधी समस्याएं, सांस लेने में दिक्कत -गर्भावस्था में स्तर अधिक तो शिशु को दिक्कत  

धार्मिक यात्राओं के लिए योगी सरकार की योजना, पात्र लोगों को मिलेंगे 10-10 हजार रुपए

लखनऊ यूपी की योगी सरकार लगातार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयास में लगी हुई है। प्रदेश के धार्मिक स्थलों के लिए पहले ही खजाना खोला जा चुका है। अयोध्या, काशी और मथुरा के अलावा तमाम हिंदू धर्मस्थलों को सजाया और संवारा जा रहा है। अब इसी क्रम में बौद्ध और सिख श्रद्धालुओं के लिए योगी सरकार बड़ी योजना लेकर आई है। इन श्रद्धालुओं के लिए सरकार दो तीर्थ यात्राएं शुरू करने जा रही है। तीर्थ यात्रियों को दस-दस हजार रुपए अनुदान के रूप में दिया भी जाएगा। शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि तीर्थ यात्राएं भारतीय संस्कृति में आत्मिक उत्थान और सामाजिक समरसता का माध्यम रही हैं। ऐसे में राज्य सरकार का दायित्व है कि वह नागरिकों को उनकी आस्था से जुड़े स्थलों तक पहुंचने में सहायता प्रदान करे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बौद्ध श्रद्धालुओं की विशष्टि तीर्थ यात्राओं हेतु 'बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना' और सिख श्रद्धालुओं के लिए 'पंच तख्त यात्रा योजना' प्रारम्भ की जाए। इन योजनाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि वह अपनी आस्था के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा सुलभता से कर सकें। मुख्यमंत्री ने योजना के लाभार्थियों के चयन में बौद्ध भिक्षुओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। इसी प्रकार पंच तख्त यात्रा योजना सिख श्रद्धालुओं के लिए होगी। इसके अंतर्गत प्रदेश के निवासी सिख श्रद्धालुओं को भारत के पाँच पवित्र 'तख्त साहिब' स्थल की यात्रा कराई जाएगी। बता दें कि सिख पंथ के लिए पवित्र पंच तख्त स्थलों में 'श्री आनंदपुर साहिब, पंजाब, श्री अकाल तख्त साहिब, अमृतसर, पंजाब, श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो, पंजाब, श्री तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड़, महाराष्ट्र, श्री हरमंदिर जी साहिब (पटना साहिब), बिहार,' शामिल हैं। प्रस्तावित दोनों ही योजनाओं में प्रति व्यक्ति न्यूनतम 10 हजार रुपये की राशि अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दोनों योजनाओं के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी जानी चाहिए। श्रद्धालुओं के चयन में पूरी पारदर्शिता के साथ कमजोर आय वर्ग के लोगों को वरीयता दी जानी चाहिए। दोनो ही योजनाएं आईआरसीटीसी के सहयोग से संचालित की जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ये दोनों योजनाएं श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और धार्मिक आस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए लागू की जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि ये योजनाएं प्रदेश की समावेशी विकास नीति और 'सबका साथ, सबका विकास' की भावना को और सशक्त करेंगी। प्रदेश की धार्मिक सहिष्णुता और पर्यटन को नया आयाम देंगी। इसके साथ ही 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' की भावना को भी मूर्त रूप प्रदान करेंगी।  

वन विभाग पौधारोपण अभियान: इस वर्ष वन विभाग एक लाख से अधिक पौधे लगाएगा

फरीदाबाद पूरे शहर में इस वर्ष वन विभाग एक लाख से अधिक पौधे लगाएगा। सामाजिक संस्थाओं, पंचायतों, आरडब्ल्यूए, निजी व राजकीय स्कूलों तथा कालेजों की सहायता से वन विभाग पौधारोपण अभियान को सफल बनाएगा। इसके लिए लोगों को सूचित किया जा रहा है। एक आधार कार्ड पर दस पौधे निश्शुल्क दिए जाएंगे। वन विभाग की नर्सरी से कोई भी व्यक्ति पौधे प्राप्त कर सकता है। गौरतलब है कि हर वर्ष मानसून में वन विभाग की ओर से पौधारोपण अभियान चलाया जाता है। वन विभाग ने इस वर्ष पूरे शहर में एक लाख 250 पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है। जबकि वर्ष 2024 में एक लाख 63 हजार, वर्ष 2023 में करीब दो लाख पौधे लगाए गए थे। वन विभाग के कर्मचारी पौधारोपण कर इसकी देखभाल करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि जगह चिन्हित करके पौधे लगाए जाते हैं। अरावली वन क्षेत्र के अलावा अलग-अलग हिस्सों में बरगद, पीपल, नीम, कनेर, पापड़ी, अमरूद, गुड़हल, जामुन सहित अन्य फल व छायादार पौधे लगाए जाएंगे। इसकी शुरुआत अगले सप्ताह से होगी। हालांकि विभाग लोगों को 25 जून से बाद से पौधे वितरित करने शुरू कर दिए हैं। एक दिन में तीन हजार से 15 हजार तक पौधे लोग लेकर जाते हैं। सामाजिक संस्थाएं और निजी तथा सरकारी स्कूल सबसे ज्यादा पौधे लेकर जाते हैं। अधिकारियों ने बताया कि लोग शुरू में पौधे तो लेकर चले जाते हैं लेकिन उनकी देखभाल करना भूल जाते हैं। जिसकी वजह से पौधे सूख जाते हैं। वर्ष वर्ष ऐसे 40 हजार से अधिक पौधे सूखते हैं। इस वर्ष यह सुनिश्चित किया जाएगा है कि जो पौधे लगाए गए वह बचे हैं या नहीं। पौधे लेकर जाने वाले लोगों और संगठनों को पौधारोपण की लोकेशन विभाग के साथ साझा करनी होगी। साथ ही हर महीने पौधों की अपडेट रिपोर्ट भी ली जाएगी। लोगों को नर्सरी से पौधे लेते समय अपना फोन नंबर और आधार कार्ड की फोटोकॉपी जमा करनी है। इसके बाद ही पौधे दिए जा रहे हैं। वन विभाग के उपाधीक्षक राजवीर का कहना है कि वन विभाग की ओर से अगले सप्ताह से शहर के विभिन्न हिस्सों में पौधे लगाए जाएंगे। इसमें सामाजिक संगठनों, स्कूलों और कालेजों की सहायता ली जाएगी। शहर मेें हरियाली बढ़ाने के उद्देश्य से पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा।  

रामभुआल निषाद पर कोर्ट सख्त, गैरहाजिरी पर SSP को भेजी चिट्ठी

गोरखपुर  यूपी की सुल्तानपुर सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद रामभुआल निषाद फिर मुश्किल में हैं। फर्जी शस्त्र लाइसेंस के मुकदमे में गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद सांसद के उपस्थित नहीं होने पर न्यायालय ने सख्त रुख अपना लिया है। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्ञानेंद्र कुमार की कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी करने के साथ ही रामभुआल को कोर्ट में पेश करने के लिए एसएसपी को पत्र भी लिखा है। बड़हलगंज क्षेत्र के दवनाडीह निवासी रामभुआल निषाद 2024 में सपा के टिकट पर सुल्तानपुर लोकसभा सीट से सांसद निर्वाचित हुए हैं। राम भुआल के खिलाफ आयुध लिपिक (असलहा बाबू) सुनील कुमार गुप्ता ने जिला मजिस्ट्रेट के 25 जनवरी 2020 के आदेशानुसार मुकदमा दर्ज कराया है। मुकदमे के मुताबिक, आरोपित रामभुआल निषाद द्वारा गलत ढंग से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लाइसेंस संख्या 3912 डीबीबीएल गन का उपयोग किया जा रहा है। यह लाइसेंस 19 जुलाई 1996 को बेचू यादव पुत्र महेंद्र यादव निवासी मुंडेरा बाबू थाना बड़हलगंज के नाम से जारी हुआ है। लाइसेंसी बेचू यादव की मृत्यु हो चुकी है। इस मामले में विवेचक ने आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया है। न्यायालय ने पिछली कई तिथियों पर आरोपित के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया। इसके बावजूद रामभुआल न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं हुए। जिसके बाद न्यायालय ने रामभुआल के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी करते हुए उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पत्र भी लिखा है। कोर्ट इससे पहले थानेदार और फिर एसपी नार्थ को भी पत्र लिख चुका है। जिलाधिकारी से दारा निषाद ने की थी शिकायत मामला तब खुला जब दारा निषाद ने रामभुआल के खिलाफ जिलाधिकारी से शिकायत की और बताया कि उनके पास मौजूद राइफल का लाइसेंस फर्जी है। वह लाइसेंस बेचू यादव के नाम से डीबीबीएल गन के लिए जारी है। शिकायत के बाद जिलाधिकारी ने इसकी तस्दीक कराई तो शिकायत सही मिली। इसके बाद डीएम ने असलहा बाबू को रामभुआल निषाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। 14 अगस्त को खुला था फर्जी शस्त्र का मामला गोरखपुर में 14 अगस्त 2019 को शस्त्र लाइसेंस फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ था। उसी क्रम में जांच शुरू हुई रामभुआल निषाद के लाइसेंस का भी मामला सामने आया था। जांच के दौरान शस्त्र अनुभाग में काम करने वाले दो बबुओं का नाम सामने आया था। पुष्टि होने के बाद दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुआ और उन्हें जेल भेज दिया गया।